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*महिला आरक्षण से जुड़ा बिल 54 वोट से गिरा: पास होने के लिए चाहिए थे 352, मिले 298; मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम*

*1* बिल को गिराकर जश्न मनाना निंदनीय, यह कल्पना से परे'; संविधान संशोधन बिल गिरने पर बोले अमित शाह

*2* फ्लाइंग किस देते हैं; राहुल गांधी पर बरसे अमित शाह, बोले- प्रियंका से सीखें बोलने की कला

*3* केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी देश में महिलाओं के अधिकारों से जुड़े विधेयक का विरोध किया जाए और उसे राजनीतिक उपलब्धि के रूप में देखा जाए, तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने दावा किया कि सरकार महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में आगे भी प्रयास जारी रहेंगे

*4* 'विपक्ष को बहुत भारी पड़ेगा नारी शक्ति का अपमान', महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं होने पर नड्डा ने बोला हमला

*5* यह संविधान पर हमला था, जिसे हमने हरा दिया', संविधान संशोधन बिल गिरने पर बोले राहुल गांधी

*6* यह एक बहुत ही जबरदस्त जीत, महिला आरक्षण बिल पास न होने पर बोले शशि थरूर; परिसीमन से जोड़ा

*7* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता चुने गए हैं। करीब 24 लोकतांत्रिक देशों में किए गए एक सर्वे में 70 फीसदी लोगों ने पीएम मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताया। ट्रंप 10वें स्थान पर

*8* राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश, उन पर ब्रिटिश नागरिकता का आरोप, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- CBI जांच करे

*9* भाजपा नेता की हत्या में कर्नाटक कांग्रेस MLA को उम्रकैद, 2016 के केस में विनय कुलकर्णी समेत 17 को सजा; CBI ने जांच की थी

*10* कोयंबटूर में बड़ा हादसा, मोड़ पर नियंत्रण खोकर खाई में गिरी टूरिस्ट वैन; 9 पर्यटकों की मौत

*11* चारधाम यात्रा आज से, 18.25 लाख श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन करवाया 19 अप्रैल को यमुनोत्री-गंगोत्री के कपाट खुलेंगे; ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन काउंटर भी शुरू

*12* अर्थव्‍यवस्‍था में भारत 6वें नंबर पर खिसका, ब्रिटेन ने पछाड़ा, गौतम अडाणी एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने,

*13* भारत बना दुनिया का भरोसेमंद निवेश ठिकाना: सेबी प्रमुख का दावा- वैश्विक अनिश्चितताओं में भी पूंजी बाजार मजबूत

*14* 48 दिन बाद खुला होर्मुज: व्यापारिक जहाजों को आने-जाने की मिली छूट, ईरान ने किया एलान; ट्रंप ने कहा- शुक्रिया

*15* होर्मुज रूट खुलने के बाद कच्चा तेल 13% सस्ता, एक बैरल का दाम 99.39 से घटकर 86 डॉलर हुआ; अमेरिकी शेयर बाजार 2% चढ़ा

*16*'मैं शांतिदूत हूं, मैंने आठ युद्ध रुकवाए', ट्रंप बोले-अब ईरान के साथ भी ऐतिहासिक डील के बेहद करीब

*17* गुजरात टाइटंस ने कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) को पांच विकेट से हरा दिया। शुक्रवार को खेले गए मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी केकेआर ने 20 ओवर में 10 विकेट पर 180 रन बनाए। जवाब में गुजरात ने 19.4 ओवर में पांच विकेट पर 181 रन बनाए और मुकाबला अपने नाम कर लिया।

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हजारीबाग : राज्य सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा निर्णय लेते हुए आईएएस अधिकारियों का व्यापक तबादला किया है। इस फेरबदल के तहत हजारीबाग के उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह को देवघर भेजा गया है, जबकि हेमंत सती को हजारीबाग का नया उपायुक्त बनाया गया है।
जारी अधिसूचना के अनुसार कई जिलों में नए उपायुक्तों की नियुक्ति की गई है। चतरा में रवि आनंद को जिम्मेदारी दी गई है, जबकि पूर्व में पदस्थापित उपायुक्त कीर्तिश्री का तबादला कर दिया गया है। इसी क्रम में राजीव रंजन को जमशेदपुर, संदीप कुमार को लातेहार, अनन्य मित्तल को गढ़वा, दिलेश्वर महतो को गुमला, मेधा भारद्वाज को पाकुड़ और लोकेश मिश्रा को गोड्डा का उपायुक्त बनाया गया है।
अन्य तबादलों में उत्कर्ष गुप्ता को कोडरमा, मनीष कुमार को चाईबासा, ऋतुराज को रामगढ़ और दीपक कुमार दुबे को साहिबगंज का उपायुक्त नियुक्त किया गया है। इसके अलावा दिलीप प्रताप सिंह शेखावत को पलामू, सौरभ कुमार भुवानिया को खूंटी, संदीप कुमार मीणा को लोहरदगा और आलोक कुमार को जामताड़ा की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सरकार ने इस फेरबदल में अपेक्षाकृत युवा और नए आईएएस अधिकारियों को जिलों की कमान दी है, जिससे प्रशासनिक कार्यों में गति और पारदर्शिता लाने का प्रयास किया गया है। सभी नव पदस्थापित उपायुक्तों को 24 घंटे के भीतर अपने-अपने जिलों में योगदान देने का निर्देश दिया गया है।
इस व्यापक प्रशासनिक बदलाव को सुशासन को मजबूत करने और विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। नई नियुक्तियों से जिलों में कार्यशैली में बदलाव और तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

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ఢిల్లీ :2029 సార్వత్రిక ఎన్నికల ముందు మహిళా రిజర్వేషన్ బిల్లుతో సహా లోక్‌సభ సీట్లను పెంచాలనే బీజేపీ కలకు బ్రేక్ పడింది. లోక్‌సభలో శుక్రవారం ప్రవేశపెట్టిన 131వ రాజ్యాంగ సవరణ బిల్లు వీగిపోయింది.
దీంతో మహిళా బిల్లుతో సహా మరో బిల్లును కేంద్రం ఉపసంహరించుకుంది. 2/3 వంతు మద్దతును ఎన్డీయే ప్రభుత్వం కూడగట్టలేకపోయింది. బయట నుంచి చూస్తే ఇది బీజేపీకి ఘోర పరాజయంగా కనిపించవచ్చు, కానీ రాజకీయంగా ఇది బీజేపీకి విజయమే అని విశ్లేషకులు భావిస్తున్నారు.

ఈ మొత్తం ఎపిసోడ్‌లో ''ఓడిపోయి బీజేపీ గెలిచింది. గెలిచి కాంగ్రెస్ ఓడిపోయింది'' అని రాజకీయ విశ్లేషకులు చెబుతున్నారు. లోక్‌సభలో బిల్లుకు వ్యతిరేకంగా ఓట్లు పడిన తర్వాత, కేంద్ర మంత్రి కిరెన్ రిజిజు మాట్లాడుతూ.. ఒక చారిత్రాత్మక బిల్లును ప్రతిపక్షాలు అడ్డుకున్నాయని విమర్శించారు. మహిళా బిల్లును అడ్డుకున్నారని మండిపడ్డారు. అయితే, తమ పోరాటం కొనసాగుతుందని స్పష్టం చేశారు.
బీజేపీకి సంఖ్యా బలం లేదని ముందే తెలుసు. కానీ ప్రతిపక్షాల నుంచి మద్దతు వస్తుందని ఊహించారు. ఒక వేళ ఓడిపోతే ప్లాన్-బికి కూడా బీజేపీ సిద్ధంగా ఉంది. ఇప్పుడు గెలిచినా, ఓడినా క్రెడిట్ మొత్తం బీజేపీ ఖాతాలోకే వెళ్లినట్లయింది. ''మహిళా రిజర్వేషన్లకు ప్రతిపక్షాలు, కాంగ్రెస్ వ్యతిరేకం'' అని బీజేపీ ఒక రాజకీయ నినాదాన్ని సృష్టించబోతోంది. పశ్చిమబెంగాల్, తమిళనాడు ఎన్నికల ముందు ఇది ఎంతో కొంత ప్రభావం చూపించే అంశంగా మారింది. గురువారం లోక్‌సభలో ప్రధాని మోడీ మాట్లాడుతూ.. ఈ బిల్లును వ్యతిరేకించే వారిని దేశంలో మహిళలు క్షమించరని చెప్పారు.

ఇక ఇప్పటి నుంచి ప్రతిపక్షాలను ముఖ్యంగా కాంగ్రెస్‌పై బీజేపీ విరుచుకుపడుతుంది. కాంగ్రెస్, ఇండీ కూటమి బిల్లుకు వ్యతిరేకమనే ఒక వాదనను ప్రజల్లోకి తీసుకెళ్తుంది. 2010లో మహిళా రిజర్వేషన్లను వ్యతిరేకించి సమాజ్‌వాదీ పార్టీ, ఆర్జేడీలు రాజకీయంగా కొంత కాలం దెబ్బతిన్నాయి. 2010లో అప్పటి మన్మోహన్ సింగ్ సర్కార్ మహిళలకు 33 శాతం రిజర్వేషన్లు కల్పించే బిల్లును తీసుకువచ్చింది. ఎస్పీ అధినేత ములాయం సింగ్ యాదవ్, ఆర్జేడీ చీఫ్ లాలూ ప్రసాద్ యాదవ్‌లు వ్యతిరేకించారు.

ప్రతిపక్షాలు బీజేపీ ప్రవేశపెడుతున్న బిల్లులు రాజ్యాంగ వ్యతిరేకమని, దేశ రాజకీయ స్వరూపాన్ని మార్చే కుట్ర అని రాహుల్ గాంధీ, ప్రియాంకా గాంధీ వాదిస్తున్నారు. వీటన్నింటిని పక్కన పెట్టి బీజేపీ మాత్రం కాంగ్రెస్ మహిళా వ్యతిరేకమనే నేరెటివ్‌ను తయారు చేస్తుంది. మొత్తానికి బీజేపీ బిల్లుల విషయంలో ఓడిపోయినప్పటికీ, రాజకీయ వ్యూహాల్లో మాత్రం గెలిచిందని చెబుతున్నారు.

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అనకాపల్లి జిల్లా, రోలుగుంట మండలం: గ్రామీణ ప్రాంతంలో భగ్నాలయంగా నిలిచే రోలుగుంట ప్రభుత్వ జూనియర్ కళాశాల, ఇంటర్మీడియట్ పరీక్షల ఫలితాల్లో అసాధారణ ప్రతిభ కనబరిచి అందరినీ ఆశ్చర్యపరిచింది. మండలం, జిల్లా, రాష్ట్ర స్థాయిలో తన సత్తా చాటుకున్న ఈ కళాశాల, గత కొన్ని సంవత్సరాలుగా నిరంతర విజయాలతో ప్రతిష్టాత్మక పేరు సంపాదించుకుంది. 2024-25 అకడమిక్ సంవత్సరంలో ఇంటర్ రెండవ సంవత్సర పరీక్షల్లో రాష్ట్రవ్యాప్తంగా మొదటి స్థానం కైవసం చేసుకోవడంతో ఈ సంస్థకు కొత్త గుర్తింపు లభించింది. పలువురు విద్యార్థులు 100% శాతం మార్కులతో పాస్ అవుతూ, అందరి ప్రశంసలు అందుకున్నారు.
2025-26 సంవత్సరానికి కూడా జిల్లా స్థాయిలో మొదటి స్థానం సాధించిన ఈ కళాశాల విద్యార్థులు, రాష్ట్రంలోని అతి ప్రతిష్టాత్మకమైన ఉన్నత కళాశాలల్లో ఎంపికయ్యారు. ఇంటర్ ఫలితాల ఆధారంగా విట్స్, ఐఐటి వంటి పరీక్షల్లో అర్హత పొందిన వారు, భవిష్యత్ విద్యాభ్యాసంలో బలమైన పునాది వేసుకున్నారు. "ఇది మా కళాశాలకు గర్వకారణం. కళాశాల ప్రారంభం నుంచి జిల్లా, రాష్ట్ర స్థాయిలో మంచి గుర్తింపు, మంచి పేరు ఉంది. విద్యార్థులు, అధ్యాపకుల కృషి ఫలితంగానే ఈ విజయాలు సాధ్యమయ్యాయి" అని ప్రిన్సిపల్ అప్పలరాజు తెలిపారు. జిల్లా విద్యా అధికారులు, స్థానిక నాయకులు, పెద్దలు ఈ సాఫల్యాన్ని ప్రశంసిస్తూ అభినందనలు తెలిపారు.
కళాశాలలో గణిత అధ్యాపకుడిగా పనిచేస్తున్న సాయి మాస్టారు (సహదేవుడు) గత సంవత్సరం రాష్ట్ర ప్రభుత్వం చేత ఉత్తమ అధ్యాపకునిగా పురస్కారం పొందారు. ఈ పురస్కారం కళాశాల ప్రతిష్టకు మరింత గర్వకారణం. విద్యార్థుల పట్ల అధ్యాపకుల అంకిత భావం, క్రమశిక్షణ, నిరంతర మార్గదర్శకత్వం వలన ఈ ఫలితాలు వచ్చాయి. గ్రామీణ ప్రాంతాల్లోని చిన్న చిన్న గ్రామాల నుంచి వచ్చే విద్యార్థులు, పరిమిత సౌకర్యాల మధ్య ఈ స్థాయి ప్రదర్శన చేయడం అందరికీ ప్రేరణ. కళాశాల ప్రారంభం నుంచి జిల్లా, రాష్ట్ర స్థాయిలో గుర్తింపు పొందిన ఈ సంస్థ, భవిష్యత్తులో మరిన్ని విజయాలు సాధిస్తుందని అంచనా.
రోలుగుంట ప్రభుత్వ జూనియర్ కళాశాల ఇంటర్ ఫలితాల్లో ప్రభంజనం సృష్టిస్తూ, గ్రామీణ విద్యార్థులకు అమోఘ ప్రేరణగా నిలుస్తోంది. ఇలాంటి విజయాలు గ్రామీణ విద్యా వ్యవస్థకు కొత్త నిర్వచనం తెలిపాయి

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हजारीबाग : राज्य सरकार ने आईएएस अधिकारियों के बाद अब आईपीएस महकमे में भी बड़े पैमाने पर फेरबदल करते हुए 46 अधिकारियों का तबादला किया है। इस बदलाव के तहत हजारीबाग के नए पुलिस अधीक्षक के रूप में अमन कुमार को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

देर रात जारी अधिसूचना के अनुसार 12 से अधिक जिलों के एसपी बदले गए हैं। चतरा में अनिमेष नैथानी को नया एसपी बनाया गया है। वहीं निधि द्विवेदी को सरायकेला, आशुतोष शेखर को गढ़वा, प्रवीण पुष्कर को देवघर, मुकेश कुमार लुनायत को रामगढ़, कपिल चौधरी को पलामू, नाथू सिंह मीणा को बोकारो, शंभू सिंह को जामताड़ा और ऋषभ गर्ग को खूंटी का एसपी बनाया गया है। कई जिलों के एसपी को एसीबी और अन्य इकाइयों में स्थानांतरित किया गया है।

उच्च स्तर पर भी फेरबदल किया गया है। एडीजी मनोज कौशिक को उनके वर्तमान दायित्व के साथ मुख्यालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, जबकि पंकज कंबोज को आईजी मानवाधिकार का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है। नरेन्द्र कुमार सिंह को आईजी पलामू और शैलेंद्र सिन्हा को जोनल आईजी बोकारो बनाया गया है। क्रांति गडीदेशी को आईजी निगरानी सह सुरक्षा (झारखंड विद्युत बोर्ड) और माइकल राज एस को रेल आईजी की जिम्मेदारी दी गई है। सुनील भास्कर को जैप आईजी बनाया गया है।

स्पेशल ब्रांच, एसीबी और तकनीकी शाखा में भी बदलाव किए गए हैं। प्रशांत आनंद को वायरलेस एसपी, मनीष टोप्पो को एससीआरबी एसपी, राजकुमार मेहता को एटीएस एसपी और दीपक कुमार शर्मा को एसपी अभियान मुख्यालय में तैनात किया गया है। हरविंदर सिंह को स्पेशल ब्रांच भेजा गया है, जबकि कई अधिकारियों को जैप और आईआरबी जैसे सशस्त्र इकाइयों में कमांडेंट बनाया गया है।
एसडीपीओ और एएसपी स्तर पर भी व्यापक फेरबदल हुआ है। सिमरिया में तैनात आईपीएस शुभम कुमार खंडेलवाल को जमशेदपुर ग्रामीण एसपी बनाया गया है। ललित मीणा को सिटी एसपी जमशेदपुर की जिम्मेदारी मिली है। हजारीबाग में प्रशिक्षु आईपीएस नागरगोजे शुभम भाऊसाहेब को सिमरिया एसडीपीओ बनाया गया है। निखिल कुमार राय को कोतवाली रांची एएसपी, ऋषभ त्रिवेदी को एएसपी मुख्यालय-1 जमशेदपुर बनाया गया है। श्रुति को चैनपुर, दिव्यांश शुक्ला को हुसैनाबाद, राघवेंद्र शर्मा को पतरातु और सैयद मुस्तफा हाशमी को चक्रधरपुर का एसडीपीओ बनाया गया है।

इस व्यापक फेरबदल को राज्य में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने तथा प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

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जमशेदपुर में मजदूरों के हक की लड़ाई एक बार फिर गरमा गई है। गेट घेराव के मामले में मजदूर नेता बंटी सिंह और उनके कई साथियों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अस्थायी कर्मचारियों की मांगों को लेकर मजदूरों ने कंपनी गेट पर घेराव और प्रदर्शन किया था। इस दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी, जिसके बाद प्रशासन ने हस्तक्षेप करते हुए प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान कुछ गतिविधियां ऐसी थीं, जिससे कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका थी, इसी आधार पर FIR दर्ज की गई।

वहीं, मजदूर नेता बंटी सिंह ने इस कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि
"हम FIR से डरने वाले नहीं हैं। यह कदम आग में घी डालने जैसा है। इससे आंदोलन और तेज होगा।"

बंटी सिंह का कहना है कि यह लड़ाई अस्थायी कर्मचारियों के अधिकारों, नौकरी की सुरक्षा और सम्मानजनक कामकाजी परिस्थितियों के लिए है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन और प्रबंधन मिलकर मजदूरों की आवाज दबाने की कोशिश कर रहे हैं।

मजदूर संगठनों ने भी इस कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए समर्थन दिया है और चेतावनी दी है कि यदि केस वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

फिलहाल इलाके में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन बढ़ते विरोध को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड में है। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहरा सकता है, क्योंकि मजदूर संगठन पीछे हटने के मूड में नहीं दिख रहे हैं।

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କାଲିମେଳା,(୧୭/୪): ମାଲକାନଗିରି ଜିଲ୍ଲାର କାଲିମେଳା ବ୍ଲକ ସଭାଗୃହରେ ୧୦ତମ ପଞ୍ଚାୟତ ସମିତି ବୈଠକ ବ୍ଲକ ଅଧ୍ୟକ୍ଷା ସୁବାସିନୀ ସୋଡ଼ିଙ୍କ ଅଧ୍ୟକ୍ଷତାରେ ସଫଳତାର ସହ ଅନୁଷ୍ଠିତ ହୋଇଯାଇଛି। ବୈଠକରେ ମଞ୍ଚାସୀନ ଅତିଥି ଭାବେ କାଲିମେଳା ବିଧାୟକଙ୍କ ପ୍ରତିନିଧି ହରବିଲାସ ମଣ୍ଡଳ, ଚିତ୍ରକୋଣ୍ଡା ବିଧାୟକଙ୍କ ପ୍ରତିନିଧି ଗୋବିନ୍ଦ ସିଲ, ଜିଲ୍ଲା ପରିଷଦ ଉପାଧ୍ୟକ୍ଷ ପତିତପାବନ ବୈଦ୍ୟ, ବ୍ଲକ ଉପାଧ୍ୟକ୍ଷ ଲକ୍ଷ୍ମୀଧର ମାଡ଼କାମୀ, ଜୋନ-୧ ଜିଲ୍ଲା ପରିଷଦ ସଭ୍ୟ ଅର୍ପଣା ମଣ୍ଡଳ ଓ ଜୋନ-୨ ସଭ୍ୟ ମମତା ପଡ଼ିଆମୀ ଉପସ୍ଥିତ ଥିଲେ।
ଏହାସହ ଗୋଷ୍ଠୀ ଉନ୍ନୟନ ଅଧିକାରୀ ପ୍ରଦୀପ କୁମାର କର ଓ ଅନ୍ୟାନ୍ୟ ବିଭାଗର ଅଧିକାରୀମାନେ ବୈଠକରେ ଯୋଗଦେଇ ବିଭିନ୍ନ ବିଷୟରେ ମତାମତ ପ୍ରକାଶ କରିଥିଲେ। ବୈଠକରେ ଶିକ୍ଷା, ସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟ, ପାନୀୟ ଜଳ, ଯାତାୟାତ, ବୃଦ୍ଧାଭତ୍ତା, ପଶୁପାଳନ, ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ବସ ସେବା ସହିତ ବ୍ଲକର ବିଭିନ୍ନ ସମସ୍ୟା ଓ ସରକାରଙ୍କ ଲୋକାଭିମୁଖୀ ଯୋଜନା ବାବଦରେ ବିସ୍ତୃତ ଆଲୋଚନା ହୋଇଥିଲା।
ଏହି ବୈଠକରେ ୨୩ଟି ପଞ୍ଚାୟତର ସରପଞ୍ଚ, ସମିତି ସଭ୍ୟମାନେ ଓ ବ୍ଲକର ସମସ୍ତ ବିଭାଗୀୟ ଅଧିକାରୀମାନେ ଯୋଗଦେଇ ଅଞ୍ଚଳର ଉନ୍ନତି ପାଇଁ ମତ ରଖିଥିଲେ। ବୈଠକକୁ ଜିପିଡିଓ ଜଗନ୍ନାଥ ମଣ୍ଡଳ ଓ ପିଇଓ ଡି.ଏନ. ନାୟକ ସୁଚାରୁ ଭାବେ ପରିଚାଳନା କରିଥିଲେ।

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झारखंड में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल 46 IPS अधिकारियों का तबादला जय अफसरों को मिला अतिरिक्त प्रभार

झारखंड सरकार ने राज्य की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया हैं। शुक्रवार देर रत जारी अधिसूचना में 46 IPS अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापनाओं का आदेश जारी किया गया। इस फैसले के तहत 16 जिलों के एसपी बदले गए है जबकि कई वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई हैं।

दो वरिष्ठ अफसरों को मिला अतिरिक्त प्रभार

सीआईडी एडीजी मनोज कौशिक को एडीजी मुख्यालय झारखंड का अतिरिक्त प्रभार दिया गया हैं।

पंकज कंबोज को आईजी मानवाधिकार का अतिरिक्त प्रभार दिया गया हैं

जानें किन आईपीएस का हुआ तबादला :-

नरेन्द्र कुमार सिंह को आईजी पलामू बनाया गया

शैलेंद्र सिन्हा को बोकारो जोनल आईजी बनाया गया

आईजी क्रांति गडीदेशी को आईजी निगरानी सह सुरक्षा झारखंड विद्युत बोर्ड रांची के पद पर पदस्थापित किया गया

माइकल राज एस को रेल आईजी बनाया गया

सुनील भास्कर को जैप आईजी बनाया गया

बोकारो डीआईजी आनंद प्रकाश को पुलिस मुख्यालय में योगदान करने का आदेश दिया गया

प्रशांत आनंद को वायरलेस एसपी के पद पर पद स्थापित किया गया

निधि द्विवेदी को सरायकेला की नई एसपी बनाई गई हैं

आशुतोष शेखर को गढ़वा जिले का नया एसपी नियुक्त किया गया है

अनुदीप सिंह को कोडरमा से हटाकर पाकुड़ का एसपी बनाया गया है

प्रवीण पुष्कर को देवघर जिले की कमान सौंपी गई है

मुकेश कुमार लुनायत को रामगढ़ का एसपी बनाया गया है

अमन कुमार को हजारीबाग का नया एसपी नियुक्त किया गया है

कपिल चौधरी को पलामू का नया एसपी बनाया गया

देवघर एसपी सौरभ को एसआईबी का एसपी बनाया गया

अनुदीप सिंह को कोडरमा एसपी बनाया गया.

अजय कुमार को एसीबी एसपी बनाया गया

नाथू सिंह मीणा को बोकारो एसपी बनाया गया

सुमित अग्रवाल को एसीबी एसपी बनाया गया.

अनिमेष नैथानी को चतरा एसपी बनाया गया

कुमार शिवाशीष इसको कोडरमा एसपी बनाया गया

मनीष टोप्पो को एससीआरबी एसपी बनाया गया

दीपक कुमार पांडे को एआईजी सह डीजी के विशेष सहायक के पद पर पदस्थापित किया गया

दीपक कुमार शर्मा को एसपी अभियान मुख्यालय के पद पर पदस्थापित किया गया

अंजनी अनजान को जैप-5 देवघर का कमांडेंट बनाया गया

रेशमा रमेशन को जैप-9 कमांडेंट बनाया गया

कुसुम पूनिया को जैप-8 का कमांडेंट बनाया गया

बोकारो एसपी हरविंदर सिंह को स्पेशल ब्रांच सपा के पद पर पदस्थापित किया गया

शंभू सिंह को जामताड़ा एसपी बनाया गया

मूमल राजपुरोहित को रेल एसपी धनबाद बनाया गया

ऋषभ गर्ग को खूंटी एसपी बनाया गया

दीपक कुमार को आईआरबी एक का कमांडेंट बनाया गया

राजकुमार मेहता को एटीएस एसपी बनाया गया

ऋषभ कुमार झा को जैप-4 का कमांडेंट बनाया गया

मोहम्मद याकूब को धनबाद ग्रामीण एसपी बनाया गया

गौरव गोस्वामी को रांची ग्रामीण एसपी बनाया गया

शुभम कुमार खंडेलवाल को ग्रामीण एसपी जमशेदपुर बनाया गया

ललित मीणा को सिटी एसपी जमशेदपुर बनाया गया

नागरगोजे शुभम भाऊसाहेब को सिमरिया एसडीपीओ बनाया गया

निखिल कुमार राय को कोतवाली रांची एएसपी बनाया गया

ऋषभ त्रिवेदी को एएसपी मुख्यालय-1 जमशेदपुर बनाया गया

श्रुति को एसडीपीओ चैनपुर बनाया गया

दिव्यांश शुक्ला को एसडीपीओ हुसैनाबाद बनाया गया

राघवेंद्र शर्मा को एसडीपीओ पतरातु बनाया गया

सैयद मुस्तफा हाशमी को एसडीपीओ चक्रधरपुर के पद पर पदस्थापित किया गया

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नेपाल सरकार ने भारत से खरीदारी करने वालों के लिए नियम सख्त करते हुए 100 रुपये से अधिक के सामान पर भंसार (कस्टम ड्यूटी) अनिवार्य कर दिया है। नेपाल में घरेलू उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए इसे लागू किया गया है। इस पर पांच से 80 प्रतिशत तक शुल्क लग सकता है।
नेपाल और भारत के बीच सीमा पार व्यापार हमेशा से ही आम जिंदगी से जुड़ा रहा है। नये नियम का सीमावर्ती इलाकों में खरीदारी और छोटे व्यापार पर सीधा असर पड़ सकता है। इससे भारत के स्थानीय व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है।
नेपाल में बालेंद्र शाह मंत्रिमंडल के नए फरमान के बाद भारत-नेपाल सीमा से जुड़े इलाकों में हड़कंप मच गया है। इस आदेश में किसी एनजीओ या सरकारी संस्था को भी कोई छूट नहीं दी गई है।
स्थानीय प्रशासन द्वारा इस नियम की जानकारी लाउडस्पीकर के माध्यम से आम लोगों तक पहुंचाई जा रही है। सीमा क्षेत्र के अधिसंख्य लोग रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भारत और नेपाल के बाजार पर निर्भर रहते हैं।

यहां से वे सस्ता सामान खरीदते हैं। सीमावर्ती दुकानदारों के व्यवसाय पर भी इस निर्णय का नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
फिलहाल, सोनामनी गोदाम से लेकर आमबारी तक लगभग 28 किलोमीटर की नेपाल सीमा के बीच एक छोटी भंसार सेवा मेघा बीओपी के समीप है। वहां अभी कोई गहमागहमी नहीं दिख रही।
नेपाल की गीता कार्की, राहुल बस्नेत, मयंग थापा आदि ने बताया कि सीमा से सटे क्षेत्र के लोगों के लिए भारतीय बाजार में सस्ते और सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध हैं। यहां से लोग दाल, तेल, नमक, चीनी, सब्जी, औषधि और अन्य खाने की चीजें खरीदकर अपने घर की जरूरतें पूरी करते हैं। नया नियम लागू होने से छोटी खरीदारियों पर भी असर पड़ेगा।
लोगों का कहना है कि यह निर्णय सीधे तौर पर गरीब, मजदूर और दिहाड़ी पर निर्भर परिवारों को प्रभावित करता है। जो लोग रोजाना 200-300 रुपये का सामान खरीदकर अपने परिवार का गुजारा करते हैं, उनके बारे में सरकार को सोचना चाहिए।
विशेषज्ञ का मानना है कि सरकार का उद्देश्य भले ही राजस्व बढ़ाना और अवैध व्यापार पर रोक लगाना हो, लेकिन इसका प्रभाव आम निवेशकों पर ज्यादा पड़ेगा। बड़ी कंपनियों के बजाय छोटी खरीदारी इस नीति की मार झेलेंगी।
छोटी भंसार सेवा मायागंज (मेघा बीओपी) पर तैनात अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल वरीय अधिकारियों का निर्देश प्राप्त नहीं है। निर्देश मिलते ही नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा। मायागंज छोटी भंसार सेवा में अधिकतम पांच हजार रुपये की भंसार सेवा उपलब्ध है।
नेपाल में भारतीय नंबर प्लेट वाले वाहनों के संचालन को लेकर सख्त कानूनी प्रविधान लागू कर दिए गए हैं। अब यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना और वाहन जब्त होने तक की कार्रवाई की जा सकती है।
नेपाल सरकार द्वारा लागू भंसार (कस्टम) महाशुल्क ऐन 2071 के तहत भारतीय सवारी साधनों को नेपाल में प्रवेश के लिए भंसार (कस्टम) अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माने के साथ ही अन्य कठोर कार्रवाई की जा सकती है।
साथ ही, उपयोग के आधार पर शुल्क भी निर्धारित किया गया है। इसके तहत बाइक या स्कूटर के लिए रोजाना 100 रुपये, तीन पहिया वाहनों के लिए 400 रुपये और कार-जीप-वैन के लिए 600 रुपये दैनिक शुल्क देना होता है।
भंसार शुल्क चुकाने के बाद भी कोई विदेशी वाहन एक आर्थिक वर्ष में अधिकतम 30 दिनों तक ही नेपाल में चलाया जा सकता है, चाहे वह अवधि लगातार हो या अलग-अलग हिस्सों में।
यदि कोई वाहन तय समय सीमा से अधिक नेपाल में रखा जाता है, तो बाइक व स्कूटर पर प्रतिदिन 2000 रुपये और अन्य वाहनों पर 2500 रुपये प्रतिदिन अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा।

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राज्य परिवर्तन आयोग (State Transformation Commission -STC के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री मनोज कुमार सिंह पूर्व मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश ने वाराणसी के न्यू सर्किट हाउस के कॉन्फ्रेंस हॉल में मंडल के एफपीओ व निर्यातकों से विकसित यूपी @2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बहुआयामी योजनाओं पर विस्तृत चर्चा किया एपिडा के क्षेत्रीय उपमहाप्रबंधक डॉक्टर सी.बी. सिंह ने कृषि उपज के निर्यात संवर्धन व उन्नत किस्म के कृषि उपज व बागवानी के विकास के लिए विस्तृत जानकारी दिया । एपिडा द्वारा नवनिर्मित निर्यात संवर्धन केंद्र के विषय में भी जानकारी दिया गया जिसका जल्द ही शुभारंभ होने वाला है चर्चा में नवचेतना एफपीओ मिर्जापुर के श्री मुकेश पांडे जी, ईशानी एग्रो एफपीओ चंदौली के श्री अजय सिंह जी, शिवनंदन एफपीओ चंदौली के रमेश सिंह जी, नमामि गंगे एफपीसी लिमिटेड वाराणसी के के.एन. सिंह आदि ने विस्तृत चर्चा किया मीटिंग में श्री अमित जायसवाल उपनिदेशक कृषि श्री दिग्विजय भार्गव उपनिदेशक हॉर्टिकल्चर श्री सुभाष कुमार जिला उद्यान अधिकारी विशाल प्रधान शैलेंद्र सिंह डॉक्टर आशीष कुमार अंकित कुमार तिवारी प्रतापगढ़ से शुभम त्रिपाठी प्रयागराज से धनंजय प्रताप लखनऊ कुशाग्र श्रीवास्तव बहरीन आदि ने भी चर्चा में शामिल रहे इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश के कृषि उपज को एक्सपोर्ट /निर्यात के लिए किस तरह से अच्छी फसले उगाई जाएं कौन-कौन सी प्रजातियां चयनित हो इन सब पर बहुत चर्चा हुई मत्स्य पालन को भी इस राज्य के अर्थव्यवस्था में अहम रोल माना गया और चंदौली में बनी हुई मछली मंडी को ठीक ढंग से क्रियान्वित करने पर भी चर्चाएं हुई ईशानी एग्रो के अजय सिंह नमामि गंगे के के.एन. सिंह ने मत्स्य पालन को किस तरह से राज्य की अर्थव्यवस्था में मुख्य रोल में लाया जाए इस पर बहुत विस्तृत चर्चा किया के एन सिंह ने सेवापुरी में बन रहे नाबार्ड के मछली मंडी के विषय में भी विस्तृत चर्चा किया क्योंकि अधिकतर ग्रामीण क्षेत्रों में मीट मुर्गा मछली बड़े गंदे एटमॉस्फेयर में बेची जा रही है जिसके लिए एक मॉडल ग्रामीण हाट का डेवलप किया जा रहा है उसको एक मॉडल के तौर पर प्रदेश में अपनाए जाने की भी चर्चा की गई।
#निर्यात #विकसितयूपी@2047 #MYogiAdityanath #APEDA #UPGovernment #fisheries #STC
#ajai #KJ #FTJ #किसान_पत्रकार

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📍 सहारनपुर: जनपद के मिर्जापुर थाना क्षेत्र से एक किसान को उठाकर बेहट थाने ले जाने और थर्ड डिग्री देने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
👉 आरोप है कि पुलिस ने किसान को हिरासत में लेकर बुरी तरह मारपीट की, जिसके चलते उसे तीन दिन तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा।
👉 पीड़ित किसान के परिजनों का कहना है कि यह कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेशों के खिलाफ है, बावजूद इसके पुलिस ने उत्पीड़न किया।
👉 मामले में बेहट थाने के दो दरोगाओं पर थर्ड डिग्री देने के आरोप लगाए गए हैं।
🗣️ पीड़ित की पत्नी ने मानवाधिकार आयोग से न्याय की गुहार लगाई है, जबकि मुख्यमंत्री पोर्टल और एसएसपी को भी शिकायत भेजी जा चुकी है।
❗ घटना के 10 दिन बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई न होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
❗ स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
📢 अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और पीड़ित परिवार को कब न्याय मिल पाता है।
— Rao Digital India News

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जोगबनी (अररिया) | रिपोर्ट

भारत-नेपाल सीमा पर नेपाल सरकार द्वारा नया कस्टम ड्यूटी नियम लागू किए जाने के बाद सीमावर्ती इलाकों में हलचल तेज हो गई है। नए नियम के तहत अब भारत से नेपाल ले जाए जाने वाले ₹100 से अधिक मूल्य के सामान पर 5% से 80% तक कस्टम शुल्क देना अनिवार्य कर दिया गया है।

इस नियम के लागू होने का असर खास तौर पर बिहार के अररिया जिले के जोगबनी बॉर्डर पर साफ देखा जा रहा है, जहां रोज़ाना बड़ी संख्या में लोग छोटे-मोटे व्यापार और व्यक्तिगत जरूरतों के लिए सीमा पार करते हैं।

📊 क्या है नया नियम?
नेपाल सरकार के ताज़ा फैसले के अनुसार:

₹100 तक के सामान पर कोई शुल्क नहीं

₹100 से अधिक के सामान पर 5% से 80% तक कस्टम ड्यूटी

श्रेणी के अनुसार अलग-अलग दरें लागू

👥 व्यापारियों और स्थानीय लोगों की चिंता
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि इस फैसले से सीमा पार होने वाला छोटा व्यापार बुरी तरह प्रभावित होगा। जोगबनी और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोग रोजमर्रा के सामान के लिए एक-दूसरे के देश पर निर्भर रहते हैं।

व्यापारियों के मुताबिक:

छोटे दुकानदारों की आय पर असर पड़ेगा

आम लोगों की दैनिक जरूरतें महंगी हो जाएंगी

सीमा पार आवागमन में कमी आ सकती है

🤝 ‘बेटी-रोटी’ संबंधों पर भी असर की आशंका
भारत और नेपाल के बीच वर्षों से सामाजिक और पारिवारिक रिश्ते ‘बेटी-रोटी’ के रूप में जाने जाते हैं। लोगों का मानना है कि इस तरह के कड़े नियम इन पारंपरिक संबंधों को भी प्रभावित कर सकते हैं।

📌 प्रशासन सतर्क, स्थिति पर नजर
सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां और प्रशासन इस नए नियम के प्रभाव पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में इसके सामाजिक और आर्थिक असर और स्पष्ट हो सकते हैं।

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महराजगंज | 17 अप्रैल 2026 (शुक्रवार)
महराजगंज जनपद के कटहरी बाजार में मौजूद Indian oil और करमही क्षेत्र के बीच स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंपों पर शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी। ईंधन की कमी के चलते लोगों को लंबी-लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ा, जिससे आम जनजीवन प्रभावित नजर आया।
स्थिति यह रही कि कई स्थानों पर वाहन चालकों की लंबी लाइनें लग गईं, खासकर दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
बताया जा रहा है कि जनपद के कई पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का स्टॉक समाप्त हो जाने के कारण आपूर्ति बाधित रही। इसके चलते लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा और कई लोग बिना ईंधन लिए ही वापस लौटने को मजबूर हुए।
प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि जल्द से जल्द आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू किया जाए, ताकि आम जनता को इस समस्या से राहत मिल सके।

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समाजसेवेच्या कार्यात नेहमीच अग्रेसर असणाऱ्या रेवदंडा येथील डॉ. श्री. नानासाहेब धर्माधिकारी प्रतिष्ठानच्या वतीने रायगड पोलीस दलाला ६१५ बॅरिकेड्स आणि १६ ब्रेथ ॲनालायझर मशीनचे वाटप करण्यात आले आहे. या मदतीमुळे जिल्ह्यातीतील वाहतूक नियंत्रण आणि गुन्हेगारी प्रतिबंधक मोहिमेला मोठे बळ मिळणार आहे.
धर्माधिकारी परिवाराच्या हस्ते साहित्याचे हस्तांतरण
एका विशेष कार्यक्रमादरम्यान डॉ. सचिन दादा धर्माधिकारी, श्री. उमेश दादा धर्माधिकारी आणि श्री. राहुल दादा धर्माधिकारी यांच्या शुभहस्ते हे साहित्य रायगडच्या जिल्हा पोलीस अधीक्षक श्रीमती आँचल दलाल यांच्याकडे सुपूर्द करण्यात आले.
सामाजिक बांधिलकीचे दर्शन
वाढती वाहतूक कोंडी आणि रस्ते सुरक्षा लक्षात घेता, पोलिसांनी केलेल्या आवाहनाला प्रतिसाद देत प्रतिष्ठानने हे पाऊल उचलले आहे. ६१५ बॅरिकेड्समुळे गर्दीचे नियोजन करणे पोलिसांना सोपे जाईल, तर १६ आधुनिक ब्रेथ ॲनालायझर मशीनमुळे मद्यपान करून वाहन चालवणाऱ्यांवर जरब बसवण्यास मदत होणार आहे.
यावेळी पोलीस दलातील वरिष्ठ अधिकारी आणि प्रतिष्ठानचे स्वयंसेवक उपस्थित होते. डॉ. नानासाहेब धर्माधिकारी प्रतिष्ठानच्या या कार्याचे प्रशासकीय स्तरावर आणि सर्वसामान्य जनतेकडून मोठे कौतुक होत आहे.

