31 दिन बाद महिला का शव कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा
मेरठ। एक विवाहिता की संदिग्ध मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। मौत के पूरे 31 दिन बाद महिला का शव कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों ने शुरू से ही हत्या की आशंका जताई थी और लगातार कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
मामला लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के समर गार्डन का है, जहां 9 मई को हिना नाम की विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। आरोप है कि ससुराल पक्ष ने पुलिस को सूचना दिए बिना ही शव का दफीना कर दिया था।
मृतका की मां रुखसाना, जो परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के अमरसिंहपुर गांव की रहने वाली हैं, ने एसएसपी से शिकायत कर बताया कि उनकी बेटी हिना की शादी छह साल पहले समर गार्डन निवासी सुऐब से हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा अतिरिक्त दहेज की मांग की जा रही थी।
परिजनों का आरोप है कि बाइक, सोने की चेन और डबल बेड की मांग को लेकर हिना का लगातार उत्पीड़न किया जाता था। इतना ही नहीं, मौत से एक दिन पहले यानी 8 मई को हिना ने अपनी मां को फोन कर रोते हुए बताया था कि दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर उसे जान से मार दिया जाएगा।
इसके अगले ही दिन, 9 मई को परिजनों को सूचना मिली कि हिना की हार्ट अटैक से मौत हो गई है। लेकिन जब मायके पक्ष ससुराल पहुंचा तो उन्हें पहले शव तक नहीं दिखाया गया। काफी दबाव के बाद जब शव दिखाया गया तो हिना के गले पर नीले निशान, सीने पर खरोंच और शरीर पर चोट के निशान दिखाई दिए।
परिजनों का यह भी दावा है कि जिस कमरे में घटना हुई थी, वहां लगे पंखे की पंखुड़ियां मुड़ी हुई थीं, जिससे उन्हें हत्या की आशंका और गहरा गई।
मामले में शुरुआती स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर मृतका की मां ने एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मौत के 31 दिन बाद शव को कब्र से निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही यह साफ हो सकेगा कि हिना की मौत वास्तव में हार्ट अटैक से हुई थी या फिर इसके पीछे कोई साजिश और हत्या का मामला छिपा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।