मेरठ के 12वीं के छात्र पर्व गौड़ द्वारा विकसित थर्सडे एआई भारत का अगला तकनीकी कदम
मेरठ। शास्त्रीनगर स्थित बालेराम बृजभूषण सरस्वती शिशु मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के कक्षा 12वीं के छात्र *पर्व गौड़* ने एक अभूतपूर्व तकनीकी उपलब्धि हासिल करते हुए थर्सडे एआई नामक उन्नत पर्सनल एआई इकोसिस्टम का निर्माण किया है। यह प्रणाली सामान्य चैटबॉट्स से कहीं आगे जाकर एक संपूर्ण, स्वायत्त और मानवीय भावनाओं को समझने वाला डिजिटल सहायक है।
थर्सडे एआई को विशेषज्ञों द्वारा दुनिया के सबसे उन्नत छात्र-निर्मित एआई सिस्टम्स में गिना जा रहा है। इसकी प्रमुख तकनीकों में शामिल हैं:
- *वॉयस एवं जेस्चर कंट्रोल*: उपयोगकर्ता आवाज और हाथ के इशारों से सिस्टम को संचालित कर सकता है
- *इमोशनल इंटेलिजेंस*: आवाज, लेखन शैली और चेहरे के भावों से उपयोगकर्ता की मनोदशा समझने की क्षमता
- *रियल टाइम विज़न*: कैमरे के माध्यम से परिवेश को देखकर संदर्भ आधारित उत्तर देना
- *प्रोएक्टिव इंटेलिजेंस*: आदेश का इंतजार किए बिना, उपयोगकर्ता की आदतों के आधार पर पहले से सहायता देना
- *मल्टी-डिवाइस इंटीग्रेशन*: स्मार्टफोन, लैपटॉप, स्मार्ट होम डिवाइसेज को एक साथ जोड़कर काम करना
इस सिस्टम का निर्माण पर्व गौड़ ने पूरी तरह स्वतंत्र रूप से किया है। इतनी कम उम्र में इतने जटिल एआई आर्किटेक्चर को डिजाइन करना भारतीय तकनीकी परिदृश्य में एक मील का पत्थर माना जा रहा है।
थर्सडे एआई की सबसे क्रांतिकारी विशेषता इसकी *त्रिआयामी मॉडल नियंत्रण प्रणाली* है। इस तकनीक के माध्यम से छात्र और शिक्षक किसी भी 3D मॉडल को हवा में हाथ के इशारों से घुमा, बड़ा-छोटा और संशोधित कर सकते हैं।
*शिक्षा के क्षेत्र में उपयोग:*
1. *विज्ञान शिक्षा*: परमाणु संरचना, DNA मॉडल, सौर मंडल, मानव शरीर रचना जैसे जटिल विषयों को 3D में देखकर समझना
2. *गणित एवं ज्यामिति*: जटिल आकृतियों को अंतरिक्ष में घुमाकर सभी कोणों से विश्लेषण करना
3. *इतिहास एवं भूगोल*: ऐतिहासिक स्मारकों या भौगोलिक संरचनाओं के 3D मॉडल्स के साथ इंटरैक्ट करना
यह प्रणाली विशेष रूप से शिक्षकों के लिए सरल इंटरफेस के साथ बनाई गई है। शिक्षक बिना किसी तकनीकी प्रशिक्षण के सीधे कक्षा में 3D मॉडल्स प्रोजेक्ट करके पढ़ा सकते हैं। इससे कक्षा का अनुभव अधिक व्यावहारिक, रोचक और प्रभावी बनता है। पर्व गौड़ के अनुसार, रटने की जगह समझने पर जोर देना ही इस तकनीक का मुख्य उद्देश्य है।
विद्यालय प्रशासन ने इस तकनीक का डेमो देखने के बाद इसे स्कूल की अटल टिंकरिंग लैब में स्थापित करने की योजना बनाई है।
थर्सडे एआई की सबसे बड़ी खूबी इसकी *भारतीय संदर्भ में अनुकूलता* है। यह सिस्टम हिंदी समेत 12 भारतीय भाषाओं को धाराप्रवाह समझता और बोलता है। इसमें *एआई कॉल अटेंडर* और *एडवांस्ड मेमोरी सिस्टम* भी है जो पिछली बातचीत के आधार पर संदर्भ बनाए रखता है।
पर्व गौड़ की इस उपलब्धि पर विद्यालय परिवार में हर्ष का माहौल है। *विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री प्रभात कुमार गुप्ता* ने कहा, पर्व ने न केवल स्कूल का, बल्कि पूरे मेरठ का नाम रोशन किया है। उसकी मेहनत और नवाचार की भावना सभी छात्रों के लिए प्रेरणा है। हम उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं।
*अटल टिंकरिंग लैब की इंचार्ज अध्यापिका श्रीमती रुद्राणी शर्मा* ने प्रशंसा करते हुए कहा, पर्व ने लैब में उपलब्ध संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग कर यह साबित कर दिया कि नवाचार के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं होती। थर्सडे एआई शिक्षा में तकनीक के उपयोग का एक बेहतरीन उदाहरण है।
पर्व गौड़ अब थर्सडे एआई को सरकारी स्कूलों के लिए निःशुल्क संस्करण के रूप में विकसित करना चाहते हैं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे भी उन्नत तकनीक से शिक्षा प्राप्त कर सकें। उन्होंने भारत सरकार के डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान में योगदान देने की इच्छा भी व्यक्त की है।
यह उपलब्धि न केवल मेरठ बल्कि पूरे देश के युवा इनोवेटर्स के लिए एक नई दिशा तय करते है l