logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

अवैध किडनी ट्रांसप्लांट में अल्फा हॉस्पिटल शामिल?

मेरठ। कानपुर में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट गिरोह के खुलासे के बाद उसके तार मेरठ के अल्फा हॉस्पिटल से जुड़े होने पर कानपुर पुलिस की स्वाट टीम मेरठ पहुंची।

टीम ने मेरठ एस एस पी सिटी आयुष विक्रम सिंह की कड़ी निगरानी में शास्त्री नगर स्थित अल्फा अस्पताल में दबिश दी।

टीम को डॉक्टर वैभव मुदगल और डॉक्टर अफजाल की तलाश थी जिन पर किडनी रैकेट गिरोह से जुड़े होने का आरोप है लेकिन दोनों आरोपी डॉक्टर नहीं मिले पुलिस ने आरोपी डॉक्टरों के स्टाफ और अस्पताल में मौजूद लोगों से पूछताछ की है टीम के सदस्यों ने अस्पताल परिसर की फोटोग्राफी और वीडियो ग्राफी करते हुए लैब का डाटा, मरीजों के रजिस्टर आदि की भी जांच की है और सीसीटीवी कैमरा का डी वी आर अपने कब्जे में लिया है दोनों डॉक्टरों के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया गया है ताकि वह देश छोड़कर ना भाग सके।

जांच में पुलिस को अवैध किडनी ट्रांसप्लांट गिरोह के तार दिल्ली से भी जुड़े होने पर टीम को दबिश के लिए दिल्ली भेजा गया है पुलिस को अब तक की जांच में सामने आया है कि कोई व्यक्ति डॉक्टर रोहित बनकर कानपुर दिल्ली मेरठ गाजियाबाद नोएडा लखनऊ समेत कई शहरों में अवैध तरीके से किडनी ट्रांसप्लांट के काम को अंजाम दे रहा है।

कानपुर के आहूजा अस्पताल में अवैध तरीके से किए गए किडनी ट्रांसप्लांट में जेल भेजे गए डॉक्टर सुरजीत सिंह आहुजा, डॉक्टर प्रीति आहूजा, राजेश कुमार, राम प्रकाश, शिवम अग्रवाल और नरेंद्र सिंह से कड़ाई से की गई पूछताछ में डॉक्टर रोहित कुमार का नाम सामने आया था।

वही अल्फा अस्पताल के मैनेजर सचिन का कहना है कि अस्पताल के संचालक अमित कुमार है डॉक्टर अफजाल का उनके अस्पताल से कोई लेना-देना नहीं है।

गौरतलब बात यह है कि पूर्व में भी अल्फा अस्पताल पर मरीजों को बाहरी व्यक्तियों के द्वारा दलाली देकर अस्पताल में भर्ती करने का मामला प्रकाश में आया था जिस पर मेरठ के तत्कालीन सीएमओ डॉक्टर अशोक कटारिया ने संज्ञान लेते हुए अस्पताल प्रबंधन पर कार्रवाई करते हुए लाइसेंस निलंबित कर दिया था किंतु दो महीने बाद ही लाइसेंस को फिर से बहाल कर दिया गया।

0
99 views

Comment