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विजय कुमार | वरिष्ठ पत्रकार

बालू घाट की नीलामी जीती, करोड़ों की सुरक्षा राशि जमा की, फिर मानसून ने घाट खाली कर दिए। खनन असंभव हो गया — तो उद्यमियों ने प्रतीक्षा की। लेकिन प्रशासन ने न नोटिस दिया, न सुनवाई का मौका — और एक झटके में करोड़ों रुपये की सुरक्षा राशि जब्त कर ली।
16 अप्रैल 2026 को पटना उच्च न्यायालय ने इस पूरी कार्रवाई को "अवैध" घोषित करते हुए रोहतास और भोजपुर के जिलाधिकारियों के आदेश निरस्त कर दिए। न्यायमूर्ति संदीप कुमार की एकल पीठ ने अपने 29 पृष्ठीय फैसले में प्रशासन की इस मनमानी को "घोर उल्लंघन" बताया।

⚖️ मामले की पृष्ठभूमि — क्या हुआ था?
याचिकाकर्ता बिमल कुमार एवं अन्य ने ई-नीलामी में सफलतापूर्वक बोली लगाकर रोहतास बालू घाट संख्या-13 और भोजपुर बालू घाट संख्या-01 के अधिकार प्राप्त किए थे। नीलामी के समय उन्होंने घाटों का निरीक्षण कर रेत की पर्याप्त उपलब्धता पाई थी।
लेकिन इसके बाद स्थिति बदल गई। 2023 के मानसून के बाद रेत का पर्याप्त पुनर्भरण नहीं हुआ, जिससे घाटों की खनिज क्षमता में भारी कमी आई। याचिकाकर्ताओं ने खनन शुरू करने से इनकार किया क्योंकि इससे उन्हें भारी वित्तीय नुकसान होता।
यहाँ एक और गंभीर प्रशासनिक चूक उजागर हुई। Enforcement & Monitoring Guidelines for Sand Mining, 2020 (EMGSM, 2020) के तहत प्रत्येक मानसून के बाद पुनर्भरण अध्ययन अनिवार्य है — लेकिन 2023 के मानसून के बाद यह अध्ययन किया ही नहीं गया।
अर्थात् जिस आधार पर राशि जब्त की गई, वह आधार स्वयं अधूरा और अवैध था।
प्रशासन की कार्रवाई और न्यायालय की फटकार
कलेक्टर, रोहतास ने मेमो सं0-758, दिनांक 11.05.2024 और कलेक्टर, भोजपुर ने मेमो सं0-1919, दिनांक 29.04.2024 द्वारा सुरक्षा राशि जब्त करने के आदेश पारित किए।
न्यायालय ने पाया कि करोड़ों रुपये की सुरक्षा राशि जब्त करने की कार्रवाई बिना किसी पूर्व नोटिस या सुनवाई का अवसर दिए की गई, जो कानूनी मानदंडों का "घोर उल्लंघन" है।
न्यायमूर्ति संदीप कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि "सुनवाई से पहले कार्रवाई" (hearing before action) का सिद्धांत विधि के शासन की आधारशिला है और प्रशासनिक निर्णयों में इसका पालन अनिवार्य है।
फैसले के मुख्य निर्देश
न्यायालय ने रोहतास और भोजपुर के कलेक्टरों के आदेश निरस्त करते हुए मामले को वापस उनके पास भेज दिया। अब उन्हें याचिकाकर्ताओं को उचित सुनवाई का अवसर देने के उपरांत और ताज़ा पुनर्भरण अध्ययन रिपोर्ट के आधार पर नया "reasoned and speaking order" पारित करना होगा।
इसके साथ ही अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि संबंधित बालू घाटों के लिए 8 सप्ताह के भीतर एक नया वैज्ञानिक पुनर्भरण अध्ययन किसी सक्षम प्राधिकरण या संस्था द्वारा कराया जाए — जिसका खर्च याचिकाकर्ता स्वयं वहन करेंगे।

यह फैसला क्यों है मिसाल?
बिंदु
महत्व
नोटिस के बिना जब्ती — अवैध
प्रत्येक वित्तीय दंड से पहले नोटिस अनिवार्य
EMGSM 2020 का उल्लंघन
मानसून के बाद अध्ययन न कराना प्रशासन की चूक
"Speaking Order" का निर्देश
मनमाने आदेश नहीं — कारण देना होगा
वैज्ञानिक अध्ययन अनिवार्य
प्राकृतिक संसाधन नीति में साक्ष्य आधारित निर्णय

