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प्रदेश के थैलेसीमिया ग्रसित बच्चों हेतु बोन मैरो ट्रांसप्लांट सुविधा उपलब्ध कराने के संबंध में एम.ओ.यू.

प्रदेश के थैलेसीमिया ग्रसित बच्चों को निःशुल्क बोन मैरो ट्रांसप्लांट सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आज राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्यप्रदेश एवं मेदांता फाउंडेशन, नई दिल्ली के मध्य एक समझौता ज्ञापन (एम.ओ.यू.) संपादित किया गया।

एम.ओ.यू. के अंतर्गत प्रथम चरण में प्रदेश के थैलेसीमिया ग्रसित बच्चों के लिए इंदौर, उज्जैन एवं देवास जिलों में मेदांता फाउंडेशन द्वारा HLA टाइपिंग जांच हेतु विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा। जांच उपरांत चिन्हित पात्र बच्चों को मेदांता फाउंडेशन, नई दिल्ली स्थित अस्पताल में निःशुल्क बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा प्रदान की जाएगी।

साथ ही, मेदांता फाउंडेशन के विषय विशेषज्ञों द्वारा आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने के साथ-साथ समय-समय पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को तकनीकी सहयोग भी प्रदान किया जाएगा।

यह पहल प्रदेश के थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को जीवनरक्षक एवं उन्नत उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय कदम है।

Dr Mohan Yadav CM Madhya Pradesh Ministry of Health and Family Welfare, Government of India Rajendra Shukla Narendra Shivaji Patel Jansampark Madhya Pradesh Collector Office Indore Collector Office Ujjain Collector Dewas Medanta
#थैलेसीमिया_मुक्त_मध्यप्रदेश #MadhyaPradesh #HealthForAll

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कलेक्टर की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न

हर घर नल से जल पहुँचाना सर्वोच्च प्राथमिकता – कलेक्टर

प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समन्वय से ही योजनाओं का सफल क्रियान्वयन संभव – सांसद शिवमंगल सिंह तोमर

जल जीवन मिशन जिला स्तरीय समीक्षा बैठक कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में नल–जल योजनाओं की अद्यतन स्थिति, भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, हैंडओवर की प्रक्रिया, लंबित कार्यों, भुगतान संबंधी समस्याओं तथा फील्ड स्तर पर आ रही व्यावहारिक चुनौतियों की गहन समीक्षा की गई।

बैठक में सांसद श्री शिवमंगल सिंह तोमर भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन जैसी कल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ जनता तक पहुँचाने के लिए प्रशासन और शासन को मिलकर गंभीरता से कार्य करना होगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे ग्राउंड लेवल पर जाकर आमजन की समस्याओं को समझें, जनप्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित करें और ठोस एवं व्यावहारिक कार्ययोजना बनाकर योजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि तभी नल–जल योजना का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग और प्रत्येक परिवार तक सुनिश्चित हो सकेगा।

कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने समीक्षा के दौरान स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जो भी नल–जल योजनाएं अधूरी हैं, उन्हें तत्काल प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जाए। उन्होंने पालन प्रतिवेदन के माध्यम से 6 माह से बंद पड़े कार्यों, उनमें आ रही भुगतान संबंधी समस्याओं तथा हैंडओवर की स्थिति की जानकारी ली। कलेक्टर ने कहा कि जिन योजनाओं का हैंडओवर हो चुका है, उनकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित पंचायतों की होगी। पंचायतें यह सुनिश्चित करें कि छोटी–मोटी खराबियों के कारण कहीं भी पेयजल आपूर्ति बाधित न हो।

कलेक्टर ने फॉल्स रिपोर्टिंग पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर गलत या भ्रामक जानकारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पाइपलाइन की गुणवत्ता, प्रेशर टेस्टिंग, मशीनरी की कार्यशील स्थिति तथा रोड रिस्टोरेशन कार्यों की गुणवत्ता की गंभीरता से जांच करने के निर्देश दिए,जहां भी पेयजल आपूर्ति बंद है, वहां पंचायतों द्वारा तत्काल मरम्मत कर जलापूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में ग्रामों के आच्छादन की कार्ययोजना, एकल ग्राम नल–जल योजनाओं की भौतिक प्रगति, एफएचटीसी लक्ष्यों की पूर्ति, सहायक यंत्री एवं उपयंत्रीवार प्रगति, पूर्ण एवं प्रमाणीकृत हस्तांतरित योजनाओं, हस्तांतरण हेतु प्रस्तावित पूर्ण योजनाओं तथा प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। इसके साथ ही पुनरीक्षित योजनाओं की अद्यतन सूची, रोड रिस्टोरेशन की प्रगति तथा धरती आबा एवं पीवीटीजी बस्तियों में चल रहे कार्यों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

कलेक्टर ने ईई पीएचई को निर्देश दिए कि 25 जनवरी तक शेष कार्यों को पूर्ण करने का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करें और उसकी नियमित एवं सघन मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने स्कूलों एवं आंगनबाड़ियों में नल कनेक्शन की शत–प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा जहां आवश्यकता हो वहां नलों एवं संबंधित उपकरणों की मरम्मत तत्काल कराने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान कलेक्टर ने फील्ड विजिट बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि ग्राउंड लेवल पर जाकर ही वास्तविक समस्याओं की पहचान संभव है। उन्होंने ईई, एसडीओ, सब इंजीनियर एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से फील्ड में जाकर कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और जनता को हो रही असुविधाओं का निरीक्षण करें, ताकि योजनाओं का प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री कमलेश कुमार भार्गव, मुरैना एवं जौरा विधायकों की तरफ से प्रतिनिधि, कार्यपालन यंत्री पीएचई श्री जितेंद्र मिश्रा, कृषि, जनजातीय, सिंचाई विभाग के जिला अधिकारी, पीएचई विभाग के एसडीओ एवं सब इंजीनियर सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर ने कहा कि जल जीवन मिशन एक क्रांतिकारी योजना है, जिसका उद्देश्य हर घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुँचाना है। यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि इस योजना का क्रियान्वयन निर्धारित मापदंडों, गुणवत्ता एवं समयसीमा के अनुरूप हो, ताकि आम जनता को इसका स्थायी और वास्तविक लाभ मिल सके।
#morena2025 #Morena #MadhyaPradesh #collector #कलेक्टर #cmmadhyapradesh

