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5 स्थानों पर किया गया मॉकड्रिल का सफल अभ्यास। खरखौदा/सोनीपत/हरियाणा-सोमपाल सैनी - 7988804545, 8950236003 तीव्र भूक

5 स्थानों पर किया गया मॉकड्रिल का सफल अभ्यास।

खरखौदा/सोनीपत/हरियाणा-सोमपाल सैनी - 7988804545, 8950236003

तीव्र भूकंप आने पर सायरन बजने के साथ ही प्रशासन ने तुरंत अलर्ट होकर दिया बचाव कार्यों को अंजाम।

-उपायुक्त के मार्गदर्शन एवं अतिरिक्त उपायुक्त के नेतृत्व में सफलतापूर्वक हुई भूकंप की मॉकड्रिल

-प्राकृतिक आपदा की स्थिति में तैयारियों की समीक्षा की, हर स्थिति के लिए सोनीपत है तैयार: अंकिता चौधरी।

-एडीसी कार्यालय में बनाया कंट्रोल रूम, पांच स्थानों पर किया गया मॉकड्रिल का सफल अभ्यास।

-पुलिस लाइन में बनाया गया स्टेजिंग एरिया, एनडीआरएफ व एसडीआरएफ ने बचाई लोगों की जान।

-भूकंप आने पर 9 लोगों की हुई मृत्यु और 71 लोग हुए घायल, राहत कार्यों में नहीं हुई कोई देरी

सोनीपत, 9:03 बजे तीव्र भूकंप आने पर लघु सचिवालय का सायरन बजते ही जिला प्रशासन ने तुरंत अलर्ट होते हुए बचाव कार्यों को अंजाम दिया। उपायुक्त ललित सिवाच के मार्गदर्शन में अतिरिक्त उपायुक्त अंकिता चौधरी ने फौरन कमान संभालते हुए पूरी स्थिति का जायजा लेकर प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारियों को अलग-अलग घटनास्थलों पर भेजकर राहत कार्य करने के निर्देश दिए।

नतीजतन अत्यधिक बड़ी घटना के बावजूद जिला प्रशासन की मुस्तैदी व हिम्मत ने बड़े स्तर पर जान-माल का संरक्षण किया, जिसमें एनडीआरएफ व एसडीआरएफ का विशेष सहयोग रहा।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला सोनीपत जिला प्राकृतिक आपदा भूकंप के मामले में संवेदनशील श्रेणी में आता है। ऐसे में राष्ट्रीय प्राकृतिक आपदा प्राधिकरण ने एनसीआर क्षेत्र में दिल्ली व उत्तर प्रदेश सहित हरियाणा के चार जिलों में एक ही दिन एक ही समय पर भूकंप की मॉकड्रिल का आयोजन किया। भूकंप की तीव्रता 7.7 मापी गई, जो कि बहुत अधिक होती है, जिसमें बड़े स्तर पर नुकसान होता है। इस स्थिति से निपटने की तैयारियों की समीक्षा के लिए मॉकड्रिल का आयोजन किया गया, जो सोनीपत में पूर्ण रूप से सफल रही।

भूकंप की सूचना मिलते ही अतिरिक्त उपायुक्त अंकिता चौधरी ने एडीसी कार्यालय के सभागार में प्रशासन व पुलिस सहित विभागीय अधिकारियों की बैठक बुलाई। उन्होंने नगर में विभिन्न स्थानों पर हुए नुकसान की जानकारी ली, जिसमें पता चला कि पांच स्थानों पर विशेष रूप से नुकसान की संभावना है। स्थिति की जानकारी मिलते ही उन्होंने अलग-अलग स्थानों के लिए इंसीडेंट कमांडर नियुक्त करते हुए मौके पर भेजा, जिन्होंने फौरन घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति की रिपोर्ट प्रेषित करते हुए आवश्यक संसाधनों की मांग भी की। मांग के अनुसार फौरन मौके पर एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, जेसीबी, आपदा मित्र तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं मुहैया करवाई गई।

