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राष्ट्रीय मानव तस्करी जागरूकता दिवस के अवसर पर जागरूकता शिविर का आयोजन कर छात्र छात्राओं को दी कानून जानकारी राष्ट्र

राष्ट्रीय मानव तस्करी जागरूकता दिवस के अवसर पर जागरूकता शिविर का आयोजन कर छात्र छात्राओं को दी कानून जानकारी

राष्ट्रीय मानव तस्करी जागरूकता दिवस के अवसर पर एक्शन एड - यूनिसेफ एवं नेहरू युवा केंद्र करौली के संयुक्त तत्वावधान में स्वतंत्रता सेनानी चिरंजी लाल शर्मा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय करौली में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया एक्शन एड एवं यूनिसेफ के जिला समन्वयक दिनेश कुमार बैरवा ने बताया है कि हर साल 11 जनवरी को राष्ट्रीय मानव तस्करी जागरूकता दिवस (National Human Trafficking Awareness Day) के रूप में मनाया जाता है। यह दिन मानव तस्करी के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए है। इस दिन का उद्देश्य मानव तस्करी पीड़ितों की दुर्दशा के बारे में जागरूकता बढ़ाना और उनके अधिकारों को बढ़ावा देना और उनकी रक्षा करना है। हालांकि जनवरी के पूरे महीने को पहले ही राष्ट्रीय दासता और मानव तस्करी रोकथाम माह के रूप में मान्यता दी जा चुकी है, यह दिन विशेष रूप से जागरूकता और अवैध अभ्यास की रोकथाम के लिए समर्पित है। जिला युवाधिकारी नेहरू युवा केंद्र शरद त्रिपाठी ने राष्ट्रीय मानव तस्करी जागरूकता दिवस 2024- महत्व और फोकस के बारे में जानकारी देतें हुए कहा कि मानव तस्करी का सबसे प्रचलित रूप यौन शोषण है, जो महिलाओं को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करता है। जागरूकता बढ़ाने, सुरक्षा उपायों को कड़ा करने और दुनिया भर में अनगिनत व्यक्तियों के विस्थापन को रोकने के लिए यह दिन बहुत महत्व रखता है। पीड़ितों की दुर्दशा को समझकर और सहानुभूति को बढ़ावा देकर, हम उनके पुनर्वास में योगदान दे सकते हैं और नियमित जीवन को पुनः प्राप्त करने की दिशा में उनकी यात्रा का समर्थन कर सकते हैं।
मानव तस्करी विरोधी यूनिट प्रभारी रवि कुमार ने मानव तस्करी जागरूकता दिवस के इतिहास के बारें में बताया कि 2007 में, संयुक्त राज्य अमेरिका की सीनेट ने 11 जनवरी को राष्ट्रीय मानव तस्करी जागरूकता दिवस के रूप में स्थापित करने के प्रस्ताव की पुष्टि की। 2010 में, राष्ट्रपति ओबामा (Obama) ने मानव तस्करी के प्रति जागरूकता और रोकथाम के लिए जनवरी का पूरा महीना समर्पित किया। आज, 50 से अधिक स्थापित संगठन हैं जो विश्व स्तर पर इस अवैध प्रथा का मुकाबला करते हैं, और पहले से कहीं अधिक जागरूकता बढ़ाई जा रही है इस अवसर पर जिला समन्वयक दिनेश कुमार बैरवा ने बाल संरक्षण अधिनियम 2012 बच्चों को यौन अपराधों और यौन शोषण से बचाने के लिए विशेष कानून के संबंध में जानकारी देते हुए भारतीय दंड संहिता के धारा 372 और 373 में वेश्यावृत्ति के उद्देश्य से लड़कियों को बेचने और खरीदने के रोकथाम से संबंधित प्रावधान अधिनियमित किए जाने एवं सायबर अपराध के बारें में जानकारी देतें हुए बाल संरक्षण को प्रभावी बनाने एवं बाल श्रम, बाल तस्करी की रोकथाम के संबंध में जानकारी दी गई इस अवसर पर महेश कुमार शर्मा प्रधानाचार्य एवं मानसिंह मीणा डीओ फिजिकल ने उपस्थित सभी छात्र छात्राओं को मानव तस्करी, बाल तस्करी, बाल संरक्षण एवं बाल श्रम के मुद्दों पर सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया गया इस अवसर पर विद्यालय के समस्त अध्यापक, अध्यापिकाओं के साथ छात्र छात्राएं उपस्थित रहें है।

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