मोहि घाट बना मौत का घाट! NH-47 पर लगातार हादसों से दहशत, मोहि घाट फिर बना हादसों का केंद्र ट्राले को पीछे से ट्रक की टक्कर, बाल-बाल बचे चालक-सहचालक
“मोहि घाट फिर बना हादसों का केंद्र” — ट्राले को पीछे से ट्रक की टक्कर, बाल-बाल बचे चालक-सहचालक
📍 मोहि घाट
NH 47 पर स्थित मोहि घाट में लगातार हो रही दुर्घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक ओर ग्रामीण लंबे समय से इस घाट को “मौत का घाट” बताते हुए सुरक्षा इंतजाम की मांग कर रहे हैं, वहीं आज फिर यहां एक बड़ा हादसा सामने आया।
जानकारी के अनुसार मोहि घाट में सामने चल रहे एक ट्राले को पीछे से आ रहे ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में ट्रक का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि ट्रक चालक और सहचालक बाल-बाल बच गए और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के बाद ट्रेलर चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। घटना के बाद घाट क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि घाट में भारी वाहनों की तेज रफ्तार, बड़े ब्रेकर और पर्याप्त चेतावनी संकेतों की कमी लगातार दुर्घटनाओं का कारण बन रही है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि केवल इसी महीने में मोहि घाट पर 5 से 6 दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा अब तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। घाट क्षेत्र में न तो पर्याप्त संकेत बोर्ड लगाए गए हैं और न ही गति नियंत्रण के प्रभावी उपाय किए गए हैं। कई बार आगे चल रहे वाहन अचानक ब्रेक लगाते हैं, जिससे पीछे आने वाले वाहन सीधे टकरा जाते हैं।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से मांग की है कि मोहि घाट में तत्काल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए। घाट में चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर, नियंत्रित गति सीमा, ट्रैफिक मॉनिटरिंग और वैज्ञानिक तरीके से ब्रेकर निर्माण जैसे उपाय किए जाएं ताकि लगातार बढ़ते हादसों पर रोक लगाई जा सके।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो यह घाट आने वाले दिनों में और भी बड़ा हादसों का केंद्र बन सकता है।