वाराणसी सिलेंडर लीक: एक धमाके में उजड़ा घर, भाई-बहन की मौत; मां-बेटा जिंदगी से जंग में
वाराणसी शहर के लहरतारा इलाके में मंगलवार की सुबह एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने एक परिवार की पूरी दुनिया पलभर में उजाड़ दी।
जहां हर दिन की तरह सुबह की शुरुआत रसोई की आंच और घर की हलचल से हो रही थी, वहीं एक अचानक हुए सिलेंडर धमाके ने खुशियों को चीखों और मलबे में बदल दिया।
कुछ ही सेकंड में ढह गया पूरा घर
सुबह करीब साढ़े सात बजे किचन में खाना बनाते समय गैस लीक होने से अचानक आग भड़की और जोरदार विस्फोट हो गया।धमाका इतना भीषण था कि एक मंजिला मकान भरभराकर गिर पड़ा। आसपास के घर भी इससे अछूते नहीं रहे—कई मकानों में दरारें आ गईं और लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए।
मलबे में दबा पूरा परिवार
हादसे के वक्त घर में मां और उनके तीन बच्चे मौजूद थे। धमाके के बाद चारों मलबे में दब गए।
स्थानीय लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए तुरंत राहत कार्य शुरू किया और पुलिस-दमकल को सूचना दी। हर कोई बस एक ही कोशिश में लगा था—किसी तरह सभी को जिंदा बाहर निकाला जाए।
जिंदगी और मौत की जंगरेस्क्यू के बाद चारों को तत्काल बीएचयू ट्रॉमा सेंटर भेजा गया।
लेकिन अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने भाई और बहन को मृत घोषित कर दिया। मां और एक बेटा अभी भी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
एक मां से छिन गए दो सहारे
इस हादसे ने एक मां से उसके दो बच्चों को छीन लिया।
परिवार पहले ही पिता को खो चुका था, और अब इस त्रासदी ने बची हुई खुशियां भी छीन लीं।
जो घर कभी हंसी-खुशी से भरा रहता था, आज वहां सिर्फ मलबा और यादें बची हैं।
जर्जर मकान बना हादसे की वजहकरीब 50 साल पुराना यह मकान पहले से जर्जर बताया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में गैस लीकेज और पाइप में आग लगने के बाद विस्फोट की आशंका जताई गई है, जिससे पूरा ढांचा गिर गया।
अधिकारियों ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। फॉरेंसिक टीम ने भी जांच शुरू कर दी है और गैस चूल्हे व सिलेंडर को कब्जे में लेकर जांच की जा रही है।
धमाके की आवाज से पूरा इलाका दहल गया।
पड़ोसियों के मुताबिक, “बस कुछ ही पल पहले सब सामान्य था…”
अब उसी गली में सन्नाटा है, जहां कभी बच्चों की आवाजें गूंजती थीं।एक साधारण सुबह… कुछ ही पलों में मातम में बदल गई, और पीछे छोड़ गई टूटा हुआ घर, बिखरे सपने और एक मां का अधूरा संसार।