JAMSHEDPUR : स्वर्णरेखा तट पर मिला 227 किलो का जिंदा बम, सेना ने किया सुरक्षित निष्क्रिय; एसएसपी पीयूष पांडे और थाना प्रभारी की रही अहम भूमिका
स्वर्णरेखा तट पर मिला 227 किलो का जिंदा बम, सेना ने किया सुरक्षित निष्क्रिय; एसएसपी पीयूष पांडे और थाना प्रभारी की रही अहम भूमिका
जमशेदपुर (झारखंड)। पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा थाना क्षेत्र में स्वर्णरेखा नदी किनारे मिले 227 किलो वजनी जिंदा बम को भारतीय सेना ने सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया। इस खतरनाक बम के मिलने से पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। पानीपोड़ा-नागुड़साई क्षेत्र में कुछ दिन पूर्व नदी तट पर खुदाई के दौरान यह बम मिला था, जिसके बाद प्रशासन और पुलिस तत्काल सक्रिय हो गए।
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि यह बम द्वितीय विश्व युद्ध के समय का अमेरिकी बम है, जो वर्षों से जमीन के भीतर दबा हुआ था, लेकिन अब भी सक्रिय स्थिति में था। इसकी विनाशकारी क्षमता को देखते हुए जिला प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को तत्काल सील कर दिया और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।
इस पूरे ऑपरेशन में एसएसपी पीयूष पांडे की निगरानी और नेतृत्व बेहद महत्वपूर्ण रहा। उनके निर्देश पर पुलिस ने तेजी से इलाके को खाली कराया और सुरक्षा घेरा सुनिश्चित किया। वहीं बहरागोड़ा थाना प्रभारी शंकर कुमार कुशवाहा ने मौके पर मोर्चा संभालते हुए स्थानीय स्तर पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और भीड़ नियंत्रण में अहम भूमिका निभाई।
भारतीय सेना की बम निरोधक टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर पहले ड्रोन के जरिए पूरे क्षेत्र का सर्वे किया, फिर बंकर तकनीक का इस्तेमाल करते हुए बम को निष्क्रिय किया। इस तकनीक में बम के चारों ओर बालू का घेरा बनाकर संभावित विस्फोट के प्रभाव को सीमित किया जाता है।
एहतियात के तौर पर करीब एक किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह खाली करा लिया गया था और आम लोगों की आवाजाही पर सख्त रोक लगा दी गई थी। इस दौरान प्रशासन, पुलिस और सेना के बीच बेहतरीन समन्वय देखने को मिला।
एसएसपी पीयूष पांडे के अनुसार, यदि यह बम विस्फोट कर जाता तो बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हो सकता था। फिलहाल सेना की कार्रवाई के बाद स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, हालांकि एहतियात के तौर पर आसपास के क्षेत्रों में अन्य संभावित विस्फोटकों की तलाश जारी है।