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*जनपद पुलिस में सनसनीखेज उथल-पुथल! केशव कुमार का ‘अपराध मुक्त’ मॉडल ध्वस्त, नई एसपी प्राची सिंह पर भारी चुनौती – क्या दोबारा लग पाएगा भ्रष्टाचार का ‘अंकुश’?*

अंबेडकर नगर
एक समय था जब जनपद में अपराध और भ्रष्टाचार का नामोनिशान तक नहीं था। पुलिस अधीक्षक केशव कुमार के सख्त एक्शन ने पूरे विभाग को हिला दिया था। थानों में बैठे भ्रष्टाचार के किंगपिनों पर शिकंजा कसा गया, अवैध गज (गांजा) और सफेद पाउडर (नशीले पदार्थ) की सप्लाई चेन पर पूरी तरह रोक लग गई। अपराध का ग्राफ शून्य के करीब पहुंच गया था। जनता सांस ले रही थी, पुलिस महकमा सुधर रहा था।लेकिन जैसे ही अभिजीत और शंकर जनपद में तैनात हुए, सारी तस्वीर बदल गई। अपराध का ग्राफ अचानक तेजी से बढ़ने लगा। पुराने भ्रष्ट तंत्र ने फिर सिर उठाया। अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी दोबारा धड़ल्ले से शुरू हो गई। थाना स्तर पर घूसखोरी और मिलीभगत की शिकायतें बढ़ती जा रही हैं। जनता फिर सवाल पूछने लगी – “क्या पुलिस फिर पुरानी राह पर लौट गई?”अब नवागत पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह के कंधों पर यह भारी जिम्मेदारी आ पड़ी है। क्या वे केशव कुमार की तरह सख्ती दिखाते हुए अपराध और थानों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा पाएंगी? या फिर ‘ट्रांसफर-पोस्टिंग’ के खेल में फंसकर पुरानी व्यवस्था ही जारी रहेगी?सबसे बड़ा सवाल तो थानों में लंबे अरसे से जमी पुरानी पुलिसिया ‘लॉबी’ का है। कई सिपाही, पुलिस आरक्षित और थाना अध्यक्ष (एसएचओ) ‘अंडर ट्रांसफर’ होने के बावजूद वर्षों से जनपद में ही डटे हुए हैं। ट्रांसफर के आदेश आ चुके हैं, लेकिन वे अभी भी अपने पुराने थानों में किंग बनकर बैठे हैं। इनकी जड़ें इतनी गहरी हैं कि नई एसपी को भी इनके ‘नेटवर्क’ से टकराना पड़ेगा।स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि अगर प्राची सिंह केशव कुमार वाली ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाती हैं और पुरानी जमी हुई लॉबी को हटाने का साहस दिखाती हैं, तो जनपद फिर अपराध मुक्त हो सकता है। लेकिन अगर वे भी पुराने तंत्र के सामने झुक गईं, तो केशव कुमार का सारा सुधार धरा-धरा रह जाएगा।जनता अब प्राची सिंह की पहली बड़ी कार्रवाई का इंतजार कर रही है। क्या वे साबित करेंगी कि महिला पुलिस अधिकारी भी पुरुष अधिकारियों से ज्यादा सख्त और निष्पक्ष हो सकती है? या फिर ‘अभिजीत-शंकर युग’ वाला अपराध ग्राफ और बढ़ता जाएगा?जनपदवासी सतर्क नजर रखे हुए हैं।अब देखना यह है – नई एसपी प्राची सिंह ‘केशव कुमार 2.0’ बन पाएंगी या पुरानी व्यवस्था की कैदी बन जाएंगी?
समय ही बताएगा।

*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
Journalist Cell
*All India Media Association
Nagpur*
*District President*
*Delhi Crime Press*
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
*INDIAN PRESS UNION*
District Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

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मुंबई के उपनगरीय रेलवे नेटवर्क में स्वचालित स्लाइडिंग दरवाजों से लैस भारत की पहली नॉन-एसी लोकल ट्रेन के आने से यात्रियों की सुरक्षा में सुधार होने वाला है।
12 डिब्बों वाली यह ट्रेन, जिसका नंबर 268201-268212 है, भारतीय रेलवे का एक अग्रणी प्रयोग है, जिसका उद्देश्य भीड़भाड़ वाले मार्गों पर यात्रियों की सुरक्षा में सुधार करना है। चेन्नई में निर्मित यह ट्रेन मुंबई के लिए रवाना हो चुकी है और वाडी स्टेशन पर सेंट्रल रेलवे द्वारा इसका आधिकारिक तौर पर स्वागत किया जाएगा।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बंद दरवाजों वाली ट्रेनों की शुरुआत की घोषणा की, जो मुंबई के सार्वजनिक परिवहन के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम है।

#mumbailocal #mumbailocaltrains #indianrailways #passanger #mumbai #badaunharpalnews #budaunharpal #badaunharpal #UttarPradeshNews #budaun #badaun #BreakingNews #ujhani #badaunnews #socialmedia #Headlines बदायूँ हर पल न्यूज़ @badaunharpalnews

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जहानाबाद, बिहार में एक गंभीर और चिंताजनक घटना सामने आई, जहां गुस्साई भीड़ ने थाना प्रभारी के साथ बदसलूकी की। वह अपनी ड्यूटी निभाने और स्थिति को शांत करने पहुंचे थे, लेकिन भीड़ ने कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश की। यह घटना उन लोगों के लिए एक सबक है, जो हिंसा और उग्रता से अपनी बात मनवाना चाहते हैं।

थाना प्रभारी की लापरवाही भी इस घटना का मुख्य कारण बनी। समय पर प्रशासन द्वारा उचित कदम न उठाए जाने से जनता में असंतोष बढ़ा, जो बाद में हिंसा में बदल गया। यह घटना प्रशासन और जनता के बीच भरोसे की कमी को भी उजागर करती है।

हिंसा और बदसलूकी किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकती। जनता को यह समझना होगा कि अपने मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीके से रखना ही सही रास्ता है।

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నంద్యాల (AIMA MEDIA): నంద్యాల కోర్టు ప్రాంగణంలోని బార్ అసోసియేషన్ కార్యాలయంలో ఏప్రిల్ 11వతేది శనివారం జరిగిన నాలుగు ప్రధాన పోస్టుల ఎన్నికలు అత్యంత ఉత్కంఠభరితంగా సాగాయి. మండుటెండను సైతం లెక్కచేయకుండా న్యాయవాదులు తమ ఓటు హక్కును వినియోగించుకోవడంతో ఏకంగా 90 శాతం పోలింగ్ నమోదైంది. సాయంత్రం వెలువడిన ఫలితాల్లో అధ్యక్ష పదవికి పోటీ చేసిన జి.వి.ఎన్. ప్రసాద్ తన ప్రత్యర్థి జి. రాంప్రసాద్‌పై 261 ఓట్ల భారీ మెజార్టీతో ఘనవిజయం సాధించి సత్తా చాటారు. మొత్తం 460 ఓట్లు పోల్ అవ్వగా, మెజారిటీ స్థానాల్లో విజేతలు ఏకపక్ష మెజార్టీలతో దూసుకుపోయారు. కోశాధికారి పదవికి జరిగిన పోటీలో ఎం. కృపావతి తన సమీప ప్రత్యర్థి ఏ. శ్రీదేవిపై 201 ఓట్ల ఆధిక్యంతో విజయం సాధించగా, జాయింట్ సెక్రటరీగా సయ్యద్ నూర్ అల్లం ఖాద్రి తన ప్రత్యర్థి డి. చిన్న లింగమయ్యపై 238 ఓట్ల భారీ మెజార్టీతో గెలుపొందారు. లైబ్రరీ సెక్రెటరీ స్థానానికి జరిగిన హోరాహోరీ పోరులో మద్దిలేటి తన ప్రత్యర్థి సి. కేసన్నపై 211 ఓట్ల మెజార్టీతో విజేతగా నిలిచారు. ఎన్నికల అధికారులుగా హుస్సేన్ భాష, తిరుపతి, ఎం.ఆర్. కృష్ణారెడ్డి, తాలంకి వెంకటప్రసాద్, కృష్ణ లింగమయ్య వ్యవహరించి ఎటువంటి అవాంఛనీయ సంఘటనలు జరగకుండా ప్రక్రియను ప్రశాంతంగా ముగించారు. గెలుపోటములతో సంబంధం లేకుండా న్యాయవాదులందరూ ఐకమత్యం చాటారని, ఈ విజయం న్యాయవాద కుటుంబానిదేనని అభ్యర్థులు ఈ సందర్భంగా ఆనందం వ్యక్తం చేశారు. విజేతలకు తోటి న్యాయవాదులు పూలమాలలతో ఘనస్వాగతం పలికి అభినందనలు తెలియజేశారు.