बिहार में बालू खनन वर्षों से विवादों का केंद्र रहा है। एक तरफ अवैध खनन पर कार्रवाई की माँग है, दूसरी तरफ वैध खनन अधिकार प्राप्त उद्यमियों के साथ प्रशासन का यह व्यवहार — बिना सुने, करोड़ों जब्त कर लो।
यह फैसला दो संदेश देता है। पहला — प्रशासन को यह भ्रम छोड़ना होगा कि "सरकारी आदेश" का अर्थ "न्यायसंगत आदेश" है। दूसरा — प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन में वैज्ञानिक प्रमाण और कानूनी प्रक्रिया दोनों अनिवार्य हैं।
EMGSM 2020 जैसे दिशा-निर्देश बने हैं तो उनका पालन भी होना चाहिए। जब प्रशासन स्वयं नियमों की अनदेखी करे और फिर उद्यमियों को दंडित करे — तो न्यायालय का हस्तक्षेप अपरिहार्य हो जाता है।
"सुनवाई का अवसर" — यह केवल कानूनी अधिकार नहीं, यह लोकतांत्रिक प्रशासन का नैतिक दायित्व है।

केस विवरण

विवरण
तथ्य
मामला
बिमल कुमार बनाम बिहार राज्य
फैसला तिथि
16 अप्रैल 2026
न्यायपीठ
न्यायमूर्ति संदीप कुमार (एकल पीठ)
निरस्त आदेश
रोहतास: मेमो 758/11.05.2024, भोजपुर: मेमो 1919/29.04.2024
घाट
रोहतास Sand Ghat No.13, भोजपुर Sand Ghat No.01
पुनर्भरण अध्ययन
8 सप्ताह, खर्च याचिकाकर्ता पर

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मुडियार/शाहबाद, 12 अप्रैल 2026। ग्राम मुडियार, तहसील शाहबाद (राजस्थान) में रविवार, 12 अप्रैल 2026 को श्री ब्रजमोहन जोशी जी की पूजनीय माता जी के गांग भोज के अवसर पर ज्योतिषी ब्राह्मण समाज की एक विशाल बैठक एवं समीक्षा कार्यक्रम का आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर राजस्थान और मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से समाज के प्रतिनिधि एवं प्रबुद्धजन एकत्रित हुए, जहाँ सामाजिक हितों, संगठनात्मक मजबूती और भविष्य की योजनाओं पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया।

कार्यक्रम में सामाजिक एकता को सुदृढ़ करने और विभिन्न जिलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष बल दिया गया। बैठक में उपस्थित अतिथियों ने समाज के वर्तमान स्वरूप, उसकी चुनौतियों और आगामी दिशा पर अपने विचार रखे। साथ ही, समाज को अधिक संगठित, सक्रिय और प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी सामने आए।

बैठक में मुख्य रूप से भोपाल से श्री सी. पी. जोशी जी, शिवपुरी से श्री धर्मेंद्र जोशी जी एवं श्री भूपेंद्र पचौरी जी, गुना से डॉ. मनोज जोशी जी तथा ओछापुरा (सबलगढ़) एवं जयपुर से पधारे अनेक वरिष्ठ समाज बंधुओं ने सहभागिता की।

विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों ने अपने-अपने इलाकों में संचालित सामाजिक कार्यों, अनुभवों और प्रयासों को साझा किया, जिससे उपस्थित जनों को नई दिशा और प्रेरणा प्राप्त हुई।
विशेष रूप से भोपाल, जयपुर और ग्वालियर-चंबल संभाग शिवपुरी से आए समाज प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए सामाजिक सहयोग, समन्वय और आपसी संवाद को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। वक्ताओं ने कहा कि समाज की उन्नति के लिए पारस्परिक सहभागिता, संगठनात्मक एकजुटता और निरंतर संवाद अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम के अंत में श्री ब्रजमोहन जोशी जी एवं उनके परिवार ने इस दुख की घड़ी में साथ खड़े होने, दूर-दराज से पधारकर कार्यक्रम को गरिमा प्रदान करने तथा सामाजिक चर्चा को सफल बनाने के लिए सभी अतिथियों एवं समाज बंधुओं का हृदय से आभार व्यक्त किया।

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विजय कुमार | वरिष्ठ पत्रकार

पूर्णियाँ के पूर्व अंचल कार्यालय का अभिलेखागार। सरकारी फाइलों की आड़ में चल रहा था एक अलग ही "कारोबार"
भूमि रोक की जाँच करने के नाम पर रिश्वत वसूली। लेकिन 17 अप्रैल 2026 को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की मुख्यालय टीम ने उस "कारोबार" पर ताला जड़ दिया — रंगे हाथ, 40,000 रुपए की गड्डी सहित।

