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માંગરોળ મામલતદાર ડૉ. એચ.વી.ચાવડાની અધ્યક્ષતામાં મોસાલી પ્રાથમિક શાળાનાં ધોરણ-૮ નાં વિદ્યાર્થીઓને વિદાય


સુરત જિલ્લા પંચાયત શિક્ષણ સમિતિ, સુરત સંચાલિત માંગરોળ તાલુકાની મોસાલી પ્રાથમિક શાળા ખાતે ધોરણ-૮ નાં વિદ્યાર્થીઓનો વિદાય સમારંભ માંગરોળનાં મામલતદાર ડો. એચ.વી.ચાવડાની અધ્યક્ષતામાં યોજવામાં આવ્યો હતો. આ પ્રસંગે મોસાલી ગામનાં સરપંચ સવિતાબેન વસાવા, ડેપ્યુટી સરપંચ બિલાલભાઈ પાંચભાયા, ગ્રામ પંચાયત સભ્ય પ્રેરણાબેન પઢીયાર, ચંદ્રવદન પરમાર તથા ઐયુબભાઈ ભૂલાએ ઉપસ્થિત રહી વિદાય લઇ રહેલ બાળકોને પ્રોત્સાહિત કર્યા હતાં. કાર્યક્રમની શરૂઆત મહેમાનોને પુષ્પગુચ્છ આપીને કરવામાં આવી હતી. આ તકે શાળાની બાળાઓએ વિદાયગીત રજૂ કર્યુ હતું. વિદાય લઈ રહેલ વિદ્યાર્થીઓ પોતાનાં પ્રતિભાવો રજૂ કર્યા હતાં. આ સાથે બાળકોને પ્રોત્સાહક ઇનામો પણ વિતરણ કરવામાં આવ્યા હતાં.
મામલતદાર ડો. એચ.વી.ચાવડાએ વિદાય લઇ રહેલ વિદ્યાર્થીઓ સાથે પ્રશ્નોત્તરી કરીને તેઓ ભવિષ્યમાં શું બનવા માંગે છે તથા તેમનો ગોલ શું છે તે બાબતે વિશેષ ચર્ચા હાથ ધરી હતી. તેમણે જીવનમાં શિક્ષણની મહત્તા વિશે સમજૂતી આપી હતી. શાળાનાં શિક્ષિકા શીલાબેન ચૌધરી તરફથી તમામ બાળકો માટે જલેબીની વ્યવસ્થા કરવામાં આવી હતી. કાર્યક્રમને સફળ બનાવવા માટે શાળાનાં આચાર્ય વાસંતીબેન વસાવા, સુરત જિલ્લા પ્રાથમિક શિક્ષક સંઘનાં ઉપપ્રમુખ ઈમરાનખાન પઠાણ, પુષ્પાબેન પટેલ, લલીતાબેન ગામીત, શીલાબેન ચૌધરી, જીરૂબેન ગામીત, કવિતાબેન ચૌધરી, તેજલભાઈ પટેલ તથા આશિષભાઈ ચૌધરીએ જહેમત ઉઠાવી હતી જે બદલ ઈમરાનખાન પઠાણે સૌનો આભાર વ્યક્ત કર્યો હતો.

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बहुजन आंदोलन के समर्पित सिपाही, बहुजन समाज पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं मध्यप्रदेश के पूर्व कार्यालय सचिव रहे जीवराज प्रकाश रात्रे जी की श्रद्धांजलि सभा भावनाओं से भरे माहौल में संपन्न हुई। सभा स्थल पर सुबह से ही कार्यकर्ताओं, समर्थकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आमजन का आना शुरू हो गया था, जो देखते ही देखते जनसैलाब में बदल गया। हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
इस श्रद्धांजलि सभा में बहुजन समाज पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित रहे। इनमें प्रदेश अध्यक्ष श्याम टंडन, प्रदेश प्रभारी दाऊ राम रत्नाकर, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष हेमंत पोयम, पूर्व विधायक पामगढ़ इंदु बंजारे, पूर्व विधायक मालखरौदा लालसाय खूंटे, पूर्व विधायक बिलाईगढ़ हरिदास भारद्वाज और चंद्रदेव राय, वर्तमान विधायक बिलाईगढ़ कविता प्राण लहरे, विधायक सारंगढ़ उतरी गणपत जांगड़े, जिला पंचायत सदस्य डॉ दिनेश लाल जांगड़े और लता लक्ष्मे, तथा बसपा जिला अध्यक्ष सारंगढ़-बिलाईगढ़ प्रवीण सिंह मल्होत्रा सहित अनेक पदाधिकारी, कर्मचारीगण और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत पूज्य भंते बुद्धघोष बोधि द्वारा तथागत गौतम बुद्ध, डॉ भीमराव अम्बेडकर और कांशीराम के छाया-चिन्ह पर पूजा-वंदना से हुई। पूरे सभागार में शांति, श्रद्धा और संकल्प का वातावरण था। उपस्थित जनसमूह ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
वक्ताओं ने अपने उद्बोधन में जीवराज प्रकाश रात्रे जी के संघर्षमय जीवन, संगठन के प्रति उनकी निष्ठा और बहुजन समाज के उत्थान के लिए किए गए उनके अथक प्रयासों को विस्तार से याद किया। उन्होंने कहा कि रात्रे जी ने अपना संपूर्ण जीवन बहुजन विचारधारा, संगठन विस्तार और सामाजिक जागरूकता के लिए समर्पित कर दिया था। वे कार्यकर्ताओं के मार्गदर्शक, प्रेरणास्रोत और संगठन के मजबूत स्तंभ थे।
प्रदेश अध्यक्ष श्याम टंडन जी ने कहा कि जीवराज प्रकाश रात्रे जी जैसे समर्पित कार्यकर्ता किसी भी संगठन की असली ताकत होते हैं। उनका जीवन अनुशासन, समर्पण और संघर्ष की मिसाल है। प्रदेश प्रभारी दाऊ राम रत्नाकर जी ने कहा कि रात्रे जी ने हर परिस्थिति में संगठन को मजबूत करने का कार्य किया और अंतिम समय तक बहुजन आंदोलन के लिए सक्रिय रहे।
सभा में कई वक्ताओं ने भावुक होकर कहा कि बिलाईगढ़ विधानसभा में बसपा विधायक की ऐतिहासिक जीत ही जीवराज प्रकाश रात्रे जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। यह जीत उनके सपनों को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी।
श्रद्धांजलि सभा के अंत में सभी उपस्थित जनों ने संकल्प लिया कि वे जीवराज प्रकाश रात्रे जी के दिखाए मार्ग पर चलकर बहुजन समाज की एकता, अधिकार और सम्मान की लड़ाई को और मजबूती देंगे। सभा भावुक माहौल, नारों और संकल्प के साथ संपन्न हुई, लेकिन जीवराज प्रकाश रात्रे जी की यादें और उनके विचार सभी के मन में गहराई से अंकित हो गईं।

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मानवाधिकार संगठन युनिवर्सल ह्यूमन राइट्स काउंसिल, जयपुर के तत्वाधान में मिटिंग आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ तरूण बाकोलियां व अध्यक्षता जिलाध्यक्ष जयपुर शहर रविशंकर शर्मा के नेतृत्व में किया। बाकोलियां ने विनम्र अपील कि हैं कि पूरे देश भर में जागरूकता अभियान, गरीब असहाय लोगों की मदद व जीव जंतुओं की रक्षा व पक्षियों के परिंडे अभियान का आयोजन होगा।
जयपुर शहर संगठन द्वारा सभी पदाधिकारियों का सम्मान किया गया।
आज यूनिवर्सल ह्यूमन राइट्स काउंसिल के तत्वावधान में आगामी परिंडा अभियान, 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती व विद्यालय में जागरूकता अभियान की शुरुआत होगी, भारत-सरकार के निर्देशों की पालना करते हुए, मानवसेवा कर मानवता का एक नेक सन्देश दिया।
कार्यक्रम आयोजक समस्त उपाध्यक्ष देवनारायण गोलियां,महासचिव संजय कुमार सिंहा, महामंत्री श्याम मोहन व्यास, कोषाध्यक्ष सुशील कुमार शर्मा, उपाध्यक्ष अनिल अटोलिया, महासचिव हरितेश अग्रवाल व समस्त मौजूद रहे।

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भीषण गर्मी को देखते हुए पीबीएम अस्पताल में ठंडे पानी की प्याऊ शुरू

मारवाड़ जन सेवा समिति, गोमा देवी चमड़िया ट्रस्ट और रोटरी क्लब रॉयल्स की पहल

बीकानेर। भीषण गर्मी को देखते हुए आमजन और मरीजों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से रविवार को मारवाड़ जन सेवा समिति, गोमा देवी चमड़ियां ट्रस्ट एवं रोटरी क्लब रॉयल्स के संयुक्त तत्वावधान में जनाना अस्पताल पीबीएम में ठंडे मटके के पानी का प्याऊ शुरू किया गया।

इस पहल का उद्देश्य अस्पताल में आने वाले मरीजों, उनके परिजनों एवं आमजन को शुद्ध एवं ठंडा पेयजल उपलब्ध करवाना है, जिससे गर्मी के इस मौसम में उन्हें राहत मिल सके।

इस अवसर पर पीबीएम अस्पताल एवं एस.पी. मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र वर्मा, ट्रोमा सेंटर के सीएमओ डॉ. एल.के. कपिल, रोटरी क्लब की गवर्नर डॉ. निशा शेखावत तथा मारवाड़ जन सेवा समिति के जिला अध्यक्ष रमेश व्यास सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

अतिथियों ने इस सेवा कार्य की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहल समाज में सेवा भावना को मजबूत करती है और जरूरतमंदों को सीधा लाभ पहुंचाती है। इस दौरान सभी ने इस तरह के जनहित कार्यों को निरंतर जारी रखने का संकल्प भी लिया।

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*निःशुल्क दांत एवं स्किन चिकित्सा कैंप लगाया*

बीकानेर।‌ रविवार को शहर के मुक्ताप्रसाद रोड़, सर्वोदय बस्ती स्थित साहिल मेडिकोज ऑफिस में सुबह 10 से से दोपहर तीन बजे तक
डा.नाजनीन द्वारा दांत एवं स्किन चिकित्सा का निःशुल्क कैंप लगाया गया। डॉ नाज़नीन ने बताया कि कैंप में स्किन एवं दांतो से सम्बंधित बीमारियों के करीब 200 सौ मरीजों को निःशुल्क देखा और दांतों की जांच एंव स्किन बीमारी ठीक होने का परामर्श दिया गया। इस अवसर पर पूर्व बीजेपी जिला उपाध्यक्ष फारुख पठान, बैंक कर्मचारी नेता सुनील दत्त नागल, सेवानिवृत्त कर्मचारी रामकिशोर यादव, बीकानेर शहर भाजपा जस्सुसर मंडल अध्यक्ष दिनेश चौहान, भाजपा नेता जेपी व्यास, मांगीलाल देवड़ा, उमर दराज पठान, अमान खान, हाकम अली भाटी आदि कैंप मौजूद रहे। डॉ नाज़नीन ने बताया कि आगे भी इस तरह के निःशुल्क कैंप लगायें जायेंगे।

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​1. मुख्य लेख और वैचारिक दिशा (Main Editorials)
​प्रभात मंत्र: इस पत्र का मुख्य लेख "अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की सामूहिक विफलता" पर केंद्रित है। यह वैश्विक राजनीति, संयुक्त राष्ट्र (UN) की प्रासंगिकता और यूक्रेन-गाजा जैसे युद्धों के बीच वैश्विक व्यवस्था के ढहते ढांचे पर गंभीर प्रहार करता है। यह एक 'ग्लोबल' दृष्टिकोण रखता है।
​इंडियन पंच: इसका मुख्य संपादकीय "दंड से सुधार और विश्वास आधारित न्यायिक यात्रा" पर है। यह भारत की न्याय प्रणाली में हालिया सुधारों (जैसे भारतीय न्याय संहिता) और छोटे अपराधों के लिए 'सामुदायिक सेवा' जैसे प्रावधानों की प्रशंसा करता है। यह पूरी तरह से 'नेशनल' और कानून-केंद्रित है।

2. सामाजिक और समसामयिक मुद्दे (Social Issues)
​प्रभात मंत्र: इसमें "डिजिटलीकरण की रफ्तार और डिजिटल जहर का खतरा" जैसे आधुनिक विषय पर शोधपरक लेख है। यह बच्चों और युवाओं पर स्क्रीन टाइम और सोशल मीडिया के मनोवैज्ञानिक प्रभावों (चिड़चिड़ापन, तनाव) की चेतावनी देता है।
​इंडियन पंच: यहाँ सामाजिक न्याय और श्रम की समस्याओं पर जोर है। "रोटी से बड़ी हो गई गैस, शहर छोड़ते मजदूरों की मजबूरी" लेख के माध्यम से एलपीजी की बढ़ती कीमतों और औद्योगिक शहरों से पलायन की जमीनी हकीकत को बयां किया गया है।

3. आर्थिक और राजनीतिक विश्लेषण (Economic & Political Analysis)
​प्रभात मंत्र: आर्थिक मोर्चे पर यह "भारतीय आर्थिकी पर युद्ध का बढ़ता साया" के जरिए वैश्विक अनिश्चितता और शेयर बाजार पर इसके प्रभाव का विश्लेषण करता है। साथ ही, "इंसानी जीपीएस का क्षरण" जैसे लेख के माध्यम से तकनीकी निर्भरता पर कटाक्ष करता है।
​इंडियन पंच: यह सत्तारूढ़ दल (भाजपा) के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में "अंत्योदय से आत्मनिर्भरता" पर एक विशेष लेख प्रस्तुत करता है, जो सरकारी योजनाओं (जैसे जन धन, उज्ज्वला) की सफलता का विश्लेषण करता है। यह विकासात्मक राजनीति की ओर झुकाव दिखाता है।

4. हाशिए के समुदाय और व्यक्तित्व (Marginalized Communities & Personalities)
​इंडियन पंच: इसमें "डीएनटी, एनटी, एसएनटी समुदाय है अदृश्य" शीर्षक से एक बहुत ही महत्वपूर्ण लेख है, जो विमुक्त और घुमंतू जातियों की पहचान और उनकी जनगणना की मांग को उठाता है। साथ ही, बाबू जगजीवन राम की जयंती पर उनके सामाजिक योगदान को याद किया गया है।
​प्रभात मंत्र: इस पत्र में व्यक्तिगत स्तंभों में व्यंग्य ("भगवान न्यूट्रल हो गया") और मानवीय व्यवहार पर अधिक ध्यान दिया गया है।

निष्कर्ष:
जहाँ प्रभात मंत्र आपको दुनिया की बदलती व्यवस्था और आधुनिक जीवनशैली के खतरों के प्रति सचेत करता है, वहीं इंडियन पंच भारत के आंतरिक सुधारों, मजदूरों की समस्याओं और सामाजिक न्याय के उन पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करता है जिन्हें अक्सर मुख्यधारा के मीडिया में कम जगह मिलती है।
दोनों ही पृष्ठ सूचनात्मक दृष्टि से समृद्ध हैं, लेकिन इंडियन पंच का दायरा अधिक 'जमीनी' (Grassroots) है, जबकि प्रभात मंत्र का दायरा 'बौद्धिक' (Intellectual) और वैश्विक है

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भारत रत्न भीमराव अंबेडकर साहब की जन्मजयंती पखवाडडे के रूप में मनाई गई

मध्य प्रदेश उज्जैन से गिरधारी लाल गेहलोत जन जन की आवाज की खास खबर

खाचरोद नगर में आजअजाक्स के द्वारा हर वर्ष बाबासाहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जन्म जयंती पखवाड़े के रूप में मनाई जाती है उसी के अनुरूप आज खाचरोद में 5 अप्रैल 2026 को बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी की जन्म जयंती और बाबा साहेब के विचारों,संविधान की जागरूकता और संविधान से मिले अधिकारों को लिखित रूप में जन जागरण के लिए एक भीमरथ निकाला गया जो बाबा साहब प्रतिमा स्थल खाचरोद से पुराने बस स्टैंड उज्जैन दरवाजा गाना देवली और चबूतरा चौराहे होते हुए रथ का समापन बाबा साहब प्रतिमा स्थल पर हुआ, जिसमें बहुजनों को जागरूकता और संविधान को हर कर पहुंचने का संकल्प के साथ निकाला गया!समापन के बाद संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया गया, इस मौके अजाक्स जिला अध्यक्ष आर एल परमार साहब तहसील अध्यक्ष मोहनलाल राठौर, अमृतलाल मकवाना, शोभाराम परासिया रतनलाल सोलंकी, सालगराम परिहार, धर्मेंद्र चौहान लखन गोहर, राहुल परमार,राकेश राठौर ओंकारलाल खाचरोटिया नारायण मालवीय,सुरेश चौहान, त्रिलोक गोहर,वीरेन चौहान कमल, रोहन निंबोला नारायण मालवीय प्रहलाद चौहान मुकेश, रामप्रसाद गोपाल गुजरवाडिया एवं कई बाबा साहेब के अनुयायि मौजूद थे

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आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ज्यादातर माता-पिता यह मान बैठते हैं कि बच्चे का अच्छे स्कूल में दाखिला करवा देने और फीस भर देने मात्र से उनकी जिम्मेदारी पूरी हो गई है। लेकिन शिक्षाविदों और बाल मनोवैज्ञानिकों का साफ कहना है कि बच्चे के संपूर्ण विकास के लिए सिर्फ स्कूल भेज देना काफी नहीं है। अगर बच्चे को एक जिम्मेदार और सफल इंसान बनाना है, तो अभिभावकों को भी अपनी आदतों में बदलाव लाना होगा और पैसिव (निष्क्रिय) के बजाय सक्रिय अभिभावक की भूमिका निभानी होगी।

सुवाणासीबीईओ रामेश्वर जीनगर का कहना है कि शिक्षा केवल स्कूल की चारदीवारी तक सीमित नहीं है। घर का माहौल और माता-पिता की सक्रिय भागीदारी बच्चे के मानसिक और शैक्षणिक विकास की असली नींव तय करती है।

1. रोज करें संवाद, पूछें 'आज क्या सीखा: बच्चों से उनके दिनभर के रूटीन पर चर्चा करें। स्कूल से लौटने पर उनसे सिर्फ मार्क्स के बारे में न पूछें, बल्कि यह जानने की कोशिश करें कि आज उन्होंने स्कूल में नया क्या सीखा। इससे बच्चे का आत्मविश्वास बढ़ता है।
2. होमवर्क और पढ़ाई पर रखें सीधी नजर: बच्चों को सिर्फ पढ़ने के लिए कहकर न छोड़ दें। उनके होमवर्क और सेल्फ-स्टडी पर नजर रखें। देखें कि वे अपनी पढ़ाई को लेकर कितने गंभीर हैं और कहाँ उन्हें मदद की जरूरत है।
3. शिक्षकों से बनाए रखें जीवंत संपर्क: केवल शिकायत मिलने पर या रिपोर्ट कार्ड लेने के लिए ही स्कूल न जाएं। शिक्षक-अभिभावक बैठक (पीटीएम) में नियमित रूप से शामिल हों या फोन कॉल के जरिए शिक्षकों से जुड़े रहें ताकि बच्चे की प्रगति का सही आकलन हो सके।
4. मोबाइल, दोस्तों और आदतों पर रखें निगरानी: डिजिटल युग में बच्चों की मोबाइल स्क्रीन टाइमिंग, उनकी आदतों और उनके फ्रेंड सर्कल पर नजर रखना बेहद जरूरी है। पता करें कि वे इंटरनेट पर क्या देख रहे हैं और उनके दोस्त कौन हैं।
5. सिर्फ डांटें नहीं, समझाएं और साथ दें: गलतियों पर सिर्फ डांटना या मारना समाधान नहीं है। बच्चों की समस्याओं को समझें, उनके साथ खड़े रहें और उन्हें सही-गलत का फर्क प्यार से समझाएं।
6. पढ़ाई को बोझ नहीं, जिम्मेदारी बनाएं: बच्चों के मन में पढ़ाई का खौफ पैदा न करें। उन्हें इस तरह प्रेरित करें कि वे पढ़ाई को एक दबाव या बोझ मानने के बजाय अपनी जिम्मेदारी समझें।
शिक्षक रास्ता दिखाता है, चलना आपको ही सिखाना होगा
अभिभावकों को यह समझना होगा कि स्कूल और शिक्षक बच्चे को केवल सही रास्ता दिखा सकते हैं और उसका मार्गदर्शन कर सकते हैं। लेकिन, उस रास्ते पर बच्चे का उंगली पकड़कर चलना सिखाना और उसे भटकने से रोकना पूरी तरह से अभिभावक का ही काम है। बच्चे का भविष्य घर और स्कूल दोनों की साझा मेहनत से ही संवर सकता है।

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भाजपा के 47वें स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर संभाग कार्यालय रोशनी व रंगोली से जगमगाया

बीकानेर। भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर भाजपा संभाग कार्यालय में उत्साह और उल्लास के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं द्वारा रंगोली सजाई गई, दीप प्रज्वलित किए गए तथा आतिशबाजी कर पूरे परिसर को उत्सवमय बना दिया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे और सभी ने मिलकर पार्टी के गौरवशाली इतिहास एवं उपलब्धियों को याद किया।

जिला अध्यक्ष सुमन छाजेड़ ने इस अवसर पर कहा कि भारतीय जनता पार्टी आज विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के रूप में स्थापित हो चुकी है, जिसका श्रेय लाखों कार्यकर्ताओं की निष्ठा, समर्पण और अथक परिश्रम को जाता है। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा का एक सशक्त माध्यम है, जो सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के मूल मंत्र के साथ आगे बढ़ रही है।

मीडिया संयोजक कमल गहलोत कार्यक्रम संयोजक सरिता नाहटा, सह संयोजक रघुवीर प्रजापत, दुष्यंत तंवर प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सत्यप्रकाश आचार्य, जिला सह प्रभारी प्रियंका बालान, नारायण चोपड़ा, महावीर सिंह चारण, जिला महामंत्री राजेंद्र पंवार, कौशल शर्मा, दिलीप सिंह राजपुरोहित, जिला उपाध्यक्ष दीपक पारीक, जिला मंत्री सुनीता हटीला, सुमन कंवर शेखावत, विनोद करोल, कोषाध्यक्ष गोपाल अग्रवाल, चंद्रशेखर शर्मा, मंजूषा भास्कर, रामकुमार व्यास, मोर्चा अध्यक्ष सोहन लाल चांवरिया, मंडल अध्यक्ष दिनेश चौहान, प्रेम गहलोत, शिखर चंद डागा, दिनेश भटनागर, उपासना जैन, अंकित तंवर, निशान गौड़, सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।

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*मेडिकल इमरजेंसी बैंक जरूरतमंदों के लिये संजीवनी साबित होगा*

बीकानेर। रोटरी क्लब बीकानेर रॉयल्स द्वारा सेवा क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए हाल ही में आयोजित “ड्रीम्स टू रियलिटी 2.0” कार्यक्रम से प्राप्त आय को जरूरतमंदों के लिए सुविधाएं विकसित करने में खर्च करने का निर्णय लिया गया है,जिसके अंतर्गत रोटरी डिस्ट्रिक्ट प्रांतपाल डॉ निशा सिंह शेखावत के हाथों मेडिकल इमरजेंसी बैंक और आभा आईडी कार्ड निर्माण केंद्र की ऑनलाइन एप्लीकेशन सुविधा का शुभारंभ किया गया। पत्रकारों को इसकी जानकारी देते हुए चार्टर अध्यक्ष डॉ मनोज कुड़ी ने बताया कि रोटरी रॉयल्स और रोटरी अपराइज द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में देश की प्रसिद्ध वक्ता जया किशोरी ने प्रेरक संबोधन दिया था और स्पॉन्सर्स से प्राप्त आय को सेवा कार्यों में लगाने का संकल्प लिया गया है।क्लब सचिव विपिन लड्ढा ने बताया कि मेडिकल इमरजेंसी बैंक के माध्यम से जरूरतमंदों को फोल्डिंग बेड,व्हील चेयर,वॉकर,ऑक्सीजन कंसंट्रेटर,ऑक्सीजन सिलेंडर,नेबुलाइजर सहित अन्य चिकित्सा उपकरण नि:शुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। इस इमर्जेंसी बैंक मे गोमादेवी चेरीटेबल फाउंडेशन के विशेष सहयोग से विभिन्न उपयोगी सामान जोड़े गए है।यह मेडिकल इमरजेंसी बैंक रोटे राजीव माथुर नियोलोजिक्स द्वारा बनायी गयी एप्प के माध्यम से संचालित होगी।जिसमे उपलब्ध सामान की बुकिंग हो सकेगी। इस एप के माध्यम से कोई भी दान दाता भी अपनी ओर से सामान उपलब्ध करवा सकेगा। प्रेस काफ्रेंस को रोटे आनंद आचार्य के संयोजन में वरिष्ठ रोटे राजेश बवेजा ने भी संबोधित किया।इस मौके पर रोटे अंकुश चमडिय़ा,राजेश खत्री,देवेंद्र सिंह,रमेश अग्रवाल,डॉ पुनीत खत्री,विनोद माली,हंसराज बिश्नोई,राजीव अग्रवाल,डॉ अशोक डांगी,शिशिर शर्मा,सुरेन्द्र जोशी,अनिल चमडिय़ा,श्रवण सैनी,ऋषि धामू,ऋषभ जैन,दिनेश गोयल,हरजीत सिंह,पीयूष शंगारी,निखिल सेठिया,हेमंत सिखानी,सचिन शर्मा,मनोज सोलंकी,नवीन चौहान,विनय बिस्सा,भुवनेश स्वामी और गोविंद भादू सहित अन्य सदस्यों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

मरीजों का डाटा सजोएगा आभा आईडी कार्ड
पूर्वाध्यक्ष गोपाल अग्रवाल ने बताया कि जिला अस्पताल में प्रदेश का पहला आभा आईडी केंद्र स्थापित किया गया है,जिससे मरीजों का पूरा स्वास्थ्य डाटा डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा और उन्हें बेहतर उपचार सुविधा मिल सकेगी। इसके लिये रोटरी क्लब रॉयल्स की ओर से दो केन्द्र बनाएं गये है। जहां इसका संकलन किया जा रहा है। इससे एक क्लिक में मरीज के रोग संबंधित पूरा ब्यौरा चिकित्सक के सामने होगा।

