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भोपाल के मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टी.टी. नगर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम संपन्न

रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल मध्यप्रदेश
प्रदेश में 1 से 4 अप्रैल तक "स्कूल चले हम" अभियान चलेगा और बच्चों को स्कूलों में प्रवेश दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शासकीय स्कूलों में ड्रॉप आउट की संख्या शून्य करने पर स्कूल शिक्षा विभाग को बधाई दी। उन्होंने कहा कि शासकीय स्कूलों में कक्षा 1, 6 और 9 में प्रवेश प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, जिससे वर्ष 2025-26 में कुल नामांकन में 19.6 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में भी 32.4 प्रतिशत की प्रगति दर्ज की गई है। यह शासकीय स्कूलों पर बढ़ते विश्वास का परिचायक है। राज्य सरकार ने मौजूदा सत्र में स्कूलों में 1 करोड़ 45 लाख नामांकन करने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 369 भव्य सांदीपनि विद्यालयों की शुरुआत की गई है, जो देश में सबसे अच्छे स्कूल हैं। मध्यप्रदेश के सांदीपनि विद्यालयों में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। पीएमश्री स्कूल भी आधुनिक शिक्षा व्यवस्था में महती भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भोपाल में राज्य स्तरीय प्रवशोत्सव कार्यक्रम-2026 के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर बच्चों को नि:शुल्क साइकिलें और पाठ्य पुस्तकें वितरित कीं एवं उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री के आगमन पर विद्यार्थियों ने साइकिल की घंटियां बजाकर और स्काउट गाइड दल ने वाद्य यंत्रों पर सुमधुर धुनों के साथ उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समारोह में शामिल विद्यार्थियों पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अटल टिंकलिंग लैब, रोबोटिक लैब, व्यावसायिक शिक्षा और आईसीटी लैब के स्टॉल का अवलोकन किया। इस अवसर पर "स्कूल चले हम" अभियान पर केंद्रित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ नि:शुल्क साइकिल प्राप्त करने वाले स्कूली बच्चों का ग्रुप फोटो भी लिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिवादन किया। "स्कूल चले हम" अभियान बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का एक अभिनव प्रयास है। प्रदेश के सभी 55 जिलों के प्रत्येक गांव का एक-एक बच्चा स्कूल में प्रवेश ले रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग ने यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। प्रदेश में बड़े पैमाने पर शासकीय स्कूलों के प्रति अभिभावकों और बच्चों का आकर्षण बढ़ा है। इनमें ड्रॉप आउट खत्म करने के लिए शिक्षकों के साथ समाज के हर वर्ग ने संकल्प के साथ मेहनत की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बच्चों को स्कूल आने-जाने के लिए नि:शुल्क साइकिलें वितरित की गई हैं। आगामी 3 से 4 महीने तक शासकीय स्कूलों के 4 लाख बच्चों को साइकिलें मिलेंगी। विद्यार्थियों के लिए नि:शुल्क गणवेश, किताबें और भोजन की व्यवस्था की जा रही है। शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत 49 किताबें हिंदी और स्थानीय भाषा में तैयार कर जनजातीय क्षेत्रों में विद्यार्थियों को वितरित की जा रही हैं। प्रदेश में अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए 95 हजार क्षमता वाले 1913 छात्रावासों का संचालन किया जा रहा है। अनुसूचित जनजातीय कार्य विभाग के 25 हजार 439 विद्यालयों में आज 20 लाख से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।

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