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मसूरी: पिक्चर पैलेस शहीद भगत सिंह चौक से लंढौर बाजार को जाने वाले मार्ग पर की जा रही बैरिकेडिंग को लेकर इन दिनों स्थानीय स्तर पर विवाद की स्थिति बनी हुई है। एक ओर जहां प्रशासन और कुछ व्यापारी इसे यातायात व्यवस्था सुधारने की दिशा में कदम बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि इसे आवागमन में बाधा उत्पन्न करने वाला निर्णय मान रहे हैं।

इस मार्ग की भौगोलिक स्थिति पहले से ही संकरी है और यह क्षेत्र शहर के प्रमुख यातायात मार्गों में शामिल है, जहां से लंढौर, नगर पालिका कार्यालय तथा पार्किंग स्थलों की ओर लगातार आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में बैरिकेडिंग के बाद दो वाहनों के एक साथ निकलने में दिक्कत की बात सामने आ रही है, जिससे जाम की स्थिति और अधिक बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

🗣️ व्यापारी पक्ष की मांग पर कार्य
क्षेत्रीय सभासद Amit Bhatt के अनुसार, यह बैरिकेडिंग कार्य भोटिया मार्केट के व्यापारियों की मांग पर किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सड़क किनारे दुपहिया वाहनों के अनियंत्रित जमावड़े के कारण लगातार अव्यवस्था की स्थिति बन रही थी, जिसके समाधान के लिए व्यापारियों ने पालिका अध्यक्षा से इस कार्य की मांग की थी।

⚖️ स्थानीय लोगों की चिंता
वहीं, कुछ स्थानीय निवासियों और अन्य जनप्रतिनिधियों का कहना है कि बैरिकेडिंग से पहले से ही संकरी सड़क और अधिक सीमित हो गई है, जिससे दैनिक आवागमन प्रभावित हो रहा है। उनका मानना है कि यह मार्ग शहर के व्यस्ततम मार्गों में से एक है और यहां किसी भी प्रकार की भौतिक बाधा जाम की स्थिति को और गंभीर बना सकती है।

🧠 संतुलन की चुनौती
मामले ने अब एक व्यापक बहस का रूप ले लिया है, जिसमें एक ओर यातायात नियंत्रण और सड़क किनारे अव्यवस्थित पार्किंग को रोकने की जरूरत है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय निवासियों के सुगम आवागमन को बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

प्रशासन के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती यही है कि वह दोनों पक्षों के बीच संतुलन स्थापित करते हुए ऐसा समाधान निकाले, जिससे न तो व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हों और न ही आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़े।

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जळगाव : आव्हाणे येथे गिरणा नदीच्या पात्रात पाय घसरून पड़ल्याने एका ६६ वर्षीय वृद्धाचा बुडून मृत्यू झाल्याची घटना गुरुवारी, १६ एप्रिल रोजी सायंकाळी ५ वाजेच्या सुमारास घडली. किसन रामचंद्र मोरे असे मृत वृद्धाचे नाव आहे.

मोरे हे गिरणा नदीपात्राच्या बाजूने जात होते. यावेळी अचानक त्यांचा पाय घसरला आणि ते नदीच्या खोल पाण्यात पडले. त्यांना पोहता येत नसल्याने ते बुडू लागले. हा प्रकार नागरिकांच्या लक्षात येताच त्यांनी नदीत उड्या घेऊन मोरे यांना पाण्याबाहेर काढले व जिल्हा शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय व रुग्णालयात दाखल केले. मात्र, वैद्यकीय अधिकारी डॉ. रक्षा रोकडे यांनी त्यांना तपासले असता, त्यांचा रुग्णालयात पोहोचण्यापूर्वीच मृत्यू झाल्याचे घोषित केले.

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राप्ती नदी में नहाने गए तीन युवक डूबे, दो के शव बरामद, तीसरे की तलाश जारी

रिपोर्ट:
उत्तर प्रदेश में राप्ती नदी में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां नहाने के दौरान तीन युवक नदी की तेज धारा में बह गए। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर भारी भीड़ जुट गई।
बताया जा रहा है कि तीनों युवक नदी में नहाने के लिए उतरे थे। इसी दौरान अचानक वे गहराई में चले गए और पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गए। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने दो युवकों के शव नदी से बाहर निकाल लिए। वहीं तीसरे युवक की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नदी की गहराई और तेज बहाव का सही अंदाजा न लग पाने के कारण यह हादसा हुआ। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी या जलाशयों में नहाते समय सावधानी बरतें और निर्धारित सुरक्षित स्थानों पर ही जाएं।
इस हादसे के बाद मृतकों के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई जारी है।

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নাঙল বিহু (কেতিয়াবা “নাঙল বোৱা বিহু” বুলিও কোৱা হয়) অসমীয়া কৃষিজীৱনৰ এক গুৰুত্বপূর্ণ পৰম্পৰা, যি মূলতঃ খেতি আৰম্ভ কৰাৰ লগত জড়িত। এই বিহুৰ মূল লক্ষ্য হৈছে মাটিক উৰ্বৰা কৰা আৰু ভাল ফচলৰ কামনা কৰা।
📜 নাঙল বিহুৰ পৰম্পৰা
এই বিহু সাধাৰণতে ব'হাগ মাহত পালন কৰা হয়, যেতিয়া খেতিৰ নতুন বছৰৰ আৰম্ভণি হয়।
কৃষকসকলে নাঙল (হাল) লৈ প্ৰথমে পথাৰলৈ ওলাই যায় আৰু মাটি চাষ আৰম্ভ কৰে।
মাটিক মাতৃৰূপে গণ্য কৰি পূজা কৰা হয় আৰু ঈশ্বৰৰ পৰা ভাল ফচলৰ আশীৰ্বাদ বিচৰা হয়।
কিছুমান ঠাইত গাঁওবাসীয়ে একেলগে মিলি পূজা-অৰ্চনা কৰে।
🎉 আয়োজন আৰু পালন পদ্ধতি
নাঙল পূজা: নাঙল আৰু কৃষি সামগ্ৰী শুদ্ধ কৰি পূজা কৰা হয়।
গৰুৰ যত্ন: গৰুবোৰকো বিশেষ গুৰুত্ব দিয়া হয়, কাৰণ ইহঁত খেতিৰ মুখ্য সহায়ক।
সমূহীয়া ভোজ: গাঁওত একেলগে খোৱা-দোৱা আৰু আনন্দ উদযাপন কৰা হয়।
লোকসংগীত আৰু নৃত্য: কিছুমান ঠাইত বিহু গীত আৰু নৃত্যৰ ব্যৱস্থা থাকে।
🌾 গুৰুত্ব
নাঙল বিহুয়ে কৃষকৰ জীৱনৰ সৈতে গভীৰভাৱে জড়িত। ই মাটি, গৰু আৰু প্ৰকৃতিক সন্মান জনোৱাৰ এক পৰম্পৰা। ইয়াৰ জৰিয়তে সমাজত একতা আৰু সহযোগিতাৰ অনুভূতি বাঢ়ে ।

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बांका जिला के धोरैया प्रखंड कार्यालय में भारत की जनगणना 2027 के मद्देनजर स्वगणना (Self Enumeration) जागरूकता अभियान सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड प्रमुख रंजू देवी के नेतृत्व में एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी अरविंद कुमार की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को स्वगणना की प्रक्रिया के प्रति जागरूक करना तथा डिजिटल माध्यम से स्वयं अपनी जनगणना करने के लिए प्रेरित करना रहा। इस अवसर पर बीपीआरओ अनुपम अनुराग सहित प्रखंड स्तर के सभी कर्मी, माननीय मुखिया, वार्ड सचिव एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने सभी जनप्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने पंचायत क्षेत्रों में जाकर लोगों को स्वगणना के प्रति जागरूक करें, ताकि जनगणना 2027 की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं सफल बनाया जा सके।
कार्यक्रम में स्वगणना से जुड़ी तकनीकी जानकारी, मोबाइल ऐप के उपयोग एवं पूरी प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी गई।
यह जागरूकता अभियान 17 अप्रैल 2026 से 01 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा, जिसके तहत प्रखंड क्षेत्र में व्यापक स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
👉 अंग संदेश न्यूज़ | धोरैया, बांका

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ਸ੍ਰੀ ਅਨੰਦਪੁਰ ਸਾਹਿਬ ਹਲਕੇ ਦੇ ਖੇਡ ਪ੍ਰੇਮੀਆਂ ਤੇ ਖਿਡਾਰੀਆਂ ਲਈ ਪ੍ਰੀਮੀਅਰ ਲੀਗ 27 ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੋਂ ਹੋਵੇਗੀ ਸ਼ੁਰੂ- ਹਰਜੋਤ ਬੈਂਸ
3 ਮਈ ਨੂੰ ਹੋਣਗੇ ਫਾਈਨਲ ਮੁਕਾਬਲੇ, ਜੇਤੂ ਖਿਡਾਰੀਆਂ, ਟੀਮਾਂ ਅਤੇ ਪਿੰਡਾਂ ਨੂੰ ਮਿਲਣਗੀਆਂ ਵੱਡੀਆ ਸੋਗਾਤਾਂ- ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ
ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਸੂਬੇ ਵਿੱਚ ਖੇਡਾਂ ਨੂੰ ਪ੍ਰਫੁੱਲਿਤ ਕਰਕੇ ਨਸ਼ਿਆ ਦਾ ਜੜ੍ਹ ਤੋ ਖਾਤਮਾ ਕਰਨ ਲਈ ਪੂਰੀ ਤਰਾਂ ਵਚਨਬੱਧ- ਬੈਂਸ
ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਦਾ ਰੁੱਖ ਖੇਡ ਮੈਦਾਨ ਵੱਲ ਪਰਤਿਆਂ, ਖੇਡ ਮੈਦਾਨਾਂ ਵਿਚ ਵਧੀਆ ਰੋਣਕਾਂ, ਸੈਂਕੜੇ ਖੇਡ ਮੈਦਾਨ ਤਿਆਰ
ਸ੍ਰੀ ਅਨੰਦਪੁਰ ਸਾਹਿਬ ਅਪ੍ਰੈਲ: ਸ.ਹਰਜੋਤ ਸਿੰਘ ਬੈਂਸ ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਸਿੱਖਿਆ ਅਤੇ ਸੂਚਨਾ ਤੇ ਲੋਕ ਸੰਪਰਕ ਵਿਭਾਗ ਪੰਜਾਬ ਨੇ ਸ੍ਰੀ ਅਨੰਦਪੁਰ ਸਾਹਿਬ ਹਲਕੇ ਦੇ ਖਿਡਾਰੀਆਂ ਅਤੇ ਖੇਡ ਪ੍ਰੇਮੀਆਂ ਨੂੰ ਵੱਡੀ ਸੋਗਾਤ ਦਿੰਦੇ ਹੋਏ ਪ੍ਰੀਮੀਅਰ ਲੀਗ ਕਰਵਾਉਣ ਦਾ ਐਲਾਨ ਕੀਤਾ ਹੈ। ਇਹ ਮੁਕਾਬਲੇ 27 ਅਪ੍ਰੈਲ ਨੂੰ ਪ੍ਰਮੁੱਖ ਖੇਡ ਹਸਤੀਆਂ ਦੀ ਹਾਜ਼ਰੀ ਵਿੱਚ ਅਰੰਭ ਹੋਣਗੇ ਅਤੇ 3 ਮਈ ਨੂੰ ਫਾਈਨਲ ਮੁਕਾਬਲੇ ਕਰਵਾਏ ਜਾਣਗੇ। ਹਰ ਪਿੰਡ, ਵਾਰਡ, ਮੁਹੱਲੇ ਦੀਆਂ ਟੀਮਾਂ ਇਨ੍ਹਾਂ ਮੁਕਾਬਲਿਆਂ ਵਿੱਚ ਭਾਗ ਲੈ ਸਕਣਗੀਆਂ।
ਸ.ਬੈਂਸ ਨੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੰਦਿਆਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇਸ ਟੂਰਨਾਮੈਂਟ ਦੀ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਡੀ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ਤਾ ਇਹ ਹੈ ਕਿ ਹਲਕੇ ਦੇ ਹਰ ਪਿੰਡ, ਵਾਰਡ ਅਤੇ ਮੁਹੱਲੇ ਦੀਆਂ ਟੀਮਾਂ ਇਸ ਵਿੱਚ ਭਾਗ ਲੈ ਸਕਦੀਆਂ ਹਨ। ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਪਿੰਡਾਂ ਦੀ ਆਬਾਦੀ ਹਜ਼ਾਰ ਤੋਂ ਵੱਧ ਹੈ, ਉੱਥੇ ਦੋ ਟੀਮਾਂ ਨੂੰ ਹਿੱਸਾ ਲੈਣ ਦੀ ਆਗਿਆ ਹੋਵੇਗੀ। ਨੰਗਲ, ਸ੍ਰੀ ਅਨੰਦਪੁਰ ਸਾਹਿਬ ਅਤੇ ਕੀਰਤਪੁਰ ਸਾਹਿਬ ਵਰਗੇ ਸ਼ਹਿਰਾਂ ਵਿੱਚ ਵਾਰਡ ਜਾਂ ਮੁਹੱਲਾ ਅਧਾਰਿਤ ਟੀਮਾਂ ਬਣਾਈਆਂ ਜਾਣਗੀਆਂ। ਹਰ ਟੀਮ ਨੂੰ ਆਪਣਾ ਵਿਲੱਖਣ ਨਾਮ ਰੱਖਣ ਦਾ ਮੌਕਾ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇਗਾ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਮੁਕਾਬਲੇ ਵਿੱਚ ਜੋਸ਼ ਅਤੇ ਰੁਚੀ ਹੋਰ ਵਧੇਗੀ।
ਇਸ ਟੂਰਨਾਮੈਂਟ ਵਿੱਚ ਭਾਗ ਲੈਣ ਵਾਲੀਆਂ ਟੀਮਾਂ ਨੂੰ ਖਾਸ ਸਹੂਲਤਾਂ ਵੀ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕੀਤੀਆਂ ਜਾਣਗੀਆਂ। ਹਰ ਟੀਮ ਨੂੰ ਜਰਸੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ਅਤੇ ਹਰ ਖਿਡਾਰੀ ਨੂੰ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇਗਾ। ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਟੀਮਾਂ ਨੂੰ ਕ੍ਰਿਕਟ ਕਿੱਟ, ਦੋ ਬੈਟ, ਵਿਕਟਾਂ ਅਤੇ ਗੇਂਦਾਂ ਦਾ ਸੈੱਟ ਵੀ ਮੁਹੱਈਆ ਕਰਵਾਇਆ ਜਾਵੇਗਾ। ਇਹ ਉਪਰਾਲਾ ਸਿਰਫ ਖੇਡ ਮੁਕਾਬਲਿਆਂ ਤੱਕ ਸੀਮਿਤ ਨਹੀਂ, ਸਗੋਂ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਨਸ਼ਿਆਂ ਤੋਂ ਦੂਰ ਰੱਖਣ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਸਿਹਤਮੰਦ ਜੀਵਨ ਵੱਲ ਪ੍ਰੇਰਿਤ ਕਰਨ ਲਈ ਇੱਕ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਦਮ ਹੈ।
ਇਸ ਪ੍ਰਤੀਯੋਗਿਤਾ ਵਿੱਚ ਜੇਤੂਆਂ ਲਈ ਆਕਰਸ਼ਕ ਇਨਾਮ ਰੱਖੇ ਗਏ ਹਨ। ਪਹਿਲੇ ਸਥਾਨ ‘ਤੇ ਆਉਣ ਵਾਲੀ ਟੀਮ ਨੂੰ 1.50 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਨਗਦ ਇਨਾਮ ਦੇ ਨਾਲ ਉਸਦੇ ਪਿੰਡ ਨੂੰ 10 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਦੀ ਵਿਕਾਸ ਗ੍ਰਾਂਟ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇਗੀ। ਦੂਜੇ ਸਥਾਨ ਲਈ 1 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਅਤੇ ਪਿੰਡ ਲਈ 5 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਦੀ ਗ੍ਰਾਂਟ, ਜਦਕਿ ਤੀਜੇ ਸਥਾਨ ਲਈ 2.50 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਦੀ ਗ੍ਰਾਂਟ ਰੱਖੀ ਗਈ ਹੈ। ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਮੈਨ ਆਫ ਦ ਟੂਰਨਾਮੈਂਟ ਨੂੰ 50 ਹਜ਼ਾਰ ਰੁਪਏ ਅਤੇ ਬੈਸਟ ਬੈਟਸਮੈਨ ਤੇ ਬੈਸਟ ਬਾਲਰ ਨੂੰ 21-21 ਹਜ਼ਾਰ ਰੁਪਏ ਦੇ ਇਨਾਮ ਦਿੱਤੇ ਜਾਣਗੇ।
ਇਹ ਟੂਰਨਾਮੈਂਟ ਨੰਗਲ, ਸ੍ਰੀ ਅਨੰਦਪੁਰ ਸਾਹਿਬ ਅਤੇ ਕਾਹੀਵਾਲ ਵਿੱਚ ਕਰਵਾਇਆ ਜਾਵੇਗਾ ਅਤੇ ਇਸ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਸ਼ਾਨਦਾਰ ਓਪਨਿੰਗ ਸੈਰੇਮਨੀ ਨਾਲ ਹੋਵੇਗੀ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਖੇਡ ਅਤੇ ਮਨੋਰੰਜਨ ਜਗਤ ਦੀਆਂ ਪ੍ਰਸਿੱਧ ਹਸਤੀਆਂ ਸ਼ਿਰਕਤ ਕਰਨਗੀਆਂ। ਪਹਿਲੇ ਤਿੰਨ ਦਿਨਾਂ ਲਈ ਰਜਿਸਟ੍ਰੇਸ਼ਨ ਮੁਫਤ ਰੱਖੀ ਗਈ ਹੈ, ਤਾਂ ਜੋ ਵੱਧ ਤੋਂ ਵੱਧ ਨੌਜਵਾਨ ਇਸ ਵਿੱਚ ਭਾਗ ਲੈ ਸਕਣ। ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਹੈ ਕਿ ਉਹ ਇਸ ਮੌਕੇ ਦਾ ਪੂਰਾ ਲਾਭ ਲੈਣ ਅਤੇ ਖੇਡਾਂ ਰਾਹੀਂ ਆਪਣੇ ਭਵਿੱਖ ਨੂੰ ਨਵੀਂ ਦਿਸ਼ਾ ਦੇਣ।

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ಪ್ಯೂಸಿ ನಂತರ ಫಾರೆಸ್ಟ್ರಿ ಕೋರ್ಸ್ – ಕರ್ನಾಟಕದಲ್ಲಿ ಎರಡು ಪ್ರಮುಖ ಯುನಿವರ್ಸಿಟಿಗಳು | ವಿದ್ಯಾರ್ಥಿಗಳಿಗೆ ಅವಕಾಶಗಳು
ಕರ್ನಾಟಕದಲ್ಲಿ ಪ್ಯೂಸಿ (PCMB) ಪೂರ್ಣಗೊಳಿಸಿದ ನಂತರ ವಿದ್ಯಾರ್ಥಿಗಳು B.Sc Forestry (ಫಾರೆಸ್ಟ್ರಿ) ಕೋರ್ಸ್ ಆಯ್ಕೆ ಮಾಡಬಹುದು. ಇದು ಅರಣ್ಯ ಸಂರಕ್ಷಣೆ, ಪರಿಸರ, ವನ್ಯಜೀವಿ ನಿರ್ವಹಣೆ, ನೆಟ್ಟು-ಬೆಳೆಸುವ ತಂತ್ರಜ್ಞಾನಗಳ ಬಗ್ಗೆ ತರಬೇತಿ ನೀಡುವ 4 ವರ್ಷದ ಪದವಿ ಕೋರ್ಸ್.

🌳 ನ್ಯೂಸ್ ವರದಿ
ಪ್ಯೂಸಿ ನಂತರ ಫಾರೆಸ್ಟ್ರಿ ಓದಲು ವಿದ್ಯಾರ್ಥಿಗಳ ಆಸಕ್ತಿ ಹೆಚ್ಚಳ – ಕರ್ನಾಟಕದಲ್ಲಿ ಎರಡು ಪ್ರಮುಖ ವಿಶ್ವವಿದ್ಯಾಲಯಗಳಲ್ಲಿ ಅವಕಾಶ
ಕರ್ನಾಟಕದಲ್ಲಿ ಪರಿಸರ ಸಂರಕ್ಷಣೆ ಮತ್ತು ಅರಣ್ಯ ಇಲಾಖೆಯಲ್ಲಿ ಉದ್ಯೋಗ ಅವಕಾಶಗಳು ಹೆಚ್ಚುತ್ತಿರುವ ಹಿನ್ನೆಲೆ, ಪ್ಯೂಸಿ ನಂತರ ಫಾರೆಸ್ಟ್ರಿ ಕೋರ್ಸ್ ಆಯ್ಕೆ ಮಾಡುವ ವಿದ್ಯಾರ್ಥಿಗಳ ಸಂಖ್ಯೆ ಹೆಚ್ಚುತ್ತಿದೆ. ಈ ಕೋರ್ಸ್‌ಗೆ PCMB (Physics, Chemistry, Mathematics, Biology) ಓದಿದ ವಿದ್ಯಾರ್ಥಿಗಳು ಅರ್ಜಿ ಸಲ್ಲಿಸಬಹುದು. ಪ್ರವೇಶ ಸಾಮಾನ್ಯವಾಗಿ KCET ಮೂಲಕ ನಡೆಯುತ್ತದೆ.

1) Keladi Shivappa Nayaka University of Agricultural and Horticultural Sciences, Shivamogga
ಇಲ್ಲಿ ಇರುವ ಫಾರೆಸ್ಟ್ರಿ ಕೋರ್ಸ್
B.Sc (Hons) Forestry – 4 ವರ್ಷ
ಕಾಲೇಜ್: ಪೊಂಡಂಪೇಟೆ (College of Forestry)
ಪ್ರವೇಶ: KCET + PUC PCMB ಅಂಕ
ತರಬೇತಿ: ಅರಣ್ಯ ಸಂರಕ್ಷಣೆ, ವನ್ಯಜೀವಿ, ಪ್ಲಾಂಟೇಷನ್ ಮ್ಯಾನೇಜ್ಮೆಂಟ್
ಸರ್ಕಾರಿ ಮತ್ತು ಖಾಸಗಿ ಉದ್ಯೋಗ ಅವಕಾಶ
ಈ ವಿಶ್ವವಿದ್ಯಾಲಯದಲ್ಲಿ Forestry UG ಮತ್ತು PG ಕೋರ್ಸ್‌ಗಳು ಲಭ್ಯ.

2) University of Agricultural Sciences, Dharwad
ಇಲ್ಲಿ ಇರುವ ಫಾರೆಸ್ಟ್ರಿ ಕೋರ್ಸ್
B.Sc Forestry – 4 ವರ್ಷ
ಕಾಲೇಜ್: ಸಿರ್ಸಿ (College of Forestry, Sirsi)
ಪ್ರವೇಶ: KCET ಮೂಲಕ
ಪ್ರಾಕ್ಟಿಕಲ್ ತರಬೇತಿ: ವೆಸ್ಟರ್ನ್ ಘಾಟ್ ಪ್ರದೇಶದಲ್ಲಿ ಫೀಲ್ಡ್ ವರ್ಕ್
ಅರಣ್ಯ ಇಲಾಖೆ, NGO, ರಿಸರ್ಚ್ ಕ್ಷೇತ್ರದಲ್ಲಿ ಅವಕಾಶ
ಈ ಕೋರ್ಸ್ ಪೂರ್ಣಕಾಲಿಕ 4 ವರ್ಷದ UG ಪ್ರೋಗ್ರಾಂ ಆಗಿದೆ.

🎓 ಅರ್ಹತೆ (Eligibility)
ಪ್ಯೂಸಿ Science (PCMB) ಪಾಸ್.
KCET ಪರೀಕ್ಷೆ ಬರೆಯಬೇಕು
ಮೆರಿಟ್ ಆಧಾರದ ಮೇಲೆ ಸೀಟ್ ಅಲಾಟ್.
📚 ವಿಷಯಗಳು (Subjects)
Forest Ecology
Wildlife Management
Silviculture
Forest Engineering
Environmental Science
GIS & Remote sensing
💼 ಉದ್ಯೋಗ ಅವಕಾಶಗಳು
Forest Officer
Range Forest Officer (RFO)
Wildlife Officer
Forest Department Jobs
NGO / Environment Projects
Research & Higher Studies

ದಿನಾಂಕ್ :೧೮/೪/೨೦೨೬
ಜಿಲ್ಲಾ :ಬೆಳಗಾಂವಿ
ರಿಪೋರ್ಟ್ :ರಾಘವೇಂದ್ರ. ಕಲಾಲ್

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दिल्ली: 51 वर्षीय व्यक्ति लापता, पुलिस में दर्ज हुई शिकायत
राजधानी दिल्ली के आउटर जिला अंतर्गत रन्होला थाना क्षेत्र में एक 51 वर्षीय व्यक्ति के लापता होने का मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुरज पाल (पुत्र खुबी राम), निवासी क्षेत्र, 14 अप्रैल 2026 की सुबह लगभग 7 बजे से लापता हैं।
परिजनों द्वारा काफी तलाश के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं लग पाया, जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायतकर्ता ललित ने बताया कि सुरज पाल घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे।
पुलिस के अनुसार, लापता व्यक्ति की पहचान 5 फीट कद, सांवला रंग, और आखिरी बार डार्क ब्लू रंग की शर्ट और लोअर पहने हुए के रूप में हुई है।
रन्होला थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और संबंधित एजेंसियों को भी सूचित किया गया है। पुलिस आम जनता से अपील कर रही है कि यदि किसी को भी इस व्यक्ति के बारे में कोई जानकारी मिले तो तुरंत नजदीकी थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करें।

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दिल्ली: 51 वर्षीय व्यक्ति लापता, पुलिस में दर्ज हुई शिकायत
राजधानी दिल्ली के आउटर जिला अंतर्गत रन्होला थाना क्षेत्र में एक 51 वर्षीय व्यक्ति के लापता होने का मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुरज पाल (पुत्र खुबी राम), निवासी क्षेत्र, 14 अप्रैल 2026 की सुबह लगभग 7 बजे से लापता हैं।
परिजनों द्वारा काफी तलाश के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं लग पाया, जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायतकर्ता ललित ने बताया कि सुरज पाल घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे।
पुलिस के अनुसार, लापता व्यक्ति की पहचान 5 फीट कद, सांवला रंग, और आखिरी बार डार्क ब्लू रंग की शर्ट और लोअर पहने हुए के रूप में हुई है।
रन्होला थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और संबंधित एजेंसियों को भी सूचित किया गया है। पुलिस आम जनता से अपील कर रही है कि यदि किसी को भी इस व्यक्ति के बारे में कोई जानकारी मिले तो तुरंत नजदीकी थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करें।

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सारंगढ़/कोसीर: सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में इस वर्ष विभा खरे ने 92.2% अंक प्राप्त कर शानदार सफलता हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। वर्तमान में विभा, मोना मॉडर्न इंग्लिश मीडियम स्कूल, सारंगढ़ में कक्षा10वीं की छात्रा हैं।

विभा खरे मूलतः कोसीर नगर निवासी सेवानिवृत्त प्रधान पाठक श्री दुजेराम खरे की पौत्री एवं डॉ. प्रभु दयाल खरे की पुत्री हैं। परिवार में शिक्षा और सेवा की समृद्ध परंपरा रही है, जहां इनके माता पिता, दोनों चाचा व दोनों चाची डॉक्टर्स हैं। इसी प्रेरणा से विभा खरे भविष्य में एक सफल डॉक्टर बनकर सारंगढ़-कोसीर क्षेत्र के लोगों की सेवा करना चाहती हैं।

परिवार और शिक्षकों का मिला पूरा सहयोग:_
विभा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने विद्यालय के शिक्षकों, परिवार के दादा-दादी, माता-पिता, चाचा-चाची, मामा-मामी, नानी तथा भाई-बहनों को दिया है। उनका कहना है कि सभी के मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और सहयोग के बिना यह सफलता संभव नहीं थी।

मेहनत और लक्ष्य ने दिलाई सफलता
विभा की इस उपलब्धि को उनकी निरंतर मेहनत, अनुशासन और स्पष्ट लक्ष्य का परिणाम माना जा रहा है। उन्होंने पढ़ाई के साथ समय का सही प्रबंधन करते हुए हर विषय पर समान ध्यान दिया, जिससे उन्हें यह उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त हुआ।

क्षेत्र के लिए प्रेरणा:
विभा खरे की यह सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनी हुई है। उनकी इस उपलब्धि से अन्य छात्र-छात्राओं को भी आगे बढ़ने और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की प्रेरणा मिलेगी।

क्षेत्र के लोगों ने विभा को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं और उम्मीद जताई है कि वह आगे चलकर चिकित्सा क्षेत्र में भी इसी तरह सफलता हासिल करेंगी।

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⚜️ आज का राशिफल ⚜️*
*दिनांक : 18 अप्रैल 2026*
🐐🐂💏💮🐅👩
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मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज आप महत्त्वपूर्ण कार्यो को भी दरकीनार करके मौज-शौक में दिन व्यतीत करना अधिक पसंद करेंगे उसी के अनुसार दिनचर्या को बदल लेंगे। कार्य स्थल पर पहले से व्यवस्था करने से निर्धारित योजनाओं में विघ्न नहीं आ पाएंगे। आज किसी वरिष्ठ सामाजिक व्यक्ति से भेंट होने से भविष्य के लिए लाभ के द्वार खुलेंगे लेकिन यहां ज्यादा बोलने की आदत परेशानी में डाल सकती है इसका ध्यान रहे। कार्य क्षेत्र अथवा रिश्तेदारी से शुभ समाचार मिलेंगे। दोपहर के बाद के समय उत्तम भोजन वाहन सुख मिलेगा। अपव्यय भी अधिक रहेंगे। आज स्वाभाविक ही लाभदायीं दिन है इसलिए प्रलोभनों से बचें। दोपहर के आसपास किसी न किसी रूप में थोड़ा शारीरिक कष्ट हो सकता है।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज आपको अपने किसी गलत निर्णय या किसी अन्य के गलत मार्गदर्शन के कारण थोड़ा कष्ट का सामना करना पड़ सकता है। व्यापार अथवा सामाजिक क्षेत्र में धोखा होने की अधिक संभावना है सतर्क रहें। पूर्ण अनुबंध अचानक निरस्त होने से धन की समस्या खड़ी होगी। स्वभाव में चिड़चिड़ापन आने से घर बाहर का वातावरण अशान्त बनेगा। किसी षड्यंत्र में फंसने की संभावना है। किसी भी अनैतिक गतिविधि से बचकर रहें। मित्र प्रियजनों के साथ ख़ुशी के पल अचानक गम में बदल सकते है। बेहतर रहेगा आज का दिन घर में ही ईश्वरीय आराधना में व्यतीत करें। सेहत ठीक रहेगी कुछ समय के लिये कमजोरी अथवा ठंड की शिकायत रह सकती है।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज का दिन बेहतर रहने वाला है परंतु विदेश सम्बंधित कार्यो में व्यवधान आने अथवा विदेश स्थित जातको को आकस्मिक कष्ट देखना पड़ेगा। कार्य क्षेत्र पर आज अधिक ध्यान ना देने पर भी आशा से अधिक लाभ होगा। सामाजिक रूप से भी दिन अच्छा रहेगा मान बढ़ने से गर्वित अनुभव करेंगे। व्यवसाय के सिलसिले से बन रही यात्रा की योजना अचानक बदलने से के दिनों से रुके घरेलू अथवा अन्य आवश्यक कार्य पूर्ण कर सकते है। ख़राब पेट के कारण थोड़ा असहज रहेंगे। खान-पान में सावधानी रखें अन्यथा समस्या बढ़ भी सकती है।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज का दिन भी आपके लिए अनुकूल रहेगा। किसी मनोकामना की पूर्ति के लिए थोड़ा इन्तजार करना पड़ सकता है परंतु मध्यान के आस-पास इसके पूर्ण होने से ख़ुशी मिलेगी। काम धंधा अपेक्षा अनुसार रहने से धन लाभ सामान्य से अधिक होगा लेकिन आज प्रलोभन में आकर गलत कार्यो में धन फंस सकता है इसका ध्यान रहे। परिजनों के साथ भावनात्मक सम्बन्ध जुड़ेंगे अधिक भावनाओ में बहकर सामर्थ्य से अधिक खर्च करने के कारण आर्थिक स्थिति बिगड़ सकती है। पारलौकिक रहस्यों को जानने में भी रूचि दिखाएँगे। धार्मिक क्षेत्र की लघु यात्रा हो सकती है। सेहत संबंधित छोटी मोटी समस्या लगी रहेगी।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज का दिन आप सुख शांति से बितायेंगे। सेहत भी सामान्य बनी रहेगी। घर में मांगलिक कार्य के कारण अथवा अन्य घरेलु कार्यो में अधिक व्यस्त रहेंगे। कार्य क्षेत्र पर भी आशा के अनुरूप व्यवसाय होने से धन लाभ होगा लेकिन किसी पुरानी देनदारी के चलते कहा सुनी होने की सम्भवना है यहां धैर्य का परिचय दे अन्यथा धन अथवा किसी कीमती सामान के डूबने की सम्भवना है। सुख के ऊपर फिजूल खर्च भी अधिक रहेंगे। घर में मेहमानों के आने से चहल-पहल रहेगी। आज किसी के ऊपर अतिविश्वास हानि भी करा सकता है। आय के नविन साधनों की प्राप्ति होगी। घर में आनंद का वातावरण रहेगा।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज के दिन परिवार में अप्रिय घटना घटित होने से दुख के प्रसंग बनेंगे। प्रातः काल का समय आलस्य में बीतेगा। किसी आस-पडोसी से वर्चस्व को लेकर टकराव की स्थिति भी बनेगी। वाणी एवं व्यवहार से किसी का अहित ना हो इसका विशेष ध्यान रखें। आज परिजनों के साथ यात्रा पिकनिक पर भी खर्च करेंगे परन्तु गलतफहमी के कारण सामंजस्य बैठाना मुश्किल साबित होगा। कार्य क्षेत्र पर अनैतिक साधनों से कमाने का प्रयास करेंगे इससे धन लाभ आकस्मिक होगा और जरूरत के अनुसार ही। आध्यात्म से जुड़ेंगे। घर मे बीमारी अथवा अन्य कारण से किसी न किसी को शारीरिक कष्ट होने की सम्भवना है।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज का दिन आपकी आशाओं पर खरा उतरेगा। घर एवं बाहर अनुकूल वातावरण मिलने से मनचाहा कार्य करने में सुविधा रहेगी। धार्मिक गतिविधयों में जाने से मानसिक शांति मिलेगी। विदेश अथवा दूर रहने वाले किसी स्वजन से आनंद दायक समाचार मिलने की संभावना है अथवा विदेश जाने में आ रही बाधा शांत होने से राहत मिलेगी। घर में सुख के साधनो की खरीददारी पर खर्च करेंगे। आर्थिक रूप से भी आज का दिन शुभ रहेगा कार्य व्यवसाय में मध्यान तक कोटा पूरा कर लेंगे। संध्या का समय शारीरिक रूप से थकान अथवा अन्य प्रकार से कष्टदायक रह सकता है फिर भी परिवार का साथ मिलने से मानसिक रूप से मजबूत रहेंगे।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज का दिन पिछले कल से थोड़ा बेहतर रहेगा परन्तु बीच-बीच में वातावरण ख़राब होने से क्रोध आएगा। काम धंधे की गति धीमी रहने के कारण आर्थिक विषय आज खास परेशान करेंगे। भागीदारी के कार्य में हानि होने की संभावना भी है। लंबी यात्रा होने की संभावना है परंतु इससे कोई विशेष प्रयोजन सिद्ध नहीं कर पाएंगे। आज किसी सरकारी उलझन में भी फंस सकते है कोई भी ऐसा कार्य करने से बचे जिससे प्रतिष्ठा खराब हो। वाहन चलाते समय भी सावधानी रखें। सर्जरी अथवा अन्य महंगे इलाज अधिक छान-बीन के बाद ही कराये।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज के दिन आपकी दिनचार्य अव्यवस्थित रहेगी काम के समय भी दिमाग मे विपरीत विचार लगे रहेंगे जिसके परिणामस्वरूप आज के दिन से कुछ ना कुछ कमी रहेगी। दोपहर के बाद कुछ समय निकालकर मित्र परिवार के साथ मनोरंजन में व्यतीत करेंगे परन्तु आज दुर्व्यसनों से दूर रहना अति आवश्यक है शरीर के साथ मान हानि भी होने की संभावना है हालांकि आज परोपकार का शुभ फल भी मिलने की आशा है। कार्य क्षेत्र पर कम व्यवहार होने के बाद भी संतोषजनक धन लाभ हो जाएगा। दाम्पत्य जीवन पहले से बेहतर रहेगा। सन्तानो की प्रगति से आत्मसंतोष होगा। सेहत को लेकर कुछ समय आशंकित रहेंगे।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज के दिन आप बे फिजूल की बातों पर मानसिक तनाव अनुभव करेंगे। घरेलु वातावरण पहले ही अशान्त रहेगा बाहर भी किसी से धन या अन्य विषयों को लेकर बहस हो सकती है। पुर्व नियोजित पर्यटन की योजना भी बिगड़ सकती है। घर के सदस्य की सेहत आकस्मिक ख़राब होने की संभावना है। आर्थिक लेन देन आज ना करें धन के किसी न किसी रूप में क्षति होने या लंबे समय तक रुकने के योग है। पुराने रुके कार्य असफल होने से धन अटक सकता है। प्रेम-प्रसंगों से दूरी बनाए रखें अन्यथा मायूसी मिलेगी धन की कमी रहेने से महत्त्वपूर्ण योजनाएं लटकेगी।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज का दिन मिला-जुला फल देने वाला रहेगा। आर्थिक रूप से मध्यान तक का समय ठीक रहेगा इसके बाद धन लाभ की अपेक्षा खर्च अधिक रहेंगे। परिवार में पैतृक संपत्ति अथवा अन्य कारणों से अहम् को लेकर टकराव हो सकता है। यहां विवेक से काम लें कही सुनी बाती में न आये जिन्हें आज आप अपना शत्रु समझेंगे निकट भविष्य में वे ही लोग सहायक बनेंगे इसबात को ध्यान में रखकर ही व्यवहार करें। निजी व्यवसाय अथवा नौकरी में अतिरिक्त कार्य मिलने से पूर्व निर्धारित कार्यक्रम रद्द करने पड़ेंगे। आज किसी के बीच बचाव अथवा जमानती ना बने परोपकार का भी उल्टा इल्जाम लग सकता है।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज का दिन सामान्य फलदायक रहेगा। कुछ विशेष कार्य नहीं रहने दिन भर आलस्य करेंगे। सेहत भी थोड़ी प्रतिकूल रहेगी पिंडली में अकड़न अथवा शरीर में निष्क्रियता रहने की सम्भवना है। घर में व्यर्थ के विवाद रहने से गृहस्थ से भी मन ऊबने लगेगा। आज कोई आपकी चुगली भी कर सकता है परंतु इसका आपके व्यक्तित्त्व पर असर नहीं पड़ेगा। प्रातः काल पूर्व में किये गए अनुबंधों से थोड़ा लाभ हो सकता है इसके बाद धन लाभ की इच्छा पूर्ण होने मुश्किल है। परिजनों से विचारो में मतभेद रह सकता है। खाली दिमाग मे कुछ न कुछ विपरीत विचार आते रहेंगे बेहतर है स्वयं की किसी न किसी कार्य मे व्यस्त रखें।
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*शनिवार, 18 अप्रैल 2026 के मुख्य समाचार*
🔶राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता मामले में हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से कहा- 'स्वयं जांच करें या केंद्र को सौंपें'

🔶महिला आरक्षण से संबद्ध संविधान संशोधन विधेयक पारित न होने पर शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधा

🔶'ऐतिहासिक मौका गंवाया', महिला आरक्षण का सपना अभी अधूरा, नहीं मिले दो-तिहाई वोट

🔶होर्मुज जलडमरूमध्य सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए 'पूरी तरह से खुला' है: ईरान

🔶होर्मुज जलडमरूमध्य अब कभी बंद नहीं होगा! डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा

🔶होर्मुज खुलते ही 10% गिर गए कच्चे तेल के दाम, पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर आई बड़ी खबर

🔶लोकसभा में राहुल ने कहा: मेरे और प्रधानमंत्री के पास पत्नी वाला मसला नहीं है

🔶Pakistan की नई करतूत का खुलासा, ISI भारतीय किशोरों की कर रहा भर्ती, रेलवे स्टेशन व शहर निशाने पर...