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​1. मुख्य लेख: अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की सामूहिक विफलता (लेखक: डॉ. शैलेश शुक्ला)​यह लेख संयुक्त राष्ट्र (UN) जैसी वैश्विक संस्थाओं की वर्तमान प्रासंगिकता पर सवाल उठाता है।​मुख्य बिंदु: रूस-यूक्रेन युद्ध, गाजा संकट और सूडान जैसे संघर्षों ने यह सिद्ध कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय संगठन अब शांति बनाए रखने में निष्प्रभावी हो रहे हैं।​आंकड़े: लेख में बताया गया है कि 2023 में संघर्षों के कारण होने वाली मौतों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है।​निष्कर्ष: संयुक्त राष्ट्र में सुधार (विशेषकर वीटो पावर और सुरक्षा परिषद के ढांचे में) की तत्काल आवश्यकता है, अन्यथा राष्ट्र अपनी सुरक्षा के लिए केवल सैन्य शक्ति पर निर्भर हो जाएंगे।​2. इंसानी जीपीएस का क्षरण (अक्षर कॉलम)​यह लेख तकनीक (खासकर मोबाइल और जीपीएस) पर हमारी बढ़ती निर्भरता और उससे हमारे मस्तिष्क पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में है।​तर्क: जैसे-जैसे हम रास्तों के लिए गूगल मैप्स या फोन नंबरों के लिए मोबाइल कॉन्टैक्ट्स पर निर्भर होते जा रहे हैं, हमारी अपनी याददाश्त और दिशा पहचानने की प्राकृतिक क्षमता (Hippocampus) कमजोर हो रही है।​चिंता: यह 'डिजिटल भूलने की बीमारी' की ओर इशारा करता है, जहाँ इंसान अपनी जन्मजात मानसिक क्षमताओं का उपयोग करना छोड़ रहा है।​3. डिजिटलीकरण की रफ्तार और 'डिजिटल जहर' का खतरा​यह लेख तकनीक के "काले पक्ष" यानी बच्चों और युवाओं पर इसके नकारात्मक प्रभाव को रेखांकित करता है।​जोखिम: अत्यधिक स्क्रीन टाइम से बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, एकाग्रता और सामाजिक व्यवहार पर बुरा असर पड़ रहा है।​चिंताजनक तथ्य: भारत में स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं की संख्या 75 करोड़ के पार पहुँच रही है, जिसमें छोटे बच्चे भी शामिल हैं। लेख इसे "डिजिटल गुलामी" की संज्ञा देता है।​सुझाव: माता-पिता और समाज को मिलकर बच्चों को इस 'डिजिटल जहर' से बचाने के लिए जागरूक प्रयास करने होंगे।​4. भारतीय आर्थिकी पर युद्ध का बढ़ता साया (दृष्टि कोण)​यह लेख वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों का भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर का विश्लेषण करता है।​चुनौतियाँ: मध्य-पूर्व और यूरोप में युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और सप्लाई चेन में बाधा आ रही है।​प्रभाव: भारतीय रुपया और शेयर बाजार इन वैश्विक परिस्थितियों से सीधे प्रभावित हो रहे हैं। सरकार को महंगाई और विकास दर के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती है।​5. व्यंग्य और अन्य (नियत से नौबत तक)​भगवान न्यूट्रल हो गया: यह एक व्यंग्यपूर्ण लेख है जो वर्तमान राजनीति और समाज में नैतिकता के गिरते स्तर पर कटाक्ष करता है।​हिमाचल का संदर्भ: एक अन्य लेख में हिमाचल प्रदेश के विकास, पर्यावरण और वहां की राजनीतिक/सामाजिक स्थिति पर चर्चा की गई है।​निष्कर्ष:​कुल मिलाकर, यह पृष्ठ "तकनीक बनाम मानवीय क्षमता" और "वैश्विक अस्थिरता बनाम संस्थागत विफलता" के बीच एक गहरा विमर्श प्रस्तुत करता है। संपादक ने पाठकों को सचेत किया है कि चाहे वह युद्ध हो या डिजिटल लत, भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए हमें अपनी मूल मानवीय क्षमताओं और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को पुनर्जीवित करना होगा।​

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पुलिस की बड़ी कार्रवाई : राहुल दुबे गिरोह का सक्रिय सदस्य सनी सिंह मुठभेड़ में गिरफ्तार

रामगढ़ (झारखंड)। राहुल दुबे गिरोह के अपराधियों के विरुद्ध छापामारी करने हेतु एस0आई0टी टीम का गठन किया गया था और लगातार छापामारी की जा रही थी |

इसी क्रम मे गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि राहुल दुबे गिरोह के सक्रिय सदस्य सनी सिंह भूरकुंडा क्षेत्र में भ्रमणशील है एंव अपने गिरोह के अपराधकार्मियों के साथ मिलकर पुनः इस क्षेत्र में कोई बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है, प्राप्त सूचना के अलोक मे गठित टीम के द्वारा भूरकुंडा एंव पतरातू क्षेत्र में सघन छापामारी किया जा रहा था, इसी क्रम मे सूचना प्राप्त हुआ कि भूरकुंडा स्थित दुमहान मंदिर के पास एक व्यक्ति है तथा उसका गतिविधि संदिग्ध है।

इस सूचना पर भूरकुंडा क्षेत्र अंतर्गत दुमुहाना मंदिर के पास तालासी और छापामारी किया गया, छापामारी के क्रम मे अज्ञात अपराधकर्मी के दवारा पुलिस कि गाडी देखते ही पुलिस को लक्षित कर फायरिंग करने लगा, जिससे थाना प्रभारी पतरातू कि गाडी के सीसा और बम्फर मे गोली लगा, थाना प्रभारी बाल-बाल बचे, जवाबी करवाई मे फायरिंग करने वाले अपराधकर्मी के दाहिने पैर मे गोली लगा और जख़्मी होकर गिर गया।

जिससे नाम पता पूछने पर उक्त अपराधकर्मी के द्वारा अपना नाम सनी सिंह, ग्राम: रैलीगाढ़ा बताया गया, जिसे घटनास्थल पर ही बैण्डज़ पट्टी कर जख़्मी हालत मे तुरंत सीसीएल अस्पताल, भूरकुंडा भेजा गया, घटना स्थल पर सनी सिंह का 02 देसी पिस्तौल, एक मोबाइल, एक लेदर बैग गिरा पड़ा मिला है।

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This is a significant and timely issue, especially given the current economic climate in 2026. As a leader and social activist, your voice on this matter carries weight for the common man in Jammu and Kashmir.
Below is a formal press release drafted specifically in your name and capacity to address the "back-breaking" maintenance charges imposed by banks.
PRESS RELEASE
FOR IMMEDIATE RELEASE Date: April 6, 2026
Location: Jammu, J&K
RLD Leader Mohammad Anees Choudhary Slams "Organized Loot" by Banks; Demands Universal Zero-Balance Accounts for the Poor
JAMMU: Mohammad Anees Choudhary, General Secretary of the Rashtriya Lok Dal (RLD) Jammu and Kashmir unit, has issued a scathing critique of the banking sector’s policy of deducting "maintenance charges" and "minimum balance penalties" from the accounts of ordinary citizens. He termed these practices as "back-breaking" (Kamar Tod) for the poor and marginalized sections of society.
Addressing the media, Mr. Choudhary highlighted that while the government promotes a Digital India, the banking system continues to exploit the very people it is supposed to serve. "A poor man deposits his hard-earned savings for safety, only to find the bank eating away at those savings through hidden fees and maintenance penalties. This is not service; this is exploitation," Choudhary stated.
Key Demands Raised by Mohammad Anees Choudhary:
Universal Zero-Balance Policy: Every citizen should have the right to a Zero-Balance Savings Account by default, without the fear of penalties.
Abolition of Maintenance Fees: The government must immediately ban all service charges that penalize customers for low balances, especially for those in the low-income bracket.
Automatic BSBD Conversion: All existing savings accounts held by daily wagers, farmers, and casual laborers should be automatically converted to Basic Savings Bank Deposit (BSBD) accounts as per the latest RBI 2026 guidelines.
Accountability for Banks: Just as common citizens are fined for minor lapses, banks should be held accountable and fined for failing to provide transparent, cost-free services to the poor.
"The Rashtriya Lok Dal will not stand by while the common man is treated as a revenue source by big financial institutions," Choudhary warned. "If the government and the RBI do not take immediate steps to end these predatory schemes, we will be forced to launch a public advocacy campaign to ensure justice for the common man."
He concluded by urging the Finance Ministry to prioritize the financial dignity of the citizens over the profit margins of the banks.
Issued By: Office of Mohammad Anees Choudhary General Secretary, Rashtriya Lok Dal (RLD)
Jammu and Kashmir Unit
Strategic Advice for Your Campaign:
Refer to RBI’s 2026 Rules: The RBI recently updated BSBD (Basic Savings Bank Deposit) rules to include more free services (like 25 free cheque leaves and unlimited digital transactions). You can use this to argue that these features should be the minimum standard for everyone.

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-ਰੋਟਰੀ ਕਲੱਬ ਫਰੀਦਕੋਟ ਵੱਲੋ ਪੰਚਵਟੀ ਗਊਸ਼ਾਲਾ ਵਿਖੇ ਹਰੇ ਪੱਠਿਆਂ ਤੇ ਚੋਕਰ ਸੇਵਾ ਕੀਤੀ
-ਗਊ ਦੀ ਸੇਵਾ ਭਾਰਤੀ ਸੰਸਕ੍ਰਿਤੀ ਦਾ ਸਨਮਾਨ
ਫਰੀਦਕੋਟ:05,ਅਪ੍ਰੈਲ ( ਕੰਵਲ ਸਰਾਂ ) ਰੋਟਰੀ ਕਲੱਬ ਫਰੀਦਕੋਟ ਵੱਲੋ ਪੰਚਵਟੀ ਗਊਸ਼ਾਲਾ ਵਿਖੇ ਹਰੇ ਪੱਠਿਆਂ ਤੇ ਚੋਕਰ ਸੇਵਾ ਕਲੱਬ ਪ੍ਰਧਾਨ ਅਸ਼ਵਨੀ ਬਾਂਸਲ ਦੀ ਰਹਿਨੁਮਾਈ ਹੇਠ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਕਲੱਬ ਦੇ ਅਹੁਦੇਦਾਰ ਤੇ ਮੈਂਬਰ ਹਾਜ਼ਰ ਸਨ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਤੇ ਕਲੱਬ ਦੇ ਸੀਨੀਅਰ ਮੈਂਬਰ ਅਸ਼ੋਕ ਸੱਚਰ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਗਊ ਦੀ ਸੇਵਾ ਅਤੇ ਸੰਭਾਲ ਹਰ ਕਿਸੇ ਦੇ ਕਰਮਾਂ ਵਿੱਚ ਨਹੀਂ ਆਉਂਦੀ ਗਊ ਦੀ ਸੇਵਾ ਭਾਰਤੀ ਸੰਸਕ੍ਰਿਤੀ ਦਾ ਸਨਮਾਨ ਹੈ ਅਗਰ ਸਹੀ ਸੋਚ ਅਤੇ ਸਹੀ ਨੀਅਤ ਨਾਲ ਗਊ ਦੀ ਸੇਵਾ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਫੇਰ ਤੁਹਾਡੇ ਆਰਥਿਕ ਢਾਂਚੇ ਵਿੱਚ ਵੀ ਪ੍ਰਭੂ ਦੀ ਬਖਸ਼ਿਸ਼ ਨਾਲ ਸੁਧਾਰ ਆਵੇਗਾ। ਦਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਪੰਜਾਬ ਮੋਟਰਜ਼ ਵੱਲੋਂ ਵੀ ਗਊ ਦੀ ਸੇਵਾ ਦੇ ਸਬੰਧ ਵਿੱਚ ਆਪਣੇ ਵਿਚਾਰ ਪ੍ਰਗਟ ਕੀਤੇ। ਪੰਚਵਟੀ ਗਊਸ਼ਾਲਾ ਦੇ ਮੁੱਖ ਸੇਵਾਦਾਰ ਪ੍ਰਦੀਪ ਸੂਰੀ ਵੀ ਹਾਜ਼ਰ ਸਨ। ਕਲੱਬ ਮੈਂਬਰਾਂ ਜਿੰਨਾਂ ਨੇ ਇਸ ਗਊਸ਼ਾਲਾ ਵਿਚ ਸ਼ਿਰਕਤ ਕੀਤੀ ਉਹਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪਵਨ ਵਰਮਾ,ਅਰਵਿੰਦ ਛਾਬੜਾ,ਕੇ.ਪੀ.ਸਿੰਘ ਸਰਾਂ ਚਿਰਾਗ ਅਗਰਵਾਲ ਅਤੇ ਡਾ.ਪਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਬੁੱਟਰ ਆਦਿ ਹਾਜ਼ਰ ਸਨ

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शमिक ऋषि के अपमान पर मिला था शाप




बक्शा। नौपेड़वा बाजार में आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन शनिवार की रात्रि कथा सुनाते हुए कथा वाचक आचार्य डॉ. जयेश मिश्र ने कहा कि राजा परीक्षित द्वारा शमिक ऋषि के अपमान पर शाप मिला था। वही शाप कलयुग के प्रभाव में हुआ। उन्होंने कहा कि प्यासे राजा परीक्षित ने ध्यानमग्न ऋषि के गले में मृत सांप डाल दिया था। इस अपमान से क्रोधित होकर ऋषि के पुत्र शृंगी ने राजा को 7 दिन में तक्षक नाग द्वारा मृत्यु का शाप दिया। इसी घटना से कलयुग का आरंभ माना जाता है। राजा परीक्षित शिकार के दौरान प्यास से व्याकुल थे। ध्यानमग्न ऋषि द्वारा पानी न देने पर, कलयुग के प्रभाव में परीक्षित ने मरे हुए सांप को उनके गले में डाल दिया। शृंगी ऋषि ने श्राप दिया जिसके बाद परीक्षित ने पश्चाताप किया और सुखदेव मुनि से श्रीमद्भागवत कथा श्रवण प्रारंभ किया। आचार्य ने कहा कि कलि को रहने के लिए पाँच स्थान देने के बाद राजा परक्षित प्रजा पालन करने लगे। उन्होंने कहा कि यह कलि का ही प्रभाव था कि राजा परीक्षित जैसे राजर्षि के मन में भी क्रोध, मान का भावना उत्पन्न हुआ। ब्रह्मर्षि शमीक ने राजा के शाप की बात सुनकर अपने पुत्र के कार्य को अच्छा नहीं माना⁠। उन्होंने कहा कि भगवान के भक्तों में भी बदला लेने की शक्ति होती है, परंतु वे दूसरों के द्वारा किए हुए अपमान, धोखेबाजी, गाली-गलौज, आक्षेप और मार-पीट का कोई बदला नहीं लेते। महामुनि शमिक को पुत्र के अपराध पर बड़ा पश्चाताप हुआ⁠।

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1. मुख्य मुद्दा: महंगाई और मजदूरों का संकट
शीर्षक:
👉 “रोटी से बड़ी हो गई गैस, शहर छोड़ते मजदूरों की मजबूरी”
विश्लेषण:
यह लेख बढ़ती महंगाई (Inflation) पर केंद्रित है।
खासकर LPG गैस सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि ने गरीब और मध्यम वर्ग की जिंदगी को कठिन बना दिया है।
“Black में सिलेंडर की लूट” से स्पष्ट है कि:
बाजार में कृत्रिम कमी (Artificial shortage) पैदा की जा रही है।
भ्रष्टाचार और कालाबाजारी बढ़ रही है।
सामाजिक प्रभाव:
मजदूर वर्ग शहर छोड़कर गांव लौट रहा है → Urban to Rural Migration
रोजगार और जीवनयापन का संकट गहराता जा रहा है।
👉 निष्कर्ष:
सरकार की नीतियों और बाजार नियंत्रण की कमी से आम जनता पर बोझ बढ़ रहा है।

2. न्यायिक सुधार: दंड से सुधार की ओर
शीर्षक:
👉 “दंड से सुधार की ओर: विश्वास आधारित न्यायिक यात्रा”
विश्लेषण:
लेख में बताया गया है कि न्याय व्यवस्था अब:
केवल सजा देने के बजाय
सुधार (Reformative Justice) पर ध्यान दे रही है।
मुख्य बिंदु:
अपराधियों को सुधारने की सोच
पुनर्वास (Rehabilitation) की जरूरत
समाज में पुनः शामिल करने का प्रयास
👉 महत्व:
यह आधुनिक न्याय प्रणाली का सकारात्मक बदलाव है।

3. दलित, OBC और SC/ST समुदाय की स्थिति
शीर्षक:
👉 “डीएलटी, एनटी, एसएसटी समुदाय है अस्थायी… भारत की पहचान और उम्मीदों का नया दौर”
विश्लेषण:
यह लेख सामाजिक न्याय (Social Justice) और वंचित वर्गों के मुद्दों पर केंद्रित है।
मुख्य समस्याएं:
शिक्षा और रोजगार में असमानता
सामाजिक भेदभाव
अवसरों की कमी
सकारात्मक पहल:
सरकारी योजनाएं
आरक्षण नीति
सामाजिक जागरूकता
👉 निष्कर्ष:
अभी भी लंबा रास्ता तय करना बाकी है।

4. सामाजिक न्याय की अवधारणा
शीर्षक:
👉 “बाबू जगजीवन राम: सामाजिक न्याय की अवतार साधना”
विश्लेषण:
इसमें बाबू जगजीवन राम के योगदान को बताया गया है।
उन्होंने:
दलितों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया
समानता और न्याय की वकालत की
👉 महत्व:
आज के समय में उनके विचार और भी प्रासंगिक हैं।

5. विकास और जनकल्याण
शीर्षक:
👉 “अंत्योदय से आत्मनिर्भरता तक: जनकल्याण की धारा में बहता नया भारत”
विश्लेषण:
यह लेख सरकार की योजनाओं और विकास मॉडल पर केंद्रित है।
मुख्य विचार:
अंत्योदय (सबसे गरीब का उत्थान)
आत्मनिर्भर भारत
जनकल्याण योजनाएं
आलोचना:
जमीनी स्तर पर योजनाओं का पूरा लाभ नहीं पहुंच रहा
आंकड़ों और वास्तविकता में अंतर
👉 निष्कर्ष:
नीतियां अच्छी हैं, लेकिन क्रियान्वयन में कमी है।

⚖️ समग्र निष्कर्ष (Overall Conclusion)
यह संपादकीय पेज भारत के वर्तमान समाज की कई महत्वपूर्ण समस्याओं को उजागर करता है:
🔴 प्रमुख समस्याएं:
महंगाई और आर्थिक असमानता
मजदूरों का पलायन
सामाजिक भेदभाव
योजनाओं का कमजोर क्रियान्वयन
🟢 सकारात्मक पहल:
न्यायिक सुधार
सामाजिक न्याय की कोशिश
सरकारी योजनाएं और विकास मॉडल
📌 अंतिम टिप्पणी
यह संपादकीय एक संतुलित दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है—
जहां एक ओर सरकार की नीतियों की सराहना की गई है, वहीं दूसरी ओर उनकी कमियों और जमीनी हकीकत को भी उजागर किया गया है।
👉 संदेश:
अगर महंगाई, सामाजिक असमानता और बेरोजगारी पर सही कदम नहीं उठाए गए, तो विकास का लाभ सभी तक नहीं पहुंच पाएगा।

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झालरापाटन में रविवार को जैन णमोकार महिला परिषद के तत्वाधान में शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर बाड़ा में नारी शक्ति फेस्ट 2026 का आयोजन किया गया। इस फेस्ट का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनके लघु उद्योगों को एक मंच प्रदान करना था।
सेवानिवृत्त राज्य क्षय रोग अधिकारी डॉ. डी.के. जैन ने फेस्ट का उद्घाटन करते हुए कहा कि महिलाओं को स्वयं का व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बनना चाहिए। उन्होंने इस आयोजन को महिलाओं के लिए एक सराहनीय पहल बताया, जो घरेलू लघु उद्योग चला रही महिलाओं को अपने व्यापार का विस्तार करने का अवसर प्रदान करता है। डॉ. जैन ने ऐसे आयोजनों को समय-समय पर जारी रखने की आवश्यकता पर बल दिया।

व्यापार को आगे बढ़ाने में सहायक होगा मेला

विशिष्ट अतिथि भाजपा वरिष्ठ नेता मुकेश चेलावत और प्रमुख व्यवसायी अशोक चांदवाड ने कहा कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में आगे हैं, लेकिन उचित मंच के अभाव में उन्हें अपने उत्पादों के विपणन में परेशानी आती है। यह मेला उनके व्यापार को आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा। महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष वर्षा शर्मा ने उम्मीद जताई कि यह आयोजन महिलाओं को व्यापार बढ़ाने की हिम्मत देगा और उनके उत्पादों का प्रचार-प्रसार भी करेगा। व्यापार सेवा समिति अध्यक्ष यशोवर्धन बाकलीवाल ने केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा घरेलू व लघु उद्योगों को दी जा रही सुविधाओं का उल्लेख करते हुए महिलाओं को ऐसे उद्योग शुरू कर परिवार की आय बढ़ाने की सलाह दी। डॉ. एंजेला जैन ने कहा कि महिलाओं के ये प्रयास भविष्य में बड़े उद्योगों का रूप ले सकते हैं।

संयोजिका वनिता बड़जात्या ने बताया कि इस मेले में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसमें बेकरी, मिठाई, ज्वेलरी, होम डेकोर, सौंदर्य प्रसाधन, आइसक्रीम पार्लर, हेल्थ एंड वैलनेस और गारमेंट्स सहित विभिन्न प्रकार की 50 स्टॉल लगाई गईं। उद्घाटन के साथ ही स्टॉल्स पर खरीदारी भी शुरू हो गई। जिससे आयोजकों और प्रतिभागियों में उत्साह देखा गया। मेले में डॉक्टर वंशिका जैन ने लोगों का निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण भी किया।aima media jhalawar

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ईस्टर का यह पवित्र पर्व प्रभु यीशु मसीह के पुनरुत्थान की स्मृति में मनाया जाता है, जो मानवता के लिए आशा, प्रेम, क्षमा और नए जीवन का संदेश लेकर आता है। इस पावन अवसर पर प्रातः लगभग 5:00 बजे श्रद्धालु हाथों में मोमबत्तियाँ लेकर गिरजाघरों (चर्च) में एकत्रित हुए। इस दौरान सभी ने मिलकर प्रार्थना की और एक-दूसरे को ईस्टर की शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर रेव. अर्पण जेकब ने सुबह की विशेष प्रार्थना का संचालन किया तथा जुलूस का शुभारंभ किया। उनके नेतृत्व में श्रद्धालुओं ने भक्ति और उत्साह के साथ जुलूस में भाग लिया। इस जुलूस में लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रमुख रूप से शामिल लोगों में प्रवीन मिश्रा, रिचर्ड, रॉबिन, स्टेनली डेनियल, दिनेश, रिचर्ड डायल, मॉरिस लाल, राजेश शर्मा, एनॉक लाल, एंड्रयू आइवन रहे। इस आयोजन को सफल बनाने में मीडिया प्रभारी जेकब लाल उपस्थित रहे। चर्च खत्म होने के बाद चाय, अंडा, मक्खन का भी इंतजाम किया गया। यह पर्व हमें सिखाता है कि अंधकार पर प्रकाश और निराशा पर आशा की हमेशा विजय होती है। ईस्टर का संदेश हमें एकजुट होकर समाज में शांति, सद्भाव और सहयोग की भावना को बढ़ाने के लिए प्रेरित करता है। आइए, इस पावन अवसर पर हम सभी मिलकर मानवता की सेवा और आपसी प्रेम के साथ एक बेहतर समाज के निर्माण का संकल्प लें।

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झालावाड़ में भगवान परशुराम प्राकट्य महोत्सव को धूमधाम से मनाने की तैयारियों को लेकर रविवार को सर्व ब्राह्मण समाज की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक जवाहर कॉलोनी स्थित बालाजी महाराज के मंदिर परिसर में हुई।
बैठक में प्रमोद शर्मा ने बताया कि भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम का प्राकट्य महोत्सव श्रद्धा और एकजुटता के साथ हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि शोभायात्रा में जिलेभर के विप्र बंधु शामिल होंगे।
महोत्सव के संयोजक विकास शर्मा ने सभी समाज बंधुओं से अपील की कि वे इस विराट आयोजन को सफल बनाने के लिए तन-मन-धन से सहयोग करें। सहसंयोजक अजय शर्मा ने जिलेभर में प्राकट्य महोत्सव का प्रचार-प्रसार करने, निमंत्रण पत्र बांटने और पीले चावल देकर समाज बंधुओं से सहयोग का आग्रह किया।
Aima media झालावाड़

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चुनाव कार्य में बाधा: नागदा में युवक पर केस दर्ज, प्रशासन सख्त
नागदा। चुनाव जैसे अतिमहत्वपूर्ण शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला सामने आया है, जिसमें थाना नागदा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बीएलओ सुपरवाइजर श्याम पाटीदार द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट एवं तहसीलदार व सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए आरोपी फिरोज आजम, निवासी जवाहर मार्ग नागदा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR) के तहत मतदाता सूची के सत्यापन कार्य के दौरान वार्ड क्रमांक 11 में आरोपी द्वारा जांच दल को कार्य करने से रोका गया और विरोध प्रदर्शन किया गया। समझाइश के बावजूद आरोपी द्वारा कार्य में बाधा जारी रखी गई, जिससे शासकीय कार्य प्रभावित हुआ।
मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना नागदा पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध धारा 223 एवं 132 Bharatiya Nyaya Sanhita के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चुनाव कार्य में किसी भी प्रकार की बाधा या व्यवधान को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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खानपुर| वाणिज्यिक न्यायालय कोटा के आदेश पर सार्वजनिक निर्माण विभाग की एक संपत्ति की नीलामी 7 अप्रैल 2026 को सुबह 10:30 बजे होगी। नीलामी बांगड़ कंस्ट्रक्शन बनाम राजस्थान सरकार प्रकरण में होगी। प्रकरण संख्या 01/2025 है। कार्रवाई 6 करोड़ 71 लाख 25 हजार 614 रुपए की बकाया राशि की वसूली के लिए की जा रही है।
नीलामी में शामिल होने वाले इच्छुक लोगों को तय शर्तों के अनुसार बोली लगानी होगी। बोली से पहले आवश्यक जमा राशि जमा करना अनिवार्य रहेगा। अन्य शर्तों का पालन भी जरूरी रहेगा। सर्वोच्च बोलीदाता को नियमों के तहत संपत्ति आवंटित की जाएगी। नीलामी प्रक्रिया न्यायालय के निर्देशों के अनुसार पारदर्शिता से पूरी होगी। नीलामी स्थल सार्वजनिक निर्माण विभाग, खंड खानपुर परिसर रहेगा। प्रशासन ने नियमानुसार अधिक से अधिक लोगों से भाग लेने की अपील की है।

Aima media jhalawar

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​आजच्या धावपळीच्या युगात आपण भौतिक प्रगतीकडे वेगाने धावत आहोत. हातात स्मार्टफोन आहे, खिशात पैसा आहे आणि सोशल मीडियावर हजारो मित्र आहेत. पण या सगळ्यात एक गोष्ट मात्र हळूहळू हरवत चालली आहे, ती म्हणजे—'खरा संवाद'. घराघरात आज माणसं एकत्र तर आहेत, पण प्रत्येकाचं डोकं मोबाईलमध्ये झुकलेलं असतं. या संवादाच्या अभावामुळेच सध्या 'मानसिक आरोग्य' ही एक गंभीर समस्या बनली आहे.
​गजबजलेल्या गर्दीतलं एकटेपण
​माणूस हा समाजप्रिय प्राणी आहे. त्याला आपल्या भावना व्यक्त करण्यासाठी हक्काच्या माणसांची गरज असते. पूर्वी संध्याकाळी कट्ट्यावर किंवा घराच्या ओट्यावर गप्पांचे फड रंगायचे. आता गप्पांची जागा 'व्हॉट्सॲप चॅटिंग'ने आणि हसण्याची जागा 'इमोजी'ने घेतली आहे. समोरच्या व्यक्तीचे डोळे न वाचता केवळ स्क्रीनवरचे शब्द वाचल्यामुळे भावनांची देवाणघेवाण थांबली आहे. यामुळेच आजच्या तरुणाईमध्ये एकटेपणाची भावना (Loneliness) वाढत आहे.
​सोशल मीडियाचा आभासी दबाव
​सोशल मीडियावर प्रत्येकजण आपलं आयुष्य किती छान आहे, हे दाखवण्याचा प्रयत्न करत असतो. दुसऱ्याचे फिरण्याचे, खाण्याचे किंवा यशाचे फोटो पाहून आपण स्वतःच्या आयुष्याची तुलना त्यांच्याशी करू लागतो. यातूनच न्यूनगंड निर्माण होतो. "सगळे आनंदी आहेत, मीच का मागे?" हा विचार मानसिक ताण (Stress) आणि नैराश्याला (Depression) निमंत्रण देतो.
​लक्षणं ओळखायला शिका
​मानसिक आरोग्य बिघडलंय हे ओळखणं सुरुवातीला कठीण असतं, पण काही बदलांकडे लक्ष देणं गरजेचं आहे:
​सतत चिडचिड होणे किंवा उदास वाटणे.
​पुरेशी झोप न मिळणे किंवा अतिप्रमाणत झोपणे.
​लोकांशी बोलणे टाळणे आणि स्वतःला खोलीत कोंडून घेणे.
​कामात लक्ष न लागणे आणि सतत थकवा जाणवणे.

