बिन मौसम की बारिश ने। किसनो के आंखों में दिये आर्थिक संकट के आंसू।
बिन मौसम की बारिश ने। किसनो के आंखों में दिये आर्थिक संकट के आंसू।
आज दिनांक 20 मार्च 2026 को सुबह प्रातः 5:30 पर अचानक खंडार तहसील मुख्यालय से लेकर खंडार तहसील क्षेत्र के सभी क्षेत्रों में मौसम परिवर्तन हुआ। मौसम परिवर्तन में तेज आंधी अंधेर के साथ में बारिश का दौर शुरू हुआ। जिससे किसने की कटी हुई फसल एवं खेतों में पकी खड़ी हुई फसल मौसम की मार्केट चपेट में आ गई। खंडार उपखंड मुख्यालय के किसान पंडित मनोज कुमार शर्मा, भगवान माली, मुकेश बैरवा, छोटू लाल वर्मा, आदि कई किसानों ने बताया कि बिन मौसम के तेज आंधी के साथ में वर्षा का दौर से हमारी रवि की फसल गेहूं, चना, सरसों, मिर्ची टमाटर, आदि कई फसल करूर मौसम की चपेट में आने से खराब हो गई। क्योंकि अभी सभी जगह किसने की फसल पक गई है। और सभी किसान भाई अपनी पक्की हुई फसल की कटाई के कार्य में जुटे हुए हैं। ऐसे हालातो में तेज आंधी अंधेर के साथ में वर्षा का दौरा शुरू होने से पकी हुई खड़ी फसल खेतों में नीचे गिर गई। दूसरी और कटे हुए फसल खेतों में रखी होने के कारण तेज आंधी अंधेरों से इधर-उधर उठ गई। और बरसात के पानी के दबाव के कारण मिट्टी में मिल गई। जिससे हम किसानों को भारी आर्थिक संकट की मार से गुजरना पड़ रहा है। बिग दिनों में 2025 में हमारी खरीफ की फसल ओलावृष्टि चपेट में आने के कारण पूरी तरह से चौपट हो गई। उसे समय पर भी हम किसानों को स्वयं आर्थिक संकट की मार झेलनी पड़ी। स्थानीय प्रशासन जिला प्रशासन राजस्थान सरकार जनप्रतिनिधि आदिया ने ओलावृष्टि क्षेत्रों का जायजा भी लिया। लेकिन आज तक भी किसने के पास राजस्थान सरकार एवं कृषि बीमा कंपनियां के द्वारा फसल खराब नहीं पहुंचा है। इसीलिए एक वर्ष के दरमियान दो बार मौसम मार के कारण फसल खराब हो जाने से एवं इस आर्थिक संकट के समय में भारत सरकार एवं राजस्थान सरकार एवं कृषि बीमा कंपनियां से फसल खरावा का कोई सहयोग नहीं मिलने के कारण अभी के हालातो में किसान आर्थिक संकट की मार्केट आंसू रो रहा है। लेकिन किसानों की सहयोग में कोई हाथ खड़े नहीं हो रहे हैं। कर्ज लेकर किसान ने रवि की फसल की बुवाई की है। लेकिन पकी हुई फसल भी मौसम की मार पड़ने के कारण चौपट हो गई। जिससे क्षेत्र के किसानों के परिजन एवं स्वयं के भूखे माने के हालात खड़े हो गए हैं। अभी के हालातो में क्षेत्र का किसान संकट की दोहरी मार को जलते हुए। आर्थिक संकट के आंसुओं से गुजर रहा है। इसीलिए। भारत सरकार एवं राजस्थान सरकार एवं फसल बीमा कंपनियां को पीड़ित किसानों का सहयोग करने की बड़ी आवश्यकता है।