यह कार्रवाई सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं है। यह उस पूरे तंत्र पर चोट है जहाँ आम नागरिक अपनी ज़मीन के कागज़ों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटता है और घूस न देने पर उसकी फाइल महीनों "लंबित" रहती है।
क्या है पूरा मामला?
परिवादी श्री सूरज सहनी, पिता स्व0 सौदागर सहनी, गुलाबबाग हांसदा, पूर्णियाँ ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई कि अंचल कार्यालय पूर्णियाँ पूर्व के राजस्व कर्मचारी लाल बाबू रजक उनकी भूमि रोक से संबंधित मामले की जाँच कर प्रतिवेदन समर्पित करने के एवज में रिश्वत की माँग कर रहे हैं।
ब्यूरो ने शिकायत का सत्यापन कराया। सत्यापन में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद निगरानी थाना कांड सं0-045/26, दिनांक 16.04.2026 अंकित किया गया।
धावादल का गठन और कार्रवाई
अनुसंधानकर्ता श्री अमरेन्द्र प्रसाद विद्यार्थी, पुलिस उपाधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के नेतृत्व में विशेष धावादल गठित किया गया।
17 अप्रैल 2026 को तय योजना के तहत रिश्वत की राशि दी गई और धावादल ने दोनों अभियुक्तों को मौके पर ही दबोच लिया:
प्राथमिकी अभियुक्त: श्री लाल बाबू रजक, राजस्व कर्मचारी, अंचल कार्यालय पूर्णियाँ पूर्व
अप्राथमिकी अभियुक्त: श्रीमती रूमी कुण्डु — जो हल्का कार्यालय में निजी तौर पर कर्मचारी की सहायता करती थीं और जिनके पर्स में ही रिश्वत की पूरी रकम छुपाकर रखी गई थी।
दोनों को 40,000 (चालीस हजार रुपए) रिश्वत लेते हुए पूर्णियाँ पूर्व अंचल कार्यालय के अभिलेखागार से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के उपरांत उन्हें माननीय विशेष न्यायालय, निगरानी, भागलपुर में उपस्थापित किया जाएगा।
पूर्णियाँ में लगातार दो दिन — निगरानी का तूफान
यह पूर्णियाँ में निगरानी की लगातार दूसरे दिन की कार्रवाई थी। एक दिन पहले 16 अप्रैल को भी निगरानी की टीम ने बिहार शिक्षा परियोजना के सहायक अभियंता भूषण प्रसाद को ₹10,000 रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था।
दो दिन, दो विभाग, दो गिरफ्तारियाँ — पूर्णियाँ के सरकारी दफ्तरों में खलबली मच गई है।
2026 में निगरानी की रिकॉर्ड तोड़ कार्रवाई
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने जनवरी-फरवरी 2026 के दौरान ही भ्रष्टाचार से जुड़े 28 मामलों में मुकदमा दर्ज किया — जो 2024 की इसी अवधि के 10 मामलों की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक है।
यह आँकड़े बताते हैं कि निगरानी अन्वेषण ब्यूरो अब सिर्फ प्रतीकात्मक कार्रवाई नहीं कर रहा — यह भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सुनियोजित अभियान है।

भूमि रिकॉर्ड और राजस्व विभाग बिहार में भ्रष्टाचार का सबसे पुराना अड्डा रहा है। जमीन की जाँच हो, नक्शा चाहिए हो, या दाखिल-खारिज करवाना हो — बिना "नेग" के काम नहीं होता, यह धारणा दशकों से चली आ रही है।
लाल बाबू रजक का मामला इस धारणा की एक और कड़ी है। लेकिन इस बार अंतर यह है कि सूरज सहनी ने घूस देने की जगह शिकायत दर्ज कराई। और निगरानी ने कार्रवाई की।
यही वह रास्ता है जो हर पीड़ित नागरिक को अपनाना होगा। जब तक शिकायतें नहीं होंगी, रिश्वत का "कारोबार" यूँ ही चलता रहेगा — फाइलों की धूल के पीछे, अभिलेखागार के अंधेरे में।
निगरानी ब्यूरो का नंबर है — और शिकायत ही सबसे बड़ा हथियार।
केस विवरण संक्षेप
विवरण
तथ्य
निगरानी कांड सं0
045/26, दि0 16.04.2026
गिरफ्तारी तिथि
17 अप्रैल 2026
प्राथमिकी अभियुक्त
लाल बाबू रजक, राजस्व कर्मचारी
अप्राथमिकी अभियुक्त
श्रीमती रूमी कुण्डु
परिवादी
सूरज सहनी, गुलाबबाग हांसदा, पूर्णियाँ
रिश्वत राशि
₹40,000
गिरफ्तारी स्थान
अभिलेखागार, अंचल कार्यालय पूर्णियाँ पूर्व
अनुसंधानकर्ता
DSP अमरेन्द्र प्रसाद विद्यार्थी, NIB पटना
पेशी न्यायालय
विशेष न्यायालय, निगरानी, भागलपुर