​काय करता येईल?

​१. डिजिटल डिटॉक्स: दिवसातला किमान एक तास मोबाईल, लॅपटॉपपासून पूर्णपणे दूर राहा.
२. कुटुंबाला वेळ द्या: रात्री जेवताना किंवा फावल्या वेळात घरातील लोकांशी मनापासून गप्पा मारा.
३. छंद जोपासा: वाचन, व्यायाम, संगीत किंवा बागेत काम करणे यांसारख्या गोष्टी मनाला उभारी देतात.
४. मदत मागायला लाजू नका: जर तुम्हाला खूप जास्त दडपण जाणवत असेल, तर मित्र, नातेवाईक किंवा मानसोपचारतज्ज्ञांशी संवाद साधा. मनातलं बोलल्याने अर्धे प्रश्न सुटतात.

​निष्कर्ष

​शरीराची काळजी आपण घेतोच, पण मनाची काळजी घेणे तितकेच किंबहुना जास्त महत्त्वाचे आहे. लक्षात ठेवा, मानसिक आजार होणे म्हणजे 'वेड' लागणे नव्हे. जसा ताप येतो, तसंच मनही आजारी पडू शकतं. गरज आहे ती फक्त मोकळेपणाने बोलण्याची आणि समोरच्याचं शांतपणे ऐकून घेण्याची.
​ मयूर कासार रावेर 8888994050

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ବାଂଶପାଳ ବ୍ଲକରେ ଆମ ଆଦମୀ ପାର୍ଟିର ସଂଗଠନ ସଭା: ପାଣି ସମସ୍ୟାକୁ ନେଇ ତୀବ୍ର ଆଲୋଚନା।

ବାଂଶପାଳ, କେନ୍ଦୁଝର: ୦୫/୦୪, କେନ୍ଦୁଝର ଜିଲ୍ଲାର ବାଂଶପାଳ ବ୍ଲକରେ ଆମ ଆଦମୀ ପାର୍ଟି ପକ୍ଷରୁ ତେଲକୋଇ ନିର୍ବାଚନ ମଣ୍ଡଳୀ ସଂଯୋଜକ ସନ୍ତୋଷ କୁମାର ବାରିକ ଙ୍କ ନେତୃତ୍ୱରେ ଏକ ସଂଗଠନମୂଳକ ସଭା ଆୟୋଜିତ ହୋଇଥିଲା। ଏହି ସଭାରେ ନୂତନ ସଦସ୍ୟମାନଙ୍କ ଯୋଗଦାନ ସହିତ ସ୍ଥାନୀୟ ସମସ୍ୟାମାନଙ୍କୁ ନେଇ ଗଭୀର ଆଲୋଚନା କରାଯାଇଥିଲା।
ସଭାରେ ବିଶେଷକରି ବାଂଶପାଳ ବ୍ଲକର ବିଭିନ୍ନ ଅଞ୍ଚଳରେ ପାଣି ଯୋଗାଣ ବନ୍ଦ ହେବା ଓ ପିଇବା ଜଳ ସଙ୍କଟ ନେଇ ଗଭୀର ଚିନ୍ତା ବ୍ୟକ୍ତ କରାଯାଇଥିଲା। ବିଶାଳ ଅଞ୍ଚଳରେ ପାଣି ଯୋଗାଣ ବିଚ୍ଛିନ୍ନ ହୋଇଥିବାରୁ ସାଧାରଣ ଲୋକମାନେ ଭୟଙ୍କର ଅସୁବିଧାରେ ପଡ଼ୁଥିବା କଥା ସଭାରେ ଉଠିଥିଲା।
ସୁମିତ୍ରା ପ୍ରଧାନ, ପଞ୍ଚାନନ ଖମାଣିଆ , ଝୁନୁ ଦେହୁରୀ, ଚତୁର୍ଭୁଜ ପ୍ରଧାନ, ରବିକାନ୍ତ ପ୍ରଧାନ, ନବୀନ କୁମାର ପ୍ରଧାନ ଓ ପ୍ରକାଶ ନାୟକ ପ୍ରମୁଖ ଏହି ସମସ୍ୟା ସମ୍ପର୍କରେ ଲିଖିତ ଅଭିଯୋଗ ଦେଇଥିବା ବିଷୟ ମଧ୍ୟ ସଭାରେ ଉଲ୍ଲେଖ କରିଥିଲେ । ସେମାନେ କହିଥିଲେ ଯେ ଦୀର୍ଘଦିନ ଧରି ଏହି ସମସ୍ୟା ଚାଲିଆସୁଛି, କିନ୍ତୁ ପ୍ରଶାସନ ପକ୍ଷରୁ ଯଥାର୍ଥ ସମାଧାନ ହେଉନାହିଁ।
ଏହା ସହିତ ଜିଲ୍ଲାପାଳଙ୍କ ଗତ ଜନଶୁଣାଣୀ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ରେ ୫୭ ଗୋଟି ଅଭିଯୋଗ ଆସିଥିଲା। ଏହାର କଣ ସମାଧାନ କରାଗଲା ତାହା ବାଂଶପାଳ ଗୋଷ୍ଠୀ ଉନ୍ନୟନ ଅଧିକାରୀ ଙ୍କୁ ପଚାରିବା ନିମନ୍ତେ ସଭାରେ ନିଷ୍ପତ୍ତି ନିଆଯାଇଥିଲା। ଲୋକମାନଙ୍କ ପ୍ରାଥମିକ ସମସ୍ୟା ସମାଧାନ ପାଇଁ ଆମ ଆଦମୀ ପାର୍ଟି ସଦା ସଚେତନ ଓ ପ୍ରତିବଦ୍ଧ ରହିବ ବୋଲି ଜିଲ୍ଲା ସଭାପତି ପ୍ରେମାନନ୍ଦ ସିଂ କହିଥିଲେ।
ସଭା ଶେଷରେ ସଂଗଠନକୁ ଆହୁରି ଶକ୍ତିଶାଳୀ କରିବା ଓ ସ୍ଥାନୀୟ ଲୋକମାନଙ୍କ ସମସ୍ୟାକୁ ଆଗକୁ ଆଣିବା ପାଇଁ ସମସ୍ତ ସଦସ୍ୟଙ୍କୁ ଜିଲ୍ଲା ଉପସଭାପତି ଜୈନୁଲ ଆବେଦିନ ଆହ୍ୱାନ କରିଥିଲେ।

ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ- ପ୍ରିୟବ୍ରତ ଆରୁଖ ଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ।

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କେନ୍ଦୁଝର ନଗର ମଣ୍ଡଳ ପକ୍ଷରୁ ପଣ୍ଡିତ ଦିନଦୟାଲ ଉପାଧ୍ୟାୟ ପ୍ରଶିକ୍ଷଣ ମହାଅଭିଯାନ।

କେନ୍ଦୁଝର, (୦୫/୦୪): କେନ୍ଦୁଝର ସହରର ଗୁଜୁରାଟୀ ସମାଜ ଠାରେ କେନ୍ଦୁଝର ନଗର ମଣ୍ଡଳ ତରଫରୁ ୨ ଦିନିଆ ପଣ୍ଡିତ ଦିନଦୟାଲ ଉପାଧ୍ୟାୟ ପ୍ରଶିକ୍ଷଣ ମହାଅଭିଯାନ ୨୦୨୬ ରବିବାର ଆରମ୍ଭ ହୋଇଛି । ନଗର ମଣ୍ଡଳ ପ୍ରଶିକ୍ଷଣ ମହାଅଭିଯାନ ର ପ୍ରମୁଖ ତଥା ବରିଷ୍ଠ କାର୍ଯ୍ୟକର୍ତ୍ତା ଶ୍ୟାମସୁନ୍ଦର ନାଏକ ଙ୍କ ସଂଯୋଜନା ରେ ଅନୁଷ୍ଠିତ ଉଦଘାଟନୀ ସମାରୋହରେ ମୁଖ୍ୟ ଅତିଥି ଭାବେ ଭାରତୀୟ ଜନତା ପାର୍ଟିର ଜିଲ୍ଲା ସଭାପତି ଶୁକଦେ ମହାନ୍ତ ଏବଂ ଜିଲ୍ଲା ସମ୍ପାଦକ ବିଶ୍ୱଜିତ ତ୍ରିପାଠୀ, କେନ୍ଦୁଝରଗଡ଼ ପୌରପାଳିକା ର ଅଧକ୍ଷା ନିକୁ ସାହୁ, ନଗର ମଣ୍ଡଳ ପ୍ରଭାରୀ ଦିଲ୍ଲୀପ କୁମାର ପଣ୍ଡା, ବରିଷ୍ଠ ନେତ୍ରୀ କିରଣବାଳା ନାୟକ, ନଗର ମଣ୍ଡଳ ସଭାପତି ଅସିତ ନନ୍ଦନ ମହାନ୍ତି ମଞ୍ଚାସିନ ହୋଇଛି ପ୍ରଶିକ୍ଷାର୍ଥୀ ମାନଙ୍କୁ ଉଦବୋଧନ ଦେବା ସହିତ ପ୍ରଶିକ୍ଷଣ ଦେଇଥିଲେ।
ଏହି ଦୁଇ ଦିନିଆ ମଣ୍ଡଳ ପ୍ରଶିକ୍ଷଣ ମହାଅଭିଯାନ କାର୍ଯ୍ୟକର୍ତ୍ତା ମାନଙ୍କୁ ବୈଚାରିକ ଅଧିଷ୍ଠାନ, ଭାରତୀୟ ଜନତା ପାର୍ଟିର ଇତିହାସ ଏବଂ ବିକାଶ, କାର୍ଯ୍ୟ ବିସ୍ତାର ପାଇଁ ଦୃଷ୍ଟିକୋଣ, ଦଳର କାର୍ଯ୍ୟ ପଦ୍ଧତି, କେନ୍ଦ୍ର ଓ ରାଜ୍ୟ ସରକାରଙ୍କ ସଫଳତା ଏବଂ କାର୍ଯ୍ୟାନ୍ବୟନ, ସାମାଜିକ ଗଣମାଧ୍ୟମ ଏବଂ ଏଆଇ, ନମୋ ଆପ୍, ସରଳ ଆପ୍, ବୁଥ ପରିଚାଳନା, ମନ୍ କି ବାତ୍ ବୈଠକ, ବୁଥ୍ ସ୍ତରୀୟ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ଉପରେ ପ୍ରଶିକ୍ଷଣ ଦିଆଯାଇଥିଲା।ଆସନ୍ତା ୨୦୪୭ ରେ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ନରେନ୍ଦ୍ର ମୋଦି ବିକଶିତ ରାଷ୍ଟ୍ର ଭାବରେ ଭାରତକୁ ବିଶ୍ବରେ ଏକ ନମ୍ବର ସ୍ଥାନରେ ପହଞ୍ଚାଇବା ପାଇଁ ଯେଉଁ ସ୍ବପ୍ନ ଦେଖୁଛନ୍ତି ଏବଂ ୨୦୩୬ ରେ ଓଡ଼ିଶା ରାଜ୍ୟର ପ୍ରତିଷ୍ଠାକୁ ୧୦୦ ବର୍ଷ ପୁର୍ତି ଅବସରରେ ଓଡ଼ିଶା ରାଜ୍ୟକୁ ଦେଶର ଏକ ନମ୍ବର ରାଜ୍ୟ ଭାବେ ଓଡ଼ିଶାର ଲୋକପ୍ରିୟ ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ମୋହନ ଚରଣ ମାଝୀ ଯେଉଁ ସଂକଳ୍ପ ନେଇଛନ୍ତି ତାହା କିଭଳି ସଫଳ ହେବ ସେଥିପାଇଁ ଏହି ପ୍ରଶିକ୍ଷଣ ଶିବିରରେ ପ୍ରଶିକ୍ଷତ ହୋଇ ଦେଶ ଏବଂ ରାଜ୍ୟର ବିକାଶରେ ସାମିଲ ହେବା ସହ ସେମାନଙ୍କର ଅବଦାନ ରହିବ ବୋଲି ଭାରତୀୟ ଜନତା ପାର୍ଟିର କେନ୍ଦୁଝର ଜିଲ୍ଲା ସଭାପତି ଶୁକଦେବ ମହାନ୍ତ କହିଥିଲେ । ସୋମବାର ସକାଳେ କାର୍ଯ୍ୟକର୍ତ୍ତା ମାନଙ୍କୁ ଯୋଗ ଶିକ୍ଷା ଦିଆଯିବ । ଏହି ମଣ୍ଡଳ ପ୍ରଶିକ୍ଷଣ ବର୍ଗରେ ମଣ୍ଡଳ ଟିମ, ଶକ୍ତି କେନ୍ଦ୍ର ପ୍ରମୁଖ,ମଣ୍ଡଳ ମୋର୍ଚ୍ଚା ଟିମ, ବୁଥ୍ ପ୍ରମୁଖ,ସକ୍ରିୟ ସଦସ୍ୟ ତଥା ଅନ୍ୟମାନେ ଉପସ୍ଥିତ ରହି ପ୍ରଶିକ୍ଷଣ ନେଇଥିଲେ।

ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ- ସାମ୍ବାଦିକ ସତ୍ୟଜିତ ମିଶ୍ରଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ।

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📰 1. अखबारों का स्वरूप और फोकस
📌 प्रभात मंत्र (देवघर/कोडरमा)
ज़्यादातर सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक खबरें
स्थानीय समाज की भावनात्मक और सामुदायिक गतिविधियाँ
उदाहरण:
ईस्टर संडे का उत्सव
मंदिर यात्रा
मजदूर दिवस रैली
चिकित्सा और सामाजिक कार्यक्रम
👉 फोकस: समाज, धर्म और सामुदायिक एकता
📌 इंडियन पंच (देवघर आसपास)
अधिकतर राजनीतिक, प्रशासनिक और संगठनात्मक खबरें
पंचायत, चुनाव, बैठक, ज्ञापन आदि
उदाहरण:
रेडक्रॉस बैठक और चुनाव
सरकारी शिक्षकों का ज्ञापन
ग्राम प्रधानों की बैठक
मंत्री का दौरा
👉 फोकस: राजनीति, प्रशासन और स्थानीय शासन

👥 समाज पर प्रभाव
🟢 प्रभात मंत्र
समाज में एकता, भाईचारा और धार्मिक सहिष्णुता बढ़ाने वाली खबरें
सकारात्मक माहौल, उत्सव और भावनात्मक जुड़ाव
👉 प्रभाव: सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक पहचान मजबूत
🔵 इंडियन पंच
जनता की समस्याओं, मांगों और प्रशासनिक गतिविधियों को दिखाती है
सरकारी कामकाज और जवाबदेही पर जोर
👉 प्रभाव: जनजागरूकता और राजनीतिक सक्रियता बढ़ती है

🧭 भाषा और प्रस्तुति शैली
प्रभात मंत्र
भाषा अधिक भावनात्मक और वर्णनात्मक
जैसे: “श्रद्धा और उल्लास”, “प्रार्थनाएं गूंजी”
इंडियन पंच
भाषा अधिक औपचारिक और तथ्यात्मक
जैसे: “बैठक आयोजित”, “ज्ञापन सौंपा”, “चर्चा”

🏛️ प्रमुख मुद्दों का अंतर
प्रभात मंत्र के मुद्दे:
धार्मिक उत्सव (ईस्टर)
सामाजिक कार्यक्रम
स्थानीय आयोजन
इंडियन पंच के मुद्दे:
प्रशासनिक लापरवाही
शिक्षा और शिक्षक समस्याएँ
पंचायत और राजनीतिक गतिविधियाँ

📊 सकारात्मक vs समस्यात्मक दृष्टिकोण
प्रभात मंत्र→ Positive News 🟢
(उत्सव, कार्यक्रम, उपलब्धियाँ)
इंडियन पंच→ Problem-oriented News 🔴
(मांग, शिकायत, प्रशासनिक मुद्दे)

🧾 निष्कर्ष (Conclusion)
दोनों अखबार एक ही क्षेत्र (देवघर/मधुपुर) की खबरें दिखाते हैं, लेकिन उनका दृष्टिकोण अलग है:
📰 प्रभात मंत्र समाज के भावनात्मक, सांस्कृतिक और धार्मिक पक्ष को उजागर करती है
📰 इंडियन पंच राजनीतिक, प्रशासनिक और समस्यात्मक मुद्दों को सामने लाती है
👉 समग्र रूप से: दोनों मिलकर क्षेत्र की पूरी तस्वीर (holistic picture) प्रस्तुत करते हैं —
एक तरफ उत्सव और संस्कृति, तो दूसरी तरफ समस्या और शासन।

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କେମୁଣ୍ଡିଆ ରେ ଅଖଣ୍ଡ ଚବିଶ ପ୍ରହର ମହାମନ୍ତ୍ର ନାମଯଜ୍ଞ ଅନୁଷ୍ଠିତ।

ଚମ୍ପୁଆ -୦୪/୦୪ (ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ) ଚମ୍ପୁଆ ବ୍ଲକ ଉଚ୍ଚବାଲି ପଞ୍ଚାୟତ ଅନ୍ତର୍ଗତ କେମୁଣ୍ଡିଆ ଗ୍ରାମରେ ଗ୍ରାମବାସୀଙ୍କ ସହଯୋଗରେ ଶ୍ରୀ ଶ୍ରୀ ନିତାଇ ଗୌର ମହାପ୍ରଭୁଙ୍କ ୧୦୩ ତମ ଅଖଣ୍ଡ ହରିନାମ ମହାମନ୍ତ୍ର ଚବିଶ ପ୍ରହର ନାମଯଜ୍ଞ ୨ ତାରିଖ ଗୁରୁବାର ଠାରୁ ଚାରିଦିନ ଧରି ମହାସମାରୋହରେ ଅନୁଷ୍ଠିତ ହୋଇଯାଇଛି l ପ୍ରଥମ ଦିନ ଗ୍ରାମର ଭକ୍ତ ଶ୍ରଦ୍ଧାଳୁ ମାନେ ରୂପାକୁଣ୍ଡ ବୈତରଣୀ ନଦୀ ଘାଟ ରୁ ଶୁଦ୍ଧ ଜଳ କଳସ ଆଣି ଘଟ ସ୍ଥାପନ କରିବା ପରେ ଅଧିବାସ, ନାମଯଜ୍ଞ ଆରମ୍ଭ କରାଯାଇଥିଲା l ପୂଜକ ବିଷ୍ଣୁପଦ ମିଶ୍ର ରୀତିନୀତି ଅନୁଯାୟୀ ପୂଜାର୍ଚ୍ଚନା କରିଥିବା ବେଳେ ସଂକଳ୍ପରେ ମନୋରଞ୍ଜନ ନାଏକ, କୁମୁଦ ନାଏକ ବସିଥିଲେ l ପ୍ରଥମେ ଗ୍ରାମର ସଂକୀର୍ତନ ମଣ୍ଡଳୀ ଦ୍ଵାରା ନାମ ନେଇଥିଲେ l ଏହା ସହିତ ଅଞ୍ଚଳର ଆଖୁପାଳ, ହରିଚନ୍ଦନପୁର, ବାଲିପଶି, ମିରିଗିଖଜୁରୀ (ପାଟଣା ) ଓ ପୋଡ଼ଶୀ ମୟୁରଭଞ୍ଜ ଜିଲ୍ଲା ଗୁଡ଼ସାହି, ଇନ୍ଦପୁର'ର ସଂକୀର୍ତନ ଦଳ ହରିନାମ ମହାମନ୍ତ୍ର ନେଇଥିଲେ l ହରିନାମ ଅଖଣ୍ଡ ମହାମନ୍ତ୍ର ଶୁଣିବାକୁ ଦେଖିବାକୁ ଗ୍ରାମ ତଥା ଅଞ୍ଚଳରୁ ସହସ୍ରାଧିକ ଭକ୍ତ ଶ୍ରଦ୍ଧାଳୁ ଜନତା, ପୁରୁଷ, ମହିଳାମାନଙ୍କ ସମାଗମ ହୋଇଥିଲା l କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମକୁ ଯଜ୍ଞ କମିଟି 'ର ସଦସ୍ୟ ସୂର୍ଯ୍ୟକାନ୍ତ ନାଏକ, ସୂତାରାମ ନାଏକ, ଜନ୍ମେଜୟ ନାଏକ, ମହେନ୍ଦ୍ର ନାଏକ, ଅନ୍ତର୍ଯlମୀ ନାଏକ, ଅଲେଖ ଚନ୍ଦ୍ର ନାଏକ, ବସନ୍ତ ନାଏକ, ହେମନ୍ତ ନାଏକ, ରମାକାନ୍ତ ନାଏକ, କ୍ଷିତୀଶ ନାଏକ ପ୍ରମୁଖଙ୍କ ଦ୍ଵାରା ପରିଚାଳିତ ହୋଇଥିଲା l

ଡମ୍ବରୁଧର ମହାନ୍ତ ଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ।

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उत्तर प्रदेश में हरिद्वार से हमीरपुर जा रही हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की एक पुरानी बस बीच रास्ते में अचानक खराब हो गई, जिससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दोपहर करीब 3 बजे रवाना हुई यह बस महज 50 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद सैयद माजरा टोल प्लाजा के पास रुक गई।
चालक और परिचालक ने बस को दोबारा चालू करने की काफी कोशिश की, लेकिन तमाम प्रयास विफल रहे। बस में सवार 26 यात्रियों, जिनमें कई ने ऑनलाइन टिकट बुक किए थे, को घंटों इंतजार के बाद दूसरी बस में खड़े होकर सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
बताया जा रहा है कि यह बस 15 लाख किलोमीटर से अधिक चल चुकी थी, जबकि निर्धारित मानकों के अनुसार 10 लाख किलोमीटर के बाद बस को सेवा से हटा दिया जाना चाहिए। ऐसे में इस घटना ने यात्रियों की सुरक्षा और HRTC की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यात्रियों ने मांग की है कि पुरानी और जर्जर बसों को तुरंत हटाया जाए और परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित व भरोसेमंद बनाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

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जनपद बदायूं के खेड़ा जलालपुर पुख्ता क्षेत्र में आज भी इंटर कॉलेज का अभाव स्थानीय छात्रों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। इस गंभीर मुद्दे को समाजसेवी एवं अधिवक्ता भारत सिंह ने मजबूती से उठाया है। उनका कहना है कि हाईस्कूल के बाद छात्रों, खासकर छात्राओं, को आगे की पढ़ाई के लिए दूर जाना पड़ता है, जिससे कई बार आर्थिक और सुरक्षा कारणों से उन्हें अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ती है। यदि क्षेत्र में एक इंटर कॉलेज की स्थापना हो जाती है, तो सैकड़ों विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा और शिक्षा स्तर में बड़ा सुधार आएगा। भारत सिंह एडवोकेट ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से मांग की है कि इस दिशा में जल्द ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि ग्रामीण बच्चों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिल सके। स्थानीय ग्रामीणों ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि इंटर कॉलेज बनने से क्षेत्र का समग्र विकास संभव है और बच्चों का भविष्य सुरक्षित होगा। अब समय आ गया है कि प्रशासन इस ओर गंभीरता से ध्यान दे।

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बेंगलुरु, 05 अप्रैल। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने लोकसभा क्षेत्रों के प्रस्तावित परिसीमन को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए कहा कि इससे दक्षिण भारतीय राज्यों के साथ अन्याय होने की आशंका है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी बयान में सिद्धारमैया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिक्रिया का स्वागत तो किया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि दक्षिणी राज्यों के प्रति अचानक दिखाई गई चिंता वास्तविक कम और राजनीतिक रणनीति अधिक लगती है। उनके अनुसार, यह बयान केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में चल रहे चुनावी माहौल को ध्यान में रखकर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि असली मुद्दा लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि सीटों के वितरण का तरीका है। उन्होंने आशंका जताई कि प्रस्तावित विस्तार से उत्तर भारत के बड़े राज्यों— जैसे उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और बिहार— को अधिक लाभ मिल सकता है, जबकि कर्नाटक सहित दक्षिणी राज्यों को सीमित बढ़ोतरी ही मिलेगी।

सिद्धारमैया ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि यदि लोकसभा सीटों की कुल संख्या बढ़कर 816 भी हो जाती है, तब भी दक्षिणी राज्यों की हिस्सेदारी लगभग 24 प्रतिशत के आसपास ही रह सकती है। उन्होंने इसे जनसंख्या नियंत्रण, विकास और सुशासन में बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों के साथ अन्याय बताया।

उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया बड़े राज्यों के संख्यात्मक प्रभुत्व को बढ़ाकर कर्नाटक जैसे राज्यों की आवाज को कमजोर कर सकती है। उनके मुताबिक, यह सहकारी संघवाद के बजाय सत्ता के केंद्रीकरण का उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि राज्यों के साथ व्यापक सार्वजनिक चर्चा और विचार-विमर्श के बिना ऐसे महत्वपूर्ण संरचनात्मक बदलाव लागू करना उचित नहीं है। उन्होंने केंद्र से न्याय, पारदर्शिता और संघीय ढांचे की मूल भावना की रक्षा करने की अपील की।

अंत में सिद्धारमैया ने चेतावनी दी कि कर्नाटक के हितों को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी कदम का राज्य सरकार कड़ा विरोध करेगी।

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Asia’s EVolution: How Mongolia became a dumping ground for Japan’s hybrid electric vehicles

Over the decade,
Mongolia has been flooded with cheap, end-of-life hybrid electric vehicles (EVs) from Japan. The final instalment of a CNA series on Asia’s EVs looks at how the country could be turning into a green technology dumping ground.


