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*धीरज ललवाणी का शव घर में बनी पानी की कुंडी में मिला, सुसाइड नोट में पिता हरीश‌ व पत्नी पूर्णिमा पर गंभीर आरोप लगाए*

*धीरज ललवाणी का शव घर में बनी पानी की कुंडी में मिला, सुसाइड नोट में पिता हरीश‌ व पत्नी पूर्णिमा पर गंभीर आरोप लगाए*

बीकानेर। शहर के गंगाशहर थाना इलाके में एक व्यक्ति का शव कुंड मिलने से सनसनी फैल गई। बताया जा रहा है कि नई लाइन, गंगाशहर स्थित ललवाणी मोहल्ला निवासी धीरज ललवाणी का शव घर में बनी पानी की कुंडी में मिला। सोमवार की सुबह घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। प्रारंभिक तौर पर यह मामला आत्महत्या का बताया जा रहा है,हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।थानाधिकारी परमेश्वर सुथार अपनी टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।फिलहाल पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने में जुटी है। साथ ही घटना के कारणों का पता लगाने के लिए आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है।पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो पाएगा। पड़ोसियों व परिवार को घरों के दरवाजों पर चिपके कई सुसाइड नोट मिले। जिसके बाद धीरज की तलाश की गई। करीब नौ बजे पुलिस को सूचना दी गई। सोमवार की सुबह जैसे ही लोग घरों से निकले पूरे मोहल्ले में भूचाल सा आ गया।दरअसल,धीरज के घर सहित आसपास के 6-7 घरों के दरवाजों पर सुसाइड नोट चिपके मिले। वहीं पीछे की गली के एक मकान के दरवाजे पर भी सुसाइड नोट चिपका मिला। हालांकि पुलिस ने एक ही सुसाइड नोट मिलने की पुष्टि की है।एएसआई हरसुखराम का कहना है कि एक सुसाइड नोट पर ही हस्ताक्षर था। जबकि एक कागज और मिला,लेकिन उस पर हस्ताक्षर नहीं होने से उसे रिकॉर्ड में नहीं लिया जा रहा। जबकि पड़ोसियों के अनुसार अन्य कुछ सुसाइड नोट पर भी हस्ताक्षर मिले हैं। एक अन्य सुसाइड नोट में पिता हरीश‌ व पत्नी पूर्णिमा पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। लिखा है,दोनों के बीच अवैध संबंध थे। इसी वजह उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया। वह शराब भी पीने लगा। दोनों को बार बार समझाया मगर दोनों नहीं माने। पुलिस ने जो सुसाइड नोट जब्त किया है, उसमें लिखा है कि “मैं घर की कुंडी में हूं। पापा और पूर्णिमा को मेरी आत्मा नहीं छोड़ेगी। केवल शरीर जा रहा है। आत्मा बदला जरूर लेगी। उन्होंने मेरे साथ बहुत ग़लत किया है। वो ही मेरी मौत के जिम्मेदार है। बताया जा रहा है कि धीरज गंगाशहर स्थित घर पर अकेला ही था। हालांकि आसपास चाचा और परिवार के घर भी है। धीरज के पिता हरीश, पत्नी सहित सभी मनेंद्रगढ़ हैं। बताया जा रहा है कि धीरज दस दिन पहले ही गंगाशहर आया था। उसका परिवार के साथ विवाद चल रहा था। विवाद का वास्तविक कारण जांच का विषय है।

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