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फाइलेरिया की रोकथाम के लिए शुरू हुआ अभियान, स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर खिलाएंगे दवा पिहानी (हरदोई)। एमडीए अभियान के त

फाइलेरिया की रोकथाम के लिए शुरू हुआ
अभियान, स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर खिलाएंगे दवा

पिहानी (हरदोई)। एमडीए अभियान के तहत आज से घर- घर जाकर स्वास्थ्यकर्मी अपने सामने लोगों को फाइलेरियारोधी दवा खिलाएंगे। पिहानी में इसके लिए 225टीमें बनाई गईं हैं। 225 टीमों में 450स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर सामने ही दवा पिलाएंगे। इसकी निगरानी 115 पर्यवेक्षक करेंगे। 200000 लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य है। जानकारों का कहना है कि दवा खाली पेट नहीं खानी है।
मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान गुरुवार से शुरू हो गया है, जो 28 अगस्ततक चलेगा। अभियान के तहत स्वास्थ्य कर्मी घर- घर जाकर लोगों को अपने सामने फाइलेरियारोधी दवा खिलाएंगे। इसका सेवन दो साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती और गंभीर रोग से पीड़ित को छोड़ कर सभी को कराया जाएगा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिहानी पर अधीक्षक डॉ जितेंद्र श्रीवास्तव, डॉ वैभव जयसवाल, डॉ मनोज आजाद, डाक्टर जुबेर सहित तमाम स्वास्थ्य कर्मियों ने मरीजों को सामने ही दवा खिलाकर अभियान का शुभारंभ किया।

●खाली पेट नहीं खानी है दवा●

अधीक्षक डॉक्टर जितेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि दवा खाली पेट नहीं खानी है और इसे स्वास्थ्यकर्मी के सामने ही खाना आवश्यक है। दवा खाने से जब शरीर में परजीवी मरते हैं तो कई बार सिरदर्द, बुखार, उल्टी, बदन में चकत्ते और खुजली जैसी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलती हैं । इनसे घबराना नहीं है। आमतौर पर यह दिक्कतें स्वतः ठीक हो जाती हैं । अगर किसी को ज्यादा दिक्कत होती है तो आशा कार्यकर्ता को सूचित कर सकता है। दो लाख लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
अभियान के दौरान दो से पांच साल आयु वर्ग के बच्चों को डीईसी की (100 मिलीग्राम की) एक गोली, छह से 14 वर्ष के बच्चों को दो गोली तथा 15 वर्ष से ऊपर के लोगों को तीन गोली देनी है। उन्होंने कहा कि दो साल से कम आयु के बच्चे व गंभीर रूप से बीमार तथा गर्भवती को दवा नहीं खानी है। दवा खाली पेट नहीं खानी है और दवा स्वास्थ्य कर्मियों के सामने खानी है।

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