अतिरिक्त उपायुक्त अंकिता चौधरी ने कंट्रोल रूम से ही पूरी स्थिति का नियंत्रण करते हुए पल-पल की खबर लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कंट्रोल रूम में जिला राजस्व अधिकारी हरिओम अत्री के विशेष सहयोग से उन्होंने सफलतापूर्वक स्थिति को नियंत्रित किया, जिससे जान-माल की हानि को बढऩे से रोकने में सफलता मिली।

इस दौरान अतिरिक्त उपायुक्त अंकिता चौधरी ने कहा कि मॉकड्रिल पूर्ण रूप से सफल रही है, जिसमें हमें अपनी तैयारियों की समीक्षा का अवसर मिला। मॉकड्रिल के आधार पर विश्वास के साथ कहा जा सकता है कि प्राकृतिक आपदा भूकंप एवं हर स्थिति से निपटने के लिए सोनीपत तैयार है। हमने अपने आपदा मित्रों तथा होमगार्ड के जवानों को इस प्रकार का प्रशिक्षण दिया है, जो प्राकृतिक आपदा की स्थिति में बचाव कार्य करने में सक्षम है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ ने भी बचाव कार्यों में विशेष सहयोग दिया।

पुलिस लाइन में स्टेजिंग एरिया बनाया गया, जिसकी जिम्मेदारी एसडीएम राकेश संधू व आरटीओ शंभू राठी सहित एक्सईएन प्रशांत कौशिक ने कुशलतापूर्वक संभाली।

इस मौके पर डीसीपी निकिता खट्टर सीटीएम डॉ अनमोल, एसडीएम आशीष कुमार, एसडीएम राकेश संधू, एसडीएम ज्योति मित्तल, एसडीएम अनुपमा, नगर निगम की संयुक्त आयुक्त अंकिता वर्मा, डीआरओ हरिओम अत्री, एसई संदीप जैन, एसई नवनीत नैन, तहसीलदार जिवेंद्र मलिक व अजय कुमार, नायब तहसीलदार प्रदीप अहलावत आदि अधिकारीगण मौजूद थे।

घटनाक्रम 1- लघु सचिवालय-

तीव्र भूकंप आने पर लघु सचिवालय प्रमुख घटनास्थल रहा, जहां एनडीआरएफ की टीम ने मोर्चा संभाला। इंसीडेंट कमांडर के रूप में जिला परिषद के सीईओ डॉ सुशील मलिक ने अपने दायित्व का कुशल निर्वहन किया, जिन्हें नायब तहसीलदार प्रदीप अहलावत का विशेष सहयोग मिला। भूकंप आने पर लघु सचिवालय का प्रमुख प्रवेशद्वार बंद हो गया, जिससे बचाव दल को दिवार काटकर अंदर घुसना पड़ा। इसमें उन्होंने बिना किसी विलंब के कार्रवाई करते हुए टीम को अंदर भेजा और एक के बाद एक घायलों को बाहर निकाला।
मौके पर एनडीआरएफ ने प्राथमिक चिकित्सा शिविर स्थापित किया, जिसमें रैडक्रॉस सोसायटी की टीम के सहयोग से घायलों को प्राथमिक चिकित्सा देकर स्टेजिंग एरिया में स्थापित राहत शिविर में भेजा गया। किंतु इस घटना में लघु सचिवालय में एक व्यक्ति की मृत्यु भी हुई, जबकि 12 लोग घायल हुए। लघु सचिवालय की बांई साइड विशेष रूप से क्षतिग्रस्त हुई। एनडीआरएफ की टीम ने ऊंची इमारत से घायलों को स्टे्रचर पर सुरक्षित नीचे उतारने का डैमो भी डमी की सहायता से दिया। यहां फायर ब्रिगेड की टीम भी तुरंत पहुंची और अपनी पोजिशन लेकर हर संभव सहयोग के लिए उपस्थिति दर्ज कराई।
घटनाक्रम 2-कच्चे क्वार्टर मार्केट के पास ओल्ड डीसी रोड़ स्थित पुरानी बिल्डिंग