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"कुर्सी मौन है, मगर काम बोल रहा है,
पिंकी फाउंडेशन के साथ, नया चिरकुंडा डोल रहा है!"
जब वादे सो रहे थे, तब किसने जगाया उम्मीद का सूरज?चुनाव बीत गए, शोर थम गया और विकास की फाइलें धूल फांकने लगीं। लेकिन इस सन्नाटे के बीच, चिरकुंडा के 21 वार्डों में एक नई हलचल है। बिना किसी सरकारी कुर्सी के, 'पिंकी फाउंडेशन' ने वह कर दिखाया जो बड़े-बड़े पद नहीं कर सके।
नारी शक्ति का उदय: 'कल्पना सोरेन' वाली सोच
पिंकी फाउंडेशन ने साबित किया कि विकास के लिए सत्ता नहीं, नीयत चाहिए। फाउंडेशन ने 20-25 महिलाओं को रोजगार देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया है। यह पहल चीख-चीख कर कह रही है कि चिरकुंडा को अब 'कल्पना सोरेन' जैसा नेतृत्व चाहिए—जो 'मईया सम्मान' की तरह हर महिला का दर्द समझे और जिसके दिल में सत्ता का अहंकार नहीं, सेवा का भाव हो।
रविवार को गवाह बना चिरकुंडा: 'दिशोम गुरु' के जन्मदिन पर अनूठी सेवा
बीते रविवार, जब पूरा राज्य 'दिशोम गुरु' शिबू सोरेन जी का जन्मदिन मना रहा था, पिंकी फाउंडेशन ने इसे 'सेवा पर्व' में बदल दिया:
500 लोगों को गर्माहट: वार्ड नंबर 1 से 21 तक कड़ाके की ठंड में 500 जरूरतमंदों को कंबल ओढ़ाकर इंसानियत का फर्ज निभाया।
वादे की जीत: सबसे भावुक पल वह था जब फाउंडेशन ने अपना पुराना वादा पूरा किया। एक जरूरतमंद दिव्यांग भाई को 2 व्हीलचेयर सौंपकर यह साबित कर दिया कि यहाँ "जो कहा जाता है, वो किया जाता है।"

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प्रतिनिधी. अनिकेत मेस्त्री

[ गुहागर | १२ जानेवारी २०२६ ]

✍️ अनिकेत मेस्त्री

स्वामी विवेकानंद यांच्या १६३व्या जयंतीनिमित्त गुहागर येथील श्री देव गोपाळकृष्ण माध्यमिक विद्यामंदिरात दिवाणी न्यायालय (क) स्तर, गुहागर येथील विधी सेवा समितीच्या वतीने मार्गदर्शन शिबिराचे आयोजन करण्यात आले होते.

या शिबिरात गुहागर येथील वकील सुप्रिया सुरेश वाघधरे यांनी विद्यार्थ्यांना स्वामी विवेकानंद यांच्या जीवनकार्याची ओळख करून दिली. युवकांकडून असलेल्या अपेक्षा स्पष्ट करत त्यांनी शालेय जीवनातच स्वतःसाठी ठोस ध्येय निश्चित करून त्या ध्येयाच्या दिशेने सातत्याने कसा पाठपुरावा करावा, याविषयी सखोल मार्गदर्शन केले. स्वतःच्या जीवनातील अनुभव सांगत निश्चित ध्येय ठेवल्यास कोणतेही स्वप्न साकार करता येते, असे त्यांनी विद्यार्थ्यांना प्रेरणादायी उदाहरणासह सांगितले.

यावेळी पंचायत समितीचे किरण शिंदे यांनीही विद्यार्थ्यांशी संवाद साधत नागरिक शिष्टाचाराचे महत्त्व स्पष्ट केले. समाजातील जबाबदार नागरिक म्हणून वागण्यासाठी शिस्त, कर्तव्यभावना आणि कायद्याची जाणीव किती आवश्यक आहे, यावर त्यांनी भर दिला.

सदर मार्गदर्शन शिबिराचे आयोजन दिवाणी न्यायालय (क) स्तर, गुहागर येथील विधी सेवा समितीच्या वतीने करण्यात आले होते. विद्यार्थ्यांनी या शिबिराला उत्स्फूर्त प्रतिसाद दिला.

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राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य के ईको-सेंसिटिव ज़ोन हेतु जोनल मास्टर प्लान पर मॉनिटरिंग समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न

