वाराणसी: खून से लिखी श्रद्धा की इबारत! अंबेडकर जयंती पर कार्यकर्ताओं ने अपने रक्त से बनाई बाबासाहेब की तस्वीर
वाराणसी: खून से लिखी श्रद्धा की इबारत! अंबेडकर जयंती पर कार्यकर्ताओं ने अपने रक्त से बनाई बाबासाहेब की तस्वीर के लच्छीपुरा में बाबा साहब की 135वीं जयंती पर ऐतिहासिक नजारा। कांग्रेस नेता राहुल राज के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने अपने खून से अंबेडकर जी की तस्वीर बनाकर दी श्रद्धांजलि। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
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वाराणसी, भदैनी मिरर
धर्म और संस्कृति की नगरी काशी में डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर एक ऐसा आयोजन हुआ, जिसने न केवल इतिहास रचा बल्कि बाबा साहब के प्रति युवाओं के अटूट समर्पण को भी प्रदर्शित किया। वाराणसी के गौसबाद स्थित लच्छीपुरा कॉलोनी में कार्यकर्ताओं ने रंगों की जगह अपने 'रक्त' (खून) से बाबा साहब की तस्वीर बनाकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
भावनाओं और रक्त से निखरी बाबा साहब की आकृति
संविधान के शिल्पी कहे जाने वाले बाबा साहब की प्रेरणा से प्रभावित होकर कार्यकर्ताओं ने यह अभूतपूर्व निर्णय लिया। कांग्रेस के झारखंड प्रभारी राहुल राज के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में लच्छीपुरा कॉलोनी स्थित आंध्रपुल पर सैकड़ोंऔर देखते ही देखते बाबा साहब की एक भव्य आकृति उभर आई।
राहुल राज का बयान: "यह एक नजीर बनेगी"
इस अवसर पर राहुल राज ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "आज का नौजवान बाबा साहब के मिशन के लिए अपने शरीर के रक्त की एक-एक बूंद देने को तैयार है। हमने अपने खून से यह प्रतिमा इसलिए बनाई है ताकि देश और दुनिया में यह एक नजीर पेश करे। बाबा साहब ने अपना पूरा जीवन समाज के उत्थान के लिए कुर्बान कर दिया, उनके सामने हमारे रक्त की एक बूंद भी कम है।"