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33% महिला आरक्षण विधेयक पर अपनी माँगो को लेकर SDM को राज्यपाल के नाम जिला ओबीसी सैल कांग्रेस एवं ओबीसी समाज द्वारा सौंपा गया ज्ञापन

जगाधरी-यमुनानगर, ( तरुण शर्मा ) AIMA Media, 28-09-23।

माननीय राज्यपाल महोदय, हरियाणा को महिला आरक्षण बिल को 2024 में होने वाले चुनाव में लागू करने बारे और ओबीसी समाज की महिलाओं को भी इस आरक्षण में शामिल किए जाने बारे। आदरणीय राज्यपाल जी को ज्ञापन भेजा गया।
जिला ओबीसी सैल अध्यक्ष कांग्रेस पार्टी चौधरी विक्रम सिंह सैनी ने कहा महिला आरक्षण इस देश की आधी आबादी की राजनीतिक भागीदारी और उनके सशक्तिकरण का सबसे ज़रूरी माध्यम है। इससे देश की राजनीति, संसद और विधानसभाओं में ज्यादा से ज्यादा महिलाएं आएँगी तथा नीति निर्माण में निर्णायक भागीदारी निभाएंगी। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस इसका पूर्ण समर्थन करती हैं। लेकिन महिलाओं की ये लड़ाई अब भी अधूरी है।

1989 में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री राजीव गांधी जी ने पंचायती राज संस्थानों में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण देने के लिए संसद में बिल पेश किया था। लेकिन उस वक्त विपक्ष के बड़े हिस्से ने उसका विरोध किया और बिल राज्यसभा में 7 वोटों से गिर गया। लेकिन महिलाओं को अधिकार देने के लिए कांग्रेस की प्रतिबद्धता जारी रही और 1992 में पूर्व प्रधान मंत्री श्री नरसिम्हा राव जी ने पंचायती राज संस्थानों में महिलाओं के लिए 33% सीटों का आरक्षण लागू किया। इससे विभिन्न राज्यों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के कोटे के भीतर महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित की गईं। इसके बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने महिला आरक्षण विधेयक राज्यसभा से पारित करवाया, लेकिन लोकसभा में बहुमत नहीं होने के चलते पेश नहीं हो पाया।

यूपीए सरकार जाने के बाद भी पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी जी ने बार-बार माननीय प्रधानमंत्री जी को पत्र लिखकर महिला आरक्षण लागू करने की मांग की। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष श्री राहुल गांधी जी ने महिला आरक्षण विधेयक लाने की मांग दोहराईl
आखिरकार मौजूदा केंद्र सरकार ने इस मांग पर अमल करने का फैसला लिया। लेकिन महिलाओं को आरक्षण देने के लिए सरकार जो बिल लेकर आई, वह आधी आबादी के साथ धोखा है। क्योंकि इसमें ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिससे सुनिश्चित हो कि ये आरक्षण कब लागू होगा। इस आरक्षण में सबसे बड़ा धोखा अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) वर्ग के साथ हुआ। कांग्रेस व तमाम विपक्ष द्वारा बिल का समर्थन और मांग किए जाने के बावजूद बीजेपी ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की महिलाओं को आरक्षण नहीं दिया।

बिल में पहले जनगणना और फिर परिसीमन वाली गैर-जरूरी प्रावधानों को जोड़कर इसे प्रभाव शून्य कर दिया गया। इसलिए हमारी मांग है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम में ओबीसी महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान किया जाए। साथ ही इसे 2024 के लोकसभा चुनावों से ही लागू किया जाए।
इस मौके पर उपस्थित रहे जिला ओबीसी सेल अध्यक्ष चौधरी विक्रम सिंह सैनी, सुख्मिन्द्र कश्यप, सुशील कुमार जिला महासचिव ओबीसी सैल कांग्रेस, जिला ब्लाक प्रधान ओबीसी सेल से उपस्थित रहे अभिषेक ,साहिब सिंह ,मोहम्मद आमिर, सुरेंद्र गुर्जर ,वेद गुर्जर, गुरमीत चौधरी, कैप्टन राजवीर सिंह कश्यप इत्यादी।

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