PALAMU : रंगदारी मांगने व जान से मारने की धमकी मामले में 3 आरोपी गिरफ्तार, एक फरार
रंगदारी मांगने व जान से मारने की धमकी मामले में 3 आरोपी गिरफ्तार, एक फरार
हुसैनाबाद, पलामू (झारखंड)। हुसैनाबाद थाना क्षेत्र में एक स्थानीय व्यवसायी से रंगदारी मांगने एवं जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित व्यवसायी द्वारा दिए गए लिखित आवेदन के आधार पर हुसैनाबाद थाना कांड संख्या 63/26, दिनांक 19 मार्च 2026 को दर्ज किया गया। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया।
जांच के क्रम में यह तथ्य सामने आया कि मुख्य आरोपी रविशंकर कुमार सिंह उर्फ छोटू सिंह (24 वर्ष) ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से रंगदारी मांगने की साजिश रची थी। उसके साथ इस वारदात में अमन कुमार चौरसिया (19 वर्ष) और शुभम केशरी (20 वर्ष) भी शामिल थे।
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपियों द्वारा अपनी पहचान छिपाने के उद्देश्य से चोरी के मोबाइल फोन और सिम कार्ड का उपयोग किया गया। इसके लिए वे पहले नशे की हालत में रहने वाले लोगों को निशाना बनाकर उनके मोबाइल फोन चोरी करते थे और फिर उन्हीं मोबाइल नंबरों से व्यवसायी को फोन कर रंगदारी की मांग करते थे तथा जान से मारने की धमकी देते थे।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर छापेमारी कर उनके पास से रंगदारी में प्रयुक्त मोबाइल फोन, सिम कार्ड एवं चोरी के अन्य मोबाइल फोन बरामद किए हैं। गिरफ्तार सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।
इस कांड में शामिल एक अन्य आरोपी प्रिंस कुमार मेहता फिलहाल फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
पुलिस अभिलेखों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है और वे विभिन्न मामलों में पहले से संलिप्त रहे हैं।
इस पूरी कार्रवाई में हुसैनाबाद अनुमंडल पुलिस की SIT टीम एवं तकनीकी शाखा, पलामू की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।