
डॉ. विपुल कुमार भवालिया को मिला अंतरराष्ट्रीय अटल साहित्यिक रत्न सम्मान
अलवर । अंतरराष्ट्रीय सरस्वती साहित्य समिति (पंजीकृत), लखनऊ द्वारा साहित्य, शिक्षा एवं सामाजिक चेतना के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रसिद्ध साहित्यकार, कवि, शिक्षाविद् एवं वक्ता डॉ. विपुल कुमार भवालिया को “अंतरराष्ट्रीय अटल साहित्यिक रत्न सम्मान” से ऑनलाइन सम्मानित किया गया है।
यह सम्मान समिति द्वारा दिनांक 30 दिसंबर 2025 को प्रदान किया गया। समिति ने डॉ. भवालिया के निरंतर साहित्य-साधना, सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रचनात्मक सक्रियता तथा सेवा-भाव को इस सम्मान का आधार बताया। सम्मान-पत्र में उनके निःस्वार्थ समर्पण, मानवीय मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता और समाज के उत्थान हेतु किए गए प्रयासों की सराहना की गई है।
डॉ. विपुल कुमार भवालिया एक सशक्त साहित्यिक व्यक्तित्व हैं, जो कविता, समीक्षा, आलेख तथा प्रेरक वक्तव्यों के माध्यम से समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान कर रहे हैं। वे शिक्षा एवं साहित्य को सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम मानते हुए निरंतर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
इस उपलब्धि पर साहित्यिक, शैक्षणिक एवं सामाजिक जगत से जुड़े अनेक गणमान्यजनों ने उन्हें शुभकामनाएँ देते हुए इसे साहित्य-जगत के लिए गौरव का विषय बताया है। सम्मान प्राप्त होने पर डॉ. भवालिया ने अंतरराष्ट्रीय सरस्वती साहित्य समिति के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें साहित्य और समाज-सेवा के क्षेत्र में और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करेगा।