“मेरठ में गूंजा नारी शक्ति का स्वर: महिला सम्मेलन में राजनीतिक भागीदारी पर जोर”
मेरठ में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में आयोजित महिला सम्मेलन में प्रदेश सरकार की राज्यमंत्री डॉ. प्रतिभा शुक्ला ने महिलाओं की भूमिका और सशक्त भागीदारी पर जोर दिया। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में आयोजित इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और महिला कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
राज्यमंत्री डॉ. प्रतिभा शुक्ला ने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं को नीति निर्धारण में महत्वपूर्ण स्थान मिला है। उन्होंने भारतीय परंपरा का उल्लेख करते हुए अपाला और गार्गी जैसी विदुषी महिलाओं के उदाहरण दिए और कहा कि महिलाएं नेतृत्व करने में पूरी तरह सक्षम हैं। उन्होंने समाज में धर्म और जाति के आधार पर विभाजन को अनुचित बताते हुए कहा कि समाज का निर्माण पुरुष और नारी दोनों के समान योगदान से होता है।
ऊर्जा राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य महिलाओं को उनका उचित राजनीतिक अधिकार दिलाना है। भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिसोदिया ने कहा कि पार्टी हमेशा महिला सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध रही है।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला ने अधिनियम को महिलाओं के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। सम्मेलन में गरीब, युवा, महिला और किसान वर्ग के उत्थान पर भी चर्चा हुई, जिसमें महिला किसान और युवा महिलाओं की भागीदारी को विशेष रूप से अहम बताया गया।
कार्यक्रम में भाजपा महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी, महापौर हरिकांत अहलूवालिया, कैंट विधायक अमित अग्रवाल, महिला मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अंजू वारियर, अभियान संयोजक बीना वाधवा, आइएमए मेरठ की पूर्व अध्यक्ष डॉ. अनुपमा सिरोही सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस दौरान नीता गुप्ता और कवयित्री कोमल रस्तोगी ने काव्य पाठ भी प्रस्तुत किया