शून्य NPA, रिकॉर्ड मुनाफा और डिजिटल उड़ान: मेरठ सहकारी बैंक बना प्रदेश का सिरमौर
मेरठ। जिला सहकारी बैंक लिमिटेड मेरठ ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में शानदार उपलब्धियाँ हासिल करते हुए पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
आज 18 अप्रैल 2025 को बैंक मुख्यालय के सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में बैंक के सभापति श्री विमल कुमार शर्मा ने बैंक की वित्तीय प्रगति और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में पूर्व सांसद राजेन्द्र अग्रवाल, जिलाध्यक्ष हरवीर पाल, महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी तथा सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैंक ने इस वित्तीय वर्ष में 55.66 करोड़ रुपये का सकल लाभ अर्जित कर प्रदेश के सभी जिला सहकारी बैंकों में पहला स्थान हासिल किया है। वहीं 2605.78 करोड़ रुपये के जमा निक्षेप और 4317 करोड़ रुपये की कार्यशील पूंजी के साथ भी बैंक प्रदेश में अग्रणी रहा।
जिला सहकारी बैंक मेरठ प्रदेश का पहला सहकारी बैंक बन गया है जिसे ISO 9001 और ISO 27001 प्रमाणन प्राप्त हुआ है। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा मोबाइल बैंकिंग लाइसेंस मिलने के बाद बैंक की टेस्ट ट्रांजैक्शन पूरी हो चुकी हैं और जल्द ही ग्राहकों को मोबाइल बैंकिंग एवं यूपीआई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
कृषकों को सशक्त बनाने की दिशा में बैंक ने मेरठ में 7 और बागपत में 5 नई बी-पैक्स समितियों का गठन किया। इस वर्ष कुल 1187.06 करोड़ रुपये का ऋण वितरण किया गया, जबकि विविधीकरण ऋण योजना के तहत 13.33 करोड़ रुपये का वितरण कर नया रिकॉर्ड बनाया गया।
आत्मनिर्भर भारत योजना के अंतर्गत मेरठ और बागपत में कुल 25 ग्रामीण गोदामों का निर्माण कराया गया है। साथ ही पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर संयंत्र लगाने के लिए भी ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
बैंक की स्थिति 31 मार्च 2026 तक नेट एनपीए शून्य रही, जो बैंक की मजबूत वित्तीय व्यवस्था को दर्शाती है। वार्षिक सामान्य निकाय बैठक में 3.20 करोड़ रुपये का लाभांश वितरित किया गया, जिसमें अधिकांश राशि बी-पैक्स समितियों को दी गई।
बैंक प्रशासन ने किसानों से समय पर ऋण अदायगी कर पुनः ऋण सुविधा का लाभ लेने की अपील की है तथा स्वरोजगार ऋण योजनाओं से जुड़ने का आह्वान किया है।
कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले बैंक कर्मियों और बी-पैक्स प्रतिनिधियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करने की घोषणा भी की गई