logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

किसान 15 जून तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन*



सोनीपत, 01 जून। उपायुक्त नेहा सिंह ने जिले के किसानों से आह्वान किया है कि वे धान की सीधी बिजाई (डीएसआर) तकनीक को अपनाकर जल संरक्षण के साथ-साथ खेती की लागत में कमी लाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों को इस आधुनिक तकनीक को अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है तथा धान की डीएसआर विधि से बिजाई करने पर 4500 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है।

उपायुक्त ने बताया कि जिले में वर्ष 2026-27 के दौरान 20 हजार एकड़ क्षेत्र में धान की सीधी बिजाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि डीएसआर तकनीक न केवल किसानों के लिए लाभकारी है बल्कि भूजल संरक्षण की दिशा में भी एक प्रभावी कदम है। परंपरागत धान रोपाई की तुलना में इस विधि से पानी की काफी बचत होती है तथा श्रम एवं उत्पादन लागत भी कम आती है।

उन्होंने कहा कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को लाभान्वित कर रहा है, जिनका मुख्य उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और खेती की लागत को कम करना है। धान की सीधी बिजाई अपनाने वाले किसानों को 4500 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) के माध्यम से भेजी जाएगी।

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रवीण गुलिया ने बताया कि धान रोपाई का सीजन शुरू होने वाला है, ऐसे में किसान पारंपरिक खेती के स्थान पर डीएसआर तकनीक को अपनाएं। उन्होंने कहा कि इस तकनीक से किसानों को आर्थिक लाभ मिलने के साथ-साथ जल संरक्षण में भी मदद मिलेगी, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए अत्यंत आवश्यक है।

डॉ. गुलिया ने बताया कि डीएसआर विधि से धान की बिजाई करने पर पौधों को पर्याप्त हवा एवं सूर्य का प्रकाश मिलता है, जिससे फसल का विकास बेहतर होता है। इसके अलावा फसल के गिरने की संभावना कम रहती है तथा रोग एवं कीटों का प्रकोप भी अपेक्षाकृत कम होता है। परिणामस्वरूप उत्पादन में वृद्धि होती है और किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त होता है।

उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को डीएसआर तकनीक अपनाने के लिए अत्याधुनिक कृषि यंत्रों पर भी विशेष अनुदान उपलब्ध करा रही है। डीएसआर मशीन खरीदने वाले किसानों को मशीन की कुल कीमत का 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 40 हजार रुपये (जो भी कम हो) का अनुदान दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि डीएसआर मशीन पर अनुदान प्राप्त करने के लिए विभागीय पोर्टल www.agriharyana.gov.in पर 15 जून 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए किसान का मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण होना आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि आवेदन के समय ट्रैक्टर की वैध आरसी, परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड, बैंक खाते का विवरण तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। इसके अतिरिक्त धान की सीधी बिजाई पर मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का लाभ प्राप्त करने के लिए भी किसानों को मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। उन्होंने जिले के किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे जल संरक्षण और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए डीएसआर तकनीक को अपनाएं तथा सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि यह तकनीक किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ प्रदेश में भूजल स्तर को सुरक्षित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

उन्होंने बताया कि अधिक जानकारी के लिए किसान अपने क्षेत्र के कृषि विकास अधिकारी, खंड कृषि अधिकारी, उप मंडल कृषि अधिकारी अथवा उप कृषि निदेशक कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

3
179 views

Comment