वाराणसी : शहर को जाम से निजात का प्रयास : नगर निगम ने निजी पार्किंग संचालकों से मांगा ब्यौरा
वाराणसी : शहर को जाम से निजात का प्रयास : नगर निगम ने निजी पार्किंग संचालकों से मांगा ब्यौराशहर को जाम से मुक्त कराने के दशकों से चल रहे प्रयास के तहत अब नगर निगम पार्किंग प्रबंधन को व्यवस्थित करने में जुटा है। गुरुवार को स्मार्ट सिटी बैठक सभागार में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल की अध्यक्षता में पार्किंग प्रबंधन समिति की बैठक हुई। बैठक में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए निजी और सार्वजनिक पार्किंग संचालकों को अपनी कार्यशैली में पारदर्शिता लाने का निर्देश दिया गया। इसके लिए निगम ने निजी पार्किंग संचालकों से एक सप्ताह के भीतर अपने यहां पार्क होने वाले वाहनों की औसत संख्या, उपलब्ध खाली स्पेस और संचालन पर होने वाले खर्च का विस्तृत विवरण मांगा गया है।दरअसल, पार्किंग शुल्क को लेकर लगातार आपत्तियां मिल रही थीं। इन आपत्तियों के तार्किक निस्तारण के लिए निगम ने यह डेटा मांगा है, ताकि शुल्क का निर्धारण सही ढंग से किया जा सके। वहीं शहर के प्रमुख चौराहों पर लगने वाले जाम को देखते हुए निगम ने पिक एंड ड्रॉप व्यवस्था पर बल दिया है। नगर आयुक्त द्वारा ऑटो और ई-रिक्शा के लिए ऐसे स्थल चिह्नित करने के सुझाव मांगे गए हैं, जहां चालक सिर्फ सवारी उतारेंगे और तुरंत वहां से निकल जाएंगे। इन स्थलों पर ऑटो खड़ा करने की सख्त मनाही होगी। इस नई व्यवस्था पर विचार करने के लिए ऑटो यूनियन के प्रतिनिधियों ने निगम से 15 दिन का समय मांगा है।बैठक में मुख्य रूप से सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव, निजी पार्किंग संचालक, सार्वजनिक पार्किंग के ठेकेदार और ऑटो यूनियन के पदाधिकारी शामिल रहे। गौरतलब है कि यातायात पुलिस, जिला एवं पुलिस प्रशासन के साथ नगर निगम भी शहर को जाम से मुक्त करने की कवायद में जुटा रहता है। हर बार दावा यही किया जाता है कि नई व्यवस्था से जाम से निजात मिलेगी, लेकिन मिलती कभी नही। बल्कि समस्या दिनोदिन जटिल ही होती जा रही है। फिलहाल निगम का यह प्रयास क्या रंग लायेगा यह तो समय ही बताएगा।