जोनल मास्टर प्लान स्पष्ट, व्यावहारिक एवं क्षेत्र-विशेष आधारित हो- कमिश्नर

मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा प्रदेश के 26 राष्ट्रीय उद्यानों एवं वन्यजीव अभयारण्यों सहित राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य के पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्रों (ईको सेंसटिव जोन) के लिए जोनल मास्टर प्लान तैयार किए जाने की प्रक्रिया प्रगति पर है। इसी क्रम में राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य को भी ईएसजेड मास्टर प्लान की तैयारी हेतु सम्मिलित किया गया है। राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य के लिए आवश्यक आधारभूत (बेसलाइन) अध्ययन परामर्शदाता संस्था मैसर्स सांई कंसल्टिंग इंजीनियर्स प्रा. लि. द्वारा पूर्ण कर लिए गए हैं। परामर्शदाता द्वारा तैयार की गई जोनल मास्टर प्लान की मसौदा रिपोर्ट संबंधित कार्यालय में प्रस्तुत की जा चुकी है। इस मसौदा रिपोर्ट के परीक्षण, समीक्षा एवं सुझावों के लिए गुरूवार को कमिश्नर कार्यालय, चंबल संभाग के सभागार में आयुक्त चंबल संभाग श्री सुरेश कुमार की अध्यक्षता में मॉनिटरिंग समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में मुरैना कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़, ग्वालियर के मुख्य वन संरक्षक श्री ललित भारती, वनमंडलाधिकारी मुरैना श्री हरीश चंद्र बघेल, कंसल्टेंसी की एनजीओ सैजल लोया, एसडीओ फॉरेस्ट श्री मधु सिंह सिसौदिया उपायुक्त राजस्व श्री बीएस जाटव सहित ईको-सेंसिटिव ज़ोन से जुड़े संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। वीसी के माध्यम से भिंड कलेक्टर श्री किरोड़ी लाल मीणा, श्योपुर कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा सहित संबंधित अधिकारी भी जुड़े हुये थे।
बैठक को संबोधित करते हुए कमिश्नर श्री सुरेश कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य का ईको-सेंसिटिव ज़ोन पहले ही अधिसूचित किया जा चुका है तथा इस क्षेत्र के सुव्यवस्थित, संतुलित एवं पर्यावरण-अनुकूल विकास के लिए जोनल मास्टर प्लान तैयार किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि अहमदाबाद से आई परामर्शदाता कंपनी द्वारा विस्तृत प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया गया, जिसमें ईएसजेड क्षेत्र एवं उसके आसपास प्रस्तावित विकास गतिविधियों, अनुमत कार्यों एवं प्रतिबंधित गतिविधियों की जानकारी दी गई। प्रेजेंटेशन के माध्यम से यह भी अवगत कराया गया कि राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य के विकास हेतु सुझाई गई गाइडलाइंस, पेंच एवं सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व में लागू व्यवस्थाओं के अनुरूप होंगी, जिससे जैव विविधता संरक्षण के साथ-साथ सतत पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सके।
कमिश्नर श्री सुरेश कुमार ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जोनल मास्टर प्लान स्पष्ट, व्यावहारिक एवं क्षेत्र-विशेष आधारित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेसलाइन सर्वे की संपूर्ण जानकारी संबंधित तीनों जिलों के कलेक्टरों के साथ साझा की जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कौन-कौन से गांव एवं क्षेत्र ईको-सेंसिटिव ज़ोन के अंतर्गत आ रहे हैं। इसके साथ ही, सभी प्रभावित हितधारकों की विस्तृत सूची तैयार कर उनका स्पष्ट उल्लेख मास्टर प्लान में किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि ईएसजेड क्षेत्र की गांव-वार एवं सर्वे नंबर-वार मैपिंग की जाए तथा रेवेन्यू मैप के साथ इसका समन्वय सुनिश्चित किया जाए। संबंधित राजस्व विभागीय अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर कंटूर मैप तैयार करने के निर्देश भी दिए गए, जिससे भविष्य की योजना निर्माण प्रक्रिया में सहूलियत हो सके। प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी कलेक्टरों द्वारा रिकॉर्ड में फीड की जाए, ताकि दीर्घकालिक योजना तैयार करने में सुविधा मिल सके।
कमिश्नर ने चंबल नदी के दक्षिणी क्षेत्र से संबंधित आंकड़ों के सत्यापन हेतु परामर्शदाता कंपनी को संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि ईएसजेड क्षेत्र के 1 से 2 किलोमीटर के दायरे में प्रस्तावित औद्योगिक गतिविधियों के संदर्भ में एमपीआईडीसी के प्रस्तावों के साथ भी समन्वय किया जाए, ताकि जोनल मास्टर प्लान एकीकृत एवं संतुलित रूप से तैयार किया जा सके। राजघाट पर प्रस्तावित इंटेक वेल से संबंधित समस्त तकनीकी एवं भौगोलिक विवरणों की जांच कर उन्हें मास्टर प्लान में सम्मिलित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मॉनिटरिंग समिति के सभी सदस्य अपने-अपने विभागीय सुझाव एवं टिप्पणियाँ लिखित रूप में प्रस्तुत करेंगे, ताकि उन पर गहन विचार-विमर्श कर अंतिम मसौदा तैयार किया जा सके।
बैठक के दौरान संभावित पर्यटन गतिविधियों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। इसमें लो-इम्पैक्ट टूरिज्म, ग्रामीण पर्यटन, सोशियो-फॉरेस्ट्री, इको-फ्रेंडली रिसॉर्ट गतिविधियाँ, नेचर ट्रेल एवं पाथवे निर्माण, सीमित एवं नियंत्रित जल-आधारित गतिविधियाँ, पर्यटन सहायक अधोसंरचना का विकास, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, वाटरशेड मैनेजमेंट तथा चयनित क्षेत्रों में परिवहन सुविधाओं के विकास हेतु सड़क चौड़ीकरण एवं बस स्टॉप के प्रोत्साहन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। कमिश्नर श्री सुरेश कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम योजना को स्वीकृत करने से पूर्व प्रस्तावित गतिविधियों की सटीक मैपिंग अनिवार्य रूप से की जाए, जिससे पर्यावरण संरक्षण एवं विकास के बीच संतुलन बना रहे। बैठक में प्राप्त सभी सुझावों एवं टिप्पणियों को सम्मिलित करते हुए जोनल मास्टर प्लान की अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी। यह परियोजना मध्यप्रदेश शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है, जिससे राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य का संरक्षण सुनिश्चित करते हुए सतत एवं जिम्मेदार विकास को बढ़ावा दिया जा सके।
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#JansamparkMP #morena2025 #Morena #MadhyaPradesh #ecofriendly #forest #tourism

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राजस्व प्रकरणों का त्वरित व न्यायसंगत निराकरण सुनिश्चित करें - संभागायुक्त

अवैध प्रविष्टि और कब्जों पर कड़ी निगरानी रखें

चंबल संभाग के आयुक्त श्री सुरेश कुमार ने राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि जरूरतमंद एवं गरीब नागरिकों को समय पर न्याय दिलाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सभी राजस्व प्रकरणों का त्वरित, निष्पक्ष एवं न्यायसंगत निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा अवैध प्रविष्टियों और भूमि पर किए जा रहे अनधिकृत कब्जों पर कड़ी निगरानी रखी जाए।
आयुक्त श्री सुरेश कुमार शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष, मुरैना में आयोजित राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक ले रहे थे।

बैठक में कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़, अपर कलेक्टर श्री अश्विनी कुमार रावत सहित समस्त एसडीएम, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।

आयुक्त ने कहा कि आरसीएमएस पोर्टल पर प्रकरण दर्ज करते समय यह अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक आवेदन उसी उपयुक्त हैड में दर्ज हो, जिसमें उसका वैधानिक एवं प्रभावी निराकरण संभव हो सके। गलत हैड में दर्ज प्रकरणों के कारण आमजन को अनावश्यक परेशानी होती है, जिसे गंभीरता से लिया जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व प्रकरणों में जांच के सभी बिंदु तथ्यपरक एवं स्पष्ट हों। यदि किसी प्रकरण में शिकायत असत्य पाई जाती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। वस्तुस्थिति की पुष्टि के लिए मिशल बंदोबस्त अभिलेखों का उपयोग किया जाए, जिनकी प्रतियां पटवारी, जिला एवं कमिश्नर स्तर पर उपलब्ध रहती हैं।

