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भेलारा: आवास के नाम पर अवैध वसूली का आरोप, ग्राम प्रधान पर ₹10,000 लेने की शिकायत

भेलारा: आवास के नाम पर अवैध वसूली का आरोप, ग्राम प्रधान पर ₹10,000 लेने की शिकायत
​ अखंडनगर/ भेलारा (बस्ती): विकास खंड के ग्राम सभा भेलारा में सरकारी आवास योजना में भ्रष्टाचार का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। गांव के निवासी विजयभान पुत्र राम मनोहर ने ग्राम प्रधान बलिराम पर आवास दिलाने के नाम पर रिश्वत लेने का गंभीर आरोप लगाया है।
​क्या है पूरा मामला?
​विजयभान के अनुसार, ग्राम प्रधान बलिराम ने उन्हें सरकारी कॉलोनी (आवास) आवंटित कराने का भरोसा दिया था, जिसके बदले में उनसे ₹20,000 की मांग की गई और वसूली गई।
​जब पीड़ित विजयभान ने इस लेनदेन का जिक्र अन्य ग्रामीणों से किया और मामला तूल पकड़ने लगा, तो आरोपी प्रधान ने दबाव में आकर ₹10,000 वापस कर दिए। हालांकि, शेष ₹10,000 अभी भी प्रधान के पास हैं, जिसे वापस करने में वे आनाकानी कर रहे हैं।
​सामूहिक वसूली का आरोप
​पीड़ित विजयभान ने केवल अपनी ही नहीं, बल्कि पूरे गांव की स्थिति को उजागर करते हुए बताया कि:
​"गांव में जिसकी भी कॉलोनी आई है, उन सभी से प्रधान द्वारा अवैध रूप से पैसों की वसूली की गई है। बिना सुविधा शुल्क (रिश्वत) लिए किसी को भी योजना का लाभ नहीं दिया जा रहा है।"
​ग्रामीणों में आक्रोश
​इस खुलासे के बाद गांव में हड़कंप मचा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि योगी सरकार गरीबों को छत देने के लिए पैसे भेज रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर बलिराम प्रधान जैसे प्रतिनिधि अपनी जेबें भरने में लगे हैं।
​पीड़ित ने अब इस मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों और मुख्यमंत्री पोर्टल पर करने का मन बनाया है ताकि भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सके और गरीबों का हक उन्हें वापस मिल सके।

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