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🍛 गरीबों का सहारा बनी दीनदयाल रसोई, पांढुर्णा में सस्ती थाली से मिल रहा पोषण

पांढुर्णा | जरूरतमंदों और श्रमिक वर्ग के लिए राहत बनकर उभरी दीनदयाल रसोई योजना, जहां बेहद कम कीमत में पौष्टिक और ताजा भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

#दीनदयाल_रसोई के माध्यम से शहर के गरीब, मजदूर, वृद्ध और जरूरतमंद लोगों को सस्ती दर पर भरपेट भोजन मिल रहा है। यह योजना खासतौर पर उन लोगों के लिए सहारा बनी है, जो रोजाना महंगे भोजन का खर्च वहन करने में असमर्थ हैं।

🍽️ सस्ती थाली, बेहतर पोषण

यहां मिलने वाली थाली में—

ताजा और स्वच्छ भोजन

संतुलित पोषण का ध्यान

नियमित गुणवत्ता जांच


सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे लोगों को कम कीमत में भी बेहतर आहार मिल सके।

👴 वृद्धों को मिला सम्मान

इस योजना ने खासकर वृद्ध और असहाय लोगों को बड़ी राहत दी है। अब उन्हें भोजन के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिल रहा है।

🤝 सामाजिक सुरक्षा की मजबूत पहल

दीनदयाल रसोई योजना न सिर्फ भूख मिटाने का कार्य कर रही है, बल्कि यह समाज के कमजोर वर्गों को आत्मसम्मान और सुरक्षा भी प्रदान कर रही है।


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संदेश साफ: कोई भी भूखा न रहे—इसी उद्देश्य के साथ पांढुर्णा में दीनदयाल रसोई लगातार जरूरतमंदों का सहारा बन रही है।

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मरसा ग्राम में [दिनांक]: समाज के कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा एक महिला की गरिमा को ठेस पहुँचाने और उन्हें मानसिक रूप से इस कदर प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है कि पीड़िता ने तंग आकर मौत को गले लगाने (आत्महत्या) का प्रयास किया। गनीमत रही कि समय रहते परिजनों को इसकी भनक लग गई और एक बड़ी अनहोनी टल गई।
​सुनियोजित तरीके से बदनाम करने का षड्यंत्र:
पीड़ित महिला के पति सुभाष पासवान, जो 'ऑल इंडिया मीडिया संगठन' के सदस्य और मीडिया प्रभारी हैं, ने बताया कि गांव के ही मरसा ग्राम के कुछ असामाजिक तत्वों और कुछ कथित रिश्तेदारों द्वारा उनकी पत्नी के खिलाफ सुनियोजित तरीके से अभद्र टिप्पणी की जा रही थी। आरोप है कि ये लोग समाज में उनके प्रति झूठी अफवाहें फैलाकर उनका चरित्र हनन कर रहे थे।
​मानसिक तनाव ने मजबूर किया खौफनाक कदम उठाने पर:
लगातार हो रही बदतमीजी और समाज में हो रही बदनामी से पीड़िता गहरे सदमे और मानसिक तनाव में चली गई। इसी मानसिक उत्पीड़न के कारण आज उन्होंने अपनी जीवन लीला समाप्त करने की कोशिश की। वर्तमान में पीड़िता की स्थिति नाजुक बनी हुई है और उनका उपचार जारी है।
​पुलिस और प्रशासन से कार्रवाई की मांग:
इस घटना के बाद से स्थानीय स्तर पर काफी रोष है। मीडिया संगठन और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि अफवाह फैलाने वाले और महिला को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाले उन 'सफेदपोश' चेहरों को बेनकाब कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। पीड़िता के परिवार ने दोषियों के विरुद्ध कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की गुहार लगाई है।
फाइल फोटो

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#गेहूं_उपार्जन केंद्र मेहता का कलेक्टर ने किया निरीक्षण, किसान दीपचंद का सम्मान कर किया प्रोत्साहित

#सिवनी/ कलेक्टर श्रीमती #नेहा_मीना ने घंसौर विकासखंड के प्रवास के दौरान गेहूं उपार्जन केंद्र मेहता का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने उपार्जन प्रक्रिया, तौल व्यवस्था, किसानों के पंजीयन, भुगतान की स्थिति एवं अन्य व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी ली।
कलेक्टर श्रीमती मीना ने केंद्र में गेहूं लेकर पहुंचे किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं। इस दौरान उन्होंने किसान श्री दीपचंद से चर्चा करते हुए उनकी उपज एवं उपार्जन प्रक्रिया के अनुभव के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा पुष्पमाला पहनाकर उनका सम्मान कर प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि किसान हमारी प्राथमिकता हैं और उपार्जन केंद्रों पर उन्हें सम्मानजनक एवं सुगम व्यवस्था मिलना सुनिश्चित किया जाए।
निरीक्षण के दौरान अनुविभागीय अधिकारी घंसौर श्री बिसन सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पर्याप्त तिरपाल, पेयजल, छाया, तौल मशीनों की सुचारु व्यवस्था तथा समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने उपार्जन कार्य में पारदर्शिता एवं तत्परता बनाए रखने के निर्देश भी दिए। CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #seoni

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🚨 9 माह से वेतन लंबित: आशा कार्यकर्ताओं का फूटा गुस्सा, आंदोलन की चेतावनी

सौसर | स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली आशा कार्यकर्ताओं ने वेतन भुगतान में हो रही देरी को लेकर नाराजगी जताई और जनप्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की।