जिला प्रशासन द्वारा शहर में भूकंप को लेकर आयोजित मॉकड्रिल में भूकंप के कारण कच्चे क्वार्टर के पास ओल्ड डीसी रोड पर स्थित है एक पुरानी बिल्डिंग में आग लगी थी। सूचना मिलते ही नगर निगम की संयुक्त आयुक्त अंकिता वर्मा के नेतृत्व में राहत कार्य चलाया गया। सबसे पहले फायर ब्रिगेड द्वारा समय रहते आग को भुजा दिया गया। इस पुरानी बिल्डिंग में कुल 23 नागरिक मौजूद थे, जिनमें से 15 नागरिकों को मामूली चोटें आई थी, जिनको डॉक्टरों व रेड क्रॉस के वॉलिंटियरों द्वारा प्राथमिक चिकित्सा दी गई। इसके अलावा 6 नागरिक सीरियस हालत में थे जिनको सिविल हस्पताल रैफर किया गया। साथ ही घटनास्थल पर दो नागरिकों के शव मिले, जिसमें से एक शव की पहचान हो गई है और एक शव की पहचान नहीं हो पाई जिसे सिविल हस्पताल में रखवा दिया है। राहत कार्य के दौरान ऑब्जर्वर डीएसपी प्रदीप खत्री के नेतृत्व में हरियाणा पुलिस भोंडसी एसडीआरएफ टीम के 25 जवानों ने लोगों को बिल्डिंग से निकाला।

इस मौके पर एसीपी आत्माराम, तहसीलदार सोनीपत जिवेन्द्र मलिक, सिविल अस्पताल से डॉक्टर दीपक कुमार, नगर निगम से पी आईएस प्रियवर्त व सीएसआई सितेंद्र दहिया, सिविल थाना प्रभारी सवित कुमार, एसएचओ ट्रैफिक विकास कुमार, हरियाणा पुलिस की एसडीआरएफ भोंडसी टीम के इंचार्ज श्यामलाल, कच्चे क्वार्टर मार्केट के प्रधान राकेश चोपड़ा सहित जिला प्रशासन के अनेक अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

घटनाक्रम 3-कोयम्बॉटिक्ल गलोबल इंडस्ट्री, इंडस्ट्रियल एरिया -
जिला में तीव्र भूकंप को लेकर आयोजित मॉकड्रिल के दौरान एसडीएम खरखौदा ज्योति मित्तल के नेतृत्व में डिजास्टर मैनेजमेंट, जिला प्रशासन, दमकल, पुलिस, एम्बुलेंस, स्वास्थ्य विभाग और अन्य एजेंसियों ने शहर स्थित पुराने औद्योगिक क्षेत्र में स्थित कॉमबिटिक ग्लोबल कैपलेट प्रा. लिमिटेड कंपनी में राहत कार्य चलाया। इस दौरान एसडीएम ज्योति मित्तल ने बताया कि भूकंप आने पर प्रशासन को सूचना मिली थी कि इस कंपनी की बिल्डिंग ध्वस्त हो गई है और कुल 15 लोग इसमें फसे होने की जानकारी मिली। राहत कार्य के दौरान जिला प्रशासन की रिस्क्यू टीम द्वारा इस बिल्डिंग से चार मृत शवों को निकाला गया, इसके अलावा 6 लोगों को ज्यादा चोट आई थी, जिनको एम्बुलेंस द्वारा अस्पताल में भेज दिया गया, साथ ही 5 लोगों को मामूली चोट आई थी उन्हें भी प्राथमिक चिकित्सा दी गई। उन्होंने बताया कि इस दौरान एक गाय भी गंभीर रूप से घायल हो गई थी, जिसका ईलाज पशुपालन विभाग के डॉक्टरों द्वारा किया गया।