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నంద్యాల (AIMA MEDIA): నంద్యాల కోర్టు ప్రాంగణంలోని బార్ అసోసియేషన్ కార్యాలయంలో ఏప్రిల్ 11వతేది శనివారం జరిగిన నాలుగు ప్రధాన పోస్టుల ఎన్నికలు అత్యంత ఉత్కంఠభరితంగా సాగాయి. మండుటెండను సైతం లెక్కచేయకుండా న్యాయవాదులు తమ ఓటు హక్కును వినియోగించుకోవడంతో ఏకంగా 90 శాతం పోలింగ్ నమోదైంది. సాయంత్రం వెలువడిన ఫలితాల్లో అధ్యక్ష పదవికి పోటీ చేసిన జి.వి.ఎన్. ప్రసాద్ తన ప్రత్యర్థి జి. రాంప్రసాద్‌పై 261 ఓట్ల భారీ మెజార్టీతో ఘనవిజయం సాధించి సత్తా చాటారు. మొత్తం 460 ఓట్లు పోల్ అవ్వగా, మెజారిటీ స్థానాల్లో విజేతలు ఏకపక్ష మెజార్టీలతో దూసుకుపోయారు. కోశాధికారి పదవికి జరిగిన పోటీలో ఎం. కృపావతి తన సమీప ప్రత్యర్థి ఏ. శ్రీదేవిపై 201 ఓట్ల ఆధిక్యంతో విజయం సాధించగా, జాయింట్ సెక్రటరీగా సయ్యద్ నూర్ అల్లం ఖాద్రి తన ప్రత్యర్థి డి. చిన్న లింగమయ్యపై 238 ఓట్ల భారీ మెజార్టీతో గెలుపొందారు. లైబ్రరీ సెక్రెటరీ స్థానానికి జరిగిన హోరాహోరీ పోరులో మద్దిలేటి తన ప్రత్యర్థి సి. కేసన్నపై 211 ఓట్ల మెజార్టీతో విజేతగా నిలిచారు. ఎన్నికల అధికారులుగా హుస్సేన్ భాష, తిరుపతి, ఎం.ఆర్. కృష్ణారెడ్డి, తాలంకి వెంకటప్రసాద్, కృష్ణ లింగమయ్య వ్యవహరించి ఎటువంటి అవాంఛనీయ సంఘటనలు జరగకుండా ప్రక్రియను ప్రశాంతంగా ముగించారు. గెలుపోటములతో సంబంధం లేకుండా న్యాయవాదులందరూ ఐకమత్యం చాటారని, ఈ విజయం న్యాయవాద కుటుంబానిదేనని అభ్యర్థులు ఈ సందర్భంగా ఆనందం వ్యక్తం చేశారు. విజేతలకు తోటి న్యాయవాదులు పూలమాలలతో ఘనస్వాగతం పలికి అభినందనలు తెలియజేశారు.

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सहरसा। भारतीय डाक विभाग द्वारा डाक उत्कृष्टता सम्मान के अंतर्गत वर्ष 2025–26 के उत्कृष्ट कार्यों के लिए एक भव्य **पुरस्कार वितरण समारोह** का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभाग के कई अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में **श्री मनोज कुमार (IPoS)**डाक महानिरीक्षक पूर्वी प्रक्षेत्र बिहार सर्किल तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में **डॉ. कुमार आशीष (IPS)**सहारसा कोशी प्रमंडल उपस्थित रहे। समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया, जिसके बाद अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया गया।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि श्री मनोज कुमार ने कहा कि डाक विभाग आज भी देश की संचार व्यवस्था की रीढ़ है और कर्मचारियों की मेहनत ही इसकी सफलता का आधार है। वहीं, डॉ. कुमार आशीष ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों की सराहना करते हुए सभी को प्रेरित किया कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी और समर्पण के साथ करें।
समारोह के दौरान चयनित कर्मचारियों को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी कर्मचारियों ने इस आयोजन की सराहना की और इसे प्रेरणादायक बताया।
अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का सफल समापन हुआ।
संभार:-
नवीन कुमार टोपनो

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ਪੰਡਿਤ ਦੀਨ ਦਿਆਲ ਉਪਾਧਿਆਯ ਜੀ ਦੇ ਦਰਸਾਏ ਸਿਧਾਂਤਾਂ ਅਤੇ “ਅੰਤਯੋਦਯ” ਦੀ ਭਾਵਨਾ ਨੂੰ ਅੱਗੇ ਵਧਾਉਂਦੇ ਹੋਏ ਭਾਰਤੀ ਜਨਤਾ ਪਾਰਟੀ ਵੱਲੋਂ “ਪੰਡਿਤ ਦੀਨ ਦਿਆਲ ਉਪਾਧਿਆਯ ਸਿੱਖਲਾਈ ਮਹਾਅਭਿਆਨ” ਅਧੀਨ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕੈਂਪ ਦਾ ਪਹਿਲੇ ਦਿਨ ਆਯੋਜਨ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਇਸ ਕੈਂਪ ਦਾ ਮੁੱਖ ਉਦੇਸ਼ ਸਾਡੇ ਕਰਮਠ ਵਰਕਰਾਂ ਨੂੰ ਪਾਰਟੀ ਦੀ ਵਿਚਾਰਧਾਰਾ, ਨੀਤੀਆਂ ਅਤੇ ਲੋਕ ਸੇਵਾ ਦੇ ਮੂਲ ਮੰਤਰਾਂ ਨਾਲ ਹੋਰ ਮਜ਼ਬੂਤੀ ਨਾਲ ਜੋੜਨਾ ਹੈ। ਇਸ ਸਿੱਖਲਾਈ ਕੈਂਪ ਰਾਹੀਂ ਅਸੀਂ ਸਾਰੇ ਮਿਲ ਕੇ ਸੰਗਠਨ ਨੂੰ ਹੋਰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਬਣਾਉਣ, ਸਮਾਜ ਦੇ ਹਰ ਵਰਗ ਤੱਕ ਪਹੁੰਚ ਬਣਾਉਣ ਅਤੇ ਦੇਸ਼ ਦੀ ਤਰੱਕੀ ਵਿੱਚ ਆਪਣਾ ਯੋਗਦਾਨ ਪਾਉਣ ਦਾ ਸੰਕਲਪ ਕਰਾਂਗੇ। ਮੈਨੂੰ ਪੂਰਾ ਵਿਸ਼ਵਾਸ ਹੈ ਕਿ ਇਹ ਮਹਾਅਭਿਆਨ ਸਾਡੇ ਵਰਕਰਾਂ ਵਿੱਚ ਨਵਾਂ ਜੋਸ਼, ਨਵੀਂ ਉਰਜਾ ਅਤੇ ਸੇਵਾ ਦੀ ਭਾਵਨਾ ਨੂੰ ਹੋਰ ਪ੍ਰਗਟ ਕਰੇਗਾ। ਆਓ, ਸਾਰੇ ਮਿਲ ਕੇ ਇਸ ਮਹਾਅਭਿਆਨ ਦਾ ਹਿੱਸਾ ਬਣੀਏ ਅਤੇ ਦੇਸ਼ ਨੂੰ ਨਵੀਆਂ ਉੱਚਾਈਆਂ ਵੱਲ ਲੈ ਕੇ ਜਾਣ ਲਈ ਆਪਣਾ ਯੋਗਦਾਨ ਪੱਕਾ ਕਰੀਏ।