चंबल आयुक्त ने शहरी क्षेत्रों में तेजी से विकसित हो रही कॉलोनियों पर भी चिंता व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि नई कॉलोनियों में सड़क, नाली, पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों।

खसरा-खतौनी का नियमित निरीक्षण कर अवैध प्रविष्टियों को रोका जाए तथा किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा न होने दिया जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि राजस्व संबंधी मामलों का निराकरण तहसीलदार न्यायालय में बैठकर विधिसम्मत तरीके से किया जाए। कब्जा दिलाने की प्रक्रिया सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 38 के अंतर्गत सुनिश्चित की जाए। सभी राजस्व अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में पटवारियों के माध्यम से बी-1 का वाचन कर अभिलेख अद्यतन कराएं।

आयुक्त ने कहा कि सरकार ने राजस्व अधिकारियों को व्यापक अधिकार प्रदान किए हैं, अतः ऐसे ठोस एवं प्रभावी आदेश पारित किए जाएं, जिससे गरीब एवं कमजोर वर्ग की भूमि सुरक्षित रह सके। उन्होंने यह भी कहा कि दानपत्र की भूमि यदि धारा 173 के अंतर्गत त्याग की जा रही हो, तो तहसीलदार द्वारा त्वरित सुनवाई निर्णय लिया जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि बटवारे की प्रक्रिया केवल कागजी न रहकर मौके पर टीसीएम मशीन के माध्यम से भौतिक रूप से भी की जाए। बिना पक्षकारों को सुने किसी भी प्रकरण का अंतिम निराकरण न किया जाए—यह सुनिश्चित करना प्रत्येक राजस्व अधिकारी का दायित्व है।
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#JansamparkMP #morena2025 #Morena Jansampark Madhya Pradesh

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नामान्तरण, बटवारा, सीमांकन व पीएम किसान प्रकरणों में गति लाकर त्वरित समाधान सुनिश्चित करें – कलेक्टर

राजस्व अधिकारियों की लगभग पांच घंटे चली गहन समीक्षा बैठक सम्पन्न

फार्मर रजिस्ट्री को प्राथमिकता देते हुए शत-प्रतिशत पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश

कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने जिले के समस्त राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि नामान्तरण, बटवारा, सीमांकन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना एवं फार्मर रजिस्ट्री से संबंधित प्रकरणों में प्राथमिकता के साथ कार्य करते हुए समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व कार्यों में नागरिकों को त्वरित राहत मिलना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।
कलेक्टर शनिवार को राजस्व अधिकारियों की बैठक ले रहे थे। ये समीक्षा बैठक लगभग पांच घंटे चली। बैठक में अपर कलेक्टर श्री अश्विनी कुमार रावत सहित समस्त एसडीएम, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।

कलेक्टर ने नामान्तरण प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कहा कि कई तहसीलों में कार्य संतोषजनक स्तर पर है, किंतु शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के लिए निरंतर एवं योजनाबद्ध प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी लंबित एवं अविवादित नामान्तरण प्रकरणों का शीघ्र निराकरण कर पोर्टल पर अद्यतन प्रविष्टि सुनिश्चित की जाए।

बटवारे के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि यह प्रक्रिया केवल कागजी औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि मौके पर प्रभावी रूप से पूर्ण की जाए। इसके लिए सर्किल स्तर पर शिविर, चौपाल एवं विशेष अभियान आयोजित कर नागरिकों को अधिक से अधिक सुविधा प्रदान की जाए, ताकि अविवादित बटवारे के मामलों का त्वरित समाधान हो सके।

कलेक्टर ने जानकारी दी कि प्रदेश शासन द्वारा 12 जनवरी से 31 मार्च 2026 तक “संकल्प से समाधान अभियान” संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत सभी राजस्व अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में लंबित आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित करें तथा नए आवेदनों को भी अभियान में सम्मिलित कर लक्ष्य आधारित कार्य करें।

सीमांकन कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि टीसीएम मशीन का अधिकतम उपयोग किया जाए तथा प्रतिदिन दो से तीन सीमांकन सुनिश्चित किए जाएं। खेत में फसल खड़ी होने अथवा पानी भरा होने की स्थिति में भी नियमानुसार सीमांकन कार्य किया जाए।

रिकॉर्ड सुधार के संबंध में कलेक्टर ने कहा कि तहसीलदार पटवारियों के साथ नियमित बैठक कर कार्यों की समीक्षा करें, अभिलेख अद्यतन कराएं तथा लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध जांच प्रतिवेदन भेजकर आवश्यक कार्रवाई की जाए।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी पात्र किसानों के प्रकरण प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराए जाएं।आवश्यकता होने पर पटवारी स्वयं किसानों की ई-केवाईसी एवं डीबीटी की प्रक्रिया पूर्ण कराएं। साथ ही सस्पेंडेड हितग्राहियों के प्रकरणों की भी समीक्षा कर शीघ्र समाधान किया जाए।

फार्मर रजिस्ट्री कार्य को विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश

कलेक्टर ने फार्मर रजिस्ट्री की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक खातेदार के सभी खसरा नंबर फार्मर आईडी से अनिवार्य रूप से जोड़े जाएं। उन्होंने कहा कि यह कार्य किसानों को विभिन्न योजनाओं का लाभ समय पर दिलाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, अतः इसे विशेष प्राथमिकता के साथ पूर्ण किया जाए।

बैठक में निर्वाचन संबंधी कार्यों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि समस्त राजस्व अधिकारी अपने-अपने बीएलओ को सूचित करें कि 1 जनवरी 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले नवीन मतदाताओं से फार्म-6 प्राप्त कर फरवरी में प्रकाशित होने वाली मतदाता सूची में उनके नाम सम्मिलित कराए जाएं। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि बीएलओ को उनके कार्य क्षेत्र के समीप ही पदस्थ किया जाए।

