सीएमएचओ कार्यालय की टीम की इमरजेंसी केस में रिस्पॉन्स टाइम को देखने हुई मॉकड्रिल
रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल मध्यप्रदेश
आकस्मिक चिकित्सा परिस्थितियों में मरीज को समय पर उपचार मिलने की व्यवस्था देखने के लिए सिविल अस्पताल बैरागढ़ में मॉकड्रिल की गई। ये कार्यवाही बेहद गोपनीय ढंग से की गई। इस दौरान अस्पताल अधीक्षक सहित अस्पताल के किसी भी स्टाफ को मॉकड्रिल की जानकारी नहीं थी। सीएमएचओ टीम द्वारा उन्हें बताया गया कि एक गंभीर हाईरिस्क गर्भवती महिला अस्पताल लाई जा रही है जिसे तुरंत ऑपरेट किया जाना जरूरी है। सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा के निर्देश पर मॉक ड्रिल के लिए रात 12 बजे निरीक्षण दल अस्पताल पहुंचा था। टीम द्वारा सबसे पहले ड्यूटी डॉक्टर को हाईरिस्क गर्भवती महिला के अस्पताल पहुंचने की जानकारी देकर ऑन कॉल डॉक्टर्स को बुलाने हेतु कहा गया। इस दौरान अस्पताल में मौजूद ड्यूटी डॉक्टर और स्टाफ नर्स को सख्त हिदायत दी गई कि टीम के आने की सूचना अधीक्षक सहित अन्य किसी अस्पताल स्टाफ को नहीं दी जाएगी। ड्यूटी डॉक्टर द्वारा तुरंत ही स्त्री रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ एवं निश्चेतना विशेषज्ञ को कॉल कर अस्पताल आने हेतु कहा गया। साथ ही ऑपरेशन थिएटर को चालू करवाकर अस्पताल में खून की उपलब्धता देखी गई। लगभग 30 से 40 मिनट में स्त्री रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ, निश्चेतना विशेषज्ञ, ओटी इंचार्ज ने अस्पताल पहुंचकर ऑपरेशन की तैयारियां पूरी की। सी-सेक्शन की सभी तैयारियों पूरी होने के बाद सीएमएचओ टीम ने मॉकड्रिल का खुलासा किया गया।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि अस्पताल में गंभीर केस के पहुंचने पर कम से कम समय में इलाज देकर जोखिम की संभावनाओं को न्यूनतम किया जा सकता है। इसे देखने के लिए अस्पताल में मॉकड्रिल की गई है। ड्यूटी रोस्टर के सख्ती से पालन करने, रिस्पॉन्स टाइम को मिनिमम करने, ऑन कॉल डॉक्टर्स के अल्टरनेट फोन नंबर रखने के निर्देश दिए गए हैं।