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कटिहार(बिहार): भीषण सड़क हादसे में अबतक 13 की मौ@त, बस और पिकअप की आमने सामने भीषण टक्कर, पिकअप के उड़े परखच्चे, पिकअप पर सवार थे लगभग 40 लोग, 27 लोगों की हालत नाजुक..हायर सेंटर पूर्णिया में इलाजरत, सभी आदिवासी समाज के लोग झाडखंड में धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेने के बाद वापस लौट रहे थे पूर्णिया, कोढ़ा थानाक्षेत्र के बसगढ़ा NH-31 पर हुआ है दुर्घटना, मुख्यमंत्री-प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों को 2-2 लाख और घायलों को 50-50 हजार रूपये सहायता राशि मुहैया किए जाने का ऐलान सभी मृतक को पोस्टमॉडम के लिए कटिहार सदर अस्पताल लाया गया।
कटिहार न्यूज- राजू चौधरी उर्फ
( राजेश अग्रवाल)

#katihar #PurniaNews #NHAI #treval #administration #CMOBihar

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ರಾಜಕೀಯ ಮತ್ತು ಆಡಳಿತ

​*ಸಚಿವ ದಿನೇಶ್ ಗುಂಡೂರಾವ್ ಹೇಳಿಕೆ:
ಗ್ರಾಮೀಣ ಭಾಗದ ಜನರಿಗೂ ಸರ್ಕಾರಿ ಆಸ್ಪತ್ರೆಗಳಲ್ಲಿ ತಜ್ಞ ವೈದ್ಯರ ಸೇವೆ ಸುಲಭವಾಗಿ ಸಿಗುವಂತೆ ಕ್ರಮ ವಹಿಸಲಾಗುವುದು ಎಂದು ತಿಳಿಸಿದ್ದಾರೆ.

*​ಸಚಿವ ಸತೀಶ್ ಜಾರಕಿಹೊಳಿ ಸ್ಪಷ್ಟನೆ:

ಬಾಗಲಕೋಟೆ ಅಭಿವೃದ್ಧಿ ವಿಚಾರದಲ್ಲಿ ಬೇರೆ ಕ್ಷೇತ್ರಗಳೊಂದಿಗೆ ಹೋಲಿಕೆ ಮಾಡುವುದು ತಪ್ಪು ಎಂದು ಅವರು ಅಭಿಪ್ರಾಯಪಟ್ಟಿದ್ದಾರೆ.

*​ಪಶ್ಚಿಮ ಬಂಗಾಳ ಚುನಾವಣಾ
ಪ್ರಚಾರದಲ್ಲಿ ಕರ್ನಾಟಕ ಮಾದರಿ:

ಪಶ್ಚಿಮ ಬಂಗಾಳದಲ್ಲಿ ಬಿಜೆಪಿ ಅಧಿಕಾರಕ್ಕೆ ಬಂದರೆ ಕರ್ನಾಟಕದ ಮಾದರಿಯಂತೆ ಮಹಿಳೆಯರಿಗೆ ಉಚಿತ ಬಸ್ ಪ್ರಯಾಣ ಮತ್ತು ಮಾಸಿಕ ₹3,000 ಸಹಾಯಧನ ನೀಡುವುದಾಗಿ ಅಮಿತ್ ಶಾ ಭರವಸೆ ನೀಡಿದ್ದಾರೆ.

*​ಶಿಕ್ಷಣ ಮತ್ತು ಉದ್ಯೋಗ
​ದ್ವಿತೀಯ ಪಿಯುಸಿ ಫಲಿತಾಂಶ:

ಫಲಿತಾಂಶ ಪ್ರಕಟವಾಗಿದ್ದು, ತುಮಕೂರಿನ ಕಟ್ಟಡ ಕಾರ್ಮಿಕನ ಮಗ ರಾಜ್ಯಕ್ಕೆ 3ನೇ ರ್ಯಾಂಕ್ ಪಡೆದು ಸಾಧನೆ ಮಾಡಿದ್ದಾನೆ.
​ಪ್ರಥಮ ಪಿಯುಸಿ ಫಲಿತಾಂಶ: ಕರ್ನಾಟಕದ 1st PUC ಫಲಿತಾಂಶವು ನಾಳೆ ಅಧಿಕೃತ ವೆಬ್‌ಸೈಟ್‌ನಲ್ಲಿ ಪ್ರಕಟವಾಗಲಿದೆ.

​*ಬೆಂಗಳೂರು-ಮುಂಬೈ ವಂದೇ ಭಾರತ್:
ಈ ಮಾರ್ಗದ ಸ್ಲೀಪರ್ ರೈಲು ಯೋಜನೆಗೆ ಅಧಿಕೃತ ಅನುಮೋದನೆ ಸಿಕ್ಕಿದೆ.

*ಐಪಿಎಲ್ 2026 (ಕ್ರಿಕೆಟ್)
​ಸಿಎಸ್‌ಕೆಗೆ ಮೊದಲ ಜಯ:

ಹ್ಯಾಟ್ರಿಕ್ ಸೋಲಿನ ನಂತರ ಸಂಜು ಸ್ಯಾಮ್ಸನ್ ಅವರ ಭರ್ಜರಿ ಶತಕದ ನೆರವಿನಿಂದ ಚೆನ್ನೈ ಸೂಪರ್ ಕಿಂಗ್ಸ್ ತನ್ನ ಮೊದಲ ಗೆಲುವಿನ ಖಾತೆ ತೆರೆದಿದೆ.

*ಆರ್‌ಸಿಬಿ ಬೌಲರ್‌ಗಳ ಸಂಕಷ್ಟ:

ಇತ್ತೀಚಿನ ಪಂದ್ಯದಲ್ಲಿ ವೈಭವ್ ಸೂರ್ಯವಂಶಿ ಮತ್ತು ಧ್ರುವ್ ಜುರೆಲ್ ಅವರ ಸ್ಫೋಟಕ ಬ್ಯಾಟಿಂಗ್‌ಗೆ ಆರ್‌ಸಿಬಿ ಬೌಲರ್‌ಗಳು ತತ್ತರಿಸಿದ್ದಾರೆ.