🔶भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 3.82 अरब डॉलर बढ़कर 700 अरब डॉलर के पार - आरबीआई

🔶सदन में राहुल के व्यवहार पर भड़के अमित शाह, बोले- अपनी बहन प्रियंका गांधी से कुछ सीखें नेता प्रतिपक्ष

🔶बिल का विरोध करने वालों की खैर नहीं, जनता के बीच विपक्ष को बेनकाब करेगा NDA

🔶TCS नासिक केस- मानवाधिकार आयोग ने रिपोर्ट मांगी: फरार आरोपी निदा ने खुद को प्रेग्नेंट बताया, कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर

🔶वोट के लिए नोट? तमिलनाडु में अब तक ₹800 करोड़ से ज्यादा की जब्तीने तोड़े सारे रिकॉर्ड

🔶West Asia Conflict : 'ईरान संवर्धित यूरेनियम सौंपने के लिए तैयार', ट्रंप ने फिर किया दावा

🔶विशेष संसद सत्र 2026: राज्यसभा में तीसरी बार उपसभापति चुने गए हरिवंश सिंह, पीएम मोदी-खरगे ने दी बधाई

🔶रुपये में मजबूती : आरबीआई के इस कदम से रूपया हुआ 25 पैसा मजबूत, 92.73 पर पहुंचा

🔶सर्गेई लावरोव ने की कूटनीतिक रवैये की आलोचना, बोले- वादाखिलाफी की आदत छोड़ बातचीत को प्राथमिकता दे अमेरिका, अंतरराष्ट्रीय समझौतों के उल्लंघन का लगाया आरोप

🔶चंडीगढ़ BJP दफ्तर ब्लास्ट, 9 आरोपी प्रोडक्शन वारंट पर लाए: क्राइम सीन रिक्रिएशन किया, ₹2 लाख में टास्क, सोशल मीडिया के जरिए हुई मुलाकात

🔶पवन खेड़ा की ट्रांजिट अग्रिम जमानत बढ़ाने की मांग खारिज: SC ने कहा- असम कोर्ट जाएं; खेड़ा बोले- क्या मैं कोई अपराधी हूं?

🔶CDS बनने के बाद पहली बार पैतृक गांव पहुंचे चौहान: दोस्तों संग चाय पी; चाइना बॉर्डर पर बोले-गांव खाली हुए तो देश के लिए खतरा

🔶युवक करंट से जिंदा जला, सिर अलग होकर नीचे गिरा: धड़ तारों में फंसकर जलता रहा, बदायूं में पोल पर चढ़कर बिजली ठीक कर रहा था

🔷IPL 2026 : गुजरात ने कोलकाता को 5 विकेट से हराया, शुभमन गिल ने खेली तेज पारी

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​प्रतिनिधी: मयूर कासार, रावेर
​नवी दिल्ली:
संसदेत महिलांना ३३ टक्के आरक्षण देण्याच्या दृष्टीने मांडण्यात आलेले महत्त्वाकांक्षी घटनादुरुस्ती विधेयक आज संसदेत फेटाळले गेले. राजकीय मतभेद आणि संख्याबळाच्या तांत्रिक पेचामुळे हे विधेयक नामंजूर झाल्याने देशभरातील महिला वर्गात निराशेचे आणि संतापाचे वातावरण निर्माण झाले आहे.
​राजकीय श्रेयवादात महिलांचे हित अडकले
​गेल्या अनेक वर्षांपासून प्रलंबित असलेले हे विधेयक आज मतदानासाठी पटलावर आले होते. मात्र, चर्चेदरम्यान 'आरक्षणात आरक्षण' म्हणजेच ओबीसी आणि अल्पसंख्याक महिलांसाठी स्वतंत्र तरतुदीच्या मुद्द्यावरून सभागृहात प्रचंड गोंधळ झाला. सत्ताधारी आणि विरोधी पक्षांनी एकमेकांवर आरोप-प्रत्यारोप केले, ज्यामुळे मतदानाच्या प्रक्रियेत आवश्यक बहुमत मिळू शकले नाही.
​बातमीचे प्रमुख मुद्दे:
​बहुमताचा अभाव: घटनादुरुस्तीसाठी आवश्यक असलेले विशेष बहुमत (दोन-तृतीयांश) न मिळाल्याने विधेयक बारगळले.
​गदारोळ: सभागृहात काही सदस्यांनी कागदपत्रे फाडून अध्यक्षांच्या समोरील मोकळ्या जागेत धाव घेतली.
​भविष्य टांगणीला: विधेयक फेटाळले गेल्यामुळे आता आगामी निवडणुकांमध्ये महिलांना आरक्षणाचा लाभ मिळण्याची शक्यता धूसर झाली आहे.
​रावेर परिसरातही उमटले पडसाद
​महिला आरक्षण विधेयक फेटाळले गेल्याच्या बातमीने रावेर शहर आणि परिसरातही विविध चर्चांना उधाण आले आहे. स्थानिक महिला कार्यकर्त्यांनी या निर्णयाचा निषेध व्यक्त केला असून, राजकीय पक्ष महिलांच्या प्रश्नावर केवळ राजकारण करत असल्याची टीका केली आहे.
​बातमी: प्रतिनिधी मयूर कासार

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ਪਟਿਆਲਾ, ਅਪ੍ਰੈਲ:- ਪਟਿਆਲਾ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਬਦਨਾਮ ਅਪਰਾਧੀਆਂ 'ਤੇ ਵੱਡੀ ਕਾਰਵਾਈ, ਵੱਖ-ਵੱਖ ਮਾਮਲਿਆਂ ਵਿੱਚ 7 ਮੁਲਜ਼ਮ ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰ। ਸ.ਸ.ਪੀ. ਵਰੁਣ ਸ਼ਰਮਾ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਪਟਿਆਲਾ ਵਿੱਚ ਨਾਜਾਇਜ਼ ਹਥਿਆਰ, ਲੁੱਟੇ ਹੋਏ ਸੋਨੇ ਅਤੇ ਚਾਂਦੀ ਦੇ ਗਹਿਣੇ ਅਤੇ 5 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਦੀ ਨਕਦੀ ਬਰਾਮਦ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਤੇ ਕਈ ਗੋਲੀਬਾਰੀ ਅਤੇ ਜਬਰੀ ਵਸੂਲੀ ਦੇ ਮਾਮਲਿਆਂ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਤਿੰਨ ਸ਼ੂਟਰ ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰ ਹੋਏ ਹਨ, ਜੋ ਵਿਦੇਸ਼ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਭਗੌੜੇ ਅਪਰਾਧੀ ਦੇ ਇਸ਼ਾਰੇ 'ਤੇ ਕੰਮ ਕਰ ਰਹੇ ਸਨ। ਓਹਨਾ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਮੁਲਜ਼ਮ ਤੋਂ ਬਰਾਮਦਗੀ ਵਿੱਚ, 2 ਪਿਸਤੌਲ (.30 ਬੋਰ) ਅਤੇ 10 ਜ਼ਿੰਦਾ ਕਾਰਤੂਸ ਮਿਲੇ ਹਨ ਅਤੇ ਜਿਸ ਰਹੀ ਇੱਕ ਹੋਰ ਯੋਜਨਾਬੱਧ ਘਟਨਾ ਨੂੰ ਨਾਕਾਮ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਓਹਨਾ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਮਾਡਲ ਟਾਊਨ ਲੁੱਟ ਮਾਮਲੇ ਵਿੱਚ 3 ਮੁਲਜ਼ਮ ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰ ਕਰ ਲਏ ਹਨ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਤੋਂ ਬਰਾਮਦਗੀ ਵਿੱਚ, 5 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਦੀ ਨਕਦੀ, ਲਗਭਗ 8 ਤੋਲਾ ਸੋਨਾ ਅਤੇ 2 ਕਿਲੋ ਚਾਂਦੀ ਮਿਲੇ ਹਨ।ਓਹਨਾ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਪੰਜਾਬੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਗੋਲੀਬਾਰੀ ਮਾਮਲੇ ਵਿੱਚ 1 ਮੁਲਜ਼ਮ ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ ਜਿਸ ਤੋਂ ਬਰਾਮਦਗੀ ਵਿੱਚ 32 ਬੋਰ ਪਿਸਤੌਲ ਮਿਲਿਆ ਹੈ । ਸ.ਸ.ਪੀ. ਵਰੁਣ ਸ਼ਰਮਾ ਨੇ ਸਖਤ ਲੈਜੇ ਵਿੱਚ ਕਿਹਾ ਕਿ ਅਪਰਾਧ ਨੂੰ ਬਰਦਾਸ਼ਤ ਨਹੀਂ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ।

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चंबल नदी से रेत उत्खनन एवं परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध, एसएएफ बल की तैनाती

जिले में अवैध खनिज उत्खनन पर सख्ती बरतते हुए प्रशासन ने चंबल नदी से रेत के उत्खनन एवं परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में टास्कफोर्स की बैठक में प्रभारी कलेक्टर श्री कमलेश कुमार भार्गव द्वारा महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए।

निर्णय के तहत चंबल नदी के प्रमुख स्थानों—राजघाट, भानपुर, देवरी एवं सिकरोदा नहर तिराहा—पर एसएएफ (Special Armed Force) की तैनाती की गई है। इन स्थानों पर स्थापित कैंपों के माध्यम से अवैध उत्खनन एवं रेत के भंडारण/परिवहन की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।

प्रभारी कलेक्टर श्री कमलेश कुमार भार्गव एवं पुलिस अधीक्षक श्री समीर सौरभ ने पुलिस, खनिज, वन विभाग एवं एसएएफ के अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से संबंधित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सभी कैंपों का जायजा लिया गया तथा बल की तैनाती एवं कार्यप्रणाली को लेकर विस्तृत रणनीति बनाई गई। मौके पर किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि नहीं पाई गई।

प्रशासन द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी परिस्थिति में चंबल नदी से रेत का उत्खनन या परिवहन न होने दिया जाए। एसएएफ बल द्वारा 24×7 सतत निगरानी रखी जाएगी तथा उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध त्वरित और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर संबंधित वाहनों को तत्काल जप्त कर एफआईआर एवं पीओआर दर्ज किए जाएंगे। साथ ही, जब्त वाहनों को राजसात कर शीघ्र नीलामी की प्रक्रिया भी सुनिश्चित की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुरेन्द्र डावर, खनिज अधिकारी श्री सुखदेव कुमार निर्मल, रक्षित सब-निरीक्षक श्री जोगेन्द्र सिंह परिहार, थाना प्रभारी सरायछोला श्री के.के. सिंह, कमांडर एवं वन विभाग के रेंजर अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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#JansamparkMP #morena2026 #Morena #MadhyaPradesh Jansampark Madhya Pradesh

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"चंदौली में गेहूं खरीद ने पकड़ी रफ्तार, 1500 मीट्रिक टन हुई खरीद, डीएम ने रजिस्ट्रेशन तेज करने के दिए निर्देश

*चंदौली + UP गेहूं खरीद 2026-27 के मुख्य पॉइंट्स*
विषय डिटेल
**MSP 2026-27** ₹2,585 प्रति क्विंटल। पिछले साल से ₹160 बढ़ा है
**खरीद शुरू** 30 मार्च 2026 से शुरू, 15 जून 2026 तक चलेगी
**UP का टार्गेट** 50 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य। CM योगी ने 3MT से बढ़ाकर 5MT किया
**चंदौली का हाल** खरीद में तेजी आई है। 1500 मीट्रिक टन तक खरीद हो चुकी है, जैसा आपकी खबर में लिखा है
**किसान को फायदा** 1. MSP के साथ ₹20/क्विंटल सफाई/हैंडलिंग का अलग से 2. 48 घंटे में DBT से भुगतान का निर्देश
**खरीद केंद्र** पूरे UP में 6500 केंद्र बनेंगे। 3570+ केंद्र पहले ही शुरू। सुबह 9 से शाम 6 तक खुलेंगे
**रजिस्ट्रेशन** अब तक 2.25 लाख किसान ऑनलाइन रजिस्टर कर चुके। DM ने रजिस्ट्रेशन तेज करने को कहा ताकि ज्यादा किसान बेच पाएं
**मोबाइल केंद्र** किसानों के दरवाजे तक खरीद के लिए मोबाइल क्रय केंद्र भी भेजे जा रहे हैं। छुट्टी वाले दिन भी केंद्र खुलेंगे
**नया नियम** रजिस्टर्ड किसान बिना वेरिफिकेशन 100 क्विंटल तक गेहूं बेच सकते हैं।

*DM का निर्देश क्यों*
1. *रजिस्ट्रेशन बढ़ाना*: अभी 3.67 लाख+ किसानों ने रजिस्टर किया है, पर टार्गेट बड़ा है। 2 दिन में ही 7000 नए किसान जुड़े थे।
2. *बारिश से बचाव*: मौसम खराब होने से गेहूं खराब न हो, इसलिए DM ने सभी अनाज गोदामों में रखने और खुले में न रखने का आदेश दिया है।
3. *48 घंटे में भुगतान*: CM योगी का सख्त निर्देश है कि बेचने के 48 घंटे में पैसा खाते में जाए।

*पिछले साल का रिकॉर्ड*: 2025-26 में UP ने 9.26 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा खरीद की थी और ₹2,045 करोड़ DBT से दिए थे। इस बार टार्गेट उससे 5 गुना से ज्यादा है। 20ca

आप चंदौली से हैं तो नजदीकी क्रय केंद्र पर जाकर या https://fcs.up.gov.in पर रजिस्ट्रेशन चेक कर सकते हैं। 100 क्विंटल तक के लिए वेरिफिकेशन भी नहीं चाहिए।

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बेंगलुरु/जालोर (दलपतसिंह भायल)।
जालोर तहसील के आकोली गांव के मूल निवासी एवं वर्तमान में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय तेलपुर (सिरोही) में वरिष्ठ शिक्षक (अंग्रेजी) के पद पर कार्यरत रतन सिंह भायल का 44वां जन्मदिन बड़े ही हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर उनके मित्रों, शुभचिंतकों, सहकर्मियों एवं ग्रामीणों ने एकत्रित होकर उन्हें शुभकामनाएं दीं और उनके संघर्षमय एवं प्रेरणादायक जीवन पर प्रकाश डाला।
समारोह में मुख्य वक्त वक्ता श्रीमान प्रधानाचार्या महोदय शडॉ नरेंद्र सिंह चारण ने कहा कि रतन सिंह भायल का जीवन आज के युवाओं के लिए एक जीवंत प्रेरणा है। एक साधारण किसान परिवार में जन्म लेने वाले भायल ने बचपन से ही आर्थिक तंगी और अभावों का सामना किया, लेकिन उन्होंने कभी परिस्थितियों के आगे घुटने नहीं टेके। अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए उन्होंने मजदूरी की, खेतों में पिताजी के साथ रात में सिंचाई (पोणत) किया तथा कक्षा 5 वी तक पारिवारिक पशु ओ को चराने का कार्य किया.
उनकी मेहनत और संघर्ष की वजह से आपका नवोदय विद्यालय _ जसवंतपुरा में चयन हुआ और 12 वी तक विज्ञान संकाय से शिक्षा प्राप्तकी . तत्पचात
देशभक्ति की भावना ने उन्हें भारतीय सेना में जाने के लिए प्रेरित किया। रतन सिंह भायल ने करीब 17 वर्षों तक भारतीय सेना में सेवा देते हुए देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान निभाया। सीमाओं पर कठिन परिस्थितियों में रहकर उन्होंने अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए अपनी उच्च शिक्षा प्राप्त की ( B.A. ),M.A (अंग्रेजी
भूगोल और B. Ed) तक की शिक्षा प्राप्त की और राष्ट्र सेवा को सर्वोपरि रखा। सेना में उनका अनुशासन, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा उनके व्यक्तित्व की पहचान बनी।
सेना से सेवा निवृत्त होने के बाद भी उन्होंने समाज सेवा की भावना को बनाए रखा और शिक्षा के क्षेत्र को अपना कार्यक्षेत्र चुना। वर्तमान में वे राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय तेलपुर (सिरोही) में वरिष्ठ अध्यापक (अंग्रेजी) के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। एक शिक्षक के रूप में वे न केवल विद्यार्थियों को पढ़ाते हैं, बल्कि उन्हें जीवन के मूल्यों, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की भी शिक्षा देते हैं। उनके मार्गदर्शन में अनेक विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त की है और अपने जीवन को नई दिशा दी है।
शैक्षणिक दृष्टि से भी रतन सिंह भायल का सफर उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव (आकोली)से प्राप्त की और इसके बाद बी.ए., एम.ए. (अंग्रेजी और भूगोल) तथा बी.एड. की डिग्रियां हासिल कीं। सीमित संसाधनों के बावजूद उच्च शिक्षा प्राप्त करना उनके दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास का परिचायक है।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने उनके पारिवारिक जीवन का भी उल्लेख किया। उनकी धर्मपत्नी श्रीमति अनुराधा सिंह (वकील) है .2002 से राजस्थान उच्च न्यायालय जयपुर और अब जिला और सेशन न्यायालय सिरोही में.
परिवार को मजबूत आधार प्रदान किया। उनका परिवार शिक्षा, संस्कार और सामाजिक मूल्यों का आदर्श उदाहरण माना जाता है।
समारोह में उपस्थित लोगों ने कहा कि रतन सिंह भायल का जीवन यह संदेश देता है कि यदि व्यक्ति में दृढ़ इच्छाशक्ति, मेहनत और लक्ष्य पर ध्यान दे तो वह किसी भी कठिन परिस्थितियों को पार कर सकता है। किसान परिवार से निकलकर मजदूरी करते हुए पढ़ाई करना, फिर फौज में सेवा देना और उसके बाद शिक्षक बनकर समाज निर्माण में योगदान देना वास्तव में एक प्रेरणादायक यात्रा है।
अंत में सभी ने उनके स्वस्थ, सुखद और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वे इसी तरह समाज और शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं देते रहें और युवाओं को प्रेरित करते रहें।
भायल ने अपनी इस सफल यात्रा का श्रेय बारी घाटा बालाजी (हनुमानजी) , सिरोही धनी सारणेश्वर महादेव की औरअपने नवोदय के गुरुजनों,( नवोदय जालोर क) परम मित्रों,और स्व.पिताजी श्री सव सिंह जी को दिया.

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जिले में 11 चार्ज स्थलों पर द्वितीय फेज के अंतिम दिन प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के लिये प्रशिक्षण हुआ आयोजित

कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी भिण्ड़ मेहगाँव में आयोजित जनगणना प्रशिक्षण का किया अवलोकन

भारत की जनगणना - 2027 का प्रथम चरण यथा सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 1 मई 2026 से 30 मई 2026 तक किया जाना है। इस हेतु भिण्ड जिले में 11 चार्ज स्थलों पर (ग्रामीण एवं नगरीय चार्ज पर) आज द्वितीय फेज के अंतिम दिन प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के लिये प्रशिक्षण आयोजित किया गया। उक्त प्रशिक्षण को जिला स्तर पर प्रशिक्षित फील्ड ट्रेनर द्वारा संबंधित चार्ज अधिकारी के यहाॅं नियत स्थल पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण के अंतिम दिवस का प्रशिक्षण प्रातः 10.30 बजे से सायं 6:30 बजे तक आयोजित किया गया। आज अंतिम दिवस पर कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी भिण्ड़ द्वारा चार्ज जनगणना अधिकारी मेहगाँव के यहाँ आयोजित हो रहे जनगणना प्रशिक्षण व फील्ड ट्रेनिंग का भी अवलोकन किया गया।
उक्त आयोजित प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण में जनगणना 2027 से संबंधित अंतिम तृतीय दिवस पर आयोजित प्रशिक्षण में- द्वितीय दिवस में दिये गये प्रशिक्षण का पुनरावलोकन एवं क्विज टेस्ट तथा फील्ड ट्रेनर्स की देखरेख में प्रगणक द्वारा मोबाइल एप में डेटा भरना और पर्यवेक्षकों द्वारा गलतियों की पहचान करना, प्रगणकों द्वारा परिवारों से सम्पर्क करने की विधि - इन्कार को संभालना, संवेदनशील स्थितियाँ, शिष्टाचार प्रोटोकॉल और प्रश्न पूछने का तरीका, डेटा संग्रह के लिये उत्तरदाता के बीच स्थिति - आधारित भूमि का निर्वहन, चार्ज अधिकारी द्वारा प्रगणक एवं पर्यवेक्षकों को सेवा भाव प्रतिज्ञा, विचार-विमर्श और विदाई संबोधन के पश्चात् फील्ड ट्रेनर्स द्वारा फील्ड ट्रेनिंग करायी गयी।
अतः प्रथम चरण हेतु जिले में आयोजित प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के लिये आयोजित द्वितीय फेज का तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिनांक 15.04.2026 से शुरू होकर आज दिनांक 17.04.2026 को संपन्न हुआ। उक्त प्रशिक्षण में संबंधित चार्ज अधिकारियों के यहाॅं प्रगणक एवं पर्यवेक्षक द्वारा सफलता पूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त किया गया।
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नासिक में हुई तथाकथित घटना को लेकर TCS ने जांच प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। कंपनी के CEO और MD कृतिवासन ने जानकारी दी कि आंतरिक जांच के लिए Deloitte और कानूनी फर्म Trilegal की विशेषज्ञ टीम को शामिल किया गया है। इस जांच का नेतृत्व TCS के प्रेसिडेंट और COO एन. गणपति सुब्रमण्यम कर रहे हैं।

जांच की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए TCS ने एक उच्च-स्तरीय निगरानी समिति (Supervisory Committee) का भी गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता स्वतंत्र निदेशक केकी मिस्त्री कर रहे हैं। आंतरिक जांच से जुड़ी सभी जानकारी इस समिति को सौंपी जाएगी, और उनके सुझावों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

कंपनी ने मीडिया में चल रही कुछ भ्रामक जानकारी को भी स्पष्ट किया है। TCS के अनुसार, जिन निदा खान को ‘HR मैनेजर’ बताया जा रहा है, वे वास्तव में HR विभाग में नहीं थीं। वह एक ‘प्रोसेस एसोसिएट’ के पद पर कार्यरत थीं और भर्ती या नेतृत्व से जुड़ी उनकी कोई भूमिका नहीं थी।

इसके साथ ही TCS ने यह भी साफ किया है कि नासिक यूनिट पूरी तरह से चालू है और सामान्य रूप से सेवाएं दे रही है। यूनिट के बंद होने की खबर को कंपनी ने पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है।

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि नासिक यूनिट के Ethics या POSH चैनलों में इस तरह की कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई थी। हालांकि, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि विस्तृत जांच अभी जारी है।

TCS ने दोहराया कि वह कर्मचारियों की सुरक्षा, गरिमा और कल्याण के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति किसी भी प्रकार के अनैतिक व्यवहार या कदाचार के खिलाफ सख्ती से लागू है।

कंपनी इस मामले में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है और पारदर्शी, निष्पक्ष एवं गहन जांच के जरिए सच्चाई सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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खनिज मिट्टी एवं गिट्टी के अवैध परिवहन में संलिप्त 05 वाहन जप्त

प्रभारी अधिकारी खनिज शाखा भिण्ड श्री पंकज ध्वज मिश्रा के मार्गदर्शन में ख़निज व पुलिस टीम द्वारा विगत दिनों में खनिज मिट्टी एवं गिट्टी के अवैध परिवहन में संलिप्त 05 वाहनों (डम्फर) को जप्त कर पुलिस थाना गोहद, झांकरी एवं मेहगांव में सुरक्षार्थ खड़े किए गए। जप्तशुदा वाहनों पर म.प्र. खनिज (अवैध खनन, परिवहन, भण्डारण एवं व्यापार) नियम 2022 के तहत् कार्यवाही प्रस्तावित की जाकर कलेक्टर न्यायालय को प्रेषित की जावेगी।

खनिज मिट्टी के अवैध उत्खनन में संलिप्त 01 जेसीबी जप्त

प्रभारी अधिकारी खनिज शाखा भिण्ड श्री पंकज ध्वज मिश्रा के मार्गदर्शन में श्री गणेश विश्वकर्मा खनिज निरीक्षक व टीम द्वारा आज ग्राम सिलौली तहसील गोरमी में खनिज मिट्टी के अवैध उत्खनन में संलिप्त 01 जेसीबी को जप्त कर पुलिस थाना गोरमी में सुरक्षार्थ रखा गया। जप्तशुदा जेसीबी पर म०प्र० खनिज (अवैध खनन, परिवहन, भण्डारण एवं व्यापार) नियम 2022 के तहत कार्यवाही प्रस्तावित की जाकर कलेक्टर न्यायालय को प्रेषित की जावेगी।
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लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने की योजना को शुरुआत में ही झटका लग गया है। संसद में 131वां संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका, जिससे महिला आरक्षण से जुड़े प्रावधान भी फिलहाल अटक गए हैं।

शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा, “आज लोकसभा में एक बेहद अजीब दृश्य देखने को मिला। ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के लिए जरूरी संविधान संशोधन विधेयक को कांग्रेस, तृणमूल, डीएमके और समाजवादी पार्टी ने पारित नहीं होने दिया। महिलाओं को 33% आरक्षण देने वाले इस विधेयक को रोकना और उस पर जश्न मनाना निंदनीय है।”

शाह ने आगे कहा कि इस कदम के कारण अब महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में मिलने वाला 33% आरक्षण फिलहाल संभव नहीं हो पाएगा। उन्होंने इसे विपक्ष की “लगातार चल रही मानसिकता” का हिस्सा बताते हुए कहा कि यह न तो महिलाओं के हित में है और न ही देश के व्यापक विकास के लिए सही है।

वहीं, विपक्ष ने सरकार पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण के मुद्दे को लोकसभा सीटों के परिसीमन (डिलिमिटेशन) से जोड़कर राजनीतिक लाभ लेना चाहती है। इसी मुद्दे को लेकर संसद में पूरे दिन हंगामा देखने को मिला।

गौरतलब है कि इस विधेयक पर दो दिन की लंबी बहस के बाद शुक्रवार को मतदान हुआ। विधेयक के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि 230 सांसदों ने इसके खिलाफ मतदान किया। कुल 528 सांसदों ने मतदान में हिस्सा लिया। हालांकि, संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए दो-तिहाई बहुमत आवश्यक होता है, जो सरकार हासिल नहीं कर पाई।

इस घटनाक्रम ने न केवल महिला आरक्षण के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि लोकसभा सीटों के विस्तार की योजना को भी अनिश्चितता में डाल दिया है।

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झालावाड़| अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के तहत आयुष मंत्रालय द्वारा चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत जिले में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जन-भागीदारी सुनिश्चित करने के प्रयास तेज किए गए हैं।
एडीएम अनुराग भार्गव ने बताया कि योग 365 अभियान के तहत मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान एवं हेल्थ टेक के सहयोग से 100 दिवसीय फ्री लाइव योग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 27 मई को विशेष ऑनलाइन योग कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों, संस्थानों और संगठनों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं। पंजीयन के लिए विशेष लिंक और टोल फ्री नंबर 18003157008 जारी किया गया है।
Aima media jhalawar

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शीर्षक: एनडीए सरकार को बड़ा झटका: बहुमत के अभाव में गिरा संविधान संशोधन विधेयक; विपक्ष की एकजुटता की जीत।

1. मतदान का विवरण और हार के आंकड़े
​लोकसभा में 21 घंटे तक चली लंबी और तीखी बहस के बाद, महिला आरक्षण से जुड़ा 131वां संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका।
​पक्ष में वोट: 298
​विपक्ष में वोट: 230
​परिणाम: विधेयक 54 वोटों के अंतर से गिर गया (चूंकि संविधान संशोधन के लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है, जो 352 वोट था)।

2. राजनीतिक विश्लेषण: 12 साल में पहली बार विपक्ष एकजुट
​रिपोर्ट के अनुसार, एनडीए के पिछले 12 वर्षों के शासनकाल में यह पहला मौका था जब विपक्ष पूरी तरह एकजुट नजर आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपने सांसदों और विपक्षी दलों से की गई भावुक अपील भी काम नहीं आई। उन्होंने इसे "नारी शक्ति" को सशक्त बनाने का ऐतिहासिक अवसर बताया था, लेकिन विपक्षी गठबंधन 'INDIA' ने इसे चुनावी स्टंट करार देते हुए खारिज कर दिया।

3. प्रमुख नेताओं के तर्क
​अमित शाह (गृह मंत्री): उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने हमेशा महिला आरक्षण में रोड़े अटकाए हैं। उन्होंने जोर दिया कि सरकार 2029 तक इसे लागू करना चाहती थी।

​राहुल गांधी (विपक्ष): उन्होंने विधेयक का विरोध करते हुए तर्क दिया कि परिसीमन (Delimitation) की शर्त के बिना आरक्षण तुरंत लागू होना चाहिए। उन्होंने इसे दक्षिण भारतीय राज्यों के प्रतिनिधित्व को कम करने की एक साजिश बताया।

निशिकांत दुबे (भाजपा): उन्होंने चेतावनी दी कि बिल न गिरने से दक्षिण भारतीय राज्यों का प्रतिनिधित्व राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावित हो सकता है।

4. देशभर में विरोध प्रदर्शन
​विधेयक गिरने के बाद एनडीए ने देशभर में विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है। भाजपा का कहना है कि विपक्ष ने महिलाओं के अधिकारों का गला घोंटा है, जबकि विपक्षी दलों ने इसे संसद के बाहर अपनी एकता का जश्न मनाते हुए "संविधान की जीत" बताया है।

​🧐 गहरा विश्लेषण (Analysis)
​ रिपोर्ट का विश्लेषण करने पर कुछ महत्वपूर्ण बिंदु उभर कर आते हैं:

संसदीय गणित की विफलता: सरकार के पास 298 वोट होने के बावजूद बिल का गिरना यह दर्शाता है कि "संविधान संशोधन" के लिए आवश्यक विशेष बहुमत (Two-Thirds Majority) जुटाने में सत्ता पक्ष विफल रहा।

परिसीमन का विवाद: विपक्ष का मुख्य विरोध आरक्षण को 'परिसीमन' (Census and Delimitation) से जोड़ने पर है। विपक्ष का मानना है कि इससे आरक्षण लागू होने में सालों की देरी होगी और उत्तर-दक्षिण का राजनीतिक असंतुलन बढ़ेगा।

ध्रुवीकरण की राजनीति: यह घटना 2029 के आगामी चुनावों के लिए एक बड़ा मुद्दा बन सकती है। जहाँ एक तरफ भाजपा इसे "महिला विरोधी विपक्ष" के रूप में पेश करेगी, वहीं विपक्ष इसे "पिछड़ों और दक्षिण भारत के हितों की रक्षा" के तौर पर भुनाएगा।

​📝 निष्कर्ष (Conclusion)
​निष्कर्ष: यह रिपोर्ट भारतीय राजनीति के एक अत्यंत संघर्षपूर्ण दौर को दर्शाती है। महिला आरक्षण जैसा संवेदनशील मुद्दा, जो दशकों से लंबित है, एक बार फिर राजनीतिक रस्साकशी और प्रक्रियात्मक जटिलताओं (जैसे परिसीमन) की भेंट चढ़ता दिख रहा है। यह घटना न केवल एनडीए सरकार के लिए एक विधायी विफलता है, बल्कि यह भविष्य में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बढ़ते कड़वे संबंधों और वैचारिक मतभेद का भी संकेत देती है।

मुख्य संदेश: संसद में संख्या बल का होना ही काफी नहीं है, बल्कि बड़े संवैधानिक बदलावों के लिए "सर्वसम्मति" का निर्माण करना अनिवार्य है।

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सीईओ जिला पंचायत भिण्ड ने 30 ग्राम पंचायतों के सचिव/ग्राम रोजगार सहायक का 03 दिवस का वेतन काटने दिए निर्देश

मनरेगा के कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में नहीं करने पर की गई कार्रवाई

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत भिण्ड ने समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को 30 ग्राम पंचायतों के सचिव/ग्राम रोजगार सहायक का 03-03 दिवस का वेतन काटने निर्देश दिए हैं।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत भिण्ड ने बताया है कि मनरेगा योजनान्तर्गत सक्रिय जॉबकार्ड धारियों की ईकेवाईसी कराये जाने हेतु विगत 03 माह से लगातार निर्देश दिये जा रहे हैं। यह कार्य आज दिनांक तक ग्राम ख़ूजा, सिकरीजागीर, पचेरा, रायपुरा, लालपुरा, बकनासा, तेजपुरा, कतरौल, कोसड, मानपुरा, महुआ, लहारा, सुहांस, छान, कचनावखुर्द, बरेई, पृथ्वीपुरा, जगनपुरा, जवासा, खेरियाजल्लू, दुल्हागन, गिंगरखी, राहलीबेहड, बड़पुरा, बिजपुरा, छिदी, अकलोनी, परियाया, कनीपुरा, टीकरीपरोछा के सचिव/ग्राम रोजगार सहायक द्वारा अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन नहीं किया गया है फलस्वरुप यह अप्रिय स्थिति निर्मित हुई है। भिण्ड जिला प्रदेश के समस्त जिलों में अंतिम स्थान पर प्रदर्शित हो रहा है। संबंधित सचिव/ग्राम रोजगार सहायक द्वारा अपनी सेवा शर्तों के अनुरूप मनरेगा के कार्यों को निर्धारित समय सीमा में नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में संबधित सचिव/ग्राम रोजगार सहायक के 03 दिवस का वेतन काटते हुये कार्यालय जिला पंचायत भिण्ड को अवगत कराना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही लंबित ई-केवाईसी दिनांक 19 अप्रैल 2026 के पूर्व शत्-प्रतिशत नहीं करने वाले सचिव/ग्राम रोजगार सहायक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही का प्रस्ताव कार्यालय जिला पंचायत भिण्ड को भिजवाना सुनिश्चित करें।
#CMMadhyaPradesh
#JansamparkMP
Panchayat, Rural Development and Social Welfare Department of Madhya Pradesh
#भिण्ड
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राज्य सेवा एवं राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा 26 अप्रैल को दो पालियों में आयोजित होगी

परीक्षा संपन्न कराने के लिए जिला कंट्रोल रूम स्थापित

परीक्षा नियंत्रक, मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग, इन्दौर के निर्देशानुसार राज्य सेवा एवं राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 दिनांक 26 अप्रैल 2026 (रविवार) को प्रातः 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा दोपहर 02:15 बजे से 04:15 बजे तक जिला मुख्यालय पर 08 परीक्षा केन्द्रों में आयोजित की जाएगी। परीक्षा के सुचारु एवं निर्विघ्न संचालन हेतु 26 अप्रैल 2026 को प्रातः 08 बजे से परीक्षा केन्द्रों पर गोपनीय सामग्री पहुंचाने एवं वापिस जिला कोषालय, मुरैना में जमा कराए जाने तक के लिए कार्यालय अधीक्षक, कलेक्ट्रेट मुरैना (कक्ष क्रमांक-105) को अस्थायी कंट्रोल रूम घोषित किया गया है। जिला कार्यालय मुरैना के नियंत्रण कक्ष का दूरभाष क्रमांक 98266-29397 रहेगा।
जिला नियंत्रण कक्ष में स्थापित दूरभाष पर प्राप्त होने वाले संदेशों का विधिवत अभिलेखन किया जाएगा तथा संबंधितों को दूरभाष के माध्यम से तत्काल अवगत कराया जाएगा। जिला कोषालय, मुरैना से गोपनीय सामग्री को परीक्षा केन्द्रों तक पहुंचाने एवं पुनः जमा कराने संबंधी जानकारी तथा परीक्षार्थियों की केन्द्रवार उपस्थिति दोनों प्रश्नपत्रों हेतु पृथक-पृथक संकलित कर नोडल अधिकारी श्री अरविन्द सिंह माहौर से प्रमाणित कराई जाएगी। उक्त जानकारी मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग, इन्दौर एवं जनसंपर्क कार्यालय, मुरैना को समय-सीमा 04:30 बजे तक प्रेषित किया जाना सुनिश्चित किया जाएगा। इसकी एक प्रति एस.सी.-2 शाखा में भी उपलब्ध कराई जाएगी।
जिला कार्यालय मुरैना के नियंत्रण कक्ष कक्ष क्रमांक-105 (अधीक्षक कक्ष) के प्रभारी के रूप में अधीक्षक, कलेक्ट्रेट मुरैना श्री आदिराम कोरकू को अधिकृत किया गया है। इनके सहयोग हेतु सहायक ग्रेड-3, एस.सी.-1 शाखा, कलेक्ट्रेट मुरैना श्रीमती मीरा तौमर, प्राथमिक शिक्षक (वर्तमान पदस्थापन जावक शाखा, कलेक्ट्रेट मुरैना) श्री राहुल शर्मा तथा चतुर्थ श्रेणी कार्य के लिए भृत्य कलेक्ट्रेट मुरैना श्री आत्मदास अपोरिया की ड्यूटी निर्धारित की गई है।
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ਬੀਤੇ ਕੱਲ੍ਹ ਕੈਦੀ ਰਾਮ ਚੰਦਰ ਦੀ ਹੋਈ ਮੌਤ