आज सौसर विकासखंड की समस्त आशा कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर अपनी समस्याओं को सामने रखा। उन्होंने बताया कि पिछले 9 महीनों से उन्हें पूर्ण वेतन प्राप्त नहीं हुआ है, जबकि केंद्र सरकार और विभिन्न स्वास्थ्य गतिविधियों के तहत मिलने वाली राशि भी लंबित है।

⚠️ आर्थिक संकट में आशा कार्यकर्ता

आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि—

उन्हें मात्र ₹4000 के मानदेय पर कार्य करना पड़ रहा है

बढ़ती महंगाई के बीच परिवार चलाना मुश्किल हो गया है

कई कार्यकर्ता उधार लेकर घर खर्च चला रही हैं


🏥 “स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ के साथ अन्याय”

ज्ञापन में बताया गया कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य सेवाओं की आधारशिला हैं, लेकिन उनके साथ वेतन को लेकर लगातार अन्याय हो रहा है। समय पर भुगतान न होने से उनकी आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है।

📞 अधिकारियों से चर्चा, कार्रवाई की मांग

इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से दूरभाष पर चर्चा की गई और आशा कार्यकर्ताओं का लंबित वेतन तत्काल जारी करने की मांग की गई।

🏛️ विधानसभा में उठेगा मुद्दा

स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो इस मुद्दे को आगामी विधानसभा सत्र में प्रमुखता से उठाया जाएगा।

✊ समर्थन का भरोसा

आशा कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया गया कि उनकी इस लड़ाई में पूरा समर्थन दिया जाएगा और उनके हक के लिए लगातार आवाज उठाई जाएगी।


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मुख्य सवाल: जब स्वास्थ्य सेवाओं की नींव आशा कार्यकर्ता हैं, तो आखिर उनके हक का भुगतान कब होगा?

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🏥 स्वास्थ्य सेवाओं पर कड़ा रुख: लापरवाही पर प्रशासन सख्त, सुधार के निर्देश जारी

पांढुर्णा | स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक में अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सख्त नाराजगी जताई गई और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए।

कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के निर्देशानुसार सिविल अस्पताल पांढुर्णा में सीएमएचओ डॉ. नरेश गोन्नाड़े एवं सीबीएमओ डॉ. दिपेन्द्र सलामे की उपस्थिति में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया।

🔍 प्रमुख बिंदुओं पर हुई समीक्षा

बैठक के दौरान निम्न बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया गया—

गर्भवती महिलाओं का पंजीयन

सिकल सेल जांच की स्थिति

टीबी स्क्रीनिंग अभियान

आईडीएसपी रिपोर्टिंग

सार्थक ऐप के माध्यम से उपस्थिति मॉनिटरिंग


⚠️ लापरवाही पर कड़ी चेतावनी

समीक्षा के दौरान जिन स्वास्थ्य संस्थानों का प्रदर्शन कमजोर पाया गया, वहां के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर नाराजगी व्यक्त की गई। उन्हें कार्य में सुधार लाने और लक्ष्य पूर्ति सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए गए।

📊 स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर जोर

अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी राष्ट्रीय कार्यक्रमों को प्राथमिकता के साथ प्रभावी ढंग से लागू करें, ताकि आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

बैठक में डॉ. प्रमोद वासनिक, डॉ. राहुल नाग, डॉ. एच.आर. मलारिया, मनीष सिंह (आईएचआईपी समन्वयक), सत्यपाल जादौन, रविंद्र पराडकर (बीपीएम), सुरेश कुमार टेकाम (बीईई), अजय तिवारी (बीसीएम) एवं प्रदुम्न बिहारे (सीपीएचसी सलाहकार) सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और मैदानी कर्मचारी उपस्थित रहे।


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प्रशासन का स्पष्ट संदेश: स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और आमजन को बेहतर सुविधाएं देना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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12 तारीख को मयूरभंज जिले के काकबिंधा आश्रम स्कूल में ज़हरीला खाना खाने से 146 स्टूडेंट्स बीमार पड़ गए थे। इनमें से एक आदिवासी स्टूडेंट की मौत हो गई थी। आज BJD ने मृतक स्टूडेंट को इंसाफ दिलाने की मांग को लेकर मयूरभंज जिले में 12 घंटे तक सड़कें जाम कीं। BJD और कांग्रेस ने भी नाकेबंदी का सपोर्ट किया और हाईवे जाम कर दिए। नाकेबंदी का असर यशीपुर पर भी पड़ा। BJD और कांग्रेस के नेता और वर्कर सुबह सड़कों पर उतर आए। उन्होंने यशीपुर की मेन रोड जाम कर दी। नाकेबंदी के दौरान बाइक और एंबुलेंस को छोड़कर लगभग सभी दूसरी गाड़ियां और मोटरबाइक रोक दी गईं। उन्होंने मृतक स्टूडेंट के परिवार को 25 लाख रुपये की मदद और दूसरे बीमार स्टूडेंट्स के बेहतर इलाज की मांग की। BJP सरकार ने हमेशा आदिवासियों को वोट बैंक बनाकर उनका साथ दिया है, लेकिन आरोप है कि वह आदिवासियों को कोई सुविधा नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि BJP हमेशा आदिवासियों को नीची नज़र से देखती है। यशीपुर के पूर्व जिला परिषद ने यशीपुर में सड़क जाम कर दी। सदस्य चक्रधर हेम्ब्रम ने विरोध प्रदर्शन को लीड किया। इसी तरह, कांग्रेस के पूर्व MLA उम्मीदवार भी अपने सपोर्टर्स के साथ विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। जिला परिषद सदस्य मिनती नाइक और रारुवा ब्लॉक वाइस चेयरमैन कमला महत भी अपने सपोर्टर्स के साथ विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं और शांति से विरोध प्रदर्शन को सफलतापूर्वक पूरा किया।

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