The Toyota Prius is the most common vehicle on the streets of busy Ulaanbaatar. (Photo: CNA/Jack Board)

06 Apr 2026 06:00
AM

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Asia’s EVolution: How Mongolia became a dumping ground for Japan’s hybrid electric vehicles
Over the decade, Mongolia has been flooded with cheap, end-of-life hybrid electric vehicles (EVs) from Japan. The final instalment of a CNA series on Asia’s EVs looks at how the country could be turning into a green technology dumping ground.

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The Toyota Prius is the most common vehicle on the streets of busy Ulaanbaatar. (Photo: CNA/Jack Board)


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06 Apr 2026 06:00AM
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ULAANBAATAR: Winter is coming on the Mongolian steppe. The wind has started to bite hard as it sweeps through the open grasslands and low granite hills that punctuate the landscape.

For Namnansuren Tuvdsuren and his family of nomadic herders, the temperature dropping means guiding their sheep, goats and cattle on horseback or motorcycle becomes a tougher proposition.

So, like many herders across Mongolia’s harsh expanse, they keep a more modern tool at hand: a Toyota Prius.

The hybrid electric vehicle (HEV), originally designed for the streets of Tokyo, is proving its worth in the wild.

“Basically, if we don’t have our motorcycle around, we just use the Prius,” Tuvdsuren explained as he navigated the open land from behind the wheel, shifting his animals in a tight flock.

“In winter, if a young horse or cow gets injured, we just tie their legs together, lay down the backseats in the car and load it in.”

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Asia’s EVolution: How Mongolia became a dumping ground for Japan’s hybrid electric vehicles
Over the decade, Mongolia has been flooded with cheap, end-of-life hybrid electric vehicles (EVs) from Japan. The final instalment of a CNA series on Asia’s EVs looks at how the country could be turning into a green technology dumping ground.

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The Toyota Prius is the most common vehicle on the streets of busy Ulaanbaatar. (Photo: CNA/Jack Board)


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ULAANBAATAR: Winter is coming on the Mongolian steppe. The wind has started to bite hard as it sweeps through the open grasslands and low granite hills that punctuate the landscape.

For Namnansuren Tuvdsuren and his family of nomadic herders, the temperature dropping means guiding their sheep, goats and cattle on horseback or motorcycle becomes a tougher proposition.

So, like many herders across Mongolia’s harsh expanse, they keep a more modern tool at hand: a Toyota Prius.

The hybrid electric vehicle (HEV), originally designed for the streets of Tokyo, is proving its worth in the wild.


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“Basically, if we don’t have our motorcycle around, we just use the Prius,” Tuvdsuren explained as he navigated the open land from behind the wheel, shifting his animals in a tight flock.

“In winter, if a young horse or cow gets injured, we just tie their legs together, lay down the backseats in the car and load it in.”


Namnansuren Tuvdsuren is a young herder on the steppe, who uses a Prius for his daily work. (Photo: CNA/Jack Board)
Nationwide, hybrid vehicles account for 45 per cent of Mongolia’s total vehicle fleet of about 1.5 million, according to the Ministry of Road and Transport Development.

The vast majority of these are Priuses, attractive because of their reliability, cheap and available spare parts and fuel efficiency that offsets the high cost of petrol.

“If you throw a rock in Mongolia, chances are you’ll hit a Prius,” said a taxi diver in the capital.

“Climb up the Khüiten Peak and guess what, a Prius will be there,” he added, referring to the country’s tallest mountain that even the most rugged four-wheel drives struggle to ascend.

Mongolia is awash with cheap, end-of-life hybrids imported from Japan once they have served their purposes on tamer urban streets.

They can be found in every corner: from the jammed avenues of Ulaanbaatar to the depths of the Gobi Desert.

Ulaanbaatar has one of the coldest winters of any capital in the world and some of its dirtiest air. The Prius functions reliably even in such extremes, and its cleaner, battery-assisted motor helps cut the vehicle emissions driving the city’s air crisis.

Yet behind the affection for the Prius lies a more difficult reality - and a deep irony: in trying to reduce air pollution by promoting cleaner vehicles, Mongolia has inadvertently imported a new form of waste.

In a country with such brutal conditions and the roughest roads imaginable, those batteries, already expiring after years of use overseas, fail fast and need to be replaced.

With no permitted way to recycle or safely dispose of the depleted and hazardous battery packs, and recent legislation putting those who try on the wrong side of the law, experts warn that Mongolia is becoming a green technology dumping ground.

And it is an emerging lesson for other countries bracing for a wave of electric vehicles without plans in place for when they are no longer roadworthy.

THE PRIUS REPUBLIC
Where pure electric vehicles have struggled to take off due to a lack of charging infrastructure, minimal tax incentives, vast travel distances outside of Ulaanbaatar and climatic conditions slashing their performance, HEVs have proliferated.

“For a country like Mongolia, with vast distances, hybrids are much more practical. You can drive 100 to 150 km on electricity and then 800 to 1000 km with the gasoline engine”, said Baasanbayar Sambuu-Yondon, the executive director of the Mongolian Automobile Distributors Association (MADA).

Where many countries throughout Asia prohibit or severely restrict the importation of used vehicles, Mongolia’s policies have facilitated the deluge of second-hand hybrids from Japan.

For more than a decade, the country’s regulatory environment actively enabled the surge of used hybrid imports through a combination of low import taxes and duty exemptions on such vehicles, which were marketed as “clean” cars.

Approximately 80 per cent of vehicle imports to the country come from Japan, with 95 per cent of those used.

Priuses are purchased at auction typically once their Toyota battery service period and warranty have expired - after that the batteries become expensive to maintain and replace.

The vehicles are then brought into Mongolia by various industry players, Sambuu-Yondon explained.

“In other words, cars with expired or heavily deteriorated batteries are coming into Mongolia,” he said.

Only at the start of 2025 did the government start to enforce a rule that vehicles older than 10 years would no longer be eligible for registration in the capital.

It is still a flexible rule, far more lenient than countries in Southeast Asia, for example.

Countries such as Indonesia prohibit used car imports entirely, while Vietnam and Singapore impose much stricter age and registration limits.

Over the past decade, Mongolia has typically imported between 50,000 and 70,000 cars annually, both old and new, according to figures from MADA.

But in recent years, that number roughly doubled - to around 120,000 cars in 2023 and 130,000 cars in 2024.

“Mongolia’s vehicle fleet has reached a point where its age and need for renewal have become significantly pressing,” said Munkhnasan Enkhtaivan from Mongolia’s Ministry of Road and Transport Development.

The vast majority of imports are right-hand drive vehicles - opposite to what they are meant to be based on driving lanes in Mongolia - due to being from Japan, where right hand drive vehicles and driving on the left side of the road are the norm.

One major driver for the huge increase in imports was public fear that the government and city administration might ban right-hand-drive vehicles, prompting grey-market dealers to rush large numbers of cars into the country before any potential restriction, Sambuu-Yondon said.

He added that nearly every adult in the capital now owns close to two cars. More and more of them are old Toyota Priuses rolling across the border.

As a result, Ulaanbaatar is in the midst of a traffic nightmare. The city suffers chronic congestion, a bitter irony in the least densely populated country on earth.

“These cars are not owned out of necessity, but because anyone can afford one,” he said. “They are extremely cheap, ageing vehicles.”

In 2025, exporter listings show a ten-year-old Prius selling for roughly US$3,000-US$8,000 at source.

A BATTERY WASTELAND
In the rural town of Kharkorin, more than 350 km west of the capital, a small garage is emblematic of the types of maintenance and repair being carried out on Priuses facing the toughest elements imaginable.

“These cars have already been driven for many years before they even get here, so naturally, the parts are worn,” said mechanic and business owner, Tseren-Osor Naidan.

“Extreme cold or heat causes wear and tear, and the rough terrain adds more strain. But still, these cars hold up surprisingly well. Toyota really built them strong.”

The cars may be tough but the batteries fail much faster in the extreme cold than they otherwise would.

Servicing and replacing Prius battery modules - often done cell by cell - is a common practice.

Naidan does that too. But with no official waste channel, what is a necessary small-scale adaptation to keep hybrids alive has quietly become an environmental hazard.

Passenger cars contain different kinds of batteries. Nearly all - including EVs and HEVS contain a 12-volt lead unit used for starting the vehicle and operating its internal systems.

These are cheap, common and highly toxic if exposed to the environment or when smelted.


The new wave of electric vehicles use lithium batteries to run their motors.

But HEVs, especially older models, typically use a nickel-metal hydride (NiMH) battery, which while less toxic than lead batteries can still pose health and environmental risks if not handled properly at their end-of-life.

Even if a battery is completely dead or damaged, if it is not decommissioned and stored properly, it poses a fire hazard, said Munkhsukh Natsag, a battery engineer in Ulaanbaatar.

Mongolia is currently failing to keep track of where its battery waste is ending up.

“We are now facing serious challenges concerning hazardous waste, specifically how to dispose of, collect and store the batteries used in these vehicles,“ said Enkhtaivan.

“In Mongolia today, a discarded high-voltage battery might be sitting outside someone’s ger, in an open yard, where a child could easily be playing next to it. That is how dangerous the situation is,” she said, referring to the traditional tented communities common throughout the country.

Still, the metals within the batteries have value and there are informal collection systems at work throughout the country.

On the outskirts of Ulaanbaatar, what resembles a fairly anonymous vehicle repair garage is actually at the heart of the entire country’s dead battery disposal network.

What happens here is shrouded in secrecy.

The owner of the establishment was coy about any questioning of his activities and he requested his name not be published for fear of repercussions from the government, even though he is well known among the mechanics of the city.

Dozens of unmarked green barrels sitting outside in the elements is a clue to what is happening here.

This is the place where right now nearly every single depleted Prius battery in the capital and beyond is collected, according to Bataar, an alias for the owner.

At the time of CNA’s visit, he was holding onto about 50,000 of them, a surfeit that had been gathering since the start of 2025.

“In Ulaanbaatar, I am confident I collect every single battery,” he said.

Realising both the economic potential and the environmental danger of discarded batteries, Bataar set his sights on Ulaanbaatar’s dense network of garages and service centres, buying up depleted hybrid packs from wherever he could find them.

“Before, they would end up dumped in landfills or buried in the hills. There is no official disposal site for them. People used to haul batteries by porter truck and dump them openly,” he said.

He received training support from Toyota’s subsidiary in Mongolia and from government officials on the procedures and safety requirements for exporting the units to Japan via Russia.

But now, he has a problem. Since early 2025, the government has made battery exports illegal. Bataar woke up to find his business on the wrong side of the law.

“I feel so suffocated that I could die. I’ve carried out this service properly for years, and now I’m suddenly forced to stop,” he said.

Both of Mongolia’s neighbouring countries, Russia and China, prohibit the cross-border transport of such hazardous materials through their territory, and third-country export is essentially banned, explained Enkhtaivan.

There are no officially authorised companies, repair shops or licensed facilities that are permitted to handle this work properly.

With hundreds of thousands of HEVs on the country’s books, the scale of the issue is concerning, she said.

“So these batteries - this waste - remain inside the country. It is all in Mongolia,” she said.

BUILDING NEW SYSTEMS
In a barren expanse one hour’s drive outside the capital, is evidence of the toxic outcomes of a lack of systematic management of battery waste. It is a common issue faced in developing economies.

In these patches, unregistered smelters had been processing all kinds of lead battery waste before being chased away by authorities.

What has been left in this landscape are the remnants of those activities: piles and piles of lead battery casings, elements and scorched earth.

Mongolia is trying to stop this. In March 2024, the country’s first lead-acid battery recycling facility commenced operations, with a 7,000 tonne annual capacity.

While this is helping to solve some issues, the Electrochem Mongol plant is unable to recycle hybrid-car batteries, a process that would require different technology and a separate purpose-built facility.

“At the moment, we’re still in the research and development phase for that next step,” said the company’s factory director Avirmed Munkhuu.

Electrochem Mongol’s CEO, Odonsuren Ulziibat, is optimistic that within three years, pending funding, that kind of plant could be built, with the ability to also process lithium batteries within a decade.

“In 10 years, we are going to need to be ready to process those EV batteries as waste too”, he said.

The government has been working with international partners such as the Asian Development Bank, the World Bank and JICA, and conducted several studies since 2016 on how to properly manage its battery waste issues.

Based on these studies, it has become clear that Mongolia urgently needs hybrid-vehicle battery waste facilities, Enkhtaivan said.

But its unique challenges - a small economy with a surplus of ageing hybrid vehicles - means funding for such projects is hard to secure, she said. Given Japan’s role in the trade, she said partners there have shown willingness to help.

Japan already has its own system for recycling NiMH batteries.

It also has a utilisation fund from fees that consumers pay when they buy a new car to cover its eventual recycling.

But that system does not apply to the cars exported to Mongolia and the money can normally be refunded to the exporter in that case.

The moment an aging Prius is sold overseas, its disposal obligations vanish.

Mongolia inherits not just the cars, but also their toxic aftermath.

Other countries also have the capability to deal with battery waste.

China is considered the global leader in lithium-ion battery recycling.

South Korea has advanced battery reuse and remanufacturing capacity, while Singapore established a lithium-ion battery recycling facility, the first of its kind in Southeast Asia, in 2021.

Malaysia, Thailand and Indonesia are currently building up their capacity to do the same.

For now, the Mongolian government is also working to establish an integrated system: linking customs, road transport authorities, vehicle registration agencies and auto-repair businesses to ensure a coordinated response to the problem.

There remains a lack of pre-export inspection on the quality of the cars and their battery units coming into the country.

“Mongolia could feasibly set a minimum battery health threshold that it will or will not accept in the future,” Enkhtaivan said.

As Mongolia struggles with a problem it did not solely create, its experience offers a warning to every country concerned about the EV transition, she added.

As more electric vehicles with lithium batteries enter the country, the problem will not disappear, only shift.

According to the International Energy Agency, global electric‐car sales in 2024 exceeded 17 million units.

While sales in emerging economies including in Asia, Latin America and Africa were still low, they nearly doubled that year.

“You must build a complete, integrated waste-management system before these vehicles enter your market. If there is one lesson from Mongolia, it is this,” she said.

“That entire chain should be visible and traceable, as clearly as reading it on the palm of your hand. Now we are chasing after the problem.”

In Mongolia’s case, electric and hybrid vehicles were already coming in by the thousands before any safeguards were ready.

Even where countries do not permit second-hand vehicle imports, eventually lithium batteries from new vehicles will need replacing too.

China’s own electric revolution has produced its share of casualties. Satellite images have captured entire fields of discarded electric cars and batteries.

Countries without the means to handle the problem face grim environmental and logistical challenges.

“The result will be severe damage, but the most alarming part is this: we have no way of knowing what kind of harm will emerge, or how serious it will be, until years from now,” Enkhtaivan said.

Out on the steppe, the afterlife of a car that is used for herding livestock, fetching water and firewood and taking kids to school is far from top of mind for Mongolia’s nomadic communities.

But life on the land is steeped in tradition and connection to the living earth. The morning ritual of offering the first cup of tea in the morning to the sky and soil remains important to this day.

Yet as spent batteries and broken hybrids pile up on the edges of the land, that same bond between people and the earth is quietly being tested.

*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
Journalist Cell
*All India Media Association
Nagpur*
*District President*
*Delhi Crime Press*
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
*INDIAN PRESS UNION*
District Reporter
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नई दिल्ली, 05 अप्रैल
अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी खेल महासंघ (ISSF) के राइफल/पिस्टल विश्व कप सीजन की शुरुआत स्पेन के ग्रेनाडा में होने जा रही है, जहां दुनिया भर के शीर्ष निशानेबाज अपनी सटीकता का दम दिखाएंगे। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 7 अप्रैल से लास गबियास शूटिंग रेंज में शुरू होकर 12 अप्रैल तक चलेगी। 

10 ओलंपिक स्पर्धाओं से सजी इस प्रतियोगिता में 51 देशों के 434 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। भारत ने भी 24 सदस्यीय मजबूत दल उतारा है, जिसे पदक का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। पहले दिन दो मिश्रित टीम फाइनल होंगे, जबकि समापन पुरुषों की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन और महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा के फाइनल से होगा। 

भारतीय टीम में अनुभव और युवा जोश का बेहतरीन संतुलन देखने को मिलेगा। एशियाई खेल चैंपियन पलक, 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम में मुकेश नेलावलि के साथ उतरेंगी। वहीं छैयाम और उज्ज्वल मलिक की जोड़ी भी इसी स्पर्धा में भारत की उम्मीदों को मजबूत करेगी। एयर राइफल मिश्रित टीम में सोनम उत्तम मासकर-गजानन शाहदेव खंडागले और श्रुति-अर्शदीप सिंह की जोड़ी पर भी नजरें रहेंगी।

टीम में अंजुम मौदगिल, मेहुली घोष और अखिल श्योराण जैसे अनुभवी निशानेबाजों के साथ सिमरनप्रीत कौर बरार, रिदम सांगवान और विजयवीर सिद्धू जैसे उभरते सितारे भी शामिल हैं। चयन नीति में चौथे से छठे स्थान तक के खिलाड़ियों को मौका दिए जाने के बावजूद भारतीय टीम की बेंच स्ट्रेंथ काफी मजबूत नजर आ रही है।

चीन, जर्मनी, इटली, फ्रांस और अमेरिका जैसी शूटिंग महाशक्तियां भी इस विश्व कप में उतर रही हैं। खासकर चीन की 22 सदस्यीय टीम, जिसमें तीन मौजूदा ओलंपिक चैंपियन शामिल हैं, भारत के लिए कड़ी चुनौती पेश करेगी।

ग्रेनाडा विश्व कप कई खिलाड़ियों के लिए इस अंतरराष्ट्रीय सत्र की पहली बड़ी परीक्षा है। साथ ही, यह टूर्नामेंट इस साल के अंत में दोहा में होने वाली विश्व चैंपियनशिप और 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक की तैयारियों के लिहाज से भी बेहद अहम माना जा रहा है। ऐसे में भारतीय टीम के लिए यह प्रतियोगिता अपनी संयोजन क्षमता, बेंच स्ट्रेंथ और बड़े मंच के दबाव को परखने का सुनहरा अवसर होगी।

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रिपोर्टर विवेक सिनहा
वाराणसी उत्तरप्रदेश
वाराणसी। शिक्षा को जीवन का आधार बनाने वाले माता प्रसाद मिश्र 40 वर्ष के कुशल अध्यापन कार्य से सेवानिवृती के अवसर पर गोलघर स्थित पराडकर स्मृति भवन के सभागार में उनका भव्य सम्मान के उपरांत एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी मे विद्वान वक्ता भोलानाथ मिश्रा ने अपने उद्बोधन में कहे कि माता प्रसाद मिश्र बाल्यावस्था से ही विलक्षण प्रतिभा के धनी थे. तर्क-वितर्क के साथ ही कुछ नई जानकारी के लिए जिज्ञासु रहते हैं। आज सेवानिवृती के अवसर पर उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं। रिद्धिमा मिश्रा ने कहा कि आज का दिन हम सबके लिए भावुक और गर्व से भरा हुआ है। माता प्रसाद मिश्रा के लिए कुछ शब्द कहना अपने जीवन का सौभाग्य मानती हूँ। आपने केवल एक शिक्षक के रूप में ही नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक और प्रेरणा स्रोत के रूप में भी अनगिनत लोगों के जीवन को रोशन किया है। आपकी हिंदी भाषा पर अद्भुत पकड़ और ज्ञान ने न जाने कितने विद्यार्थियों को सही दिशा दिखाई है। आपके पढ़ाने का तरीका सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं था, बल्कि आपने जीवन के मूल्यों को भी उतनी ही गहराई से सिखाया।आपका ज्ञान केवल शिक्षा तक ही सीमित नहीं है। आपने 18 पुराणों का अध्ययन किया है, जो आपके धार्मिक और आध्यात्मिक झुकाव को दर्शाता है। हिंदू शास्त्रों के प्रति आपकी गहरी रुचि और समझ हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। माता प्रसाद मिश्र बंदेपुर पूर्व माध्यमिक विद्यालय, वाराणसी से सेवानिवृत हुए हैं। संचालन प्रमोद कुमार उर्फ ज्वाले चाचा, रिद्धिमा मिश्रा, शिवमूर्ति दूबे तथा धन्यवाद ज्ञापन शिक्षक अश्विनी कुमार मिश्रा ने किया। उक्त अवसर पर रुद्रनाथ मिश्र, हरीश कुमार पाठक, पुरुषोत्तम जोशी, सुशील कुमार मिश्रा, रेवांतक मिश्रा, मंजू मिश्रा, शशिधर पाण्डेय, आनंद सिंह अन्ना सहित सैकड़ो शिक्षक, पत्रकार एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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सरकारी विद्यालय बागरा की शानदार उपलब्धि
सियाणा/बागरा।
सरकारी विद्यालयों ने एक बार फिर अपनी गुणवत्ता का परचम लहराते हुए निजी विद्यालयों को पीछे छोड़ दिया है।
12वीं विज्ञान वर्ग में 97.60% अंक प्राप्त कर छात्रा ने शानदार प्रदर्शन किया।
जालोर ब्लॉक के सरकारी विद्यालयों में उत्कृष्ट परिणाम देते हुए
पी.एम. श्री राजकीय विद्यालय बागरा ने
विज्ञान वर्ग में प्रथम पाँच स्थानों में स्थान प्राप्त किया।
साथ ही, प्रबल कार्यक्रम के तहत जालोर जिले में प्रथम स्थान हासिल कर
विद्यालय ने राजस्थान स्तर पर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर गौरव बढ़ाया।
नए सत्र हेतु प्रवेश प्रारंभ
दिनांक: 1 अप्रैल 2026 से प्रवेश शुरू
राजकीय विद्यालयों में उपलब्ध विशेष सुविधाएँ
• अनुभवी एवं योग्य शिक्षकों द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
• सभी कक्षाओं के लिए निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें
• कक्षा 1 से 8 तक पूर्णतः निःशुल्क शिक्षा
• कक्षा 9 की छात्राओं को निःशुल्क साइकिल
• SC/ST/OBC/SBC वर्ग हेतु छात्रवृत्ति
• दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए विशेष योजनाएँ
• 5 किमी से अधिक दूरी की छात्राओं को परिवहन भत्ता
• कंप्यूटर शिक्षा एवं ICT लैब सुविधा
• मिड-डे मील, दूध वितरण व स्वास्थ्य सेवाएँ
• खेल मैदान व खेल सामग्री, राज्य स्तर तक भागीदारी
• बालक-बालिकाओं के लिए अलग शौचालय
• गार्गी पुरस्कार व बालिका प्रोत्साहन योजनाएँ
• निःशुल्क यूनिफॉर्म, इम्पावर अवार्ड, पालनहार योजना
• “आपकी बेटी योजना”, “लाडा योजना”
• सेनेटरी नैपकिन व आयरन गोलियाँ निःशुल्क
• सहशैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास गतिविधियाँ
📞 संपर्क करें और अपने बच्चों का उज्जवल भविष्य सुनिश्चित करें।
सियाणा की आवाज़ रिपोर्टर रामसिंह महेचा सियाणा पत्रकार, Contact: 9869584777

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डिजिटल जनगणना: देश में पहली बार डिजिटल जनगणना, पहली बार जनता को स्व-गणना का विकल्प मिलेगा, डिजिटल जनगणना में आपके लिए क्या बदलाव आएंगे? पूरी जानकारी जानें
15 साल बाद भारत में जनगणना फिर से शुरू हो गई है। 2021 में कोविड महामारी के कारण स्थगित हुई जनगणना 1 अप्रैल 2026 से 'जनगणना 2027' (Census 2027) के रूप में शुरू हुई है। इस बार की जनगणना देश में पहली बार पूरी तरह से डिजिटल प्रक्रिया से संपन्न होगी। इस विशाल कार्यक्रम में लगभग 30 लाख से भी अधिक गणनाकर्मचारी अपने स्मार्टफोन का उपयोग करके घर-घर जाकर जानकारी इकट्ठा करेंगे। इस बार की जनगणना दो चरणों में पूरी होगी। पहला चरण 2026 वर्ष के अप्रैल महीने से सितंबर महीने के बीच होगा। इस चरण में घरों की सूचीकरण (Houselisting) की जाएगी। इसमें आपके रहने की स्थिति, पीने का पानी, बिजली और अन्य सुविधाओं के बारे में 33 प्रश्न पूछे जाएंगे।
दूसरे चरण में ही जनसंख्या की गणना की जाएगी।
'जनगणना 2027' की सबसे आकर्षक विशेषता यह है कि आप स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन अपलोड कर सकेंगे। सरकार द्वारा जारी किए गए se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर आप घर बैठे अपनी जानकारी जमा कर सकेंगे। जमा करने के बाद आपको एक Self- (स्वयं-) गणना आईडी (एसई आईडी) मिलेगी। जब गणना अधिकारी आपके घर आएंगे, तो आपको केवल वह आईडी दिखानी होगी और आपकी जानकारी जमा करने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इससे काफी समय बचेगा।
आप ऑनलाइन Self-enumeration या स्व-गणना कैसे कर सकते हैं?
1 ऑनलाइन Self-enumeration या स्व-गणना प्रक्रिया शुरू करने से पहले, अपने पास आधार कार्ड या कोई भी सरकारी पहचान पत्र और एक सक्रिय मोबाइल नंबर रखें। उसके बाद जनगणना की आधिकारिक वेबसाइट https://se.census.gov.in/ पर जाएं। यहां अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें और 'Get OTP' पर क्लिक करें। मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें और लॉग-इन करें।
2 परिवार के मुखिया की जानकारी: वेबसाइट पर लॉग-इन करने के बाद, आपको अपने परिवार के मुखिया का नाम और पहचान पत्र का विवरण देना होगा।
3 सदस्यों के नाम शामिल करें: इसके बाद, परिवार के बाकी सदस्यों के नाम एक-एक करके जोड़ें। ध्यान दें कि सदस्यों की उम्र, लिंग और वैवाहिक स्थिति आदि की जानकारी सही होनी चाहिए।
4 Self-enumeration या स्व-गणना के बाद आपसे पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दें। घर की सूची तैयार करने के लिए आपसे 33 विशिष्ट प्रश्न पूछे जाएंगे। जैसे:
• आपका घर कच्चा है या पक्का?
• पीने के पानी का स्रोत क्या है?
• क्या घर में शौचालय, एलपीजी कनेक्शन और बिजली है या नहीं?
• आपके पास क्या-क्या वाहन (साइकिल, स्कूटी या कार) हैं?
५. समीक्षा और जमा करें (Review & Submit):
सभी जानकारी भरने के बाद, एक बार अच्छी तरह से जांच लें। यदि सब कुछ सही है, तो 'सबमिट' बटन पर क्लिक करें। जानकारी जमा करते ही आपके मोबाइल पर एक 15 अंकों का संदर्भ आईडी (Reference ID) या एक्नॉलेजमेंट नंबर आएगा। इस नंबर का स्क्रीनशॉट ले लें या लिख कर रख लें।
आगे क्या करना है?
जब जनगणना कर्मी (Enumerator) आपके घर आएंगे, तो आपको उन्हें केवल वह संदर्भ आईडी (Reference ID) दिखानी होगी। वे आपके डेटा को मोबाइल ऐप के माध्यम से मिलाएंगे और आपका काम पूरा हो जाएगा। आपको फिर से लंबे सवालों के जवाब देने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे आपका और प्रशासन दोनों का समय बचेगा।
असम के लिए 'जनगणना 2027' क्यों महत्वपूर्ण है?
असम के लिए यह जनगणना बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके द्वारा असम की जनसांख्यिकी या जनसंख्या संरचना में क्या परिवर्तन आ रहे हैं, उस विषय में सटीक जानकारी प्राप्त होगी। पहले से ही असम के तीन जिलों - डिब्रूगढ़, पश्चिम कार्बी आंगलोंग और हैलाकांडी में इसका प्रायोगिक परीक्षण (Pre-test) चलाया गया है।
'जनगणना 2027' को लेकर पहले से ही हर जगह चर्चा शुरू हो गई है। डिजिटल प्रक्रिया से संपन्न होने वाली इस जनगणना में जानकारी की गोपनीयता को लेकर चिंतित होने की आशंका भी व्यक्त की गई है। लेकिन इस मामले में सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रत्येक व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और किसी भी योजना से आपको वंचित करने के लिए इस जानकारी का उपयोग नहीं किया जाएगा। यह डिजिटल जनगणना हमारे देश की भविष्य की योजना और विकास के लिए सटीक जानकारी बहुत कम समय के भीतर उपलब्ध कराएगी। इसलिए आइए, हम सभी इस ऐतिहासिक प्रक्रिया में सटीक जानकारी देकर भाग लें।

