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राणसी। धर्मनगरी काशी में बुधवार की सुबह उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया, जब नगर निगम के सफाई कर्मियों ने लंका थाना क्षेत्र के मालवीय चौराहे पर चक्काजाम जैसी

वाराणसी। धर्मनगरी काशी में बुधवार की सुबह उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया, जब नगर निगम के सफाई कर्मियों ने लंका थाना क्षेत्र के मालवीय चौराहे पर चक्काजाम जैसी स्थिति पैदा कर दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किए गए वादों के पूरा न होने से आक्रोशित कर्मचारियों ने सड़क के बीचों-बीच कूड़ा फेंककर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। रह गए 2025 के वादे: कर्मचारियों का आरोप
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि 2 सितंबर 2025 को चितरंजन पार्क (दशाश्वमेध) में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कई ऐतिहासिक घोषणाएं की थीं। आरोप है कि उस दौरान नवंबर 2025 तक बोनस और अप्रैल 2026 से खातों में 18,000 से 20,000 वेतन भेजने का जो आश्वासन दिया गया था, वह अभी तक कागजों तक ही सीमित है।ख मांगे जिन पर मचा है बवाल
सफाई कर्मियों ने जिला प्रशासन और नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निम्नलिखित बिंदुओं पर नाराजगी जाहिर की:
वेतन और बोनस: दीपावली के समय का लंबित बोनस और घोषित वेतन वृद्धि का न मिलना।
वर्किंग ऑवर्स: 8 घंटे की जगह 10-12 घंटे काम कराना, लेकिन अतिरिक्त भुगतान (Overtime) शून्य।
स्वास्थ्य सुरक्षा: आयुष्मान भारत के तहत 5 लाख का बीमा और सुरक्षा किट का धरातल पर न दिखना।
वीआईपी ड्यूटी: सरकारी दौरों के दौरान 15-15 घंटे काम लेने के बावजूद कोई प्रोत्साहन राशि न मिलना।
पुलिस और अधिकारियों ने संभाला मोर्चा और अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
हंगामे और सड़क पर कूड़ा फेंकने की सूचना मिलते ही लंका थाना पुलिस मौके पर पहुंची। आक्रोश को देखते हुए अधिकारियों ने सफाई कर्मियों से संवाद किया। काफी मशक्कत के बाद प्रदर्शनकारियों को दुर्गाकुंड स्थित नगर निगम जोनल कार्यालय भेजा गया, ताकि वहां जिम्मेदार अधिकारियों के साथ उनकी मांगों पर वार्ता हो सके।
मांगों पर नहीं हुआ अमल, तो थमेगा सफाई का पहिया
सफाई कर्मियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनके मानदेय और पारदर्शी भुगतान व्यवस्था पर जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे। स्थानीय नागरिकों ने भी चिंता जताई है कि यदि यह गतिरोध बना रहा, तो भीषण गर्मी के मौसम में शहर की स्वच्छता व्यवस्था चरमरा सकती है।

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