कलेक्टर ने कहा कि राजस्व कार्यों में परिणाम आधारित कार्य की संस्कृति विकसित की जाए, ताकि आम नागरिकों को समय पर राहत मिले और प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हो।
Chief Electoral Officer Madhya Pradesh Election Commission of India #morena2025 #Morena #MadhyaPradesh

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चिरकुंडा:
राजनीति के भीष्म पितामह और हम सभी के आदरणीय 'दिशोम गुरु' शिबू सोरेन जी के जन्मदिन के शुभ अवसर पर, चिरकुंडा नगर परिषद क्षेत्र में मानवता और सेवा भाव की एक नई मिसाल देखने को मिली। पिंकी फाउंडेशन ने न केवल अपना सामाजिक धर्म निभाया, बल्कि एक पुराने वादे को हकीकत में बदल दिया।
"जो कहा, वो किया" - वादे की पूर्ति
पिंकी फाउंडेशन की पहचान उनकी कथनी और करनी की समानता में है। फाउंडेशन ने एक दिव्यांग जरूरतमंद से जो वादा किया था, आज उस वादे को पूरा करते हुए उन्हें 2 व्हीलचेयर भेंट की। यह केवल एक उपकरण नहीं, बल्कि उस व्यक्ति के लिए स्वतंत्रता और सम्मान का तोहफा है। व्हीलचेयर पाकर लाभार्थी के चेहरे पर आई मुस्कान ने वहां मौजूद हर शख्स का दिल जीत लिया।
चिरकुंडा में 500 कंबलों का वितरण
कड़ाके की ठंड को देखते हुए, पिंकी फाउंडेशन ने चिरकुंडा नगर परिषद के वार्ड नंबर 1 से 21 तक व्यापक राहत अभियान चलाया। फाउंडेशन की ओर से 500 जरूरतमंदों के बीच कंबलों का वितरण किया गया। जहाँ एक ओर ठंड का प्रकोप जारी है, वहीं दूसरी ओर पिंकी फाउंडेशन द्वारा बांटे गए ये कंबल लोगों के लिए उम्मीद की किरण बनकर आए हैं।इस अवसर पर पिंकी फाउंडेशन के सदस्यों ने कहा कि गुरुजी शिबू सोरेन का जीवन हमेशा गरीबों और शोषितों के उत्थान के लिए समर्पित रहा है। उनके जन्मदिन को मनाने का इससे बेहतर तरीका और कोई नहीं हो सकता था। फाउंडेशन ने संकल्प लिया है कि वे भविष्य में भी इसी तरह समाज के हर वर्ग के साथ खड़े रहेंगे।

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पेयजल समस्या पर त्वरित कार्रवाई

कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देशन में मुरैना शहर में प्राप्त शिकायतों के आधार पर एमपी अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड एवं नगर निगम मुरैना की संयुक्त टीम द्वारा पेयजल की गुणवत्ता से जुड़ी समस्याओं का मौके पर निरीक्षण एवं समाधान किया गया।

✅ मुख्य कार्रवाई:
🔹 वार्ड 45 (न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी) – पुरानी पाइपलाइन लीकेज की मरम्मत
🔹 वार्ड 39 (MG मेमोरियल स्कूल गली) – गंदे पानी की समस्या का समाधान
🔹 वार्ड 19 – सभी चैम्बरों की गहन जांच
🔹 वार्ड 13, 35, 36 – सीवर के पास से गुजर रही पाइपलाइन की शिफ्टिंग
🔹 नालों की सफाई एवं कनेक्शन सुधार के निर्देश

🚰 पानी की बर्बादी रोकने हेतु सप्लाई के दौरान खुले नलों को बंद कराया गया तथा पंप ऑपरेटर व संबंधित इंजीनियरों को रोज़ाना निगरानी के निर्देश दिए गए।

👉 नगर निगम का उद्देश्य है स्वच्छ, सुरक्षित और निर्बाध पेयजल आपूर्ति।
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#morena2025 #Morena #MadhyaPradesh Jansampark Madhya Pradesh

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कलेक्टर के निर्देशानुसार दूषित पेयजल की रोकथाम हेतु पाइपलाइन से टैंक तक इंटेंसिव कार्रवाई

लीकेज, टेस्टिंग व क्लोरीनेशन में लापरवाही नहीं, ‘संकल्प से समाधान’ अभियान प्रारंभ

सीएम हेल्पलाइन: तीन दिवस में प्रगति नहीं होने पर संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई

जिले में दूषित पेयजल की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड ने नगर निगम, एमपीयूडीसी,पीएचई एवं संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा है कि शुद्ध पेयजल आपूर्ति से जुड़ी किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि पाइपलाइन शिफ्टिंग से लेकर उनके बीच उचित स्पेसिंग सुनिश्चित की जाए। यदि किसी भी स्थान पर लीकेज पाया जाता है तो उसका तत्काल सुधार कर मौके पर ही दुरुस्त किया जाए। वे कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को टीएल बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री कमलेश कुमार भार्गव, समस्त एसडीएम, समस्त जिला अधिकारी, आयुक्त नगर निगम, नगरीय निकायों के सीएमओ एवं तहसीलदार उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने कहा कि नगर निगम एवं संबंधित विभाग यह सुनिश्चित करें कि पेयजल उपयोग के लिए सभी व्यवस्थाएं पुनः एक्सपर्ट स्टैंडर्ड के अनुरूप हों और आम जनता को कहीं भी किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने पीएचई एवं अन्य संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि जल आपूर्ति के प्रत्येक सोर्स की टेस्टिंग कराई जाए, चाहे वह टैंक से टैंक तक की सप्लाई हो, कोई अन्य सोर्स हो अथवा वह स्थान हो जहां आम जनता द्वारा पानी का उपभोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी स्तर पर दूषित जल की समस्या न रहे।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी जल आपूर्ति स्रोतों जैसे टैंक आदि की एक बार पूर्ण रूप से प्रोपर क्लीनिंग कराई जाए और यह प्रक्रिया केवल एक बार की न होकर निरंतर समय-समय पर जारी रखी जाए, ताकि भविष्य में दोबारा गंदगी की कोई समस्या न हो। उन्होंने कहा कि क्लीनिंग के बाद टैंकों और जल स्रोतों का क्लोरीनेशन अनिवार्य रूप से किया जाए, लेकिन इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि क्लोरीन की मात्रा एक्सपर्ट स्टैंडर्ड के अनुसार ही हो, कहीं भी अधिक मात्रा का उपयोग न किया जाए। इसके साथ ही सभी अंडरग्राउंड बोरवेल पर भी क्लोरीनेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इसके बाद कलेक्टर ने नालियों के अंदर या नालियों के पास से गुजर रही पाइपलाइनों से जुड़ी समस्याओं पर भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि कई स्थानों पर पेयजल पाइपलाइन नालियों के अंदर या नालियों से होकर गुजर रही हैं, ऐसे सभी स्थानों पर पाइपलाइन की इंटेंसिव क्लीनिंग एवं जांच की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी लीकेज न हो। यदि कहीं लीकेज की समस्या पाई जाती है तो उसे त्वरित दुरूस्त कराया जाये अथवा पाइपलाइन को प्रॉपर तरीके से शिफ्ट किया जाए तथा पाइपों की कैसिंग भी अनिवार्य रूप से कराई जाए।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने एमपीयूडीसी से दूषित पेयजल से जुड़ी समस्याओं की भी जानकारी ली और नगर निगम एवं सभी नगरों के सीएमओ को निर्देश दिए कि प्राप्त सभी शिकायतों का री-इवैल्यूएशन किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मैनपावर या मशीनरी के कारण किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी कार्य इंटेंसिव रूप से कराए जाएं।