ਧਾਰਾ 302/376 ਅਧੀਨ ਕੇਂਦਰੀ ਜੇਲ੍ਹ ਲੁਧਿਆਣਾ ’ਚ ਉਮਰ ਕੈਦ ਦੀ ਸਜ਼ਾ ਕੱਟ ਰਿਹਾ ਸੀ ਕੈਦੀ

ਲੁਧਿਆਣਾ, ਸੁਪਰਡੈਂਟ ਕੇਂਦਰੀ ਜੇਲ੍ਹ, ਲੁਧਿਆਣਾ ਵੱਲੋਂ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੰਦਿਆਂ ਦੱਸਿਆ ਗਿਆ ਕਿ ਉਮਰ ਕੈਦ ਦੀ ਸਜਾ ਕੱਟ ਰਹੇ ਕੈਦੀ ਰਾਮ ਚੰਦਰ ਪੁੱਤਰ ਸ਼੍ਰੀ ਬਦਰੀ ਮੰਡਲ ਦੀ ਬੀਤੇ ਕੱਲ੍ਹ ਮੌਤ ਹੋ ਜਾਣ ਕਰਕੇ ਉਸਦੇ ਰਿਸ਼ਤੇਦਾਰ/ਜਾਣ ਪਛਾਣ ਰੱਖਣ ਵਾਲੇ ਵਿਅਕਤੀ ਜੇਲ੍ਹ ਵਿਭਾਗ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਨ। ਉੁਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਕੈਦੀ ਰਾਮ ਚੰਦਰ ਪੁੱਤਰ ਸ਼੍ਰੀ ਬਦਰੀ ਮੰਡਲ ਵਾਸੀ ਕਲਾਕੇਟ, ਥਾਣਾ ਬਿਰਾਜ਼, ਜਿਲ੍ਹਾ ਸਪਤਰੀ ਨੇਪਾਲ ਹਾਲ ਸਰਪੰਚ ਬਲਕਾਰ ਸਿੰਘ, ਵਾਸੀ ਬਹਾਦਰਕੇ, ਥਾਣਾ ਸਦਰ ਲੁਧਿਆਣਾ, ਜੋ ਕਿ ਮੁਕੱਦਮਾ ਨੰ: 263 ਮਿਤੀ 20.07.2001 ਅ:ਧ: 302/376, ਆਈ.ਪੀ.ਐਸ. ਅਧੀਨ ਕੇਂਦਰੀ ਜੇਲ੍ਹ ਲੁਧਿਆਣਾ ਵਿਖੇ ਉਮਰ ਕੈਦ ਦੀ ਸਜ਼ਾ ਕੱਟ ਰਿਹਾ ਸੀ ਦੀ ਮਿਤੀ 15.04.2026 ਨੂੰ ਮੌਤ ਹੋ ਗਈ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇਸ ਬੰਦੀ ਦੇ ਵਾਰਿਸਾਂ ਬਾਰੇ ਕੋਈ ਰਿਕਾਰਡ ਮੌਜੂਦ ਨਹੀਂ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਲਈ ਕੈਦੀ ਰਾਮ ਚੰਦਰ ਪੁੱਤਰ ਸ਼੍ਰੀ ਬਦਰੀ ਮੰਡਲ ਬਾਰੇ ਜੇਕਰ ਕੋਈ ਜਾਣਕਾਰੀ ਰੱਖਦਾ ਹੈ ਜਾਂ ਉਸ ਦੀ ਮ੍ਰਿਤਕ ਦੇਹ ਕਲੇਮ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਕੰਟਰੋਲ ਰੂਮ, ਕੇਂਦਰੀ ਜੇਲ੍ਹ ਲੁਧਿਆਣਾ: 0161-2660106 ਅਤੇ ਲਾਇਨ ਅਫਸਰ, ਕੇਂਦਰੀ ਜੇਲ੍ਹ ਲੁਧਿਆਣਾ (90417-24472) ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਸਕਦੇ ਹਨ।

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विधानसभा अध्यक्ष 25 करोड़ से अधिक राशि का भूमि पूजन आज शाम 4 बजे करेंगे

बैरियर चौराहा एबी रोड ब्रिज के नीचे आयोजित होगा भूमि पूजन कार्यक्रम

विधानसभा अध्यक्ष मध्य प्रदेश शासन श्री नरेंद्र सिंह तोमर 18 अप्रैल को अपराह्न 4 बजे लगभग 25 करोड़ से अधिक राशि के कार्यों का भूमि पूजन करेंगे नगर निगम के भूमि पूजन कार्यक्रम में शहर के 10 किलोमीटर रोड पर पौध रोपण एवं एबी रोड फ्लाईओवर के नीचे कलर पेंटिंग वर्टिकल गार्डन लाइटिंग कार्य लागत 2.30 करोड़ स्वच्छ भारत मिशन 2.0 योजना अंतर्गत बायो सी बी जी प्लांट एवं एमआरएफ प्लांट निर्माण लागत लगभग 23 करोड रुपए के कार्यों का भूमि पूजन किया जाएगा । भूमि पूजन कार्यक्रम में कृषि किसान एवं कल्याण मंत्री एदल सिंह कंसाना नगर, निगम महापौर शारदा राजेंद्र प्रसाद सोलंकी, मुरैना संसदीय क्षेत्र के सांसद शिवमंगल सिंह तोमर , विधायक दिनेश गुर्जर , समाज सेवी कमलेश कुशवाह सहित शहर के गणमान्य नागरिक कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम की संपूर्ण तैयारी नगर निगम द्वारा की जा रहा है।
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​हाल ही में लोकसभा में 131वां संविधान संशोधन बिल (महिला आरक्षण विधेयक) पेश किया गया, जो गहन चर्चा और मतदान के बाद पारित होने में विफल रहा। यह घटना भारतीय राजनीति के एक महत्वपूर्ण मोड़ को दर्शाती है, जहाँ महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गहरी वैचारिक खाई स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

राजनीतिक दृष्टिकोण और आरोप-प्रत्यारोप

1. राहुल गांधी का पक्ष: 'परिसिमन' पर सवाल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस विधेयक की आलोचना करते हुए इसे "महिला सशक्तिकरण से असंबंधित" बताया। उनके मुख्य तर्क निम्नलिखित थे:
परिसिमन का मुद्दा: उन्होंने तर्क दिया कि आरक्षण को परिसिमन (Delimitation) से जोड़ना महिलाओं को अधिकार देने में देरी करने की एक चाल है।
OBC और SC/ST का प्रतिनिधित्व: उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह पिछड़ों और दलितों के अधिकारों को छीनने की कोशिश कर रही है।
चुनावी मानचित्र: उनके अनुसार, सरकार इसके जरिए देश के राजनीतिक मानचित्र को अपने फायदे के लिए बदलना चाहती है।

2. अमित शाह का पक्ष: विपक्ष पर बाधा डालने का आरोप

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया। उनके संबोधन के मुख्य बिंदु थे:
देरी की राजनीति: शाह ने आरोप लगाया कि विपक्ष इस बिल को जानबूझकर 2029 के बाद तक टालना चाहता है, जबकि सरकार इसे जल्द लागू करने की पक्षधर है।
परिसिमन की अनिवार्यता: उन्होंने स्पष्ट किया कि परिसिमन एक तय प्रक्रिया है और सरकार अपनी प्रक्रिया के अनुसार ही काम करेगी। उन्होंने 2026 की जनगणना से इसे जोड़ने की मांग को खारिज कर दिया।
जनता को जवाबदेही: उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं इस कार्यवाही को देख रही हैं और आने वाले चुनावों में बाधा डालने वालों को जवाब देंगी।

विश्लेषण (Analysis)
इस घटना का विश्लेषण करने पर कुछ महत्वपूर्ण बिंदु उभर कर सामने आते हैं:

संवैधानिक अड़चन: किसी भी संविधान संशोधन के लिए सदन में उपस्थित सदस्यों का दो-तिहाई बहुमत अनिवार्य है। यहाँ सत्ता पक्ष के पास बहुमत तो था, लेकिन विशेष बहुमत (Special Majority) की कमी ने बिल को गिरा दिया।

क्रेडिट की राजनीति: दोनों पक्ष महिला आरक्षण के समर्थक होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन श्रेय लेने की होड़ और 'शर्तों' (जैसे परिसिमन और कोटा के भीतर कोटा) ने एक ऐतिहासिक अवसर को विवादों में बदल दिया।

सामाजिक समीकरण: विपक्ष द्वारा OBC और SC/ST के आरक्षण की मांग उठाना यह दर्शाता है कि अब महिला आरक्षण केवल लैंगिक समानता का मुद्दा नहीं, बल्कि जातिगत राजनीति का भी केंद्र बन गया है।

निष्कर्ष (Conclusion)
महिला आरक्षण विधेयक का गिरना भारतीय संसदीय इतिहास के लिए एक खेदजनक क्षण है। जहाँ एक ओर सरकार इसे अपनी प्रतिबद्धता बता रही है, वहीं विपक्ष इसे अधूरा और दोषपूर्ण करार दे रहा है।

निष्कर्षतः, जब तक राजनीतिक दल दलगत राजनीति से ऊपर उठकर एक साझा न्यूनतम कार्यक्रम (Common Minimum Programme) पर सहमत नहीं होते, तब तक महिलाओं को संसद में 33% भागीदारी दिलाने का सपना अधर में ही लटका रहेगा। आने वाले समय में यह मुद्दा चुनावी रैलियों में एक बड़ा हथियार बनेगा, जहाँ जनता तय करेगी कि इस विफलता का वास्तविक जिम्मेदार कौन है।

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धनबाद। शहरवासियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए धनबाद नगर निगम ने एक नई डिजिटल पहल की शुरुआत की है, जिसके तहत अब नागरिक घर बैठे अपनी समस्याओं की शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
सफाई, जलापूर्ति, सड़क एवं नाली की मरम्मत, स्ट्रीट लाइट या अन्य किसी भी नागरिक सुविधा से संबंधित शिकायतों के लिए अब कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
निगम द्वारा जारी व्यवस्था के अनुसार, नागरिक QR कोड स्कैन करके या आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आसानी से अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसके साथ ही, त्वरित सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर 1800 890 4160 भी जारी किया गया है।
इस पहल से न केवल शिकायत प्रक्रिया आसान होगी, बल्कि समस्याओं के समाधान में भी पारदर्शिता और तेजी आने की उम्मीद है।

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*हरदोई*
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 29 अप्रैल को संभावित दौरे को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। मल्लावां क्षेत्र में प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में आज लखनऊ मंडलायुक्त, अपर पुलिस महानिदेशक लखनऊ जोन, पुलिस महानिरीक्षक लखनऊ परिक्षेत्र, डीएम-एसपी व सीडीओ ने नवनिर्मित गंगा एक्सप्रेस-वे का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, कार्यक्रम स्थल, वीवीआईपी आगमन तथा अन्य आवश्यक तैयारियों को लेकर संबंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित आगमन को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है और सभी विभागों को समय रहते तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
*रिपोर्टर यूनुश सिद्दीकी
हरदोई*

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रिपोर्ट: विवेक मिश्रा
उत्तर प्रदेश में अपराध और राजनीति का पुराना रिश्ता एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाने का दावा करने वाली सरकार के बीच माफिया अतीक अहमद के परिवार से जुड़ी तीन महिलाएं—शाइस्ता परवीन, ज़ैनब फात्मा और आयशा नूरी—अब भी फरार हैं। ये तीनों लंबे समय से उत्तर प्रदेश पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल हैं, लेकिन अब तक उनका कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका है। जैसे-जैसे 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, इनकी फरारी को लेकर सियासी और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
फरारी बनी चुनौती, एजेंसियां बेअसर?
प्रदेश की प्रमुख जांच एजेंसियां—उत्तर प्रदेश पुलिस, एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स), लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (LIU) और प्रवर्तन निदेशालय (ED)—इन तीनों महिलाओं की तलाश में लंबे समय से जुटी हुई हैं। हालांकि, तमाम छापेमारी, निगरानी और मुखबिर तंत्र के बावजूद अब तक कोई ठोस सफलता हाथ नहीं लगी है। यही वजह है कि इनकी फरारी अब प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुकी है।
सूत्रों के मुताबिक, शुरुआत में इनकी तलाश के लिए कई जिलों में सघन अभियान चलाए गए, लेकिन समय के साथ यह अभियान धीमा पड़ता नजर आया। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि कहीं न कहीं इनकी तलाश अब प्राथमिकता सूची में नीचे खिसक गई है।
चुनावी साल में बढ़ी सियासी सरगर्मी
2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो चुकी हैं। ऐसे में माफिया अतीक अहमद का नाम एक बार फिर सुर्खियों में है। उनके परिवार से जुड़ी इन महिलाओं की फरारी को विपक्ष सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने के लिए एक बड़ा मुद्दा बना सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव के दौरान यह मुद्दा और गरमा सकता है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या चुनावी माहौल में ये महिलाएं खुद सामने आएंगी या फिर पुलिस इन्हें गिरफ्तार कर बड़ा एक्शन दिखाएगी। दोनों ही स्थितियां प्रदेश की राजनीति पर असर डाल सकती हैं।
‘बुलडोजर मॉडल’ पर भी उठे सवाल
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ ‘बुलडोजर मॉडल’ को एक सख्त कार्रवाई के प्रतीक के रूप में पेश किया है। कई बड़े माफियाओं की संपत्तियों पर कार्रवाई भी हुई है। लेकिन इन तीन महिलाओं की गिरफ्तारी न हो पाना इस मॉडल की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर रहा है।
विपक्ष का कहना है कि अगर सरकार सच में माफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है, तो इतने समय बाद भी इन महिलाओं का फरार रहना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। वहीं, सत्ता पक्ष का दावा है कि कानून अपना काम कर रहा है और जल्द ही इनका पता लगा लिया जाएगा।
गुमनामी में कैसे रह रहीं ये महिलाएं?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ये तीनों महिलाएं कहां छिपी हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इनके पास मजबूत नेटवर्क और संसाधन हो सकते हैं, जो इन्हें लगातार लोकेशन बदलने में मदद कर रहे हैं। यह भी आशंका जताई जा रही है कि ये महिलाएं राज्य से बाहर या देश के किसी दूसरे हिस्से में भी छिपी हो सकती हैं।
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि फरारी के दौरान इन महिलाओं ने अपनी पहचान बदल ली हो सकती है, जिससे इन्हें पकड़ पाना और मुश्किल हो गया है। हालांकि, इस तरह की जानकारियों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस की रणनीति पर उठ रहे सवाल
लंबे समय से गिरफ्तारी न होने के कारण पुलिस की रणनीति पर भी सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर किसी आरोपी को पकड़ने में इतना समय लग रहा है, तो जांच और इंटेलिजेंस सिस्टम में कहीं न कहीं कमी जरूर है।
हालांकि, पुलिस अधिकारी इस बात से इनकार करते हैं। उनका कहना है कि फरार अपराधियों को पकड़ना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है, खासकर जब उनके पास मजबूत नेटवर्क हो। अधिकारियों का दावा है कि लगातार प्रयास जारी हैं और सही समय पर कार्रवाई की जाएगी।
क्या चुनाव से पहले होगा बड़ा खुलासा?
प्रदेश में यह चर्चा जोरों पर है कि चुनाव से पहले इन तीनों महिलाओं को लेकर कोई बड़ा घटनाक्रम सामने आ सकता है। यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि या तो ये महिलाएं खुद सामने आ सकती हैं या फिर पुलिस इन्हें गिरफ्तार कर चुनावी माहौल में बड़ा संदेश देने की कोशिश करेगी।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर ऐसा होता है, तो इसका सीधा असर चुनावी माहौल पर पड़ेगा। सरकार इसे अपनी बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश कर सकती है, वहीं विपक्ष इसे देर से उठाया गया कदम बताकर सवाल खड़े करेगा।
जनता के बीच क्या है संदेश?
प्रदेश की आम जनता के बीच इस पूरे मामले को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोग सरकार की सख्ती की सराहना कर रहे हैं, तो वहीं कई लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि जब छोटे अपराधियों को तुरंत पकड़ लिया जाता है, तो बड़े नामों से जुड़े लोगों को पकड़ने में इतनी देरी क्यों हो रही है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति और कानून-व्यवस्था के बीच माफिया अतीक अहमद परिवार से जुड़ी इन तीन महिलाओं की फरारी एक बड़ा सवाल बनकर खड़ी है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या चुनाव से पहले शाइस्ता परवीन, ज़ैनब फात्मा और आयशा नूरी सामने आएंगी, या फिर उत्तर प्रदेश पुलिस इन्हें पकड़कर बड़ा संदेश देगी? जवाब आने वाला समय ही देगा, लेकिन फिलहाल यह मामला प्रदेश की सियासत और सुरक्षा व्यवस्था दोनों के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

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येवती ग्रामपंचायतीच्या सरपंच पदासाठी निवडणुकीचे बिगुल वाजले असून, गावातील राजकीय वातावरण चांगलेच तापू लागले आहे. या मानाच्या पदासाठी प्रकाश खरात आणि प्रयागबाई पाटोळे हे दोन तगडे उमेदवार आमनेसामने उभे ठाकले आहेत. या दोन्ही उमेदवारांचे भवितव्य आता पूर्णपणे येवती गावातील मतदारांच्या हातात असून, संपूर्ण तालुक्याचे लक्ष या अटीतटीच्या लढतीकडे लागले आहे.
दोन्ही उमेदवारांचा कस लागणार
येवती गावाच्या विकासाचा कणा समजल्या जाणाऱ्या सरपंच पदासाठी यावेळेस चुरस निर्माण झाली आहे. एकीकडे अनुभवाचा दावा करणारे प्रकाश खरात आहेत, तर दुसरीकडे महिला नेतृत्वाचा चेहरा म्हणून प्रयागबाई पाटोळे मैदानात आहेत. दोघांनीही आपापल्या परीने प्रचाराला सुरुवात केली असून, मतदारांच्या गाठीभेटी घेण्यावर भर दिला आहे.
निवडणुकीचे प्रमुख मुद्दे:
गावचा विकास: रस्ते, पाणी आणि वीज या मूलभूत सुविधांवर दोन्ही उमेदवारांकडून आश्वासने दिली जात आहेत.
युवा आणि महिला सक्षमीकरण: गावात रोजगाराच्या संधी आणि महिला बचत गटांना बळकटी देण्याचे मुद्दे चर्चेत आहेत.
ग्रामसभा आणि पारदर्शकता: कारभारात पारदर्शकता आणण्याचे आश्वासन मतदारांना दिले जात आहे.
"येवती गावाचा सर्वांगीण विकास करणारा आणि सर्वांना सोबत घेऊन जाणारा उमेदवारच सरपंच पदी विराजमान व्हावा, अशी इच्छा सामान्य गावकऱ्यांमधून व्यक्त होत आहे."
गावकऱ्यांची भूमिका निर्णायक
शेवटी, दोन्ही उमेदवारांचे भवितव्य हे येवती येथील मंडळी आणि मतदारांच्या मतावर अवलंबून आहे. गावकरी कोणाच्या पारड्यात आपले मत टाकतात आणि येवतीचा 'कारभारी' म्हणून कोणाची निवड करतात, हे पाहणे औत्सुक्याचे ठरेल.
प्रचार अंतिम टप्प्यात पोहोचला असून, येत्या काही दिवसांत गावातील चौकाचौकात राजकीय चर्चांना अधिक उधाण येणार असल्याचे चित्र दिसत आहे.
- विशेष प्रतिनिधी, येवती न्यूज

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीति में घुसपैठ और मतदाता सूची का मुद्दा केंद्र में आ गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनावी रैली में कहा कि मतदाता सूची में पहचाने गए अवैध घुसपैठियों को देश से बाहर निकाला जाएगा। उनके इस बयान ने चुनावी माहौल को और तीखा बना दिया है।

अमित शाह ने अपने भाषण में निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे मतदाता सूची संशोधन अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि संदिग्ध नामों को हटाने की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। रिपोर्टों के मुताबिक, विशेष गहन संशोधन (SIR) के दौरान बड़ी संख्या में नाम सूची से हटाए गए हैं, जिसका उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और सटीक बनाना है।

हालांकि, इस मुद्दे पर सियासी टकराव भी तेज हो गया है। भाजपा जहां इसे स्वच्छ चुनाव और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बता रही है, वहीं तृणमूल कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इसे राजनीतिकरण करार दिया है। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए खास समुदायों को निशाना बनाया जा सकता है और वास्तविक मतदाताओं के नाम भी हटने का खतरा है।

सीमावर्ती क्षेत्रों में यह मुद्दा और अधिक संवेदनशील हो जाता है, जहां लंबे समय से अवैध घुसपैठ और नागरिकता पर बहस चलती रही है। चुनावी माहौल में यह बहस अब और तेज हो गई है, जिसमें सीमा सुरक्षा, नागरिक अधिकार और लोकतांत्रिक पारदर्शिता जैसे सवाल एक साथ जुड़े नजर आ रहे हैं।

कुल मिलाकर, बंगाल चुनाव से पहले घुसपैठ और मतदाता सूची का मुद्दा न सिर्फ राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बन चुका है, बल्कि यह राज्य की सुरक्षा और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भी व्यापक बहस को जन्म दे रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह मुद्दा चुनावी नतीजों को किस हद तक प्रभावित करता है।

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ऑफलाइन उर्वरक विक्रय करने वाले 8 लोगों में से 3 फर्मो के लाइसेंस निलंबित

कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट मुरैना श्री लोकेश कुमार जांगिड़ के मार्गदर्शन में ई-विकास प्रणाली के माध्यम से किसानों को उर्वरक का वितरण 01 अप्रैल से शुरू कर दिया गया है, यह एक डिजिटल प्रणाली है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को आसानी से समय पर उर्वरक की उपलब्धता करना है।
इसके तहत पिछले सप्ताह 8 उर्वरक विक्रेताओं ने ऑफलाइन उर्वरक का विक्रय किया था। जिस पर उप संचालक कृषि विभाग ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। जिसमें 2 निजी उर्वरक विक्रेताओं द्वारा जबाव प्रस्तुत न करने एवं 01 विक्रेता का जबाव संतोषजनक नहीं होने से कुल 3 निजी उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित किए गए है। जिनमें मैसर्स गोयल एग्रो ट्रेडर्स कैलारस, मैसर्स किसान विकास केन्द्र बानमौर और मैसर्स श्रीराम खाद बीज भंडार के नाम शामिल है।
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ऑफलाइन उर्वरक विक्रय करने वाले 8 लोगों में से 3 फर्मो के लाइसेंस निलंबित

कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट मुरैना श्री लोकेश कुमार जांगिड़ के मार्गदर्शन में ई-विकास प्रणाली के माध्यम से किसानों को उर्वरक का वितरण 01 अप्रैल से शुरू कर दिया गया है, यह एक डिजिटल प्रणाली है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को आसानी से समय पर उर्वरक की उपलब्धता करना है।
इसके तहत पिछले सप्ताह 8 उर्वरक विक्रेताओं ने ऑफलाइन उर्वरक का विक्रय किया था। जिस पर उप संचालक कृषि विभाग ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। जिसमें 2 निजी उर्वरक विक्रेताओं द्वारा जबाव प्रस्तुत न करने एवं 01 विक्रेता का जबाव संतोषजनक नहीं होने से कुल 3 निजी उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित किए गए है। जिनमें मैसर्स गोयल एग्रो ट्रेडर्स कैलारस, मैसर्स किसान विकास केन्द्र बानमौर और मैसर्स श्रीराम खाद बीज भंडार के नाम शामिल है।
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीति में घुसपैठ और मतदाता सूची का मुद्दा केंद्र में आ गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनावी रैली में कहा कि मतदाता सूची में पहचाने गए अवैध घुसपैठियों को देश से बाहर निकाला जाएगा। उनके इस बयान ने चुनावी माहौल को और तीखा बना दिया है।

अमित शाह ने अपने भाषण में निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे मतदाता सूची संशोधन अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि संदिग्ध नामों को हटाने की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। रिपोर्टों के मुताबिक, विशेष गहन संशोधन (SIR) के दौरान बड़ी संख्या में नाम सूची से हटाए गए हैं, जिसका उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और सटीक बनाना है।

हालांकि, इस मुद्दे पर सियासी टकराव भी तेज हो गया है। भाजपा जहां इसे स्वच्छ चुनाव और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बता रही है, वहीं तृणमूल कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इसे राजनीतिकरण करार दिया है। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए खास समुदायों को निशाना बनाया जा सकता है और वास्तविक मतदाताओं के नाम भी हटने का खतरा है।

सीमावर्ती क्षेत्रों में यह मुद्दा और अधिक संवेदनशील हो जाता है, जहां लंबे समय से अवैध घुसपैठ और नागरिकता पर बहस चलती रही है। चुनावी माहौल में यह बहस अब और तेज हो गई है, जिसमें सीमा सुरक्षा, नागरिक अधिकार और लोकतांत्रिक पारदर्शिता जैसे सवाल एक साथ जुड़े नजर आ रहे हैं।

कुल मिलाकर, बंगाल चुनाव से पहले घुसपैठ और मतदाता सूची का मुद्दा न सिर्फ राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बन चुका है, बल्कि यह राज्य की सुरक्षा और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भी व्यापक बहस को जन्म दे रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह मुद्दा चुनावी नतीजों को किस हद तक प्रभावित करता है।

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येवती ग्रामपंचायतीच्या सरपंच पदासाठी निवडणुकीचे बिगुल वाजले असून, गावातील राजकीय वातावरण चांगलेच तापू लागले आहे. या मानाच्या पदासाठी प्रकाश खरात आणि प्रयागबाई पाटोळे हे दोन तगडे उमेदवार आमनेसामने उभे ठाकले आहेत. या दोन्ही उमेदवारांचे भवितव्य आता पूर्णपणे येवती गावातील मतदारांच्या हातात असून, संपूर्ण तालुक्याचे लक्ष या अटीतटीच्या लढतीकडे लागले आहे.
​दोन्ही उमेदवारांचा कस लागणार
​येवती गावाच्या विकासाचा कणा समजल्या जाणाऱ्या सरपंच पदासाठी यावेळेस चुरस निर्माण झाली आहे. एकीकडे अनुभवाचा दावा करणारे प्रकाश खरात आहेत, तर दुसरीकडे महिला नेतृत्वाचा चेहरा म्हणून प्रयागबाई पाटोळे मैदानात आहेत. दोघांनीही आपापल्या परीने प्रचाराला सुरुवात केली असून, मतदारांच्या गाठीभेटी घेण्यावर भर दिला आहे.
​निवडणुकीचे प्रमुख मुद्दे:
​गावचा विकास: रस्ते, पाणी आणि वीज या मूलभूत सुविधांवर दोन्ही उमेदवारांकडून आश्वासने दिली जात आहेत.
​युवा आणि महिला सक्षमीकरण: गावात रोजगाराच्या संधी आणि महिला बचत गटांना बळकटी देण्याचे मुद्दे चर्चेत आहेत.
​ग्रामसभा आणि पारदर्शकता: कारभारात पारदर्शकता आणण्याचे आश्वासन मतदारांना दिले जात आहे.
​"येवती गावाचा सर्वांगीण विकास करणारा आणि सर्वांना सोबत घेऊन जाणारा उमेदवारच सरपंच पदी विराजमान व्हावा, अशी इच्छा सामान्य गावकऱ्यांमधून व्यक्त होत आहे."
​गावकऱ्यांची भूमिका निर्णायक
​शेवटी, दोन्ही उमेदवारांचे भवितव्य हे येवती येथील मंडळी आणि मतदारांच्या मतावर अवलंबून आहे. गावकरी कोणाच्या पारड्यात आपले मत टाकतात आणि येवतीचा 'कारभारी' म्हणून कोणाची निवड करतात, हे पाहणे औत्सुक्याचे ठरेल.
​प्रचार अंतिम टप्प्यात पोहोचला असून, येत्या काही दिवसांत गावातील चौकाचौकात राजकीय चर्चांना अधिक उधाण येणार असल्याचे चित्र दिसत आहे.
​- विशेष प्रतिनिधी, येवती न्यूज

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गोरखपुर, सहजनवा थाना क्षेत्र के तिलौरा गांव में सीबीएसई बोर्ड के नतीजों के बाद एक छात्रा ने फेल होने की अफवाह सुनकर जहरीला पदार्थ खा लिया। इस घटना से एक परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं।

छात्रा ने यह कदम कथित तौर पर फेल होने की गलतफहमी के कारण उठाया।

विडंबना यह रही कि जहर खाने के कुछ ही देर बाद उसे पता चला कि वह 78 प्रतिशत अंकों के साथ शानदार तरीके से उत्तीर्ण हुई थी।

लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और उसकी जान जा चुकी थी।
गलत सूचना बनी काल
तिलौरा निवासी दुर्गेश धर दुबे की 16 वर्षीय पुत्री आराध्य दुबे नगर पंचायत के सेंट जोसेफ स्कूल में हाईस्कूल की छात्रा थी। बुधवार को जब सीबीएसई का परिणाम घोषित हुआ, तो किसी परिचित ने आराध्य को सूचना दी कि वह परीक्षा में असफल हो गई है। मेहनत के बावजूद फेल होने की खबर ने किशोरी को गहरे अवसाद में डाल दिया। उस वक्त घर पर मां और भाई नहीं थे, जिसका फायदा उठाकर उसने घर में रखा जहरीला पदार्थ खा लिया।

खुशी की खबर भी नहीं बचा सकी जान
घटना के कुछ देर बाद आराध्य के भाई तनिष्क ने उसे फोन कर खुशखबरी दी कि वह फेल नहीं, बल्कि 78 प्रतिशत अंकों से पास हुई है। पास होने की सूचना मिलते ही आराध्य के पैरों तले जमीन खिसक गई। उसे अपनी गलती का अहसास हुआ और उसने तत्काल अपनी दादी को जहर खाने की बात बताई। पिता दुर्गेश उसे आनन-फानन में सीएचसी ठर्रापार ले गए, जहाँ से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; अस्पताल पहुँचने से पहले ही रास्ते में आराध्य ने दम तोड़ दिया।

पिता की अजीबोगरीब हरकत और पुलिस की कार्रवाई
घटना के बाद घर में कोहराम मच गया। मृतका के पिता शव को वापस घर लाए और उसे कार में लॉक कर दिया। जब मां अंकिता दुबे मायके से लौटीं, तो पिता ने सच्चाई छिपाते हुए कहा कि आराध्य सो रही है। मां के हंगामे के बाद जब गाड़ी का लॉक खुला, तो बेटी का शव देखकर परिजनों की चीखें निकल गईं।

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ग्रीष्म ऋतु में तापमान में वृद्धि होने के कारण छात्रों की स्वास्थ्य,सुविधा, सुरक्षा एवं आवागमन को दृष्टिगत रखते हुये स्कूलों के समय में परिवर्तन

जिला मुरैना अन्तर्गत ग्रीष्म ऋतु में तापमान में वृद्धि होने के कारण छात्रों की स्वास्थ्य, सुविधा, सुरक्षा एवं आवागमन को दृष्टिगत रखते हुये, प्रभारी कलेक्टर श्री कमलेश कुमार भार्गव के निर्देशन में जिला शिक्षा अधिकारी श्री इंदोरिया ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है। उन्होंने बताया कि जिला मुरैना अन्तर्गत संचालित समस्त शासकीय/अशासकीय / सीबीएसई / आई.सी.एस.ई./अनुदान प्राप्त शालाओं एवं शासन द्वारा मान्यता प्राप्त समस्त विद्यालयों में प्ले ग्रुप से कक्षा 12 तक की कक्षायें प्रातः 07:30 बजे से 12:00 बजे तक संचालित की जावेंगी। शासन द्वारा पूर्व से निर्धारित परीक्षा आदि आवश्यक कार्यक्रम यथावत समय सारिणी अनुसार संचालित रहेंगे।आदेश 18. अप्रैल 2026 से आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगा।
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येवती ग्रामपंचायतीच्या सरपंच पदासाठी निवडणुकीचे बिगुल वाजले असून, गावातील राजकीय वातावरण चांगलेच तापू लागले आहे. या मानाच्या पदासाठी प्रकाश खरात आणि प्रयागबाई पाटोळे हे दोन तगडे उमेदवार आमनेसामने उभे ठाकले आहेत. या दोन्ही उमेदवारांचे भवितव्य आता पूर्णपणे येवती गावातील मतदारांच्या हातात असून, संपूर्ण तालुक्याचे लक्ष या अटीतटीच्या लढतीकडे लागले आहे.
​दोन्ही उमेदवारांचा कस लागणार
​येवती गावाच्या विकासाचा कणा समजल्या जाणाऱ्या सरपंच पदासाठी यावेळेस चुरस निर्माण झाली आहे. एकीकडे अनुभवाचा दावा करणारे प्रकाश खरात आहेत, तर दुसरीकडे महिला नेतृत्वाचा चेहरा म्हणून प्रयागबाई पाटोळे मैदानात आहेत. दोघांनीही आपापल्या परीने प्रचाराला सुरुवात केली असून, मतदारांच्या गाठीभेटी घेण्यावर भर दिला आहे.
​निवडणुकीचे प्रमुख मुद्दे:
​गावचा विकास: रस्ते, पाणी आणि वीज या मूलभूत सुविधांवर दोन्ही उमेदवारांकडून आश्वासने दिली जात आहेत.
​युवा आणि महिला सक्षमीकरण: गावात रोजगाराच्या संधी आणि महिला बचत गटांना बळकटी देण्याचे मुद्दे चर्चेत आहेत.
​ग्रामसभा आणि पारदर्शकता: कारभारात पारदर्शकता आणण्याचे आश्वासन मतदारांना दिले जात आहे.
​"येवती गावाचा सर्वांगीण विकास करणारा आणि सर्वांना सोबत घेऊन जाणारा उमेदवारच सरपंच पदी विराजमान व्हावा, अशी इच्छा सामान्य गावकऱ्यांमधून व्यक्त होत आहे."
​गावकऱ्यांची भूमिका निर्णायक
​शेवटी, दोन्ही उमेदवारांचे भवितव्य हे येवती येथील मंडळी आणि मतदारांच्या मतावर अवलंबून आहे. गावकरी कोणाच्या पारड्यात आपले मत टाकतात आणि येवतीचा 'कारभारी' म्हणून कोणाची निवड करतात, हे पाहणे औत्सुक्याचे ठरेल.
​प्रचार अंतिम टप्प्यात पोहोचला असून, येत्या काही दिवसांत गावातील चौकाचौकात राजकीय चर्चांना अधिक उधाण येणार असल्याचे चित्र दिसत आहे.
​- विशेष प्रतिनिधी, येवती न्यूज

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2017 बैच के आईपीएस नाथू सिंह मीणा बोकारो के नए एसपी बने, नाथू सिंह मीणा राजस्थान के रहने वाले हैं उनकी पहली पोस्टिंग 2019 में चक्रधरपुर के एएसपी के रूप में हुई थी l तब नक्सल विरोधी अभियान के दौरान वे काफी चर्चे में रहे थे सिर्फ लॉकडाउन के दौरान उन्होंने आधे दर्जन से ज्यादा नक्सली मुठभेड़ का नेतृत्व किया और इन इलाकों में नक्सलियों की कमर तोड़ दी l चक्रधरपुर में किया उग्रवादियों का सफाया:आईपीएस नाथू सिंह मीणा ने चक्रधरपुर में पीएलएफआई का लगभग सफाया कर दिया l इसके अलावा मई 2020 में पीएलएफआई मुठभेड़ में एरिया कमांडर समेत उसके अन्य दो साथियों को मार गिराया और दो को गिरफ्तार भी किया l नक्सलियों के विरुद्ध लगातार अभियान की वजह से वे उनके आंखों की किरकिरी बने रहे और इसी वजह से एक अभियान के दौरान नक्सलियों ने महिलाओं और बच्चों की आड़ लेकर फायरिंग शुरू कर दी थी l जिसमें एसपी के बॉडी गार्ड लखिन्द्र मुंडा और एसपीओ सुंदर स्वरूप महतो की गोली लगने से मौत हो गयी थी I

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• प्लाटिंग के लिए डबरौहा की भूमि में भूमाफियाओं ने खड़ा किया हकदार

• सवालों के घेरे में तत्कालीन तहसीलदार से लेकर आरआई और पटवारी के कार्य

उमरिया। जिले से सटे गांव डबरौहा से बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने न सिर्फ स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि जमीन से जुड़े कानूनों की खुलेआम अनदेखी की तस्वीर भी उजागर कर दी है। यहां कृषि भूमि को अवैध रूप से प्लाटिंग कर बेचे जाने का आरोप है, और इस पूरे मामले में एक सुनियोजित नेटवर्क के सक्रिय होने की बात कही जा रही है। सूत्रों के अनुसार, इस पूरे प्रकरण का मुख्य चेहरा लखनूद मोहम्मद, इस्लाम मोहम्मद और मोले सिंह है। आदिवासी मोले सिंह भू-माफियाओं का मोहरा है। लखनूद और इस्लाम ने पहले अपने नाम पर कृषि भूमि खरीदी और उसके बाद उसे छोटे-छोटे प्लॉट्स में काटकर बेचने का काम शुरू कर दिया। वहीं कार्य आदिवासी मोले सिंह के नाम पर किया गया। यह सब कथित तौर पर कुछ स्थानीय बड़े भू-माफियाओं के साथ मिलकर किया गया है।

रिकार्ड कह रहे दूसरी कहानी

मामले का सबसे गंभीर पहलू यह है कि जिन खसरों की जमीनों में यह प्लाटिंग की जा रही है, उनके पुराने राजस्व रिकॉर्ड कुछ और ही कहानी बयां करते हैं। इन रिकॉर्ड्स में कथित रूप से हेरफेर कर जमीन की प्रकृति और स्थिति बदल दी गई। प्रशासनिक मिलीभगत के साथ भू-माफियाओं के द्वारा किए गए जमीन के इस खेल का दायरा केवल कागजी हेरफेर तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां प्राकृतिक संरचना के साथ भी खिलवाड़ किया गया है।

पर्यावरण की उड़ी धज्जियां

डबरौहा अंतर्गत प्लाटिंग में कछरवार मार्ग की ओर स्थित पहाड़ी को काटकर उसे समतल जमीन में तब्दील कर दिया गया, ताकि वहां प्लाटिंग की जा सके। यह न सिर्फ पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन है, बल्कि सीधे तौर पर खनिज विभाग और राजस्व विभाग की अनुमति के बिना किया गया कार्य अवैध उत्खनन और भौगोलिक संरचना को बर्बाद करने की श्रेणी में आता है। सूत्रों की माने तो इस तरह की खुदाई के लिए खनिज विभाग उमरिया से कोई वैध अनुमति नहीं ली गई, और न ही कृषि भूमि को गैर-कृषि उपयोग में बदलने की प्रक्रिया का पालन किया गया। इसके बावजूद, खुलेआम प्लॉट काटकर बेचे जा रहे हैं, और खरीददारों को भविष्य के सपने दिखाए जा रहे हैं। यह स्थिति न केवल कानून व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाती है, बल्कि आम लोगों के साथ संभावित धोखाधड़ी की आशंका भी पैदा करती है।

नोटिस तक सीमित कार्यवाही

साप्ताहिक समाचार पत्र दबंग क्रांति ने इस पूरे मामले को लेकर पिछले अंकों में समाचार प्रकाशित किया है। सूत्रों की माने तो 14 लोगों को डबरौहा में अवैध प्लाटिंग से संबंधित मामले को लेकर नोटिस भी जारी की गई और पन्द्रह दिवस के अंदर स्पष्टीकरण मांगा गया था। लेकिन फिलहाल मामला ठंडे बस्ते में कैद है।

प्रशासनिक व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

जब इतने बड़े स्तर पर भूमि का स्वरूप बदला जा रहा था, पहाड़ी काटी जा रही थी और प्लॉटिंग का काम चल रहा था, तब स्थानीय प्रशासन और जिम्मेदार विभाग क्या कर रहे थे ? जबकि भूमि के क्रय-विक्रय में तत्कालीन तहसीलदार, आर.आई. और पटवारी की भूमिका सवालों के घेरे में है, जिन्होंने कलेक्टर के बिना अनुमति पूरा कारनामा भू-माफियाओं के पक्ष में कर दिया। कानून के जानकारों की मानें तो कृषि भूमि को प्लाटिंग कर बेचने के लिए कई स्तरों की अनुमति आवश्यक होती है, जिसमें भूमि उपयोग परिवर्तन, नगर एवं ग्राम निवेश की स्वीकृति, और अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं शामिल हैं। यदि इनका पालन नहीं किया गया है, तो यह सीधे तौर पर अवैध गतिविधि की श्रेणी में आता है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

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पदम पुरस्कार वर्ष 2027 के लिए प्रतिभागियों के नामांकन विभागीय पोर्टल पर ऑनलाईन ही प्रेषित किए जाएं

ऑनलाइन आवेदन 30 जून तक आमंत्रित

भारत सरकार, गृह मंत्रालय, नई दिल्ली के आदेशानुसार विगत वर्षों की भांति वर्तमान वर्ष में भी मध्यप्रदेश शासन, गृह विभाग द्वारा निर्मित अवार्डस पोर्टल http:padmaawards.mp.gov.in पर जिला स्तर से पदम पुरस्कारों हेतु योग्य व्यक्तियों के नामांकन ऑनलाईन ही प्रेषित किये जाने हैं। आयुक्त चंबल संभाग श्री सुरेश कुमार के निर्देश पर उपायुक्त राजस्व द्वारा दी गई है।
पोर्टल पर ऑनलाईन नामांकन दर्ज करने के लिए यूजर नेम तथा पासवर्ड अधिकृत ई-मेल आईडी पर पूर्व से ही प्रेषित किये जाने का उल्लेख करते हुए अवार्डस पोर्टल पर ऑनलाइन नामांकन दर्ज करने हेतु प्रक्रिया प्रवाह (प्रोसेस फोलो) त्वरित कार्यवाही हेतु संलग्न होना दर्शाते हुए, इसके अतिरिक्त किसी भी प्रकार की तकनीकी सहयोग हेतु विभागीय ई-मेल manisha.sentia@mp.gov.in एवं ई-मेल azmat.khan@mpsede.mp.gov.in पर संपर्क किया जा सकता है। जिला स्तर से पदम पुरस्कार हेतु प्रतिभागियों का चयन कर उनके नामांकन एवं आवश्यक दस्तावेज गृह विभाग के ऑनलाईन पोर्टल पर 30 जून 2026 तक प्रेषित किये जाने के निर्देश प्राप्त हुए हैं।
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జిల్లా స్టాప్ ప్రతినిధి జహీరాబాద్ ఎస్ ఐ. బెదిరింపులు.