*ಇತರೆ ಪ್ರಮುಖ ಸುದ್ದಿಗಳು
​ಆಶಾ ಭೋಸ್ಲೆ ಆರೋಗ್ಯ: ಖ್ಯಾತ ಗಾಯಕಿ ಆಶಾ ಭೋಸ್ಲೆ ಅವರಿಗೆ ತೀವ್ರ ಅನಾರೋಗ್ಯ ಉಂಟಾಗಿದ್ದು, ಅವರ ಸ್ಥಿತಿ ಗಂಭೀರವಾಗಿದೆ ಎಂದು ವರದಿಯಾಗಿದೆ.

​*ಚಿಕ್ಕಮಗಳೂರು ಘಟನೆ:

ಕೇರಳದಿಂದ ನಾಪತ್ತೆಯಾಗಿದ್ದ 15 ವರ್ಷದ ಬಾಲಕಿ ಚಿಕ್ಕಮಗಳೂರಿನ ಜಲಪಾತವೊಂದರ ಬಳಿ ಶವವಾಗಿ ಪತ್ತೆಯಾಗಿದ್ದಾಳೆ. ಪ್ರಾಥಮಿಕ ವರದಿಯಲ್ಲಿ ಯಾವುದೇ ಅನುಮಾನಾಸ್ಪದ ಅಂಶಗಳು ಕಂಡುಬಂದಿಲ್ಲ ಎಂದು ಪೊಲೀಸರು ತಿಳಿಸಿದ್ದಾರೆ.

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जनपद सुलतानपुर के थाना कोतवाली देहात क्षेत्र से एक युवक के गुमशुदा होने का मामला प्रकाश में आया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सरफराज अहमद (उम्र लगभग 18 वर्ष) पुत्र अफरोज अहमद, निवासी ग्राम नकराही, पोस्ट सुलतानपुर, दिनांक 05 अप्रैल 2026 को शाम लगभग 08:30 बजे अपने घर से निकले थे, जिसके बाद से अब तक उनका कोई पता नहीं चल सका है।
गुमशुदा युवक का हुलिया इस प्रकार है—रंग गोरा, कद लगभग 5 फीट 1 इंच। गुम होने के समय उन्होंने काले रंग की टी-शर्ट, नीले रंग की जींस पैंट एवं पैरों में हवाई चप्पल पहन रखी थी।
परिजनों द्वारा काफी खोजबीन के बाद भी कोई जानकारी न मिलने पर पुलिस में सूचना दी गई है। थाना कोतवाली देहात पुलिस द्वारा युवक की तलाश जारी है।
जनसामान्य से अपील है कि यदि उक्त युवक कहीं दिखाई दे या उसके संबंध में कोई जानकारी प्राप्त हो, तो कृपया तत्काल निम्नलिखित नंबरों पर संपर्क करें—

📞 मो. आसिफ (चाचा): 9958165564 / 9506796180
📞 थाना कोतवाली देहात: 9454404343
📞 जांच अधिकारी: सादिक खान – 9451657699

सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम गोपनीय रखा जाएगा तथा उचित इनाम/खर्च दिया जाएगा।

– थाना कोतवाली देहात, जनपद सुलतानपुर

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ಇಂದು ಏಪ್ರಿಲ್ 12, 2026, ಭಾನುವಾರ. ಶ್ರೀ ಪರಾಭವ ನಾಮ ಸಂವತ್ಸರದ ಪಂಚಾಂಗದ ವಿವರಗಳು ಇಲ್ಲಿವೆ:

ದಿನದ ವಿಶೇಷತೆಗಳು:

​ಸಂವತ್ಸರ: ಪರಾಭವ
​ಅಯನ: ಉತ್ತರಾಯಣ
​ಋತು: ವಸಂತ ಋತು
​ಮಾಸ: ಚೈತ್ರ ಮಾಸ
​ಪಕ್ಷ: ಕೃಷ್ಣ ಪಕ್ಷ
​ತಿಥಿ ಮತ್ತು ನಕ್ಷತ್ರ
​ತಿಥಿ: ಇಂದು ದಶಮಿ ತಿಥಿ ಇರುತ್ತದೆ.
​ನಕ್ಷತ್ರ: ಇಂದು ಧನಿಷ್ಠಾ ನಕ್ಷತ್ರವು ಪ್ರಭಾವಿತವಾಗಿರುತ್ತದೆ.
​ಯೋಗ: ಸಾಧ್ಯ ಯೋಗ
​ಕರಣ: ಭದ್ರ (ವಿಸ್ಟಿ) ಕರಣ

ಶುಭ ಮತ್ತು ಅಶುಭ ಸಮಯಗಳು:
ವಿವರ ಸಮಯ
ಸೂರ್ಯೋದಯ ಬೆಳಗ್ಗೆ 06:12 ಕ್ಕೆ
ಸೂರ್ಯಾಸ್ತ ಸಂಜೆ 06:33 ಕ್ಕ್ಕೆ
ರಾಹುಕಾಲ ಸಂಜೆ 04:30 ರಿಂದ 06:00 ರವರೆಗೆ
ಗುಳಿಕಕಾಲ ಮಧ್ಯಾಹ್ನ 03:00 ರಿಂದ 04:30 ರವರೆಗೆ
ಯಮಗಂಡಕಾಲ ಮಧ್ಯಾಹ್ನ 12:00 ರಿಂದ 01:30 ರವರೆಗೆ
ಅಭಿಜಿತ್ ಮುಹೂರ್ತ ಮಧ್ಯಾಹ್ನ 11:58 ರಿಂದ 12:48 ರವರೆಗೆ

​ಗಮನಿಸಿ: ಇಂದು ಭಾನುವಾರವಾಗಿರುವುದರಿಂದ ಸೂರ್ಯನ ಆರಾಧನೆ ಮತ್ತು ಆದಿತ್ಯ ಹೃದಯ ಸ್ತೋತ್ರದ ಪಠಣವು ಅತ್ಯಂತ ಮಂಗಳಕರ ಮತ್ತು ಆರೋಗ್ಯದಾಯಕವಾಗಿರುತ್ತದೆ.
​ನಿಮ್ಮ ದಿನವು ಶುಭವಾಗಲಿ!

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​सारंगढ़-बिलाइगढ़। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़ विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी द्वारा 'घर चलो, बस्ती चलो' अभियान के तहत व्यापक जनसंपर्क कार्यक्रम चलाया जा रहा है। शासन की मंशा के अनुसार इस अभियान का उद्देश्य अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक शासन की योजनाओं को पहुँचाना है, लेकिन जमीनी स्तर पर सूचनाओं के अभाव और नेताओं की चुप्पी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
​संवाद का अभाव: संपादक के सवालों पर नहीं मिला सटीक जवाब
​अभियान की वास्तविकता जानने के लिए जब आइमा मीडिया के संपादक द्वारा भाजपा की वरिष्ठ नेता सुश्री कामदा जोल्हे से संपर्क कर अभियान के मुख्य मुद्दों और लक्ष्यों पर चर्चा करनी चाही, तो उनकी ओर से कोई सटीक या स्पष्ट जवाब प्राप्त नहीं हुआ। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि जब पार्टी "जनसंवाद" का दावा कर रही है, तो जिम्मेदार नेता मीडिया के साथ जानकारी साझा करने में संकोच क्यों कर रहे हैं?
​क्या हैं इस अभियान के मुख्य मुद्दे? (सूत्रों के अनुसार)
​भले ही स्थानीय स्तर पर स्पष्ट जानकारी न दी जा रही हो, लेकिन भाजपा के इस प्रदेशव्यापी अभियान के पीछे कुछ प्रमुख एजेंडे माने जा रहे हैं:
​योजनाओं का ऑडिट: महतारी वंदन योजना, उज्ज्वला और आयुष्मान कार्ड जैसी योजनाओं का लाभ बस्तियों में मिल रहा है या नहीं, इसकी जाँच करना।
​बूथ सशक्तिकरण: आगामी चुनावी तैयारियों के मद्देनजर हर बस्ती और मोहल्ले में कार्यकर्ताओं की फौज खड़ी करना।
​सीधा संपर्क: घर-घर जाकर जनता की समस्याओं को सुनना और उन्हें शासन तक पहुँचाने का भरोसा दिलाना।
​मीडिया का नजरिया
​एक तरफ भाजपा कार्यकर्ता बस्तियों की धूल छान रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय नेतृत्व द्वारा मीडिया को अंधेरे में रखना इस अभियान की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है। क्या यह अभियान सिर्फ एक औपचारिक आयोजन है या वास्तव में जनता की समस्याओं का निराकरण होगा? यह आने वाला समय ही बताएगा।