बैठक में कलेक्टर ने संकल्प से समाधान अभियान की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह अभियान 12 जनवरी 2026 से प्रारंभ होकर 31 मार्च 2026 तक चलेगा। जिसमें प्रथम चरण 12 जनवरी से प्रारंभ होकर 15 फरवरी 2026 तक चलेगा। उन्होंने अभियान को सफल बनाने के संबंध में कहा कि संबंधित अधिकारी स्वयं प्रेरणा से आवेदन लें और निर्धारित समय-सीमा से पहले ही उनका समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अभियान को इंटेंसिव मोड में चलाया जाए, ताकि प्रथम चरण में अधिकतम आवेदनों का निराकरण हो सके।
कलेक्टर ने बताया कि जो आवेदन प्रथम चरण में निराकृत नहीं हो पाएंगे, उनका समाधान द्वितीय चरण में किया जाएगा, जो 16 फरवरी से 16 मार्च 2026 तक चलेगा। इसके बाद तृतीय चरण 16 मार्च से 26 मार्च 2026 तक चलेगा, जिसमें शेष आवेदनों का निराकरण ब्लॉक स्तर पर किया जाएगा। इसके बाद चतुर्थ चरण 26 मार्च 2026 से 31 मार्च 2026 तक चलेगा। जिसमें जिला स्तर पर शिविरों का आयोजन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता सुनिश्चित करने हेतु ई-केवाईसी, आधार अपडेट एवं बायोमेट्रिक अपडेट का कार्य युद्धस्तर पर किया जाए। उन्होंने कहा कि अभियान के अंतर्गत जिन सेवाओं को शामिल किया गया है, उनके लिए आवश्यक दस्तावेजों एवं पात्रता मापदंडों को संबंधित अधिकारियों द्वारा स्पष्ट रूप से उल्लेखित किया जाए, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने यह भी कहा कि डॉक्यूमेंटेशन फेसीलिटेशन में सभी अधिकारी अपनी पूरी जवाबदेही सुनिश्चित करें।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन की विभागवार समीक्षा भी की। उन्होंने कहा कि वर्तमान रैंकिंग संतोषजनक नहीं है और सभी संबंधित एल-वन अधिकारियों को तीन दिवस में प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित समय में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्य योजनाओं से संबंधित सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों का निपटारा त्वरित रूप से एल-वन अधिकारी स्तर पर ही सुनिश्चित किया जाए और इसकी मॉनीटरिंग संबंधित विभाग प्रमुख द्वारा की जाएगी।
कलेक्टर ने आधार अपडेशन को भी क्लस्टर स्तर पर इंटेंसिव कैंप मोड में चलाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि संकल्प से समाधान अभियान एवं ई-विकास प्रणाली सहित शासन की विभिन्न योजनाओं में किसानों और आम नागरिकों के लिए आधार का अपडेट रहना आवश्यक है। सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि पात्र हितग्राहियों का आधार अपडेटेड हो।

इसके पश्चात कलेक्टर ने भूमि अधिग्रहण, आवंटन एवं अतिक्रमण से जुड़े मामलों की समीक्षा की तथा अंतरविभागीय मुद्दों को भी सुना। बैठक में संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए सभी समस्याओं के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए गए।
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आनंद उत्सव से नगर से गांव तक उठेगी आनंद की लहर

दो सौ से अधिक क्लस्टरों पर आयोजित होगा आनंद उत्सव, 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के महिला-पुरुषों हेतु खेलकूद व सांस्कृतिक कार्यक्रम

आनंद विभाग मध्यप्रदेश राज्य आनंद संस्थान द्वारा 14 से 28 जनवरी 2026 तक आयोजित किए जाने वाले आनंद उत्सव के भव्य आयोजन के संबंध में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ की अध्यक्षता में बैठक संपन्न हुई।
बैठक में आनंद उत्सव के जिला नोडल अधिकारी एवं जिला पंचायत सीईओ श्री कमलेश भार्गव, समस्त एसडीएम, जनपद सीईओ, सीएमओ, जिला शिक्षा अधिकारी, आनंद विभाग के जिला नोडल अधिकारी श्री श्याम सिकरवार, श्री बालकृष्ण शर्मा, संयोजक श्री सुधीर आचार्य सहित सभी मास्टर ट्रेनर्स एवं प्रमुख आनंदक मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने कहा कि मुरैना जिले में आनंद उत्सव पूरे उत्साह, उमंग और भव्यता के साथ संपन्न किए जाएं। उन्होंने कहा कि 14 से 28 जनवरी तक जिले के प्रत्येक नगर एवं ग्राम में आनंद उत्सव के माध्यम से आनंद की लहर प्रवाहित होनी चाहिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ ने बैठक के उद्देश्य पर प्रकाश डाला, जबकि मास्टर ट्रेनर श्री सुधीर आचार्य ने आनंद उत्सव के आयोजन स्वरूप की विस्तृत जानकारी दी।
बताया गया कि जिले में सवा दो सौ से अधिक क्लस्टर स्तर पर आनंद उत्सव आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों में विशेष रूप से 50 वर्ष एवं उससे अधिक आयु वर्ग के महिला-पुरुषों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। उनके लिए बोरा दौड़, रस्साकसी, चेयर रेस, पिट्ठू रेस, सितोलिया, खो-खो, कबड्डी, चम्मच दौड़, नींबू दौड़ जैसे खेलों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत लोकगीत, नृत्य, गायन, भजन, कीर्तन एवं नाटक आदि का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए स्थानीय स्तर पर कलाकारों का चयन किया जाएगा।
आनंद उत्सव के सफल आयोजन हेतु जिला, ब्लॉक एवं ग्रामीण स्तर पर समितियों का गठन किया जा चुका है।
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(खेलो एमपी यूथ गेम्स 2025)