సంగరెడ్డి జిల్లా జహిరాబాద్ నియోజకవర్గం ఎస్ ఐ. జిల్లా స్టాప్ బెదిరింపులు రాత్రి కూడా ఫోన్ చేసి బెదిరింపులు నీ మీద కంప్లైంట్స్ ఉన్నాయి. మీరు పోలీస్ స్టేషన్ రాకపోతే కేసులు పెడతామని బెదిరిస్తున్నారు. జిల్లా స్టాప్ రిపోర్టర్ మా మహమ్మద్ చాన్ పాషాను ఫోన్లో మాట్లాడి ఎవరిచ్చారు కంప్లైంట్ వారి లిస్ట్ ఇవ్వండి. నీ పోలీస్ స్టేషన్కు వచ్చి అడిగి సమాధానం చెప్తారు. జహీరాబాద్ ఎస్ ఐ, ఫోన్ బెదిరిస్తున్నారు. ప్రజలు వాళ్లు ఫోన్ చేస్తే పోయినాను నా ఫోన్లో వాయిస్ రికార్డులు ఉన్నాయి. ఆధారాలు లేకుండా వీడియోస్ చేస్తలేను అన్ని ఆధారాలు నా దగ్గర ఉన్నాయి. ప్రజలకు ఇబ్బంది కలగకుండా ఉండడమే మా ధ్యేయం ప్రజల కోసం ప్రాణమైన ఇస్తాం ఎవరి దగ్గర లంచాలు తీసుకోవడం లేదు.

*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
Journalist Cell
*All India Media Association
Nagpur*
*District President*
*Delhi Crime Press*
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
*INDIAN PRESS UNION*
District Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

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AIMA media group Rourkela

କଲୁଙ୍ଗା, କୁଆଁରମୁଣ୍ଡା ଶିଳ୍ପାଞ୍ଚଳ ର ସମସ୍ତ କଳ କାରଖାନା ରେ ଶ୍ରମିକ ବିକ୍ଷୋଭ ଓ ଶ୍ରମିକ ଆନ୍ଦୋଳନ କୁ ସମର୍ଥନ।

ସିଆଇଟିୟୁ ଡାକରାରେ ନୋଇଡା ରେ ଚାଲିଥିବା ଶ୍ରମିକ ଆନ୍ଦୋଳନ କୁ ସମର୍ଥନ ଜଣାଇ ସିଆଇଟିୟୁ ସହ ବନ୍ଧିତ ସୁନ୍ଦରଗଡ ଇଣ୍ଡଷ୍ଟ୍ରିଆଲ ମଜୁଦୁର ୟୁନିୟନ ର ସାଧାରଣ ସମ୍ପାଦକ ଜାହାଙ୍ଗୀର ଅଲ୍ଲୀ ଙ୍କ ନେତୃତ୍ବ ରେ କଲୁଙ୍ଗା, କୁଆଁରମୁଣ୍ଡ ର ସମସ୍ତ ଶିଳ୍ପାଞ୍ଚଳ ରେ ଶ୍ରମିକ ବିକ୍ଷୋଭ ପ୍ରଦର୍ଶନ କରାଯାଇଛି । ଗତ କିଛିଦିନ ହେବ ଦେଶ ର ଉତ୍ତର ପ୍ରଦେଶ, ହରିଆଣା, ଦିଲ୍ଲୀ ଆଦି ରାଜ୍ଯ ର ନୋଇଡା, ପାନିପଥ, ଗାଜିଆବାଦ, ଏନସିଆର ଆଦି ସ୍ଥାନ ରେ ଲକ୍ଷ ଲକ୍ଷ ଶ୍ରମିକ ମାନେ ତାଙ୍କର ନାର୍ଯ୍ଯ ଦାବୀ ଓ ଅଧିକାର ପାଇଁ ଲଢେଇ ଜାରି ରଖିଛନ୍ତି । ନରେନ୍ଦ୍ର ମୋଦୀ ସରକାର ନୂତନ ଶ୍ରମ କୋର୍ଡ ଲାଗୁ କରି ଶ୍ରମିକ ମାନଙ୍କ ର ଦୈନିକ ମଜୁରୀ ୧୨ ଘଣ୍ଟା କୁ ବୃଦ୍ଧି କରାଇଥିବା ବିରୁଦ୍ଧ ରେ ଏହି ଅଞ୍ଚଳର ରେ ଥିବା ହଜାର ହଜାର କଳ କାରଖାନାଗୁଡ଼ିକ ରେ କାମ କରୁଥିବା ଲକ୍ଷ ଲକ୍ଷ ଶ୍ରମିକ ମାନେ ଆନ୍ଦୋଳନ ଜାରି ରଖିଛନ୍ତି । କେନ୍ଦ୍ର ବିଜେପି ସରକାର ଶ୍ରମିକ ମାନଙ୍କ ର ସମସ୍ତ ଶ୍ରମ ଆଇନ କୁ ଉଛେଦ କରି ଶ୍ରମିକ ବିରୋଧୀ ଶ୍ରମ କୋର୍ଡ ଲାଗୁ କରିଛନ୍ତି ଓ ଶ୍ରମିକ ମାନଙ୍କୁ ଶୋଷଣ କରୁଛନ୍ତି । ତେଣୁ ଉକ୍ତ ଶ୍ରମିକ ଆନ୍ଦୋଳନ କୁ ସମର୍ଥନ ଜଣାଇ ଓ ବିଜେପି ସରକାର ଶ୍ରମିକ ବିରୋଧୀ ନୀତି ବିରୁଦ୍ଧ ରେ କଲୁଙ୍ଗା ସ୍ଥିତ ଇଷ୍ଟର୍ଣ ଆଲଏଜ, ଇଷ୍ଟର୍ଣ ଇକୁପମେଣ୍ଟ, ଆର ବି ଅଗ୍ରୱାଲ, ବାରବରିକ ଷ୍ଟିଲ କର୍ପୋରେସନ, ଆଇଏଫଜିଏଲ ରିଫ୍ରାଟୋରିଜ ଲିମିଟେଡ, ବଲଣ୍ଡା ସ୍ଥିତ ଜୟ ଆଇରନ ଏଣ୍ଡ ଷ୍ଟିଲ ଲିମିଟେଡ, ରାଉରକେଲାର ଷ୍ଟିଲ କର୍ପୋରେସନ କୁଆଁରମୁଣ୍ଡ ସ୍ଥିତ ଉତ୍କଳ ମୋଲଡର ଲିମିଟେଡ, ସରବେସ ରିଫ୍ରାଟୋରିଜ ଲିମିଟେଡ ଆଦି କଳ କାରଖାନାଗୁଡ଼ିକ ରେ ବିକ୍ଷୋଭ ପ୍ରଦର୍ଶନ କରାଯାଇଥିଲା। ଏବଂ ରାଜ୍ଯ ରେ ଯଦି ସରକାର ଲାଗୁ କରେଇବା ପାଇଁ ଅପଚେଷ୍ଟା କରନ୍ତି ତାହେଲେ ଏସବୁ କଳ କାରଖାନାଗୁଡ଼ିକ ରେ ସମ୍ପୂର୍ଣ୍ଣ କାମ ବନ୍ଦ ର ଆନ୍ଦୋଳନ କରାଯିବ। ଏହି ବିକ୍ଷୋଭ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ରେ ସିମୁ ସମ୍ପାଦକ ଯଯାତୀ କେଶରୀ ସାହୁ, ଆଇଏଫଜିଏଲ ରିଫ୍ରାଟୋରିଜ ଓର୍କସ ୟୁନିୟନ କାର୍ଯ୍ୟାକାରୀ ସଭାପତି ଅଜିତ କୁମାର ଦାଶ, ସିମୁ ସମ୍ପାଦକ ଅଜିତ ଏକ୍କା, ସମ୍ବିତ ସ୍ଵାଇଁ, ଯୀରୋଦ ବେହେରା, ମାହାତୋ କୁଜୁର, ଅନିଲ ସ, ଶୁଧାଶୁଂ ଜେନା, ରଞ୍ଜନ ବେହେରା ପ୍ରମୁଖ ନେତୃତ୍ବ ନେଇଥିଲେ।

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मिशन परिवार विकास पखवाड़े के तहत मुरैना शहर में सारथी रथ जन जागरूकता रैली निकाली

मिशन परिवार विकास पखवाड़े के तहत सारथी रथ जन जागरूकता रैली एवं कार्यशाला आदि गतिविधियों का आयोजित की गईं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पदमेश उपाध्याय के मार्गदर्शन में सारथी रथ एवं रैली को जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. एसके कारखुर ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
जन जागरूकता रैली जिला चिकित्सालय से होती हुयी शहर के प्रमुख स्थानों पर निकाली गई। रैली एवं सारथी रथ फ्लेक्स बैनर से सुसज्जित कर आम नागरिकों को टेम्पलेट्स वितरण कर परिवार नियोजन सेवाएं की जानकारी दी गई। इस अवसर पर डीएचओ डॉ. संध्या मोर्य, जिला कार्यक्रम प्रबन्धक श्री एसपी श्रीवास्तव, मीडिया ऑफीसर श्रीमती बसंती बाजौरिया, डिप्टी मीडिया ऑफीसर श्रीमती शिव कुमारी निम, एपीएम श्री अशोक भगोरिया, एमएच कॉर्डिनेटर श्रीमती रिजवान खान, शहरी सुपरवाइजर एवं आशा, एएनएम प्रशिक्षणार्थी सहित सभी अधिकारी व कर्मचारी उपस्थिति रहे।
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*सुलतानपुर* बल्दीराय थाना क्षेत्र के बिघोली गांव में हुए गोली कांड को लेकर पुलिस ने दोनों नामजद आरोपी को गिरफ्तार किया है।

आरोपियों के पास से दो देशी तमंचे और जिंदा कारतूस बरामद हुआ। शुक्रवार को पुलिस ने दोनों आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।

आरोपी की पहचान त्रिवेणी यादव पिता केदारनाथ यादव (59) और राजेश कुमार पिता वंशराज (32) निवासी विघौली थाना बल्दीराय के रूप में हुई है।
पुलिस ने त्रिवेणी यादव के कब्जे से एक 12 बोर का देशी तमंचा, 07 जिंदा कारतूस 12 बोर और 02 खोखा कारतूस 12 बोर बरामद किए। वहीं, राजेश कुमार के पास से एक 315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस 315 बोर और एक खोखा कारतूस 315 बोर मिला। इस बरामदगी के आधार पर मुकदमे में आर्म्स एक्ट भी बढ़ा दी गई है।
दरअसल, 9 अप्रैल को बिघौली गांव में तेरहवीं कार्यक्रम में विवाद में हुई फायरिंग की घटना में एक परिवार के पांच सदस्य घायल हो गए थे। इसके बाद से पुलिस इन आरोपियों की तलाश कर रही थी।

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*पसगवां का शैक्षिक वनवास: सुनहरे वादों के बीच सिसकता बचपन*

*लेखक उपेंद्रनाथ पाण्डेय की कलम से*

“जब कलम पकड़ने वाले हाथों को दूर तक स्कूल नहीं मिलता, तो वह हाथ अक्सर व्यवस्था के खिलाफ मुट्ठियां तान लेते हैं।”
लखीमपुर खीरी जनपद की 144 मोहम्मदी विधानसभा का विकास खंड पसगवां आज विकास की उस विडंबना का शिकार है, जहाँ फाइलें तो तरक्की की गवाही देती हैं, लेकिन धरातल पर सिर्फ सन्नाटा और टूटी हुई दीवारें हैं। किसी भी क्षेत्र की प्रगति का पैमाना वहां की सड़कों या होर्डिंग्स से नहीं, बल्कि वहां की शिक्षा व्यवस्था से मापा जाता है। लेकिन पसगवां में शिक्षा की रीढ़ न केवल झुकी हुई है, बल्कि उपेक्षा के बोझ तले दम तोड़ रही है।
1. वादों का मायाजाल और जमीनी रेगिस्तान
पसगवां ब्लॉक मुख्यालय होने के नाते एक बड़ी जिम्मेदारी वहन करता है, लेकिन यहाँ की शैक्षिक तस्वीर किसी "खंडहर" से कम नहीं है। एक प्राथमिक विद्यालय और एक जूनियर स्कूल के भरोसे हजारों बच्चों का भविष्य टिका दिया गया है। सवाल यह है कि क्या कक्षा 8 तक की शिक्षा एक नागरिक को आधुनिक युग की चुनौतियों के लिए तैयार कर सकती है? क्या पसगवां के बच्चों के सपनों की उड़ान को आठवीं कक्षा की दहलीज पर ही दम तोड़ देना चाहिए?
2. 'आधी आबादी' का पूरा अपमान: कहाँ जाएं बेटियां?
सबसे विचलित करने वाला तथ्य यह है कि इतने बड़े क्षेत्र में छात्राओं के लिए एक भी स्वतंत्र इंटर कॉलेज नहीं है। एक तरफ 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' के नारे गूँजते हैं, वहीं दूसरी ओर पसगवां की बेटियां उच्च शिक्षा के लिए असुरक्षित रास्तों और मीलों लंबी दूरियों को तय करने पर मजबूर हैं। बिना इंटर कॉलेज के, ग्रामीण क्षेत्रों की अधिकांश मेधावी बेटियां कक्षा 10 के बाद अपनी पढ़ाई छोड़ने पर विवश हो जाती हैं। क्या यह उन बेटियों के पंख कतरने जैसा नहीं है?
3. घोषणाओं के "कबूतर" और हकीकत की "धूल"
2014 का अधूरा वादा: दस साल पहले जनता को एक इंटर कॉलेज का सपना दिखाया गया था। एक दशक बीत गया, सरकारें बदलीं, प्रतिनिधि बदले, लेकिन वह वादा आज भी भाषणों की फाइलों में ही कैद है।
केंद्रीय विद्यालय का रहस्य: एक समय शोर मचा कि पसगवां को 'केंद्रीय विद्यालय' की सौगात मिलने वाली है। अभिभावकों ने राहत की सांस ली थी, बच्चों की आँखों में चमक आई थी। लेकिन वह योजना कहाँ विलीन हो गई, इसका जवाब देने वाला कोई नहीं है। क्या वह केवल एक चुनावी शिगूफा था?
4. विरासत बनाम वर्तमान: विकास या विनाश?
लेख का एक कड़वा सच यह भी है कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय जो बुनियादी ढांचा खड़ा किया गया था, वर्तमान व्यवस्था उसमें 10% का इजाफा करने में भी नाकाम रही है। विकास का अर्थ होता है—जो है उसे बेहतर बनाना और जो नहीं है उसे जोड़ना। लेकिन यहाँ तो स्थिति यह है कि जो पुराना है वह भी जर्जर हो रहा है और नया सिर्फ "सोशल मीडिया के पोस्टर्स" में चमक रहा है।
5. क्या यह एक सोची-समझी साजिश है?
कहा जाता है कि यदि किसी समाज को गुलाम बनाए रखना हो, तो उसकी शिक्षा छीन लो। क्या पसगवां को जानबूझकर अशिक्षा के अंधेरे में रखा जा रहा है? ताकि यहाँ की आने वाली पीढ़ी अपने अधिकारों के प्रति सजग न हो सके? ताकि वे कभी व्यवस्था से तीखे सवाल न पूछ सकें?
निष्कर्ष: सत्ता को एक खुली चेतावनी
शिक्षा की यह बदहाली सिर्फ एक प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि एक सामाजिक अपराध है। सत्ता के गलियारों में बैठे लोगों को यह समझना होगा कि “जब बच्चों का भविष्य अंधेरे में होता है, तो सत्ता का उजाला भी ज्यादा दिन नहीं टिकता।”
पसगवां के युवा अब जाग रहे हैं। भारतीय किसान संघ के माध्यम से उठने वाली यह आवाज अब थमने वाली नहीं है। यह लेख केवल आलोचना नहीं है, बल्कि उस व्यवस्था को आईना दिखाना है जिसने पसगवां के भविष्य को 'पोस्टर वाले विकास' की भेंट चढ़ा दिया है।
वक्त आ गया है कि वादों की पोटली खोली जाए और धरातल पर ईंट-गारा रखा जाए, वरना आने वाला इतिहास इस उपेक्षा के लिए वर्तमान नेतृत्व को कभी माफ नहीं करेगा।
"शिक्षित पसगवां - सशक्त पसगवां"
उपेन्द्र पाण्डेय
जिलामंत्री, भारतीय किसान संघ, लखीमपुर खीरी

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• सवालों के घेरे में तत्कालीन तहसीलदार से लेकर आरआई और पटवारी के कार्य

उमरिया। जिले से सटे गांव डबरौहा से बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने न सिर्फ स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि जमीन से जुड़े कानूनों की खुलेआम अनदेखी की तस्वीर भी उजागर कर दी है। यहां कृषि भूमि को अवैध रूप से प्लाटिंग कर बेचे जाने का आरोप है, और इस पूरे मामले में एक सुनियोजित नेटवर्क के सक्रिय होने की बात कही जा रही है। सूत्रों के अनुसार, इस पूरे प्रकरण का मुख्य चेहरा लखनूद मोहम्मद, इस्लाम मोहम्मद और मोले सिंह है। आदिवासी मोले सिंह भू-माफियाओं का मोहरा है। लखनूद और इस्लाम ने पहले अपने नाम पर कृषि भूमि खरीदी और उसके बाद उसे छोटे-छोटे प्लॉट्स में काटकर बेचने का काम शुरू कर दिया। वहीं कार्य आदिवासी मोले सिंह के नाम पर किया गया। यह सब कथित तौर पर कुछ स्थानीय बड़े भू-माफियाओं के साथ मिलकर किया गया है।

रिकार्ड कह रहे दूसरी कहानी

मामले का सबसे गंभीर पहलू यह है कि जिन खसरों की जमीनों में यह प्लाटिंग की जा रही है, उनके पुराने राजस्व रिकॉर्ड कुछ और ही कहानी बयां करते हैं। इन रिकॉर्ड्स में कथित रूप से हेरफेर कर जमीन की प्रकृति और स्थिति बदल दी गई। प्रशासनिक मिलीभगत के साथ भू-माफियाओं के द्वारा किए गए जमीन के इस खेल का दायरा केवल कागजी हेरफेर तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां प्राकृतिक संरचना के साथ भी खिलवाड़ किया गया है।

पर्यावरण की उड़ी धज्जियां

डबरौहा अंतर्गत प्लाटिंग में कछरवार मार्ग की ओर स्थित पहाड़ी को काटकर उसे समतल जमीन में तब्दील कर दिया गया, ताकि वहां प्लाटिंग की जा सके। यह न सिर्फ पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन है, बल्कि सीधे तौर पर खनिज विभाग और राजस्व विभाग की अनुमति के बिना किया गया कार्य अवैध उत्खनन और भौगोलिक संरचना को बर्बाद करने की श्रेणी में आता है। सूत्रों की माने तो इस तरह की खुदाई के लिए खनिज विभाग उमरिया से कोई वैध अनुमति नहीं ली गई, और न ही कृषि भूमि को गैर-कृषि उपयोग में बदलने की प्रक्रिया का पालन किया गया। इसके बावजूद, खुलेआम प्लॉट काटकर बेचे जा रहे हैं, और खरीददारों को भविष्य के सपने दिखाए जा रहे हैं। यह स्थिति न केवल कानून व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाती है, बल्कि आम लोगों के साथ संभावित धोखाधड़ी की आशंका भी पैदा करती है।

नोटिस तक सीमित कार्यवाही

साप्ताहिक समाचार पत्र दबंग क्रांति ने इस पूरे मामले को लेकर पिछले अंकों में समाचार प्रकाशित किया है। सूत्रों की माने तो 14 लोगों को डबरौहा में अवैध प्लाटिंग से संबंधित मामले को लेकर नोटिस भी जारी की गई और पन्द्रह दिवस के अंदर स्पष्टीकरण मांगा गया था। लेकिन फिलहाल मामला ठंडे बस्ते में कैद है।

प्रशासनिक व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

जब इतने बड़े स्तर पर भूमि का स्वरूप बदला जा रहा था, पहाड़ी काटी जा रही थी और प्लॉटिंग का काम चल रहा था, तब स्थानीय प्रशासन और जिम्मेदार विभाग क्या कर रहे थे ? जबकि भूमि के क्रय-विक्रय में तत्कालीन तहसीलदार, आर.आई. और पटवारी की भूमिका सवालों के घेरे में है, जिन्होंने कलेक्टर के बिना अनुमति पूरा कारनामा भू-माफियाओं के पक्ष में कर दिया। कानून के जानकारों की मानें तो कृषि भूमि को प्लाटिंग कर बेचने के लिए कई स्तरों की अनुमति आवश्यक होती है, जिसमें भूमि उपयोग परिवर्तन, नगर एवं ग्राम निवेश की स्वीकृति, और अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं शामिल हैं। यदि इनका पालन नहीं किया गया है, तो यह सीधे तौर पर अवैध गतिविधि की श्रेणी में आता है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

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झांसी। Government Railway Police Uttar Pradesh के अंतर्गत झाँसी में पुलिस अधीक्षक रेलवे के निर्देशन में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत GRP अनुभाग झाँसी की टीम द्वारा सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर लगातार पैदल गश्त और सघन चेकिंग की जा रही है। प्लेटफॉर्म, ट्रेनों, सर्कुलेटिंग एरिया, पार्किंग स्थल सहित अन्य संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान यात्रियों को सुरक्षित और निर्भय वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है। संदिग्ध व्यक्तियों एवं वस्तुओं पर विशेष ध्यान देते हुए सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। रेलवे पुलिस ने यात्रियों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की जानकारी तुरंत नजदीकी पुलिस कर्मियों को दें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।

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*श्रीरामपूरच्या निशाणेबाजांची दमदार कामगिरी;4 खेळाडू प्री-नॅशनलसाठी पात्र...*

श्रीरामपूर (*शिवप्रहार न्यूज नेटवर्क/प्रतिनिधी*): महाराष्ट्र रायफल असोसिएशन यांच्या वतीने आयोजित छत्रपती संभाजीनगर येथे २८ व २९ मार्च रोजी पार पडलेल्या राज्यस्तरीय “महाराष्ट्र एअर गन स्पर्धा २०२६” मध्ये श्रीरामपूर येथील “द अल्टिमेट स्पोर्ट शूटिंग अकॅडमी” च्या खेळाडूंनी उल्लेखनीय कामगिरी करत मोठे यश संपादन केले आहे. या स्पर्धेत अकॅडमीच्या ०४ निशाणेबाजांनी आगामी प्री-नॅशनल स्पर्धेसाठी पात्रता मिळवली आहे.पात्र ठरलेले खेळाडू पुढीलप्रमाणे –
०१)आरणा प्रितेश कुंकूलोळ(१० मीटर पिप साइट रायफल) हिने सब-यूथ व यूथ गटातून पात्रता मिळवली आहे.
०२)प्रीशा प्रितेश कुंकूलोळ(१० मीटर एअर पिस्टोल) हिने सब-यूथ, यूथ व ज्युनियर या तिन्ही गटांत उत्कृष्ट कामगिरी करत निवड निश्चित केली.
०३)अवनी सागर तलवार (१० मीटर एअर पिस्टोल) हिनेही सब-यूथ, यूथ व ज्युनियर गटातून यश मिळवले.
०४)पायल सागर तलवार(१० मीटर एअर पिस्टोल) यांनी सीनियर गटातून प्री-नॅशनलसाठी पात्रता मिळवली आहे.
तसेच आर्या राहुल राऊत, प्रणव कैलास अघाव आणि विराज वैभव शित्रे या खेळाडूंनी ओपन साइट रायफल प्रकारात उत्कृष्ट प्रदर्शन करत श्रीरामपूरचे नाव उज्ज्वल केले.
या सर्व खेळाडूंना श्रीरामपूरचे राष्ट्रीय स्तरावरील निशाणेबाज केतन विजय वाघ मो-9011681818 यांचे मार्गदर्शन लाभत आहे.विशेष म्हणजे अवघ्या चार महिन्यांपूर्वीच त्यांनी “द अल्टिमेट स्पोर्ट शूटिंग अकॅडमी”च्या माध्यमातून श्रीरामपूरमध्ये निशाणेबाजी प्रशिक्षण सुरू केले असून अल्पावधीतच खेळाडूंनी मिळवलेले हे यश कौतुकास्पद मानले जात आहे.या अकॅडमीच्या माध्यमातून अधिकाधिक विद्यार्थ्यांनी या क्रीडा प्रकाराचा लाभ घ्यावा आणि उपलब्ध संधींचा फायदा करून घ्यावा अशी अपेक्षा व्यक्त करण्यात येत आहे.

*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
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ਪਟਿਆਲਾ, ਅਪ੍ਰੈਲ 18 :- ਜੋ ਹਾਲਾਤ ਅੱਜ ਬਣੇ ਹੋਏ ਤੇ ਆਮ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਮਾਨਸਿਕਤਾ ਬਣ ਚੁੱਕੀ , ਉਸ ਨੂੰ ਦੇਖ ਕਿ ਤਾਂ ਲੱਗਦਾ ਕਿ ਕੋਈ ਹੱਲ ਨਹੀਂ । ਪਰ ਜੇ ਕੋਈ ਹੱਲ ਨਹੀਂ ਤਾਂ ਉਹ ਵੀ ਤਾਂ ਹੱਲ ਨਹੀਂ , ਕੁਝ ਨਾ ਕੁੱਝ ਤਾਂ ਕਰਨਾ ਹੀ ਪੈਣਾ। ਕੁਝ ਨਾ ਕੁੱਝ ਦਾ ਮਤਲਬ ਤਾਂ ਇਹੀ ਹੱਲ ਹੈ ਕਿ ਹਰੇਕ ਅਪਣਾ ਅਪਣਾ ਕੰਮ ਕਰੇ ਤੇ ਹੱਥੀਂ ਕਮਾ ਕੇ ਖਾਵੇ ਨਾ ਕਿ ਸਰਕਾਰਾਂ ਅੱਗੇ ਹੱਥ ਅੱਡੇ ।
ਸਰਕਾਰਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਚਾਹੀਦਾ ਕਿ ਲੌੜਵੰਦਾਂ ਦੀ ਲਿਸਟ ਬਣਾ ਕੇ ਲੋੜ ਮੁਤਾਬਕ ਮਦਦ ਕਰੇ ਨਾ ਕਿ ਵੋਟਾਂ ਬਟੋਰਨ ਲਈ ਸਾਰਿਆਂ ਨੂੰ ਇੱਕੋ ਤੱਕੜੀ ਨਾਲ ਤੋਲ ਦੇਵੇ । ਜੋ ਵੀ ਚੋਣਾਂ ਜਿੱਤ ਜਾਵੇ , ਉਸ ਦੀ ਪੂਜਾ ਕਰੋ ਤੇ ਸਾਲ ਛੇ ਮਹੀਨੇ ਬਾਅਦ ਉਹਦੇ ਘਰ ਜਾ ਕੇ ਜੋ ਵੀ ਸਰਦਾ ਬਣਦਾ ਹੋਵੇ ਚੜ੍ਹਾ ਆਇਆ ਕਰੋ , ਹੁਣ ਵੀ ਤਾਂ ਅਸੀਂ ਲੁਕ ਛਿਪਾ ਕੇ ਦਿੰਦੇ ਹੀ ਹਾਂ ।ਅੱਜ ਤੱਕ ਸਮਝ ਨਹੀਂ ਆਈ ਕਿ ਨੇਤਾ ਹੋਣ ਜਾਂ ਮੁਲਾਜ਼ਮ , ਇਹ ਸਭ ਤਨਖਾਹਾਂ ਪੈਨਸ਼ਨ ਲੈਂਦੇ ਤੁਹਾਡੀ ਕਮਾਈ ਤੇ ਲੱਗੇ ਟੈਕਸ ਵਿੱਚੋਂ। ਫਿਰ ਤੁਸੀਂ ਇਹਨਾਂ ਦੇ ਗੋਡੇ ਕਿਉਂ ਘੁਟਦੇ, ਚਿੱਟੀਆਂ ਚਾਦਰਾਂ ਕਿਉਂ ਵਿਛਾਉਂਦੇ, ਗਲਾਂ ਵਿੱਚ ਹਾਰ ਕਿਉਂ ਪਾਉਂਦੇ,ਹਰ ਜਨਮ ਮਰਨ ਵਿਆਹਾਂ ਵਿੱਚ ਕਿਉਂ ਬੁਲਾਉਂਦੇ, ਚਾਹੀਦਾ ਇਹ ਹੈ ਕਿ ਨੇਤਾਵਾਂ-ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਨੂੰ ਤੁਹਾਡਾ ਧੰਨਵਾਦੀ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਕਿ ਤੁਸੀਂ ਇਹਨਾਂ ਦੀ ਰੋਜ਼ੀ ਰੋਟੀ ਹੋ , ਪਰ ਹੋ ਇਸ ਦੇ ਉਲਟ ਰਿਹਾ ।ਕੀ ਤੁਸੀਂ ਕਦੀ ਇਸ ਤੇ ਵਿਚਾਰ ਕਰੋਗੇ, ਵੈਸੇ ਤਾਂ ਨੇਤਾਵਾਂ ਨੂੰ ਦੇਣਾ ਕੋਈ ਮਾੜੀ ਗੱਲ ਨਹੀਂ ਕਿਉਂਕਿ ਜੇਕਰ ਨੇਤਾਵਾਂ ਨੂੰ ਖੁਆਓਗੇ ਤਾਂ ਅਪਣੇ ਕੰਮ ਕਰਵਾ ਲਵੋਗੇ । ਧਾਰਮਿਕ ਸਥਾਨਾਂ ਅਤੇ ਡੇਰਿਆਂ ਤੇ ਵੀ ਤਾਂ ਅਸੀਂ ਨਿੱਤ ਚੜ੍ਹਾਵੇ ਚੜ੍ਹਾ ਰਹੇ , ਉੱਥੋਂ ਤਾਂ ਮਿਲਦਾ ਵੀ ਕੁਝ ਨਹੀਂ । ਵੈਸੇ ਸਲਾਹ ਹੈ ਅੱਗੋਂ ਮਰਜ਼ੀ ਅਪਣੀ ਕਰ ਲੈਣਾ। ਧਾਰਮਿਕ ਸਥਾਨ ਅਤੇ ਡੇਰਿਆਂ ਦੇ ਬਾਬਿਆਂ ਨੂੰ ਪਾਲਣ ਦੀ ਥਾਂ ਵਿਚਾਰੇ ਭੁੱਖੇ ਨੰਗੇ ਸਿਆਸੀ ਨੇਤਾਵਾਂ ਨੂੰ ਪਾਲੋ , ਜੇ ਚੜ੍ਹਾਵੇ ਦਾ ਫਲ ਲੈਣਾ । ਧਾਰਮਿਕ ਬਾਬਿਆਂ ਨੂੰ ਪਾਲਦੇ ਤਾਂ ਹਜਾਰਾਂ ਸਾਲ ਹੋ ਗਏ, ਫਲ ਤਾਂ ਕੁਝ ਮਿਲਿਆ ਨਹੀਂ ਲੱਗਦਾ। ਧਰਮ ਜੀਵਨ ਜਾਚ ਹੈ ਜਿਸ ਦੀ ਪ੍ਰੈਕਟਿਸ ਕਰਨੀ ਪੈਣੀ, ਪੂਜਾ ਨਹੀਂ । ਜੋ ਅੱਖੀਂ ਡਿੱਠਾ ਉਹ ਸੱਚ ਬਾਕੀ ਸੱਭ ਸ਼ੱਕ ,
ਨੇਤਾਵਾਂ ਨੂੰ ਰਜਾਓ ਤੇ ਤੁਰੰਤ ਫਲ ਪਾਓ ਜਾਂ ਫਿਰ ਹੱਥੀਂ ਕੰਮ ਅਪਨਾਓ
ਤੇ ਮੁਫਤਖੋਰੀ ਭਜਾਓ ।

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*पोटच्या 13|| वर्षाच्या लेकीवर नराधम पित्याचा वारंवार अत्याचार; हॉटेल चालकाचाही अत्याचार...*


अहिल्यानगर (शिवप्रहार न्यूज)- जामखेड तालुक्यात बाप-लेकाच्या पवित्र नात्यालाच तडा देणारी संतापजनक घटना उघडकीस आली आहे.अवघ्या साडेतेरा वर्षांच्या अल्पवयीन मुलीवर तिच्याच जन्मदात्या पित्याने तसेच एका हॉटेलचालकाने अत्याचार केल्याचे धक्कादायक वास्तव समोर आले असून पीडिता ०३ महिन्यांची गर्भवती असल्याचे वैद्यकीय तपासणीत स्पष्ट झाले आहे. या प्रकरणी जामखेड पोलिसांनी दोन्ही आरोपींना अटक करून त्यांच्यावर पोक्सो आणि बलात्काराचे गुन्हे दाखल केले आहेत.
मिळालेल्या माहितीनुसार,ऑक्टोबर २०२५ मध्ये दिवाळीच्या सुट्टीदरम्यान ती आजी-आजोबा आणि वडिलांसोबत ऊसतोडणीसाठी जामखेड तालुक्यातील सरदवाडी परिसरात आली होती.याच काळात पाणी भरण्यासाठी हॉटेलवर जात असताना आरोपी जयदत्त सदाशिव कात्रजकर उर्फ नाना याने तिला जवळच्या शेतात नेऊन वारंवार अत्याचार केला.या प्रकाराची कुणाला माहिती दिल्यास जीवे मारण्याची धमकीही दिली.यानंतर नोव्हेंबर २०२५ मध्ये कुटुंब बीड जिल्ह्यातील पाटोदा तालुक्यातील सांगवी येथे ऊसतोडणीसाठी गेले असता तिथेच पीडितेच्या जन्मदात्या पित्याने नोव्हेंबर २०२५ ते मार्च २०२६ या कालावधीत तिच्यावर अनेकवेळा अत्याचार केल्याचे तपासात समोर आले.
दरम्यान, एप्रिल २०२६ मध्ये वार्षिक परीक्षेसाठी पीडिता आश्रमशाळेत परतली असता शाळेकडून आरोग्य तपासणी करण्यात आली.०९ एप्रिल रोजी झालेल्या वैद्यकीय तपासणीत ती तीन महिन्यांची गर्भवती असल्याचे निष्पन्न झाले आणि संपूर्ण प्रकार उघडकीस आला. यानंतर संगमनेर पोलिसांनी तत्काळ जामखेड पोलिसांशी संपर्क साधत पुढील कारवाई सुरू केली. सपोनि.वर्षा जाधव यांनी पीडितेला विश्वासात घेऊन सखोल चौकशी केली असता या अमानुष अत्याचाराची धक्कादायक मालिका समोर आली.
पूर्वी श्रीरामपूर तालुका पोलीस ठाण्याचा कार्यभार सांभाळलेले व सध्याचे जामखेडचे पोलीस निरीक्षक दशरथ चौधरी यांच्या मार्गदर्शनाखालील पथकाने १४ एप्रिल रोजी रात्री दोन्ही आरोपींना अटक केली. न्यायालयाने आरोपींना चार दिवसांची पोलीस कोठडी सुनावली असून या प्रकरणाचा पुढील तपास उपविभागीय पोलीस अधिकारी प्रवीणचंद लोखंडे करीत आहेत.