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सभी प्रभावित गांवों में सर्वे कार्य प्राथमिकता से पूर्ण कराएं - मंत्री श्री राकेश शुक्ला

मंत्री श्री शुक्ला ने क्षेत्र में पहुंचकर फसलों की स्थिति का लिया जायजा

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने बेमौसम बारिश एवं तेज हवाओं से प्रभावित मेहगांव विधानसभा क्षेत्र के गांवों में गेहूं की फसल के नुकसान का त्वरित और निष्पक्ष सर्वे कर पात्र किसानों को शीघ्र मुआवजा प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अमायन एवं रौन क्षेत्र के ग्राम लालपुरा, दानीपुरा, रामपुरा, चंद्रपुरा, जैतपुरा मढ़ी, हमीरपुरा सहित अन्य गांवों में पहुंचकर फसलों की स्थिति का जायजा लिया और किसानों से चर्चा की। उन्होंने एसडीएम मेहगांव श्री नवनीत शर्मा को निर्देशित किया कि सभी प्रभावित गांवों में सर्वे कार्य प्राथमिकता से पूर्ण कर प्रतिवेदन शासन को भेजा जाए, ताकि किसानों को समय पर राहत मिल सके। साथ ही फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमित किसानों को नियमानुसार बीमा लाभ दिलाने के लिए भी अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
गत दिवस बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि एवं तेज हवाओं के कारण भिण्ड जिले की मेहगांव विधानसभा क्षेत्र में गेहूं की तैयार फसल एवं खेतों में कटी रखी फसल नष्ट हो गई है। जिससे उत्पादन प्रभावित होने की संभावना है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर गांव-गांव पहुंचकर खेतों में फसल की स्थिति का निरीक्षण किया तथा किसानों से चर्चा कर नुकसान की जानकारी ली। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार प्रभावित किसानों के साथ है और उन्हें शीघ्र समुचित राहत प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मंत्री श्री शुक्ला ने कहा कि किसान हितैषी सरकार किसानों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी पात्र किसान को राहत से वंचित न रहना पड़े।

प्राकृतिक आपदा में मृत व्यक्ति के परिजनों से भेंट कर ढ़ांढ़स बंधाया

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने रौन क्षेत्र के ग्राम जैतपुरा मढ़ी में प्राकृतिक आपदा के कारण लगभग 50 वर्षीय श्री संजय सिंह पुत्र श्री रामहेत सिंह राजावत की मृत्यु होने पर उनके परिजनों से भेंटकर ढांढस बंधाया। उन्होंने परिजनों को सांत्वना देते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में सरकार आपके साथ है। उन्होंने परिजनों से घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी ली और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
#CMMadhyaPradesh
#JansamparkMP
Department Of Revenue, Madhya Pradesh
New & Renewable Energy Department, Madhya Pradesh
#भिण्ड
#Bhind

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*श्रेष्ठ और सक्षम पत्रकार राष्ट्र का नेता होता है* : गणेश शंकर विद्यार्थी

*पत्रकारों में अन्याय के विरुद्ध डट जाने और न्याय के लिए आफ़तों को बुलाने की चाह न रहेगी*

निर्मल सिंह / पानीपत

गणेश शंकर विद्यार्थी का जन्म इलाहाबाद में सन् 1890 में हुआ। उन्होंने कानपुर में अध्यापन कार्य करते समय क्रान्तिकारी सुंदर लाल के 1901 में अंक को ध्यान से पढ़ा।

गणेश जी " प्रताप " पत्रिका में प्रतिदिन की सामग्री को देखते और दूसरे दिन के लिए निर्देश देते। उनकी पत्रकारिता में सम्पादन कला तथा कार्य पद्धति का स्तर उच्च कोटि का था। वे प्रायः बोलकर अग्रलेख या टिप्पणी लिखवाया करते। इसके लिए पहले एक बड़े कागज़ पर सामग्री लिख लेते। अपने सहयोगी संपादकों की सामग्री का सम्पादन करते समय विद्यार्थी जी लाल स्याही से पत्र को रंग डालते। वे सामग्री में इतनी कांट छांट कर देते। समग्र लेख का स्वरूप ही बदल जाता।

उनका कहना था , कि श्रेष्ठ और सक्षम पत्रकार राष्ट्र का नेता होता है । लोक सेवा ही संपादक का धर्म है ।

उन्होंने पत्रकार और पत्रकारिता के विविध पक्षों पर प्रकाश डाला । मैं पत्रकार को सत्य का प्रहरी मानता हूं । सच को प्रकाशित करने के लिए वह मोमबत्ती की भांति जलता है । सत्य के साथ उसका वही नाता है , जो एक पतिव्रता स्त्री का अपने पति के साथ रहता है । पतिव्रता स्त्री पति के शव के साथ शहीद होती है, और पत्रकार सत्य के शव के साथ । पत्रकार समाज का सश्रेष्टा होता है। केवल समाचार देना और पैसा कमाना । इस प्रकार पैसा कमाना पाप है। समस्त मानव जाति का कल्याण हमारा परम उद्देश्य है । इस उद्देश्य की प्राप्ति का एक बहुत बड़ा और बहुत जरूरी साधन हम भारत वर्ष की उन्नति समझते हैं।

इस देश में समाचार पत्रों का आदर्श धन हो रहा है। पत्र धन से ही वे निकलते हैं । धन के आधार पर ही वे चलते हैं । और बड़ी वेदना के साथ कहना पड़ रहा है , कि उनमें काम करने वाले बहुत से पत्रकार धन की अभ्यर्थना करते हैं । अभी यहां पूरा अंधकार नहीं हुआ। किंतु लक्षण वैसे ही है । कुछ समय के पश्चात यहां के समाचार पत्र भी मशीनों के सदृश हो जाएंगे और उनमें काम करने वाले पत्रकार मशीन के पुर्जे । पत्रकारों में व्यक्तित्व न रहेगा , सत्य और असत्य का अंतर न रहेगा । अन्याय के विरुद्ध डट जाने और न्याय के लिए आफ़तों को बुलाने की चाह न रहेगी और रह जाएगा केवल खींची हुई लकीर । मैं तो उस अवस्था को अच्छा नहीं कह सकता ।

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📰 मुख्य खबर का विश्लेषण
👉 “रेडक्रॉस की बैठक में तीन कार्यकारिणी सदस्यों के निर्वाचन पर खुशी”
यह खबर सामाजिक संगठन रेडक्रॉस की बैठक से जुड़ी है।
तीन नए कार्यकारिणी सदस्यों के चयन से संगठन में सकारात्मक माहौल और मजबूती का संकेत मिलता है।
इससे यह स्पष्ट है कि क्षेत्र में स्वास्थ्य व सामाजिक सेवा संगठनों की सक्रियता बढ़ रही है।
👉 विश्लेषण: यह खबर स्थानीय स्तर पर संगठनात्मक लोकतंत्र और सामाजिक भागीदारी को दर्शाती है।
🏫 शिक्षा व प्रशासन से जुड़ी खबरें
👉 “सरकारी शिक्षकों ने विधायक को सौंपा ज्ञापन”
शिक्षक अपनी मांगों को लेकर सक्रिय हैं।
सरकार से सुविधाओं या नीतिगत बदलाव की मांग की गई है।
👉 विश्लेषण:
शिक्षा व्यवस्था में असंतोष और सुधार की आवश्यकता दिखती है।
शिक्षक संगठन अब संगठित तरीके से आवाज उठा रहे हैं।
👉 “मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र कुसरा में सुविधाओं का अभाव”
बच्चों के लिए जरूरी सुविधाओं की कमी सामने आई है।
ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से सुधार की मांग की।
👉 विश्लेषण:
सरकारी योजनाओं का जमीनी स्तर पर सही क्रियान्वयन नहीं हो रहा।
यह बाल विकास और पोषण योजनाओं पर सवाल उठाता है।
🏘️ ग्रामीण विकास व प्रशासन
👉 “ग्राम प्रधानों की मासिक बैठक में कई बिंदुओं पर चर्चा”
पंचायत स्तर पर विकास, योजनाओं और समस्याओं पर चर्चा हुई।
👉 विश्लेषण:
स्थानीय शासन (Panchayati Raj) सक्रिय है।
लेकिन “चर्चा” से आगे कार्यान्वयन कितना होता है, यह महत्वपूर्ण सवाल है।
👩‍🏫 शिक्षक आंदोलन
👉 “सहायक अध्यापक 18 अप्रैल को मुख्यमंत्री का घेराव करेंगे”
शिक्षकों में असंतोष बढ़ता दिख रहा है।
राज्य स्तर पर आंदोलन की तैयारी।
👉 विश्लेषण:
यह शिक्षा क्षेत्र में बड़े आंदोलन का संकेत है।
सरकार और शिक्षकों के बीच टकराव बढ़ सकता है।
🛕 सामाजिक व सांस्कृतिक गतिविधियाँ
👉 “ईस्टर पर गिरजाघरों में विशेष प्रार्थना सभा”
धार्मिक सौहार्द और समुदाय की भागीदारी दिखती है।
👉 विश्लेषण:
क्षेत्र में धार्मिक विविधता और सामाजिक एकता मौजूद है।
🚓 अपराध व सुरक्षा
👉 “नकाबपोशों ने बाइक की छिनतई की”
अपराध की घटना, कानून-व्यवस्था पर सवाल।
👉 विश्लेषण:
क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत है।
👉 “छेड़खानी में जान मारने की धमकी”
महिलाओं की सुरक्षा का गंभीर मुद्दा।
👉 विश्लेषण:
समाज में महिला सुरक्षा अभी भी चुनौती बनी हुई है।
🚆 अन्य महत्वपूर्ण खबरें
👉 “जयनगर–पुरी एक्सप्रेस हादसे से बची”
बड़ी दुर्घटना टल गई।
👉 विश्लेषण:
रेलवे सुरक्षा में संभावित खतरे का संकेत।
👉 “भू-मापक अमीन परीक्षा दो पालियों में संपन्न”
सरकारी भर्ती प्रक्रिया जारी।
👉 विश्लेषण:
रोजगार के अवसर तो हैं, लेकिन प्रतियोगिता कड़ी है।
👉 “असम के रंगापाड़ा में मंत्री की चुनावी सभा”
राजनीतिक गतिविधियाँ तेज।
👉 विश्लेषण:
चुनावी माहौल और राजनीतिक सक्रियता बढ़ रही है।
🔍 समग्र निष्कर्ष (Overall Analysis)
इस पूरे पेज से कुछ बड़े ट्रेंड सामने आते हैं:
1. शिक्षा क्षेत्र में असंतोष
शिक्षक आंदोलन, ज्ञापन, सुविधाओं की कमी
➡️ शिक्षा सुधार की तत्काल जरूरत
2. ग्रामीण विकास में चुनौतियाँ
आंगनबाड़ी, पंचायत चर्चा
➡️ योजनाएं हैं, लेकिन क्रियान्वयन कमजोर
3. कानून-व्यवस्था पर सवाल
चोरी, छेड़खानी
➡️ सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत
4. सामाजिक और धार्मिक संतुलन
ईस्टर प्रार्थना जैसी खबरें
➡️ समाज में एकता और विविधता दोनों मौजूद
5. राजनीतिक और प्रशासनिक सक्रियता
चुनावी सभा, बैठकें
➡️ राजनीतिक माहौल सक्रिय और गतिशील
✅ निष्कर्ष:
यह अख़बार पेज एक विकासशील लेकिन चुनौतियों से जूझते क्षेत्र की तस्वीर दिखाता है, जहाँ
सामाजिक संगठन सक्रिय हैं,
शिक्षा और प्रशासन सुधार की मांग कर रहे हैं,
और आम जनता बेहतर सुविधाओं की अपेक्षा रखती है।

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जिला कलेक्टर्स आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का त्वरित कराएं आंकलन - मुख्यमंत्री डॉ. यादव

किसान भाइयों को तत्परता से उपलब्ध कराई जाएगी सहायता और राहत

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में हुई आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के संबंध में कहा है कि किसान भाई चिंता न करें, संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार किसानों के साथ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला कलेक्टर्स को मौसम के असमय बदलाव से हुए नुकसान का त्वरित आंकलन करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के प्रभावित क्षेत्रों में हुई हानि के लिए तत्परता से सहायता और राहत उपलब्ध कराई जाएगी। उल्लेखनीय है कि गत दिवस ग्वालियर-चंबल संभाग के विभिन्न जिलों तथा राजगढ़, रायसेन, बैतूल आदि जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
#gwalior
CM Madhya Pradesh
#farmer
#naturaldisaster
#agriculture

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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दी गई 48 घंटे की कड़ी चेतावनी सोमवार को खत्म होने जा रही है, और इसी के साथ पूरी दुनिया की नजरें अब व्हाइट हाउस और तेहरान पर टिक गई हैं।

रविवार को ट्रंप ने अपने अंदाज में ईरान को खुली धमकी देते हुए कहा कि सोमवार दोपहर 1 बजे ओवल ऑफिस में सेना के शीर्ष अधिकारियों के साथ बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी, जिसके बाद मंगलवार को ईरान के पावर प्लांट्स और अहम पुलों पर बड़ी सैन्य कार्रवाई की जा सकती है।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बेहद आक्रामक भाषा में लिखा कि “मंगलवार को ईरान में Power Plant Day और Bridge Day साथ मनाया जाएगा।”
उन्होंने साफ कहा कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खुला, तो ईरान को “नरक जैसी तबाही” देखने के लिए तैयार रहना होगा।

ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व को “पागल” बताते हुए फिर दोहराया कि अब सिर्फ दो रास्ते बचे हैं—
या तो समझौता करो, या फिर विनाश के लिए तैयार रहो।

इस धमकी ने वैश्विक राजनीति में सनसनी मचा दी है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है—
क्या मंगलवार ईरान के लिए तबाही का दिन साबित होगा, या आखिरी वक्त में कोई बड़ा समझौता सामने आएगा?

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आज दिनांक 5 अप्रैल 2026 को समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार के सचिव श्रीमती वंदना प्रेयसी की द्वारा बुनियाद केंद्र पुपरी का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सचिव महोदया के साथ एसडीएम पुपरी, सहायक निदेशक जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग, सहायक निदेशक जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी आईसीडीएस सीतामढ़ी उपस्थित थे।
सचिव महोदया द्वारा बुनियाद केंद्र द्वारा दी जाने वाली सभी सेवाओं के बारे में विस्तृत रूप से प्रत्येक इकाई एवं रजिस्टर के अद्यतन स्थिति का निरीक्षण किया गया साथ ही दिनांक *30.03.2026 से प्रारम्भ स्वास्थ्य विभाग एवं समाज कल्याण विभाग के सहयोग से नेत्र जांच विशेष शिविर* मे आए हुए सभी लाभार्थियों, ASG HOSPITAL के डॉक्टर एवं बुनियाद केंद्र के सभी कर्मियों, जिला प्रबंधक एवं केंद्र प्रबंधक से बात की एवं लाभार्थियों के अच्छी संख्या देखकर सभी कर्मियों, जिला प्रबंधक एवं केंद्र प्रबंधक क़े सराहनीय प्रयास एवं कार्य पर प्रसन्नता व्यक्त की.

लाभार्थियों से बातचीत के क्रम में
सचिव महोदया द्वारा सभी लाभार्थियों से अनुरोध किया गया कि वह अपने परिजन एवं आसपास के लोगों को भी इस विशेष शिविर में नेत्र जांच कराने हेतु बुनियाद केंद्र पर भेजने हेतु उत्साहित करें एवं इस विशेष शिविर का लाभ उठाएं।
अंत में सचिव महोदया द्वारा सभी को धन्यवाद एवं बुनियाद केंद्र के सभी कर्मियों जिला प्रबंधक एवं केंद्र प्रबंधक को इसी उत्साह से सतत कार्य करते रहने हेतु निर्देशित किया गया।

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NEW DELHI: (Apr 6) External Affairs Minister S Jaishankar spoke to Iranian Foreign Minister Abbas Araghchi and Qatari Prime Minister Sheikh Mohammed bin Abdulrahman bin Jassim Al Thani on Sunday and discussed the West Asia conflict amid US President Donald Trump's fresh ultimatum to Iran demanding the reopening of the Strait of Hormuz.

The external affairs minister also held a phone conversation with Foreign Minister of the United Arab Emirates Sheikh Abdullah bin Zayed Al Nahyan.

It is understood that the conflict's impact on global energy supplies figured prominently in the talks.

"Received a call from Foreign Minister @araghchi of Iran. Discussed the present situation," Jaishankar said on social media without elaborating.

The Iranian embassy in New Delhi said the two foreign ministers discussed bilateral relations as well as regional and international developments.

Jaishankar's phone conversations with leaders of the three West Asian nations came against the backdrop of a spike in tensions in the region after Trump renewed his threat to Iran, saying the US will destroy Iranian power plants and bridges if it does not open the Strait of Hormuz for shipping.

"Had a telecon on the ongoing conflict with PM & FM @MBA_AlThani_of Qatar this evening," Jaishankar said on social media. Al Thani is also Qatar's foreign minister.

Following his talks with Al Nahyan, the external affairs minister said the evolving situation in West Asia was discussed, without sharing many details.

"Discussed the evolving situation in West Asia with DPM & FM @ABZayed of UAE," he said.

Al Nahyan is also the deputy prime minister of the UAE.

Global oil and gas prices have surged after Iran virtually blocked the Strait of Hormuz, a narrow shipping lane between the Persian Gulf and the Gulf of Oman, that handles roughly 20 per cent of global oil and LNG (Liquefied Natural Gas).

West Asia has been a major source of India's energy procurement.

There has been growing global concern over disruptions in commercial shipping through the Strait of Hormuz, with many leading powers pressing for the full reopening of the waterway.

Iran has allowed ships belonging to its friendly countries, including India, to transit through the waterway.

In the last couple of weeks, India has made diplomatic efforts focusing on ending the conflict in West Asia as soon as possible and ensuring the unimpeded flow of energy through the Strait of Hormuz.

New Delhi thinks there could be serious ramifications for fuel and fertiliser security for many countries, including India, if the blockade of the shipping lane continues.

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डिजिटल समाचार, नामरूप, 6अप्रैल:
ब्रह्मपुत्र वैली फर्टिलाइजर कॉरपोरेशन लिमिटेड (BVFCL) ने शनिवार को अपना 25वां स्थापना दिवस गरिमामय वातावरण में मनाया। यह अवसर कंपनी के कृषि विकास, किसान कल्याण और राष्ट्रीय औद्योगिकीकरण में उसके निरंतर योगदान का प्रतीक बनकर उभरा।

कार्यक्रम की शुरुआत रविवार सुबह अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक मोहन राज शेरी तथा BVFCL के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा संस्थापक दिवंगत मोहिनी फुकन की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि देने से हुई। इसके बाद प्रशासनिक भवन परिसर में अध्यक्ष ने BVFCL का ध्वज फहराया।

अपने संबोधन में मोहन राज शेरी ने कहा कि दिवंगत मोहिनी फुकन की दूरदर्शिता और अथक प्रयासों ने नामरूप जैसे सीमावर्ती एवं पिछड़े क्षेत्र में औद्योगिक क्रांति की मजबूत नींव रखी। उन्होंने कहा कि उनकी सोच और नेतृत्व ने न केवल उद्योग को नई दिशा दी, बल्कि पूरे उत्तर-पूर्व में हरित क्रांति को मजबूती प्रदान की।

उल्लेखनीय है कि BVFCL की स्थापना 5 अप्रैल 2002 को हुई थी। इससे पहले 1969 में स्थापित नामरूप उर्वरक संयंत्र, जो हिंदुस्तान फर्टिलाइजर कॉरपोरेशन लिमिटेड के अधीन था, में क्रमिक रूप से तीन इकाइयों का व्यावसायिक उत्पादन शुरू हुआ। बाद में विभिन्न प्रशासनिक और औद्योगिक कारणों से इस इकाई को अलग कर BVFCL का गठन किया गया।

पिछले 25 वर्षों में कंपनी ने देश के कृषि क्षेत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता, किसान हितों के प्रति समर्पण और राष्ट्रीय विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया है। कंपनी के प्रयासों से किसानों को सशक्त बनाने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।

रजत जयंती वर्ष के इस विशेष अवसर पर BVFCL परिवार ने नए उत्साह और संकल्प के साथ विकास, कृषि समृद्धि और राष्ट्र सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का प्रण लिया।

इस समारोह में प्रशासन एवं विपणन विभाग के महाप्रबंधक सत्यजीत मिश्रा, उत्पादन महाप्रबंधक दूध कुमार दास, उप महाप्रबंधक डब्ल्यू. वी. अरुण कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

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👉ट्रंप की ईरान को सीधी चेतावनी: 7 अप्रैल तक हॉर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला, तो तबाह होंगे बिजली घर और पुल.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अपना रुख और सख्त करते हुए एक नई समयसीमा (डेडलाइन) जारी की है। ट्रंप ने रविवार को अपने 'ट्रूथ सोशल' अकाउंट पर एक पोस्ट साझा करते हुए चेतावनी दी कि अगर 7 अप्रैल तक हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को वाणिज्यिक जहाजों के लिए नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमला करेगा।

'पावर प्लांट डे' और 'ब्रिज डे': ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में 7 अप्रैल (मंगलवार) को ईरान के लिए 'पावर प्लांट डे' और 'ब्रिज डे' घोषित किया है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई, तो अमेरिका ईरान के बिजली घरों और पुलों को निशाना बनाएगा।
48 घंटे का अल्टीमेटम: राष्ट्रपति ने ईरान को 48 घंटे का समय देते हुए कहा है कि या तो वे समझौता करें या हॉर्मुज का रास्ता खोलें, अन्यथा उन्हें "नर्क" (Hell) जैसी स्थिति का सामना करना पड़ेगा।
आर्थिक और नागरिक जीवन पर असर: विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप अब ईरान को झुकने पर मजबूर करने के लिए वहां की अर्थव्यवस्था और आम जनजीवन को सीधे तौर पर प्रभावित करने वाले बुनियादी ढांचे पर हमला करने की योजना बना रहे हैं।
हॉर्मुज का महत्व: हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल शिपिंग मार्ग है, जिसे तेहरान ने अमेरिका और इज़राइल के साथ चल रहे युद्ध के दौरान प्रभावी रूप से बंद कर दिया है।

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प्रयागराज सहसों बसमहुआ स्थित एच.एल. पब्लिक स्कूल में रविवारदिनांक 5 अप्रैल 2026 को वार्षिकोत्सव कार्यक्रम बड़े ही हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर रंग-बिरंगी सजावट और आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में डिप्टी जेलर सुश्री जया पाल, भावी प्रत्याशी जिला पंचायत सदस्य भारत पासी, आदिल हमजा एवं वीरेंद्र चौधरी उपस्थित रहे। अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
वार्षिकोत्सव के दौरान विद्यालय के विद्यार्थियों ने नृत्य, गीत, नाटक एवं विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम के समापन से पूर्व मेधावी छात्रों को पुरस्कार वितरण कर सम्मानित किया गया, जिससे विद्यार्थियों का उत्साह और भी बढ़ा।
कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावशाली संचालन कुंवर प्रताप द्वारा किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक बृजेश पाल सहित उमेश कुमार यादव, महेंद्र पाल, हिमांशु सिंह, प्रदीप राय, मिथलेश सिंह, निशा कुशवाहा, अंजली, काजल समेत अनेक गणमान्य लोग एवं अभिभावक उपस्थित रहे।

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🟥 चंदौली SP आकाश पटेल का सैयदराजा बाजार में पैदल गश्त, व्यापारियों से संवाद कर दिलाया सुरक्षा का भरोसा।
🟨 अफवाहों से बचने की अपील, शांति व भाईचारा बनाए रखने का दिया संदेश।
📰 चंदौली जिले के पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने रविवार, 5 अप्रैल 2026 को सैयदराजा बाजार में पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बाजार में मौजूद व्यापारियों, स्थानीय नागरिकों और आम जनमानस से सीधे संवाद किया।
पैदल गश्त के दौरान एसपी ने व्यापारियों को सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए कहा कि जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसके लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और आपसी सौहार्द व भाईचारा बनाए रखें। साथ ही यह भी कहा कि यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
इस दौरान क्षेत्राधिकारी सदर देवेंद्र कुमार और सैयदराजा थाना अध्यक्ष अशोक कुमार मिश्रा सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
🟩 मुख्य बिंदु:
▪️ सैयदराजा बाजार में SP का पैदल गश्त।
▪️ व्यापारियों व आम लोगों से सीधा संवाद।
▪️ अफवाहों से दूर रहने की अपील।
▪️ संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना देने का निर्देश।
▪️ पुलिस ने सुरक्षा को लेकर भरोसा दिलाया।

