सफीदों में गैस किल्लत के कारण ब्लैक में बिक रहे सिलेंडर 2000 -2500 रूपये में
सफीदों: सफीदों में घरेलू गैस को लेकर हालात दिन-ब-दिन गंभीर होते जा रहे हैं। प्रशासन भले ही गैस की कोई कमी न होने का दावा कर रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। नगर की गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं, जहां उपभोक्ताओं को घंटों इंतजार के बावजूद गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा। स्थिति यह है कि लोग सुबह करीब 5 बजे से ही लाइन में लग जाते हैं, लेकिन कई उपभोक्ताओं का नंबर शाम तक भी नहीं आ पाता। सारा का सारा दिन कड़ी धूप में उपभोक्ता सिलेंडर प्राप्त करने के लिए संघर्षरत दिखाई पड़ते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से आए उपभोक्ताओं की परेशानी और अधिक बढ़ गई है। उनका कहना है कि पिछले सप्ताह एजेंसी द्वारा गांव-गांव गैस आपूर्ति का आश्वासन दिया गया था, लेकिन यह वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ। उपभोक्ताओं का आरोप है कि बुकिंग के बाद भी घर पर डिलीवरी नहीं दी जा रही, जबकि उनसे डिलीवरी चार्ज वसूला जा रहा है। मजबूरी में उन्हें एजेंसी या बताए गए स्थान से ही सिलेंडर उठाना पड़ रहा है। वहीं जैसे ही किसी टैंपू के आने की सूचना मिलती है, सैकड़ों लोग एकत्रित हो जाते हैं और अफरा-तफरी का माहौल बन जाता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गैस एजेंसियों की मनमानी पर सख्ती से रोक लगाई जाए और क्षेत्र में नियमित गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही यह भी मांग की गई है कि यदि सिलेंडर घर तक नहीं पहुंचाया जाता तो उपभोक्ताओं से होम डिलीवरी चार्ज नहीं लिया जाना चाहिए।
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डीएससी नंबर के बावजूद भी नहीं मिल रहा सिलेंडर
उपभोक्ताओं का आरोप है कि अब सिलेंडर लेने के लिए ऑनलाईन डीएससी नंबर की आवश्यकता होती है। उनके पास कई दिनों से डीएसी नंबर पिछले कई दिनों से आए हुए लेकिन उसके बावजूद भी उनको सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। स्थिति यह भी पैदा हो गई है कि उनके बिना सिलेंडर लिए हुए भी सिलेंडर डिलीवर का मैसेज उनके पास आया है। जब वे एजेंसी में संपर्क करते है तो वहां से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता।
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ब्लैक मार्केटिंग का खेल हुआ तेज
सफीदों में गैस किल्लत के बीच कालाबाजारी का मामला भी तेजी से सामने आ रहा है। सूत्रों के अनुसार, घरेलू गैस सिलेंडर ब्लैक में करीब 2000 रुपये तक बेचा जा रहा है, जिससे आम उपभोक्ता की परेशानी और बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि इस अवैध कारोबार में कई लोग सक्रिय हैं। फिलहाल, उपभोक्ताओं की मांग है कि गैस वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारू बनाया जाए, ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर डिलीवरी सुनिश्चित की जाए और डिलीवरी चार्ज में पारदर्शिता लाई जाए, ताकि लोगों को इस परेशानी से राहत मिल सके।
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क्या कहते हैं एजेंसी संचालक
इस मामले में गैस एजेंसी संचालक ने इन आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि गैस की पर्याप्त सप्लाई आ रही है और प्रतिदिन दो गाड़ियों के जरिए सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उनके मुताबिक, किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है, बल्कि अफवाहों के कारण लोग जरूरत से ज्यादा गैस लेने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे स्थिति बिगड़ रही है। उन्होंने उपभोक्ताओं से संयम बनाए रखने और नियमित जरूरत के अनुसार ही गैस लेने की अपील की है।