राष्ट्रीय हैकाथॉन ने एमएम(डीयू), मुल्लाना में नवाचार को दी नई दिशा
मेरठ। गूगल डेवलपर्स क्लब ऑन कैंपस (GDGOC) एवं IEEE स्टूडेंट ब्रांच, महर्षि मारकंडेश्वर डीम्ड यूनिवर्सिटी, मुलाना द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में हैक्यूरेका-II नामक राष्ट्रीय स्तरीय हैकाथॉन का सफल आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न संघटक संस्थानों से लगभग 650 विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम ने नवाचार, सहयोग और समस्या-समाधान की संस्कृति को सशक्त रूप से प्रतिबिंबित किया।
यह हैकाथॉन माननीय चांसलर श्री तरसेम कुमार गर्ग के दूरदर्शी नेतृत्व तथा विश्वविद्यालय प्रबंधन के मार्गदर्शन डॉ विशाल गर्ग की सक्रिय भूमिका का सशक्त उदाहरण रहा, जो निरंतर भविष्य के नेतृत्वकर्ताओं और नवप्रवर्तकों के निर्माण हेतु प्रयासरत हैं।
कुलपति हरीश कुमार शर्मा द्वारा विद्यार्थियों में समस्या-समाधान क्षमता, नवाचार एवं व्यावहारिक सोच के विकास पर दिए जा रहे निरंतर बल का प्रभाव इस आयोजन में स्पष्ट रूप से देखने को मिला।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बी.श्रीधर रेड्डी, प्रो वाइस चांसलर, एमएम(डीयू) उपस्थित रहे। साथ ही उद्योग जगत से आमंत्रित निर्णायक विशेषज्ञों में विपिन मेहता, सीनियर आर्किटेक्ट, एचसीएल इन्फोटेक तथा अभिषेक मित्तल, सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर, सैल्स फोर्स शामिल रहे।
उनकी उपस्थिति से प्रतिभागियों को नवाचारपूर्ण सोच और प्रतिस्पर्धात्मक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा मिली। मुख्य अतिथि ने अपने उद्घाटन संबोधन में विद्यार्थियों को नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले (जॉब क्रिएटर) बनने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर कई वरिष्ठ शिक्षाविद एवं प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिनमें विशाल भारती, प्राचार्य, एमएमईसी; राजीव
कुमार, विभागाध्यक्ष एवं निदेशक – एआई; राजेश खन्ना, निदेशक – स्किलिंग; संजीव राणा, निदेशक – सीडीओएल; अमित बिंदल , कार्यक्रम समन्वयक; तथा कार्यक्रम के अध्यक्ष विशाल गुप्ता एवं अंकुर मंगला विशेष रूप से शामिल रहे।
सभी गणमान्य व्यक्तियों ने विद्यार्थियों को स्टार्टअप एवं उद्यमिता के अवसरों को खोजने तथा तकनीक आधारित नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
उद्घाटन समारोह का समापन डॉ. विशाल भारती के प्रेरणादायक संबोधन, डॉ. राजीव के. चेची द्वारा दिए गए धन्यवाद ज्ञापन तथा राष्ट्रगान के साथ हुआ।
युवा प्रतिभाओं को नवाचार की ओर प्रेरित करने, रचनात्मक सोच को प्रोत्साहित करने तथा विद्यार्थियों को अपने विचारों को सतत स्टार्टअप्स एवं प्रभावशाली समाधानों में परिवर्तित करने हेतु एक सशक्त मंच बनकर उभरा।