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🟥 चंदौली SP आकाश पटेल का सैयदराजा बाजार में पैदल गश्त, व्यापारियों से संवाद कर दिलाया सुरक्षा का भरोसा।
🟨 अफवाहों से बचने की अपील, शांति व भाईचारा बनाए रखने का दिया संदेश।
📰 चंदौली जिले के पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने रविवार, 5 अप्रैल 2026 को सैयदराजा बाजार में पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बाजार में मौजूद व्यापारियों, स्थानीय नागरिकों और आम जनमानस से सीधे संवाद किया।
पैदल गश्त के दौरान एसपी ने व्यापारियों को सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए कहा कि जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसके लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और आपसी सौहार्द व भाईचारा बनाए रखें। साथ ही यह भी कहा कि यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
इस दौरान क्षेत्राधिकारी सदर देवेंद्र कुमार और सैयदराजा थाना अध्यक्ष अशोक कुमार मिश्रा सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
🟩 मुख्य बिंदु:
▪️ सैयदराजा बाजार में SP का पैदल गश्त।
▪️ व्यापारियों व आम लोगों से सीधा संवाद।
▪️ अफवाहों से दूर रहने की अपील।
▪️ संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना देने का निर्देश।
▪️ पुलिस ने सुरक्षा को लेकर भरोसा दिलाया।

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🔶 1. मुख्य खबर (Headline Analysis)

✝️ मधुपुर में ईस्टर संडे का आयोजन
खबर बताती है कि Easter Sunday को मधुपुर के चर्चों में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया।
लोगों ने प्रार्थनाएं कीं और शांति, प्रेम, भाईचारे का संदेश दिया।
👉 विश्लेषण:
यह खबर सामाजिक सद्भाव और धार्मिक एकता को दर्शाती है। स्थानीय स्तर पर सामुदायिक भागीदारी मजबूत दिखती है।

🔶 2. सामाजिक व प्रशासनिक गतिविधियाँ

👨‍⚕️ नए सिविल सर्जन का स्वागत
देवघर में नए सिविल सर्जन डॉ. राकेश कुमार का स्वागत रेड क्रॉस द्वारा किया गया।
👉 विश्लेषण:
स्वास्थ्य प्रशासन में बदलाव और नए नेतृत्व से बेहतर सेवाओं की उम्मीद जताई गई है।

🏃‍♂️ मजदूर दिवस रैली की तैयारी
जसीडीह में मजदूर दिवस (International Workers' Day) की तैयारी पर बैठक हुई।
👉 विश्लेषण:
यह श्रमिकों के अधिकार और जागरूकता पर ध्यान देने का संकेत है।

🔶 3. धार्मिक और सांस्कृतिक समाचार

🛕 मंदिर यात्रा और धार्मिक आयोजन
विभिन्न धार्मिक यात्राएं और पूजा कार्यक्रम आयोजित हुए।
👉 विश्लेषण:
क्षेत्र में धार्मिक गतिविधियों की सक्रियता और सांस्कृतिक परंपराओं की निरंतरता दिखती है।

🔶 4. शिक्षा और संगठनात्मक खबरें
📚 स्कूल और शिक्षक संघ की बैठक
निजी स्कूलों और शिक्षक संघों की बैठकों में नीतियों और समस्याओं पर चर्चा।
👉 विश्लेषण:
शिक्षा क्षेत्र में संगठनात्मक सक्रियता और सुधार की मांग सामने आती है।

🔶 5. राजनीति और सामाजिक मुद्दे
🗳️ चुनाव और संगठनात्मक बदलाव
पूर्व मुखिया के निधन के बाद शोक और राजनीतिक गतिविधियां।
👉 विश्लेषण:
स्थानीय राजनीति में बदलाव और नेतृत्व परिवर्तन का संकेत।

🔶 6. सामुदायिक और स्वास्थ्य जागरूकता
🩺 चिकित्सा शिविर व जागरूकता कार्यक्रम
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए।
👉 विश्लेषण:
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने का प्रयास।

🔶 7. विविध खबरें (Miscellaneous)
पुस्तकालय बैठक
भाजपा मंडल प्रशिक्षण
बैंक/संस्था की बैठक
सड़क दुर्घटना की खबर
👉 विश्लेषण:
ये सभी खबरें स्थानीय प्रशासन, राजनीति और समाज की सक्रियता को दर्शाती हैं।

📊 समग्र निष्कर्ष (Overall Conclusion)
👉 इस पूरे पेज का विश्लेषण करने पर स्पष्ट होता है कि:
क्षेत्र में धार्मिक सौहार्द और सांस्कृतिक गतिविधियाँ मजबूत हैं
प्रशासनिक और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के प्रयास जारी हैं
शिक्षा और श्रमिक मुद्दे प्रमुख रूप से उभर रहे हैं
स्थानीय राजनीति और संगठनात्मक गतिविधियाँ सक्रिय हैं

✔️ कुल मिलाकर यह पेज एक संतुलित स्थानीय समाचार कवरेज प्रस्तुत करता है, जिसमें समाज, धर्म, राजनीति और विकास—सभी पहलुओं को शामिल किया गया है।

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टाउन हॉल मुरैना में 6 से 10 अप्रैल तक आयोजित होगा पुस्तक मेला

शासन के निर्देश एवं कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ के मार्गदर्शन में जिला मुरैना में 6 अप्रैल से 10 अप्रैल 2026 तक टाउन हॉल मुरैना में पुस्तक मेले का आयोजन किया जाएगा।
यह मेला प्रतिदिन प्रातः 10:00 बजे से सायं 5:30 बजे तक संचालित रहेगा। मेले में टेस्ट बुक, शैक्षणिक सामग्री, स्टेशनरी, स्कूल ड्रेस, टाई एवं शूज आदि सामग्री उनके समक्ष अंकित छूट पर उपलब्ध कराई जाएगी।
जिला प्रशासन द्वारा अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपने बच्चों के लिए इस पुस्तक मेले से उपयोगी एवं गुणवत्तापूर्ण पुस्तकें एवं शैक्षणिक सामग्री क्रय करें। यह मेला विशेष रूप से प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी कक्षाओं में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में पठन-पाठन के प्रति रुचि विकसित करना तथा उन्हें उत्तम गुणवत्ता की शैक्षणिक सामग्री सुलभ कराना है।

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सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी से प्राप्त निर्देशों के अनुपालन में जिले के विभिन्न विभागों के शासकीय सेवकों हेतु सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 6 से 10 अप्रैल 2026 तक प्रतिदिन प्रातः 11:00 बजे से ई-दक्ष केन्द्र में ई-गवर्नेंस माध्यम से आयोजित किया जाएगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी सहभागिता करेंगे, जिनमें प्रमुख रूप से —
श्रीमती संदीपा शर्मा, अजय प्रताप सिंह, आरती राजपूत, जितेन्द्र सिंह गुर्जर, एस.के. सिंह चौहान, अशोक कुमार, डॉ. गिर्राज गुप्ता, श्री प्रशांत कुशवाह, श्रीमती सुमन खरे, श्रीमती हिना खान, डॉ. लक्ष्मीकांत गोयल, डॉ. सियाराम जाटव, डॉ. विल्केश शर्मा, श्री रामपाल सिंह करजरे, श्री सतेन्द्र चौरसिया, श्री मनिक चंद धाकड़, श्री शिवराज शर्मा, श्री शैलेन्द्र सिंह तोमर, श्री वीरेन्द्र धाकड़, श्री संतोष शर्मा, उपनिरीक्षक पार्थ सिंह परिहार, श्रीनिवास गुर्जर, श्री मुकेश शर्मा, श्री मधुमंगल शुक्ला एवं श्री प्रवीण कुमार शाक्य सम्मिलित हैं।

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हथीन। हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल द्वारा फरीदाबाद में आयोजित धन्यवाद रैली में शामिल होने के लिए हथीन क्षेत्र से व्यापारियों और भाजपा नेताओं का बड़ा जत्था शनिवार सुबह रवाना हुआ। यह जत्था हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल हथीन के प्रधान चौधरी नरेश चन्द सिंगला के नेतृत्व में एक बस और दर्जन भर गाड़ियों के साथ फरीदाबाद के लिए निकला।

रैली में मुख्य अतिथि के रूप में सैनी समाज के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस मौके पर हथीन भाजपा मंडल अध्यक्ष सौरभ सिंगला, नगर पालिका के वाइस चेयरमैन राकेश गर्ग, व्यापार मंडल के प्रदेश संगठन मंत्री प्रवीण गर्ग, व्यापार मंडल पलवल के प्रधान विनोद जैन, भाजपा के वरिष्ठ नेता सूरज पांडे, सतीश सिंगला, कमर, सिकदर, योगेश शर्मा, जितेंद्र गर्ग, जितेंद्र शर्मा, राजेश चौधरी, मुकेश गुप्ता और मंडल सदस्य लक्ष्मण शर्मा, शैकी सिंगला सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

नेताओं और व्यापारियों ने कहा कि वे रैली में बढ़-चढ़कर भाग लेकर सरकार की नीतियों का समर्थन करेंगे और क्षेत्र के विकास के लिए अपनी एकजुटता दिखाएंगे।

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हथीन, पलवल:
नेशनल मीन्स-कम-मेरिट स्कॉलरशिप (NMMS) परीक्षा के घोषित परिणामों में जिला पलवल के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले का नाम रोशन किया है। जिला शिक्षा अधिकारी मामराज रावत के अनुसार, पूरे जिले से कुल 39 विद्यार्थियों ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल की है।

खंड हथीन की बात करें तो यहां के 10 विद्यार्थियों ने परीक्षा उत्तीर्ण कर उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। इस सफलता से क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

इसी कड़ी में राजकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय, हथीन की छात्रा भूमि (पुत्री दीपक) के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर विद्यालय में भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया गया। विद्यालय के मुख्याध्यापक बाबू राम और हेड टीचर सतेंद्र सिंह ने छात्रा और विद्यालय स्टाफ को फूलमालाएं पहनाकर सम्मानित किया।

इस अवसर पर शिक्षक रविंद्र दीक्षित ने बताया कि यह सफलता विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। वहीं, मुख्याध्यापक बाबू राम ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि निरंतर प्रयास और नए कौशल सीखने से ही सफलता प्राप्त होती है।

कार्यक्रम में सुनील कुमार, मनदीप सिंह, रेखा शर्मा, नेपाल, आशा, कविता सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। विद्यालय परिवार ने इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए सभी सफल विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

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हथीन विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से BLA-2 की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में संगठन के कई वरिष्ठ एवं सक्रिय कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और आगामी रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में मुख्य रूप से पूर्व जिला अध्यक्ष चरण सिंह तेवतिया, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सूरज पांडे जी, सतीश डागर जी, हथीन विधानसभा के BLA-1 हेमंत राजपूत जी, जयसिंह चौहान सहित मंडलों के सभी अध्यक्षगण, प्रमुख कार्यकर्ता और सभी BLA-2 उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान संगठन की मजबूती, बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने और आगामी कार्यक्रमों को सफल बनाने को लेकर विशेष जोर दिया गया। नेताओं ने कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर पार्टी की नीतियों और योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

महामंत्री मंडल हथीन हरकेश शर्मा ने बैठक के सफल आयोजन पर सभी का आभार व्यक्त किया और संगठन के प्रति समर्पण के साथ कार्य करने की अपील की।

यह बैठक संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिससे आने वाले समय में पार्टी को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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भौतिक एवं वित्तीय उपलब्धियों की जानकारी तत्काल भेजने के निर्देश
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भोपाल संभाग आयुक्त हेतु पीएआर (परफॉर्मेंस एप्रेजल रिपोर्ट) तैयार किए जाने के मद्देनजर जिला प्रशासन द्वारा सभी विभागों को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं। जारी निर्देशों के अनुसार, विभागीय स्तर पर दिनांक 01 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक की अवधि में प्राप्त भौतिक एवं वित्तीय उपलब्धियों का विस्तृत विवरण तत्काल उपलब्ध कराया जाना अनिवार्य किया गया है।

अपर कलेक्टर श्री अनिल कुमार डामोर द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह जानकारी अत्यंत आवश्यक है, जिससे संभागीय स्तर पर कार्यों का समुचित मूल्यांकन एवं समीक्षा की जा सके। सभी विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे निर्धारित अवधि के दौरान किए गए कार्यों, योजनाओं की प्रगति, उपलब्धियों तथा व्यय संबंधी संपूर्ण जानकारी व्यवस्थित रूप से संकलित करें।

उक्त जानकारी ए4 साइज पेपर पर हार्ड कॉपी के साथ-साथ सॉफ्ट कॉपी के रूप में भी उपलब्ध कराई जानी है। सॉफ्ट कॉपी निर्धारित ई-मेल आईडी dmvidisha@mp.nic.in पर अनिवार्य रूप से प्रेषित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे इस कार्य को प्राथमिकता देते हुए आज ही जानकारी प्रेषित करना सुनिश्चित करें, ताकि समय-सीमा में पी.ए.आर. तैयार करने की प्रक्रिया पूर्ण की जा सके। निर्धारित समय-सीमा का पालन न करने की स्थिति में संबंधित विभाग की जवाबदेही तय की जाएगी।

Jansampark Madhya Pradesh
#JansamparkMP #vidisha

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ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति ने जल संरक्षण एवं नरवाई प्रबंधन का महत्व बताते दिलाई शपथ
बनखेड़ी--जन अभियान परिषद द्वारा चयनित ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति कोठारी द्वारा जन अभियान परिषद की ब्लॉक समन्वयक श्रीमती सुखवती वर्मा के मार्गदर्शन में नवाकुर सखियों मैं श्रीमती गीता बाई श्रीमती सुनीता श्रीमती भूरिया बाई श्रीमती कंचन मेहरा श्रीमती रामभरोसे मेहरा श्रीमती पूजा मेहरा एवं श्रीमती वैजयंती विश्वकर्मा सहित नवाकुर सखियों की उपस्थिति में ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति कोठारी की अध्यक्ष श्रीमती बबली मेहरा द्वारा जल को कैसे बचाएं का महत्व बताते हुए एवं नरवाई ना जलाने का महत्व बताते हुए जल संरक्षण एवं नरवाई प्रबंधन की शपथ दिलाई गई

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AMU Literary Festival 2026 Begins with Inaugural Ceremony

ALIGARH, April 5: The Aligarh Muslim University Literary Festival 2026 commenced with an inaugural ceremony at the Kennedy Auditorium, Cultural Education Centre (CEC), bringing together academicians, students and literary enthusiasts.

The programme was graced by Pro Vice Chancellor Prof. Mohd. Mohsin Khan as Chief Guest and Dean Students’ Welfare Prof. Mohd. Athar Ansari as Guest of Honour. Prof. Mohd. Rizwan Khan, Coordinator, CEC, was also present along with Dr. Mansoor Alam Siddiqui, President, University Debating and Literary Club (UDLC), Dr. Ghufran Ahmad, Mentor, UDLC, and faculty members.

Addressing the gathering, Prof. Mohd. Mohsin Khan reflected on the rich legacy of the Cultural Education Centre and recalled his student days, highlighting how the training and intellectual grooming provided by the CEC play a crucial role in shaping well-rounded personalities. He remarked that students associated with such platforms develop confidence, clarity of thought and communication skills that help them stand out and excel in diverse fields. Emphasising the need to uphold the dignity and legacy of AMU, he urged students to carry forward its core values of free enquiry and mutual respect.

Prof. Mohd. Athar Ansari highlighted the importance of literary festivals in fostering intellectual growth and cultural diversity, noting that such platforms encourage dialogue, critical thinking and creative expression among students, thereby enriching campus life.

Prof. Mohd. Rizwan Khan described the festival as “a celebration of literary voices and meaningful dialogue,” and said that the CEC continues to serve as a vibrant space for nurturing ideas, debate and intellectual engagement. He urged students to actively participate, listen with openness and contribute to a culture of thoughtful exchange and respectful disagreement.

Dr. Mansoor Alam Siddiqui outlined the vision of the festival, stressing the need to create spaces for meaningful intellectual engagement, while Dr. Ghufran Ahmad, drawing on the ideas of Allama Iqbal, emphasised the importance of listening and effective communication in contemporary times.

Earlier, welcoming the gathering, Syed Faheem Ahmad, Secretary, UDLC, set the tone for the event by highlighting the significance of the festival as a platform for student expression and intellectual engagement.

A highlight of the inaugural session was the release of the festival newsletter “Pre-LitLetter,” edited by Aliya Akbar, Rahat Ul Aien and Zainab Faiza Islam.

The session concluded with a vote of thanks by Amna Asim.

The festival will continue over the next two days, featuring a series of literary events, discussions and competitions.



Public Relations Office
Aligarh Muslim University

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विकास कार्यों का निरीक्षण: मुख्यमंत्री ने वाल्मीकिनगर में चल रही कई विकास परियोजनाओं का जमीनी निरीक्षण किया, जिसमें विशेष रूप से गंडक बैराज के पास बन रहे 'लव-कुश इको-टूरिज्म पार्क' का जायजा लिया।
परियोजनाओं का उद्घाटन/शिलान्यास: उन्होंने वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के अंतर्गत इको-टूरिज्म सेंटर का शिलान्यास और गोनौउली व चिउटाहा में गिद्ध संरक्षण केंद्रों का उद्घाटन किया।
सिंचाई व्यवस्था की समीक्षा: नीतीश कुमार ने डॉन नहर शाखा सेवा पथ के जीर्णोद्धार कार्य का निरीक्षण किया और अधिकारियों को सिंचाई परियोजनाओं को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया।
पर्यटन को बढ़ावा: उन्होंने वाल्मीकिनगर को एक प्रमुख इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से जंगल सफारी वाहनों को हरी झंडी दिखाई।

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इंदौर | जीवन जागृति सेवा संस्थान, प्रयागराज उत्तरप्रदेश ने 2025 का वार्षिक सम्मान हिंदी साहित्य, युवा जागरण एवं प्रकृति संरक्षण के क्षेत्र में विशेष उपलब्धि हेतु कवि दामोदर विरमाल को प्रदान किया है।

यह संस्था नि:शुल्क शिक्षा, स्वास्थ्य शिविर, कौशल विकास कार्यक्रम एवं वृक्षा रोपण जैसे कार्यों हेतु सक्रिय है। संस्था सम्बंधित क्षेत्र में कार्य कर रहे भारत देश के कोने कोने में ऐसे विद्वानों को ढूंढकर उनकी उपलब्धि एवं योग्यता के आधार पर सेवा सम्मान के रूप में "महात्मा गांधी नेशनल सर्विस अवॉर्ड" प्रदान करती है।

दामोदर विरमाल विगत 15 वर्षों से घरों में छिपी युवा एवं प्रौढ़ प्रतिभाओं को मंच और सम्मान देने हेतु सक्रिय है एवं स्कूल, कॉलेज, एनजीओ एवं सोसायटी में जाकर युवा जागरण संकल्प यात्रा के माध्यम से हिंदी साहित्य, भारतीय संस्कृति, नशामुक्ति, सोशल मीडिया, साइबर अपराध एवं प्रकृति संरक्षण के लिए काम कर रहे है। श्री विरामाल को अभितक कई राष्ट्रीय सम्मान, मंच और मीडिया उपलब्धि प्राप्त हो चुकी है। मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी, इप्सा रेडियो, दिल्ली थियेटर, इंदौर आकाशवाणी, रेड नाइन टीवी, स्पीक मालवा और इंडियाज टेलेंट फाइट (टीवी शो) आदि प्लेटफार्म पर आयोजित कार्यक्रम का हिस्सा बन चुके है।

दामोदर विरमाल संस्था विद्यांजलि भारत मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संस्थापक है। मालवा क्षेत्र में एक हिंदी कवि, प्रेरक वक्ता एवं संगीत कलाकार के रूप में पहचाने जाते है। युवा जागरण संकल्प यात्रा, साहित्योत्सव एवं मिशन वृक्ष आदि प्रकल्पों के माध्यम से सक्रिय रहकर बहुत साधारण जीवन जीते है।

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Managing million-dollar sinking funds, costly repairs: Do condo councils need mandatory training?

The Building and Construction Authority has proposed a requirement for council members to undergo mandatory training as part of its review of the Building (Strata Management) Act.


Pine Grove condominium is a former Housing and Urban Development Company (HUDC) estate. (Photo: CNA/Erin Liam)

SINGAPORE: Like most ageing developments, the bill to keep Pine Grove condominium running has grown steadily over the years.

The former Housing and Urban Development Company (HUDC) estate, which is more than 40 years old, is due for repainting works estimated to cost about S$1.8 million (US$1.4 million). Mandatory facade inspection, spalling concrete repairs and an upcoming structural inspection of the over 893,000 sq ft site will add another S$500,000.

The most urgent repair work – replacing the condominium’s 14 ageing lifts, whose parts have become obsolete – could cost at least S$1.4 million for the 660 households in the estate.

Such works are typically funded by the condominium’s sinking fund, which Management Corporation Strata Title (MCST) councils draw on for major repairs.

“Older estates, you definitely need a healthier sinking fund. So how to go about it? That is the challenge,” said Mrs Cheryn Liew, 67, Pine Grove’s MCST chairperson.

To cover the costs, the council intends to propose an increase to the maintenance fee at the next annual general meeting (AGM), although she could not say by how much.

Of the S$292 fee that households currently pay per month, about S$60 goes into the sinking fund. The remaining covers day-to-day expenditures.

Securing residents' support for higher contributions requires both tact and persistence from the council, she said.

“The key point to make in addressing the residents is that this is undeniably an old estate and understandably, maintenance is required to ensure safe and habitable community living.”

Ultimately, it comes down to a vote. Proposals to raise sinking fund contributions or impose special levies can be defeated at condo meetings – delaying critical repairs in the process.

The struggle to collect adequate sinking funds for estate maintenance, especially at ageing condos, is one of the reasons the Building and Construction Authority (BCA) is reviewing the Building (Strata Management) Act.

The public consultation, which ends on Apr 8, includes a proposal for council members to undergo mandatory training.

“Many elected council members are lay people who may lack the necessary knowledge to manage estates effectively or are overly reliant on the MA (managing agent) without understanding their responsibilities,” BCA said in a document detailing the proposed areas of review.

Proper training could help council members gain foundational knowledge of estate management, legal responsibilities and best practices, it added.

THE TROUBLE WITH SINKING FUNDS
Sinking funds are built from a portion of residents’ maintenance fees to the MCST, which are collected on a quarterly or monthly basis.

While there is no universal formula, about a third of fees – which range from a mid-point of S$500 to S$1,000 a month – typically goes into the sinking fund, said Mr Dennis Tan, president of the MCST Association of Singapore.

The target amount varies widely depending on a development's age, facilities, infrastructure and asset condition, he added.

To project the required amount, managing agents and councils typically divide the expected capital expenditure by the equipment's lifespan, then by the total number of shares in the development, said Mr Andrew Lioe, president of the Association of Strata Managers (ASM).

A survey by the association found that residential projects with 401 to 500 units, ranging from eight to 49 years old, had sinking fund balances of between S$700,000 and S$3 million as of December last year.

The problem, Mr Lioe said, is that many councils undercollect from the outset. When a building is new, everything is "bright and shiny", and some councils set contributions low – assuming they can always raise them later when repairs become necessary.

“But the fact is that once a certain sinking fund figure is set at the first AGM or the earlier AGMs, it is rather challenging to increase it significantly over the years,” he said.

By then, residents may no longer be the original owners, or may be in a different financial position. Asking them to absorb a sharp increase is difficult, Mr Lioe said.

The result is delays in getting repairs done, and eventually breakdowns, which will inconvenience residents, he added.

“By that time, it may be year 15 or year 20, where time is against you. If you had started when you were younger, obviously the premiums are (lower) and you build up a bigger base. But when you start to increase your sinking fund at year 15 or 20, you’re playing a catch-up game,” he said.

Rising costs are compounding the problem. Ms Chan Lie Leng, 61, council chairperson at The Trizon, said costs have gone up “tremendously” in recent years.

A facade repaint at the 289-unit condominium cost around S$700,000 a few years ago. Similar-sized or smaller developments are now paying upwards of S$1 million for the same job.

“You realise that when you're running the estate, there are just so many things to do with the estate. Repainting works cost a bomb. Changing lifts … it is another big bomb,” she said.

The Trizon is about 13 years old, and Ms Chan said its sinking funds are currently "quite decent". But she added that "if something drastic happens, it also will not be sufficient".

As part of its review, BCA is considering requiring MCSTs to submit financial information and records on essential facilities. It is also exploring co-funding support to help older private developments upgrade their lifts with newer safety features.

“We do not intend for it to be used to support R&R (repair and redecoration) and maintenance works, or to pay for the costs of general lift repairs or lift replacements. Such costs should be funded from the private development’s sinking and maintenance funds,” BCA said in a Facebook post on Mar 20.

In a well-managed development, councils typically raise contributions by 5 to 10 per cent periodically, said MCST Association president Mr Tan. But where fees have long been under-collected, far steeper increases may be unavoidable.

At some condominiums, residents have become so accustomed to low fees that any proposed increase is met with resistance, said Dr Lucy Ooi, 73, chairperson at Maplewoods MCST.

“And then they keep on saying, ‘Why do we need to?’ So the onus is really on the council to sort of reassure them, to remind them of evolving cost changes and costings, and all that,” she said.

Councils, she said, should move away from reactive maintenance towards life-cycle planning, backed by regular assessments and early engagement with residents.

As a council, it is hard to please everybody all the time, she said.

“We always have to be mindful that we are in a great ‘PR job’, where we keep people as happy as possible, living in an environment as pleasant as possible, where the grounds are clean, the security is not lax, and where the landscape is something they can be proud of,” she said.

Pine Grove’s Mrs Liew said many people have asked why she wants to commit to a “thankless job”.

“And of course, 660 units, over 2,000 people. You're bound to step on some toes,” she said. But her answer is simple.

“My conscience is clear. I'm here because I love my estate and I don't want our contributions – management fund, sinking fund – going to something else which is not for the good of the estate."

TRAINING AND SKILLS
Managing such responsibilities well demands expertise. MCSTs that CNA spoke to said council members ideally should bring engineering, architecture, accounting, operations or legal skills to the table.

In practice, that rarely happens. “Because these are all volunteers, and it does take a certain amount of time – most people would just rather take a backseat and treat their home as the haven where they just want to go home and rest,” said ASM’s Mr Lioe.

Beyond financial skills, council members should have the technical know-how to understand and explain to residents why a particular repair is needed. Other useful skills range from knowing which type of security service to engage, to handling neighbourly disputes.

In reality, residents may join councils because they have a personal agenda, an ego, or want to prove themselves, said MCST Association of Singapore’s Mr Tan.

“Unfortunately … without the minimum knowledge to run the estate, it actually sometimes creates a lot of problems and disamenities among the subsidiary proprietors,” he said.

Most council members agreed that training could help raise standards, but raised concerns about making it compulsory.

BCA first launched voluntary e-learning courses for council members in 2024, covering procurement, accounting and dispute management, offered at no cost.

Take-up has been low, however, and the authority is now considering whether to make training mandatory – with potential consequences for non-compliance, such as ineligibility to stand for future council elections.

But some council members said mandatory training could deter residents – especially younger ones – from stepping up. Recruitment is already a persistent challenge. The role is generally unpaid and comes with no additional privileges.

Some members are retirees, and to make them attend classes, whether online or physical, without any form of assessment would defeat the purpose, said Mdm Yap Mee Mee, 68, the council secretary at Pine Grove.

“If you make it available to council members, those who wish to better their knowledge, yes, it's a very good idea. But if you make it mandatory, then I think it's going to be a challenge to recruit new members to join,” she said.