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AIMA मीडिया न्यूज
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खगड़िया।
जदयू के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं सदर विधायक बबलू कुमार मंडल ने शुक्रवार को जारी अपने बयान में कहा कि पूर्व यशस्वी मुख्यमंत्री बिहार शिल्पकार नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की, जो आज पूरे देश के लिए प्रेरणा बन चुकी है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2006 में पंचायती राज संस्थाओं और 2007 में नगर निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण लागू कर बिहार ने एक नई दिशा दी थी।
बबलू मंडल ने कहा कि इस दूरदर्शी निर्णय का परिणाम आज स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। बड़ी संख्या में महिलाएं मेयर, जिला परिषद अध्यक्ष, प्रखंड प्रमुख, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य और वार्ड पार्षद जैसे महत्वपूर्ण पदों पर पहुंचकर न सिर्फ नेतृत्व कर रही हैं, बल्कि जनसेवा की नई मिसाल भी कायम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह बदलाव सामाजिक संरचना में सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक है।
उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं को नेतृत्व में आगे लाने का जो मॉडल नीतीश कुमार ने प्रस्तुत किया, वह आज पूरे देश में अनुकरणीय बन चुका है। यही कारण है कि केंद्र सरकार भी अब इस दिशा में ठोस कदम उठाते हुए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के माध्यम से लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
सदर विधायक ने कहा कि महिलाओं की समान और सम्मानजनक भागीदारी के बिना विकसित भारत का सपना अधूरा है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि नीतीश कुमार ने इस सच्चाई को वर्षों पहले समझ लिया था और सत्ता संभालते ही महिला सशक्तिकरण को अपनी नीतियों का केंद्र बनाया। यही वजह है कि आज शिक्षा, राजनीति, प्रशासन और समाज के हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी ऐतिहासिक रूप से बढ़ी है, जो एक मजबूत और समावेशी लोकतंत्र की पहचान है।
इधर सदर विधायक द्वारा व्यक्त किए गए बयानों का महिला आयोग की सदस्या साधना देवी सदा, जदयू के पूर्व कार्यकारी जिला अध्यक्ष राजकुमार फोगला,राजनीतिक सलाहकार नीलम वर्मा,जदयू जिला प्रवक्ता आचार्य राकेश पासवान शास्त्री, जदयू अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव उमेश सिंह पटेल, जदयू नेता सुशांत यादव,जदयू जिला उपाध्यक्ष शम्भू झा,दीपक सिन्हा,अनिल जयसवाल, प्रमोद कुमार सिंह, रामविलास महतो,कोषाध्यक्ष संदीप केडिया, पुरूषोत्तम अग्रवाल, मोहम्मद शहाब उद्दीन, अविनाश पासवान, निर्मला कुमारी, वीणा पासवान,उदय प्रसाद सिंह,ममता जायसवाल,पूनम जयसवाल,फिरदोस आलम, ललित चौधरी, सिद्धांत सिंह छोटू, रामप्रकाश सिंह एवं राजनीति प्रसाद सिंह, पंकज चौधरी,अनुज कुमार शर्मा, प्रभात शर्मा,कमल किशोर पटेल एवं संतोष कुमार साह आदि जदयू नेताओं ने दिली समर्थन कर महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकारी सेवा के अलावे लोकसभा व विधानसभा चुनाव में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने हेतु केंद्रीय सरकार के पहल को सराहनीय कदम बताया।

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"विजय कुमार | वरिष्ठ पत्रकार

1931 के बाद पहली बार जाति गणना, 2011 के बाद पहली बार जनगणना — और इस बार कोई कागज़-पेन नहीं, कोई दरवाज़े पर दस्तक नहीं।

भारत की 16वीं जनगणना — Census 2027 — इतिहास में पहली बार पूरी तरह डिजिटल है।

और , 17 अप्रैल 2026 से बिहार में इसका पहला कदम उठ चुका है — Self Enumeration (स्व-गणना)।

