logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

भुम्मा की जैविक हल्दी की गूंज ऑस्ट्रेलिया, पेरिस और जापान तक 1 एकड़ से किसान ने कमाए लाखों

जिला पांढुर्णा के विकासखंड सौंसर के ग्राम भुम्मा के प्रगतिशील कृषक मटरूलाल डोंगरे कुल 3 एकड़ भूमि पर हल्दी, अदरक, मक्का, कपास, संतरा, टमाटर, गेहूँ, चना एवं अन्य फसलों की खेती करते हैं। आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत वे जैविक खेती के माध्यम से हल्दी का उत्पादन कर रहे हैं तथा उनके पास बायोगैस, वर्मीकम्पोस्ट टांके एवं एजोला टांके उपलब्ध हैं।

भुम्मा की जैविक हल्दी की मांग ऑस्ट्रेलिया, पेरिस और जापान तक पहुंच चुकी है तथा जैविक हॉट बाजार में यह हाथों-हाथ बिक रही है। किसान मटरूलाल डोंगरे आत्मा परियोजना के तकनीकी मार्गदर्शन में दो एकड़ में जैविक हल्दी का उत्पादन करते हैं और लगभग दस क्विंटल कच्ची हल्दी प्राप्त करते हैं। वे स्वयं प्रोसेसिंग एवं पैकिंग कर “भुम्मा जैविक समिति” के नाम से 400 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से लोकल मार्केट एवं मेले-प्रदर्शनी, जैविक हॉट बाजार पांढुर्णा/छिन्दवाडा में विक्रय करते हैं।

कलेक्टर पांढुर्णा नीरज कुमार वशिष्ठ एवं उपसंचालक कृषि जितेन्द्र कुमार सिंह के मार्गदर्शन में उन्हें विपणन में सहयोग प्राप्त हुआ, जिससे एक एकड़ की कुल आमदनी लगभग 2,50,000 रुपये शुद्ध लाभ के रूप में प्राप्त हो रही है। इस प्रकार वे जैविक खेती कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं।

आत्मा परियोजना अंतर्गत उद्यानिकी फसलों में उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें विगत वर्षों में विकासखण्ड स्तरीय कृषक पुरस्कार से सम्मानित किया गया तथा के. व्ही. के. एवं अन्य गतिविधियों में शॉल एवं श्रीफल देकर भी सम्मानित किया गया।इतने उत्साहजनक परिणामों को देखते हुए उन्होंने अगले सीजन में हल्दी के रकबे को दोगुना करने एवं इसे और भी अत्याधुनिक पद्धति से करने की योजना बनाई है, साथ ही ग्राम के अन्य किसान भी हल्दी लगाने के लिए अत्यधिक उत्साहित हैं

0
0 views

Comment