​"भाजपा का 'घर चलो, बस्ती चलो' अभियान: दावों और हकीकत के बीच कितना अंतर? आइमा मीडिया के सवालों पर भाजपा नेता सुश्री कामदा जोल्हे ने साधी चुप्पी।"
​रिपोर्ट: संपादक, आइमा मीडिया (दारिकांत)

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बांसवाड़ा। जिले में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बांसवाड़ा पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जिले के तीन अलग-अलग थानों—आनंदपुरी, कुशलगढ़ और कलींजरा—ने कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस, लूट और लंबे समय से फरार चल रहे आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
आनंदपुरी: 2 साल से फरार आरोपी गिरफ्तार
आनंदपुरी थाना पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए पिछले दो वर्षों से फरार चल रहे वांछित आरोपी को पकड़ने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस के अनुसार, पकड़ा गया आरोपी मुकेश, पुत्र कानजी, निवासी पांचवाड़ा (थाना अरथूना) है। पुलिस लंबे समय से इसकी तलाश में दबिश दे रही थी।
कुशलगढ़: ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ के तहत NDPS आरोपी दबोचा
कुशलगढ़ पुलिस ने क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ “ऑपरेशन त्रिनेत्र” के तहत प्रभावी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में एनडीपीएस (NDPS) केस के आरोपी दिलिप, पुत्र श्यामजी, निवासी माजिया (थाना अरथूना) को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस आरोपी से तस्करी के नेटवर्क के बारे में पूछताछ कर रही है।
कलींजरा: लूट का आरोपी गिरफ्तार, वारदात में प्रयुक्त कार जब्त
इधर, कलींजरा थाना पुलिस ने लूट के एक मामले का खुलासा करते हुए आरोपी मनीष, पुत्र छगनलाल पटेल, निवासी चना वाला को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लूट की वारदात में इस्तेमाल की गई कार को भी जब्त कर लिया है। हालांकि, इस मामले में कुछ अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
जनता से सहयोग की अपील
पुलिस प्रशासन ने आमजन से शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि यदि क्षेत्र में कोई भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
• पुलिस व्हाट्सएप सूचना नंबर: 95304-39780
यह भी पढ़ें: अपराधियों के खिलाफ जिला पुलिस का यह अभियान लगातार जारी रहेगा ताकि आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय बना रहे।
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विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार

पटना : ​बिहार की शिक्षा व्यवस्था में सुधार और साक्षरता दर को बढ़ाने के उद्देश्य से 'नामांकन अभियान 2026' की घोषणा एक स्वागत योग्य कदम है।
सोशल मीडिया पर साझा किए गए इस पोस्ट के माध्यम से अभिभावकों और स्थानीय निवासियों से अपील की गई है कि वे 6 वर्ष की आयु पूरी कर चुके बच्चों का नामांकन पास के विद्यालयों में कराएं।

​जमीनी स्तर पर सक्रियता:
इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत इसका 'विकेंद्रीकृत' दृष्टिकोण है। केवल आदेश जारी करने के बजाय, प्रशासन ने टोला सेवकों और तालीमी मरकज के सदस्यों को गृह भ्रमण की जिम्मेदारी सौंपी है।
यह सुनिश्चित करता है कि समाज के सबसे वंचित वर्गों तक भी शिक्षा की पहुंच हो और कोई भी बच्चा स्कूल जाने से वंचित न रहे।

​चुनौतियां और अपेक्षाएं:
अभियान की सफलता केवल नामांकन तक सीमित नहीं होनी चाहिए। असली चुनौती इन बच्चों को स्कूल में बनाए रखने (Retention) और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने की है।
"हर बच्चा हो, अब स्कूल का हिस्सा" नारा तभी सार्थक होगा जब स्कूलों में बुनियादी ढांचा, शिक्षकों की उपस्थिति और मध्याह्न भोजन जैसी सुविधाएं सुदृढ़ होंगी।

​निष्कर्ष:
शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बताया कि शिक्षा किसी भी राज्य की प्रगति का आधार होती है।
बिहार जैसे राज्य में, जहाँ जनसांख्यिकीय लाभांश (Demographic Dividend) बहुत अधिक है, इस तरह के अभियान बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रख सकते हैं।
समाज के हर वर्ग को इस 'नामांकन उत्सव' में अपनी सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए ताकि कोई भी बच्चा पीछे न छूटे।

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विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार

पटना: ​बिहार सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से एक ऐसा निर्णय लिया है जिसकी चर्चा दशकों से हो रही थी, लेकिन राजनैतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण यह फाइलों में दबा था।
'सात निश्चय-3' के तहत सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना राज्य की चरमराती सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को आईसीयू से बाहर निकालने की एक गंभीर कोशिश नजर आती है।

​व्यवस्था में सुधार की नींव:
अक्सर यह शिकायत रहती थी कि सरकारी डॉक्टर अस्पतालों से नदारद रहकर अपने निजी क्लीनिकों को प्राथमिकता देते हैं।
इससे गरीब मरीज, जो पूरी तरह सरकारी सुविधाओं पर निर्भर हैं, बिना इलाज के रह जाते थे। नए संकल्प पत्र के अनुसार, अब एलोपैथिक डॉक्टर और चिकित्सा शिक्षक केवल सरकारी संस्थानों में ही अपनी सेवा दे सकेंगे।
सरकार ने इसके बदले उन्हें 'नॉन-प्रैक्टिस अलाउंस' (NPA) देने का वादा किया है, जो डॉक्टरों के वित्तीय हितों की रक्षा के लिए जरूरी भी है।

​चुनौतियां और संभावनाएं:
यह कदम जितना सराहनीय है, इसका कार्यान्वयन उतना ही चुनौतीपूर्ण होगा।
क्या सरकार केवल भत्ते के दम पर डॉक्टरों को निजी क्लीनिकों की मोटी कमाई से दूर रख पाएगी?
इसके लिए सख्त निगरानी और जिला स्तर पर पारदर्शी ऑडिट की आवश्यकता होगी। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी अनिवार्य है, ताकि डॉक्टर वहां काम करने के लिए प्रेरित हो सकें।