गया जिले के नागरिकों के लिए यह अवसर है कि वे इस ऐतिहासिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनें — प्रगणक के इंतजार में बैठने की जगह, खुद अपने हाथों से अपने परिवार और मकान की जानकारी दर्ज करें।

क्या है Self Enumeration और इसकी प्रक्रिया?
Self Enumeration एक सुरक्षित, वेब-आधारित सुविधा है जो 16 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है। इसके माध्यम से नागरिक प्रगणक के घर आने से पहले अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं।

पोर्टल पर जाएँ (se.census.gov.in) → मोबाइल नंबर से लॉगिन करें → नक्शे पर अपना स्थान चिह्नित करें → परिवार का विवरण भरें → जमा करें → SE ID प्राप्त करें → प्रगणक को SE ID दें → डेटा सत्यापित होकर जनगणना में शामिल।

यह ID ही आपकी भागीदारी का प्रमाण है — इसे सुरक्षित रखें।

बिहार के लिए महत्वपूर्ण तिथियाँ
चरण
तिथि
Self Enumeration (स्व-गणना)
17 अप्रैल – 1 मई 2026,

मकान सूचीकरण एवं गणना
2 मई – 31 मई 2026,

जनसंख्या गणना (Phase II)
फरवरी 2027,

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 17 अप्रैल को स्वयं Self Enumeration लॉन्च करते हुए नागरिकों से "सक्रिय और उत्साहपूर्ण भागीदारी" की अपील की।

Census 2027 क्यों है ऐतिहासिक?

2027 की जनगणना 1931 के बाद पहली बार जाति गणना को शामिल कर रही है —
यह इसे स्वतंत्र भारत की सबसे महत्वपूर्ण जनगणनाओं में से एक बनाता है।

यह भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना है — प्रगणक कागज़ी फॉर्म नहीं, स्मार्टफोन ऐप का उपयोग करेंगे।

ऐप ऑफलाइन भी काम करेगा और इंटरनेट उपलब्ध होने पर डेटा क्लाउड पर अपलोड होगा।
Census 2027 के लिए सरकार ने 11,718.24 करोड़ का बजट स्वीकृत किया है।
यह जनगणना अगले एक दशक की विकास योजनाओं की नींव रखेगी।

गया जिला प्रशासन की अपील:
जिलाधिकारी गया श्री शशांक शुभंकर (IAS) ने गया जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे 17 अप्रैल से 1 मई 2026 के बीच se.census.gov.in पर जाकर Self Enumeration अवश्य करें और जनगणना कार्य को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग दें।

जनगणना केवल आँकड़े नहीं है — यह हर नागरिक की राष्ट्रीय पहचान का दस्तावेज़ है।

2021 की जनगणना कोविड के कारण टल गई, और 16 वर्षों का यह अंतराल हमारी नीति-निर्माण प्रक्रिया को अधूरा बनाता रहा।

अब जब Self Enumeration का विकल्प आपके हाथ में है — तो यह सिर्फ सुविधा नहीं, जिम्मेदारी भी है।

जो नागरिक आज अपना डेटा सही तरीके से दर्ज करेंगे, उनके जिले को सही योजनाएँ, सही बजट और सही प्रतिनिधित्व मिलेगा।
Gaya के हर घर से एक क्लिक — राष्ट्र निर्माण में एक कदम।
त्वरित जानकारी :

