रेलवे स्टेशन पर खंभा गिरने से मजदूर का पैर टूटा, पहले ही दिन काम पर आया था घायल
(दुद्धी सोनभद्र रिपोर्ट: नितेश कुमार)
विंढमगंज रेलवे स्टेशन परिसर में कार्य के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। टेलर से विद्युत खंभा उतारते समय मजदूर दीप नारायण कुमार (पुत्र स्व. राजमन बियार, निवासी महुली) गंभीर रूप से घायल हो गए। खंभा सीधे उनके पैर पर गिर गया, जिससे उनका पैर बुरी तरह टूट गया।
घटना के बाद साथी मजदूरों द्वारा उन्हें तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉ. सत्येंद्र प्रसाद ने प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए अन्यत्र रेफर कर दिया।
घायल दीप नारायण कुमार ने बताया कि वह अपने पड़ोसी राजा अहमद के साथ प्रतिदिन ₹500 मजदूरी पर काम करने के लिए आए थे। विंढमगंज रेलवे स्टेशन पर आरबीएनएल कंपनी के कार्य के तहत मुंशी संदीप (पुत्र सुरेंद्र प्रसाद, निवासी बारा थाना जोरी, चतरा) के कहने पर टेलर पर लदे विद्युत खंभे को हाइड्रा मशीन से उतारा जा रहा था। इसी दौरान हाइड्रा की बेल्ट छटक गई और खंभा सीधे उनके पैर पर गिर गया।
दीप नारायण ने बताया कि वह अपने परिवार के अकेले कमाने वाले सदस्य हैं। उनके परिवार में पत्नी और दो छोटे बच्चे—सत्या कुमार (4 वर्ष) और अमित कुमार (9 माह) हैं। इस दुर्घटना के बाद परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
वहीं, मुंशी संदीप कुमार ने बताया कि ठेकेदार से बातचीत हो चुकी है और इलाज में आने वाला पूरा खर्च ठेकेदार द्वारा वहन किया जाएगा।
घटना को लेकर बयानबाजी में भी विरोधाभास सामने आया है। राजा अहमद ने कहा कि दीप नारायण का पैर कार्टून उतारते समय फिसलने से टूटा, जबकि घायल मजदूर का कहना है कि बिजली के खंभे को हाइड्रा से उतारते समय बेल्ट छूटने के कारण खंभा उनके पैर पर गिरा। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद तथ्य बदलकर पेश किए जा रहे हैं।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी मजदूर को काम पर लाया जाता है तो उसकी सुरक्षा और दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारी तय होना आवश्यक है। मामले में उचित जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की जा रही है।