इस मौके पर डीएसपी अमन, नायब तहसीलदार अंकित कुमार, एसएचओ सिटी थाना देवेन्द्र कुमार, पशुपालन विभाग से डॉ सचिन खासा, पीडब्ल्यूडी विभाग के जेई विष्णु कुमार, उद्योग विभाग से मंजीत दहिया, एमएसएमई से भूषण, फायर ईंचार्ज जितेन्द्र सिंह सहित प्रशासन टीक के अनेक अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

घटनाक्रम 4- सिविल अस्पताल-

शहर में आयोजित भूकंप मॉकड्रिल के दौरान जिला प्रशासन को सूचना मिली कि सिविल अस्पताल की ईमारत का कुछ हिस्सा ध्वस्त हो गया है और अनेक नागरिक फंस गए हैं, जिसपर तुंरत कार्यवाही करते हुए एसडीएम गोहाना आशीष कुमार के नेतृत्व में राहत टीम ने सिविल अस्पताल में लोगों को बाहर निकालने के लिए मोर्चा संभाला। इस दौरान ध्वस्त ईमारत से 2 शवों को निकाला गया। इसके अलावा 17 नागरिकों को हल्की चोट थी उनको डॉक्टरों द्वारा प्राथमिक सहायता देकर डिस्चार्ज किया गया। साथ ही 6 नागरिकों की हालत नाजुक थी जिन्हें अस्पताल में दाखिल किया गया।

इस दौरान एसीपी रमेश कुमार व मुकेश, भटिण्डा सांतवी बटालियन के अस्सिटेंट कमांडेंट देवेन्द्र सिंह, तहसीलदार अजय कुमार, सेक्टर-27 स्थित थाना प्रभारी रविन्द्र कुमार, जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ प्रदीप, शमशेर सिंह सैनी सहित अनेक अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

घटनाक्रम 5-राजकीय व. मा.विद्यालय माडल टाऊन-

भूकंप मॉकड्रिल के दौरान जिला प्रशासन को सूचना मिली कि मॉडल टाउन स्थित राजकीय वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय की ईमारत ध्वस्त हो गई और कुछ विद्यार्थी ईमारत के अंदर फंस गए हैं। इस सूचना पर जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम गन्नौर अनुपमा मलिक के नेतृत्व में गठित हरियाणा पुलिस व जिला प्रशासन की राहत टीम ने तुंरत मोर्चा संभाला और टीम मॉउल टाउन स्थित विद्यालय में पहुंची और विद्यालय की ईमारत में फसे 4 विद्यार्थियों को तुरंत बाहर निकाला गया। रिस्क्यू किए विद्यार्थियों में 2 विद्यार्थियों की हालत गंभीर थी इसलिए इन्हें तुंरत एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पातल में भेजा गया और बाकी 2 विद्यार्थियों को डॉक्टरों द्वारा प्राथमिक चिकित्सा देकर उन्हें डिस्चार्ज किया गया।

इस मौके पर एसीपी सतीश गौतम व यशपाल, जिला शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया, तहसीलदार गन्नौर रविन्द्र हुड्डा विद्यालय के प्रिंसिपल संजीव दहिया, रैडक्रॉस से संजय सहित जिला प्रशासन के विभिन्न अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

पुलिस लाईन सोनीपत को बनाया गया था स्टेजिंग एरिया
भूकंप मॉकड्रिल के दौरान पुलिस लाईन मैदान को स्टेजिंग एरिया बनया गया था, जिसमें जिला प्रशासन ने राहत से संबंधित सभी संसाधनों को एकत्रित किया। प्रगति हॉल में बनाए गए कंट्रोल रूम में जिला के अलग-अलग स्थानों से सूचना मिल रही थी कि कहां आग लगी है और कहां ईमारत व सडक़ ध्वस्त हो गई है। इन सभी सूचनाओं पर कंट्रोल रूम में अतिरिक्त उपायुक्त अंकिता चौधरी के नेतृत्व में गठित की गई टीम राहत टीमों को निर्देश देकर पुलिस लाईन से उन्हें निश्चित जगहों के लिए रवाना कर रही थी।

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