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"अंबेडकर जयंती" पर स्वयं सिद्ध अबूझ मुहूर्त मानकर विवाह की रस्म के साथ शादी हुई संपन्न

अजमेर l "आचार्य समूह" महर्षि बाली नाथ ज्योतिष एवम संस्कार शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान ( पंजीकृत) राजस्थान - जयपुर के सहायक कोषाध्यक्ष पंडित कैलाश चंद्र बगरई / विजय नगर ने बताया कि "आचार्य समूह" द्वारा निर्धारित मानदंडों को आधार मान कर सिंबल ऑफ नॉलेज, संविधान के निर्माता डॉक्टर भारत रत्न बाबा साहेब भीमराव जी अंबेडकर की जयंती के दिन को स्वयं सिद्ध अबूझ मुहूर्त मानते हुए दीवा लग्न अर्थात प्रातः 9 बजे बारात स्वागत तथा अपरान्ह १२.१५ पर अपनी दो सुपुत्रियों का पानी ग्रहण संस्कार पंडित भुवनदेव आर्य, पंडित भवानी शंकर गोठवाल संस्थापक एवम अध्यक्ष,"आचार्य समूह" पंडित लादू राम आर्य चापानेरी व पंडित भाग चंद मेवदा खुर्द से संपन्न करवाया। आर्य पद्वति से फेरे संपन्न हो जाने पर "आ स" के वरिष्ठ पंडित श्री विरम देव आर्य के द्वारा वर वधु को सद संस्कारों से युक्त उपदेश व आसिर वचन कहे। तथा पंडित श्री कैलाश चंद जी के अनुकरणीय कदम की प्रशंसा में चार चांद लगाने वाले कार्य अर्थात वर वधुओं के हाथ से दो वृक्ष अपने पिता के घर पर लगवाए तथा दो वृक्ष दोनों बेटियों (अनामिका व रिमझिम ) के ससुराल में वृक्षारोपण करने के लिए दिए । सब प्रकार से की गई अति उत्तम व्यवस्था के लिए दोनों बारात के पक्ष वालों ने व कन्या पक्ष के समस्त परिजन, परिवार जन, मित्र व रिश्तेदारों ने कैलाश चंद, सहायक कोषाध्यक्ष आचार्य समूह की व्यवस्था को सराहा ओर कहा कि भविष्य में वे भी महापुरुषों की जयंती को स्वयं सिद्ध अबूझ मुहूर्त मानते हुए दीवा लगन पर विवाह करेंगे । पंडित कैलाश चंद्र ने आचार्य समूह के समस्त पंडित जनों को धन्यवाद दिया ओर पंडित गोपाल लाल बैरवा, पंडित तुलसीदास, पंडित विरम देव आर्य, पंडित लादूराम आर्य पंडित भागचंद व पंडित भवानी शंकर गोठवाल द्वारा पधारने व कन्या दान देने व आशीर्वाद देने के लिए आभार व्यक्त किया।

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