DEOGHAR : देवघर में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा : PM Kisan, PhonePe व Airtel के नाम पर लोगों को ठगने वाला आरोपी गिरफ्तार
देवघर में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा : PM Kisan, PhonePe व Airtel के नाम पर लोगों को ठगने वाला आरोपी गिरफ्तार
देवघर (झारखंड)। देवघर पुलिस द्वारा साइबर अपराध के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। पुलिस अधीक्षक देवघर के निर्देशानुसार तथा पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में की गई कार्रवाई के दौरान 12 अप्रैल 2026 को एक साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया गया।
गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि आरोपी विभिन्न तरीकों से आम लोगों को झांसा देकर ऑनलाइन ठगी को अंजाम देता था। वह खुद को कभी फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी, तो कभी सरकारी पदाधिकारी बताकर लोगों का विश्वास जीतता था।
जांच में यह भी उजागर हुआ कि आरोपी विशेष रूप से PM Kisan योजना के लाभुकों तथा डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म जैसे PhonePe, Paytm आदि के उपयोगकर्ताओं को निशाना बनाता था। वह कैशबैक, लोन दिलाने या खाते से संबंधित समस्याओं के समाधान के नाम पर लोगों को फर्जी लिंक भेजता था और उनसे संवेदनशील जानकारी प्राप्त कर ठगी करता था।
अपराध की कार्यप्रणाली में आरोपी द्वारा निम्नलिखित तरीके अपनाए जाते थे—
PM Kisan योजना के नाम पर फर्जी लिंक भेजकर लाभुकों से ठगी करना।
Dhani Finance अधिकारी बनकर लोन दिलाने का झांसा देना।
PhonePe/Paytm कस्टमर केयर बनकर कैशबैक का लालच देकर गिफ्ट कार्ड बनवाकर उसे रिडीम करना।
Airtel Payment Bank अधिकारी बनकर खातों को बंद/चालू करने के नाम पर धोखाधड़ी करना।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान 22 वर्षीय युवक के रूप में हुई है, जो देवघर जिले का निवासी है। उसके पास से एक मोबाइल फोन एवं दो सिम कार्ड बरामद किए गए हैं, जिनका उपयोग वह ठगी के कार्यों में करता था।
इस कार्रवाई में पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसमें संबंधित थाना के पुलिस पदाधिकारी एवं जवान शामिल थे। पुलिस द्वारा आरोपी से पूछताछ जारी है तथा इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
देवघर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, अपनी व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें तथा किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश की सूचना तुरंत साइबर थाना या नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें।
पुलिस का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और साइबर अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाती रहेगी।