*Devashish Govind Tokekar*
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मिर्ज़ापुर (पड़री /पहाड़ी ):- मिर्जापुर में वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। जिला समाज कल्याण अधिकारी राम विलास यादव ने बताया कि अब आवेदकों की आयु प्रमाणित करने के लिए आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि को मान्य नहीं माना जाएगा।
अब आवेदन करते समय आयु प्रमाण के रूप में परिवार/कुटुम्ब रजिस्टर की प्रमाणित प्रति या शैक्षिक प्रमाण-पत्र (जिसमें जन्मतिथि अंकित हो) ही स्वीकार किए जाएंगे। आवेदकों को यह दस्तावेज ऑनलाइन आवेदन के साथ अपलोड करना अनिवार्य होगा।
इस योजना के तहत वही व्यक्ति पात्र होंगे:
जिनकी आयु 60 वर्ष या उससे अधिक हो
जो गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करते हों
जिनकी वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्र में ₹46,080 और शहरी क्षेत्र में ₹56,460 से कम हो

जिला समाज कल्याण विभाग ने सभी पात्र लोगों से अपील की है कि आवेदन करते समय सही आयु प्रमाण-पत्र अपलोड करना सुनिश्चित करें, ताकि आवेदन निरस्त न हो।

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*श्रीरामपुरातील प्रभाग क्रमांक 14 मध्ये पिण्याच्या नळातुन फेस*...


श्रीरामपूर (*शिवप्रहार न्यूज*) श्रीरामपूर शहरातील वार्ड नंबर तीन भागातील प्रभाग क्रमांक 14 मध्ये नागरिकाच्या नळाला फेसाळलेले पाणी आल्याची घटना घडली आहे.दरम्यान या भागातील तरुणांनी याचा व्हिडिओ बनवला आहे.त्यामध्ये स्पष्टपणे पिण्याच्या पाण्याच्या नळातून फेस आल्याचे दिसत आहे.तरी नगरपालिकेने या जीवघेण्या प्रकाराची गंभीर दखल घ्यावी अशी स्थानिक नागरिकांनी मागणी केली आहे.

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वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बंगाल विधानसभा चुनाव के द्वितीय चरण के प्रचार समाप्त हाेने बाद 27 अप्रैल को देर शाम दो दिनी दौरे पर काशी आ सकते है। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। पीएम अगले दिन यानी 28 अप्रैल को परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करने के साथ ही सभा का संबोधित कर देश को संदेश भी दे सकते हैं। प्रशासनिक हलके में इसकी चर्चा संग तैयारियां तेजी हो गई हैं।दूसरी तरफ पीएमओ की टीम गुरुवार को आनलाइन मीटिंग कर काशी के समग्र विकास की स्थिति जानकारी ली। जनपद के आला अफसरों के संग मीटिंग शुक्रवार व शनिवार को भी होनी है। टीम की सोशल सेक्टर पर विशेष नजर है। बताया जा रहा है कि इसी के आधार पर परियोजनाओं के लोकार्पण संग कई बड़ी परियोजनाओं की भी रूपरेखा तय होगी और शिलान्यास की सूची में कुछ शामिल भी हो सकती है।
चर्चा यह भी है कि प्रधानमंत्री अपने संसदीय क्षेत्र काशी में परियोजनाओं के लोकार्पण-शिलान्यास संग सभा कर देश के साथ ही बंगाल के लिए भी संदेश दे सकते हैं।

लोकार्पण-शिलान्यास सूची में 3000 करोड़ से अधिक की परियोजनाएं हो सकती हैं शामिल
प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में 17 हजार 862 करोड़ लागत की 127 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इसमें से कई जमीन पर आकार ले चुकी हैं। प्रधानमंत्री अपनी काशी में कई परियोजनाएं जनता के हवाले कर सकते हैं।इसमें कज्जाकपुरा आरओबी का औपचारिक लोकार्पण भी शामिल होगा। इसके अलावा कादीपुर में रेल ओवर ब्रिज, चंद्रावती में विकास कार्य, यूपी कालेज में एस्ट्रो टर्फ, भगवानपुर में 55 एमएलडी का एसटीपी, काली मंदिर पांडेयपुर से आजमगढ़ संपर्क मार्ग चौड़ीकरण, बीएचयू में सीसीयू, रामनगर में वृद्धा आश्रम आदि तैयार है।इसी प्रकार शिलान्यास में सर्वाधिक महत्वपूर्ण 97 करोड़ से नगर निगम का बहुप्रतिक्षित भवन, लोहता में 274.31 करोड़ रुपये की लागत से 60 एमएलडी के एसटीपी, 18 वार्डों में 259 करोड़ से सीवर व पेयजल परियोजना, 1800 करोड़ का राजघाट पुल और रेलवे लाइन, कबीरचौरा में मल्टीस्पेशियलिटी हास्पिटल आदि शामिल हो सकते हैं।

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*“शौचालय में भी कमीशन?” — डोंगरगांव से उठी बदबूदार कहानी*

*लाल टोपी राजू सोनी,
राजनांदगांव*

छत्तीसगढ़ के डोंगरगांव से एक ऐसी खबर सामने आई है, जो न केवल चौंकाती है बल्कि व्यवस्था पर सवाल भी खड़े करती है। जहां एक ओर सरकार स्कूलों में बच्चों की सुविधा के लिए शौचालय निर्माण को अनिवार्य बना रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ “बाबू संस्कृति” के ठेकेदार इस योजना को भी कमाई का जरिया बनाने में जुटे हैं।
मामला दरअसल दर्राबांधा मिडिल स्कूल का है, जहां शौचालय निर्माण लगभग पूरा हो चुका है—दीवारें खड़ी हैं, रंग-रोगन चल रहा है, यानी बच्चों की सुविधा बस शुरू होने ही वाली है। लेकिन इसी बीच शिक्षा विभाग के एक बाबू की एंट्री होती है, जो “स्वच्छ भारत” में अपना “कमीशन भारत” जोड़ने पर आमादा नजर आते हैं।
प्रधान पाठक बसंत वर्मा के अनुसार, शिक्षा विभाग में पदस्थ एक बाबू ने साफ शब्दों में कहा—“एक लाख में दस हजार देना पड़ता है, ये नियम है।” अब ये नया नियम किस किताब में लिखा है, ये तो वही बाबू बेहतर बता सकते हैं! और जब वर्मा जी ने अपनी जेब से पैसा लगाकर बनाए गए शौचालय पर रिश्वत देने से इनकार किया, तो उन्हें “नियमों” की याद दिलाते हुए एक स्पष्टीकरण नोटिस थमा दिया गया।
अब सवाल यह है कि शौचालय नहीं बनने पर कार्रवाई की धमकी दी जा रही है, जबकि शौचालय बन चुका है! यानी अगर आप ईमानदारी से काम करें तो भी दोषी, और अगर “सेटिंग” कर लें तो सब माफ?
व्यंग्य तो यह है कि बच्चों के लिए बने शौचालय में भी “कमीशन की बदबू” घुस गई है। शिक्षा का मंदिर अब फाइलों और नोटों के बीच उलझता नजर आ रहा है।
बसंत वर्मा ने हिम्मत दिखाते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर संबंधित बाबू के खिलाफ एफआईआर की अनुमति मांगी है। अब देखना यह है कि कार्रवाई होती है या फिर फाइलें भी “10 प्रतिशत” की राह पकड़ लेती हैं।
अगर डोंगरगांव ब्लॉक के सैकड़ों स्कूलों में यही “नियम” लागू है, तो अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं कि यह खेल कितने लाखों में खेला जा रहा होगा। सवाल सिर्फ एक बाबू का नहीं है—क्या इसके पीछे कोई बड़ा खेल है?
अब निगाहें जिला प्रशासन और कलेक्टर महोदय पर हैं। क्या वे इस “शौचालय कांड” का संज्ञान लेंगे या फिर यह मामला भी फाइलों के शौचालय में फ्लश हो जाएगा?
👉 उम्मीद है कि जांच होगी, सच्चाई सामने आएगी और शिक्षा विभाग से इस “कमीशन संस्कृति” का सफाया होगा।

*Devashish Govind Tokekar*
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*“शौचालय में भी कमीशन?” — डोंगरगांव से उठी बदबूदार कहानी*

*लाल टोपी राजू सोनी,
राजनांदगांव*

छत्तीसगढ़ के डोंगरगांव से एक ऐसी खबर सामने आई है, जो न केवल चौंकाती है बल्कि व्यवस्था पर सवाल भी खड़े करती है। जहां एक ओर सरकार स्कूलों में बच्चों की सुविधा के लिए शौचालय निर्माण को अनिवार्य बना रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ “बाबू संस्कृति” के ठेकेदार इस योजना को भी कमाई का जरिया बनाने में जुटे हैं।
मामला दरअसल दर्राबांधा मिडिल स्कूल का है, जहां शौचालय निर्माण लगभग पूरा हो चुका है—दीवारें खड़ी हैं, रंग-रोगन चल रहा है, यानी बच्चों की सुविधा बस शुरू होने ही वाली है। लेकिन इसी बीच शिक्षा विभाग के एक बाबू की एंट्री होती है, जो “स्वच्छ भारत” में अपना “कमीशन भारत” जोड़ने पर आमादा नजर आते हैं।
प्रधान पाठक बसंत वर्मा के अनुसार, शिक्षा विभाग में पदस्थ एक बाबू ने साफ शब्दों में कहा—“एक लाख में दस हजार देना पड़ता है, ये नियम है।” अब ये नया नियम किस किताब में लिखा है, ये तो वही बाबू बेहतर बता सकते हैं! और जब वर्मा जी ने अपनी जेब से पैसा लगाकर बनाए गए शौचालय पर रिश्वत देने से इनकार किया, तो उन्हें “नियमों” की याद दिलाते हुए एक स्पष्टीकरण नोटिस थमा दिया गया।
अब सवाल यह है कि शौचालय नहीं बनने पर कार्रवाई की धमकी दी जा रही है, जबकि शौचालय बन चुका है! यानी अगर आप ईमानदारी से काम करें तो भी दोषी, और अगर “सेटिंग” कर लें तो सब माफ?
व्यंग्य तो यह है कि बच्चों के लिए बने शौचालय में भी “कमीशन की बदबू” घुस गई है। शिक्षा का मंदिर अब फाइलों और नोटों के बीच उलझता नजर आ रहा है।
बसंत वर्मा ने हिम्मत दिखाते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर संबंधित बाबू के खिलाफ एफआईआर की अनुमति मांगी है। अब देखना यह है कि कार्रवाई होती है या फिर फाइलें भी “10 प्रतिशत” की राह पकड़ लेती हैं।
अगर डोंगरगांव ब्लॉक के सैकड़ों स्कूलों में यही “नियम” लागू है, तो अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं कि यह खेल कितने लाखों में खेला जा रहा होगा। सवाल सिर्फ एक बाबू का नहीं है—क्या इसके पीछे कोई बड़ा खेल है?
अब निगाहें जिला प्रशासन और कलेक्टर महोदय पर हैं। क्या वे इस “शौचालय कांड” का संज्ञान लेंगे या फिर यह मामला भी फाइलों के शौचालय में फ्लश हो जाएगा?
👉 उम्मीद है कि जांच होगी, सच्चाई सामने आएगी और शिक्षा विभाग से इस “कमीशन संस्कृति” का सफाया होगा।

*Devashish Govind Tokekar*
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Mendhar,18

The Department of Zoology successfully initiated a mulberry silkworm rearing program as part of its commitment to experiential learning and skill development among students. This initiative was inspired by a two-day orientation program on Seri Business held on 24th and 25th March 2026, organized in collaboration with the Central Silk Board (CSB). The program provided valuable insights into the economic and practical aspects of sericulture, motivating the department to implement hands-on training activities.

Under the able leadership of Dr. Sarshad Hussain, Head of the Department, and with the active involvement of faculty member Prof. Inam-ul-Haq, the department formally commenced the mulberry silkworm rearing process on 30th March 2026. The initiative marked a significant step toward integrating theoretical knowledge with practical application in the field of sericulture.

The event was inaugurated by Dr. Mohammad Azam, whose guidance and encouragement served as a driving force behind this endeavor. The primary objective of the program was to equip students with practical skills and firsthand experience in silkworm rearing, thereby enhancing their understanding of sericulture as a viable agro-based industry.

Essential materials required for the rearing process, including silkworm seed (eggs), disinfectants, and rearing trays, were generously provided by the Sericulture Development Officer, Dr. Harjeet Singh. His support ensured that the program was conducted in a systematic and scientifically appropriate manner.

Through this initiative, students gained valuable exposure to the lifecycle management of silkworms, maintenance of hygienic rearing conditions, and the overall process involved in silk production. The program not only enriched their academic learning but also opened avenues for entrepreneurship and self-employment in the field of sericulture.

The Department of Zoology aims to continue such practical training programs in the future to further strengthen student competencies and promote skill-based education.

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आपल्यापैकी कुणीही ह्या मुद्द्यावर विचार केला नव्हता.५४३ जागांवरून ८१६ जागांपर्यंतची वाढ खालील कारणांमुळे स्वागतार्ह नाही —

*तातडीचे:*
करांचा प्रचंड बोजा येणार आहे. आणि, याबद्दल कुणीही बोलत नाही.

सरकार १५-१७ एप्रिल रोजी होणाऱ्या ३ दिवसांच्या विशेष संसदीय अधिवेशनात *"मतदारसंघ सीमांकन विधेयक - २०२६"* सादर करणार आहे. लोकसभेच्या जागा *५४३ वरून ८१६* होणार आहेत. सर्व राज्यांच्या विधानसभा जागांमध्येही सुमारे ५०% वाढ होणार आहे.

राजकीय परजीवींच्या एका नवीन वर्गासाठी कायमस्वरूपी पगार तयार करणे. [ज्याची देयके *तुमच्या* सर्वांकडून अगदी दरवर्षी आणि, कायमस्वरूपी आकारली जातील!]

मतदारसंघ सीमांकन विधेयकामुळे *प्रत्येक राज्याच्या विधानसभेच्या जागांमध्ये* देखील सुमारे ५०% एवढी प्रचंड मोठी वाढ होणार आहे.

सध्या भारतात सर्व राज्ये आणि, केंद्रशासित प्रदेशांमध्ये मिळून ४,१२३ आमदार आहेत. त्यात ५०% एवढी वाढ होईल. याचा अर्थ अंदाजे २,००० हून अधिक नवीन आमदार. (२७३ नवीन लोकसभा खासदार वेगळेच; विस्तारित राज्यसभा सदस्य वेगळेच.) नवीन कर्मचारी, नवीन कार्यालये, नवीन सुरक्षा यंत्रणा, नवीन बंगले आणि, पुढील ३०-४० वर्षांसाठी दिले जाणारे नवीन निवृत्तीवेतन हेदेखील वेगळेच.

*यावर कुठेच बातमी का नाही?*

असा एकही राजकीय पक्ष नाही ज्याला ह्या विधेयकाला विरोध करण्यात आर्थिक फायदा आहे. यामध्ये फक्त आपलेच नुकसान होणार आहे; सर्व करदात्यांचे.

१ खासदारामुळे सरकारी तिजोरीवर पडणारा खर्च: ₹४.२९ कोटी/वर्ष (पगार + भत्ते + सुविधा + संपूर्ण कुटुंबासाठी सुलभ प्रवास भत्ता)

लोकसभेत नव्याने सामील होणारे खासदार: २७३
केवळ नवीन खासदारांचा वार्षिक खर्च: ₹१,१७१ कोटी/वर्ष
एका ५ वर्षांच्या कार्यकाळासाठी: अंदाजे ₹५,८५५ कोटी

संपूर्ण ८१६ खासदारांच्या लोकसभेचा वार्षिक खर्च: अंदाजे ₹३,५०० कोटी/वर्ष
+ राज्य विधानसभेचा विस्तार (४०००+ नवीन आमदार): अंदाजे ₹५,०००–८,००० कोटी/वर्ष
+ नवीन संसद पायाभूत सुविधा, कर्मचारी व, सुरक्षा व्यवस्थेतील वाढ: ???

करदात्यांवर ५ वर्षांच्या कार्यकाळाचा अंदाजित खर्च: ₹४०,०००–५०,००० कोटी+

आणि, हा केवळ *प्रत्यक्ष* खर्च आहे. प्रत्येक खासदाराला हेसुद्धा मिळते:

— ₹५ कोटी/वर्ष खासदार निधी (आता, त्याला ८१६ ने गुणा)
— दिल्लीत भाड्याशिवाय बंगला (बाजारभाव: लाख रुपये/महिना)
— स्वतःसाठी आणि, कुटुंबासाठी आयुष्यभर मोफत रेल्वे + विमान प्रवास
— स्वतःसाठी आणि, कुटुंबासाठी मोफत वैद्यकीय सेवा
— फक्त एका कार्यकाळानंतर ₹३१,०००/महिना पेन्शन
— समर्पित कर्मचारी वर्ग, सुरक्षा व, वाहने

फक्त खासदार निधी: ८१६ × ₹५ कोटी = ₹४,०८० कोटी प्रति वर्ष.

फक्त "मतदारसंघ विकासासाठी" — एक असा निधी ज्याच्या वापराचा मागोवा अत्यंत खराब असल्याचे सर्वत्र म्हटले जाते.

इतकेच नाही तर, आपल्या गरीब राजकारण्यांच्या उदरनिर्वाहाला आधार देण्यासाठी त्या प्रत्येकाला फक्त ५ वर्षे "सेवा" केल्यावर आयुष्यभराचे निवृत्तीवेतन मिळते.

*आता — तुमच्या पैशांच्या बदल्यात तुम्हाला काय मिळते?*

निवडून आलेल्या ४६% खासदारांवर गुन्हेगारी खटले आहेत; त्यांतील ९३% कोट्याधीश आहेत!

म्हणून, आपण त्याच लोकांसाठी जास्त पैसे मोजत आहोत; जे आणखी कमी काम करीत आहेत.

*कर परतावा (आयटीआर) भरणाऱ्या बहुतेक लोकांना हे घडत असल्याची कल्पनाच नाही. कारण, कोणतीही वृत्तवाहिनी याला 'प्राइम टाइम' देत नाही — कारण, त्यांच्या मालकांचेही राजकीय हितसंबंध आहेत.*

*एक त्वरित वैयक्तिक वास्तव तपासणी:*
जर, तुम्ही ३०% कर कक्षेत असाल तर, तुम्ही ह्या मार्चमध्ये आगाऊ कर म्हणून भरलेल्या रकमेचा एक मोठा हिस्सा अशा राजकारण्यांना निधी पुरवण्यासाठी जात आहे; जे वर्षातून ५५ दिवस संसदेत हजर राहतात, ७ मिनिटांत कायदे मंजूर करतात आणि, आता त्यांचे आणखी २७३ सहकारी तेच काम करणार आहेत. हा फक्त डावे विरुद्ध उजवे असा संघर्ष नाही तर, हा करदात्यांचा एका व्यवस्थेविरुद्धचा संघर्ष आहे; जिने तुमच्या पैशांनी तुम्हाला न विचारता स्वतःचीच भलीमोठी अशी पगारवाढ मंजूर केलेली आहे.

*हा भाजप किंवा, काँग्रेसचा मुद्दा आहे असा विचार करणे थांबवा; तो तसा नाही. हा करदात्यांचा संपूर्ण राजकीय वर्गाविरुद्धचा मुद्दा आहे.* ज्याक्षणी तुम्ही त्याला पक्षपाती बनवाल त्याक्षणी तुम्ही हराल — कारण, तुम्ही ज्या दुसऱ्या पक्षाला पाठिंबा देत आहात तोही सध्या यावर तितकाच गप्प आहे.

*अंतिम विचार:*
तुम्ही मार्चमध्ये आगाऊ कर भरला आहे. तुम्ही जुलैमध्ये आयटीआर दाखल कराल व, तुम्ही दर महिन्याला टीडीएस भराल. त्या पैशाचा एक मोठा हिस्सा आता राखून ठेवण्यात आला आहे — महामार्गांसाठी नाही, रुग्णालयांसाठी नाही, आयआयटींसाठी नाही — तर; अंदाजे २,३०० हून अधिक नवीन राजकारण्यांचे पगार, बंगले, मोफत विमानप्रवास, खासदार निधी, निवृत्तीवेतन, कर्मचारी आणि, सुरक्षा यंत्रणा यांसाठी. हे राजकारणी एकत्रितपणे वर्षातून सुमारे २०-५५ दिवस अधिवेशनात बसतील, एका तासापेक्षा कमी वेळात कायदे मंजूर करतील आणि, बाकीच्या वेळी बहुतांशी अनुपस्थित राहतील.

त्यांनी तुम्हाला विचारले नाही व, त्यांना विचारण्याची गरजही नाही. आणि, त्यांचे कोणतेही विरोधक त्यांना थांबवू शकणार नाहीत.

तुम्ही किमान एवढे तरी करू शकता की, इतरांना याबद्दल जागरूक करा.

कृपया, हे सर्वत्र क्रॉस-पोस्ट करा. फेसबुक, व्हॉट्सॲप ग्रुप्स, लिंक्डइनवर. सर्वाधिक कर भरणारा पगारदार वर्ग हाच राजकारणापासून सर्वाधिक अलिप्त आहे. याच अलिप्ततेचा सध्या सगळीकडे गैरफायदा घेतला जात आहे.

*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
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*प्रकाशनार्थ*

*नई जनता चुनने की कवायद*
*(आलेख : बादल सरोज)*

लगता है कि एक संकट से उससे बड़े दूसरे संकट में धकेलते-धकेलते अब भारत के लोकतंत्र को उसके सबसे कठिन दौर में पहुंचाया जा चुका है। छल, कपट सहित उसके क्षरण और पतन के लगभग सारे उपाय अपनाने के बाद, उसके अपहरण की हर संभव-असंभव बारम्बारता के बाद, अब उसकी पूरी तरह कपाल क्रिया करने की नई-नई तजबीजें ढूंढी और अमल में लाई जा रही हैं। हौंसला इतना जबर है कि यह सब पूरी निर्लज्जता और ढीठ दीदादिलेरी के साथ किया जा रहा है।

नब्बे के दशक की बात है, जब तब के बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्णय की पुष्टि करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने विले पार्ले सीट से चुने गए विधायक का चुनाव रद्द कर दिया था। हुआ यह था कि उसकी चुनाव सभा में तब के शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने भाषण दिया था। इस भाषण में ठाकरे ने कहा कि 'हम हिंदुओं की रक्षा के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। हमें मुस्लिम वोटों की चिंता नहीं है। ये देश हिंदुओं का था और हिंदुओं का ही रहेगा।‘ उनके इन भाषणों के आधार पर अदालत ने इन दोनों – चुनाव लड़ने वाले और उसके लिए प्रचार करने वाले -- को चुनाव के दौरान भ्रष्ट आचरण का दोषी पाया। नतीजा यह निकला था कि विधायक के साथ-साथ बाल ठाकरे को भी 6 वर्ष तक के लिए मताधिकार के अयोग्य घोषित कर दिया गया था। सनद रहे कि सारी वैधानिक प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद जब चुनाव आयोग की सिफारिश पर 28 जुलाई 1999 को छह साल के लिए बाल ठाकरे के मताधिकार पर रोक लगाने के फैसले पर राष्ट्रपति की मोहर लगी थी, उस समय देश के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी थे। भारत के चुनाव आयोग की ओर से लागू की जाने वाली आदर्श आचार संहिता में साफ़ प्रावधान है कि चुनाव प्रचार के दौरान न तो धार्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है और न ही धर्म, संप्रदाय और जाति के आधार पर वोट देने की अपील की जा सकती है। इसके अलावा किसी भी धार्मिक अथवा जातीय समुदाय के ख़िलाफ़ नफ़रत फैलाने वाले भाषण देने या नारे लगाने पर भी रोक है। चुनाव प्रचार और अभियान के लिए आचार संहिताएँ बदली नहीं हैं, आज भी वही हैं। मगर सत्ता पार्टी के सर्वोच्च नेताओं से लेकर नीचे तक की जुंडली के भाषण और उनका प्रचार अभियान बाल ठाकरे के भाषण से हजार जूते आगे बढ़ चुका है। स्वयं प्रधानमंत्री मोदी और उनके मंत्री, मुख्यमंत्री, सांसद, विधायक जिस तरह के नफरती, भड़काऊ और जहरीले भाषण दे रहे हैं, उन्हें पढ़-सुनकर 1987 का बाल ठाकरे का भाषण शाकाहारी और नर्म लगता है। कायदे की बात यह थी कि भारत का चुनाव आयोग इन भाषणों और अभियान का स्वयं संज्ञान लेकर इस आपराधिकता को रोकता : आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले हर प्रचारक और उम्मीदवार को बाल ठाकरे की पंक्ति में खड़ा करता, मगर स्थिति यह है कि वह इस बारे में आने वाली सैकड़ों शिकायतों का नोटिस तक नहीं ले रहा।

कहाँ है भारत का चुनाव आयोग, जिसका काम था कि वह चुनावों के दौरान पैसे के इस्तेमाल को रोके, वोट पाने के लिए प्रलोभन देने और खैरात बांटने का काम न होने दे? अभी हाल तक – मोदी राज के पहले तक लोकसभा और विधान सभा चुनावों के दौरान सैकड़ों करोड़ रुपयों की जब्ती, बांटे जाने वाली घूस के लिए जुटाई गयी सामग्री की बरामदगी की खबरें खूब छपा करती थीं। आचार संहिता लागू होने की तारीख के एलान के बाद सरकार की ओर से भी की जाने वाली लोकलुभावन घोषणाओं को चुनाव आयोग रोक दिया करता था । ऐसा करने के लिए सरकारों की सार्वजनिक निंदा की जाती थी, उन्हें चेतावनी दी जाती थी। चेतावनियों के बाद भी ऐसा करने पर बाकायदा जिम्मेदारियां तय कर संबंधितों को दण्डित किया जाता था। बहुत जरूरी राहत कदम उठाने हों, तो सरकारें चुनाव आयोग से विशेष अनुमति मांगती थी और उसके मिलने के बाद ही घोषणा की जाती थी। कार्यपालिका की लक्ष्मण रेखा तय थी, प्रशासन और उसमे बैठे लघुतम से वरिष्ठतम अधिकारी की किसी भी प्रत्याशी या दल के साथ निकटता या संलग्नता प्रतिबंधित थी। इसमें ज़रा सा भी विचलन स्वीकार नहीं किया जा सकता था : इसके उल्लंघन के मामलों में हर चुनाव में दर्जनों अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाहियां हुईं, उनके तबादले हुए, कई को निलंबित भी किया गया । एक सरकारी कर्मचारी के चुनाव प्रचार से जुड़ा पाए जाने पर तब की प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी का तो चुनाव ही अवैध घोषित कर दिया गया था। कुल मिलाकर, इस सबका आशय सिर्फ एक था और वह यह कि चुनाव के दौरान सबको बराबरी का अवसर मिलना चाहिए । खेल का मैदान सबके लिए बराबर होना चाहिए। इन दिनों इनमें से कुछ भी नजर नहीं आता। खुलेआम पैसे बांटे जा रहे हैं, हजारों करोड़ों के लेन-देन से दल के दल और नेता दर नेता खरीदे जा रहे हैं। स्वयं प्रधानमंत्री और उनकी पार्टी की सरकारें खुलेआम कैश फॉर वोट दे रही हैं, मतदान के ठीक पहले हजारों रुपये मतदाताओं के बैंक खातों में जमा किये जा रहे हैं और वोट खरीदे जा रहे हैं। चुनाव आयोग कहाँ है?

चुनाव आयोग है – हर अपराध में ढाल की तरह बचाव के लिए खड़ा हुआ है। हर तिकडम में मददगार बना हुआ है। शिकायतकर्ताओं को हड़काता, अपराधियों की पीठ थपथपाता – एक जीवंत लोकतंत्र को बनाना रिपब्लिक बनाने के धतकरम में खुलकर हाथ बंटाता । ज्ञानेश कुमार गुप्ता के इस पद पर बैठने के बाद से तो जैसे सारी लाज शर्म ही बेच खाई है। नौबत निर्वाचन आयोग के आदेशों पर अपनी सील लगाने की बजाय भारतीय जनता पार्टी की मोहर लगा देने तक की आ गयी है। जिस पर निष्पक्ष चुनाव करवाने की संवैधानिक जिम्मेदारी है, वह खुद धांधली करवाने में जुटा हुआ है। अभी हाल में आंध्रप्रदेश के विधानसभा चुनावों के मामले में हुआ खुलासा इसकी ताज़ी मिसाल है । इसे सामने लाने वालों में स्वयं एक पूर्व चुनाव आयुक्त एस वाई कुरैशी शामिल हैं। उन्होंने और अर्थशास्त्री परकला प्रभाकर तथा वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने जो विवरण दिया है, वह चौंकाने वाला है। इन तीनों ने 2024 के आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव के दो साल बाद उस दौर में हुए भारी मतदान पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने चुनाव आयोग की तरफ से संशोधित किए वोटिंग प्रतिशत पर भी हैरानी जताई है। परकला प्रभाकर ने दावा किया है कि आंध्र चुनाव में लगभग 4.16 प्रतिशत वोट रात 11: 45 बजे से सुबह 2 बजे के बीच डाले गए। ये वोट टीडीपी-बीजेपी और जनसेना को मिले। दिल्ली के प्रेस कॉन्फ्रेंस में आंकड़ों का हिसाब देते हुए उन्होंने कहा कि आधी रात के बाद लगभग 17 लाख वोट डाले गए। 3500 बूथों पर वोटिंग सुबह 2 बजे तक जारी रही। इस चुनाव में 81.86 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस मतदान प्रतिशत में भी रहस्य था : 13 मई 2024 को शाम 5 बजे वोटिंग खत्म होने के बाद आंध्र के मुख्य चुनाव अधिकारी ने 68.04 प्रतिशत वोटिंग होने की जानकारी दी थी। खुद निर्वाचन आयोग ने रात 8 बजे जारी प्रेस रिलीज़ में 68.12 प्रतिशत मतदान होने की बात कही। इसे भी रात 11.45 बजे बदल दिया गया और निर्वाचन आयोग ने 76.50 फीसदी वोटिंग का संशोधित आंकड़ा जारी किया। मगर चार दिन बाद जारी किए गए अंतिम आंकड़ों में वोटिंग का आंकड़ा एकदम उछाल मारकर 81.79 फीसदी हो गया। इसका मतलब यह हुआ कि रात 8 बजे से सुबह 2 बजे के बीच लगभग 52 लाख वोट डाले गए। इस तरह आधी रात के बाद हर 20 सेकंड में एक वोट डाला जा रहा था, जबकि ईवीएम की मशीन को रीसेट होने में ही 14 सेकेंड लगते हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीनियर एडवोकेट प्रशांत भूषण ने निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। आरोप तो ये भी हैं कि फॉर्म 17-सी को सार्वजनिक नहीं किया गया। फॉर्म 17-सी मतदान समाप्ति पर सभी उम्मीदवारों को उनके पोलिंग एजेंटों के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है। इसमें मतदान केंद्र में उपयोग की जाने वाली ई.वी.एम. की पहचान संख्या, कुल निर्वाचक व मतदाताओं की संख्या, रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने के बाद अपना वोट दर्ज न करने का निर्णय लेने वाले मतदाताओं की संख्या , मतदान करने की अनुमति न पाने वाले मतदाताओं की संख्या, परीक्षण वोटों की कुल संख्या, प्रति ई.वी.एम. दर्ज किए गए वोटों की कुल संख्या आदि का सत्यापित रिकॉर्ड होता है । पूर्व निर्वाचन आयुक्त कुरैशी के मुताबिक़ मतदान पूरा होते ही यह फॉर्म सभी पोलिंग एजेंट्स को मुहैया कराना निर्वाचन अधिकारी और इस तरह चुनाव आयोग का दायित्व है । यह काम आंध्र में क्यों नहीं किया गया यह बाद में बढाए गए आधा करोड़ से ज्यादा वोटों से स्पष्ट हो जाता है।

मगर इस सबके बाद भी हुक्मरान डरे हुए हैं !! सारी ताकत झोंक देने, शकुनिं कंस की कलाएं आजमा लेने के बाद भी 2024 के लोकसभा चुनाव में जनता द्वारा भाजपा का बहुमत छीन लेने के बाद उनकी घबराहट अब हडबडाहट में बदल गयी है। जर्मनी के मशहूर कवि और फासीवादी तानाशाही के विरुद्ध मोर्चा लेने वाले साहित्यकार बर्तोल्त ब्रेख्त की लिखी कविता “ अखबार का हाकर सड़क पर चिल्ला रहा था/ कि सरकार ने जनता का विश्वास खो दिया है/ अब कड़े परिश्रम, अनुशासन और दूरदर्शिता के अलावा/ और कोई रास्ता नहीं बचा है/ एक रास्ता और है कि/ सरकार इस जनता को भंग कर दे/ और अपने लिए नई जनता चुन ले” की तर्ज पर चुनाव आयोग की पीठ पर सवार होकर हुक्काम नयी जनता चुनने के लिए निकल पड़े हैं। नयी जनता चुनने के पहले पुरानी जनता की छंटाई की मुहिम – जिसे एसआईआर का नाम दिया गया है -- उसी का एक हिस्सा है।

अभी हड़बड़ी में, इन्हें जिन राज्यों में चुनाव होने वाले हैं, उन राज्यों में एसआईआर करके एक तरह का नरसंहार-सा ही किया जा रहा है। पश्चिम बंगाल में आनन-फानन में ,यहाँ तक कि सुप्रीम कोर्ट की जायज चिंताओं, शंकाओं और आपत्तियों पर कान तक न धरते हुए किया गया विशेष गहन पुनरीक्षण – एसआईआर – इसकी एक मिसाल है। पश्चिम बंगाल की वोटर लिस्ट से क़रीब 91 लाख वोटरों के नाम हटा दिए गए हैं। यह संख्या राज्य के कुल मतदाताओं का लगभग 12% है। बंगाल में जो हुआ, वह अब तक हुये पुनरीक्षण से भी आगे की बात थी। चुनाव आयोग का काम एक भी मतदाता छूट न जाए, यह सुनिश्चित करना है। यहाँ उसने शुरुआत ही यह मानकर की कि बंगाल में वोटर्स की संख्या बहुत ज़्यादा है , इसलिए इन्हें कम किया जाना चाहिए। देश के संघीय ढाँचे की धज्जियां उड़ाते हुए उसने एसआईआर प्रक्रिया की निगरानी के लिए भी राज्य के बाहर से अधिकारियों की एक फ़ौज को काम पर रखा। बंगाल के बारे में ख़ास बात पहली सूची में में छांटकर अलग किये गए 60 लाख वोटर्स के प्रोफाइल से उजागर हो जाती है। एक विश्लेषण में पाया गया कि मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे मुस्लिम बहुल ज़िलों में वोटरों के नाम हटाने की संख्या "बहुत ज़्यादा" थी। इसके अलावा जिन्हें अभी जांच के दायरे में लटका कर - "अंडर एडजुडिकेशन" में रखा गया है, उसमें और "अयोग्य" घोषित लोगों की सूची में मुर्शिदाबाद सबसे ऊपर है। उत्तर 24 परगना और मालदा इस सूची में दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। इस प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट में हुई एक सुनवाई के दौरान जस्टिस बागची ने भी माना कि चुनाव आयोग बिहार से इतर बंगाल में प्रक्रिया अपना रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में 'लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी' नामक नई श्रेणी शुरू की है, जो बिहार जैसे अन्य राज्यों से अलग है। बिहार में आयोग ने कहा था कि 2002 की सूची में मैप किए गए लोगों को दस्तावेज अपलोड करने की जरूरत नहीं है, लेकिन पश्चिम बंगाल में इस बात से ज्ञानेश कुमार हट गए। बागची ने कहा कि अगर जीत का अंतर केवल 2 फीसदी हो और 15 फीसदी वोट न दिए हों तो यह गलत संदेश जायेगा।

यह अकेले बंगाल की कहानी नहीं है। एक अन्य बड़े राज्य तमिलनाडु, जहां चुनाव होना है, वहां भी क़रीब 74 लाख नाम हटाए गए हैं, जो पश्चिम बंगाल के लगभग समान है। अभी चंद रोज पहले ही उत्तरप्रदेश में 166 दिन तक चली विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (एसआईआर) के बाद प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। इस नई सूची में प्रदेश में दो करोड़ (2.05) करोड़ मतदाता घट गए हैं। 27 अक्तूबर 2025 को फ्रीज मतदाता सूची में 15.44 करोड़ मतदाता थे। एसआईआर के बाद प्रदेश में 13 करोड़ 39 लाख मतदाता रह गए हैं। यही कहानी बाकी उन नौ प्रदेशों की है, जहां एस आई आर की जा चुकी है।

कौन हैं वे लोग, जिनके नाम हटाये जा रहे हैं? पहले दावा किया गया कि अवैध विदेशियों और घुसपैठियों के नाम हटाये गए हैं। यह दावा सिर्फ भाजपा ने ही नहीं किया, खुद ज्ञानेश कुमार गुप्ता भी इसी तरह की बतोलेबाजी करते रहे। मगर जब उनसे ऐसे घुसपैठियों और अवैध विदेशियों की संख्या पूछी गयी, तो वे दर्जन भर नाम भी नहीं गिना पाए। फिर कौन हैं, जिन्हें हटाया जा रहा है ? इनमे विराट बहुमत गरीब, मजदूर, कमाने के लिए इधर से उधर मारे-मारे घूमते खेत मजदूरों और युवा बेरोजगारों की है। उनकी है, जो सिर्फ आर्थिक रूप से ही कमजोर नहीं है, बल्कि सामाजिक रूप से भी श्रेणीक्रम में निचली पायदान पर आते हैं। इनमें बड़ी तादाद धार्मिक अल्पसंख्यकों, उनमे भी मुसलमानों की है । यह उन मतदाता सूची से उनका निष्कासन है, जो भाजपा के स्वाभाविक समर्थक और संभावित मतदाता नहीं है। यह भारतीय अवाम के वंचित हिस्से के बहिष्करण की शुरुआत है, जिसे भाजपा और उसका मात-पिता संगठन आरएसएस अपना ध्येय और लक्ष्य मानता है । संघ के विचारक और गुरु जी माने जाने वाले गोलवलकर ने बार-बार भारत के संविधान को पश्चिमी देशों की नक़ल बताया है। इसमें दिए गए सार्वत्रिक बालिग़ मताधिकार को मुण्ड-गणना कह कर धिक्कारा है। गोलवलकर की किताब ‘वी एंड अवर नेशनहुड डिफाइंड’ में लिखा था कि मुस्लिम समुदाय को वोट का अधिकार या किसी भी तरह का नागरिक अधिकार नहीं होगा। संविधान को बदले बिना ही उसके स्थगन, लोकतंत्र के खात्मे की औपचारिक घोषणा के बिना ही उसके अपहरण की इन कवायदों को इस सबके साथ जोड़कर देखने से स्थिति और साफ़ हो जाती है।

*(लेखक 'लोकजतन' के संपादक और अखिल भारतीय किसान सभा के संयुक्त सचिव हैं। संपर्क : 94250-06716)*

*Devashish Govind Tokekar*
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निधन वार्ता
बबन ढेंगे

भंडारा:- मोहाडी तालुक्यातील काटी येथील रहिवासी बबन श्रीराम ढेंगे (पहेलवान) यांचे दिर्धशा आजाराने शुक्रवार दिनांक १७ एप्रिल २०२६ ला सायंकाळी ५ वाजता निधन झाले. मृत्यू समयी ते ४९ वर्षाचे होते. त्यांच्या पार्थिवावर शनिवार दिनांक १८ एप्रिल २०२६ ला सकाळी १० वाजता काटी येथील स्मशानभूमी येथे अंत्यसंस्कार करण्यात येणार आहे. त्यांच्या मागे १ मुलगा व १ मुलगी व बराच मोठा आप्त परिवार आहे. ते पालघर जिल्ह्यातील नवनियुक्त पोलीस सिपाई अक्षयकुमार बबन ढेंगे यांचे वडील होत.

