ऑल इंडिया फार्मासिस्ट फेडरेशन ने 20 मई की दवा हड़ताल का विरोध किया
नई दिल्ली: ऑल इंडिया फार्मासिस्ट फेडरेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मोहम्मद नदीम कुरैशी ने 20 मई को प्रस्तावित देशव्यापी मेडिकल स्टोर बंद और दवा हड़ताल का कड़ा विरोध किया है। फेडरेशन ने कहा कि वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, जैसे ईरान-अमेरिका संघर्ष और पश्चिम एशिया में तनाव के बीच भारत में दवा सेवाओं का बाधित होना राष्ट्रीय हित और जनस्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है।
फेडरेशन ने बताया कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, दवाओं के कच्चे माल और परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों से संयम बरतने और राष्ट्रीय एकजुटता बनाए रखने की अपील की है। मोहम्मद नदीम कुरैशी ने आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम, औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, फार्मेसी अधिनियम और आपदा प्रबंधन अधिनियम का हवाला देते हुए कहा कि फार्मासिस्ट प्रशिक्षित स्वास्थ्य पेशेवर हैं, जिनका पहला कर्तव्य मरीजों को सुरक्षित दवाएं उपलब्ध कराना है।
उन्होंने फार्मासिस्टों से अपील की कि वे किसी भी आंदोलन का हिस्सा न बनें जो दवा संकट या चिकित्सीय आपातकाल उत्पन्न कर सकता हो। उन्होंने कहा कि विरोध का अधिकार है परंतु वह शांतिपूर्ण और संवैधानिक होना चाहिए ताकि आम जनता और स्वास्थ्य व्यवस्था को नुकसान न पहुंचे। फेडरेशन ने केंद्र और राज्य सरकारों से स्वास्थ्य सेवाओं को निर्बाध बनाए रखने के लिए सभी पक्षों के साथ सकारात्मक संवाद स्थापित करने का आग्रह किया है।