“अन्याय के खिलाफ पटवारी एकजुट — पांढुर्णा में ज्ञापन सौंपकर दी आंदोलन की चेतावनी”
पांढुर्णा में मध्य प्रदेश पटवारी संघ ने पटवारियों की गंभीर समस्याओं को लेकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मुख्य सचिव राजस्व, मध्य प्रदेश के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। संघ ने इस ज्ञापन में अनूपपुर जिले के पटवारियों से जुड़ी प्रशासनिक और आर्थिक समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए तत्काल समाधान की मांग की है। ⚠️
संघ के अनुसार 04 फरवरी और 09 फरवरी 2026 को दिए गए पूर्व ज्ञापनों में भी इन समस्याओं को रेखांकित किया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे पटवारियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
📌 ज्ञापन में उठाई गई प्रमुख समस्याएं
💰 वेतन रोकने का मामला:
संघ ने बताया कि जिले के कई पटवारियों का वेतन जुलाई 2025 से लंबित है, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक संकट और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है।
⚖️ अर्द्धवेतन का विवाद:
अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के बीच बिना किसी आवेदन या अपील के अर्द्धदण्ड लागू कर अर्द्धवेतन दिया गया, जिसे संघ ने नियमों के विरुद्ध बताया।
🚫 बिना नोटिस निलंबन:
इस अवधि में करीब 30 पटवारियों को बिना पूर्व सूचना के निलंबित कर दिया गया, जिनमें से 9 पटवारी अभी भी निलंबित हैं।
😟 मानसिक व आर्थिक प्रताड़ना का आरोप:
संघ ने महिला पटवारियों सहित अन्य कर्मचारियों पर अनावश्यक प्रशासनिक दबाव और प्रताड़ना का आरोप लगाया है।
📢 पटवारी संघ की प्रमुख मांगें
लंबित वेतन और भत्तों का तत्काल भुगतान किया जाए।
अर्द्धवेतन और निलंबन आदेश निरस्त किए जाएं।
कर्मचारियों को मानसिक व प्रशासनिक प्रताड़ना से संरक्षण दिया जाए।
समस्याओं के समाधान हेतु उच्च स्तरीय प्रशासनिक हस्तक्षेप किया जाए।
🚩 आंदोलन की चेतावनी
पटवारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो 25 और 26 फरवरी 2026 को सामूहिक अवकाश तथा 27 फरवरी 2026 को आंदोलन किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान तहसील अध्यक्ष प्रमोद आमने सहित संगठन के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे। इस दौरान अनुविभागीय अधिकारी अलका एक्का और तहसीलदार विनय प्रकाश ठाकुर को भी समस्याओं से अवगत कराया गया।