JAMSHEDPUR : सत्ता नहीं सेवा : मानगो मेयर ने ठुकराईं सरकारी सुविधाएं, सैलरी छोड़ी, फिजूलखर्ची पर सख्त रोक
सत्ता नहीं सेवा : मानगो मेयर ने ठुकराईं सरकारी सुविधाएं, सैलरी छोड़ी, फिजूलखर्ची पर सख्त रोक
जमशेदपुर (झारखंड)। मानगो नगर निगम की मेयर सुधा गुप्ता ने पदभार संभालते ही सादगी और पारदर्शिता का बड़ा संदेश दिया है। मेयर ने सरकारी सुविधाओं में कटौती करते हुए स्पष्ट निर्देश जारी किया है कि नगर निगम के संसाधनों का उपयोग केवल जनहित और विकास कार्यों के लिए ही किया जाएगा, न कि अनावश्यक खर्च या दिखावे के लिए।
जारी आदेश के अनुसार, मेयर ने अपने लिए उपलब्ध सभी सरकारी वाहनों को तत्काल प्रभाव से वापस करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है कि जनप्रतिनिधि होने के नाते वह निजी या सीमित संसाधनों के माध्यम से ही कार्य करना उचित समझती हैं।
इसके साथ ही मेयर ने अपने पद के लिए निर्धारित मानदेय को भी स्वेच्छा से त्यागने का फैसला लिया है। उन्होंने निर्देश दिया है कि यह राशि मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराई जाए, ताकि जरूरतमंद लोगों की सहायता हो सके।
कार्यालय व्यवस्था को लेकर भी मेयर ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनके कार्यालय के लिए किसी प्रकार की विशेष या अतिरिक्त व्यवस्था की आवश्यकता नहीं है और एक साधारण कार्यालय ही पर्याप्त होगा। इस पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त खर्च नहीं किया जाएगा।
मेयर ने नगर निगम के सभी विभागों को निर्देश दिया है कि जनता के पैसे का दुरुपयोग किसी भी हाल में न हो। सभी खर्च केवल जनहित और विकास कार्यों तक सीमित रहें और किसी भी प्रकार की फिजूलखर्ची या दिखावे पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।
साथ ही, नगर निगम के कार्यक्रमों में भी सादगी अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। अतिथियों के स्वागत में गुलदस्ता देने की परंपरा को समाप्त कर, उसकी जगह पौधा या पुस्तक भेंट करने की नई परंपरा शुरू करने को कहा गया है।
मेयर सुधा गुप्ता ने कहा कि वह इस पद पर सुविधाएं लेने के लिए नहीं, बल्कि सेवा भाव से कार्य करने आई हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से भी इसी भावना के साथ काम करने और जनहित को सर्वोपरि रखने की अपील की है।