पोर्टल: se.census.gov.in

भाषाएँ: हिंदी सहित 16 भाषाएँ

समयसीमा: 17 अप्रैल – 1 मई 2026

हेल्पलाइन: Census 2027 पोर्टल पर उपलब्ध

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जोधपुर जिला माहेश्वरी समाज, खेतानाड़ी के तत्वावधान और प्रथम माहेश्वरी आचार्य सोमानी तरुण तपस्वी मंडल श्री महंत त्र्यंबक गिरी जी महाराज के सानिध्य मे भव्य सुंदर कांड का पाठ और प्रवचन का आयोजन किया जायेगा
अध्यक्ष शिव कन्या धूत और सचिव
आशेंद्र सोनी ने बताया की माहेश्वरी समाज खेतानाड़ी जोधपुर द्वारा दिनांक 18 अप्रैल शामको 8 बजे खेतानाड़ी महेश्वरी भवन में परम पूज्य *प्रथम माहेश्वरी आचार्य सोमानी तरुण तपस्वी मंडल श्री महंत त्र्यंबक गिरी जी महाराज* का एक दिवसीय पावन प्रवास रहेगा।
कार्यक्रम संयोजक तेजराज मंत्री ने बताया की इस शुभ अवसर पर सायंकाल 8:00 बजे हमारे समाज की संकट मोचन परिवार, महामंदिर के द्वारा सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाएगा
यह मंडली पूरे उत्साह, श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ पाठ करती है
वही अशोक बंग और चंदप्रकाश पनपालिया ने बताया की इस अवसर पर समाज के लोग परिवार सहित पधार कर सुंदरकांड पाठ का आनंद लेंगे एवं परम पूज्य महाराज के दर्शन और प्रवचनों का लाभ प्राप्त करेंगे
कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं को अलग-अलग कार्यभार दिया गया है
इस अवसर पर अरुण बंग,विवेक राठी,केलाश जाजु, दिनेश बंग,सुनिल बुब , राधेश्याम करवा, चंदप्रकाश पनपालिया, राधेश्याम,राम अवतार राठी, महेश बुब,चेनसुख होलाणी,गोरव नांवधर,गिरिराज चाण्डक,रवि शाह और भी समाज के लोगों के द्वारा सहयोग किया जाएगा

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प्रोफेशनल बायो (Professional Bio)

नाम: देवेन्द्र सुथार (Devendra Suthar)
पेशा: मीडिया प्रोफेशनल एवं उद्यमी (Media Professional & Entrepreneur)
स्थान: रोहट, पाली (राजस्थान)

परिचय:

मैं देवेन्द्र सुथार, पिछले कई वर्षों से मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूँ। प्रेस और जनसंपर्क में गहरा अनुभव रखने के साथ-साथ, मैं सामाजिक और स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाने के लिए प्रतिबद्ध रहा हूँ। वर्तमान में, मैं 'भंवरी फैशन, रोहट' (Bhanwari Fashion Rohat) का संस्थापक हूँ, जो राजस्थानी पारंपरिक पहनावे और आधुनिक एथनिक वियर का एक प्रतिष्ठित केंद्र है।

एक उद्यमी (Entrepreneur) के रूप में मेरा लक्ष्य अपनी संस्कृति और फैशन को डिजिटल माध्यम से देश-दुनिया तक पहुँचाना है। मेरा कार्यक्षेत्र मुख्य रूप से रोहट (राजस्थान) है, जहाँ से मैं अपने बिज़नेस और मीडिया के अनुभवों के जरिए समाज और व्यापार में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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ग्वालियर/इंदौर: ब्रजवासी गौ रक्षक सेना भारत संगठन ने अपनी प्रदेश कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए इंद्रभान सिंह यादव को मध्यप्रदेश का महामंत्री नियुक्त किया है। यह नियुक्ति संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौ पुत्र धर्म दास महाराज के मार्गदर्शन में और मध्यप्रदेश उपाध्यक्ष गौ पुत्र राम दयाल सिंह यादव द्वारा की गई है।
संगठन का उद्देश्य: गौ माता को 'राष्ट्र माता' का दर्जा दिलाना
संगठन के पदाधिकारियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्म दास महाराज के नेतृत्व में पूरी सेना निस्वार्थ भाव से चौबीसों घंटे सनातन धर्म और गौ माता की रक्षा में समर्पित है। नवनियुक्त महामंत्री इंद्रभान सिंह यादव से यह आशा जताई गई है कि वे मध्यप्रदेश में संगठन को मजबूती प्रदान करेंगे और 'गौ माता को राष्ट्र माता' घोषित करवाने के अभियान में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कार्यकर्ताओं में उत्साह, दी बधाई
इंद्रभान सिंह यादव की नियुक्ति पर संगठन के कार्यकर्ताओं ने उन्हें हार्दिक बधाई दी है। मध्य प्रदेश उपाध्यक्ष राम दयाल सिंह यादव ने विश्वास जताया कि नवनियुक्त महामंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में एक विशाल गौ रक्षक सेना का गठन होगा, जो गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध और गौ सेवा के कार्यों को गति देगी।
संगठन से जुड़ने की प्रक्रिया
ब्रजवासी गौ रक्षक सेना भारत ने नए सदस्यों को जोड़ने के लिए हेल्पलाइन नंबर और प्रक्रिया भी जारी की है। संगठन में शामिल होने के इच्छुक व्यक्ति निम्नलिखित विवरणों के साथ संपर्क कर सकते हैं:
आवश्यक दस्तावेज: फोटो, फोन नंबर और पहचान पत्र (छायाप्रति)।
पंजीकरण शुल्क: ₹351 (इसमें आई कार्ड, अथोरिटी लेटर, बिल्ला, और गौ सम्मान पत्र कोरियर द्वारा भेजने का खर्च शामिल है)।
आईडी कार्ड हेल्पलाइन: 9258311537
गौ सेवा/समस्या सूचना हेल्पलाइन: 9568576382
संगठन का संकल्प: "गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करना है और गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना है।"