Managing agents, who advise councils and provide operational expertise, also have a key role to play. A capable managing agent is essential, said Mr Johnny Chua, 60, the council chairperson at Mi Casa.

They must be able to enforce house rules and advise the council on bylaws. On top of regular estate maintenance and improvements, they should also propose cost-saving ideas, he said.

“The problem is, due to cost competition, many (managing agents) recruited condo managers who lack the relevant experience. As a result, the estate is poorly managed, funds are overrun, wrong advice is given to council, and ended up with unhappy residents,” said the former project manager.

Mr Lioe, who is also managing director of strata and facility management firm A4 International, said the industry is working to encourage more firms to seek accreditation.

“Because at the end of the day, if you have an efficient and responsible managing agent running your MCST, there's less need for the council members to be so involved in the day-to-day,” he said.

“So as much as the council members are being trained, we also believe that we ourselves as managing agents will need to be accredited and trained,” he added.

Beyond technical skills or financial know-how, some council members said the most important quality is simply commitment. Mrs Liew and Mdm Yap both lack formal training in engineering or accounting, but have built up their knowledge through years of hands-on experience.

“People like us, who are not trained in those fields, we learn. We really learn about it,” said Mrs Liew. “I always tell (Mdm Yap), we graduate from ‘Pine Grove University’.”

*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
Journalist Cell
*All India Media Association
Nagpur*
*District President*
*Delhi Crime Press*
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
*INDIAN PRESS UNION*
District Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

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वाराणसी। मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के कंदवा पोखरे में रविवार सुबह एक किशोर के डूबने की सूचना से इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही मंडुवाडीह इंस्पेक्टर अजय राज वर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और तत्काल राहत व बचाव कार्य शुरू कराया।
शुरुआती जानकारी में जिस युवक के डूबने की बात कही जा रही थी, वह अपने घर पर सुरक्षित मिला, जिससे कुछ देर के लिए स्थिति भ्रमित हो गई। हालांकि, मौके पर स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत गोताखोरों को बुलाया और तालाब में तलाश अभियान शुरू कराया।
मंडुवाडीह इंस्पेक्टर की सूचना पर दशाश्वमेध चौकी प्रभारी अनुजमणि तिवारी ने गोताखोर राकेश साहनी और सनी साहनी को तत्काल कंदवा भेजा। दोनों गोताखोरों ने काफी मशक्कत के बाद तालाब में डूबे किशोर को खोजकर बाहर निकाला।बाहर निकालने तक किशोर की मौत हो चुकी थी। मृतक की पहचान मोहित प्रजापति (12 वर्ष), पुत्र तूफानी प्रजापति, निवासी अवलेशपुर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि किशोर की मौत कर्दमेश्वर महादेव मंदिर के पास स्थित पोखरे में डूबने से हुई।
घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है, वहीं पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

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उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में सैकड़ो पशु रोड पर रहते है | यह देख कर उत्तर प्रदेश के झूटे वादे सामने आते है की हर जिले में आवारा पशुओ के लिए गौशाला बनवाया गया है| जब गौशाला है तो रोड पर पशु क्यों और कहा किस जिले में शौसला है इसका सूचना जन जन तक पहुचना चाहिए | इस पशुओ के कारण आये दिन रोड पर अनगिनत हादशे होते रहते है | हमारी सरकार को इनके बारे में कुछ सोचना चाहिए |
इसमे से बहुत सारे पशु एसे है जो पालतू है पर कुछ लोग उनका दूध निकल के रोड पर छोड देते है | ताकि वो कूड़े कचरे से अपना खाना खा सके एसे लोगो पर भी सरकार को सख्ती तिखानी चाहिए | क्योंकि अगर रोड पर जो पालतू पशु भी है | अगर उसके कारण किसी के साथ हादसा होता है और कोई पशुओ को हटाता है तो उसके मालिक लोग तुरन झगडा और मार पिट करने लगते है |
एसे लोगो के साथ भी सख्त से सख्त कारवाही होनी चाहिए | ताकि वो लोग पशुओ को इस कमाई का जरिया न समझे और सरकार को हर जिले में एक नंबर लोगो के लिए रखना चाहिए जहा पे आवारा पशुओ को कम्पलेन करने पर उन पशुओ को गौसाला तक ले जाये | अगर उस पर कोई मालिकाना हक़ जामाता है तो उस पर भारी जुरमाना लगाना चाहिए
इससे रोड पर होने वाले हादसों में कमी आएगा और जनता भी शुरक्षित रहेगी

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उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में सैकड़ो पशु रोड पर रहते है | यह देख कर उत्तर प्रदेश के झूटे वादे सामने आते है की हर जिले में आवारा पशुओ के लिए गौशाला बनवाया गया है| जब गौशाला है तो रोड पर पशु क्यों और कहा किस जिले में शौसला है इसका सूचना जन जन तक पहुचना चाहिए | इस पशुओ के कारण आये दिन रोड पर अनगिनत हादशे होते रहते है | हमारी सरकार को इनके बारे में कुछ सोचना चाहिए |
इसमे से बहुत सारे पशु एसे है जो पालतू है पर कुछ लोग उनका दूध निकल के रोड पर छोड देते है | ताकि वो कूड़े कचरे से अपना खाना खा सके एसे लोगो पर भी सरकार को सख्ती तिखानी चाहिए | क्योंकि अगर रोड पर जो पालतू पशु भी है | अगर उसके कारण किसी के साथ हादसा होता है और कोई पशुओ को हटाता है तो उसके मालिक लोग तुरन झगडा और मार पिट करने लगते है |
एसे लोगो के साथ भी सख्त से सख्त कारवाही होनी चाहिए | ताकि वो लोग पशुओ को इस कमाई का जरिया न समझे और सरकार को हर जिले में एक नंबर लोगो के लिए रखना चाहिए जहा पे आवारा पशुओ को कम्पलेन करने पर उन पशुओ को गौसाला तक ले जाये | अगर उस पर कोई मालिकाना हक़ जामाता है तो उस पर भारी जुरमाना लगाना चाहिए
इससे रोड पर होने वाले हादसों में कमी आएगा और जनता भी शुरक्षित रहेगी

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*अंबेडकर नगर में प्राइवेट स्कूलों का खुला लूट का धंधा!*

*एडमिशन से लेकर ड्रेस-किताब-फीस तक सब मनमाना – शिक्षा को बना दिया है शुद्ध व्यवसाय, शिक्षा विभाग और अधिकारी खुलेआम सोए हुए!*


अंबेडकर नगर
जनपद अंबेडकर नगर के प्राइवेट स्कूलों ने शिक्षा को नफे का सबसे बड़ा धंधा बना लिया है। एडमिशन, यूनिफॉर्म, किताबें और फीस – हर चीज पर मनमानी चल रही है। अभिभावक रो-रोकर थक गए, लेकिन शिक्षा विभाग, डीईओ और जिला प्रशासन की लापरवाही देखकर लगता है कि वे भी इस लूट में साझेदार बन चुके हैं। आरटीई एक्ट, फीस रेगुलेशन और हर नियम कागजों में सिमट गए हैं। स्कूल मालिक खुले आम कह रहे हैं – “हमारी मर्जी, सरकार कुछ नहीं कर सकती!”स्कूलों ने शिक्षा को कैसे बना दिया है शुद्ध व्यापार?मेरिट, आरटीई कोटा या किसी नियम का नामोनिशान नहीं।रसीद नहीं, कैश लेन-देन। बच्चे का भविष्य बेच दिया जा रहा है! स्कूल की यूनिफॉर्म सिर्फ स्कूल से जुड़ी खास दुकान से ही खरीदनी पड़ती है। बाहर से लाए तो बच्चे को क्लास में घुसने नहीं दिया जाता। एक सेट ड्रेस की कीमत २५००-३००० रुपये – जबकि बाजार में ८००-१००० रुपये में आसानी से मिल जाता है। स्कूल मालिकों की जेब भरने का सबसे आसान तरीका! एनसीईआरटी की किताबें छोड़कर स्कूल अपनी “स्पेशल पैक” किताबें थोप रहे हैं। पूरा सेट ४०००-५००० रुपये। पुरानी किताबें काम की होने के बावजूद नई खरीदने को मजबूर। किताबों का नाम पर भी खुला धंधा चल रहा है! फीस का आतंक: मासिक फीस ४०००-५००० रुपये से शुरू, लेकिन हर महीने “एक्स्ट्रा चार्ज”, “डेवलपमेंट फीस”, “एग्जाम फीस” के नाम पर १५००-२५०० रुपये अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं। लेट फीस पर भारी पेनल्टी। अभिभावकों के नाम गुप्त रखे गए हैं।

*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
Journalist Cell
*All India Media Association
Nagpur*
*District President*
*Delhi Crime Press*
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
*INDIAN PRESS UNION*
District Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

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रिपोर्ट - राम बूझ दूबे

अंबेडकर नगर जनपद के आशापार गांव निवासी आकाश सिंह ने पीसीएस परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पांचवीं रैंक हासिल कर डिप्टी जेलर पद पर चयनित होकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से गांव, क्षेत्र और जिले में खुशी का माहौल है।

आकाश सिंह, पिता विनय कुमार सिंह के सुपुत्र हैं। उनके परिवार में शिक्षा और सामाजिक प्रतिष्ठा का विशेष स्थान रहा है। उनके चाचा अजय कुमार सिंह पेशे से अधिवक्ता हैं, जिनका मार्गदर्शन भी आकाश की सफलता में सहायक रहा।

आकाश सिंह की इस उपलब्धि की खबर जैसे ही क्षेत्र में पहुंची, लोगों में उत्साह और गर्व की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोग उनके घर पहुंचकर बधाई देने लगे। इस दौरान पूर्व विधायक जलालपुर विधानसभा सुभाष राय, विधायक प्रत्याशी डॉक्टर राजेश सिंह, बांदीपुर के प्रधान जयप्रकाश सिंह, पूर्व प्रधान रविंद्र बहादुर सिंह, डॉक्टर रमाशंकर सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद कुमार सिंह, ओम प्रकाश सिंह सहित कई गणमान्य लोग उनके आवास पर पहुंचे और परिवार को शुभकामनाएं दीं।

सभी ने आकाश सिंह की इस सफलता को क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया और कहा कि मेहनत, लगन और लक्ष्य के प्रति समर्पण से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।

ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार किया और एक-दूसरे को बधाई दी। पूरे आशापार गांव में जश्न जैसा माहौल देखने को मिला। लोगों का कहना है कि आकाश सिंह की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे अंबेडकर नगर जिले के लिए गर्व की बात है।

आकाश सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और परिवार के सदस्यों को देते हुए कहा कि यह उनकी प्रेरणा और आशीर्वाद का परिणाम है। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि वे कठिन परिश्रम और सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ें, सफलता अवश्य मिलेगी।

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నంద్యాల (AIMA MEDIA ): సుంకులమ్మ వీధిలో ఉన్న శ్రీ సుంకులా పరమేశ్వరీ దేవస్థానం హుండీ లెక్కింపు ఆదివారం నిర్వహించారు.దేవాలయం కమిటీ అధ్యక్షులు డాక్టర్ రవి కృష్ణ హుండీ తెరిచి లెక్కింపు ప్రారంభించారు. హుండీ లెక్కింపు ముగిసిన తర్వాత చైర్మన్ డాక్టర్ రవి కృష్ణ, కార్యదర్శి చిమ్మా నాగన్న మాట్లాడుతూ హుండీ ఆదాయం రెండు లక్షల ముప్పై ఆరు వేల అరవై రూపాయలు వచ్చిందని, దేవస్థానం బ్యాంకు అకౌంట్లో జమ చేయడం జరుగుతుందని చెప్పారు.దేవస్థానం కమిటీ ఆధ్వర్యంలో ఉగాది,కార్తీక మాసం,శివరాత్రి ప్రత్యేక పూజలు,శ్రీరామనవమి రోజు సీతారామ కళ్యాణం మరియు గ్రామోత్సవం నిర్వహించామన్నారు.భవిష్యత్తులో నంద్యాల పట్టణంలోని సుంకులమ్మ భక్తుల సహాయ సహకారాలతో నూతన అభివృద్ధి కార్యక్రమాలు చేపట్టడం జరుగుతుందని తెలిపారు.హుండీ లెక్కింపు కార్యక్రమంలో కార్యదర్శి చిమ్మా నాగన్న,ఉపాధ్యక్షులు గోపిశెట్టి వెంకట ప్రసాద్,యంచర్ల నరసింహారావు,సంయుక్త కార్యదర్శి బైగ్గారి మురళి, కోశాధికారి బైగ్గారి చిన్న ప్రసాద్, కార్యవర్గ సభ్యులు బైగ్గారి నాగ మనోజ్, బైగ్గారి సురేష్,ఓజా ప్రసాద్,ఓజా హరి,ఎం.ప్రతాప్ పాల్గొన్నారు.

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अम्बिकेश गुप्ता
कुसमी। राज्य शासन द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल करते हुए विकासखंड कुसमी में स्थापित विकासखंड शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान (बीआईटीई) को उन्नत कर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डीआईटीई) का दर्जा प्रदान किया गया है। छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग के मंत्रालय महानदी भवन, नया रायपुर अटल नगर, जिला रायपुर द्वारा जारी आदेश क्रमांक एफ 17-07/2025/20-एक, दिनांक 16 जून 2025 के तहत यह उन्नयन किया गया।

उन्नयन के बाद निर्देश दिए गए थे कि जिला बलरामपुर-रामानुजगंज का डीआईटीई कुसमी में निर्मित बीआईटीई के नवीन भवन में संचालित किया जाएगा। इसके लिए राज्य शासन द्वारा प्राचार्य की प्रतिनियुक्ति भी कर दी गई है। साथ ही आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 में छात्रों का प्रवेश लेकर नियमित कक्षाओं के संचालन की योजना भी निर्धारित की गई है।

एकमात्र नवीन भवन, फिर भी संचालन पर संकट..

कुसमी में इस प्रशिक्षण संस्थान के लिए तैयार किया गया भवन जिला बलरामपुर-रामानुजगंज का एकमात्र अत्याधुनिक एवं नवीन शैक्षणिक भवन माना जा रहा है। इसके बावजूद संस्थान के संचालन में विभिन्न प्रकार की बाधाएं सामने आ रही हैं। सूत्रों के अनुसार भीतरखाने से यह चर्चा तेज हो गई है कि डीआईटीई का संचालन कुसमी के इस नए भवन के बजाय जिला मुख्यालय बलरामपुर के किसी पुराने भवन में किए जाने की योजना बनाई जा रही है।

यदि ऐसा होता है, तो कुसमी को शिक्षा के क्षेत्र में मिलने वाला बड़ा अवसर हाथ से निकल सकता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि डीआईटीई का संचालन कुसमी में होने से यह क्षेत्र शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है, जिससे न केवल स्थानीय छात्रों बल्कि पूरे जिले को लाभ मिलेगा।

जनप्रतिनिधियों और संगठनों की निष्क्रियता पर सवाल..

हैरानी की बात यह है कि इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर अब तक सामरी विधानसभा क्षेत्र के किसी भी जनप्रतिनिधि, छात्र संगठन या सरपंच संघ द्वारा कोई ठोस पहल नहीं की गई है। जबकि कुसमी क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधियों की पहुंच राज्य और केंद्र स्तर तक मानी जाती है, इसके बावजूद इस विषय पर चुप्पी बरकरार है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते जनप्रतिनिधियों ने पहल नहीं की, तो कुसमी को शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि से वंचित होना पड़ सकता है।

कुसमी के विकास से जुड़ा है मामला..

डीआईटीई जैसे संस्थान का संचालन किसी भी क्षेत्र के शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभाता है। कुसमी में इसका संचालन होने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, शैक्षणिक वातावरण मजबूत होगा और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी।

दिलचस्पी वाली बात हैं कि शासन अपने पूर्व निर्णय पर कायम रहता है या हस्तक्षेप की चर्चाओं के बीच संस्थान का स्थान परिवर्तन किया जाता है। फिलहाल कुसमी में इस मुद्दे को लेकर चिंता और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

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నంద్యాల (AIMA MEDIA ): ఆదివారం నంద్యాల పట్టణంలోని ఆర్టీసీ బస్టాండ్ సమీపంలో ఉన్న విక్టోరియా రీడింగ్ రూమ్ వద్ద డా. బాబు జగ్జీవన్ రామ్ 119వ జయంతి వేడుకలు ఘనంగా నిర్వహించారు. ఈ సందర్భంగా మంత్రి ఎన్.ఎం.డి. ఫరూక్, జిల్లా కలెక్టర్ జి. రాజకుమారి కలిసి ఆయన విగ్రహానికి పుష్పమాలలు అర్పించి ఘన నివాళులు అర్పించారు. ఈ సందర్భంగా ఏర్పాటు చేసిన సమావేశాన్ని జ్యోతి వెలిగించి ప్రారంభించారు. ఈ కార్యక్రమంలో నంద్యాల సబ్ డివిజన్ ఏఎస్పీ ఎం. జావలి ఆల్ఫోన్స్, సాంఘిక సంక్షేమ అధికారి చింతామణి, మున్సిపల్ కమిషనర్ శేషన్న జిల్లా అధికారులు, ప్రజాప్రతినిధులు, వివిధ సంఘాల ప్రతినిధులు, తదితరులు పాల్గొన్నారు.జిల్లా కలెక్టర్ జి. రాజకుమారి మాట్లాడుతూ, బాబు జగజ్జీవన్ రామ్ జీవితం సమాజానికి మార్గదర్శకమని పేర్కొన్నారు. అట్టడుగున ఉన్న వర్గాల అభ్యున్నతికి ఆయన చేసిన కృషి స్ఫూర్తిదాయకమని, యువత ఆయనను ఆదర్శంగా తీసుకొని లక్ష్యసాధన దిశగా ముందుకు సాగాలని సూచించారు. సమాజంలో కార్మిక చట్టాల ప్రాముఖ్యతను వివరిస్తూ, చట్టాల సహాయంతో సాధారణ వ్యక్తి కూడా ఉన్నత స్థాయికి ఎదగవచ్చని, దీనికి బాబూజీ జీవితం గొప్ప ఉదాహరణగా నిలుస్తుందని అన్నారు. ప్రస్తుతం వివిధ లేబర్ యూనియన్లు సమస్యల పరిష్కారంలో ఐక్యతతో ముందుకు రావడానికి కార్మిక చట్టాలే పునాది అని కలెక్టర్ పేర్కొన్నారు. అలాగే వ్యవసాయం మరియు ఆర్థిక అభివృద్ధిపై దృష్టి సారిస్తూ, రాయలసీమ ప్రాంతాన్ని హార్టికల్చర్ హబ్‌గా అభివృద్ధి చేయడం ద్వారా జీడీపీ వృద్ధి సాధ్యమవుతుందని, సుస్థిర వ్యవసాయం దిశగా ప్రణాళికాబద్ధ చర్యలు తీసుకోవాల్సిన అవసరం ఉందని తెలిపారు. ఈ అభివృద్ధికి బాబూజీ హయాంలో జరిగిన హరిత విప్లవం పునాది వేసిందని, ఆ అవగాహనను మరింతగా విస్తరించుకోవాలని సూచించారు.బాబు జగజ్జీవన్ రామ్ సేవలను స్మరించుకుంటూ, 1971 ఇండో-పాక్ యుద్ధ సమయంలో రక్షణ మంత్రిగా ఆయన చూపిన నాయకత్వం దేశ చరిత్రలో చిరస్మరణీయమని, అలాగే రైల్వే శాఖా మంత్రిగా మరియు ఉప ప్రధానమంత్రిగా కూడా ఆయన విశిష్ట సేవలు అందించారని కలెక్టర్ కొనియాడారు. పుస్తక పఠనం, అనుభవజ్ఞులతో సంభాషణ మరియు పరిసరాల పట్ల అవగాహన ద్వారా ఆయన జ్ఞానాన్ని పెంపొందించుకుని అంచెలంచెలుగా ఎదిగారని తెలిపారు. సమాజంలోని ప్రతి వ్యక్తి దేశాభివృద్ధిలో భాగస్వామి కావాలన్నది ఆయన ఆకాంక్ష అని గుర్తుచేశారు. జీవితంలో ఎదురయ్యే చిన్న చిన్న ఆటంకాలను అధిగమించే ధైర్యం మరియు పట్టుదల ఉంటే ఎవరికైనా ఉన్నత స్థాయికి చేరుకోవడం సాధ్యమని పేర్కొన్నారు. ఈ సమావేశంలో కొమ్ముపాలెం శ్రీనివాసులు, మేకల లింగస్వామి, ఏ. చిన్న వెంకట సుబ్బయ్య, దండు వీరయ్య, ఎన్. లక్ష్మన్న, బి. బెనర్జీ, ఎస్. జీవన్ రాజ్, చెన్నమ్మ, రవికాంత్, సి.ఏం. శ్రీనివాసులు, జి. బాలస్వామి, జిల్లా విజిలెన్స్ మానిటరింగ్ కమిటీ సభ్యులు బాలనాగన్న, నాగరాజు, కాశన్న, దేవదానం, రవికాంత్ బాబు, వెంకటేష్ నాయక్, మురళి, కర్మచారి సంఘ సభ్యులు తదితరులు పాల్గొని ప్రసంగించారు.

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📍 मऊगंज, मध्य प्रदेश | विशेष रिपोर्टमध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में एक गंभीर रास्ता विवाद का मामला सामने आया है, जिसमें स्थानीय निवासी ग्राम कोन तहसील हनुमान जिला मऊगंज वेदांती प्रसाद शुक्ला का आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया है। बताया जा रहा है कि इस मामले को लेकर भारतीय ब्राह्मण उत्थान महासभा भारत संगठन द्वारा कई बार प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।सूत्रों के अनुसार, लंबे समय से रास्ते के समाधान की मांग की जा रही है, बावजूद इसके प्रशासनिक स्तर पर उदासीनता बनी हुई है। इस कारण पीड़ित व्यक्ति को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय लोगों और संगठन के पदाधिकारियों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि आखिर कब तक इस तरह की समस्याओं को नजरअंदाज किया जाएगा। मऊगंज कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार जैसे जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में अब तक कोई निर्णायक कदम नहीं उठा पाए हैं, जिससे आम जनता में रोष बढ़ता जा रहा है।संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही रास्ते का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।👉 मांग:प्रशासन से मांग की गई है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच कर उचित निर्णय लिया जाए, ताकि वेदांती प्रसाद शुक्ला को आवागमन की सुविधा मिल सके और न्याय सुनिश्चित हो सके।Aima मीडिया ज्ञानेन्द्र कुमार पाण्डेय

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*उप्र सरकार का यूपी पुलिस में 81,000 से अधिक पदों पर बंपर भर्ती का ऐलान*

उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए साल 2026 खुशियों की सौगात लेकर आया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को और अधिक अभेद्य बनाने के लिए यूपी पुलिस में 81,000 से अधिक पदों पर बंपर भर्ती का ऐलान किया है।

गुरुवार देर रात पुलिस विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान सीएम ने स्पष्ट किया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 युवाओं के लिए रोजगार का स्वर्णिम वर्ष होगा। बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार, पुलिस विभाग की विभिन्न इकाइयों में रिक्त पदों को भरने की तैयारी पूरी कर ली गई है। भर्ती में प्रमुख पद इस प्रकार हैं:

• आरक्षी नागरिक पुलिस (UP Police Constable)
• उपनिरीक्षक (UP SI - दरोगा)
• रेडियो सहायक परिचालक (Radio Assistant Operator)
• कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए
• पुलिस उपनिरीक्षक - गोपनीय (SI Confidential)

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) को निर्देश दिए हैं कि इन सभी सीधी भर्तियों को पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और आरक्षण नियमों का कड़ाई से पालन करते हुए समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए।

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मऊगंज, रिपोर्ट:
मऊगंज जिले के अमोखर गांव में इन दिनों बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना मीटर रीडिंग लिए ही मनमाने तरीके से बिजली बिल थमाए जा रहे हैं, जिससे लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार कई घरों में वास्तविक खपत से अधिक बिल भेजे जा रहे हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। वहीं, इस पूरे मामले में शासन और प्रशासन की चुप्पी भी सवालों के घेरे में है।
मांग:
ग्रामीणों ने मांग की है कि मीटर की सही रीडिंग के आधार पर ही बिजली बिल जारी किए जाएं और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
रिपोर्टर:
ज्ञानेन्द्र कुमार पाण्डेय
Aima Media
मो. 88555867120

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मऊगंज (रीवा संभाग, मध्य प्रदेश) की मुख्य ताजा खबरें (६ अप्रैल २०२६ तक):
विकास कार्यों की बड़ी सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज या हाल ही में मऊगंज पहुंचकर २४१ करोड़ ३३ लाख रुपये के विकास कार्यों की सौगात देने वाले हैं।
जिला कार्यालय भवन का शिलान्यास और देव तालाब के विकास कार्यों का उद्घाटन शामिल।
जल योजना की खुशखबरी
रीवा-मऊगंज क्षेत्र में २३१९.४३ करोड़ रुपये की बड़ी जल आपूर्ति योजना शुरू।
१.२९ लाख परिवारों को शुद्ध पेयजल और १६१३ गांवों को लाभ मिलेगा। कृषि क्षेत्र में भी क्रांति आने की उम्मीद।
बुलडोजर एक्शन
हनुमना के खटखरी बाजार में अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर चला।
सर्विस रोड से अतिक्रमण हटने से बाजार में जाम की समस्या कम होने की उम्मीद।
अपराध और पुलिस कार्रवाई
दिनदहाड़े एटीएम लूट: मऊगंज में एसबीआई एटीएम के बाहर कार सवार बदमाश ने किसान का एटीएम कार्ड छीन लिया (पीछे से पिन कोड देखकर)। CCTV में कैद, पुलिस तलाश में।
फरार आरोपी गिरफ्तार: नईगढ़ी पुलिस ने ८ साल से फरार वारंटी को पकड़कर कोर्ट में पेश किया।
पुलिस की अन्य कार्रवाइयां: लंबे समय से फरार अपराधियों की गिरफ्तारी जारी।
अन्य खबरें
घोटाले के मामले: जल गंगा संवर्धन अभियान, जोधपुर पंचायत (६० लाख) और पानी की टंकी ढहने (७५ लाख) जैसे पुराने भ्रष्टाचार के मामले चर्चा में।
यातायात व्यवस्था पर सवाल: मौखिक आदेश पर चल रही व्यवस्था, नियुक्ति को लेकर विवाद।
पिछली प्रमुख घटनाएं: मार्च २०२५ की गडरा गांव हिंसा (ASI की मौत, पुलिस पर हमला) अब सामान्य होने की ओर, लेकिन उसके असर अभी भी चर्चा में।
मऊगंज हाल ही में रीवा जिले से अलग होकर नया जिला बना है (जलप्रपातों की नगरी के नाम से जाना जाता है)।
नोट: स्थिति बदल सकती है। CM के कार्यक्रम या नई घटनाओं के लिए स्थानीय

