
जनहितैषी योजनाएं समय पर पूरी करें उप मुख्यमंत्री ने की लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा
रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल मध्य प्रदेश
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ और स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने मंत्रालय भोपाल में स्वास्थ्य अधोसंरचनाओं के निर्माण कार्य, भर्ती प्रक्रिया एवं स्वास्थ्य सेवाओं की वृहद समीकसह की। मेडिकल कॉलेजों, सीएचसी-पीएचसी और अस्पतालों से जुड़े निर्माण कार्य तय समय-सीमा में पूरे किए जाने के निर्देश दिए। आईसीयू बेड, दवाइयों और स्टाफ की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की सतत मॉनिटरिंग करने के लिए कहा।बैठक में चिकित्सा सुविधाओं के निर्माण कार्य, स्टाफ की प्रतिपूर्ति, उपकरणों की उपलब्धता तथा बजटीय प्रबंधन सहित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करते हुए गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने लगभग 4,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से प्रस्तावित पुल, सिविल वर्क्स, 22 सीएचसी पीएचसी इकाइयों तथा 94 सीएचसी के निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने सभी परियोजनाओं की नियमित और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। साथ ही विभिन्न लंबित निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। चिकित्सा सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा के सुदृढ़ीकरण के लिए पर्याप्त मानव संसाधन की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। इस दिशा में एमबीबीएस डॉक्टरों, चिकित्सा अधिकारियों (एमओ) एवं नर्सिंग स्टाफ की कमी को दूर करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बैठक में उज्जैन, इंदौर, रीवा, जबलपुर, ग्वालियर एवं सागर सहित विभिन्न जिलों में नए नर्सिंग कॉलेजों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की गई और सभी मेडिकल कॉलेजों में आवश्यक स्टाफ की नियुक्ति और रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती के निर्देश दिए। रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आधुनिक चिकित्सा उपकरणों एवं आवश्यक दवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अस्पतालों में आईसीयू बेड, वेंटिलेटर सहित अन्य आवश्यक उपकरणों की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए तथा ऑक्सीजन प्लांट और गैस सप्लाई प्रणालियों की कार्यशील स्थिति की नियमित समीक्षा की जाए। इसके साथ ही दवाओं एवं अन्य आवश्यक सामग्रियों के भंडारण और वितरण की नियमित निगरानी के निर्देश भी दिए गए।वित्तीय प्रबंधन के अंतर्गत विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के लिए बजटीय प्रावधानों की समीक्षा की। लंबित भुगतानों के शीघ्र निपटान और केंद्र एवं राज्य सरकार के अंशदान से संबंधित प्रस्तावों को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।