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वाराणसी: STF का बड़ा खुलासा, फर्जी आर्मी अफसर बनकर नौकरी के नाम पर ठगी, गिरोह का सरगना गिरफ्तार

वाराणसी। स्पेशल टास्क फोर्स (STF) वाराणसी यूनिट और भेलूपुर पुलिस ने फर्जी आर्मी अफसर बनकर युवाओं से नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उसके सरगना को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर 15 लाख रुपये से अधिक की ठगी करने का आरोप है।

आर्मी अफसर बनकर करता था ठगी
गिरफ्तार आरोपी की पहचान धर्मेंद्र कुमार पांडेय के रूप में हुई है, जो चंदौली जनपद के अलीनगर थाना क्षेत्र के कैली गांव का निवासी है। वर्तमान में वह वाराणसी के भेलूपुर थाना क्षेत्र स्थित बृज एन्क्लेव कॉलोनी में किराए पर रह रहा था।

आरोपी खुद को आर्मी में कमांडिंग अफसर बताकर युवाओं को सेना, रेलवे, शिक्षा विभाग और अर्द्धसैनिक बलों में नौकरी दिलाने का झांसा देता था।युवाओं से लाखों रुपये ऐंठे
पुलिस के अनुसार, आरोपी कई बेरोजगार युवाओं से अलग-अलग रकम वसूल चुका है। किसी से 5 लाख, किसी से 10 लाख और कई लोगों से 2 लाख रुपये तक ठगे गए। कुल मिलाकर 15 लाख रुपये से अधिक की ठगी सामने आई है।

STF और मिलिट्री इंटेलिजेंस की संयुक्त कार्रवाई
मामले की जानकारी मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिलने के बाद STF सक्रिय हुई। सूचना के आधार पर टीम ने 30 मार्च 2026 को भेलूपुर क्षेत्र के विभूति एन्क्लेव अपार्टमेंट के पास दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

फर्जी दस्तावेजों का जालफर्जी दस्तावेजों का जाल
आरोपी के पास से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिनमें—

2 मोबाइल फोन
3 आधार कार्ड (अलग-अलग नंबर)
3 पैन कार्ड
2 ड्राइविंग लाइसेंस
3 एटीएम कार्ड
2 हाईस्कूल अंकपत्र और 1 प्रमाण पत्र (अन्य व्यक्तियों के)
2 फर्जी भारतीय सेना के आईडी कार्ड
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अलग-अलग पहचान बनाकर कई बैंक खातों का इस्तेमाल किया, ताकि वह पकड़ा न जा सके।बेरोजगार युवाओं को बनाता था शिकार
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पहले से ही जालसाज प्रवृत्ति का था और बिहार के कुछ अपराधियों के संपर्क में आकर इस गिरोह का हिस्सा बना।

वह फर्जी आर्मी आईडी दिखाकर खुद को "कमांडिंग ऑफिसर" बताता था, जिससे लोग आसानी से उसके झांसे में आ जाते थे।

केस दर्ज, आगे की जांच जारी
आरोपी के खिलाफ थाना भेलूपुर में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब उसके नेटवर्क और अन्य साथियों की तलाश में जुटी है।

एसीपी भेलूपुर के अनुसार, मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और ठगी के अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है।

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