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भेलारा में भ्रष्टाचार का 'नंगा नाच': राजभर बस्ती में कागजों पर 9 इंच, जमीन पर 4 इंच की 'सफेद' दीवार

भेलारा में भ्रष्टाचार का 'नंगा नाच': राजभर बस्ती में कागजों पर 9 इंच, जमीन पर 4 इंच की 'सफेद' दीवार
​भेलारा : विकास के नाम पर सरकारी धन की बंदरबांट और भ्रष्टाचार का खेल भेलारा ग्राम सभा में थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला अखंड नगर के भेलारा स्थित राजभर बस्ती का है, जहाँ नाली निर्माण में मानकों की ऐसी धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं कि भविष्य में इसके अस्तित्व पर अभी से सवालिया निशान लग गए हैं।
​मानकों का कत्लेआम: सफेद बालू और थर्ड क्लास ईंट का खेल
​ग्रामीणों ने मौके पर जाकर निर्माण कार्य की पोल खोल दी है। नाली निर्माण के तकनीकी मानकों के अनुसार जहाँ 9 इंच की मजबूत दीवार होनी चाहिए थी, वहीं ठेकेदार और जिम्मेदार मिलीभगत कर मात्र 4 इंच की दीवार खड़ी कर रहे हैं। इतना ही नहीं, निर्माण में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता इतनी घटिया है कि उसे देखकर ही भ्रष्टाचार साफ झलकता है:
​सफेद बालू का प्रयोग: सीमेंट के साथ लाल मौरंग या अच्छी गुणवत्ता वाली बालू के बजाय बेहद सस्ती और कमजोर 'सफेद बालू' का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है।
​थर्ड क्लास ईंटें: निर्माण में सबसे निचले स्तर की ईंटों (पीला/चटका) का प्रयोग किया जा रहा है, जो पानी लगते ही झड़ने लगती हैं।
​प्रधान और जिम्मेदारों की चुप्पी पर सवाल
​राजभर बस्ती के लोगों का आरोप है कि नाली निर्माण में हो रही इस धांधली की शिकायत के बावजूद निर्माण कार्य को सही नहीं कराया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि भ्रष्टाचार के इस 'सफेद खेल' में ऊपर से नीचे तक सबकी साठगांठ है। सरकारी बजट को ठिकाने लगाने के लिए जनता की गाढ़ी कमाई का दुरुपयोग किया जा रहा है और मानक विहीन नाली पहली बरसात भी नहीं झेल पाएगी।
​ग्रामीणों में भारी आक्रोश
​बस्ती के निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस घटिया निर्माण को रोककर मानकों के अनुरूप (9 इंच की दीवार और उचित सामग्री) कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे सामूहिक रूप से विकास खंड अधिकारी (BDO) और जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव करेंगे।
​"सरकारी पैसे की ऐसी लूट हमने आज तक नहीं देखी। राजभर बस्ती के साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है। घटिया ईंट और सफेद बालू से बनी यह नाली दो दिन भी नहीं टिकेगी।" — स्थानीय ग्रामीण

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