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हिंदू नवसंवत 2083 के अवसर पर 521 कुंडीय जनचेतना महायज्ञ का आयोजन

हमें अपनी धर्म एवं संस्कृति पर गर्व करना चाहिए - विवेकानंद सरस्वती जी

मेरठ। हिंदू नवसंवत 2083 के अवसर पर महाराणा प्रताप प्रांगण में गुरूकुल प्रभात आश्रम टीकरी के तत्वाधान में 521 कुंडीय 29वें जनचेतना महायज्ञ का आयोजन किया गया।

गुरुकुल प्रभात आश्रम टिकरी के कुलाधिपति स्वामी विवेकानंद सरस्वती के ब्रह्मात्व में जनचेतना महायज्ञ का संपादन एपेक्स विश्वविद्यालय जयपुर के कुलपति डाक्टर सोमदेव शतांशु एवं आचार्य वाचस्पति द्वारा किया गया। कार्यक्रम अध्यक्ष कुसुम शास्त्री, विक्रम शास्त्री द्वारा स्वामी जी का यज्ञ के ब्रह्मा के रूप में तिलक लगाकर एवं माल्यार्पण कर वरण किया गया।

गुरुकुल के अध्यक्ष विवेक शेखर, वेद प्रकाश सर्राफ, अश्वनी गुप्ता, वरूण अग्रवाल, प्रभात गुप्ता, डा0 जसवीर मलिक, नमन मलिक, हर्ष गोयल, अजय गुप्ता, दयानन्द शर्मा, डा. अर्पणा जैन, विश्व वसु, विपिन रस्तोगी द्वारा भी स्वामी जी का माल्यार्पण कर उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया गया।

इस अवसर पर स्वामी जी ने कहा जनचेतना यज्ञ आरम्भ करने का उद्देश्य ही जनमानस को भारतीय नववर्ष को प्रचालन में लाने का था जो पूर्णतया सफल रहा है। उन्होंने कि हमें अपनी धर्म एवं संस्कृति पर गर्व करना चाहिए।

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