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बिलासपुर। जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत रतनपुर पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने कार्रवाई करते हुए 245 किलोग्राम अवैध गांजा के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जब्त मादक पदार्थ की कीमत करीब 1 करोड़ 22 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक मारुति अर्टिगा (CG 04QD 7255) में भारी मात्रा में गांजा कटघोरा से मरवाही होते हुए मध्यप्रदेश ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर टीम ने नेशनल हाईवे स्थित नवापारा चौक, भेड़ीमुंडा के पास घेराबंदी की।
जैसे ही संदिग्ध वाहन वहां पहुंचा, पुलिस ने उसे रोककर तलाशी ली। जांच के दौरान कार से 245 किलो गांजा बरामद हुआ, जिसे तुरंत जब्त कर लिया गया।

पुलिस ने मौके से अमित कुमार केवट (33 वर्ष) निवासी – भुतहीटोला, थाना बुढार, जिला शहडोल (मध्यप्रदेश)
को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने आरोपी से 1 मारुति अर्टिगा कार – कीमत लगभग ₹8 लाख, गांजा – 245 किलोग्राम, कीमत लगभग ₹1.22 करोड़। कुल जब्ती – ₹1.30 करोड़ से अधिक के आमान जप्त किया गया।

पुलिस ने उक्त आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस तस्करी नेटवर्क के पीछे और कौन-कौन शामिल हैं।

इस पूरी कार्रवाई में रतनपुर थाना प्रभारी अंशिका जैन (प्रशिक्षु आईपीएस), निरीक्षक अनिल अग्रवाल, एसीसीयू प्रभारी गोपाल सतपथी सहित कई पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

बिलासपुर पुलिस का संदेश साफ है — नशे के कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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रायपुर में ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए क्राइम ब्रांच ने मशहूर सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर बाबू खेमानी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को मुंबई से पकड़ा गया, जिसके बाद उसे रायपुर लाया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, बाबू खेमानी अंतरराज्यीय ऑनलाइन सट्टा गिरोह का मास्टरमाइंड था, जिसका नेटवर्क महाराष्ट्र और ओडिशा समेत कई राज्यों में फैला हुआ था।

इससे पहले पुलिस ने 20 सटोरियों को गिरफ्तार कर पूरे रैकेट का खुलासा किया था। जांच में करोड़ों रुपये के ट्रांजेक्शन सामने आए हैं, वहीं करीब 60 लाख रुपये का सामान भी जब्त किया गया है। बताया जा रहा है कि ‘3 STUMPS’ नाम से ऑनलाइन सट्टा प्लेटफॉर्म चलाया जा रहा था।

फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

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અસ્નાબાદ ખાતે મહાલક્ષ્મી ચેરીટેબલ ટ્રસ્ટ સંચાલિત નૂતન મંદિરનો સાલગીરી મહોત્સવ ઉજવાયો

ઓલપાડ જી.આઈ.ડી.સી. સ્થિત મહાલક્ષ્મી ચેરીટેબલ ટ્રસ્ટ સંચાલિત નૂતન મંદિરનો સાલગીરી મહોત્સવ સંવત ૨૦૮૨ નાં ચૈત્ર સુદ આઠમનાં રોજ ભક્તિભાવપૂર્વક ઉજવવામાં આવ્યો હતો. શ્રી ખત્રી બાપા, શ્રી મામાદેવ, શ્રી બળિયાદેવ, શ્રી મહાલક્ષ્મી માં, શ્રી શીગોતર માં, શ્રી આશાપુરા માં તથા શ્રી અંબે માંની સાલગીરી નિમિત્તે સમગ્ર દિવસ દરમિયાન યજ્ઞ, શ્રીફળ હોમ, આરતી જેવાં વિવિધ ધાર્મિક કાર્યક્રમોનું આયોજન કરવામાં આવ્યું હતું. જેમાં અસ્નાબાદ સહિત આસપાસનાં વિસ્તારનાં ભાવિક ભક્તો ખૂબ જ મોટી સંખ્યામાં જોડાયા હતાં. આ મહોત્સવમાં સાંજે મહા પ્રસાદી તથા રાત્રે ભવ્ય લોકડાયરાનું પણ આયોજન કરવામાં આવ્યું હતું.