*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
Journalist Cell
*All India Media Association
Nagpur*
*District President*
*Delhi Crime Press*
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
*INDIAN PRESS UNION*
District Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

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నంద్యాల (AIMA MEDIA): మధ్యాహ్నం భోజన పథకం పై హెడ్మాస్టర్లకు మండల విద్యా శాఖ అధికారులకు డిఈవోలు ఇచ్చిన శోకాజ్ నోటీసులను తక్షణమే ఉపసంహరించుకోవాలని యూటీఎఫ్ నంద్యాల జిల్లా అధ్యక్షుడు పి.వి ప్రసాద్, జిల్లా ప్రధాన కార్యదర్శి జె.సుధాకర్ డిమాండ్ చేశారు.నంద్యాల లోని స్థానిక యుటిఎఫ్ జిల్లా కార్యాలయంలో ప్రాంతీయ కార్యకర్తల సమావేశం ఏర్పాటు చేశారు. ఈ సందర్భంగా వారు మాట్లాడుతూ ఇటీవల మధ్యాహ్న భోజనం నాణ్యత పై ఐవీఆర్ఎస్ ద్వారా విద్యార్థుల తల్లిదండ్రులకు ఫోన్లు చేసి అభిప్రాయాలు సేకరించారు.విద్యార్థుల తల్లిదండ్రులు ఇచ్చిన సమాధానాలు ఆధారంగా జిల్లాలో 77 మంది హెడ్మాస్టర్లకు 26 మంది మం డల విద్యాశాఖ అధికారులకు షోకాజు నోటీసులు ఇవ్వడాన్ని యుటిఎఫ్ నందికొట్కూరు డివిజన్ కమిటీ తీవ్రంగా ఖండిస్తున్నది. మధ్యాహ్న భోజనం నాణ్యత ప్రమాణాలు బాగున్నప్పటికీ ఐవీఆర్ఎస్ సిస్టం వినియోగించడంలో అవగాహన లేకపోవడం వల్ల తప్పు ఎంపికలు చేయడం జరిగింది. అలాగే గ్రామీణ ప్రాంతాలలో వంట ఏజెన్సీలకు వ్యతిరేకంగా ఉన్న వర్గాల తల్లిదండ్రులు ప్రతికూల సమాధానాలు నమోదు చేశారు. దీని ఆధారంగా హెడ్మాస్టర్లకు మండల విద్యాశాఖ అధికారులకు నోటీసులు ఇవ్వడం ఎంతవరకు సమంజసం అని వారు ప్రశ్నించారు.ఎక్కడైతే మధ్యా హ్న భోజనం నాణ్యత ప్రమాణాలు పాటించడం లేదు ఆ ఏజెన్సీల పైన చర్యలు తీసుకోవాలి. బోధ నేతర కార్యక్రమాలతో ఒకవైపు ఉపాధ్యాయులు ఉక్కిరి బి క్కిరి అవుతున్నారు.రెండో వైపున పరీక్షలు జరుగుతు న్నాయి.పేపర్లు దిద్దుతున్నా రు.మార్కులు ఆన్లైన్లో ఎంట ర్ చేయాల్సి ఉంది.నెట్వర్క్ సమస్యలు ఉన్నాయి. పాఠశాలలు వేసవి సెలవులకు దగ్గరలో ఉన్నందువలన రికార్డు వర్క్ తో ఉపాధ్యాయులు సతమతమవుతుంటే ఈ షోకాజు నోటీసుల వలన మరింత ఉపాధ్యాయులు భయాందోళనకు గురవుతున్నారు. కావున తక్షణమే నోటీసులను కోసం యుటిఎఫ్ నంద్యాల శాఖ డిమాండ్ చేస్తున్నది.పాల్గొన్నవారు జిల్లా కార్యదర్శి అరవింద్, ఖాసీం మండల నాయకులు రామదాసు, బాలస్వామి, రామకృష్ణారెడ్డి, సుభాన్ శంకర్ తదితరులు.

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मसूरी की प्रतिष्ठित माल रोड—जहाँ से शहर की पहचान बनती है—आज प्रशासनिक लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण बन चुकी है।

इंद्रमणि बडोनी चौक (Rialto) के पास, महाराजा रेस्टोरेंट और Soule Bar के ठीक पीछे, पिछले 3 वर्षों से एक सीवर ड्रेन साफ नहीं किया गया। हालात इतने बदतर हैं कि यहाँ रोज़ पानी जमा रहता है, जो अब मच्छरों और मधुमक्खियों का प्रजनन स्थल बन चुका है।

स्थानीय वार्ड सदस्य अमित भट्ट ने कई बार जल संस्थान और नगर पालिका को सूचित किया, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला—समाधान नहीं।

👉 तीन बार सफाई टीम आई, लेकिन काम किए बिना लौट गई।
कारण?
“ये जगह प्राइवेट प्रॉपर्टी में आती है, हमें नहीं पता किसकी है।”

सवाल ये है—
अगर यही तर्क है, तो क्या सीवर लीक हो या न्यूक्लियर लीक, प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा रहेगा।

स्थिति और गंभीर तब हो जाती है जब सामने आता है कि
👉 इस क्षेत्र में ऊपर रहने वाले कुछ लोगों ने अवैध रूप से सीवर लाइन जोड़ रखी है,
👉 लेकिन आज तक न कोई चालान, न कोई कार्रवाई।

अब जब डेंगू और मलेरिया का मौसम सिर पर है, तब भी विभागों की यह उदासीनता सीधे तौर पर लोगों की सेहत से खिलवाड़ है।

स्थानीय निवासियों का कहना है—
“जब अधिकारी वार्ड मेंबर की नहीं सुन रहे, तो आम जनता कहाँ जाए? अब आखिरी रास्ता CM हेल्पलाइन ही बचा है।”

📍 माल रोड जैसे हाई-प्रोफाइल इलाके में अगर ये हाल है, तो बाकी शहर का अंदाज़ा लगाना मुश्किल नहीं।

यह सिर्फ एक सीवर नहीं, सिस्टम की सड़ांध है—जो अब खुलकर सामने आ रही है।

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महाराष्ट्र शासन के ग्रामविकास विभाग द्वारा 17 अप्रैल 2026 को जारी आदेश के अनुसार, आगामी जनगणना 2026 के कार्य को ध्यान में रखते हुए जिला परिषद कर्मचारियों की बदली प्रक्रिया पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
यह आदेश भारत सरकार के गृह सचिव के संदर्भ पत्र (दिनांक 11 मार्च 2026) के आधार पर जारी किया गया है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि जनगणना अधिनियम, 1948 तथा जनगणना नियम, 1990 के अंतर्गत जनगणना कार्य एक अनिवार्य और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व है।
इसी कारण, जनगणना कार्य में संलग्न जिला परिषद के अधिकारी एवं कर्मचारियों (शिक्षकों सहित) की सन 2026 की सामान्य बदली प्रक्रिया फिलहाल रोक दी गई है।
शासन ने सभी जिला परिषदों को निर्देश दिए हैं कि वे इस आदेश का कड़ाई से पालन करें तथा संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी तत्काल उपलब्ध कराएं।
📌 क्या है इसका मतलब?
2026 में जिला परिषद कर्मचारियों की नियमित बदली प्रक्रिया स्थगित रहेगी।
जनगणना कार्य पूर्ण होने तक कर्मचारियों को वर्तमान पदस्थापना पर ही कार्य करना होगा।
आदेश का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन पर होगी।
जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य को प्राथमिकता देने के लिए यह निर्णय लिया गया है।

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जैसलमेर के एक जागरूक नागरिक की वजह से कोका-कोला कंपनी को सबक मिला है! माज़ा की सीलबंद बोतल में प्लास्टिक का टुकड़ा मिलने पर उपभोक्ता अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए कोका-कोला कंपनी पर करीब 2.5 लाख रुपये का हर्जाना ठोंका है। इसमें 2 लाख का जुर्माना सरकारी कोष में जाएगा, जबकि पीड़ित को 50 हजार रुपये मुआवजा और खर्च के तौर पर मिलेंगे।

👉ऐसी ही ताज़ा खबरों के लिए जुड़े रहिए "बदायूँ हर पल न्यूज़" से..
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Gangtok:
सिक्किम के मुख्यमंत्री Prem Singh Tamang ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के Lok Sabha में पारित न होने पर गहरी निराशा व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम से देशभर की लाखों महिलाओं की आशाओं और आकांक्षाओं को ठेस पहुंची है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिनभर सिक्किम के विभिन्न हिस्सों में माताओं, बहनों और बेटियों ने बड़ी संख्या में एकत्र होकर इस विधेयक के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की। उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक सुधार बताते हुए कहा कि महिलाओं की व्यापक भागीदारी समानता, गरिमा और शासन में अधिक प्रतिनिधित्व के प्रति उनके मजबूत विश्वास को दर्शाती है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने “निर्दयी राजनीति” करते हुए महिला आरक्षण विधेयक को पारित होने से रोकने के लिए जानबूझकर बाधाएं उत्पन्न कीं। उन्होंने कहा कि यह सब राजनीतिक स्वार्थ और श्रेय लेने की चिंता से प्रेरित है।
मुख्यमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि देश की महिलाएं इस विधेयक को रोकने वालों को आने वाले समय में जवाब देंगी। उन्होंने इस स्थिति को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह केवल एक चूका हुआ अवसर नहीं, बल्कि निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी की दिशा में एक बड़ा झटका है।
इसके बावजूद मुख्यमंत्री ने दृढ़ता जताते हुए कहा कि महिलाओं की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और उनकी आकांक्षाएं एक न्यायपूर्ण और सशक्त भारत के निर्माण में मार्गदर्शक बनती रहेंगी।

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CP श्री संजय कुमार द्वारा कस्तूरबा नगर थाना गोविंदपुरा क्षेत्र में नागरिकों से जनसंवाद किया गया व उनके द्वारा निम्न बातें बताई गईं :
🔹 वाहनों के लिए व्यवस्थित पार्किंग/स्टैंड बनाया जाए
🔹 मोबाइल स्नैचिंग की घटनाओं पर रोक लगाने हेतु सख्त कार्रवाई हो
🔹 साइबर फ्रॉड के प्रति जागरूकता के लिए कैंप आयोजित किए जाएं
🔹 चेतक ब्रिज के नीचे अत्यधिक वेल्डिंग कार्य पर नियंत्रण जरूरी
🔹 ब्रिज के नीचे सब्जी ठेलों से ट्रैफिक बाधित — उचित व्यवस्था की जाए
🔹 चेतक ब्रिज पर शाम के समय रॉन्ग साइड ड्राइविंग से हादसों का खतरा
🔹 नीम वाले हनुमान मंदिर व रेलवे लाइन के पास नशेड़ी तत्वों की मौजूदगी — निगरानी बढ़े
🔹 कॉलोनी में पानी की टंकी के पास नशेड़ियों का जमावड़ा — कार्रवाई आवश्यक
🔹 Blinkit शॉप वाली रोड पर अव्यवस्थित पार्किंग से जाम — समाधान जरूरी
🔹 CP द्वारा नागरिकों से किसी भी अवैधानिक गतिविधि दिखने पर त्वरित डायल 112 पर कॉल करने हेतु कहा गया।
उपरोक्त शिकायतों/सुझावों के त्वरित निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये गए,साथ ही ट्रैफिक नियमों की शपथ दिलाई गई व साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया ।
सीपी द्वारा मादक पदार्थ,अवैध हथियारों से संबंधित जानकारी पुलिस को देने की अपील की गई,ऐसी जानकारी देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा।

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रिपोर्ट : जयदीप कुमार सिन्हा

अमन कुमार बने हजारीबाग के नए एसपी, अंजनी अंजन बने जैप 05 के कमांडेंट

बरही : रांची झारखंड सरकार ने पुलिस प्रशासन में बड़ा बदलाव करते हुए 46 आईपीएस अधिकारियों का तबादला और नई पदस्थापना कर दी है। गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा शुक्रवार देर रात जारी अधिसूचना में एडीजी, आईजी, डीआईजी से लेकर एसपी और एएसपी स्तर तक के अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। कई अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।

हजारीबाग को मिला नया पुलिस कप्तान
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इस फेरबदल में अमन कुमार (IPS 2014) को हजारीबाग का नया पुलिस अधीक्षक (एसपी) बनाया गया है। जो गढ़वा से आए हैं ।
इसके साथ हीं मनोज कौशिक – ADG मुख्यालय (अतिरिक्त प्रभार),
पंकज कम्बोज – IG मानवाधिकार (अतिरिक्त प्रभार), नरेंद्र कुमार सिंह – IG अभियान, रांची (अतिरिक्त IG पलामू), शैलेन्द्र कुमार सिन्हा – IG बोकारो, क्रांति कुमार गेड़िदेशी – IG निगरानी-सह-सुरक्षा (JSEB), माईकेलराज एस. – IG रेल, रांची, सुनील भाष्कर – IG झारखंड सशस्त्र पुलिस, रांची, आनन्द प्रकाश – पुलिस मुख्यालय, रांची में योगदान, प्रशांत आनंद – SP संचार एवं तकनीकी सेवा, रांची, निधि द्विवेदी – SP सरायकेला-खरसावां, आशुतोष शेखर – SP गढ़वा,सौरव – SP (SIB) विशेष शाखा, रांची, अनुदीप सिंह – SP पाकुड़, प्रवीण पुष्कर – SP देवघर, मुकेश कुमार लुनायत – SP रामगढ़, अजय कुमार – SP ACB, रांची, नाथू सिंह मीणा – SP बोकारो, सुमित कुमार अग्रवाल – SP ACB, रांची, अनिमेष नैथानी – SP चतरा (अतिरिक्त IRB-03 प्रभार), कुमार शिवाशीष – SP कोडरमा, कपिल चौधारी – SP पलामू (अतिरिक्त IRB-10 प्रभार), मनीष टोप्पो – SP SCRB, रांची, दीपक कुमार पाण्डेय – AIG सह DG के विशेष सहायक, रांची, दीपक कुमार शर्मा – SP अभियान (PHQ), रांची, अंजनी अंजन – कमांडेंट JAP-05, देवघर
रीष्मा रमेशन – कमांडेंट JAP-09, साहेबगंज, कुसुम पुनिया – कमांडेंट JAP-08, लेस्लीगंज (पलामू), शम्भू कुमार सिंह – SP जामताड़ा, मूमल राजपुरोहित – SP रेल, धनबाद, ऋषभ गर्ग – SP खूंटी, दीपक कुमार – कमांडेंट IRB-01, जामताड़ा, राजकुमार मेहला – SP ATS, झारखंड, ऋषभ कुमार झा – कमांडेंट JAP-04, बोकारो (अतिरिक्त SISF प्रभार), एस. मोहम्मद याकूब – SP ग्रामीण, धनबाद, गौरव गोस्वामी – SP ग्रामीण, रांची, शुभम कुमार खण्डेवाल – SP ग्रामीण, जमशेदपुर
ललित मीणा – SP नगर, जमशेदपुर
नागरगोजे शुभम भाउसाहेब – SDPO सिमरिया, निखिल राय – ASP कोतवाली, रांची, ऋषभ त्रिवेदी – ASP मुख्यालय-01, जमशेदपुर, श्रुति – SDPO चैनपुर
दिव्यांश शुक्ला – SDPO हुसैनाबाद
राघवेन्द्र शर्मा – SDPO पतरातू
सैयद मुस्तफा हासमी – SDPO चक्रधरपुर और हरविन्दर सिंह को SP विशेष शाखा, झारखंड का दायित्व मिला है ।

कानून-व्यवस्था मजबूत करने की पहल
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राज्य सरकार के इस बड़े फेरबदल को कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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महिला आरक्षण से जुड़े तीन बिल पर लोकसभा में वोटिंग शुरू हो गई है. गुरुवार को संसद के विशेष सत्र के पहले दिन इन तीन बिल पर देर रात तक बहस चली, आज शुक्रवार को भी कई घंटे की बहस हुई. अब इस पर लोकसभा में वोटिंग शुरू हुई है.

चर्चा के बाद लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल पेश किया गया है. केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल यह बिल सदन में पेश किया. फिलहाल इस पर वोटिंग हो रही है. बताया गया कि बिल पर 21 घंटे चर्चा हुई. कुल 130 सांसदों ने अपने विचार रखें इनमें 56 महिला सांसद थीं.

संसद में इन तीन विधेयकों पर हो रही वोटिंगः

(1)संविधान का 131वां संशोधन विधेयक, 2026: लोकसभा की सीटें 850 करने का प्रस्ताव है, राज्यों से 815 और केंद्र शासित प्रदेशों से 35 सीटें हो सकती है.
(2)परिसीमन संशोधन विधेयक, 2026: परिसीमन के लिए जनसंख्या की परिभाषा में बदलाव किया जाएगा. ताकि 2011 की जनगणना को आधारा बनाया जाए.

(3)केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक, 2026: यह विधेयक पुडुचेरी, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर के कानूनों में संशोधन करता है. ताकि परिसीमन और महिला आरक्षण बिल लागू हो सकें.

वोटिंग का नतीजाः संविधान (131वां संशोधन) संशोधन बिल के लिए लोकसभा में कुल 489 वोट पड़े. बिल के पक्ष में 298 वोट, जबकि बिल के खिलाफ 230 वोट पड़े. बिल पास होने के लिए 326 वोटों की जरूरत थी, ऐसे में यह बिल पास नहीं हो सका.

अमित शाह ने राहुल गांधी की भाषा की आलोचना की

इससे पहले बहस का जवाब देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "मैं नेता प्रतिपक्ष का भाषण सुन रहा था, यह भाषा सदन की मर्यादा के विपरीत है... अपशब्दों का प्रयोग होता है, असंसदीय शब्दों की भरमार लग जाती है... यह नेता प्रतिपक्ष का किस तरह का बर्ताव है, क्या भाषा है? क्या उन्हें लगता है कि देश उनकी यह भाषा नहीं सुन रहा? वे संविधानिक संस्थाओं का अपमान करते हैं... वे सत्र छोड़कर विदेश चले जाते हैं... सदन में बोलने की कला आपके यहां बहुत वरिष्ठ लोग हैं उनसे सीखें, या प्रियंका गांधी से सीख लें."

राहुल गांधी बोले- इसका महिला सशक्तिकरण से कुछ लेना नहीं, चुनावी नक्शे को बदलने की कोशिश

वहीं नेता विपक्ष राहुल गांधी ने बहस में कहा, ''कुछ सच्चाई यह सदन में बताने की जरूरत है. यह महिला आरक्षण विधेयक नहीं है, इसका महिलाओं के सशक्तिकरण से कुछ लेनादेना नहीं है. 2023 में जो पारित हुआ था वो महिला आरक्षण विधेयक था.'' उन्होंने आरोप लगाया कि ''यह भारत की महिलाओं के पीछे छिपकर देश के चुनावी मानचित्र को बदलने का प्रयास है.''

महिला आरक्षण बिल पर संसद में हुई बहस और वोटिंग के पल-पल के अपडेट्स

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ಇಂದು **ಏಪ್ರಿಲ್ 18, 2026, ಶನಿವಾರ**. ಜ್ಯೋತಿಷ್ಯ ಶಾಸ್ತ್ರದ ಪ್ರಕಾರ ಇಂದು ಕೆಲವು ವಿಶೇಷ ಯೋಗಗಳು (ಅನಾಫ ಯೋಗ, ವೇಶಿ ಯೋಗ) ರೂಪುಗೊಳ್ಳುತ್ತಿದ್ದು, ದ್ವಾದಶ ರಾಶಿಗಳ ಫಲ ಈ ಕೆಳಗಿನಂತಿದೆ:

## **ಇಂದಿನ ದ್ವಾದಶ ರಾಶಿ ಭವಿಷ್ಯ**
* **ಮೇಷ (Aries):** ಕೆಲಸ ಮತ್ತು ಕುಟುಂಬದ ಜವಾಬ್ದಾರಿಗಳನ್ನು ಸಮತೋಲನದಿಂದ ನಿಭಾಯಿಸುವಿರಿ. ಆರ್ಥಿಕ ಲಾಭದ ಅವಕಾಶಗಳಿದ್ದರೂ, ಅನಗತ್ಯ ಖರ್ಚುಗಳ ಮೇಲೆ ನಿಯಂತ್ರಣವಿರಲಿ.

* **ವೃಷಭ (Taurus):** ವೃತ್ತಿಜೀವನದಲ್ಲಿ ಹೊಸ ಮಾರ್ಗಗಳು ತೆರೆಯಲಿವೆ. ಹಳೆಯ ಬಾಕಿ ಕೆಲಸಗಳನ್ನು ಪೂರ್ಣಗೊಳಿಸಲು ಇದು ಸೂಕ್ತ ಸಮಯ. ಸಾಮಾಜಿಕವಾಗಿ ನಿಮ್ಮ ಗೌರವ ಹೆಚ್ಚಾಗಲಿದೆ.

* **ಮಿಥುನ (Gemini):** ಹಿರಿಯರಿಂದ ಮಾರ್ಗದರ್ಶನ ಮತ್ತು ಸಹಕಾರ ದೊರೆಯಲಿದೆ. ವ್ಯಾಪಾರದಲ್ಲಿ ಸಾಧಾರಣ ಪ್ರಗತಿ ಇರುತ್ತದೆ. ಅಜೀರ್ಣದಂತಹ ಆರೋಗ್ಯ ಸಮಸ್ಯೆಗಳ ಬಗ್ಗೆ ಎಚ್ಚರವಿರಲಿ.

* **ಕರ್ಕಾಟಕ (Cancer):** ಕುಟುಂಬದಲ್ಲಿ ಸಂತೋಷದ ವಾತಾವರಣವಿರುತ್ತದೆ. ಭೂಮಿ ಅಥವಾ ಆಸ್ತಿ ವ್ಯವಹಾರ ಮಾಡುವವರಿಗೆ ಲಾಭದಾಯಕ ದಿನ. ಆದರೆ ಒಡಹುಟ್ಟಿದವರೊಂದಿಗೆ ವಾಗ್ವಾದ ಬೇಡ.

* **ಸಿಂಹ (Leo):** ಕೆಲಸದಲ್ಲಿ ಸ್ವಲ್ಪ ಆಲಸಿತನ ಕಂಡುಬರಬಹುದು. ಸರ್ಕಾರಿ ಕೆಲಸಗಳಲ್ಲಿ ಅಡೆತಡೆಗಳು ಎದುರಾಗುವ ಸಾಧ್ಯತೆ ಇದೆ. ಸಂಗಾತಿಯ ಸಹಕಾರವು ನಿಮಗೆ ಧೈರ್ಯ ನೀಡಲಿದೆ.

* **ಕನ್ಯಾ (Virgo):** ಆರ್ಥಿಕವಾಗಿ ಇಂದು ನಿಮಗೆ ಶುಭದಾಯಕ. ಕರಕುಶಲ ವಸ್ತುಗಳ ವ್ಯಾಪಾರಿಗಳಿಗೆ ಹೆಚ್ಚಿನ ಲಾಭ ದೊರೆಯಲಿದೆ. ಶ್ವಾಸಕೋಶ ಅಥವಾ ಉಸಿರಾಟದ ತೊಂದರೆ ಇರುವವರು ಜಾಗ್ರತೆ ವಹಿಸಿ.

* **ತುಲಾ (Libra):** ಧನಲಾಭದ ಯೋಗವಿದೆ. ನಿಮ್ಮ ವಾದವನ್ನು ದೃಢವಾಗಿ ಮಂಡಿಸುವ ಮೂಲಕ ಕೆಲಸದಲ್ಲಿ ಯಶಸ್ಸು ಪಡೆಯುವಿರಿ. ಪ್ರೇಮ ಜೀವನವು ಸಾಮರಸ್ಯದಿಂದ ಕೂಡಿರುತ್ತದೆ.

* **ವೃಶ್ಚಿಕ (Scorpio):** ಆತ್ಮವಿಶ್ವಾಸದಿಂದ ಹೊಸ ಕಾರ್ಯಗಳನ್ನು ಕೈಗೆತ್ತಿಕೊಳ್ಳುವಿರಿ. ಅನಿರೀಕ್ಷಿತ ಮೂಲಗಳಿಂದ ಧನಸಹಾಯ ಸಿಗುವ ಸಾಧ್ಯತೆ ಇದೆ.

* **ಧನು (Sagittarius):** ಧಾರ್ಮಿಕ ಕಾರ್ಯಗಳಲ್ಲಿ ಆಸಕ್ತಿ ಹೆಚ್ಚಲಿದೆ. ದೂರದ ಪ್ರಯಾಣದ ಯೋಜನೆ ಹಾಕುವ ಸಾಧ್ಯತೆ ಇದೆ. ಹಿರಿಯರ ಆರೋಗ್ಯದ ಬಗ್ಗೆ ಗಮನಹರಿಸಿ.

* **ಮಕರ (Capricorn):** ಇಂದು ನಿಮಗೆ ಅದೃಷ್ಟದ ದಿನ. ಮಹತ್ವದ ನಿರ್ಧಾರಗಳನ್ನು ತೆಗೆದುಕೊಳ್ಳಲು ಇದು ಸಕಾಲ. ವೃತ್ತಿಯಲ್ಲಿ ಬಡ್ತಿ ಅಥವಾ ಹೊಸ ಜವಾಬ್ದಾರಿಗಳು ಸಿಗಬಹುದು.

* **ಕುಂಭ (Aquarius):** ಕಠಿಣ ಪರಿಶ್ರಮಕ್ಕೆ ತಕ್ಕ ಪ್ರತಿಫಲ ದೊರೆಯಲಿದೆ. ಮನೆಯಲ್ಲಿ ಶುಭ ಕಾರ್ಯಗಳು ನಡೆಯುವ ಸೂಚನೆ ಇದೆ. ಆರೋಗ್ಯ ಸ್ಥಿರವಾಗಿರುತ್ತದೆ.

* **ಮೀನ (Pisces):** ಶನಿದೇವನು ನಿಮ್ಮ ರಾಶಿಯಲ್ಲಿ ಸಂಚರಿಸುತ್ತಿರುವುದರಿಂದ ಕೆಲಸದಲ್ಲಿ ಸ್ವಲ್ಪ ಒತ್ತಡವಿರಬಹುದು. ತಾಳ್ಮೆಯಿಂದ ವರ್ತಿಸುವುದು ಒಳಿತು. ಹಣಕಾಸಿನ ವ್ಯವಹಾರದಲ್ಲಿ ಜಾಗರೂಕರಾಗಿರಿ.

**ವಿಶೇಷ ಸೂಚನೆ:** ಶನಿವಾರದ ದಿನವಾದ್ದರಿಂದ ಶನಿದೇವನ ಆರಾಧನೆ ಅಥವಾ ಹನುಮಾನ್ ಚಾಲೀಸಾ ಪಠಿಸುವುದು ಎಲ್ಲ ರಾಶಿಯವರಿಗೂ ಶುಭ ತರಲಿದೆ. ನಿಮ್ಮ ದಿನವು ಮಂಗಳಮಯವಾಗಿರಲಿ!

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ಶನಿವಾರ, ಏಪ್ರಿಲ್ 18, 2026 ರ ಇಂದಿನ ಪಂಚಾಂಗದ ವಿವರಗಳು ಇಲ್ಲಿವೆ:

​ಸಂವತ್ಸರ: ಶ್ರೀ ಪರಾಭವ ಸಂವತ್ಸರ

ಆಯನ: ಉತ್ತರಾಯಣ

ಋತು: ವಸಂತ ಋತು

ಮಾಸ: ವೈಶಾಖ ಮಾಸ

ಪಕ್ಷ: ಶುಕ್ಲ ಪಕ್ಷ (ಶುದ್ಧ)

​ಪ್ರಮುಖ ಸಮಯಗಳು
​ತಿಥಿ: ಪ್ರತಿಪದ (ಬೆಳಿಗ್ಗೆ 10:22 ರವರೆಗೆ), ನಂತರ ದ್ವಿತೀಯಾ.

​ನಕ್ಷತ್ರ: ಭರಣಿ (ಮಧ್ಯಾಹ್ನ 01:45 ರವರೆಗೆ), ನಂತರ ಕೃತಿಕಾ.

​ಯೋಗ: ಪ್ರೀತಿ (ಸಂಜೆ 04:12 ರವರೆಗೆ), ನಂತರ ಆಯುಷ್ಮಾನ್.

​ಕರಣ: ಬವ (ಬೆಳಿಗ್ಗೆ 10:22 ರವರೆಗೆ), ನಂತರ ಬಾಲವ.

​ಸೂರ್ಯೋದಯ ಮತ್ತು ಸೂರ್ಯಾಸ್ತ
​ಸೂರ್ಯೋದಯ: ಬೆಳಿಗ್ಗೆ 06:14 ಕ್ಕೆ
​ಸೂರ್ಯಾಸ್ತ: ಸಂಜೆ 06:44 ಕ್ಕೆ

​ಶುಭ ಮತ್ತು ಅಶುಭ ಸಮಯಗಳು

ವಿಶೇಷತೆ ಸಮಯ
ಅಭಿಜಿತ್ ಮುಹೂರ್ತ ಮಧ್ಯಾಹ್ನ 12:04 ರಿಂದ 12:54 ವರೆಗೆ

ರಾಹು ಕಾಲ ಬೆಳಿಗ್ಗೆ 09:21 ರಿಂದ 10:55 ವರೆಗೆ

ಗುಳಿಕ ಕಾಲ ಬೆಳಿಗ್ಗೆ 06:14 ರಿಂದ 07:48 ವರೆಗೆ

ಯಮಗಂಡ ಕಾಲ ಮಧ್ಯಾಹ್ನ 02:02 ರಿಂದ 03:36 ವರೆಗೆ

ದುರ್ಮುಹೂರ್ತ ಬೆಳಿಗ್ಗೆ 06:14 ರಿಂದ 07:54 ವರೆಗೆ

ಇಂದಿನ ವಿಶೇಷ: ಇಂದು ವೈಶಾಖ ಶುಕ್ಲ ಪ್ರತಿಪದ. ಹೊಸ ಕಾರ್ಯಗಳನ್ನು ಆರಂಭಿಸಲು ಮಧ್ಯಾಹ್ನದ ನಂತರದ ಸಮಯ (ದ್ವಿತೀಯಾ ತಿಥಿ) ಪ್ರಶಸ್ತವಾಗಿದೆ..

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कटिहार से खबर है, जहां पुलिस महानिरीक्षक पूर्णिया क्षेत्र द्वारा मनिहारी थाना का निरीक्षण किया गया।
17 अप्रैल 2026 को हुए इस निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक कटिहार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मनिहारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। IG ने थाना परिसर में कांड अन्वेषण, CCTNS, दागी पंजी, मालखाना और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों का बारीकी से अवलोकन किया।
इसके साथ ही थाना के समग्र कार्यों की समीक्षा की गई और लंबित कांडों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के बाद स्पष्ट संदेश दिया गया कि मामलों के निपटारे में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
न्यूज कटिहार - राजू चौधरी उर्फ राजेश अग्रवाल

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रिपोर्ट: जयदीप कुमार सिन्हा

हेमंत सती बने हजारीबाग के नए डीसी, शशि प्रकाश सिंह गए बाबा नगरी देवघर

बरही। राज्य सरकार ने देर रात अधिसूचना जारी करते हुए 17 जिलों के उपायुक्तों का एक साथ फेरबदल कर दिया है। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग द्वारा जारी आदेश में कई जिलों में नए उपायुक्त (डीसी) की नियुक्ति की गई है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो अधिकारी फिलहाल बिना प्रभार के हैं, वे विभाग में अपना योगदान देंगे।

किन-किन जिलों में हुई नई तैनाती
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जारी अधिसूचना के अनुसार, रांची के डीडीसी सौरभ कुमार भुवानिया को खूंटी का नया उपायुक्त बनाया गया है। वहीं हेमंत सती को हजारीबाग का 139वां डीसी बनाया गया है। हजारीबाग के शशि प्रकाश सिंह को बाबा नगरी देवघर भेजा गया है।
कोडरमा के ऋतुराज को रामगढ़ का नया डीसी बनाया गया है, जबकि उत्कर्ष गुप्ता को कोडरमा का दायित्व सौंपा गया है। इसके अलावा अनन्य मित्तल (गढ़वा), राजीव रंजन (जमशेदपुर), संदीप कुमार (लातेहार), दिलेश्वर महतो (गुमला), मेधा भारद्वाज (पाकुड़), लोकेश मिश्रा (गोड्डा), मनीष कुमार (चाईबासा), रवि आनंद (चतरा), दीपक कुमार दुबे (साहिबगंज), दिलीप प्रताप सिंह शेखावत (पलामू), संदीप कुमार मीणा (लोहरदगा) और आलोक कुमार (जामताड़ा) को भी उपायुक्त पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार की उम्मीद
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राज्य सरकार के इस बड़े फेरबदल को प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने तथा विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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रिपोर्ट : जयदीप कुमार सिन्हा

हेमंत सती बने हजारीबाग के 139वें डीसी, शशि प्रकाश सिंह बाबा नगरी देवघर पदस्थापित

बरही। राज्य सरकार ने देर रात अधिसूचना जारी करते हुए 17 जिलों के उपायुक्तों का एक साथ फेरबदल कर दिया है। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग द्वारा जारी आदेश में कई जिलों में नए उपायुक्त (डीसी) की नियुक्ति की गई है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो अधिकारी फिलहाल बिना प्रभार के हैं, वे विभाग में अपना योगदान देंगे।

किन-किन जिलों में हुई नई तैनाती
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जारी अधिसूचना के अनुसार, रांची के डीडीसी सौरभ कुमार भुवानिया को खूंटी का नया उपायुक्त बनाया गया है। वहीं हेमंत सती को हजारीबाग का 139वां डीसी बनाया गया है। हजारीबाग के शशि प्रकाश सिंह को बाबा नगरी देवघर पदस्थापित किया गया है।
कोडरमा के ऋतुराज को रामगढ़ का नया डीसी बनाया गया है, जबकि उत्कर्ष गुप्ता को कोडरमा का दायित्व सौंपा गया है। इसके अलावा अनन्य मित्तल (गढ़वा), राजीव रंजन (जमशेदपुर), संदीप कुमार (लातेहार), दिलेश्वर महतो (गुमला), मेधा भारद्वाज (पाकुड़), लोकेश मिश्रा (गोड्डा), मनीष कुमार (चाईबासा), रवि आनंद (चतरा), दीपक कुमार दुबे (साहिबगंज), दिलीप प्रताप सिंह शेखावत (पलामू), संदीप कुमार मीणा (लोहरदगा) और आलोक कुमार (जामताड़ा) को भी उपायुक्त पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार की उम्मीद
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राज्य सरकार के इस बड़े फेरबदल को प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने तथा विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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कानपुर/उत्तर प्रदेश
मछरिया नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट के अंतर्गत 17 अप्रैल (शुक्रवार) को मेराज बाबा ग्राउंड, मछरिया में डॉ. शाज़िया तस्नीम सिद्दीकी (ग्लोबल पीस एंबेसडर, UNO) की अध्यक्षता में आयोजित “मोहब्बत वाला शांति मैच” ने भाईचारे और एकता की नई मिसाल कायम कर दी। यह आयोजन न सिर्फ कानपुर बल्कि पूरे देश में कौमी एकता के प्रतीक के रूप में उभरकर सामने आया।
डॉ. शाज़िया तस्नीम सिद्दीकी की दूरदर्शी पहल और नेतृत्व में खेले गए इस विशेष मुकाबले में बजरंग दल 11 और मुस्लिम युवा 11 की टीमों ने खेल भावना के साथ प्रेम, सौहार्द और आपसी सम्मान का अद्भुत संदेश दिया। मैदान पर जो दृश्य देखने को मिला, उसने मछरिया के इस ग्राउंड को मानो जैसे “ईडन गार्डन” की गरिमा प्रदान कर दी हो।
मैच के दौरान दोनों टीमों ने दिल जीत लेने वाली मिसाल पेश की—मुस्लिम युवा खिलाड़ियों ने बजरंग दल टीम को भगवा पटका पहनाकर सम्मानित किया, वहीं बजरंग दल के खिलाड़ियों ने मुस्लिम टीम को टोपी पहनाकर भाईचारे का संदेश दिया। यह दृश्य उपस्थित दर्शकों के लिए भावुक और प्रेरणादायक रहा।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने भी एक-दूसरे का सम्मान कर समाज में प्रेम, शांति और एकता का संदेश मजबूत किया। इस अवसर पर डॉ. शाज़िया तस्नीम सिद्दीकी ने सभी खिलाड़ियों, आयोजकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन आज के समय में बेहद आवश्यक हैं, जो युवाओं को जोड़ते हैं और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
टूर्नामेंट के सफल संचालन में मदार फाउंडेशन के फैयाजुद्दीन शाह ने मुख्य संयोजक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं मैच मैनेजमेंट टीम में रिंकू भाई, फरहान भाई के साथ आदिल, राशिद, फैज़ू, मनोज और राहुल सहित सभी सहयोगियों का योगदान सराहनीय रहा।।
यह आयोजन न केवल एक खेल प्रतियोगिता रहा, बल्कि कौमी एकता, प्रेम और सौहार्द का जीवंत संदेश बनकर उभरा—जो समाज को जोड़ने और नई दिशा देने की प्रेरणा देता है!!

