गीता क्लीनिक विवाद ने पकड़ा तूल
एक तरफ स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई, दूसरी तरफ ग्रामीणों का समर्थन
गीता क्लीनिक विवाद ने पकड़ा तूल
एक तरफ स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई, दूसरी तरफ ग्रामीणों का समर्थन
जिला पांढुर्णा के ग्राम सिवनी में संचालित गीता क्लीनिक को लेकर इन दिनों बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। लगातार समाचार प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम हरकत में आई और बीएमओ द्वारा क्लीनिक का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान दस्तावेज, डिग्री एवं रजिस्ट्रेशन संबंधी जानकारी की पड़ताल की गई, जिसमें कथित रूप से त्रुटियां पाए जाने पर पंचनामा कार्रवाई की गई।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बिना वैध डिग्री एवं पंजीयन के इलाज करना नियमों के विरुद्ध है और मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए कार्रवाई जरूरी है। अधिकारियों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में भी केवल अधिकृत चिकित्सकों द्वारा ही इलाज किया जाना चाहिए।
लेकिन कार्रवाई के बाद मामला पूरी तरह पलटता नजर आया। ग्राम सिवनी सहित आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में गीता क्लीनिक के समर्थन में उतर आए। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में 24 घंटे सरकारी डॉक्टर उपलब्ध नहीं रहते और रात के समय आपात स्थिति में यही क्लीनिक गरीबों का सहारा बनता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के क्लीनिक बंद किया गया तो आंदोलन किया जाएगा। लोगों का कहना है कि पहले गांवों में स्थायी रूप से एमबीबीएस डॉक्टरों की तैनाती की जाए, उसके बाद कार्रवाई की बात की जाए।
ग्रामीणों ने कोरोना काल का भी जिक्र किया और कहा कि उस समय गांवों में छोटे क्लीनिक एवं स्थानीय चिकित्सकों ने लोगों तक तत्काल सहायता पहुंचाई थी, जबकि सरकारी व्यवस्था कई जगह कमजोर दिखाई दी थी।
अब यह मामला केवल एक क्लीनिक तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। गांवों के लोग पूछ रहे हैं कि यदि सरकारी तंत्र इतना मजबूत है तो आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे स्वास्थ्य सुविधाएं क्यों उपलब्ध नहीं हैं?
ग्रामीणों की मुख्य मांगें:
हर गांव में 24 घंटे स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाए
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में एमबीबीएस डॉक्टरों की स्थायी तैनाती हो
गरीब ग्रामीणों को रात में भी तत्काल इलाज मिले
कार्रवाई से पहले वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए
फिलहाल गीता क्लीनिक विवाद पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है।