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भाजपाइयों धरना था 17 जनवरी को, एसएसपी ने औचक निरीक्षण में 15 जनवरी को किया था पुलिसकर्मियों को सस्पेंड, ऐसे में भाजपाई क्यों थपथपा रहे हैं अपनी पीठ

भाजपाइयों धरना था 17 जनवरी को, एसएसपी ने औचक निरीक्षण में 15 जनवरी को किया था पुलिसकर्मियों को सस्पेंड

ऐसे में भाजपाई क्यों थपथपा रहे हैं अपनी पीठ

जमशेदपुर (झारखंड)। शहर की विधि-व्यवस्था को दुरूस्त करने के मद्देनजर एसएसपी पीयूष पांडेय का क्षेत्र में घुमना और औचक निरीक्षण के दौरान लापरवाही सामने आने पर पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को सस्पेंड करने की घटना 15 जनवरी को घटी थी, लेकिन मामले को राजनीतिक रूप देकर भाजपाई मामले में अपनी ही पीठ थपथपा रहे हैं। वे यह कह रहे हैं कि 17 जनवरी को धरना के बाद इस तरह की पहल एसएसपी पीयूष पांडेय की ओर से की गई है।

जबकि नतिजा बिल्कुल उलट है। सस्पेंड करना और ट्रांसफर-पोस्टिंग करना है रूटीन ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतने पर एसएसपी की ओर से किसी पुलिस अधिकारी या जवान को सस्पेंड करना या ट्रांसफर-पोस्टिंग करना रूटीन ड्यूटी में शामिल हैं। ऐसे में भाजपाइयों का बयान से लोगों भ्रम की स्थित उत्पन्न हो गई है।

विपक्षी पार्टी कर रहे एसएसपी की सराहना
मामले में विपक्षी पार्टी कांग्रेस की बात करें तो वे एसएसपी के कार्यों की सराहना कर रहे हैं। युवा नेता अंकुश बनर्जी का कहना है कि भाजपाई बेवजह अपनी पीठ थपथपा रही है। एसएसपी पीयूष पांडेय जिले में अच्छा काम कर रहे हैं। बेवजह मामले को राजनीतिक रूप देना उचित नहीं है।

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