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कोटा अभिभाषक परिषद चुनाव: अनुभव और युवा नेतृत्व के बीच संतुलित मुकाबला

KOTA | अभिभाषक परिषद कोटा के आगामी चुनाव में इस बार मुकाबला बेहद रोचक हो गया है। तीन सीनियर और एक जूनियर उम्मीदवार के बीच कड़ा संघर्ष दिखाई दे रहा है, वहीं अधिवक्ताओं का यह स्पष्ट मत है कि संगठन को नए विचारों और युवा नेतृत्व की आवश्यकता है। अधिवक्ताओं का कहना है कि अब ऐसे लोगों को मौका मिलना चाहिए जो केवल चुनावी समय में बड़े वादे न करें, बल्कि पूरे कार्यकाल में सक्रिय रहकर संगठन को मजबूत बनाएं। उनका मानना है कि लंबा अनुभव हमेशा निर्णायक नहीं होता, बल्कि हौंसला, व्यवहारिकता और पारदर्शी नेतृत्व ही सही पहचान है।

वर्तमान परिस्थितियों में पूरा चुनाव माहौल साइलेंट मोड में है और यह कहना मुश्किल है कि ऊंट किस करवट बैठेगा, लेकिन ताजा सर्वे रिपोर्ट में युवा, महिलाएं और अनुभवी अधिवक्ता खुलकर पूर्व उपाध्यक्ष अतीश सक्सेना के समर्थन में दिखाई दे रहे हैं। चुनावी मैदान में गोपाल दत्त शर्मा, जो पूर्व में एक बार चुनाव हार चुके हैं; बृजराज सिंह, जो अध्यक्ष पद संभाल चुके हैं; और भारत सिंह अडसेला, जो अचानक चर्चा में आए हैं, अपनी-अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। वहीं अतीश सक्सेना अपने तुर्क वक्तव्य, बेबाक अंदाज और लगातार सक्रिय भूमिका के कारण सबसे अलग पहचान बना रहे हैं।

हालांकि बाहरी दावों में गोपाल दत्त शर्मा और भारत सिंह अडसेला के बीच कड़ी टक्कर बताई जा रही है, लेकिन भीतरखाने चर्चाओं में यह माना जा रहा है कि इस बार अतीश सक्सेना एक बड़ा बदलाव ला सकते हैं। अब यह बदलाव वास्तविक रूप लेता है या नहीं, इसका निर्णय आगामी परिणाम बताएंगे।

12 दिसंबर शुक्रवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक मतदान होगा और 13 दिसंबर को मतगणना निर्धारित है। चुनाव के अंतिम दौर में सभी उम्मीदवार अपनी पूरी ताकत झोंक चुके हैं और पूरे परिसर में चुनावी माहौल चरम पर पहुंच चुका है।

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