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गोंदिया :- राज्य व जिले में कोरोना संक्रमण बढ़ने के चलते जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना की जांच तेज कर दी है। लेकिन इस जांच के दौरान अनेक खामियां वह लापरवाही सामने आ रही है।
गोंदिया तहसील के अंतर्गत आने वाले मोरवाही सेंटर में कोरोना की आरटी पीसीआर जांच करवाने वाले नागरिकों को वहां पर कार्यरत कर्मचारियों के अफलातून व लापरवाही पूर्ण कार्य के चलते सभी को 130 वर्ष का वृद्ध नागरिक बनाने के साथ ही पुरुष नागरिकों को भी महिला केटेगरी में दर्शाने के साथ सभी नागरिकों के मोबाइल नंबर एक ही दिए गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मोरवाही सेंटर पर 5 जनवरी को करीब 14 नागरिकों की जांच की गई थी जिसमें सभी को 130 वर्ष की आयु का दर्शाने के साथ आठ पुरुष नागरिकों को भी महिला केटेगरी में दिखाया गया है । हालांकि इस जांच में सभी नागरिक नेगेटिव पाए गए हैं लेकिन यदि कोई मरीज नागरिक पॉजिटिव आता तो उपचार मैं उसे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता क्योंकि आईसीएमआर पोर्टल पर एक बार जो डाटा दर्ज हो जाता है उसे बदला नहीं जा सकता है ।
जिससे उपरोक्त सेंटर पर कार्य करने वाले कर्मचारियों की लापरवाही साफ उजागर हो रही है क्योंकि उनके द्वारा नागरिकों की जांच के दौरान उनकी जानकारी सही तरीके से पोर्टल पर दर्ज नहीं की जा रही है। जिससे अब प्रश्न निर्माण हो रहा है कि कोरोना के rt-pcr जांच में इस प्रकार की लापरवाही बरती जा रही है तो इसका खामियाजा कौन भुगतेंगा। इस प्रकार की लापरवाही करने वाले कर्मचारियों पर प्रशासन द्वारा कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए क्योंकि यह गंभीर मामला होने के साथ ही नागरिकों के जीवन के साथ खिलवाड़ करने जैसी जैसा कार्य है। इस प्रकार के मामले इसके पूर्व में भी सामने आए हैं लेकिन इसमें किसी भी प्रकार का सुधार कर्मचारियों द्वारा करना उचित नहीं समझा है।

इस मामले में नोटिस दिया है
कोरोना की जांच rt-pcr करते समय संबंधित नागरिक का डाटा पोर्टल पर देना जरूरी होता है लेकिन इस प्रकार की खामी पहले भी सामने आने पर अब तक 5 बार नोटिस दिया गया है तथा जल्द ही इस मामले की जांच कर कार्यवाही की जाएंगी
डॉ दिलीप गेडाम वीआरडीएल जांच विभाग शासकीय मेडिकल कॉलेज गोंदिया।

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