તસવીર: વિજય પટેલ

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ઓલપાડની કરમલા પ્રાથમિક શાળામાં ત્રિવિધ કાર્યક્રમનું આયોજન કરવામાં આવ્યુ

(આચાર્ય નિલેશ પટેલનાં પિતાશ્રીનાં જન્મદિવસ નિમિત્તે બાળકોને સાત્વિક ભોજન પીરસાયુ)

જિલ્લા પંચાયત શિક્ષણ સમિતિ, સુરત સંચાલિત ઓલપાડ તાલુકાની કરમલા પ્રાથમિક શાળામાં ધોરણ-8 નાં બાળકો અને એલ. એન્ડ ટી. હજીરાનાં ક્લસ્ટર કો-ઓર્ડિનેટર ચૈતાલીબેન પટેલનો વિદાય સમારંભ તેમજ આપત્તિ વ્યવસ્થાપન અંગેનાં ડેમોસ્ટ્રેશનનો ત્રિવિધ કાર્યક્રમ યોજવામાં આવ્યો હતો. કાર્યક્રમની શરૂઆત દીપ પ્રાગટ્ય તથા પ્રાર્થનાથી કરવામાં આવી હતી. બાળકોએ વિદાયગીત રજૂ કર્યા બાદ ધોરણ-8 નાં બાળકોને તથા ચૈતાલીબેન પટેલને સ્મૃતિભેટ અર્પણ કરવામાં આવી હતી. આ તકે ધોરણ-8 નાં બાળકો તથા ચૈતાલીબેને પોતાનાં પ્રતિભાવમાં શાળાનાં ખાટામીઠા સંસ્મરણો વાગોળ્યા હતાં.
શાળાનાં આચાર્ય નિલેશભાઈ પટેલે બાળકોને વધુને વધુ અભ્યાસ ચાલુ રાખી માવતરનું તથા શાળાનું નામ રોશન કરવાનાં સુભાષિશ પાઠવ્યા હતાં. તેમણે કોઈપણ પ્રશ્ન હોય તો શાળા પરિવાર તમારા માટે હંમેશા તૈયાર રહેશે એવી હૈયાધારણ આપી હતી. કાર્યક્રમનાં બીજા ચરણમાં ઉપશિક્ષિકા રેખાબેન પટેલે બાળકોને આપત્તિ વ્યવસ્થાપન અંગેની સમજણ આપી તેનું ડેમોસ્ટ્રેશન રજૂ કર્યુ હતું. જોગાનુજોગ આજરોજ આચાર્ય નિલેશભાઈ પટેલનાં પિતાશ્રીનો જન્મદિવસ હોઈ બાળકોને કાર્યક્રમને અંતે સાત્વિક ભોજન આપવામાં આવ્યું ઉપરાંત તેમની દીકરી માનસી પટેલ અને જમાઈ ઋત્વિકકુમાર તરફથી દરેક બાળકોને પાણીની બોટલ વિતરણ કરવામાં આવી હતી. આ સમગ્ર કાર્યક્રમનું સંચાલન બાળકો દ્વારા કરવામાં આવ્યું હતું. આભારવિધિ શાળાનાં ઉપશિક્ષક ભરતભાઈ પટેલે આટોપી હતી. ગામનાં સરપંચ હેમલતાબેન ગોરાણી સહિત ઉપસરપંચ, શાળા વ્યવસ્થાપન સમિતિ, સાંધિયેરનાં સી.આર.સી. કો-ઓર્ડિનેટર તેજસ નવસારીવાલા તથા માજી કેન્દ્ર શિક્ષક હસમુખભાઈ દેસાઈએ ખાસ ઉપસ્થિત રહી બાળકોને આશીર્વચન પાઠવવા સાથે કાર્યક્રમને સફળ બનાવ્યો હતો.

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उरई (जालौन)। जनपद में कानून-व्यवस्था एवं कारागार व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक जालौन द्वारा संयुक्त रूप से जिला कारागार उरई का औचक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जेल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया तथा बैरकों का निरीक्षण कर बंदियों की स्थिति की जानकारी ली।

इस दौरान बंदियों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता एवं साफ-सफाई की व्यवस्था को विशेष रूप से परखा गया। अधिकारियों ने जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि बंदियों को समय पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए तथा स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही जेल परिसर में स्वच्छता बनाए रखने और नियमित साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान जेल अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ करने तथा शासन के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया।
प्रशासन द्वारा किए गए इस निरीक्षण को लेकर यह स्पष्ट किया गया कि जनपद में सभी व्यवस्थाओं को पारदर्शी और प्रभावी बनाए रखने के लिए ऐसे निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।

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