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जितेन्द्र जायसवाल नागदा जिला उज्जैन मध्य प्रदेश "विधायक डॉ. चौहान की कार्यप्रणाली से हिंदू संगठन व कार्यकर्ता परेशान

"विधायक डॉ. चौहान की कार्यप्रणाली से हिंदू संगठन व कार्यकर्ता परेशान

पीड़ितों को समय पर नहीं मिल रहा न्याय, गुंडे कर रहे शांति भंग करने का प्रयास

नागदा जिला उज्जैन

शहर में पिछले दो वर्ष में इस तरह से वर्ग विशेष के कुछ कतिपय लोगों द्वारा तथा गुंडे व बदमाश द्वारा नगर में दादागिरी कि जा रही है, उस पर प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही नहीं होने से अब क्षेत्र के जनप्रतिनिधि कि कार्यप्रणाली कटघरे में आ गई है। गत ढाई वर्ष में जिस तरह से नगर में हिन्दू विरोधी घटना हुई उस पर विधायक डॉ तेजबहादुरसिंह चौहान का चुप रहना कहीं न कहीं उनकी कथनी व करनी में फर्क नजर आता है। लगातार हो रही घटना से हिन्दू संगठनों में विधायक के प्रति आक्रोश पनप रहा है। यदि सत्ता पक्ष ने हिन्दू संगठनों को दरकिनार किया तो हो सकता है कि आगामी दिनों में नगर में एक बार फिर हिन्दू संगठनों का शासन एवं प्रशासन के प्रति बडा आंदोलन हो सकता है। जिसका परिणाम भाजपा को आगामी चुनाव में भुगतना पड सकता है।

विधायक की निष्क्रियता से अधिकांश परेशान- विधायक डॉ

चौहान की निष्क्रियता से हिंदू संगठन तो परेशान है ही साथ ही कई पीडित व उनकी पार्टी के ही कार्यकर्ता भी नाराज है। यदि कोई कार्यकर्ता विधायक के पास फरियाद लेकर पहुंचता हैं तो विधायक उसकी पीडा सुनने के बजाए किसी के भी सामने उसकी बेईज्जती कर उसे नियम का पाठ पढाकर रवाना

कर देते हैं। जिसको लेकर कार्यकर्ताओं में भी चर्चा हैं कि यह नियम सिर्फ कार्यकर्ता पर ही लागू हैं

क्या ? कुछ कार्यकर्ताओं ने तो सोशल मिडिया पर भी भडास निकाली।
मामला 1

हाल ही में दो दिन पूर्व ऐसा मामला आया हैं जो इसके पहले नागदा में कभी देखने को नहीं मिला। ईद के एक दिन पूर्व मुस्लिम समाज के लोगों ने जवाहर मार्ग पर किरण टॉकिज के पीछे मस्जिद वाली गली में बीच सडक पर नमाज अदा की थी। पूरे मार्ग को बंद कर दिया गया था। जिसकी कोई अनुमति भी नहीं ली गई थी। उसके अलावा मंदिर के सामने गाडी खडी करना ओर अन्य गलियों में अपने वाहन खडे कर आवागमन अवरूध्द करना जिससे रहवासी परेशानी के साथ हुए भयभीत।
मामला 2

केन्द्र निर्वाचन आयोग के एसआईआर अभियान के विरोध में गुंडे फिरोज आजम ने दो दिन तक आम रास्ता रोककर बिना अनुमति के धरना प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन में आंगनवाडी कार्यकर्ता शामिल हुई थी जिन्हें खुलकर सरकार व अधिकारियों के खिलाफआवाज उठाई थी । इसकी लिखित शिकायत भी की गई थी लेकिन इस पर प्रशासन ने कोई संज्ञान नहीं लिया।

मामला 3

लगभग 2 माह पूर्व मेमू टेन में मुस्लिम युवकों ने गुजरात के एक परिवार के साथ मारपीट की थी।
युवकों ने महिलाओं को बडी बेहरमी से पीटा था जिसका विडियो भी सोशल मिडिया पर वायरल हुआ था। इस घटना के विरोध में जब हिंदु संगठन थाने पर कार्यवाही करनवाने पहुंचा था तो बडी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग एकत्रित हुए ओर स्टेशन के बाहर शहर का माहौल खराब करने का प्रयास किया। उन्होने राहगीरों के साथ मारपीट की थी। इस मामले में पुलिस ने कार्यवाही तो की लेकिन मारपीट करने व उत्पाद मचाने वाले युवकों की संख्या ज्यादा थी लेकिन प्रकरण कुछ ही लोगों पर दर्ज किया गया ओर न हीं कोई सख्ती बरती गई।
मुस्लिम गुंडो के खिलाफविधायक क्यों हैं चुप?

प्रदेश में भाजपा का शासनकाल तथा क्षेत्र में सत्तापक्ष का विधायक होने के बाद भी हिंदू संगठनों को कई मामले को लेकर परेशान होना पड रहा हैं। जब-जब थाने पर हिंदुओं को प्रताडित करने, शोषण करने, उनके साथ मारपीट करने व उनकी जमीन पर कब्जा करने आगे से कोई मामले आते है तो पुलिस प्रशासन इन मामलों में हिंदू पक्ष के लोगों की सुनवाई में लेट लतीफी करता हैं ओर कार्यवाही भी ऐसी करता हैं कि आरोपी पक्ष का बचाव हो जाता हैं। इसको लेकर जब-जब पीडित लोग विधायक के पास परियाद लेकर पहुंचते हैं तो उन्हें वहां से बैरंग लौटना पडता हैं जिसके बाद नतीजन हिंदु संगठनों को सडक पर उतरना पडता हैं। आखिर क्या कारण हैं कि मुस्लिम पक्ष के खिलाफकार्यवाही करने में विधायक अपना मुंह नहीं खोलते हैं ओर न ही कोई बयान देते हैं यहां तक की अधिकारियों से भी चर्चा नहीं करते हैं जिस कारण पुलिस अपनी मनमानी करती हैं। ऐसे कई मामले पिछले दो वर्षों में सामने आए है।

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