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नागदा जिला उज्जैन उद्योग एवं एसिड माफियाओं द्वारा हजारवेस्ट रासायनिक एसीड चम्बल नदी में मिलाये जाने पर रोक लगाने एवं दोषीयों पर कार्यवाही हेतु



उद्योग एवं एसिड माफियाओं द्वारा हजारवेस्ट रासायनिक एसीड चम्बल नदी में मिलाये जाने पर रोक लगाने एवं दोषीयों पर कार्यवाही हेतु किसान यूनियन ने जनसुनवाई में एसडीएम नागदा को दिया शिकायती आवेदन ।


नागदा जं. निप्र: भारतीय किसान यूनियन मंच के प्रदेश अध्यक्ष कवि देव सिंह गुर्जर के नेतृत्व में मंगलवार को जनसुनवाई में एसडीएम को उद्योग व एसिड माफियाओं द्वारा चम्बल नदी में रासायनिक एसिड मिलाये जाने पर रोक एवं दोषियो पर कार्यवाही हेतु ज्ञापन दिया।
ज्ञापन में बताया कि डाउन स्ट्रीम चम्बल नदी में उद्योगो द्वारा गैर ट्रीटमेन्ट किए रसायनीक पानी छोडने व एसिड माफियाओं द्वारा टैंकरों से उद्योग के गंदे नाले के माध्यम से वेस्टेज रसायन नदी में छोडने से प्रदुषण प्रभावित 14 गांव और अधिक प्रभावित हो रहे है। क्षेत्र में एसिड माफिया भी सक्रिय है जो अन्य स्थानों से हर्जाडस्ट एसिड, रसायनीक लाकर क्षेत्र में विभिन्न नदी, नालों में लगातार छोड रहे है विशेषकर मुक्तेश्वर महादेव मंदिर व कब्रिस्तान के मध्य नाले में छोडा जाता है बड़े-बड़े गोदाम बने हुए है उनके माध्यम से टैंकरों को अन्दर खड़ा करके पाइपों के माध्यम से उत्री के समय नालों में छोड़ा जा रहा है जो आगे जाकर चम्बल नदी में मिल रहे है जिसके कारण भुमिगत जल स्त्रोत प्रदूषण प्रभावित हो रहे है और जमीनें बंजर हो रही है प्रदुषण के कारण बच्चे विकलांग पैदा हो रहे 3 कैंसर, हार्ट अटैक जैसी बिमारियां भी अत्याधिक हो रही है और अन्य कई गंभीर बिमारियों से 14 गांवों के ग्रामीण प्रभावित हो रहे है।
विधानसभा चुनाव 2023 के पश्चात नागदा स्थित उद्योगो द्वारा बगैर ट्रीटमेन्ट किए गंदे नाले के माध्यम से रसायनीक प्रदुषित पानी उद्योग के गंदे नाले के माध्यम से नदी में लगातार छोड़कर प्रदुषित पानी का ट्रीटमेन्ट का जो लाखों रूपये का खर्चा है प्रतिदिन बचाया जा रहा है और उद्योग द्वारा कहा जा रहा है कि हम प्रदुषित पानी को ट्रीटमेन्ट करते है और हमारा जीरो निस्त्राव है परंतु गन्दे नाले में प्रदुषित पानी को बहता हुआ देखा जा सकता है कि विशेषकर रात में अत्याधिक प्रदुषित रसायनीक पानी छोडा जा रहा है परंतु उद्योग द्वारा कॉलोनियां का घरेलु व अपशिष्ट जल को बताकर प्रशासनीक अधिकारियों वे प्रदूषण विभाग के अधिकारियों को संतुष्ट कर दिया जाता है प्रदुषित पानी के कारण ग्रामीण क्षेत्र के भूमिगत जल स्त्रोत प्रदुषित हो चुके है और भूमियां भी बंजर हो रही है।
उद्योगों द्वारा खतरनाक हजारडस्ट वेस्टेज रसायनीक एसिड को अन्यंत्र ट्रीटमेन्ट करने वाले उद्योगों में टैंकरों से पहुंचाया जाता है जिसमें उद्योग द्वारा ट्रांसपोर्टरों को लाखों रूपये दिए जाते है उन्हें ट्रीटमेन्ट प्लान्ट पर ना पहुंवाते हुए टैंकरों के माध्यम से गंदे नालों में अधिकारियों की साठगांठ से रात्री ने छोदा जा रहा है जिसके कारण चम्बल नदी अत्याधिक प्रदुषण से प्रदुषित हो रही है।
एसिड माफियाओं को सत्तारूढ लोगों का संरक्षण प्राप्त है जिसके कारण पुलिस प्रशासन व अन्य अधिकारी उनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं कर रहे है। एसिड माफियाओं का यह तक कहना है कि हम सबको टेंकर के हिसाब से उनका हिस्सा पहुंचा देते है जिससे कि अधिकारी अनदेखी करके इसको बढ़ावा दे रहे है।
ज्ञापन के माध्यम से अनुरोध किया कि एसीड माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के आदेश प्रदान करें। अन्यथा भारतीय किसान युनियन मंच जनहित में आंदोलन के लिये बाध्य होगा।
ज्ञापन देते समय किसान यूनियन जिला अध्यक्ष और जनपद उपाध्यक्ष देवीलाल चन्द्रवंशी सरपंच प्रकाश गुर्जर गोपाल सिंह गुर्जर परमार खेड़ी युवक कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष रवि पटेल रजला विक्रम गुर्जर रवि डोडिया राहुल बना गुराडिया सहित अन्य किसान साथी और ग्रामीण जन उपस्थित रहे

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