Aima मीडिया
ज्ञानेन्द्र कुमार पाण्डेय
8855867120

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मध्य प्रदेश की आज की ताजा खबरें (६ अप्रैल २०२६, सोमवार):
अनूपपुर कोतमा लॉज हादसा – लेटेस्ट अपडेट
कोतमा बस स्टैंड के पास अग्रवाल लॉज (३-४ मंजिला) शनिवार शाम ~५:३० बजे भरभराकर गिर गई।
मौतें: अब तक ३ लोगों की मौत (कुछ रिपोर्टों में २ की पुष्टि, लेकिन कई स्रोत ३ बताते हैं, जिसमें एक महिला भी शामिल)।
घायल: ३-५ लोग घायल, जिनमें २ गंभीर हैं। उन्हें शाहडोल मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
कारण: लॉज के बगल में बेसमेंट/अंडरग्राउंड खुदाई (१२-१५ फीट गहरा गड्ढा) चल रही थी, जिससे नींव कमजोर हुई और इमारत ढह गई। इमारत करीब १० साल पुरानी थी।
रेस्क्यू: NDRF, SDRF और स्थानीय टीमों ने रातभर और रविवार को भी ऑपरेशन चलाया। कई लोगों को मलबे से निकाला गया। शुरुआत में ६-१५ लोगों के फंसने की आशंका थी, लेकिन ज्यादातर रेस्क्यू हो चुके हैं।
सरकारी प्रतिक्रिया: CM डॉ. मोहन यादव ने शोक व्यक्त किया। मृतकों के परिवारों को ९ लाख रुपये मुआवजा और घायलों को २.५ लाख तक सहायता देने का ऐलान किया। लॉज मालिक और जमीन मालिक पर FIR दर्ज।
CCTV फुटेज वायरल: इमारत ढहते और धूल के गुबार में लोग भागते दिख रहे हैं।
अन्य प्रमुख खबरें (५-६ अप्रैल)
बेमौसम मौसम का कहर: बुंदेलखंड और कई जिलों (२७ जिलों में अलर्ट) में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान। सड़कों पर ओले बिछे, पक्षियों की मौत की खबरें। किसान सर्वे की मांग कर रहे हैं।
गेहूं खरीदी: ७ अप्रैल से स्लॉट बुकिंग शुरू, १० अप्रैल से खरीदी। कुछ जगहों पर फसल खराब होने की शिकायतें।
अस्पताल मान्यता रद्द: १२६ अस्पतालों (भोपाल में ५१, इंदौर में ३० आदि) की आयुष्मान कार्ड मान्यता रद्द। NABH सर्टिफिकेट न होने से फ्री इलाज प्रभावित।
छिंदवाड़ा लूटकांड: ९ आरोपियों की गिरफ्तारी, मास्टरमाइंड समेत गिरोह पकड़ा गया, ५ लाख+ के जेवर बरामद।
राजनीति: दतिया कांग्रेस विधायक को भ्रष्टाचार में ३ साल की सजा, सदस्यता खत्म। कुछ विधायकों के इस्तीफे या बयान की चर्चा।
मौसम आज भी कुछ इलाकों में अस्थिर रह सकता है। अनूपपुर हादसे में अगर नई मौत या रेस्क्यू अपडेट आता है तो जल्दी बदलाव हो सकता है।
कोई खास खबर (जैसे अनूपपुर का और डिटेल, किसी जिले की खबर, मौसम, या राजनीति) चाहिए तो बताएं! ज्यादा जानकारी के लिए आज तक, अमर उजाला, पत्रिका या भास्कर देख सकते हैं।

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ब्रदर्स डगआउट ने जीता द सिंडिकेट टी 20कप उत्तराखंड हरिद्वार,
👉डोईवाला में ब्राइट फ्यूचर क्रिकेट एकेडमी में 1 मार्च से चल रहे द सिंडिकेट टी 20 कप का क्रिकेट टूर्नामेंट का समापन हुआ
👉फाइनल मुकाबले में कॉरपोरेट योद्धा और ब्रदर्स डगआउट के बीच रोमांचक मैच खेला गया। कॉरपोरेट योद्धा ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 145 रन का टारगेट बनाया। उनके बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विपक्षी टीम के गेंदबाजों को कड़ी चुनौती दी। लक्ष्य का पीछा करने उतरी ब्रदर्स डगआउट ने भी 145 रन पूरे किए, जिसके बाद सुपर ओवर खेला गया। सुपर ओवर में ब्रदर्स डगआउट ने 16 रन बनाए, जबकि कॉर्पोरेट योद्धा 12 रन ही बना पाई और ब्रदर्स डगआउट ने जीत दर्ज की। इस जीत के साथ ब्रदर्स डगआउट ने द सिंडिकेट टी 20 कप का खिताब अपने नाम कर लिया।
👉इस टूर्नामेंट में कई टीमों ने भाग लिया और अपने खेल का प्रदर्शन किया। ब्राइट फ्यूचर क्रिकेट एकेडमी के आयोजक करता ने कहा, "यह टूर्नामेंट हमारे लिए बहुत सफल रहा। हमें उम्मीद है कि आगे भी ऐसे ही टूर्नामेंट आयोजित होंगे और खिलाड़ियों को अपने खेल को सुधारने का मौका मिलेगा।"
👉द सिंडिकेट टी 20 कप के समापन समारोह में विजेता टीम को ट्रॉफी और पुरस्कार वितरित किए गए। फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करने वाले सिद्धार्थ पुंडीर को मैंन ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने अपनी टीम के लिए शानदार पारी खेली और विपक्षी टीम के बल्लेबाजों को कड़ी चुनौती दी✍️

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अंकित कुमार, अंकित मिश्रा, अंकित राय, S/O मंजीत राय नौकरी के नाम पे पैसे लेता है और एड्मिसन के नाम पे पैसे लेता है और कहता है की मंत्रालय मे मेरा भाई है जिसको सगहूंगा मरावाड़ूंगा कौन है इसका भाई मंत्रालय मे कोई भी पैसे ना दे ये चोर है मेरे पास सबूत है ये कही भी दिखे मेसेज करें ये आदमी इण्डिया के लिए हानिकारक है कृपया पूरा fir पड़े कई जगह से fir हुआ है फिर भी कुछ लोग इस की मदत कर रहे है कृप्या इतना शेयर करें जी इसके झांसे मे आने से जैसी गरीब की मदत मिले ये 420 है मेरे पास सबूत है कई सारी रिकॉडिंग है मेसेज मे चाहिए मे दूंगा प्लीज ऐसा के झांसे मे ना आये कोई पैसा ना दे ये फ्रॉड है कुछ फोटो और इस की फिर की कॉपी सांगलन कर रहा हु

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📍नई दिल्ली/विशेष रिपोर्ट
भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण लोकतांत्रिक देश में सत्ता-संतुलन, सामाजिक समरसता और संवैधानिक मूल्यों को लेकर एक महत्वपूर्ण बहस सामने आई है। प्रख्यात चिंतक डॉ. श्री वत्साचार्य जी (डॉ. अशोक कुमार पाण्डेय) द्वारा प्रस्तुत लेख में लोकतंत्र के समक्ष उभरती चुनौतियों पर गहन विश्लेषण किया गया है।
लेख में बताया गया है कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था संविधान, बहुदलीय प्रणाली और नागरिक स्वतंत्रताओं पर आधारित है, लेकिन समय-समय पर सत्ता के अत्यधिक केंद्रीकरण को लेकर चिंताएँ व्यक्त की जाती रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शासन-सत्ता कुछ सीमित हाथों में केंद्रित हो जाती है, तो इससे लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वायत्तता और संतुलन प्रभावित हो सकता है।
🌍 अंतरराष्ट्रीय संदर्भ भी महत्वपूर्ण
लेख में चीन और उत्तर कोरिया जैसे देशों का उदाहरण देते हुए बताया गया है कि वहाँ शासन-प्रणाली अत्यधिक केंद्रीकृत मानी जाती है, जबकि भारत में विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच संतुलन बनाए रखने का संवैधानिक प्रावधान है। इसके बावजूद संस्थाओं की स्वतंत्रता और जवाबदेही को मजबूत बनाए रखना समय की मांग बताया गया है।
⚖️ जातीय विभाजन और सामाजिक ध्रुवीकरण पर चिंता
लेख में यह भी रेखांकित किया गया है कि भारत की सामाजिक संरचना में जाति, धर्म और क्षेत्रीय पहचान महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जब राजनीति इन आधारों पर अधिक केंद्रित होती है, तो सामाजिक विभाजन और तनाव बढ़ने की आशंका रहती है। चिंतकों ने चेताया है कि इससे समाज में अविश्वास और वैमनस्य का माहौल बन सकता है।
🗣️ संवाद और जागरूकता ही समाधान
विश्लेषण में यह स्पष्ट किया गया है कि लोकतंत्र केवल चुनावों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निरंतर संवाद, सहभागिता और जवाबदेही की प्रक्रिया है। राजनीतिक दलों और नागरिक समाज की जिम्मेदारी है कि वे सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता को प्राथमिकता दें।
📜 संवैधानिक मर्यादा का पालन आवश्यक
आपातकाल जैसी व्यवस्थाओं का उल्लेख करते हुए लेख में कहा गया है कि इनका उपयोग केवल असाधारण परिस्थितियों में और पूरी संवैधानिक सावधानी के साथ ही किया जाना चाहिए। इतिहास से सीख लेते हुए लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
🔚 निष्कर्ष
लेख के अंत में यह संदेश दिया गया है कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी लोकतांत्रिक परंपरा, विविधता और सहिष्णुता है। यदि सत्ता-संतुलन, सामाजिक समरसता और नागरिक अधिकारों के बीच संतुलन बना रहे, तो लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा।
📝 एक लाइन हेडलाइन:
👉 “सत्ता संतुलन और सामाजिक समरसता ही लोकतंत्र की असली ताकत – चिंतक डॉ. पाण्डेय”
#ससपा #SanatanSamajParty #लोकतंत्र #संविधान_बचाओ #लोकतंत्र_की_रक्षा #सामाजिक_सद्भाव #जातिवाद_खत्म_करो #भारत_का_संविधान #जनजागरण

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गरीबी इंसान को ऐसे हालात में पहुंचा देती है जहां बचपन भी मजबूरी के सहारे पलता है, बताया जा रहा है कि एक 11 महीने का मासूम बच्चा ट्रेन के झूले जैसे सहारे में बैठा है और उसकी मामी वहीं पास में काम कर रही है, वीडियो बनाने वाला शख्स भी यही कहता नजर आ रहा है कि गरीबी ही ऐसा दिन दिखाती है जहां घर के बड़े लोग मेहनत में लगे रहते हैं और छोटे बच्चे यूं ही किनारे पलते रहते हैं, सोचो जिस उम्र में बच्चे गोद और ममता मांगते हैं उसी उम्र में ये मासूम दिन भर ऐसे ही अकेले पड़े रहते हैं, इसी तरह मेहनत, धूल और मजबूरी के बीच इन बच्चों की परवरिश होती है और फिर यही बच्चे बड़े होकर उसी गरीबी में जिंदगी काटते हैं, अब लोग कह रहे हैं कि पेट की आग इंसान से बचपन तक छीन लेती है, ऐसी ही खबरों और जानकारी के लिए Avadhraj Page को फॉलो करना ना भूलें।

#PovertyReality #ChildLife #ViralVideo #TrainViral

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जमशेदपुर के गौरव, पूर्व डीएम बैद्यनाथ प्रसाद गुप्ता 84 वर्ष के हुए — अनुभव, ईमानदारी और सेवा का प्रेरणादायी सफर

जमशेदपुर के प्रतिष्ठित नागरिक, पूर्व आईएएस अधिकारी एवं सेवानिवृत्त जिला दंडाधिकारी (डीएम) बैद्यनाथ प्रसाद गुप्ता ने आज अपने जीवन के 84 वर्ष पूर्ण कर लिए। इस विशेष अवसर पर शहरवासियों, शुभचिंतकों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं सामाजिक संगठनों द्वारा उन्हें ढेरों शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद प्रदान किया गया।

बैद्यनाथ प्रसाद गुप्ता अपने प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए जाने जाते रहे हैं। एक कुशल प्रशासक के रूप में उन्होंने अपने कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए, जिससे आम जनता को सीधा लाभ मिला और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती मिली। उनकी कार्यशैली हमेशा पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जनसेवा के प्रति समर्पण की मिसाल रही है।

सेवानिवृत्ति के बाद भी वे सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। समाज के विभिन्न वर्गों के उत्थान, शिक्षा के प्रसार और जरूरतमंदों की सहायता के लिए उनका योगदान निरंतर सराहनीय रहा है। उनकी सादगीपूर्ण जीवनशैली और सकारात्मक सोच नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

इस शुभ अवसर पर उनके परिवार के परिजनों ने, मित्रों एवं शहर के गणमान्य लोगों ने उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं सुखद जीवन की कामना की है। बैद्यनाथ प्रसाद गुप्ता का जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण का प्रतीक है, जो समाज को सदैव प्रेरित करता रहेगा।

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📰 न्यूज़ कंटेंट:
आजकल LPG गैस बुकिंग के नाम पर ऑनलाइन ठगी के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। साइबर अपराधी लोगों को फर्जी कॉल, मैसेज और लिंक के जरिए निशाना बना रहे हैं, जिससे आम जनता की मेहनत की कमाई खतरे में पड़ रही है।
ऐसे में नागरिकों को सतर्क रहने की सख्त जरूरत है। गैस एजेंसियों द्वारा कभी भी फोन पर KYC या बैंक डिटेल्स नहीं मांगी जाती है, फिर भी कई लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि केवल अधिकृत ऐप या वेबसाइट के माध्यम से ही गैस बुकिंग करें और किसी भी अनजान लिंक या कॉल पर भरोसा न करें।
⚠️ ठगी से बचने के जरूरी उपाय:
केवल ट्रस्टेड ऐप/वेबसाइट से ही बुकिंग करें
OTP, PIN, CVV जैसी जानकारी किसी से शेयर न करें
अनजान लिंक या मैसेज पर क्लिक करने से बचें
कोई भी संदिग्ध APK या फाइल डाउनलोड न करें
जल्दबाजी में ऑनलाइन पेमेंट करने से बचें
किसी भी कॉल पर अपनी बैंक डिटेल्स साझा न करें
📢 मुख्य संदेश:
गैस एजेंसी कभी भी फोन पर KYC या बैंक डिटेल्स नहीं मांगती — सतर्क रहें, सुरक्षित रहें
🧾 रिपोर्टर:
ज्ञानेंद्र कुमार पांडे
📞 8855867120

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समाचार रिपोर्ट
​प्रयागराज/कौशाम्बी
रिपोर्ट: सैय्यद इस्लाम अहमद
​गंगा नदी के जलस्तर में अचानक हुई बढ़ोतरी ने प्रयागराज और कौशाम्बी के तटीय इलाकों में मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण फाफामऊ और तेलियरगंज के बीच बने दोनों पांटून पुलों (पीपे के पुल) से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है।
​पुलों की वर्तमान स्थिति:
​पहला पुल: फाफामऊ-तेलियरगंज पांटून पुल का एक बड़ा हिस्सा गंगा के बढ़ते जलस्तर में डूब चुका है।
​दूसरा पुल: सुरक्षा की दृष्टि से तेलियरगंज-फाफामऊ मार्ग के दूसरे पांटून पुल को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। विभाग ने इस पुल की चकर्ड प्लेटों को भी हटाना शुरू कर दिया है ताकि उन्हें बहने से बचाया जा सके।
​खेती को भारी नुकसान:
कानपुर बैराज से बीते 25 मार्च को 16,229 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद से ही नदी के जलस्तर में तेजी देखी जा रही थी। इसका सीधा असर कौशाम्बी और प्रयागराज के कछारी इलाकों में हो रही खेती पर पड़ा है। पानी खेतों में घुसने से कछारी फसलें जलमग्न होकर बर्बाद हो गई हैं, जिससे किसानों को आर्थिक चपत लगी है।
​राहगीरों की मुश्किलें:
स्थानीय लोगों और प्रतिदिन आवागमन करने वालों के अनुसार, बीते गुरुवार को बेला कछार में बिछाई गई चकर्ड प्लेटें डूब गई थीं। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने तीन दिन पहले ही दूसरे पांटून पुल को खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। मार्ग बंद होने से अब लोगों को फाफामऊ से शहर आने के लिए लंबे रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है।

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महानगर गाजियाबाद की आम जनता आज दोहरी मार झेल रही है। एक ओर नगर निगम के बढ़े हुए हाउस टैक्स ने लोगों की कमर तोड़ दी है, तो दूसरी ओर स्मार्ट मीटर और प्रीपेड बिजली व्यवस्था ने नई परेशानियाँ खड़ी कर दी हैं। इन ज्वलंत मुद्दों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर जनप्रतिनिधियों की भूमिका क्या रह गई है—जनसेवा या सिर्फ रिबन काटने और स्वागत समारोहों तक सीमित रह जाना?
चुनाव के समय जनता से बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं। जनप्रतिनिधि जनता के हितों की रक्षा करने और उनकी समस्याओं को प्राथमिकता से हल कराने का भरोसा दिलाते हैं। लेकिन चुनाव जीतने के बाद वही जनप्रतिनिधि जनता की समस्याओं से दूरी बनाते नजर आते हैं। आज स्थिति यह है कि पार्षद से लेकर विधायक, मेयर और सांसद तक सभी एक ही दल से होने के बावजूद जनता को राहत दिलाने में सक्रिय नहीं दिख रहे हैं।
हाउस टैक्स के मुद्दे पर यदि सभी जनप्रतिनिधि एकजुट होकर मुख्यमंत्री से मिलते और ठोस पहल करते, तो अब तक इस समस्या का समाधान निकल सकता था। पूर्व में अपने हितों के लिए इस प्रकार की पहल की जा चुकी है, तो फिर जनता के हितों के लिए एकजुटता क्यों नहीं दिखाई जा रही? यह प्रश्न हर नागरिक के मन में उठ रहा है।
स्थिति और भी विडंबनापूर्ण तब हो जाती है जब एक ओर यह कहा जाता है कि पुराना हाउस टैक्स ही लागू होगा, तो दूसरी ओर नया टैक्स लागू कर दिया जाता है। यदि पुरानी व्यवस्था ही उचित थी, तो नई व्यवस्था लागू करने की जल्दबाजी क्यों की गई? हाउस टैक्स में वृद्धि स्वाभाविक है, लेकिन यह वृद्धि इतनी अधिक नहीं होनी चाहिए कि आम आदमी के लिए बोझ असहनीय हो जाए। गाजियाबाद में प्रदेश के अन्य शहरों की तुलना में अधिक हाउस टैक्स लगाया जाना भी कई सवाल खड़े करता है।
इसी बीच स्मार्ट मीटर और प्रीपेड बिजली व्यवस्था ने आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। बिना पर्याप्त तैयारी और जागरूकता के इस व्यवस्था को लागू कर दिया गया। लोगों को न तो सही जानकारी दी गई और न ही तकनीकी सुविधाएँ सुचारू रूप से उपलब्ध कराई गईं। नतीजा यह हुआ कि कई उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और उन्हें बिजली घरों के चक्कर लगाने पड़े। मोबाइल ऐप की तकनीकी खामियों ने स्थिति को और जटिल बना दिया।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन समस्याओं के समाधान के लिए जनता को अपने ही चुने हुए प्रतिनिधियों के पास गुहार लगानी पड़ रही है, लेकिन वहां से भी अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर जनता ने अपने प्रतिनिधियों को किस उद्देश्य से चुना था?
जनप्रतिनिधियों का कर्तव्य केवल औपचारिक कार्यक्रमों में भाग लेना या स्वागत करवाना नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर जनता की समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए ठोस कदम उठाना है। समय की मांग है कि जनप्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाएं और जनता के विश्वास पर खरा उतरें।
अन्यथा, लोकतंत्र में जनता के पास सबसे बड़ा अधिकार है—समय आने पर जवाब देने का।
संजय शर्मा, वरिष्ठ समाजसेवी

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° पत्रकार चंदूलाल चंद्राकर पर अमितेश को मिली पीएचडी उपाधि

° अमितेश सोनकर ने किया शोध, मिली डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी की उपाधि

° छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर चंदूलाल चंद्राकर के नाम से दिया जाता है पत्रकारिता पुरस्कार

राजनांदगांव। श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल विश्वविद्यालय, भिलाई (छत्तीसगढ़) ने डोंगरगांव तहसील ग्राम रूदगांव निवासी, शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के प्राध्यापक अमितेश सोनकर को पत्रकारिता एवं जनसंचार विषय में डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) की उपाधि प्रदान की है। उन्होंने "छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता के प्रतिमान चंदूलाल चंद्राकर: एक अध्ययन" विषय पर अपना शोध कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया। अमितेश सोनकर ने यह शोध कार्य सहायक प्राध्यापक डॉ. संजीव कुमार के निर्देशन में किया। विषय विशेषज्ञ बाह्य परीक्षा के रूप में एसोसिएशन प्रोफेसर, गुरु घासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से डॉ.धीरज शुक्ला उपस्थित रहे।

सोनकर ने बताया कि शोध कार्य छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर चंदूलाल चंद्राकर के नाम से पत्रकारिता पुरस्कार दिया जाता है। उनके कार्यों को लेकर शोध कार्य पूर्ण किया। श्री चंद्राकर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपने समाज एवं राज्य के नाम का परचम फहराने वाले निर्भीक, साहित्यिक एवं सामाजिक पत्रकार के रुप में जाने जाते हैं। वर्तमान में वे सभी पत्रकारिता के लिए मील के पत्थर समान सुशोभित हैं जो अपने निजी स्वार्थों को त्याग कर अपना सर्वस्व समाज व राष्ट्र को समर्पित कर देते है। अपनी लेखनी से समाज की ज्वलंत समस्याओं को उजागर करते हुए तथा समाज में व्याप्त कुरीतियों के प्रति अपने कलम से जन - जागरण का कार्य किया है।

अपनी इस उपलब्धि का श्रेय डॉ. अमितेश कुमार ने अपने शोध निर्देशक डॉ. संजीव कुमार, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. धनेश जोशी अपने पिता संतोष कुमार, माता श्याम कुमारी सोनकर, जीवन संगिनी सीमा सोनकर, बेटी श्रीवान्या सोनकर, पिता संतोष कुमार, माता मंजू सोनकर और भईया-भाभी को दिया। उन्होंने कहा कि माता-पिता के आशीर्वाद और गुरु के कुशल निर्देशन से ही यह सफलता संभव हो पाई है।
पीएचडी की उपाधि मिलने की खबर से उनके परिवार, ग्रामवासियों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है। इस अवसर पर श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी भिलाई, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. धनेश जोशी, डॉ. नरेश साहू, डॉ. संतोष कुमार सहित बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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मेरठ/होशियारपुर - पंजाबी समाज मेरठ (रजि.) द्वारा इस वर्ष बैसाखी महोत्सव इतवार 05 अप्रैल 2026 को बड़ी धूम धाम से *गज रिट्रीट जंगल रिसॉर्ट होशियारपुर पंजाब* में मनाया गया। पंजाबी सिंगर इंडिया फेम पंजाबी गायिका अनीषा ने मनमोहक प्रस्तुति दी,समाज के सभी सदस्यों ने वैसाखी के इस पावन पर्व पर गुरुद्वारा आनंदपुर साहिब में दर्शन किए व अपनी खुशी व्यक्त करने के लिए भांगड़ा और गिद्दा जैसे पारंपरिक लोक नृत्य प्रस्तुत किए।
सविता सोढ़ी, नीरजा नारंग, शिवानी गंभीर, वंदना तनेजा, नीलू सपरा, मोनिका अरोड़ा,ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उनका योगदान अतुलनीय रहा।
समाज कि महिलाओं द्वारा बहुत आकर्षक प्रस्तुति दी गई , तंबोला ,कपल डांस व कपल गेम्स कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहे। कार्यक्रम में मेरठ से 120 से ज्यादा समाज के मेमबेरों ने सह परिवार पहुच कर बैसाखी महोत्सव का आनंद लिया। संस्थापक विपिन सोढ़ी, अध्यक्ष नीरज नारंग, महासचिव अमोल गंभीर, सयुक्त सचिव मुकेश तनेजा, कोषाध्यक्ष मनोज सपरा ने आए सभी लोगों का स्वागत किया व आभार प्रकट किया। , सुनील अरोरा, प्रिंस नय्यर, संदीप मोखा, लव खुराना, नवल अरोड़ा, बी के त्रिखा, सोमनाथ घई, अमरजीत नय्यर,संजय कुकरेजा, देवेन्द्र पाल सेठी, राजीव वाधवा आदि मौजूद रहे।

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मध्यप्रदेश से ग्राउंड रिपोर्ट | संवाददाता – ज्ञानेंद्र कुमार पांडे
प्रदेश में ब्राह्मण समाज से जुड़े मुद्दों को लेकर आज एक महत्वपूर्ण मुलाकात हुई, जिसमें भारतीय ब्राह्मण उत्थान महासभा भारत के प्रदेश अध्यक्ष माननीय अनिल पांडे जी एवं युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष इंद्रमणि शुक्ला जी से विस्तृत चर्चा की गई।
इस दौरान समाज के खिलाफ हो रही घटनाओं, कथित अपमानजनक टिप्पणियों और भेदभाव के मामलों पर गंभीर मंथन हुआ।
🔴 “अब अन्याय बिल्कुल बर्दाश्त नहीं” – संगठन का सख्त रुख
नेताओं ने दो टूक कहा कि अब ब्राह्मण समाज के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि समाज के खिलाफ गलत भाषा और आपत्तिजनक बयान देने वालों के खिलाफ संगठन कड़ा कदम उठाएगा।
📢 भावनात्मक संदेश – “कोई भी ब्राह्मण अकेला नहीं”
मीडिया के माध्यम से नेताओं ने एक भावनात्मक और मजबूत संदेश देते हुए कहा:
👉 “हमारा कोई भी ब्राह्मण समाज का भाई अकेला नहीं है। हमारा संगठन उसके साथ मजबूती से खड़ा है और हर संभव प्रयास करने के लिए हमेशा तैयार है।”
इस बयान ने समाज के बीच एकजुटता और भरोसे का माहौल पैदा किया है।
⚠️ अब पीछे हटने का सवाल नहीं
बैठक में यह भी साफ किया गया कि संगठन अब अपने अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगा।
👉 नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा:
“यदि तानाशाही या अपमानजनक व्यवहार जारी रहा, तो उसका सख्त जवाब दिया जाएगा।”
🔥 आंदोलन के संकेत
इस पूरे घटनाक्रम के बाद यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले समय में ब्राह्मण समाज के मुद्दों पर संगठन और अधिक सक्रिय और आक्रामक रणनीति के साथ आगे बढ़ सकता है।
📝 निष्कर्ष
यह मुलाकात केवल एक औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि एक बड़ा संदेश है—
कि अब ब्राह्मण समाज अपने अधिकार और सम्मान के लिए पूरी तरह एकजुट और तैयार है।
📌 आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर पूरे प्रदेश की नजर बनी हुई है।
रिपोर्टर
Aima मीडिया
ज्ञानेन्द्र कुमार पाण्डेय
मध्यप्रदेश मऊगंज

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