अवैध खनन चरम पर, सरकार लगाए लगाम; स्थानीय किसानों को रॉयल्टी में मिले राहत : भूपेंद्र जयरामपुर
AIMA MEDIA HARYANA, यमुनानगर।
21 अप्रैल:
कांग्रेस नेता भूपेंद्र जयरामपुर ने क्षेत्र में बढ़ रहे अवैध खनन को लेकर सरकार पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अवैध खनन इस समय अपनी चरम सीमा पर पहुंच चुका है। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो इससे न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान होगा, बल्कि स्थानीय लोगों के हित भी प्रभावित होंगे।
भूपेंद्र जयरामपुर ने कहा कि खनन कार्य पूरी तरह कानून के दायरे में रहकर होना चाहिए, ताकि इससे जुड़े छोटे-बड़े सभी लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि खनन व्यवसाय से हजारों परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है और यदि सरकार पारदर्शी तथा कानूनी तरीके से खनन करवाए तो स्थानीय युवाओं और मजदूरों को स्थायी रोजगार मिल सकता है।
उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि जिन जमीनों पर खनन कार्य हो रहा है, वे अधिकांशतः स्थानीय किसानों और ग्रामीणों की जमीनें हैं। ऐसे में सरकार को स्थानीय ग्रामीणों और किसानों के लिए रॉयल्टी माफ करनी चाहिए या कम से कम उसकी दरों में भारी कटौती करनी चाहिए। इससे ग्रामीणों को आर्थिक राहत मिलेगी और वे भी खनन प्रक्रिया में भागीदार बन सकेंगे।
कांग्रेस नेता ने कहा कि वर्तमान में अवैध खनन के कारण केवल कुछ चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंच रहा है, जबकि स्थानीय किसान और मजदूर इससे वंचित रह जाते हैं। यदि सरकार रॉयल्टी नीति में बदलाव कर स्थानीय लोगों को राहत देती है, तो इससे क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।
भूपेंद्र जयरामपुर ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि अवैध खनन पर तुरंत प्रभाव से सख्ती की जाए और ऐसी नीति बनाई जाए जिससे कानून व्यवस्था भी बनी रहे तथा स्थानीय किसानों और मजदूरों के हितों की रक्षा भी हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह खनन व्यवस्था को पारदर्शी बनाकर स्थानीय ग्रामीणों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने का कार्य करे।