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जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल एवं स्वच्छता विभाग

🔹पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में टाउन हॉल, गढ़वा में प्रखंड विकास पदाधिकारियों, मुखिया, पंचायत सचिव, जलसहिया समेत अन्य के साथ संवाद कार्यक्रम का हुआ आयोजन

🔹प्रधान सचिव ने मुखिया, पंचायत सचिव व संबंधित पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को जल जीवन मिशन एवं स्वच्छ भारत मिशन के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं से कराया अवगत

🔹 योजनाओं की पूर्णता हेतु पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को अपने दायित्व एवं जवाबदेही के अनुरूप कार्य करने की कही बात सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, मुखिया, पंचायत सचिव एवं जलसहिया दीदियों के साथ संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया

जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, गढ़वा द्वारा टाऊन हॉल के भवन परिसर में सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, मुखिया, पंचायत सचिव एवं जलसहिया दीदियों के साथ संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रधान सचिव, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, झारखंड सरकार मस्त राम मीणा एवं अभियान निदेशक, जल जीवन मिशन, झारखंड सरकार, रमेश घोलप मुख्य रूप से कार्यक्रम में शामिल हुए। उपायुक्त दिनेश कुमार यादव के द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया एवं संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, झारखंड के प्रधान सचिव मस्त राम मीणा ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि हम सभी जानते हैं कि जल ही जीवन है परन्तु पानी तभी जीवनदायी है जब वो शुद्ध और सुरक्षित है। भारत सरकार ने जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन की शुरूआत इसलिये की है ताकि हर घर तक नल से शुद्ध जल पहुँचे और हर गांव स्वच्छ और स्वस्थ बनें। झारखण्ड जैसे प्राकृतिक संसाधन संपन्न और सुसज्जित राज्य के लिए यह मिशन और भी अहम है। जल जीवन मिशन का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक नल से स्वच्छ पेयजलापूर्ति सुनिश्चित करना है। उन्होंने राज्य सरकार की बहू ग्रामीण जलापूर्ति योजना का संचालन एवं रखरखाव नीति 2025 के संबंध में सभी को जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने संवाद कार्यक्रम के आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए सभी को जल जीवन मिशन के उद्देश्यों की पूर्ति करते हुए शत प्रतिशत घरों तक जलापूर्ति कनेक्शन सुनिश्चित करने को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की। उन्होंने योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में सभी से सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जलापूर्ति योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव में समुदाय की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे जुड़ी विभिन्न प्रमुख पहलूओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने योजना के अंतर्गत नल, जलमीनार, टंकी आदि के मेंटेनेंस, रख रखाव व क्रियान्वयन को लेकर मुखिया, पंचायत सचिव, जल सहिया, प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों की भूमिका को विस्तार से बताया। इस दौरान उनके द्वारा बताया गया कि मुखिया और जलसहिया जो भी अच्छा प्रदर्शन करेंगे उन्हें राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। साथ ही बेहतर कार्य व योजनाओं के तहत अच्छा प्रदर्शन करने पर जलसहिया दीदियों के मानदेय में वृद्धि करने का भी आश्वासन दिया।

संवाद कार्यक्रम के दौरान जल जीवन मिशन के अभियान निदेशक रमेश घोलप ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि गढ़वा जिला ने हर घर नल से जल देने में झारखंड में 15वां स्थान प्राप्त किया है, जिसमें आवश्यक सुधार अपेक्षित है। उन्होंने रचनात्मक तरीके से कार्य करने को लेकर संवाद कार्यक्रम के दौरान कई उदाहरण दिए। उन्होंने कहा कि संवाद कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों व योजना में संलग्न अन्य लोगों द्वारा जो भी समस्याएं रखी गई हैं, उनके निष्पादन पर विभाग द्वारा त्वरित कार्य किया जायेगा। मौके पर उन्होंने जल के महत्व को समझने एवं सोच समझकर जल का उपयोग करने की सभी से अपील की। साथ ही उनके द्वारा जल जीवन मिशन के तहत हो रहे कार्यों को लेकर भी कई जानकारियां सभी के साथ साझा की गई।

उपायुक्त दिनेश कुमार यादव ने सभी को जानकारी देते हुए बताया कि गढ़वा जिला अन्तर्गत 20 प्रखण्डों के 820 ग्रामों में बहु ग्रामीण जलापूर्ति योजना तथा एकल ग्रामीण जलापूर्ति योजना से आच्छादित करने का कार्य किया जा रहा है। अभी तक गढ़वा जिला के निर्धारित गृह जल संयोजन 312222 के विरूद्ध 199365 घर में FHTC का कार्य किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि योजना पूर्ण होने के उपरान्त भी 05 वर्षों तक योजनाओं की मरम्मति एवं सम्पोषण कार्य संवेदक के द्वारा किया जायेगा। प्रत्येक योजनाओं को पूर्णता के पश्चात हस्तान्तरित किया जाना है, जिसके रख-रखाव का कार्य हर ग्राम में गठित ग्राम जल स्वच्छता समिति का दायित्व है। योजनाओं के मरम्मति एवं सम्पोषण का कार्य संवेदक द्वारा पूर्ण करने के उपरान्त पंचायती राज विभाग द्वारा इन सभी योजनाओं का देख-रेख किया जायेगा। गढ़वा जिला के सभी गांव खुले में शौच मुक्त घोषित हो चुका है, स्वच्छ भारत मिशन फेज-2 अन्तर्गत ओ०डी०एफ० प्लस अन्तर्गत छुटे हुए लाभुकों का शौचालय का निर्माण, नाडेप, वर्मी कम्पोस्ट सोख्ता गड्ढा आदि का कार्य विभिन्न विभागों के आपसी समन्वय से कार्य संचालित किया जा रहा है। इस दौरान अपने संबोधन में उपायुक्त ने सभी को संवाद कार्यक्रम के उद्देश्यों की जानकारी दी एवं कार्यक्रम के दौरान जो भी बातें बताई जा रही है उन्हें ध्यानपूर्वक सुनने, समझने एवं क्रियान्वित करने हेतु सभी से अपील की।

संवाद कार्यक्रम के दौरान विभिन्न पंचायतों के मुखिया एवं जल सहिया द्वारा जल जीवन मिशन के तहत अपने क्षेत्रों में जलापूर्ति व्यवस्था से जुड़े लोगों को प्रेरित करने वाले अनुभव साझा किए गए। कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त के द्वारा प्रधान सचिव व अभियान निदेशक को पौधा भेंट कर अभिवादन किया गया। इस दौरान योजना से संबंधित किसी भी समस्या के समाधान हेतु लोगों के बीच टॉल फ्री नंबर 1800 1800 404 एवं 1800 34565 02 भी साझा किया गया।

उक्त संवाद कार्यक्रम में उपरोक्त पदाधिकारियों के अतिरिक्त स्वच्छ भारत मिशन के निदेशक मनोहर मरांडी, अपर समाहर्ता राज महेश्वरम, अधीक्षण अभियंता राजमोहन सिंह, कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल अजय कुमार सिंह, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सहायक अभियंता एवं सभी कनीय अभियंता, स्वच्छ भारत मिशन से संबंधित स्टेट कोऑर्डिनेटर, डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर, जल जांच से संबंधित कर्मी, जनप्रतिनिधि, जलसहिया दीदी आदी उपस्थिति रहें।

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