प्रदेश का पहला विशेष भू-विभाजन कैंप, 15 भू-मालिकों ने दी विभाजन की सहमति।
खरखौदा/सोनीपत/हरियाणा/सोमपाल सैनी - 7988804545, 8950236002
खरखौदा उपमंडल के गाँव छिनौली की चौपाल में हरियाणा सरकार के निर्देशों की अनुपालना में भू-राजस्व प्रबंधन को सुगम बनाने के लिए प्रशासन ने एक अनूठी पहल की गई है।
गांव छिनौली में खरखौदा के तहसीलदार बिजेंद्र नांदल की अध्यक्षता में भू-राजस्व अधिनियम 1887 की धारा 111-ए की उपधारा (1) के तहत भू-विभाजन के लिए एक विशेष कैंप का आयोजन किया गया।
इस कैंप का मुख्य उद्देश्य किसानों और भू-मालिकों को स्वेच्छा से जमीन के विभाजन के लिए प्रेरित करना था ताकि भविष्य में होने वाले विवादों को कम किया जा सके।
प्रशासन द्वारा जारी नोटिस के बाद कैंप में लगभग 60 भू-मालिक उपस्थित हुए। वही तहसीलदार बिजेंद्र नांदल ने ग्रामीणों को इस अधिनियम के लाभ समझाते हुए बताया कि विभाजन से मालिकाना हक स्पष्ट होता है और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होती है।
*कैंप की मुख्य विशेषताएं:-
*सकारात्मक प्रतिक्रिया:
उपस्थित लोगों में से लगभग 15 व्यक्तियों ने मौके पर ही अपनी सहमति प्रदान की। सरकार की इस मुहिम में यह एक 'आश्चर्यजनक परिणाम' माना जा रहा है।
*अधिकारियों की उपस्थिति:
कैंप के सफल आयोजन में हल्का कानूनगो रामदास, हल्का पटवारी मनजीत, सरपंच विजय, नंबरदार संदीप और चौकीदार कृष्ण एवं अन्य ग्रामीणों की विशेष महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सोनीपत जिले में इस तरह का यह पहला कैंप है, जहाँ मौके पर ही विभाजन की प्रक्रिया को गति दी गई।
ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पारदर्शी और त्वरित कार्यप्रणाली की सराहना की है। अधिकारियों का मानना है कि इस सफल प्रयोग के बाद अन्य गांवों में भी इसी तरह के कैंप जल्द लगाए जाएंगे।