​निष्कर्ष:
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 'सुलभ स्वास्थ्य, सुरक्षित जीवन' के विजन को धरातल पर उतारने के लिए यह एक 'सर्जिकल स्ट्राइक' जैसा कदम है।
यदि यह नीति सफलतापूर्वक लागू होती है, तो न केवल सरकारी अस्पतालों पर जनता का भरोसा लौटेगा, बल्कि बिहार अन्य राज्यों के लिए भी एक मिसाल पेश कर सकता है।
अब गेंद स्वास्थ्य विभाग और डॉक्टरों के पाले में है कि वे इस बदलाव को किस भावना से स्वीकार करते हैं।

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देवास महात्मा गांधी जिला चिकित्सालय में जैसे ही अमरनाथ यात्रा 2026 की मेडिकल चेकअप 9 अप्रैल से प्रारंभ हुए है वैसे ही बड़ी संख्या में भक्तजन जय बाबा अमरनाथ बर्फानी भूखे को अन्न प्यासे को पानी के जयकारों के साथ मेडिकल चेकअप करवा रहे है ओर वहीं हमने जब जितेंद्र पटेल से बात की तो उन्होंने बताया कि वे 9 अप्रैल से ही जो मेडिकल चेकअप शुरू हुए है उसमें चेकअप करवाकर 15 अप्रैल से जो रजिस्ट्रेशन फॉर्म शुरू होने वाले है यात्रा के लिए उसमें पहले ही जत्थे में बाबा अमरनाथ के दर्शन के लिए अतिउत्सुक है ओर इसी उम्मीद के साथ हमने मेडिकल चेकअप करवाया है । ओर 15 अप्रैल को रजिस्ट्रेशन कराकर जल्दी से जल्दी बाबा के दर्शन लाभ प्राप्त करना चाहते हैं।

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✍🏻श्योपुर, 11 अप्रैल 2026
श्योपुर जिले में प्रशासनिक नेतृत्व का नया अध्याय शुरू हो गया है। वर्ष 2015 बैच की आईएएस अधिकारी सुश्री शीला दाहिमा ने आज कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर विधिवत रूप से कलेक्टर पद का कार्यभार ग्रहण किया। उनके पदभार ग्रहण करते ही जिले में नई ऊर्जा और अपेक्षाओं का माहौल बन गया है।
पदभार ग्रहण के अवसर पर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सीईओ जिला पंचायत श्रीमती सौम्या आनंद, एसडीएम श्योपुर श्री गगन सिंह मीणा, कराहल एसडीएम श्री बी.एस. श्रीवास्तव, डिप्टी कलेक्टर श्री संजय जैन एवं श्री विजय शाक्य, तहसीलदार श्रीमती मनीषा मिश्रा सहित अन्य अधिकारियों ने नवागत कलेक्टर का पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया।
मध्यप्रदेश शासन द्वारा जारी आदेश के तहत सुश्री शीला दाहिमा को श्योपुर जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासनिक अनुभव और कार्यकुशलता के लिए पहचानी जाने वाली सुश्री दाहिमा इससे पूर्व बैतूल में सीईओ जिला पंचायत, भोपाल में राज्य शिक्षा केन्द्र की अपर संचालक, माध्यमिक शिक्षा मंडल में एडिशनल सेक्रेटरी तथा सहकारिता विभाग में उप सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। उनकी नियुक्ति से जिले में विकास कार्यों को गति मिलने और प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय अधिकारियों और आमजन को उनसे पारदर्शी एवं प्रभावी प्रशासन की आशा है।

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✍🏻श्योपुर, 11 अप्रैल 2026
श्योपुर जिले में प्रशासनिक नेतृत्व का नया अध्याय शुरू हो गया है। वर्ष 2015 बैच की आईएएस अधिकारी सुश्री शीला दाहिमा ने आज कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर विधिवत रूप से कलेक्टर पद का कार्यभार ग्रहण किया। उनके पदभार ग्रहण करते ही जिले में नई ऊर्जा और अपेक्षाओं का माहौल बन गया है।
पदभार ग्रहण के अवसर पर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सीईओ जिला पंचायत श्रीमती सौम्या आनंद, एसडीएम श्योपुर श्री गगन सिंह मीणा, कराहल एसडीएम श्री बी.एस. श्रीवास्तव, डिप्टी कलेक्टर श्री संजय जैन एवं श्री विजय शाक्य, तहसीलदार श्रीमती मनीषा मिश्रा सहित अन्य अधिकारियों ने नवागत कलेक्टर का पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया।
मध्यप्रदेश शासन द्वारा जारी आदेश के तहत सुश्री शीला दाहिमा को श्योपुर जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासनिक अनुभव और कार्यकुशलता के लिए पहचानी जाने वाली सुश्री दाहिमा इससे पूर्व बैतूल में सीईओ जिला पंचायत, भोपाल में राज्य शिक्षा केन्द्र की अपर संचालक, माध्यमिक शिक्षा मंडल में एडिशनल सेक्रेटरी तथा सहकारिता विभाग में उप सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। उनकी नियुक्ति से जिले में विकास कार्यों को गति मिलने और प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय अधिकारियों और आमजन को उनसे पारदर्शी एवं प्रभावी प्रशासन की आशा है।

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उजीना से नौशेरा जाने वाली सड़क की स्थिति पर एक गंभीर सवाल
उजीना से नौशेरा को जोड़ने वाली सड़क का हाल आज किसी से छुपा नहीं है। साल 2020 से लेकर अब तक यह सड़क चौथी बार बन रही है, लेकिन दुख की बात यह है कि एक भी बार इसका काम किसी मजबूत और जिम्मेदार ठेकेदार को नहीं सौंपा गया। बार-बार निर्माण और फिर कुछ ही महीनों में सड़क का टूट जाना साफ संकेत देता है कि कहीं न कहीं या तो राजनीति का हस्तक्षेप है या फिर जिला प्रशासन की नजर इस मुद्दे से पूरी तरह हट चुकी है।
उजीना जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र, जो मेवात की पहचान है, वहां के लोगों को ऐसी बुनियादी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है, यह बेहद चिंताजनक है। यहां के लोग, समाजसेवी और बड़े नाम—जिनका मेवात विकास में योगदान रहा है—भी इस मुद्दे पर चुप नजर आ रहे हैं। केवल एक नाम सामने आया, श्री मास्टर चेतराम जी, जिन्होंने एक बार निरीक्षण किया, लेकिन उसके बाद किसी ने इस ओर ध्यान देना जरूरी नहीं समझा।
मीडिया के साथियों ने इस मुद्दे को कई बार उठाया, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्राम पंचायत नौशेरा की भूमिका पर भी सवाल उठते हैं—ऐसा लगता है जैसे उन्हें इस समस्या से कोई लेना-देना ही नहीं है। क्या उन्हें आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की कोई चिंता नहीं?
यह कहना गलत नहीं होगा कि जैसे ठेकेदार पहले ही सबको चुप रहने के लिए कह देता है, और फिर घटिया निर्माण कर के निकल जाता है। मैं किसी की भावना को ठेस नहीं पहुंचाना चाहता, लेकिन सच को सामने लाना जरूरी है।
आज हमें खुद से सवाल पूछने की जरूरत है—जब सरकार इस सड़क के लिए पैसा दे रही है, तो हम चुप क्यों हैं? हरियाणा सरकार खुद कहती है कि जनता के विकास के लिए धन दिया जाता है। अगर कहीं गड़बड़ी हो रही है, तो हमें निडर होकर आवाज उठानी चाहिए।
याद रखिए, यह सिर्फ एक सड़क का मुद्दा नहीं है—यह हमारे विकास, हमारे बच्चों के भविष्य और हमारे अधिकारों का सवाल है। यहां खुद मुख्यमंत्री आकर निरीक्षण नहीं करेंगे, यह जिम्मेदारी हमारी है।
मैं अपने सभी नौजवानों, बुजुर्गों और जिम्मेदार नागरिकों से अपील करता हूं कि इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान दें और आवाज उठाएं। अगर आप साथ देना चाहते हैं, तो आगे आइए—और अगर नहीं, तो मैं अकेला ही इस लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हूं।
सड़क की गुणवत्ता बेहद खराब है—सिर्फ 6 महीने पहले बनी सड़क आज फिर से टूट रही है और दोबारा काम शुरू हो गया है। इसके वीडियो और तस्वीरें मेरे पास हैं, जिन्हें मैं आप सबके साथ साझा करूंगा।
अब वक्त है जागने का, बोलने का और सही काम करवाने का।
जय हिंद 🇮🇳
जय भारत 🇮🇳
जय मेवात 🙏

