सेंट्रल मार्केट में बढ़ा टकराव: धरना खत्म करने का दबाव, पुलिस की चेतावनी से भड़के व्यापारी
मेरठ। सेंट्रल मार्केट प्रकरण से जुड़े मामले में पुलिस जांच की धीमी गति पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। थाना नौचंदी में दर्ज एफआईआर संख्या 0370 दिनांक 16 अक्टूबर 2025 और एफआईआर संख्या 0372 दिनांक 17 अक्टूबर 2025 में अब तक चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है।
बताया जा रहा है कि ये दोनों एफआईआर माननीय सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के तहत मेरठ आवास विकास के अधिकारियों के विरुद्ध दर्ज की गई थीं। लेकिन लगभग छह महीने बीत जाने के बावजूद पुलिस विवेचना अभी तक लंबित है।
नियमों के अनुसार, ऐसे मामलों में अधिकतम 90 दिनों के भीतर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जाना चाहिए था, लेकिन अब तक चार्जशीट दाखिल न होना कई सवाल खड़े कर रहा है।
इस बीच सेंट्रल मार्केट के व्यापारी और स्थानीय निवासी प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर नाराज़गी जता रहे हैं। उनका कहना है कि जब सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के तहत आम नागरिकों पर कार्रवाई की जा रही है, तो संबंधित अधिकारियों के मामलों में देरी क्यों हो रही है।
संयुक्त व्यापार संघ द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मांग की गई है कि दोनों मुकदमों की वर्तमान स्थिति की तत्काल समीक्षा कर जांच अधिकारी को समयबद्ध तरीके से चार्जशीट दाखिल करने के निर्देश दिए जाएं।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और न्याय प्रक्रिया को कितनी जल्दी आगे बढ़ाया जाता है।