logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

मेरठ में भावाआधस का बढ़ता विस्तार, बड़ी संख्या में लोगों ने भारतीय वाल्मीकि आदि धर्म समाज का दामन थामा

मेरठ। उत्तर प्रदेश में भारतीय वाल्मीकि आदि धर्म समाज (रजि.) भारत का विस्तार लगातार तेज़ी से हो रहा है। इसी कड़ी में मेरठ के पूर्वा अहिरान में आयोजित एक भव्य सभा में बड़ी संख्या में लोगों ने संगठन से जुड़कर समाज को मजबूत करने का संकल्प लिया।

मेरठ के पूर्वा अहिरान में आयोजित इस गरिमामयी सभा में समाज के विस्तार को नई गति मिली। कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण पदाधिकारियों की नियुक्तियां की गईं, जिससे संगठनात्मक ढांचा और मजबूत हुआ।

वरिष्ठ समाजसेवी वीर श्रेष्ठ रविंद्र वेद को प्रदेश कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया, जबकि वीर श्रेष्ठ सुनील मनोठिया को मेरठ मंडल अध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई। वीर अर्जुन करोतिया को महानगर उपाध्यक्ष बनाया गया।

जिला स्तर पर रंजीत सावन, संजय टांक और कृष्ण कुमार को कार्यकारिणी सदस्य नियुक्त किया गया। वहीं महानगर स्तर पर मोहन कल्याणा, विक्की हांडा, शिवकुमार वेद (भोलू) और अंकित चिंडालिया को कार्यकारिणी सदस्य बनाकर संगठन में शामिल किया गया।

सभा की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष एवं सह मुख्य संचालक वीर श्रेष्ठ महेश टांक ने की, जबकि संचालन जिला सचिव वीर संदीप टांक द्वारा किया गया।

इस दौरान प्रदेश प्रभारी मोनिन्दर सूद वाल्मीकन और प्रदेश अध्यक्ष लोकेश टंडन ने नव-नियुक्त प्रदेश कोषाध्यक्ष रविंद्र वेद का पावन चौरंगा स्वरूपा पहनाकर स्वागत किया।

राष्ट्रीय संयुक्त मंत्री गुलशन पार्चा एवं क्षेत्रीय उपाध्यक्ष दिनेश शेरयार ने सुनील मनोठिया को मंडल अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी।
वहीं जिला अध्यक्ष सोनू पार्चा, महानगर अध्यक्ष कुलदीप मनोठिया, जिला सचिव संदीप टांक और महानगर सचिव एडवोकेट अजय गेहरा ने सभी नव-शामिल सदस्यों का सम्मान कर संगठन में विधिवत शामिल किया।


प्रदेश प्रभारी मोनिन्दर सूद वाल्मीकन ने लोगों को सतर्क करते हुए कहा कि कुछ असामाजिक तत्व संगठन के नाम पर लोगों को गुमराह कर अवैध धन उगाही कर रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय वाल्मीकि आदि धर्म समाज (रजि.) का कोई भी कार्यक्रम जनता से चंदा लेकर नहीं, बल्कि आपसी सहयोग से संचालित होता है—इसलिए ऐसे फर्जी लोगों से सावधान रहना बेहद जरूरी है।

प्रदेश अध्यक्ष लोकेश टंडन ने संगठन के मूल उद्देश्यों और प्रभु रत्नाकर जी महाराज के मिशन सहित वाल्मीकि धर्म के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि
6 अप्रैल का दिन अत्यंत पावन है—
6 अप्रैल 1944 को प्रभु रत्नाकर जी महाराज का जन्म हुआ
6 अप्रैल 2018 को वे ब्रह्मलीन हुए
इसी कारण इस दिन को महायोग पर्व के रूप में मनाया जाता है।

आगामी 6 अप्रैल को हरियाणा के कुरुक्षेत्र स्थित सिरशीला में प्रभु रत्नाकर योग आश्रम में रात्रि 9:04 बजे विशेष भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालु प्रभु रत्नाकर जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।

*कार्यक्रम में गरिमामयी उपस्थिति:*
जिला सहसंयोजक वीर भारत, जिला कोषाध्यक्ष राजेश मेहरोल, महानगर मीडिया प्रभारी रोहित मनोठिया (राजू), महानगर सोशल मीडिया प्रभारी सावन टांक, महानगर कार्यकारिणी सदस्य राजन पिवाल सहित सैकड़ों धर्मप्रेमियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया।

मेरठ की इस सभा ने यह साबित कर दिया है कि समाज एकजुट हो रहा है, संगठित हो रहा है और अपने धर्म, संस्कृति और अधिकारों के प्रति पहले से कहीं अधिक जागरूक भी हो रहा है।

17
1069 views

Comment