युवा दिवस से 31 जनवरी तक 28 खेलों का आयोजन

जिला स्तर पर प्रतियोगिताएँ 17 एवं 18 जनवरी को

समस्त खिलाड़ियों के लिए ऑनलाइन पंजीयन अनिवार्य

खेलो एमपी यूथ गेम्स 2025 का आयोजन 12 जनवरी से 31 जनवरी 2026 के मध्य किया जाएगा। इस दौरान जूनियर आयु वर्ग के खिलाड़ियों के लिए 28 विभिन्न खेलों में प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएंगी। खेलों की लोकप्रियता एवं संबंधित खेलों में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं को दृष्टिगत रखते हुए यह आयोजन विकासखण्ड, जिला, संभाग एवं राज्य स्तर पर संपन्न कराया जाएगा।
इस संबंध में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने खेलो एमपी यूथ गेम्स 2025 के सफल आयोजन हेतु जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कमलेश कुमार भार्गव को नोडल अधिकारी नियुक्त किया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि खेलों का आयोजन उच्च गुणवत्ता एवं सुव्यवस्थित ढंग से किया जाए। उन्होंने कहा कि आयोजन के लिए आवश्यक खेल किट की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही संभागीय खेल अधिकारी को समस्त आवश्यक समितियों के गठन के निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री कमलेश कुमार भार्गव, समस्त एसडीएम, नगर निगम आयुक्त, संभागीय खेल अधिकारी श्री प्रशांत कुशवाह, समस्त जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ एवं संबंधित जिला अधिकारी उपस्थित रहे।
निर्देश दिए गए कि ब्लॉक, जिला एवं संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक कराया जाए। नगर पालिक निगम आयुक्त द्वारा खेल प्रतियोगिताओं के दौरान खेल मैदानों की साफ-सफाई एवं स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं सिविल सर्जन द्वारा प्रतियोगिताओं के दौरान प्राथमिक चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। थाना प्रभारी आयोजन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे, वहीं जिला शिक्षा अधिकारी ब्लॉक, जिला एवं संभाग स्तर की प्रतियोगिताओं एवं चयन स्पर्धाओं में आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे। समस्त जिला खेल संघों से भी नियमानुसार पारदर्शी एवं सफल आयोजन में सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया गया।
जिले में कुल 16 खेलों की इकाइयाँ सक्रिय हैं, जिनमें व्हॉलीबॉल, बैडमिंटन, पिट्टू, योगासन, तैराकी, शतरंज, टेबल टेनिस, वेटलिफ्टिंग, एथलेटिक्स, फुटबॉल, क्रिकेट, टेनिस, बास्केटबॉल, रस्साकसी, कबड्डी एवं बॉक्सिंग शामिल हैं। इन सभी खेलों में जिला स्तरीय प्रतियोगिता एवं चयन स्पर्धाएँ आयोजित की जाएंगी।
जिले के समस्त सात विकासखण्ड—पोरसा, अम्बाह, जौरा, पहाड़गढ़, कैलारस, सबलगढ़ एवं मुरैना—में ब्लॉक स्तरीय चयन स्पर्धाओं का आयोजन 13 से 16 जनवरी 2026 के मध्य किया जाएगा। जबकि जिला स्तरीय प्रतियोगिताएँ 17 एवं 18 जनवरी 2026 को आयोजित होंगी। जिले के इच्छुक खिलाड़ी खेलो एमपी यूथ गेम्स 2025 में भाग लेने हेतु विभागीय लिंक https://gms.khelompyg25.com/registration-form
पर ऑनलाइन पंजीयन अनिवार्य रूप से करें।
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12 जनवरी से शुरू हुआ ’’संकल्प से समाधान’’ अभियान

शासन की विभिन्न योजनाओं और सेवाओं में हितग्राहियों को दिया जाएगा लाभ

चार चरणों में 31 मार्च तक चलेगा अभियान

अभियान में 106 योजनाओं का मिलेगा लाभ

विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य की प्राप्ति के लिये केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ पात्र लोगों को दिलाने के लिये प्रदेश में 12 जनवरी से 31 मार्च 2026 तक ’’संकल्प से समाधान’’ अभियान चलाया जाएगा। स्वामी विवेकानंद की जयंती ’’युवा दिवस’’ पर शुरू होने वाले इस अभियान में ग्राम पंचायत, नगरीय निकाय एवं जिला स्तर पर पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के लिये अभियान 4 चरणों में चलाया जायेगा। अभियान में ग्राम पंचायत और नगरीय निकायों में वार्ड स्तरीय समिति और आवेदन, शिकायतों के एकत्रीकरण के लिए दल गठित होगा, जिसका एक नोडल अधिकारी होगा। सम्पूर्ण कार्यवाही सी.एम. हेल्पलाइन पोर्टल के माध्यम से संपादित की जायेगी। पोर्टल में एक प्रथम माड्यूल तैयार कर अधिकारियों एवं नागरिकों के लिए लॉगिन क्रिएट करने की सुविधा दी जाएगी। अभियान में विभिन्न विभागों की 106 प्रकार की योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। यह निर्देश कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष मुरैना में अधिकारियों को दिये।