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विजय कुमार | वरिष्ठ पत्रकार

एक मॉक इंटरव्यू में उनसे पूछा गया था — "IIT से इंजीनियर होकर सिविल सर्विस क्यों?" काजल मीणा का जवाब था:
"एक प्रशासनिक अधिकारी के पास लोगों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लाने का अधिकार होता है।"

वह वीडियो आज सोशल मीडिया पर वायरल है। लेकिन इस बार प्रशंसा के लिए नहीं — व्यंग्य के लिए।

16 अप्रैल 2026 को राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो ने करौली जिले के नादौती उपखंड कार्यालय में SDM काजल मीणा, उनके रीडर दिनेश कुमार सैनी और वरिष्ठ सहायक प्रवीण धाकड़ को जमीन विवाद की फाइनल डिक्री जारी करने के बदले ₹60,000 की घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह उनकी पहली सक्रिय पोस्टिंग थी।

कौन हैं काजल मीणा?
काजल मीणा राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) 2024 बैच की अधिकारी हैं और अनुसूचित जनजाति (ST) श्रेणी में प्रथम रैंक प्राप्त की थी। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के प्रतिष्ठित IIT मंडी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में B.Tech की डिग्री हासिल की है।

RAS बनने से पहले वे EPFO और दूरसंचार विभाग में सहायक अनुभाग अधिकारी (ASO) के रूप में काम कर चुकी थीं। 2017 में JEN पद पर चयन हुआ था, लेकिन उन्होंने जॉइन नहीं किया।

नादौती में उनकी तैनाती करीब 6 महीने पहले ही हुई थी — और यह उनकी पहली सक्रिय पोस्टिंग थी। (Pratahkal) इतनी शानदार पृष्ठभूमि — और इतनी जल्दी पतन।

कैसे हुई ACB की कार्रवाई?
परिवादी ने ACB को शिकायत दी कि रीडर दिनेश सैनी ने जमीन की फाइनल डिक्री जारी करने के बदले SDM काजल मीणा के लिए ₹50,000 और स्वयं के लिए ₹10,000 — कुल ₹60,000 की मांग की है।

ACB DGP गोविंद गुप्ता के अनुसार शुरू में ₹1 लाख की मांग थी, जो बाद में घटाकर ₹50,000 की गई।

16 अप्रैल 2026 को परिवादी को नादौती उपखंड कार्यालय बुलाया गया। जैसे ही ₹60,000 की रकम आरोपियों तक पहुंची, ACB की टीम ने मौके पर तीनों को रंगे हाथों दबोच लिया।

दफ्तर से ₹4 लाख बरामद — "1 दिन का कलेक्शन"
₹60,000 की रिश्वत के अलावा वरिष्ठ सहायक प्रवीण धाकड़ के बैग से ₹4 लाख नकद और बरामद हुए।

पूछताछ में पता चला कि यह महज एक दिन का "कलेक्शन" था — अर्थात् यह घूसखोरी का नियमित कारोबार था।
इस ऑपरेशन की निगरानी DIG डॉ. रामेश्वर सिंह ने की, जबकि ACB सवाई माधोपुर टीम का नेतृत्व ASP ज्ञान सिंह चौधरी ने किया।

यह मामला कई स्तरों पर झकझोरता है।
पहला स्तर: काजल मीणा कोई साधारण अधिकारी नहीं — IIT स्नातक, EPFO अधिकारी, RAS में ST प्रथम रैंक। उनकी उपलब्धि लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा थी। उस प्रेरणा को उन्होंने स्वयं ध्वस्त कर दिया।
दूसरा स्तर: ₹4 लाख का "एक दिन का कलेक्शन" बताता है कि यह कोई पहली बार नहीं था। पहली पोस्टिंग के महज 6 महीनों में इतना बड़ा "तंत्र" बनाना — यह अकेले नहीं होता। व्यवस्था की जड़ें कहाँ तक गई हैं, इसकी जाँच होनी चाहिए।
तीसरा स्तर: जमीन की डिक्री — एक आम नागरिक का सबसे बुनियादी अधिकार — उसे भी "खरीदना" पड़े, यह न्याय व्यवस्था के लिए कलंक है।
मॉक इंटरव्यू का वह जवाब आज भी कानों में गूंजता है — "लोगों की जिंदगी बदलूंगी।"
बदली ज़िंदगी — पर किसकी?

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विजय कुमार | वरिष्ठ पत्रकार

बालू घाट की नीलामी जीती, करोड़ों की सुरक्षा राशि जमा की, फिर मानसून ने घाट खाली कर दिए। खनन असंभव हो गया — तो उद्यमियों ने प्रतीक्षा की। लेकिन प्रशासन ने न नोटिस दिया, न सुनवाई का मौका — और एक झटके में करोड़ों रुपये की सुरक्षा राशि जब्त कर ली।
16 अप्रैल 2026 को पटना उच्च न्यायालय ने इस पूरी कार्रवाई को "अवैध" घोषित करते हुए रोहतास और भोजपुर के जिलाधिकारियों के आदेश निरस्त कर दिए। न्यायमूर्ति संदीप कुमार की एकल पीठ ने अपने 29 पृष्ठीय फैसले में प्रशासन की इस मनमानी को "घोर उल्लंघन" बताया।

⚖️ मामले की पृष्ठभूमि — क्या हुआ था?
याचिकाकर्ता बिमल कुमार एवं अन्य ने ई-नीलामी में सफलतापूर्वक बोली लगाकर रोहतास बालू घाट संख्या-13 और भोजपुर बालू घाट संख्या-01 के अधिकार प्राप्त किए थे। नीलामी के समय उन्होंने घाटों का निरीक्षण कर रेत की पर्याप्त उपलब्धता पाई थी।
लेकिन इसके बाद स्थिति बदल गई। 2023 के मानसून के बाद रेत का पर्याप्त पुनर्भरण नहीं हुआ, जिससे घाटों की खनिज क्षमता में भारी कमी आई। याचिकाकर्ताओं ने खनन शुरू करने से इनकार किया क्योंकि इससे उन्हें भारी वित्तीय नुकसान होता।
यहाँ एक और गंभीर प्रशासनिक चूक उजागर हुई। Enforcement & Monitoring Guidelines for Sand Mining, 2020 (EMGSM, 2020) के तहत प्रत्येक मानसून के बाद पुनर्भरण अध्ययन अनिवार्य है — लेकिन 2023 के मानसून के बाद यह अध्ययन किया ही नहीं गया।
अर्थात् जिस आधार पर राशि जब्त की गई, वह आधार स्वयं अधूरा और अवैध था।
प्रशासन की कार्रवाई और न्यायालय की फटकार
कलेक्टर, रोहतास ने मेमो सं0-758, दिनांक 11.05.2024 और कलेक्टर, भोजपुर ने मेमो सं0-1919, दिनांक 29.04.2024 द्वारा सुरक्षा राशि जब्त करने के आदेश पारित किए।
न्यायालय ने पाया कि करोड़ों रुपये की सुरक्षा राशि जब्त करने की कार्रवाई बिना किसी पूर्व नोटिस या सुनवाई का अवसर दिए की गई, जो कानूनी मानदंडों का "घोर उल्लंघन" है।
न्यायमूर्ति संदीप कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि "सुनवाई से पहले कार्रवाई" (hearing before action) का सिद्धांत विधि के शासन की आधारशिला है और प्रशासनिक निर्णयों में इसका पालन अनिवार्य है।
फैसले के मुख्य निर्देश
न्यायालय ने रोहतास और भोजपुर के कलेक्टरों के आदेश निरस्त करते हुए मामले को वापस उनके पास भेज दिया। अब उन्हें याचिकाकर्ताओं को उचित सुनवाई का अवसर देने के उपरांत और ताज़ा पुनर्भरण अध्ययन रिपोर्ट के आधार पर नया "reasoned and speaking order" पारित करना होगा।
इसके साथ ही अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि संबंधित बालू घाटों के लिए 8 सप्ताह के भीतर एक नया वैज्ञानिक पुनर्भरण अध्ययन किसी सक्षम प्राधिकरण या संस्था द्वारा कराया जाए — जिसका खर्च याचिकाकर्ता स्वयं वहन करेंगे।

यह फैसला क्यों है मिसाल?
बिंदु
महत्व
नोटिस के बिना जब्ती — अवैध
प्रत्येक वित्तीय दंड से पहले नोटिस अनिवार्य
EMGSM 2020 का उल्लंघन
मानसून के बाद अध्ययन न कराना प्रशासन की चूक
"Speaking Order" का निर्देश
मनमाने आदेश नहीं — कारण देना होगा
वैज्ञानिक अध्ययन अनिवार्य
प्राकृतिक संसाधन नीति में साक्ष्य आधारित निर्णय

बिहार में बालू खनन वर्षों से विवादों का केंद्र रहा है। एक तरफ अवैध खनन पर कार्रवाई की माँग है, दूसरी तरफ वैध खनन अधिकार प्राप्त उद्यमियों के साथ प्रशासन का यह व्यवहार — बिना सुने, करोड़ों जब्त कर लो।
यह फैसला दो संदेश देता है। पहला — प्रशासन को यह भ्रम छोड़ना होगा कि "सरकारी आदेश" का अर्थ "न्यायसंगत आदेश" है। दूसरा — प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन में वैज्ञानिक प्रमाण और कानूनी प्रक्रिया दोनों अनिवार्य हैं।
EMGSM 2020 जैसे दिशा-निर्देश बने हैं तो उनका पालन भी होना चाहिए। जब प्रशासन स्वयं नियमों की अनदेखी करे और फिर उद्यमियों को दंडित करे — तो न्यायालय का हस्तक्षेप अपरिहार्य हो जाता है।
"सुनवाई का अवसर" — यह केवल कानूनी अधिकार नहीं, यह लोकतांत्रिक प्रशासन का नैतिक दायित्व है।

केस विवरण

विवरण
तथ्य
मामला
बिमल कुमार बनाम बिहार राज्य
फैसला तिथि
16 अप्रैल 2026
न्यायपीठ
न्यायमूर्ति संदीप कुमार (एकल पीठ)
निरस्त आदेश
रोहतास: मेमो 758/11.05.2024, भोजपुर: मेमो 1919/29.04.2024
घाट
रोहतास Sand Ghat No.13, भोजपुर Sand Ghat No.01
पुनर्भरण अध्ययन
8 सप्ताह, खर्च याचिकाकर्ता पर

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मुडियार/शाहबाद, 12 अप्रैल 2026। ग्राम मुडियार, तहसील शाहबाद (राजस्थान) में रविवार, 12 अप्रैल 2026 को श्री ब्रजमोहन जोशी जी की पूजनीय माता जी के गांग भोज के अवसर पर ज्योतिषी ब्राह्मण समाज की एक विशाल बैठक एवं समीक्षा कार्यक्रम का आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर राजस्थान और मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से समाज के प्रतिनिधि एवं प्रबुद्धजन एकत्रित हुए, जहाँ सामाजिक हितों, संगठनात्मक मजबूती और भविष्य की योजनाओं पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया।

कार्यक्रम में सामाजिक एकता को सुदृढ़ करने और विभिन्न जिलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष बल दिया गया। बैठक में उपस्थित अतिथियों ने समाज के वर्तमान स्वरूप, उसकी चुनौतियों और आगामी दिशा पर अपने विचार रखे। साथ ही, समाज को अधिक संगठित, सक्रिय और प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी सामने आए।

बैठक में मुख्य रूप से भोपाल से श्री सी. पी. जोशी जी, शिवपुरी से श्री धर्मेंद्र जोशी जी एवं श्री भूपेंद्र पचौरी जी, गुना से डॉ. मनोज जोशी जी तथा ओछापुरा (सबलगढ़) एवं जयपुर से पधारे अनेक वरिष्ठ समाज बंधुओं ने सहभागिता की।

विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों ने अपने-अपने इलाकों में संचालित सामाजिक कार्यों, अनुभवों और प्रयासों को साझा किया, जिससे उपस्थित जनों को नई दिशा और प्रेरणा प्राप्त हुई।
विशेष रूप से भोपाल, जयपुर और ग्वालियर-चंबल संभाग शिवपुरी से आए समाज प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए सामाजिक सहयोग, समन्वय और आपसी संवाद को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। वक्ताओं ने कहा कि समाज की उन्नति के लिए पारस्परिक सहभागिता, संगठनात्मक एकजुटता और निरंतर संवाद अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम के अंत में श्री ब्रजमोहन जोशी जी एवं उनके परिवार ने इस दुख की घड़ी में साथ खड़े होने, दूर-दराज से पधारकर कार्यक्रम को गरिमा प्रदान करने तथा सामाजिक चर्चा को सफल बनाने के लिए सभी अतिथियों एवं समाज बंधुओं का हृदय से आभार व्यक्त किया।

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विजय कुमार | वरिष्ठ पत्रकार

पूर्णियाँ के पूर्व अंचल कार्यालय का अभिलेखागार। सरकारी फाइलों की आड़ में चल रहा था एक अलग ही "कारोबार"
भूमि रोक की जाँच करने के नाम पर रिश्वत वसूली। लेकिन 17 अप्रैल 2026 को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की मुख्यालय टीम ने उस "कारोबार" पर ताला जड़ दिया — रंगे हाथ, 40,000 रुपए की गड्डी सहित।

यह कार्रवाई सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं है। यह उस पूरे तंत्र पर चोट है जहाँ आम नागरिक अपनी ज़मीन के कागज़ों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटता है और घूस न देने पर उसकी फाइल महीनों "लंबित" रहती है।
क्या है पूरा मामला?
परिवादी श्री सूरज सहनी, पिता स्व0 सौदागर सहनी, गुलाबबाग हांसदा, पूर्णियाँ ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई कि अंचल कार्यालय पूर्णियाँ पूर्व के राजस्व कर्मचारी लाल बाबू रजक उनकी भूमि रोक से संबंधित मामले की जाँच कर प्रतिवेदन समर्पित करने के एवज में रिश्वत की माँग कर रहे हैं।
ब्यूरो ने शिकायत का सत्यापन कराया। सत्यापन में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद निगरानी थाना कांड सं0-045/26, दिनांक 16.04.2026 अंकित किया गया।
धावादल का गठन और कार्रवाई
अनुसंधानकर्ता श्री अमरेन्द्र प्रसाद विद्यार्थी, पुलिस उपाधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के नेतृत्व में विशेष धावादल गठित किया गया।
17 अप्रैल 2026 को तय योजना के तहत रिश्वत की राशि दी गई और धावादल ने दोनों अभियुक्तों को मौके पर ही दबोच लिया:
प्राथमिकी अभियुक्त: श्री लाल बाबू रजक, राजस्व कर्मचारी, अंचल कार्यालय पूर्णियाँ पूर्व
अप्राथमिकी अभियुक्त: श्रीमती रूमी कुण्डु — जो हल्का कार्यालय में निजी तौर पर कर्मचारी की सहायता करती थीं और जिनके पर्स में ही रिश्वत की पूरी रकम छुपाकर रखी गई थी।
दोनों को 40,000 (चालीस हजार रुपए) रिश्वत लेते हुए पूर्णियाँ पूर्व अंचल कार्यालय के अभिलेखागार से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के उपरांत उन्हें माननीय विशेष न्यायालय, निगरानी, भागलपुर में उपस्थापित किया जाएगा।
पूर्णियाँ में लगातार दो दिन — निगरानी का तूफान
यह पूर्णियाँ में निगरानी की लगातार दूसरे दिन की कार्रवाई थी। एक दिन पहले 16 अप्रैल को भी निगरानी की टीम ने बिहार शिक्षा परियोजना के सहायक अभियंता भूषण प्रसाद को ₹10,000 रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था।
दो दिन, दो विभाग, दो गिरफ्तारियाँ — पूर्णियाँ के सरकारी दफ्तरों में खलबली मच गई है।
2026 में निगरानी की रिकॉर्ड तोड़ कार्रवाई
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने जनवरी-फरवरी 2026 के दौरान ही भ्रष्टाचार से जुड़े 28 मामलों में मुकदमा दर्ज किया — जो 2024 की इसी अवधि के 10 मामलों की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक है।
यह आँकड़े बताते हैं कि निगरानी अन्वेषण ब्यूरो अब सिर्फ प्रतीकात्मक कार्रवाई नहीं कर रहा — यह भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सुनियोजित अभियान है।

भूमि रिकॉर्ड और राजस्व विभाग बिहार में भ्रष्टाचार का सबसे पुराना अड्डा रहा है। जमीन की जाँच हो, नक्शा चाहिए हो, या दाखिल-खारिज करवाना हो — बिना "नेग" के काम नहीं होता, यह धारणा दशकों से चली आ रही है।
लाल बाबू रजक का मामला इस धारणा की एक और कड़ी है। लेकिन इस बार अंतर यह है कि सूरज सहनी ने घूस देने की जगह शिकायत दर्ज कराई। और निगरानी ने कार्रवाई की।
यही वह रास्ता है जो हर पीड़ित नागरिक को अपनाना होगा। जब तक शिकायतें नहीं होंगी, रिश्वत का "कारोबार" यूँ ही चलता रहेगा — फाइलों की धूल के पीछे, अभिलेखागार के अंधेरे में।
निगरानी ब्यूरो का नंबर है — और शिकायत ही सबसे बड़ा हथियार।
केस विवरण संक्षेप
विवरण
तथ्य
निगरानी कांड सं0
045/26, दि0 16.04.2026
गिरफ्तारी तिथि
17 अप्रैल 2026
प्राथमिकी अभियुक्त
लाल बाबू रजक, राजस्व कर्मचारी
अप्राथमिकी अभियुक्त
श्रीमती रूमी कुण्डु
परिवादी
सूरज सहनी, गुलाबबाग हांसदा, पूर्णियाँ
रिश्वत राशि
₹40,000
गिरफ्तारी स्थान
अभिलेखागार, अंचल कार्यालय पूर्णियाँ पूर्व
अनुसंधानकर्ता
DSP अमरेन्द्र प्रसाद विद्यार्थी, NIB पटना
पेशी न्यायालय
विशेष न्यायालय, निगरानी, भागलपुर

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AIMA मीडिया न्यूज
________________
खगड़िया।
जदयू के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं सदर विधायक बबलू कुमार मंडल ने शुक्रवार को जारी अपने बयान में कहा कि पूर्व यशस्वी मुख्यमंत्री बिहार शिल्पकार नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की, जो आज पूरे देश के लिए प्रेरणा बन चुकी है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2006 में पंचायती राज संस्थाओं और 2007 में नगर निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण लागू कर बिहार ने एक नई दिशा दी थी।
बबलू मंडल ने कहा कि इस दूरदर्शी निर्णय का परिणाम आज स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। बड़ी संख्या में महिलाएं मेयर, जिला परिषद अध्यक्ष, प्रखंड प्रमुख, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य और वार्ड पार्षद जैसे महत्वपूर्ण पदों पर पहुंचकर न सिर्फ नेतृत्व कर रही हैं, बल्कि जनसेवा की नई मिसाल भी कायम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह बदलाव सामाजिक संरचना में सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक है।
उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं को नेतृत्व में आगे लाने का जो मॉडल नीतीश कुमार ने प्रस्तुत किया, वह आज पूरे देश में अनुकरणीय बन चुका है। यही कारण है कि केंद्र सरकार भी अब इस दिशा में ठोस कदम उठाते हुए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के माध्यम से लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
सदर विधायक ने कहा कि महिलाओं की समान और सम्मानजनक भागीदारी के बिना विकसित भारत का सपना अधूरा है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि नीतीश कुमार ने इस सच्चाई को वर्षों पहले समझ लिया था और सत्ता संभालते ही महिला सशक्तिकरण को अपनी नीतियों का केंद्र बनाया। यही वजह है कि आज शिक्षा, राजनीति, प्रशासन और समाज के हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी ऐतिहासिक रूप से बढ़ी है, जो एक मजबूत और समावेशी लोकतंत्र की पहचान है।
इधर सदर विधायक द्वारा व्यक्त किए गए बयानों का महिला आयोग की सदस्या साधना देवी सदा, जदयू के पूर्व कार्यकारी जिला अध्यक्ष राजकुमार फोगला,राजनीतिक सलाहकार नीलम वर्मा,जदयू जिला प्रवक्ता आचार्य राकेश पासवान शास्त्री, जदयू अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव उमेश सिंह पटेल, जदयू नेता सुशांत यादव,जदयू जिला उपाध्यक्ष शम्भू झा,दीपक सिन्हा,अनिल जयसवाल, प्रमोद कुमार सिंह, रामविलास महतो,कोषाध्यक्ष संदीप केडिया, पुरूषोत्तम अग्रवाल, मोहम्मद शहाब उद्दीन, अविनाश पासवान, निर्मला कुमारी, वीणा पासवान,उदय प्रसाद सिंह,ममता जायसवाल,पूनम जयसवाल,फिरदोस आलम, ललित चौधरी, सिद्धांत सिंह छोटू, रामप्रकाश सिंह एवं राजनीति प्रसाद सिंह, पंकज चौधरी,अनुज कुमार शर्मा, प्रभात शर्मा,कमल किशोर पटेल एवं संतोष कुमार साह आदि जदयू नेताओं ने दिली समर्थन कर महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकारी सेवा के अलावे लोकसभा व विधानसभा चुनाव में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने हेतु केंद्रीय सरकार के पहल को सराहनीय कदम बताया।

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"विजय कुमार | वरिष्ठ पत्रकार

1931 के बाद पहली बार जाति गणना, 2011 के बाद पहली बार जनगणना — और इस बार कोई कागज़-पेन नहीं, कोई दरवाज़े पर दस्तक नहीं।

भारत की 16वीं जनगणना — Census 2027 — इतिहास में पहली बार पूरी तरह डिजिटल है।

और , 17 अप्रैल 2026 से बिहार में इसका पहला कदम उठ चुका है — Self Enumeration (स्व-गणना)।

गया जिले के नागरिकों के लिए यह अवसर है कि वे इस ऐतिहासिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनें — प्रगणक के इंतजार में बैठने की जगह, खुद अपने हाथों से अपने परिवार और मकान की जानकारी दर्ज करें।

क्या है Self Enumeration और इसकी प्रक्रिया?
Self Enumeration एक सुरक्षित, वेब-आधारित सुविधा है जो 16 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है। इसके माध्यम से नागरिक प्रगणक के घर आने से पहले अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं।

पोर्टल पर जाएँ (se.census.gov.in) → मोबाइल नंबर से लॉगिन करें → नक्शे पर अपना स्थान चिह्नित करें → परिवार का विवरण भरें → जमा करें → SE ID प्राप्त करें → प्रगणक को SE ID दें → डेटा सत्यापित होकर जनगणना में शामिल।

यह ID ही आपकी भागीदारी का प्रमाण है — इसे सुरक्षित रखें।

बिहार के लिए महत्वपूर्ण तिथियाँ
चरण
तिथि
Self Enumeration (स्व-गणना)
17 अप्रैल – 1 मई 2026,

मकान सूचीकरण एवं गणना
2 मई – 31 मई 2026,

जनसंख्या गणना (Phase II)
फरवरी 2027,

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 17 अप्रैल को स्वयं Self Enumeration लॉन्च करते हुए नागरिकों से "सक्रिय और उत्साहपूर्ण भागीदारी" की अपील की।

Census 2027 क्यों है ऐतिहासिक?

2027 की जनगणना 1931 के बाद पहली बार जाति गणना को शामिल कर रही है —
यह इसे स्वतंत्र भारत की सबसे महत्वपूर्ण जनगणनाओं में से एक बनाता है।

यह भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना है — प्रगणक कागज़ी फॉर्म नहीं, स्मार्टफोन ऐप का उपयोग करेंगे।

ऐप ऑफलाइन भी काम करेगा और इंटरनेट उपलब्ध होने पर डेटा क्लाउड पर अपलोड होगा।
Census 2027 के लिए सरकार ने 11,718.24 करोड़ का बजट स्वीकृत किया है।
यह जनगणना अगले एक दशक की विकास योजनाओं की नींव रखेगी।

गया जिला प्रशासन की अपील:
जिलाधिकारी गया श्री शशांक शुभंकर (IAS) ने गया जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे 17 अप्रैल से 1 मई 2026 के बीच se.census.gov.in पर जाकर Self Enumeration अवश्य करें और जनगणना कार्य को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग दें।

जनगणना केवल आँकड़े नहीं है — यह हर नागरिक की राष्ट्रीय पहचान का दस्तावेज़ है।

2021 की जनगणना कोविड के कारण टल गई, और 16 वर्षों का यह अंतराल हमारी नीति-निर्माण प्रक्रिया को अधूरा बनाता रहा।

अब जब Self Enumeration का विकल्प आपके हाथ में है — तो यह सिर्फ सुविधा नहीं, जिम्मेदारी भी है।

जो नागरिक आज अपना डेटा सही तरीके से दर्ज करेंगे, उनके जिले को सही योजनाएँ, सही बजट और सही प्रतिनिधित्व मिलेगा।
Gaya के हर घर से एक क्लिक — राष्ट्र निर्माण में एक कदम।
त्वरित जानकारी :

पोर्टल: se.census.gov.in

भाषाएँ: हिंदी सहित 16 भाषाएँ

समयसीमा: 17 अप्रैल – 1 मई 2026

हेल्पलाइन: Census 2027 पोर्टल पर उपलब्ध

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जोधपुर जिला माहेश्वरी समाज, खेतानाड़ी के तत्वावधान और प्रथम माहेश्वरी आचार्य सोमानी तरुण तपस्वी मंडल श्री महंत त्र्यंबक गिरी जी महाराज के सानिध्य मे भव्य सुंदर कांड का पाठ और प्रवचन का आयोजन किया जायेगा
अध्यक्ष शिव कन्या धूत और सचिव
आशेंद्र सोनी ने बताया की माहेश्वरी समाज खेतानाड़ी जोधपुर द्वारा दिनांक 18 अप्रैल शामको 8 बजे खेतानाड़ी महेश्वरी भवन में परम पूज्य *प्रथम माहेश्वरी आचार्य सोमानी तरुण तपस्वी मंडल श्री महंत त्र्यंबक गिरी जी महाराज* का एक दिवसीय पावन प्रवास रहेगा।
कार्यक्रम संयोजक तेजराज मंत्री ने बताया की इस शुभ अवसर पर सायंकाल 8:00 बजे हमारे समाज की संकट मोचन परिवार, महामंदिर के द्वारा सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाएगा
यह मंडली पूरे उत्साह, श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ पाठ करती है
वही अशोक बंग और चंदप्रकाश पनपालिया ने बताया की इस अवसर पर समाज के लोग परिवार सहित पधार कर सुंदरकांड पाठ का आनंद लेंगे एवं परम पूज्य महाराज के दर्शन और प्रवचनों का लाभ प्राप्त करेंगे
कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं को अलग-अलग कार्यभार दिया गया है
इस अवसर पर अरुण बंग,विवेक राठी,केलाश जाजु, दिनेश बंग,सुनिल बुब , राधेश्याम करवा, चंदप्रकाश पनपालिया, राधेश्याम,राम अवतार राठी, महेश बुब,चेनसुख होलाणी,गोरव नांवधर,गिरिराज चाण्डक,रवि शाह और भी समाज के लोगों के द्वारा सहयोग किया जाएगा

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प्रोफेशनल बायो (Professional Bio)

नाम: देवेन्द्र सुथार (Devendra Suthar)
पेशा: मीडिया प्रोफेशनल एवं उद्यमी (Media Professional & Entrepreneur)
स्थान: रोहट, पाली (राजस्थान)

परिचय:

मैं देवेन्द्र सुथार, पिछले कई वर्षों से मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूँ। प्रेस और जनसंपर्क में गहरा अनुभव रखने के साथ-साथ, मैं सामाजिक और स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाने के लिए प्रतिबद्ध रहा हूँ। वर्तमान में, मैं 'भंवरी फैशन, रोहट' (Bhanwari Fashion Rohat) का संस्थापक हूँ, जो राजस्थानी पारंपरिक पहनावे और आधुनिक एथनिक वियर का एक प्रतिष्ठित केंद्र है।

एक उद्यमी (Entrepreneur) के रूप में मेरा लक्ष्य अपनी संस्कृति और फैशन को डिजिटल माध्यम से देश-दुनिया तक पहुँचाना है। मेरा कार्यक्षेत्र मुख्य रूप से रोहट (राजस्थान) है, जहाँ से मैं अपने बिज़नेस और मीडिया के अनुभवों के जरिए समाज और व्यापार में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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ग्वालियर/इंदौर: ब्रजवासी गौ रक्षक सेना भारत संगठन ने अपनी प्रदेश कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए इंद्रभान सिंह यादव को मध्यप्रदेश का महामंत्री नियुक्त किया है। यह नियुक्ति संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौ पुत्र धर्म दास महाराज के मार्गदर्शन में और मध्यप्रदेश उपाध्यक्ष गौ पुत्र राम दयाल सिंह यादव द्वारा की गई है।
संगठन का उद्देश्य: गौ माता को 'राष्ट्र माता' का दर्जा दिलाना
संगठन के पदाधिकारियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्म दास महाराज के नेतृत्व में पूरी सेना निस्वार्थ भाव से चौबीसों घंटे सनातन धर्म और गौ माता की रक्षा में समर्पित है। नवनियुक्त महामंत्री इंद्रभान सिंह यादव से यह आशा जताई गई है कि वे मध्यप्रदेश में संगठन को मजबूती प्रदान करेंगे और 'गौ माता को राष्ट्र माता' घोषित करवाने के अभियान में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कार्यकर्ताओं में उत्साह, दी बधाई
इंद्रभान सिंह यादव की नियुक्ति पर संगठन के कार्यकर्ताओं ने उन्हें हार्दिक बधाई दी है। मध्य प्रदेश उपाध्यक्ष राम दयाल सिंह यादव ने विश्वास जताया कि नवनियुक्त महामंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में एक विशाल गौ रक्षक सेना का गठन होगा, जो गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध और गौ सेवा के कार्यों को गति देगी।
संगठन से जुड़ने की प्रक्रिया
ब्रजवासी गौ रक्षक सेना भारत ने नए सदस्यों को जोड़ने के लिए हेल्पलाइन नंबर और प्रक्रिया भी जारी की है। संगठन में शामिल होने के इच्छुक व्यक्ति निम्नलिखित विवरणों के साथ संपर्क कर सकते हैं:
आवश्यक दस्तावेज: फोटो, फोन नंबर और पहचान पत्र (छायाप्रति)।
पंजीकरण शुल्क: ₹351 (इसमें आई कार्ड, अथोरिटी लेटर, बिल्ला, और गौ सम्मान पत्र कोरियर द्वारा भेजने का खर्च शामिल है)।
आईडी कार्ड हेल्पलाइन: 9258311537
गौ सेवा/समस्या सूचना हेल्पलाइन: 9568576382
संगठन का संकल्प: "गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करना है और गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना है।"

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बिलासपुर। जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत रतनपुर पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने कार्रवाई करते हुए 245 किलोग्राम अवैध गांजा के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जब्त मादक पदार्थ की कीमत करीब 1 करोड़ 22 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक मारुति अर्टिगा (CG 04QD 7255) में भारी मात्रा में गांजा कटघोरा से मरवाही होते हुए मध्यप्रदेश ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर टीम ने नेशनल हाईवे स्थित नवापारा चौक, भेड़ीमुंडा के पास घेराबंदी की।
जैसे ही संदिग्ध वाहन वहां पहुंचा, पुलिस ने उसे रोककर तलाशी ली। जांच के दौरान कार से 245 किलो गांजा बरामद हुआ, जिसे तुरंत जब्त कर लिया गया।

पुलिस ने मौके से अमित कुमार केवट (33 वर्ष) निवासी – भुतहीटोला, थाना बुढार, जिला शहडोल (मध्यप्रदेश)
को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने आरोपी से 1 मारुति अर्टिगा कार – कीमत लगभग ₹8 लाख, गांजा – 245 किलोग्राम, कीमत लगभग ₹1.22 करोड़। कुल जब्ती – ₹1.30 करोड़ से अधिक के आमान जप्त किया गया।

पुलिस ने उक्त आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस तस्करी नेटवर्क के पीछे और कौन-कौन शामिल हैं।

इस पूरी कार्रवाई में रतनपुर थाना प्रभारी अंशिका जैन (प्रशिक्षु आईपीएस), निरीक्षक अनिल अग्रवाल, एसीसीयू प्रभारी गोपाल सतपथी सहित कई पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

बिलासपुर पुलिस का संदेश साफ है — नशे के कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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रायपुर में ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए क्राइम ब्रांच ने मशहूर सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर बाबू खेमानी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को मुंबई से पकड़ा गया, जिसके बाद उसे रायपुर लाया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, बाबू खेमानी अंतरराज्यीय ऑनलाइन सट्टा गिरोह का मास्टरमाइंड था, जिसका नेटवर्क महाराष्ट्र और ओडिशा समेत कई राज्यों में फैला हुआ था।

इससे पहले पुलिस ने 20 सटोरियों को गिरफ्तार कर पूरे रैकेट का खुलासा किया था। जांच में करोड़ों रुपये के ट्रांजेक्शन सामने आए हैं, वहीं करीब 60 लाख रुपये का सामान भी जब्त किया गया है। बताया जा रहा है कि ‘3 STUMPS’ नाम से ऑनलाइन सट्टा प्लेटफॉर्म चलाया जा रहा था।

फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

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અસ્નાબાદ ખાતે મહાલક્ષ્મી ચેરીટેબલ ટ્રસ્ટ સંચાલિત નૂતન મંદિરનો સાલગીરી મહોત્સવ ઉજવાયો

ઓલપાડ જી.આઈ.ડી.સી. સ્થિત મહાલક્ષ્મી ચેરીટેબલ ટ્રસ્ટ સંચાલિત નૂતન મંદિરનો સાલગીરી મહોત્સવ સંવત ૨૦૮૨ નાં ચૈત્ર સુદ આઠમનાં રોજ ભક્તિભાવપૂર્વક ઉજવવામાં આવ્યો હતો. શ્રી ખત્રી બાપા, શ્રી મામાદેવ, શ્રી બળિયાદેવ, શ્રી મહાલક્ષ્મી માં, શ્રી શીગોતર માં, શ્રી આશાપુરા માં તથા શ્રી અંબે માંની સાલગીરી નિમિત્તે સમગ્ર દિવસ દરમિયાન યજ્ઞ, શ્રીફળ હોમ, આરતી જેવાં વિવિધ ધાર્મિક કાર્યક્રમોનું આયોજન કરવામાં આવ્યું હતું. જેમાં અસ્નાબાદ સહિત આસપાસનાં વિસ્તારનાં ભાવિક ભક્તો ખૂબ જ મોટી સંખ્યામાં જોડાયા હતાં. આ મહોત્સવમાં સાંજે મહા પ્રસાદી તથા રાત્રે ભવ્ય લોકડાયરાનું પણ આયોજન કરવામાં આવ્યું હતું.

તસવીર: વિજય પટેલ

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ઓલપાડની કરમલા પ્રાથમિક શાળામાં ત્રિવિધ કાર્યક્રમનું આયોજન કરવામાં આવ્યુ

(આચાર્ય નિલેશ પટેલનાં પિતાશ્રીનાં જન્મદિવસ નિમિત્તે બાળકોને સાત્વિક ભોજન પીરસાયુ)

જિલ્લા પંચાયત શિક્ષણ સમિતિ, સુરત સંચાલિત ઓલપાડ તાલુકાની કરમલા પ્રાથમિક શાળામાં ધોરણ-8 નાં બાળકો અને એલ. એન્ડ ટી. હજીરાનાં ક્લસ્ટર કો-ઓર્ડિનેટર ચૈતાલીબેન પટેલનો વિદાય સમારંભ તેમજ આપત્તિ વ્યવસ્થાપન અંગેનાં ડેમોસ્ટ્રેશનનો ત્રિવિધ કાર્યક્રમ યોજવામાં આવ્યો હતો. કાર્યક્રમની શરૂઆત દીપ પ્રાગટ્ય તથા પ્રાર્થનાથી કરવામાં આવી હતી. બાળકોએ વિદાયગીત રજૂ કર્યા બાદ ધોરણ-8 નાં બાળકોને તથા ચૈતાલીબેન પટેલને સ્મૃતિભેટ અર્પણ કરવામાં આવી હતી. આ તકે ધોરણ-8 નાં બાળકો તથા ચૈતાલીબેને પોતાનાં પ્રતિભાવમાં શાળાનાં ખાટામીઠા સંસ્મરણો વાગોળ્યા હતાં.
શાળાનાં આચાર્ય નિલેશભાઈ પટેલે બાળકોને વધુને વધુ અભ્યાસ ચાલુ રાખી માવતરનું તથા શાળાનું નામ રોશન કરવાનાં સુભાષિશ પાઠવ્યા હતાં. તેમણે કોઈપણ પ્રશ્ન હોય તો શાળા પરિવાર તમારા માટે હંમેશા તૈયાર રહેશે એવી હૈયાધારણ આપી હતી. કાર્યક્રમનાં બીજા ચરણમાં ઉપશિક્ષિકા રેખાબેન પટેલે બાળકોને આપત્તિ વ્યવસ્થાપન અંગેની સમજણ આપી તેનું ડેમોસ્ટ્રેશન રજૂ કર્યુ હતું. જોગાનુજોગ આજરોજ આચાર્ય નિલેશભાઈ પટેલનાં પિતાશ્રીનો જન્મદિવસ હોઈ બાળકોને કાર્યક્રમને અંતે સાત્વિક ભોજન આપવામાં આવ્યું ઉપરાંત તેમની દીકરી માનસી પટેલ અને જમાઈ ઋત્વિકકુમાર તરફથી દરેક બાળકોને પાણીની બોટલ વિતરણ કરવામાં આવી હતી. આ સમગ્ર કાર્યક્રમનું સંચાલન બાળકો દ્વારા કરવામાં આવ્યું હતું. આભારવિધિ શાળાનાં ઉપશિક્ષક ભરતભાઈ પટેલે આટોપી હતી. ગામનાં સરપંચ હેમલતાબેન ગોરાણી સહિત ઉપસરપંચ, શાળા વ્યવસ્થાપન સમિતિ, સાંધિયેરનાં સી.આર.સી. કો-ઓર્ડિનેટર તેજસ નવસારીવાલા તથા માજી કેન્દ્ર શિક્ષક હસમુખભાઈ દેસાઈએ ખાસ ઉપસ્થિત રહી બાળકોને આશીર્વચન પાઠવવા સાથે કાર્યક્રમને સફળ બનાવ્યો હતો.

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उरई (जालौन)। जनपद में कानून-व्यवस्था एवं कारागार व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक जालौन द्वारा संयुक्त रूप से जिला कारागार उरई का औचक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जेल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया तथा बैरकों का निरीक्षण कर बंदियों की स्थिति की जानकारी ली।

इस दौरान बंदियों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता एवं साफ-सफाई की व्यवस्था को विशेष रूप से परखा गया। अधिकारियों ने जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि बंदियों को समय पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए तथा स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही जेल परिसर में स्वच्छता बनाए रखने और नियमित साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान जेल अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ करने तथा शासन के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया।
प्रशासन द्वारा किए गए इस निरीक्षण को लेकर यह स्पष्ट किया गया कि जनपद में सभी व्यवस्थाओं को पारदर्शी और प्रभावी बनाए रखने के लिए ऐसे निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।

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