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लखनऊ। राजधानी लखनऊ स्थित रवींद्रालय भवन में आयोजित सोनार समागम में शनिवार को स्वर्णकार समाज का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। कार्यक्रम में इतनी बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी रही कि सभागार के साथ-साथ भवन के बरामदे, परिसर और बाहर का मैदान भी खचाखच भरा नजर आया।
समागम के दौरान पूरे क्षेत्र में स्वर्णकार समाज की जागरूकता और एकजुटता स्पष्ट रूप से दिखाई दी। परिसर, सड़कों और आसपास के क्षेत्रों में लगे बैनर और होर्डिंग इस बात के साक्षी रहे कि समाज अब अपने अधिकारों और राजनीतिक भागीदारी को लेकर सजग हो चुका है। वक्ताओं ने इसे सामाजिक और राजनीतिक चेतना के उदय का शुभ संकेत बताया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वर्णकार समाज राजनीतिक भागीदारी मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेंद्र वर्मा, उत्तर प्रदेश स्वर्णकार समिति के प्रदेश अध्यक्ष नीरज कुमार वर्मा तथा नरहरी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार वर्मा की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।
कार्यक्रम में जौनपुर जनपद से भी बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। नरहरी सेना जौनपुर के जिला अध्यक्ष सुजीत वर्मा, शाहगंज नरहरी सेना के संरक्षक सचिन वर्मा तथा शाहगंज नरहरी सेना के अध्यक्ष सुजीत सेठ की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
समागम के अंत में समाज के उत्थान, एकता और राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने “जय संत शिरोमणि नरहरी सेना” के जयघोष के साथ समाज की एकजुटता का प्रदर्शन किया।

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डेलंग पिपिली से सीपीआई(ए" target="_blank" style="text-decoration:none;color:#000;">


डेलंग पिपिली से सीपीआई(एमएल) के वरिष्ठ नेता श्री अशोक प्रधान ने ओडिशा सरकार को किसानों के हित में महत्वपूर्ण सलाह देते हुए कहा है कि नदियों के जल का उचित संरक्षण और प्रबंधन किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि नदी के पानी को सही तरीके से बचाया और उपयोग किया जाए, तो किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध कराया जा सकता है।

श्री अशोक प्रधान ने कहा कि सरकार को ऐसी ठोस योजना बनानी चाहिए, जिससे नदी का पानी व्यर्थ न बहने पाए और उसका लाभ सीधे खेती-किसानी से जुड़े लोगों को मिले। उन्होंने यह भी कहा कि जल संरक्षण की प्रभावी व्यवस्था होने से किसानों की समस्याएं कम होंगी और कृषि उत्पादन में भी बढ़ोतरी होगी।

उन्होंने सरकार से अपील की कि किसानों की भलाई के लिए जल संसाधनों के संरक्षण, संचयन और समुचित वितरण पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।

रिपोर्ट:
जितेंद्र कुमार त्रिपाठी


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बिहार के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अनुशासनहीनता और मुख्यमंत्री की आधिकारिक यात्रा में बाधा उत्पन्न करने के आरोप में तीन अंचलाधिकारियों (CO) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। भ्रष्टाचार और कार्य में कोताही के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सरकारी निर्देशों की अवहेलना करने वाले और जनता को परेशान करने वाले अधिकारियों के लिए विभाग में कोई जगह नहीं है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद निलंबित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है, जिससे प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है और अन्य कर्मियों को कर्तव्य निष्ठा से काम करने का कड़ा संदेश मिला है।

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बेगूसराय के नावकोठी थाना अंतर्गत वृंदावन गांव में शनिवार को दरभंगा के 'प्रेम ज्वेलर्स' से लूटे गए करोड़ों के सोने-चांदी की बरामदगी के लिए की जा रही छापेमारी के दौरान एक शक्तिशाली बम विस्फोट हो गया। जमीन के नीचे छिपे सामान को खोदकर निकालने के प्रयास में हुए इस धमाके की चपेट में आकर 5 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेगूसराय सदर अस्पताल रेफर किया गया है। शुरुआती जांच के अनुसार, अपराधियों ने लूट के माल की सुरक्षा या पुलिस को निशाना बनाने के इरादे से वहां बम छिपा रखा था; फिलहाल पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया है और फोरेंसिक टीम की मदद से साक्ष्य जुटाकर फरार अपराधियों की धरपकड़ के लिए सघन छापेमारी शुरू कर दी है।

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टोटो चालक की हत्या व लूट कांड का खुलासा, 4 आरोपी गिरफ्तार

लूटी गई बैटरी व घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद, विशेष टीम ने किया सफल उद्भेदन

नवगछिया : पुलिस जिला नवगछिया की खरीक थाना पुलिस ने टोटो चालक की हत्या एवं लूट कांड का सफल उद्भेदन करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से लूटी गई बैटरी तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 30 मार्च 2026 को वादी राजेश कुमार ने खरीक थाना में सूचना दी कि उनका पुत्र सिटू कुमार, जो टोटो चलाकर जीविका चलाता था, 29 मार्च की शाम घर से टोटो लेकर निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। सूचना मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस ने कलबलिया धार से टोटो बरामद किया, जबकि अम्भो-दादपुर सड़क किनारे एक गड्ढे से सिटू कुमार का शव मिला। इस मामले में मृतक के पिता के बयान पर खरीक थाना कांड संख्या 84/26 दर्ज किया गया।

मामले के त्वरित खुलासे के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम (STT) का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी और मानवीय अनुसंधान के आधार पर चार आरोपियों—श्रीचन कुमार, सुदामा शर्मा, बादल शर्मा और लड्डू शर्मा—को गिरफ्तार किया।

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने लूटपाट के उद्देश्य से टोटो रिजर्व किया और तुलसीपुर स्थित केले के बागान में ले जाकर चालक की हत्या कर दी। इसके बाद टोटो की बैटरी और मोबाइल लूट लिया तथा पहचान छिपाने के लिए शव को गड्ढे में और टोटो को अलग स्थान पर फेंक दिया।

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर लूटी गई बैटरी और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

अपराधिक इतिहास:
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी बादल शर्मा पर पूर्व में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, वहीं लड्डू शर्मा पर आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज है।

छापामारी टीम:
इस सफल कार्रवाई में खरीक थाना प्रभारी नरेश कुमार सहित डीआईयू नवगछिया एवं सशस्त्र बल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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🚨 कायदेशीर प्रेस नोट (आंतरराष्ट्रीय / विदेशी कायद्याच्या चौकटीत – कडक नोटीस) 🚨
तालुका दौंड, जिल्हा पुणे – ब्रेकिंग न्यूज.11/04/2026.??