अभियान का प्रथम चरण

संकल्प एवं समाधान अभियान का प्रथम चरण 12 जनवरी से 15 फरवरी, 2026 तक चलेगा। इसमें आवेदन प्राप्त करने की कार्यवाही की जावेगी। प्रत्येक ग्राम पंचायत, नगरीय निकायों के वार्ड में नगरीय वार्ड स्तरीय समिति बनाना होगी जिसमें ग्राम, नगरीय वार्ड स्तर के अधिकारी, कर्मचारी सम्मिलित रहेंगे।
पंचायत, नगरीय वार्ड स्तर पर आवेदन, शिकायतों के एकत्रीकरण के लिए दल गठित किया जाएगा, जिसका एक नोडल अधिकारी होगा। यह दल शासन की विभिन्न योजनाओं, सेवाओं से संबंधित आवेदन व शिकायतों को शिविर लगाकर या घर-घर जाकर एकत्रित करेगा। नोडल अधिकारी का यह दायित्व होगा कि वह अपने लॉगिन से सभी आवेदनों को पोर्टल पर दर्ज करे। पोर्टल पर दर्ज करने के बाद सभी आवेदनों को क्लस्टर, जोन लेवल के अधिकारी के पास जमा किया जाएगा। क्लस्टर, जोन लेवल अधिकारी आवेदनों को विभागवार संबंधित अधिकारियों को निराकरण के लिये प्रेषित कर निराकरण की स्थिति प्राप्त करेगा।

अभियान का दूसरा चरण

अभियान का दूसरा चरण 16 फरवरी, 2026 से प्रारंभ होकर 16 मार्च, 2026 तक चलेगा। अभियान के द्वितीय चरण में ग्रामीण क्षेत्रों में क्लस्टर लेवल पर एवं नगरीय क्षेत्रों में नगर जोन स्तर पर नोडल अधिकारी के रूप में तहसीलदार, नायब तहसीलदार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, जोनल अधिकारी अथवा समकक्ष अधिकारी रहेंगे। द्वितीय चरण में प्रथम चरण में प्राप्त आवेदन के साथ शेष आवेदन पत्रों के निराकरण के लिये शिविर लगाए जाएंगे। क्लस्टर में पंचायतों की संख्या का निर्धारिण जिला सीईओ द्वारा जिले में स्थित पंचायतों की संख्या के हिसाब से आवश्यकतानुसार 15 से 30 ग्राम पंचायतों का समूह में निर्धारित किया जाएगा।
शहरी क्षेत्रों में छोटी नगरपालिका, नगर पंचायत स्तर पर एक शिविर व नगर निगम स्तर वार्डों की संख्या के अनुपात में क्लस्टर, जोन तैयार किया जाए। क्लस्टर, जोन लेवल पर शिविर लगाने के लिये समय सारिणी जिले द्वारा तैयार किये जाएंगे। टीम द्वारा प्राप्त आवेदन, शिकायतों का निराकरण क्लस्टर, जोन लेवल पर आयोजित शिविर में संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा किया जाएगा। आवेदनों का निराकरण पोर्टल पर क्लस्टर, जोन लेवल के नोडल अधिकारी द्वारा दर्ज किया जाएगा।

अभियान का तीसरा चरण

अभियान का तीसरा चरण 16 मार्च, 2026 से 26 मार्च, 2026 तक चलेगा। इस चरण में विकासखण्ड स्तर पर नोडल अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, अपर आयुक्त नगर निगम, मुख्य नगर पालिका अधिकारी रहेंगे। इस चरण में ब्लॉक नगर स्तर पर शिविर आयोजित किए आएंगे, जिसमें क्लस्टर, जोन लेवल पर अनिराकृत आवेदन व शिकायतों, नवीन प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया जाएगा।
विकासखण्ड मुख्यालयों में जहाँ नगर पंचायत या नगर पालिका स्थित है, उनमें सम्मिलित रूप से विकासखण्ड मुख्यालय स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में किए गए निराकरणों को ब्लॉक लेवल नोडल अधिकारी द्वारा विहित पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। बड़े शहरों यथा नगर निगमों एवं नगर पालिकाओं में जनसंख्या के अनुसार क्लस्टर, जोन का निर्धारण किया जाएगा।

अभियान का चतुर्थ चरण

अभियान का चतुर्थ चरण 26 मार्च से 31 मार्च, 2026 तक चलेगा। इसमें जिला स्तर पर शिविर आयोजित कर समस्त अनिराकृत शेष आवेदन व शिकायती आवेदनों के साथ नवीन प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया जाएगा। जिला स्तरीय समारोहों में सम्मान पूर्वक हितलाभ वितरण किया जायेगा। शिविरों की संख्या एवं स्थान का निर्धारण जिला स्तर पर किया जाएगा।
समस्त शिविर के स्थल, तिथि एवं समय तथा शिविर में होने वाली कार्यवाही के संबंध में आम जनता को लगातार स्थानीय मीडिया, सोशल मीडिया एवं अन्य विभिन्न माध्यमों से जानकारी देने एवं प्रचार-प्रसार का कार्य किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक पात्र हितग्राही को अभियान का लाभ पहुंचाया जा सकें।
’’संकल्प से समाधान अभियान’’ से संबंधित संपूर्ण कार्यवाही पोर्टल के माध्यम से ही संपादित की जाएगी। पोर्टल में एक पृथक माड्यूल तैयार कर अधिकारियों एवं नागरिकों के लिए लॉगिन बनाने की सुविधा दी जाएगी।

नागरिक भी दर्ज कर सकेंगे पोर्टल पर अपना आवेदन

शिविर में भाग लेने के लिए पोर्टल पर नागरिक शिविर के पूर्व अपनी सुविधानुसार शिविर रोस्टर से शिविर का चयन कर अपना आवेदन पोर्टल पर दर्ज कर पंजीयन कर सकेंगे। शिविर में प्राप्त आवेदनों का परीक्षण कर जिन आवेदनों का निराकरण कल्स्टर लेवल पर किया जा सकता है उन्हें हितलाभ वितरण क्लस्टर लेवल शिविर में प्रदान किया जाएगा। शिविर में प्राप्त होने वाले अथवा शिविर के ठीक पूर्व पोर्टल पर दर्ज होने वाले नवीन आवेदनों को भी विचार में लिया जाएगा और उनका विधिवत निराकरण किया जाएगा। सभी जिले शिविरों में प्राप्त समस्त आवेदनों का अंतिम निराकरण 31 मार्च, 2026 तक अनिवार्य रूप से कर पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करेंगे।
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