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चंदौली मुगलसराय :: चलती ट्रेन में मिला नोटों का जखीरा, भारी भरकम' बैग में थीं पांच-पांच सौ की तीन सौ पचास से ज्यादा गड्डियां...

चन्दौली मुगलसराय स्टेशन (पीडीडीयू जंक्शन) पर जीआरपी ने ट्रेन से नोटों का जखीरा पकड़ा है। एक भारी भरकम बैग में पांच-पांच सौ के नोटों की 350 से ज्यादा गड्डियां मिलीं। दो युवकों को भी पकड़ा गया है। उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (मुगलसराय स्टेशन) पर रेल पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है।

जीआरपी (GRP) और आरपीएफ (RPF) की संयुक्त टीम ने अकालतख्त एक्सप्रेस में छापेमारी कर नोटों का जखीरा पकड़ा। दो बैगों में ठूंस-ठूंस कर भरी गईं पांच-पांच सौ की 350 गड्डियां बरामद कीं। गिनती में 1.75 करोड़ रुपये थे। नोटों के साथ दो चचेरे भाइयों को हिरासत में लिया गया है। प्रारंभिक जांच में यह मामला हवाला कारोबार से जुड़ा बताया जा रहा है। दोनों युवक नोटों को लेकर लखनऊ से कोलकाता जा रहे थे।

भोर का सन्नाटा और जीआरपी की सतर्कता

सीओ जीआरपी कुंवर प्रभात सिंह ने बताया कि शनिवार भोर करीब तीन बजे प्लेटफार्म संख्या एक पर डाउन अकालतख्त एक्सप्रेस (12318) आकर रुकी। जंक्शन पर सुरक्षा के मद्देनजर नियमित चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान कोच संख्या ए-1 (AC First Class) की तलाशी ली गई, तो दोयुवक बड़े और भारी-भरकम बैग के साथ संदिग्ध अवस्था में दिखाई दिए। पुलिस को देखते ही दोनों घबराने लगे, जिससे सुरक्षाकर्मियों का संदेह गहरा गया।

बैग खुलते ही चकरा गई पुलिस की आंखें

जब पुलिस ने उन भारी बैगों की तलाशी ली तो अंदर का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। बैग के भीतर पांच-पांच सौ रुपये के नोटों की गड्डियों का जखीरा दिखाई दिया। पुलिस दोनों युवकों को बैग समेत तुरंत जीआरपी थाने ले आई, जहां नोटों की गिनती शुरू हुई। मशीनों के जरिए हुई गिनती में कुल 1 करोड़ 75 लाख रुपये बरामद हुए। पुलिस के अनुसार, बैग में 500-500 के नोटों की 350 से ज्यादा गड्डियां थीं।

हीरा कारोबारी बता रहे खुद को आरोपी

पकड़े गए आरोपियों की पहचान लखनऊ के ठाकुरगंज (नेपियर रोड कॉलोनी) निवासी रितेश पटेल और गुजरात के आणंद जिले के प्रिग्नेश के रूप में हुई है। पूछताछ में पता चला कि दोनों चचेरे भाई हैं और स्वयं को हीरा कारोबारी बता रहे हैं। वे यह बड़ी रकमपूछताछ में पता चला कि दोनों चचेरे भाई हैं और स्वयं को हीरा कारोबारी बता रहे हैं। वे यह बड़ी रकम लखनऊ से कोलकाता के किसी व्यापारी को सौंपने जा रहे थे। हालांकि, आरोपियों के पास इस मोटी रकम से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज या बैंक रसीद मौजूद नहीं थी।

आयकर विभाग को सौंपी गई जांच

सीओ ने बताया कि इतनी बड़ी मात्रा में नगदी ले जाने के पीछे हवाला नेटवर्क की प्रबल संभावना है। आरोपियों के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और संपर्कों की जांच की जा रही है। वर्तमान में बरामद करेंसी और दोनों आरोपियों को वाराणसी आयकर विभाग (Income Tax Department) की टीम को सौंप दिया गया है। विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि इस रकम का स्रोत क्या है और इसे चुनाव या अन्य किसी अवैध गतिविधि में खपाने की योजना तो नहीं थी।

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