विषय: दौंड तालुक्यातील वाढते वाहतूक नियमभंग, रोड रोमिओ, ट्रिपल सीट, बेकायदेशीर सायलेंसर, काळ्या काचा, खोट्या ओळखीचा वापर व शाळा परिसरातील ट्रॅफिक जाम संदर्भात तात्काळ कठोर कारवाईबाबत.

दौंड तालुक्यात सध्या सार्वजनिक रस्त्यांवर कायद्याचे उघड उल्लंघन होत असून नागरिकांच्या जीवन, सुरक्षितता व शांततेच्या मूलभूत अधिकारांवर गंभीर परिणाम होत आहे. विशेषतः शाळा परिसरात विद्यार्थ्यांच्या जीवितास धोका निर्माण झाला आहे.

ही परिस्थिती खालील आंतरराष्ट्रीय कायदे व मानकांचे उल्लंघन करते:

👉 Universal Declaration of Human Rights (कलम 3 – जीवन व सुरक्षिततेचा हक्क)
👉 International Covenant on Civil and Political Rights (सार्वजनिक सुव्यवस्था व सुरक्षा)
👉 Vienna Convention on Road Traffic (रस्ता सुरक्षा नियम)
👉 World Health Organization (ध्वनी प्रदूषण व सार्वजनिक आरोग्य मार्गदर्शक तत्त्वे)

🔴 मुद्देनिहाय कारवाईची मागणी:

१) अल्पवयीनांकडून वाहन चालविणे:

१८ वर्षांखालील मुलांकडून वेगाने वाहन चालविणे ही गंभीर बाब असून
👉 Convention on the Rights of the Child अंतर्गत बालकांचे संरक्षण बंधनकारक आहे.
👉 पालक व वाहनमालकांवर देखील जबाबदारी निश्चित करून गुन्हे दाखल करावेत.

२) ट्रिपल सीट व बेफाम वेग:

👉 गर्दीच्या ठिकाणी ट्रिपल सीट व धोकादायक ड्रायव्हिंग करणाऱ्यांवर तात्काळ गुन्हे नोंद करावेत.

३) बुलेट/इतर वाहनांचे फटाके सायलेंसर:

👉 सायलेंसरमधून फटाके आवाज काढणे हे सार्वजनिक आरोग्यास धोका आहे.
👉 अशा वाहनांवर जप्ती व कठोर दंडात्मक कारवाई करावी.

४) काळ्या काचा (Tinted Glass):

👉 चारचाकी वाहनांवर काळ्या काचा वापरणे सुरक्षेच्या दृष्टीने धोकादायक आहे.
👉 संबंधित वाहनांवर तात्काळ कारवाई करावी.

५) रात्री स्टंट व सार्वजनिक त्रास:

📍 ठिकाणे: डिफेन्स कॉलनी, गोल्ड राऊंड, गोपाळवाडी रोड, शिवाजी चौक, वरदे विनायक परिसर
👉 रात्रीच्या वेळी स्टंट, फटाके आवाज व दहशत निर्माण करणाऱ्यांवर गुन्हे दाखल करावेत.

६) बिना नंबर प्लेट वाहने:

👉 अशा वाहनांमुळे चोरी व गुन्हेगारी वाढते
👉 विशेष तपास मोहीम राबवून जप्ती व चौकशी करावी.

७) शाळा सुटल्यानंतर ट्रॅफिक जाम:

📍 शेठ ज्योती प्रसाद विद्यालय परिसर, आंबेडकर चौक – हुतात्मा चौक – कुरकुंभ मोरी – शालिमार चौक
👉 दुपारी 12:30 वाजता मोठ्या प्रमाणात ट्रॅफिक जाम होत असून विद्यार्थ्यांच्या सुरक्षिततेस धोका निर्माण होतो
👉 किमान 2 पोलीस, होमगार्ड व ट्रॅफिक हवालदार तैनात करणे अत्यावश्यक आहे.

८) खोट्या ओळखीचा वापर (Police / Press / Government):

👉 पर्सनल वाहनांवर “Police”, “Press”, “Government” असे अनधिकृत लिहिणे हा गंभीर कायदेशीर गुन्हा आहे
👉 अशा प्रकरणांवर फसवणूक व कायद्याचा गैरवापर या अंतर्गत कारवाई करावी.

⚖️ स्पष्ट मागण्या:

तात्काळ Special Enforcement Drive राबविण्यात यावा

सर्व नियमभंग करणाऱ्यांवर कायदेशीर पावती + गुन्हा नोंद करावा

CCTV, नाकाबंदी व नियमित गस्त वाढवावी

शाळा व गर्दीच्या ठिकाणी कायमस्वरूपी पोलीस बंदोबस्त ठेवावा

📢 अंतिम कायदेशीर इशारा:

वरील बाबींवर तात्काळ कार्यवाही न झाल्यास,
👉 मानवाधिकार आयोग, उच्च न्यायालय तसेच संबंधित आंतरराष्ट्रीय संस्थांकडे तक्रार दाखल करण्यात येईल.

— निवेदक
अमर मधुकर जोगदंड
RTI कार्यकर्ते व सामाजिक कार्यकर्ते
तालुका दौंड, जिल्हा पुणे
📞 8888058805
📧 jogdand.amar1@gmail.com

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विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार

​जब न्याय की तराजू संभालने वाले हाथों पर ही सवाल उठने लगें, तो लोकतंत्र की नींव डगमगाने लगती है। जस्टिस यशवंत वर्मा का इस्तीफा महज एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि भारतीय न्यायपालिका के इतिहास का वह काला अध्याय है, जिसने 'जवाबदेही' की बहस को फिर से जिंदा कर दिया है।

​पिछले साल दिल्ली के तुगलक क्रीसेंट स्थित उनके बंगले में लगी आग ने न केवल फाइलों को जलाया, बल्कि उस नकदी के अंबार को भी दुनिया के सामने ला दिया, जिसका हिसाब देना शायद नामुमकिन था। 1.5 फीट ऊंचे अधजले नोटों के ढेर ने उस गरिमा को भी स्वाहा कर दिया, जो एक जज के साथ जुड़ी होती है।

​जस्टिस वर्मा का यह कहना कि जांच 'अनुचित' थी, उनके बचाव का एक हिस्सा हो सकता है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि महाभियोग की कार्यवाही पूरी होने से ठीक पहले इस्तीफा क्यों?
क्या यह सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली सुविधाओं (पेंशन आदि) को सुरक्षित रखने की एक सोची-समझी रणनीति है?
​इस्तीफा देना महाभियोग से बचने का 'सुरक्षित रास्ता' तो हो सकता है, लेकिन यह 'न्याय' नहीं है। जनता यह जानने का हक रखती है कि एक लोक सेवक के पास इतनी बड़ी मात्रा में नकदी कहां से आई। यदि जांच एजेंसियां अब इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल देती हैं, तो यह संदेश जाएगा कि 'कानून' केवल आम आदमी के लिए है, खास के लिए नहीं।

​अब गेंद सरकार और पुलिस के पाले में है। जस्टिस वर्मा अब 'जज' नहीं रहे, एक आम नागरिक हैं। क्या कानून अब उसी निष्पक्षता से अपना काम करेगा जिसकी उम्मीद एक आम भारतीय करता है? न्यायपालिका की शुचिता बनाए रखने के लिए इस मामले का तार्किक अंजाम तक पहुंचना अनिवार्य है।

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